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Tuesday, October 20, 2026

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GST टीम ने चंधासी में की छापेमारी‚ 3.90 करोड़ की पकड़ी चोरी

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बोगस फर्मों के सहारे करोड़ों रुपए की सरकार को लगाया जाता है चूना

डीडीयू नगर(DDU NAGAR)। एशिया की प्रमुख चंधासी कोयला मंडी अपने काले कारोबार को लेकर हमेशा चर्चा में बनी है। यहां बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी, डिस्को कोयला, काले पत्थर की कुटाई, बोगस फर्मों के नाम पर करोड़ों अरबों रुपए का व्यापार कर सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व का चूना लगा रहे हैं। गत गुरुवार को जीएसटी टीम ने चंधासी कोयला मंडी सहित प्रदेश के चार जिलों में छापेमारी की छापेमारी के दौरान जीएसटी टीम ने दो फार्म से करीब 3.90 करोड़ रुपए जीएसटी चोरी पकड़ी। टीम ने फार्म के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई में जुड़ गई है। जीएसटी टीम के छापेमारी से चंदौसी कोयला मंडी में सियापा छा गया है।
जीएसटी टीम के अनुसार चंदौसी मंडी स्थित रतन ट्रांसपोर्टर व कोल सप्लायर प्रा ली के चंधासी समेत वाराणसी, मऊ, फैजाबाद, गोंडा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। जहां स्टाक व दस्तावेज मिलान करने पर 29400 टन कोयला अधिक मिला। कोयले की कीमत के हिसाब से करीब साढ़े 23 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी गई। वहीं जीएसटी टीम उज्जवल रिसोर्सेज एलपीजी चंधासी कार्यालय पर पहुंची। यहां एक नामित और एक बोगस फर्मों की जांच की गई, जहां साढ़े चौंतीस लाख रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी गई।

गौरतलब हो कि चंधासी कोयला मंडी में इस वर्ष जीएसटी टीम का तीसरी बार छापा पड़ा है। इसके पूर्व अप्रैल और नवंबर के पहले सप्ताह में चंधासी मंडी में छापा मार चुकी है। 26 अप्रैल को जीएसटी एसआईवी की टीम ने चंधासी कोल मंडी के बड़े व्यवसायी के चार ठिकानों पर छापा मारा था। छापामारी के दौरान बड़े पैमाने पर यहां खामियां मिला था। वहीं नवंबर के पहले सप्ताह में झारखंड के एक बड़े व्यवसायी के चंधासी कोल मंडी स्थित कार्यालय पर छापामारी की गई थी। एशिया की प्रमुख चंदौसी कोयला मंडी राजस्व चोरी के मामले में काफी नाम कमा चुकी है, जिससे अच्छे व्यापारियों का यहां कारोबार करना मुश्किल हो गया है। यहां का कोयला अवैध तरीके से नेपाल तक भेजा जाता है यही नहीं मध्य प्रदेश पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोल फिल्डों से यहां कोयला लाया जाता है। इस मामले में सीबीआई की टीम 23 मार्च 2001 को चंदौसी स्थित कोयला मंडी जांच में पहुंची थी जहां-जहाँ के बाद उसके दस्तावेज जब कर लिया था इस दौरान मुगलसराय कोतवाली में दो व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा भी कायम कराया गया था।

जानकारों का कहना है कि चंधासी मंडी में झारखंड बिहार मध्य प्रदेश आदि स्थानों से इसी तरह के कोयले आते हैं। पकड़े जाने पर उनके फार्म का पता ही नहीं चलता। जिससे सरकार को लाखों करोड़ों रूपए राजसव का नुकसान होती है। ऐसे लोगों पर कथा कथित सत्ता धारी नेताओं का हाथ होता है। जिससे मामला कुछ समय बाद दब जाता है।

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