चहनियां। क्षेत्र के सोनहुला स्थित तालाब में पर्याप्त पानी पूरी नही होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। जबकि हर वर्ष क्षेत्र के बड़े पांडालों की मूर्तियां यहां विसर्जित होती है, किन्तु अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से इस बार तालाब को पूरी तरह से नहीं भरा गया। लोग मूर्ति विसर्जन को लेकर इधर उधर भटकते रहे।
विदित हो कि केंद्र सरकार द्वारा जब से गंगा में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगायी गयी है। तब से क्षेत्र के बड़े पांडालों चहनियां, रमौली, पपौरा के अलावा आदि जगहों की मूर्तिया सोनहुला तालाब में समितियों द्वारा धूमधाम से विसर्जित किया जाता है। इस बार प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मियों की लापरवाही से पोखरे में पानी प्रयाप्त मात्रा में नहीं भरा गया। जबकि उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा व क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने सोमवार को नवमी के दिन तालाब का निरीक्षण कर तालाब से घास फूस साफ कर पानी भरने का निर्देश दिया था। सिंचाई विभाग के अधिकारीयो को भी तेज बेग से पानी चालू कर पोखरा भरने को निर्देशित किया था। किन्तु नाही तालाब में प्रयाप्त मात्रा में पानी भरा गया, ना ही पोखरे से घास फूस हटाकर सफाई किया गया। जबकि प्रधानपति शिवदयाल साहू ने दुर्गा पूजा महोत्सव से पूर्व बलुआ थाने में बैठक के दौरान इस समस्या को लेकर अवगत कराया था। मूर्तियों को लेकर समिति के लोग इधर उधर भटकते रहे। इस बाबत बीडीओ दिव्या ओझा ने बताया कि ग्रामीणों के कहने पर ग्राम प्रधान व सीकेट्री तालाब में पानी भरने के लिए निर्देश दिया गया था। जिसके द्वारा समरसेबल से तालाब में पानी छोड़ा गया है।
मूर्ति विसर्जन के लिए तालाब में पर्याप्त मात्रा में नहीं है पानी इधर-उधर भटकते रहे लोग,ग्रामीणों में आक्रोश
संक्रामक मच्छरों के काटने से फैलता है चिकनगुनिया वायरस:डा. विवेक सिंह
चन्दौली। स्थित मुख्यालय स्थित हरिओम हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉक्टर विवेक सिंह ने बताया कि कि चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है। जो एडिस नामक मच्छर (aedes mosquito) के काटने से फैलता है। बरसात के मौसम में यह बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। दरअसल, मानसून में मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक होता है। जिसमें एडिस इजिप्ती और एडिस एल्बोपिक्टस मच्छर भी काफी मात्रा में पनपते हैं, इन संक्रामक मच्छरों के काटने से चिकनगुनिया वायरस तेजी से फैलता है। एडिस मच्छर के काटने के करीब 4 से 6 दिनों के बाद इसके लक्षण दिखते हैं। यह मच्छर आमतौर पर दोपहर या दिन के समय है। चिकनगुनिया के मच्छर घर से ज्यादा बाहर काटते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है कि वे घर में पैदा नहीं होते हैं। घर के अंदर भी इस मच्छर के पैदा होने की संभावना होती है।
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चिकन गुनिया के लक्षण
चिकनगुनिया का शुरुआती और पहला लक्षण आमतौर पर बुखार होगा। उसके बाद मरीज के शरीर पर दाने नजर आते हैं। संक्रमित मच्छर के काटने के बाद बीमारी की शुरुआत लक्षण आमतौर पर 4 से 8 दिनों के बाद होती है। हालांकि, इसके लक्षण 2 से 12 दिनों में भी दिख सकता है। इसके अलावा चिकनगुनिया के लक्षण निम्न हो सकते हैं। अचानक तेज बुखार आमतौर पर 102 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर सिरदर्द जोड़ों का दर्द मांसपेशियों में दर्दअर्थराइटिस की समस्याएं आंखों से पानी आना मतली और उल्टी जैसा अनुभव होना। स्किन पर लाल रंग के धब्बे होना। हड्डियों में दर्द इत्यादि।
