चंदौली। मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को इफको के सहयोग से नैनो उर्वरक पर आधारित जनपदीय सहकारी संगोष्ठी का आयोजन साथ ही वन महोत्सव एवं “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण एवं किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य नरेंद्र देव डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पौधरोपण कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि किसान यदि स्वयं उन्नत तकनीकों के माध्यम से बीज उत्पादन करेंगे तो उत्पादन लागत में कमी आएगी। गुणवत्तायुक्त बीज आसानी से उपलब्ध होंगे और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी मार्गदर्शन में सहभागितापूर्ण तरीके से बीज उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

वही कुलपति ने कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया और प्राकृतिक खेती से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, ब्रह्मास्त्र एवं अग्नास्त्र जैसे जैविक आदानों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा देने, बीज उत्पादन कार्यक्रमों के विस्तार तथा फलदार और वानिकी पौधों की नर्सरी को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इफको के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडे ने नैनो तरल उर्वरक के बारे में किसानों को नैनो जिंक व कॉपर के साथ-साथ इफको के उत्पादकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने केंद्र की प्रशिक्षण, प्राकृतिक खेती, बीज उत्पादन और कृषि प्रसार गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक इफको अभिषेक त्रिपाठी, प्रसार निदेशक डॉ. राम बटुक सिंह, डॉ अभयदीप गौतम, मयंक सिंह, दिग्विजय सिंह, चंदन सिंह, अमित कुमार सिंह, अविनाश, आदि मौजूद रहे।

