गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

महुआरी गांव में बर्बाद फसल को देखते भारतीय किसान कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष व किसान।
महुआरी गांव में बर्बाद फसल को देखते भारतीय किसान कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष व किसान।

Young Writer, चहनियां। बाढ़ घटने के साथ ही दुश्वारियां बढ़ने लगी है। तटवर्ती गांवो में पानी घट तो गया है किन्तु दुर्गंध से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। फसलें बाढ़ से बर्बाद हो गयी है। शुक्रवार को भारतीय किसान कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने किसानों संग मौका मुआयना किया। ग्रामीणों ने ब्लीचिंग पावडर छिड़काव की मांग की।
गंगा का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। बिगत तीन दिनों में जलस्तर करीब 10 फ़ीट घट गया है। पानी घटने के साथ गंगा तटवर्ती गांवो में दुश्वारियां भी बढ़ने लगी है। तटवर्ती गांव के किनारे दुर्गंध से लोगो का रहना दुश्वार हो गया है। तटवर्ती गांव बिसुपुर, महुआरी खास, सराय, महुअरिया, बलुआ, महुअर, हरधन, जुड़ा, विजयी के पूरा, गनेश पूरा, टाण्डा कला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर, नादी निधौरा, मुकुंदपुर, बोझवा, कुरा, भुसौलाआदि गांवो में अरहर, बाजरा, सब्जी की पैदावार करने वाले सैकड़ो बीघा फसल बाढ़ से नुकसान हो गयी है। बिसुपुर, महुआरी खास, सराय गांव में भारतीय किसान कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने किसानों संग मौका मुआयना किया। कहा कि किसानों की बर्बाद फसल की रिपोर्ट बनाकर संगठन के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपी जायेगी। किसानों की बर्बाद फसल की मुआवजा की मांग की जायेगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेंद्र गुप्ता गुड्डू ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि ये गांव गंगा किनारे काफी नजदीक है। गांवों में साफ सफाई व ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं हुआ तो गांवो में महामारी फैल सकती है।