चंदौली। जनपद में जिला अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, बांध,नहरों और रेल परियोजनाओं जैसी विकास योजनाओं की नींव रखने वाले महामना एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121 वीं जयंती बृहस्पतिवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाएगी। जयंती समारोह को लेकर चंदौली की जनता व कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी पार्क में कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। कार्यकर्ता युद्धस्तर पर पार्क की साफ-सफाई के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
पंडित कमलापति त्रिपाठी को चंदौली और पूर्वांचल के विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, परिवहन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी। जिले में आज दिखाई देने वाली कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के पीछे उनके प्रयासों और दूरदृष्टि को याद किया जाता है। पंडित कमलापति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। जिस पद पर रहे वहां रहते हुए उन्होंने विकास योजनाओं को गति देने और पिछड़े क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास किया। पूर्वांचल के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता के कारण उन्हें क्षेत्र की राजनीति में अलग पहचान मिली। चंदौली में उनके योगदान को याद करते हुए जिला अस्पताल व डिग्री कालेज उनके नाम पर रखा गया है। इसके अलावा पंडित कमलापति त्रिपाठी पार्क व उनकी स्मृतियों से जुड़े स्थलों पर समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उनके जयंती के अवसर पर चंदौली की जनता के साथ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पंडित कमलापति त्रिपाठी केवल राजनेता नहीं, बल्कि चंदौली के विकास की मजबूत नींव रखने वाले जननेता थे। उनकी दूरदृष्टि और विकास के प्रति समर्पण को आज भी याद किया जाता है। जयंती समारोह में उनके विचारों और विकास की सोच को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाएगा।

