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Tuesday, March 24, 2026

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Chandauli:बेटी ने धारदार हथियार से माँ को उतारा मौत के घाट,जांच में जुटी पुलिस

चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी गांव में बृहस्पतिवार को एक बेटी ने अपनी माँ को धारदार हथियार से मार कर मौत के घाट उतार दिया। घटाना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लोगो की सूचना पर घटनास्थल पर पहुचे सीओ राजेश राय ने जांच पड़ताल कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही कलयुगी बेटी को हिरासत में लेकर आगे की कार्यवाही में जुट गई है।

बताते हैं कि झांसी गांव निवासी लक्ष्मण मौर्य की 10 वर्ष पहले मृत्यु हो गई है। उनकी पत्नी लालमणि 50 वर्ष अकेले अपने घर में गुजर बसर कर रही थी। वही कुछ दिन पहले उसकी बेटी शशि मौर्य 30 वर्ष घर आई थी। जिससे किसी बात को लेकर माँ व बेटी में आपसी विवाद हो गया। बस इसी बात को लेकर बेटी ने धारदार हथियार से अपनी माँ पर हमला कर दिया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई उक्त घटना पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर मौक़े पर पहुचे सीओ राजेश राय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुच कर जांच पड़ताल किया वही मृतक के शव शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत सीओ राजेश राय ने बताया कि लालमणि देवी का शव उनके घर से बरामद हुआ है। शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Sakaldiha : मतदान केन्द्र को जाने वाली मुख्य मार्ग झील में तब्दील

सकलडीहा कस्बा के नागेपुर मुख्य मार्ग पर बहता नाबदान का पानी।
सकलडीहा कस्बा के नागेपुर मुख्य मार्ग पर बहता नाबदान का पानी।

Young Writer, सकलडीहा। मतदान केन्द्र से बूथ तक बिजली पानी, छाया की व्यवस्था कराने को लेकर लगातार प्रशासन की ओर से कवायद किया जा रहा है। इसके बाद भी सकलडीहा कस्बा के नागेपुर मुख्य मार्ग से होकर मतदान स्थल तक जाने वाली मार्ग पर नाबदान का पानी बीते कई दिनों से बह रहा है। जिसके कारण मुख्य मार्ग झील के रूप में तब्दील हो गया है। इसके बाद भी सचिव से लेकर प्रधान अनजान बने हुए है। जिसे लेकर कस्बावासियों में भारी आक्रोश है। समस्या दूर नहीं होने ग्रामीणों ने एसडीएम को अवगत कराया है।
आगामी एक जून को लोकसभा का चुनाव है। चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से संपूर्ण तैयारी जोर शोर से किया जा रहा है। सकलडीहा कस्बा के इंटर कॉलेज मतदान केन्द्र को जाने वाली मुख्य मार्ग नागेपुर में नाबदान का सड़क पर बीते कई दिनों से बह रहा है। जिसके कारण कस्बा की मुख्य मार्ग झील में तब्दील होगया है। यही नहीं इंटर कॉलेज गेट के सामने बीते कई माह से गंदा नाला का ढक्कन टूटा हुआ है। जिसके कारण आने जाने में काफी समस्या हो रही है। ग्रामीण और कस्बावासियों की शिकायत के बाद भी प्रधान से लेकर सचिव अनजान बने हुए है। सुबह से लेकर शाम तक ग्रामीण नाबदान के पानी से होकर आने जाने के लिये मजबूर है। आक्रोशित ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर एसडीएम से मिलकर शिकायत किया है। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बीडीओ को फोन कर त्वरित समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया है।

Bhartiya Kisan Union ने पुण्यतिथि पर महेंद्र सिंह टिकैत को किया याद

महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि मनाते भाकियू के लोग।
महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि मनाते भाकियू के लोग।