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चिकनगुनिया से निदान
चिकनगुनिया के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर चिकनगुनिया का निदान करने के लिए सबसे पहले आपका शारीरिक परीक्षण करेंगें। टेस्ट में आईजीएम और आईजीजी एंटी-चिकनगुनिया एंटीबॉडी की उपस्थिति की पुष्टि की जा सकती है। चिकनगुनिया वायरस एंटीबॉडी आमतौर पर बीमारी के पहले सप्ताह के अंत में विकसित होते हैं। आईजीएम एंटीबॉडी का स्तर बीमारी की शुरुआत के तीन से पांच सप्ताह बाद हाई होता है और लगभग दो महीने तक बना रहता है। इसके अलावा डॉक्टर आरटी-पीसीआर ब्लड टेस्ट भी करा सकता है। हालांकि, इस टेस्ट को चिकनगुनिया से प्रभावित होने के सप्ताहभर के अंदर कराया जाता है।
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चिकनगुनिया का इलाज
चिकनगुनिया का कोई प्रभावी इलाज नहीं है यानी अभी तक इस बीमारी के लिए दवाई और टीका उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इसके लक्षणों को कम करके चिकनगुनिया का इलाज करने की कोशिश की जाती है। जैसे बुखार कम करने के लिए बुखार की दवाइयां शरीर में दर्द को कम करने के लिए दर्द की कुछ दवाइयां दी जाती हैं। मरीज को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। मरीज को आराम करने की सलाह दी जाती है। ताकि शरीर में हो रही कमजोरी को दूर किया जा सके।
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चिकनगुनिया से बचाव
चिकनगुनिया का कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डॉक्टर लोगों को इस बीमारी से बचने की सलाह देते हैं। जिसके लिए आपको कुछ टिप्स फॉलो करने की आवश्यकता होती है। जैसे मानसून के समय अपने शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें। दरवाजे और खिड़कियों को बंद करके रखें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। बच्चों को बाहर भेजते समय दस्ताने और फुल बाजू के कपड़े पहनाएं। अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। बच्चों को साग-सब्जियां और फल खिलाएं और स्वयं भी बेहतर डाइट फॉलो करें। चिकनगुनिया से बचाव ही इसका बेहतर इलाज हो सकता है। इसलिए मानसून के समय पर अपने शरीर को ढककर रखें। मच्छरदानी लगाकर सोएं। बच्चों को बाहर जाने से रोकें। वहीं, अगर आपके शरीर में किसी तरह का बदलाव नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि चिकनगुनिया के गंभीर लक्षणों से बचा जा सके।
बिना रीपर व अटैचमेंट खेतों में नहीं चलेंगे कंबाइन हार्वेस्टरःएडीएम
हार्वेस्टर मालिकों को कार्यालय प्रस्तुत होकर देना होगा शपथ-पत्र
चंदौली। अपर जिलाधिकारी अभय कुमार पांडेय ने कहा कि धान की कटाई के पश्चात् फसल अवशेष जलाये जाने से हो रहे पर्यावरण प्रदूषण को लेकर शासन गंभीर एवं सख्त है। जिसकी रोकथाम हेतु विस्तृत दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर अथवा स्ट्रा रेक अथवा मल्चर, सुपर सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, बेलर का उपयोग किया जाना अनिवार्य किया गया है।
