Young Writer, चंदौली। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। अपने संघर्ष, निष्ठा व समर्पण से सुभासपा को सींचने वाले दर्जनों पदाधिकारियों ने दहशरे के दिन पार्टी प्रमुख व सूबे के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। आरोप लगाया कि जिस उद्देश्य से सुभासपा का गठन किया गया था वह अपने उद्देश्यों से भटक चुकी है। पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूती दिलाने से लगायत पार्टी अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाने में जिन कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने खून-पसीना बहाया। आज पार्टी के पास ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए समय नहीं है।

उन्होंने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के चंदौली जिले के प्रतिनिधि बबलू राजभर ने आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर को राजभर समाज सहित आमजनता के हितों से कोई वास्ता सरोकार नहीं है। अब उन्हें न तो जनता का दर्द दिखता है और ना ही अपने स्वजातीय बंधुओं का विकास ही उनकी प्राथमिकता में है। यही वजह है कि आज सड़क, नाली, आवास व खड़ंजा जैसी छोटी-मोटी जनहित से जुड़ी समस्याएं दूर नहीं हो पा रही है। इन्हीं मुद्दों वादों के साथ ही राजभर समाज व दलित वर्ग ने इन्हें वोट व चंदा देकर सरकार का हिस्सा बनाया, लेकिन पद-प्रतिष्ठा पाते ही वह संगठन और स्वजातीय बंधुओं को पूरी तरह से भूल गए है।
वाराणसी मंडल प्रमुख महासचिव दीपक राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव आते ही पार्टी दफ्तर में फार्च्युनर से चलने वाले धनाड्य लोगों को आवजाही बढ़ गयी है। ऐसे लोगों का खूब आवभगत हो रहा है। आरोप लगाया कि भाजपा से टिकट की मांग ऐसे ही धनाड्य बाहुबलियों के लिए की जा रही है, ताकि टिकट बेचकर ये खुद का विकास कर सके। इससे आहत होकर हम सभी से पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। आगे चलकर हम सभी समाज के बीच जाएंगे और उन्हें पार्टी की वास्तविक तस्वीर दिखाकर व बताकर जागरूक करने का काम किया जाएगा, ताकि वे जाति के नाम पर गुमराह होकर अपना मतदान करने की बजाय एक जागरूक मतदाता की तरह अपने कल्याण व विकास के लिए वोट डाल सके। इस अवसर पर