Young Writer, शहाबगंज। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तत्वावधान में बुधवार को मुरलीधर बाबा खेल मैदान के परिसर में किसानों के मसीहा महेंद्र सिंह टिकैत की 13 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान दूरदराज के गांवों से आये किसानों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस दौरान मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि महेंद्र सिंह टिकैत किसानों के मसीहा थे। उन्होंने जीवन पर्यन्त किसानों के लिए संघर्ष किया। आज़ किसान क़र्ज़ के बोझ तले दबा हुआ है। सरकार पूंजीपतियों की ऋण माफ कर रही है। लेकिन किसानों के साथ अन्याय कर रही है। कृषि यंत्रों पर 18ः जीएसटी लगाकर किसानों का शोषण कर रही है। किसानों की फसलों का उचित मूल्य नहीं देकर उनको परेशान कर रही है। जबकि किसान देश के साथ विदेशी नागरिकों का भी पेट भरने का कार्य कर रही है। किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण किसानों को 13 महीने तक आंदोलन करना पड़ा तब जाकर किसान बील रद्द हुआ। इस दौरान रामदुलारे कन्नोजिया, छोटे लाल चौहान, भोली चौटहान, कृपाशंकर पटेल, त्रिपुरारी यादव, सद्दाम हुसैन, प्रमोद चौहान, अलीम, शहंशाह ने भी अपने विचारों को रखा। इस दौरान उदय चौहान, मेवा चौहान, अरविन्द, पारस चौहान सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

चुनावी चर्चा : आँधी में आम

लोकसभा चुनाव : Young Writer

Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह

चुनाव के अंतिम चरण के नामांकन की तरीखों के बीच दिल्ली एन.सी.आर. में जोरदार आँधी आयी। इस धूल भरी आँधी ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सड़क पर टूटकर गिरे हुए पेड़ों से यातायात बाधित हो गया। हरियाली क्षतिग्रस्त हुई। सबसे अधिक नुकसान आम की फसल को हुआ। आम को होने वाले नुकसान से मन बड़ा दुखी है। आम पर जब भी किसी तरह का संकट आता है, मेरा मन चिन्तित हो उठता है। मुझे लगता है, आम पर आने वाले हर संकट हमारे संस्कृति के संकट का सूचक बन जाता है। सांस्कृतिक संकट की किसी भी आहट से मन विचलित हो उठता है। स्वाभाविक है। हमारी संस्कृति ही तो हमारी अस्मिता का मूल आधार है। दिल्ली में यह आँधी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की अन्तरिम जमानत से मिली रिहाई के ठीक पीछे आई है। मुझे नहीं मालूम कि यह महज एक संयोग है या साजिश। आज कल राजनीतिक हलके में सारे संयोग को साजिश कहने का चलन हो गया है। हमारी राजनीति में इतनी गिरावट आ गई है कि सब कुछ साजिश बनकर रह गया है। सारे मान और मूल्यों के चेहरे धूल भरी आँधी में ढँक गए हैं। कुछ भी दिखाई देता है तो सिर्फ साजिश। कुछ भी सुनाई देता है तो सिर्फ साजिश।

साजिश दोगलेपन की सबसे बड़ी निशानी है। साजिश टुच्चेपन का सबसे बड़ा सबूत है। क्या हमारी समूची राजनीति दोगलेपन और टुच्चेपन की शिकार बन गई है? पता नहीं। मैं भला कैसे कुछ कह सकता हूँ। मेरी कुछ भी कहने की न तो हिम्मत है, न ही हैसियत। राजनीति के बारे में कुछ भी कहने का अधिकार केवल राजनीति के महारथियों के पास है। जब युद्ध शुरू हो जाता है, निर्णय लेने का सारा अधिकार महारथियों के हाथ चला जाता है। युद्ध के समय में जो भी प्रभाव होता है, रथियों, महारथियों का होता है। हमारे लोकतंत्र में चुनाव का समय पुराने समय के युद्ध काल से भिन्न नहीं है। लड़ाई वही है। वैसी ही है। केवल हथियार बदल गए हैं। मरने वाले आलम्बन बदल गए हैं। अब इस युद्ध में आदमी नहीं मरता। आदमी की जगह आदमी का जीवन मूल्य मरता है। हाँ, युद्ध का परिणाम कत्तई नहीं बदला है। जीतने वाले को परिणाम में राज्य मिलता है। सत्ता मिलती है। अधिकार का साम्राज्य मिलता है। हारने वाले को अवसाद, अपमान और पश्चाताप का क्षत-विक्षत विस्तार।

लोकतंत्र सूक्ष्म और उच्चतर मानवीय विचारों की शासन व्यवस्था का नाम है। हम देख रहे हैं, हमारे लोकतंत्र में निम्नतर मानवीय वृत्तियों की जंग जारी है। हमारे समय चुनाव बस नाम भर का है। मत का मूल्य कब का पददलित किया जा चुका है। मतदान का सारा अर्थ-सैदर्न्य किताबों में कैद होकर रह गया है। अब मत दान की चीज नहीं, हड़पने, हथियाने, लूटने और रौंदने की चीज बनकर रह गया है। जो कुछ भी शोभन है, सुन्दर है, प्रिय है, सब किताबों में है। जो कुछ अर्थपूर्ण है केवल भाषा में है। जमीन पर जो कुछ है, भीषण है, विद्रूप है मुमूर्ष है। ऐसा क्यों है? पता नहीं। जिस समय में आदमी का जीवन किताब की भाषा पर निर्भर रह जाता है, वह समय मनुष्यता के लिए भयानक संकट का समय होता है। मुर्दा भाषा से जीवन का संचालन कभी संभव नहीं है।