एडीएम ने चेताया कि यदि कोई भी कम्बाईन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर अथवा स्ट्रा रेक अथवा बेलर के बिना चलते हुए पायी जाती है तो उसे तत्काल सीज कर दिया जाएगा तथा कम्बाइन स्वामी के व्यय पर ही सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम लगवाने के उपरान्त ही छोड़ा जायेगा। उन्होंने कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों को आदेशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर अपने तहसील के उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय व जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर इस आशय का लिखित शपथ पत्र (मय फोटोग्राफ) प्रस्तुत करते हुए कृषि विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लें कि कम्बाईन हार्वेस्टर में शासन की मंशा के अनुसार आपेक्षित अटैचमेन्ट लगवा लिया है तथा उपरोक्त अटैचमेन्ट के बगैर फसलों की कटाई नही किया जायेगा। यदि हार्वेस्टर स्वामियों द्वारा निर्धारित अवधि में सक्षम अधिकारी के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो ऐसी दशा में आपेक्षित अटैचमेन्ट के बगैर ही कम्बाईन हार्वेस्टर से फसलों की कटाई करते हुए पाए जाने पर कम्बाईन हार्वेस्टर को सीज दण्डात्मक कार्यवाही किया जायेगा। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि ग्राम सचिवों को उनके कार्यक्षेत्र में फसल कटाई सत्र तक क्रियाशी कम्बाइन हार्वेस्टर की गतिविधियों पर निगरानी रखें। इसके साथ ही समस्त उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि क्षेत्रीय प्रसार कार्मिको के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित प्राविधानों एवं संस्तुतियों का व्यापक प्रचार प्रसार करायें। साथ ही सभी क्षेत्रीय कार्मिकों को इस आशय से लिखित ड्यूटी लगा दी जाये कि वे अपने कार्यक्षेत्र में क्रियाशील कम्बाईन हार्वेस्टर पर फसल कटाई सत्र के दौरान नजर रखते हुए अपेक्षित अनुपालन सुनिश्चित करायें। जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि परिवहन विभाग से कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन के स्वामियों की सूची तहसीलदार उपलब्ध कराएं। प्रत्येक तहसील में कम्बाईन हार्वेस्टर स्वामियों की बैठक अविलम्ब कराना सुनिश्चित करें।
शास्त्री नगर में ध्वस्त हुई नाली, जमा हो रहा गंदा पानी लोगो में डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा
चंदौली। नगर पंचायत चंदौली अंतर्गत वार्ड नं0 2 शास्त्री नगर में गंदे पानी की निकासी के लिए एक वर्ष पूर्व बनाई गई नाली ध्वस्त हो गयी है जिस कारण वार्ड में खाली पड़े प्लाटों में आसपास के घरों का गंदा पानी कालोनी में निरंतर जमा हो रहा है, जो वर्तमान में पोखरे का स्वरूप ले चुका है। वार्डवासियों का कहना है कि जमा हो चुके उक्त गंदे पानी से चौबीसों घंटे दुर्गंध उठ रही है। वहीं आसपास के लोगों में डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
इस समस्या को लेकर वार्डवासी कई बार नगर पंचायत कार्यालय चंदौली गए और वहां चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी व जिम्मेदार कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया और इसके निराकरण की मांग की। वार्डवासियों का कहना है कि गंदा पानी जमा होने से आसपास के लोगों की सेहत पर बूरा असर पड़ रहा है। मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, जिस कारण डेंगू व मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे आजिज आकर वार्डवासियों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर बुधवार को शिकायत दर्ज कराई है। लोगों का कहना था कि समस्या के समाधान के लिए वार्ड में ध्वस्त हो चुके नाली का निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही कालोनी में खाली जगह में जमा हो चुके गंदे पानी की निकासी का समुचित प्रबंध करते हुए उसकी सफाई कराकर ब्लीचिंग पाउडर व चूने आदि का छिड़काव किया जाए। ऐसा नहीं होने पर वार्डवासी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वार्ड सभासद प्रतिनिधि उपेंद्र तिवारी ने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर पंचायत को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके अभी तक समस्या यथावत बनी हुई है।
