चंदौली। लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर बुलडोजर चलाने और लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस कार्रवाई को न्याय व्यवस्था की गरिमा पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विरेन्द्र प्रतीक सिंह ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अधिवक्ताओं के चैंबरों को हटाना अधिवक्ताओं का अपमान है। पूर्व अध्यक्ष राकेश रत्न तिवारी ने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं की समस्याओं को नजर अंदाज कर रही है। जिससे पूरे अधिवक्ता समाज में आक्रोश व्याप्त है। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। और उनका सम्मान सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि अधिवक्ताओं के साथ इसी प्रकार का व्यवहार जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कार्रवाई पर रोक लगाए और प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान अधिवक्ता उज्जल सिंह, विनय कुमार सिंह, देवेश यादव, विकास सिंह, रमेश तिवारी, सुभाष राय, शमशुद्दीन, जय प्रकाश सिंह, अजय मौर्य मौजूद रहे।