हम देख रहे हैं, चुनाव की घनघोर आँधी में हमारे जीवन के सारे मूल्य आम की तरह गिर कर धूल में मिल रहे हैं। पककर मिठास को प्राप्त होने वाले आम आँधी में अपने वृन्तों से विच्युत होकर धूल फाँक रहे हैं। हमारे लोकतंत्र की मान-मर्यादाओं की अस्मिताएँ चुनाव की आँधी में अपनी जड़ों से उलस कर प्रगति के मार्ग को अवरूद्ध करने का निमित्त बन गई हैं। संविधान में कायम की गई संसद की गरिमा सड़क पर बिखरे कूड़े में लोट रही है।

हमारे समय में राजनीति की भाषा इतनी छिछली और छिछोरी क्यों हो गई है? झूठ को सच की तरह परोसने की कला राजनीति में क्यों प्रतिष्ठित हो गई है? बिना आधार के, बिना किसी प्रमाण के बातें हवा में उछाल दी जा रही हैं। हवा में हवा बाँधकर विक्षोभ की आँधी चल पड़ती है। कहने के नाम पर कुछ भी कहा जा रहा है। कोई कह रहा है,- संविधान खतरे में है। देश खतरे में है। जनता का हित खतरे में है। जनता का सौभाग्य खतरे में है। सुहाग का चिह्न मंगलसूत्र खतरे में है। जो है ही नहीं, उसके खतरे में होने का क्या मतलब है। जनता को कुछ भी पता नहीं है। जनता सुन रही है। अपना सिर धुन रही है। जनता चुन रही है। झूठ में झूठ चुन रही है।

जो लोग इस बात से चिन्तित हैं कि हमारे समय की भाषा अपनी गरिमा से गिर गई है, उनकी चिन्ता अधूरी और अवास्तविक चिन्ता है। भाषा की किसी समय और समाज में अपनी अलग अस्मिता नहीं होती। भाषा हमारे आचरण की अभिव्यक्ति है। असल चिन्ता तो यह है कि हमारे समय में आदमी का आचरण उसका चरित्र ही पतित होता जा रहा है। आचरण के अभाव में भाषा की मर्यादा के विषय में सोचना एक तरह से सोच के पाखण्ड को ही उजागर करता है। समूची व्यवस्था में पाखण्ड ने सब कुछ को ढँक रखा है। राजनीति की मूल चिन्ता सरकार बनाने की चिन्ता है। सरकार बन जाने के बाद सरकार बचाए रखने की चिन्ता है। हमारे समय में व्यवस्था के संचालन के सारे घटक मुख्य रूप से अपने अधिकार को बनाए और बचाए रखने के काम को ही अपना कर्तव्य मान चुके हैं। वे उतना ही काम करना अपना दायित्व समझते हैं, जितने से नौकरी बची रहे। जनता का क्या? जनता बस सरकार चुनने के लिए बची रहे। इतना ही बहुत है। आँधी में आम की तरह आम आदमी डवांडोल है।

हमारे पूर्वजों ने महनीय लोकतंत्र को अपनी परिकल्पना में आम के बाग की तरह लगाया है। मनुष्यता के उन्नयन के सपने के बीज को विचार की मिट्टी में उगाया है। उसे अपने खून से सींचा है। पसीने की धार से पोषण प्रदान कर पल्लवित किया है। आम का हमारी संस्कृति में महत्तम मूल्य है। वह हमारी सौन्दर्य चेतना का आधार है। हमारी रस साधाना का स्रोत है। हमारे स्वाद की उपासना का केन्द्र है। आम के पल्लव की पवित्रता और उसके मंजरी की मादकता हमारे साहित्य की अन्तर्चेतना में सतत प्रवाहित रही है। आम की लकड़ी तक हमारे धार्मिक अनुष्ठानों में अपनी महत्ता में प्रतिष्ठित है। महाकवि कालिदास कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर और आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की वाणी आम के रूप-रस-वैभव की उपासना में अद्भुत रूप में विलसित दिखती है। आम के फल का तो कहना ही क्या! अपनी भिन्न-भिन्न अवस्था में भिन्न रसों का संवाहक जैसा आम का फल है, वैसा दूसरा कोई नहीं।