इस बाबत ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि जल्द ही नगर पंचायत द्वारा नाली का निर्माण कराकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
राम ने रावण का किया बध, धु-धु कर जला 35 फुट लम्बा रावण का पुतला
चहनिया। श्री रामलीला समिति रामगढ़ द्वारा रामलीला मंचन में राम व रावण की सेना में युद्ध हुआ। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध के बीच मायावी मेघनाद द्वारा छोड़ी गई शक्ति से लक्ष्मण के मूर्छित होते ही वानर सेना में हाहाकार मच गया। प्रभु राम लक्ष्मण की मूर्छा पर दारुण विलाप का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो उठीं। रामलीला की शुरुआत ब्यास शोभनाथ पाण्डेय,डॉ0संजय त्रिपाठी, धनञ्जय सिंह, व प्रभुनारायण सिंह द्वारा श्री राम चन्द्र जी की आरती करके की गई। लक्ष्मण मूर्छा और कुंभकरण वध की लीला प्रभावी ढंग से मंचन किया। वानर सेना अभिमानी रावण की लंका पर चढ़ाई करती है। भगवान श्रीराम के योद्धा रावण की सेना से बड़े-बड़े योद्धाओं को यमपुरी पहुंचा देते हैं। रावण का पुत्र मेघनाथ लक्ष्मण को युद्ध करने की चुनौती देता है। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच घनघोर युद्ध होता है।




मायावी मेघनाथ शक्ति के प्रहार से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। प्रभु राम दारुण विलाप करते हैं और पूछते हैं कि लक्ष्मण को बचाने का कोई तो उपाय होगा। विभीषण बताते हैं कि लंका में सुषेण वैद्य लक्ष्मण के प्राण बचा सकते हैं, लेकिन उन्हें वहां से लाना संभव नहीं है। हनुमान लंका पहुंचकर वैद्य को उनकी कुटिया सहित ले आते हैं। भगवान राम के विनती करने के बाद सुषेण वैद्य बताते है। कि हिमालय पर्वत पर संजीवनी बूटी मिलेगी। प्रात: होने से पहले बूटी लक्ष्मण को मिल गई। तो लक्ष्मण के प्राण बच सकते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय पर्वत की ओर कूच करते हैं। हनुमान बूटी लेकर रामादल पहुंचते हैं। लक्ष्मण संजीवनी बूटी पीते ही जीवित हो उठते हैं। लक्ष्मण की मूर्छा टूटने पर रामादल में जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण रामगढ़ में डेढ सौ साल से ज्यादा पुरानी रामलीला का मंचन हो रहा है । इस बार दशहरा पर बाबा कीनाराम मठ में लगे दो दिवसीय मेले में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी इस बीच प्रभु श्री राम और रावण के बीच युद्ध का रोमांचक मंचन किया गया। लंबी लड़ाई के बाद प्रतीकात्मक रूप से रावण का वध किया। इसके बाद रावण का 35 फुट लम्बा पुतला दहन किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से विजय प्रताप सिंह,राधेश्याम पाण्डेय,रमेश चंद्र पाण्डेय,सारनाथ पाण्डेय,प्रधान रमाकांत यादव,श्यामलाल सिंह,विनोद पाण्डेय,कौशलेंद्र सिंह,सुभाष सिंह, रितेश पाण्डेय,पाटिल,ऋषिकेश यादव,अर्पित पाण्डेय,गिरधर पाठक, प्रभुनाथ पाण्डेय,विजय कुमार पांडेय,मुन्ना पाण्डेय,खदेरन पाण्डेय ,रविन्द्र सिंह,रमेश सिंह, राजेश सिंह, संजय पाण्डेयआदि लोग उपस्थित रहे।
Chandauli: सड़क पर चढ़ा नशे का शुरूर, तो जेल जाओगे जरूर,पुलिस उतारेगी नशेबाजो का नशा 450 शराबियों के विरुद्ध हुई कार्यवाई
