32.4 C
Chandauli
Friday, August 14, 2026

Buy now

खुद को रिफार्म कर रही बसपा‚ नए कैडर के निर्माण पर पार्टी का फोकस

- Advertisement -

बसपा के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने में जुटे पुराने निष्ठावाना पदाधिकारी

Young Writer, चंदौली। बहुजन समाज पार्टी, संविधान की मूल मंशा के अनुरूप सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के सिद्धांतों पर कार्य करने वाली एकमात्र पार्टी है। बसपा ने किसी व्यक्ति विशेष के बजाय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान को अंगीकृत किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का काम किया। बसपा का एक-एक कार्यकर्ता पूरी तरह अंबेडकरवादी है, जो कांशीराम के विचार आगे बढ़ाते हुए जनकल्याण की दिशा में कार्यरत है। उक्त बातें बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने पार्टी प्रमुख मायावती की ओर से जारी बयान पर प्रकाश डालते हुए कही।

उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो के निशाने पर वे तमाम नेता हैं जिन्होंने हाल के वर्षों में बीएसपी को छोड़कर दूसरी पार्टियों, विशेषकर सत्ताधारी दल में शामिल हुए हैं। जिन भी नेताओं ने बसपा को छोड़ा उसके पीछे उनका निजी या पारिवारिक स्वार्थ रहा। वहीं कुछ लोगों को बसपा ने निष्कासित भी किया, जिसके पीछे उनके गलत कारनामे व पार्टी विरोधी गतिविधियां प्रमुख कारण रहीं। आरोप लगाया कि बसपा से जुड़े ऐसे लोगों ने निजी फायदे तो उठाए, लेकिन अपने समाज को पार्टी से जोड़ने में अपना योगदान देने से पीछे हट गए। इसका परिणाम रहा कि विगत लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। इसे देखते हुए पार्टी नए कैडर के निर्माण पर ध्यान दे रही है।

बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने कहा कि वर्तमान में वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं के मार्गदर्शन में युवाओं और नए समर्पित कार्यकर्ताओं की एक नई फौज तैयार की जा रही है। यह अभियान जमीनी स्तर पर निरंतर जारी है। पार्टी को उम्मीद है कि नया कैडर साफ-सुथरी छवि, नैतिकता और मिशनरी सोच के साथ उभरकर अम्बेडकरवादी व संविधानवादी संघर्ष को नई मजबूती प्रदान करेगा। आगामी चुनावी संभावनाओं को देखते हुए बीएसपी ने विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को आश्वस्त किया है कि पार्टी में उनका मान-सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि 2007 की तर्ज पर ही चुनाव में टिकट वितरण से लेकर सरकार बनने पर हर समाज को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही, बी.एस.पी. ने स्पष्ट किया कि सर्वसमाज को पार्टी से जोड़ने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की मुख्य जिम्मेदारी दलित समाज को निभानी होगी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि बी.एस.पी. का संगठन हमेशा सर्वसमाज के हसीन गुलदस्ते की तरह सजा रहेगा।

Related Articles

Election - 2024

Latest Articles

You cannot copy content of this page

Verified by MonsterInsights