हमारा लोकतंत्र का आम्रवन हमारी संस्कृतिक विरासत, हमारे सौन्दर्य बोध, हमारी रस साधना और हमारी मनुष्यता के प्रति अगाध आस्था का महनीय प्रतीक है। इसकी मिठास को पकने देने के लिए परिवेश और सुरक्षा का प्रबन्ध प्रदान करना हमारा नैष्टिक दायित्व है। अपने दायित्व बोध से स्खलित होना हमारे लिए अक्षम्य अपराध है। हमारी सजगता और सतर्कता ही लोकतंत्र के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। इस प्रतीक को जीवित रखने के लिए आँधियों के प्रतिकार का प्रबन्ध हमारा सामयिक भी और सनातन भी धर्म है। आम को आँधी से पकने के लिए बचाए रखना लोकतंत्र की निष्ठा के प्रति हमारा निकष है। भारतीय जन को इस निकष पर खरा उतरने के लिए तत्पर होना आवश्यक है।

-Young Writer

Loksabha Chandauli: पर्चा निरस्त होने से 17 प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने का सपना रह गया अधूरा

Young Writer

Young Writer, चंदौली। लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों को नामांकन पत्रों की जांच के बाद बड़ा झटका लगा है। उनके नामांकन पत्रों में त्रुटियों का हवाला देते हुए जिला निर्वाचन कार्यालय ने 17 प्रत्याशियों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी है। नामांकन पत्रों के निरस्तीकरण से इन प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा और उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए पांच साल का लंबा इंतजार करना होगा।

चंदौली में पर्चा निरस्त होने के बाद कलेक्ट्रेट से बाहर आते प्रत्याशी लियाकत अली।
चंदौली में पर्चा निरस्त होने के बाद कलेक्ट्रेट से बाहर आते प्रत्याशी लियाकत अली।

जिला निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार कुल 27 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा के साथ नामांकन किया था। 14 मई को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें 10 के नामांकन पत्र सही पाए गए। वहीं 17 का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से भाजपा उम्मीदवार महेंद्रनाथ पांडेय, सपा के वीरेंद्र सिंह, बसपा के सत्येंद्र कुमार मौर्य के साथ सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी से अरविंद कुमार पटेल, मौलिक अधिकार पार्टी से राजेश विश्वकर्मा, समझदार पार्टी से राम गोविंद, युग तुलसी पार्टी से शेर सिंह, भागीदारी पार्टी पी से शोभनाथ, जय हिंद नेशनल पार्टी से संजय कुमार सिन्हा और निर्दल उम्मीदवार संतोष कुमार शामिल है। वहीं प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से उर्मिला, राष्ट्रीय जन संचार दल से दीपेंद्र सिंह, भारतीय जवान किस पार्टी से दिलीप, इंडियन नेशनल पार्टी से पदमा किन्नर, लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी से मुरलीधर श्रीवास्तव, जनता राज पार्टी से लक्ष्मी नारायण के अतिरिक्त निर्दल उम्मीदवार गोपाल, देवारू, धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मदन, मृत्युंजय, रजनीश कुमार, रवि शंकर, लक्ष्मण, लियाकत अली व सिद्धार्थ प्राण बाहू शामिल है। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की माने तो खारिज हुए नामांकन पत्रों में खामियां मिलने के कारण उनके नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं।

Chandauli Loksabha के चुनाव में फिर इतिहास रचेगी शहीदी धरती धानापुरः Manoj Singh W

Loksabha 2024

Young Writer, Chandauli: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू के माधोपुर आवास पर बुधवार को कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इस दौरान धानापुर ब्लाक के जोन प्रभारी, सेक्टर प्रभारी व बूथ प्रभारी शामिल हुए। इसके साथ ही लोकसभा प्रभारी सुरेंद्र पटेल के साथ ही प्रत्याशी भी बैठक में उपस्थित हुए और कार्यकर्ताओं से चुनाव संबंधित तैयारियों पर चर्चा की। साथ ही आगामी रणनीति को साक्षा करते हुए सभी को अपने-अपने बूथों को जीतने का संकल्प भी दिलाया।