चन्दौली। पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के निर्देश पर जनपद में पुलिस द्वारा आपरेशन सड़क पर शुरूर अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर मादक पदार्थों शराब का सेवन करनें तथा अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने अब तक चलाए गए अभियान के दौरान पिछले दो दिनों के अन्दर ऐसे 450 से अधिक लोगों के विरुद्ध 34 P. Act./290 IPC के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। चन्दौली पुलिस ऐसे लोगों के विरुद्ध मात्र कार्यवाही ही नहीं कर रहीं बल्कि ऐसे सभी लोगों को मादक पदार्थों शराब के सेवन से होने वाले आर्थिक व शारीरिक हानि के साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा व परिवार के सदस्यों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के सम्बन्ध में विधिवत जागरूक किया जा रहा हैं। तथा आगे से मादक पदार्थों का सेवन न करने हेतु प्रेरित भी किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद के समस्त अधिकारी व थाना प्रभारीगण को आपरेशन सड़क पर शुरूर अभियान लगातार चलाते हुए कार्यवाही किये जाने के साथ ही लोगों को जागरूक किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। यह अभियान निरन्तर पूरे जनपद में चलाया जाता रहेगा।
Chandauli:बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर,दो लोग घायल, ग्रामीणों ने किया ब्रेकर की मांग
चंदौली। सदर ब्लाक क्षेत्र के खुरुज गांव के समीप मंगलवार की शाम दो बाइकों की आमने सामने टक्कर हो गयी। घटना में दो लोग गंभीर रूप से हो गए। वही दूसरा बाइक सवार मौके से फरार हो गया। मौके पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने तत्काल 108 की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुचाया जहा उनका इलाज चल रहा है।
बताते हैं कि बबुरी थाना क्षेत्र के सिरकुटिया गांव निवासी अल्ताफ 30 वर्ष अपनी माता कुलसुम 60 वर्ष को बाइक पर बैठ कर चंदौली से अपने घर जा रहा था। जैसे ही दोनों खुरुहजा गांव के समीप पहुचे की सामने से आ रही बाइक में जोरदार टक्कर हो गयी। घटना में दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। वही दूसरा बाइक सवार मौके से फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने तत्काल 108 की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहा उनका इलाज चल रहा है।
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ग्रामीणों ने सड़क पर किया ब्रेकर की मांग
चंदौली। खुरुहजा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि उक्त रास्ते पर ब्रेकर नही होने से आय दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे। यदि सड़क पर ब्रेकर होता तो दुर्घटना की संभावना कम होती।
चंदौली कस्बे में बंदरों का आतंक दुकानों व लोगो को बना रहे निशाना, झुंड को देखकर रास्ता बदल रहें लोग
आय दिन बंदरो के हमले से लोग हो रहे है घायल वार्ड नंबर सात में लोगो का पैदल चलना दूभर
चंदौली। नगर मेें बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हो गए हैं। आए दिन बंदरों के हमले से कोई न कोई घायल हो जा रहा है। कस्बे में बंदरों के झुंड के सामने से गुजरना लोगो के लिए खतरे से खाली नहीं हो रहा है।
नगर में वार्ड नंबर सात किदवई नगर में बंदरों के बड़े-बड़े झुंड हैं। जसके चलते उक्त वार्ड से पैदल चलने वाले कई लोग इनके झुंड को देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं। कस्बे में बंदरों का आंतक इतना फैल गया है। कि दुकानदार भी काफी परेशान हो चुके हैं। बंदरों की वजह से हर रोज दुकानदरों का सैकड़ों रुपयों का नुकसान होता है। यही नही बंदर इतने चालाक हैं। कि घर के दरवाजों की कुंडी खोलकर फ्रिज में रखा सामान ले जाते हैं। इसके अलावा बंदर सुखाने रखे कपड़े ले जाते हैं। और जब तक उन्हें कुछ खाने को न दिया जाए बंदर कपड़े नहीं छोड़ते। लोगों ने कहा कि कस्बे के कुछ स्थान ऐसे हैं। जहां से गुजरना हो तो हाथ में डंडा लेना पड़ता है। नहीं तो बंदर हमला कर देते हैं। बंदरों के डर से लोग बच्चों को छतों पर अकेला नहीं भेजते और स्कूल भी खुद छोड़ने जाते हैं।
Chandauli: एसएएम हॉस्पिटल में 225 मरीजों का हुआ मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण ,मरीजों को दी गयी फ्री दवाएं
चंदौली। नगर के वार्ड नम्बर गांधी नगर स्थित एसएएम हॉस्पिटल में मंगलवार को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसका शुभारम्भ प्रमुख समाजसेवी मनोरमा देवी ने फीता।काटकर किया। इस दौरान जनरल एण्ड लैस्क्रोपिक सर्जन एमबीबीएस एवं एमएस डॉ सैयद गजम्फर इमाम, स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ आजमी जहरा, जनरल फिजिशियन डॉ एमके कुशवाहा सहित अन्य स्वास्थ कर्मियों ने 225 से ज्यादा मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही उन्हें मुफ्त दवाएं वितरित की गई। इसके अलावा उचित सलाह दिया। डॉ सैयद गजम्फर इमाम ने बताया कि शिविर में शुगर, ब्लड प्रेशर, नसों से सम्बंधित रोग, मानसिक रोग, गठिया, साइटिका, जोड़ों का दर्द, नींद न आना, बुखार होना, मिर्गी, थाइराइड, झटके आना आदि रोगों की जांच की गई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की जांच, सफेद पानी का आना, मासिक धर्म आने पर पेट में दर्द होना, गर्भाशय में सूजन, बार बार गर्भपात होना, गर्भ न ठहरना गर्भाशय में गांठ आदि का परीक्षण किया गया। बच्चों के सभी प्रकार के रोगों की भी जांच की गई। उन्होंने बताया।कि हॉस्पिटल में हर्निया, पित्त के थैली में पथरी, स्तन की गांठ, अपेंडिक्स आदि की सर्जरी ओपेन, दूरबीन विधि से सफल परीक्षण व इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। कहा कि शिविर में हाई ब्लड शुगर वाले गम्भीर मरीजों के पूरे शरीर की जांच निशुल्क की गई। इस मौके पर मोबिन हसन, जीशान हैदर, मिश्म अब्बास उर्फ आशू, आनन्द सिंह, हाजी शाहमुहम्मद, शिवशंकर अग्रहरि, नरायनदास जायसवाल, रियाज अहमद, बबलू, राजीव अग्रहरि, जैगम, रहमत सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Chandauli:नदियों में प्रतिमा विसर्जन किया तो होगी कार्यवाई, ड्रोन कैमरे के साथ अधिकारी करेंगे चक्रमण
चंदौली। नदियों व गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरीके से सख्त है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन भी इसे लेकर जिले में सक्रिय हो गया है। यही नही पुलिस प्रशासन ने नदियों में प्रतिमा का विसर्जन रोकने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। जनपद में मुख्य रूप से गंगा, कर्मनाशा व चंद्रप्रभा नदी है। प्रतिमा के निर्माण में लगने वाली सामग्री से प्रदूषण का खतरा रहता है। इसके लिए पुलिस प्रशासन सीसीटीवी कैमरे के अलावा ड्रोन से भी निगरानी करेगी। तथा पुलिस बल की तैनाती के साथ पुलिस अधिकारी चक्रमण भी करते रहेंगे। इसके साथ ही तालाब व पोखर में प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी पुलिस मुस्तैद नदियों में प्रतिमा विसर्जन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध है। शांति समितियों की बैठक में पूजा समितियों से अवगत करा दिया गया है। इस बाबत डा. पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बताया कि प्रतिमा विसर्जन में सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से तैयारी कर ली गई है। किसी तरह की दुर्घटना से निपटने के लिए तालाब व पोखर पर गोताखोर, नाव व बेरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।