इस दौरान सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि धानापुर की पहचान शहीदी धरती के रूप में है। यह मेरी जन्मभूमि है और जिस तरह से 2012 के चुनाव में स्थानीय लोगों ने अपने वोट की ताकत से इतिहास रचने का काम किया था लोकसभा 2024 में उसे पुनः दोहराया जाएगा। कहा कि आज जनता बेरोजगारी, महंगाई व भ्रष्टाचार के खिलाफ है और रोजगार, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य जैसी बुनियादी मुद्दों के साथ है। जनता बदलाव चाहती है ताकि 10 वर्षों की पीड़ा व परेशानी से उसे निजात मिल सके। कहा कि परिवर्तन की इस बेला में धानापुर के एक-एक मतदाता का सहयोग बहुत जरूरी है। इसलिए लिए जोन, सेक्टर व बूथ कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर से लोगों को जागरूक करें और उन तक समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र के साथ ही इंडिया गठबंधन के न्याय और गारंटी को पहुंचाने का काम करें।

लोकसभा प्रभारी व पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। जिस तरह से संविधान में परिवर्तन की बातें की जा रही है। ऐसे में जनता को ऐसी सोच रखने वालों को जनता अपने वोट की ताकत का ऐहसास कराने जा रही है। कहा कि सपा कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी के साथ अपने-अपने बूथों पर डट जाए। इस अवसर पर दयाराम यादव‚ शिवकुमार सिंह‚ संतोष उपाध्याय‚ अंजनी सिंह‚ राजू प्रधान‚ अखिलेश‚ बाला सिंह‚ रामदयाल राम उपस्थित रहे।

Chandauli:बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवक की मौत,दो की हालत गंभीर ट्रामा सेंटर रेफर

चंदौली। सैयदराजा जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमड़ा गांव के समीप मंगलवार की देर रात दो बाइक की आमने सामने टक्कर हो गई। घटना में बाइक पर सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने दो घायलों को मृत घोषित कर दिया वही गंभीर रूप से घायल एक युवक को ट्रामा सेन्टर के लिए रेफर कर दिया।
बताते हैं कि कंजेहरा गांव निवासी राकेश जायसवाल 22 और चखनिया गांव निवासी अमन 20 बाइक से पेट्रोल पंप से डीजल लेकर वापस अमड़ा की ओर लौट रहे थे। अभी वे अमड़ा गांव से कुछ दूर थे। कि विपरित दिशा से जा रही बाइक से आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई। जिससे बाइक सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दोनों बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।यह देख ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दिया तो पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस में लदवा कर जिला अस्पताल भेजवाया।जहां चिकित्सकों ने अमन 20 और शहजाद 22 को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल राकेश को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। जबकि डिग्घी निवासी घायल आशिक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इस बाबत क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने बताया कि दो बाइको की आमने सामने टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई है। वही दो बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका इलाज़ ट्रामा सेंटर में चल रहा है।

Chandauli:मामूली विवाद में हुई मारपीट जमकर चले लाठी डंडे एक की मौत,दो घायल पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव


चकिया। कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल गांव के दलित बस्ती में बीते मंगलवार की देर रात लगभग 9 बजे के आस पास गली में टेम्पो खड़ा करने से मना करने पर उपजे विवाद में कहा सुनी के बाद मारपीट हो गई। मारपीट के दौरान चले लाठी डंडे और हुए पथराव में दोनों पक्षों के चार घायल हो गए। घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। घायल पप्पू भारती 45 वर्ष की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पप्पू की इलाजके दौरान मौत हो गई। पप्पू की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस शव को कब्जे में लेकर अगली कार्रवाई में जुट गई।
सोनहुल गांव के दलित बस्ती में पप्पू भारती अपना मकान का निर्माण करा रहे थे। सार्वजनिक गली में मनमानी तरीके से बच्चे लाल अपनी टेंपू खड़ा कर रहा था। जिसके वजह से मकान निर्माण में सामान लाने ले जाने में दिक्कत हो रही थी । पप्पू भारती ने जब इसकी शिकायत बच्चे लाल से की तो दोनों के बीच कहा सुनी के बाद मारपीट होने लगी। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी डंडे चलने लगे और पथराव होने लगा। मारपीट व पथराव में एक पक्ष के पप्पू भारती उनकी पत्नी उषा 40 वर्ष व दूसरे पक्ष के बच्चे लाल 50 सहित एक अन्य घायल हो गया। सभी घायलों को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां पप्पू भारती की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने वाराणसी के ट्रामा सेंटर को रेफर कर दिया। बुधवार की तड़के इलाज के दौरान पप्पू भारती की मौत हो गयी।
पप्पू की मौत की खबर मिलते ही पप्पू के घर वालों में कोहराम मच गया। घटना के बाद बस्ती में तनाव का माहौल बन गया।
​​​​​थानाध्यक्ष अतुल कुमार प्रजापति ने बताया कि मारपीट के मामले में पप्पू के रिश्तेदार रुक्मिणी देवी के तहरीर पर दूसरे पक्ष के बच्चे लाल बाबूलाल नीरज संदीप रोहित के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 148 149 304 323 504 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है दूसरे पक्ष की ओर से तहरीर मिली है जांच कर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी घटना की सूचना मिलते सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस क्षेत्राधिकार आशुतोष की अगुवाई में एक प्लाटून पीएससी साहबगंज थाना इंचार्ज रिजवान मिर्जा बाग सहित चकिया कोतवाली की पुलिस मौके पर मौजूद रही।

Scrutiny of Nomination: चंदौली लोकसभा से 17 उम्मीदवारों का नामांकन पत्र खारिज

Young Writer, Election News: लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों को नामांकन पत्रों की जांच के बाद बड़ा झटका लगा है। उनके नामांकन पत्रों में त्रुटियों का हवाला देते हुए जिला निर्वाचन कार्यालय ने 17 प्रत्याशियों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी है। नामांकन पत्रों के निरस्तीकरण से इन प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा और उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए पांच साल का लंबा इंतजार करना होगा।


जिला निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार कुल 27 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा के साथ नामांकन किया था। 14 मई को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें 10 के नामांकन पत्र सही पाए गए। वहीं 17 का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से भाजपा उम्मीदवार महेंद्रनाथ पांडेय, सपा के वीरेंद्र सिंह, बसपा के सत्येंद्र कुमार मौर्य के साथ सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी से अरविंद कुमार पटेल, मौलिक अधिकार पार्टी से राजेश विश्वकर्मा, समझदार पार्टी से राम गोविंद, युग तुलसी पार्टी से शेर सिंह, भागीदारी पार्टी पी से शोभनाथ, जय हिंद नेशनल पार्टी से संजय कुमार सिन्हा और निर्दल उम्मीदवार संतोष कुमार शामिल है। वहीं प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से उर्मिला, राष्ट्रीय जन संचार दल से दीपेंद्र सिंह, भारतीय जवान किस पार्टी से दिलीप, इंडियन नेशनल पार्टी से पदमा किन्नर, लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी से मुरलीधर श्रीवास्तव, जनता राज पार्टी से लक्ष्मी नारायण के अतिरिक्त निर्दल उम्मीदवार गोपाल, देवारू, धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मदन, मृत्युंजय, रजनीश कुमार, रवि शंकर, लक्ष्मण, लियाकत अली व सिद्धार्थ प्राण बाहू शामिल है। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की माने तो खारिज हुए नामांकन पत्रों में खामियां मिलने के कारण उनके नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं।

Problem : फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे आवारा पशु‚ परेशान ग्रामीणों ने बनाया बंधक

चहनियां क्षेत्र के खण्डवारी गांव में बांधे गये छुट्टा पशु।
चहनियां क्षेत्र के खण्डवारी गांव में बांधे गये छुट्टा पशु।

Young Writer News
चहनियां क्षेत्र में छुट्टा पशुओं के लिए बना गौशाला केंद्र के बाद भी दर्जनों की संख्या में छुट्टा पशु घूमकर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। खण्डवारी गांव में दो दर्जन किसानों का मूंग का  फसल बर्बाद करने से नाराज किसानों ने छुट्टा पशुओं को बंधक बना लिया। विभागीय कर्मियों को सूचना भी दिया, किन्तु वे नहीं पहुंचे।
खण्डवारी गांव में कृपाशंकर सिंह,विंध्यवासिनी सिंह,नन्दलाल सिंह,गणेश सिंह,अजय सिंह,श्यामू मौर्या,रामजन्म,जोखू गुप्ता,मनोहर गुप्ता,पप्पू सिंह,राकेश सिंह,जितेंद्र सिंह सहित लगभग दो दर्जन किसानों का लगभग आठ बीघा मूंग की खेती को छुट्टा पशुओं ने बर्बाद कर दिया। नाराज ग्रामीणों ने पशुओं को बंधक बनाकर विभागीय अधिकारियों व कर्मियों को सूचना दिया किन्तु वे यह कहकर हट गये की वाहन भेज रहा हूं। जिसे लेकर लोगों ने नाराजगी व्यक्त किया।

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