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Tuesday, October 13, 2026

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Chandauli:सालों से पुस्तकालय निर्माण का इंतजार अब खत्म,राजकीय निर्माण एजेंसी को चिह्नित भूमि सुपुर्द

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चंदौली। जिले में राजकीय पुस्तकालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता नजर आ रहा है। इसके लिए प्रस्तावित जमीन का राजस्व टीम ने मंगलवार को सीमांकन कर दिया। साथ ही राजकीय निर्माण एजेंसी को चिह्नित भूमि को सुपुर्द कर दिया। अब कार्यदायी संस्था की ओर से जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे लोगों की उम्मीदें जग गई है। वहीं करीब 13 साल से पुस्तकालय निर्माण का इंतजार भी अब शीघ्र ही खत्म हो जाएगा।
प्रदेश सरकार का प्रत्येक जिला मुख्यालय पर राजकीय पुस्तकालय बनाने की योजना है। ताकि पढ़ने और प्रतियोगी तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को भटकना न पड़े। साथ अन्य लोग भी पुस्तकालय का लाभ ले सकें। लेकिन जिला मुख्यालय पर राजकीय पुस्तकालय न होने से प्रयोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पुस्तकालय की सुविधा नहीं मिल पाती है। जबकि शासन ने करीब 13 साल पहले जिला प्रशासन को जमीन तलाश कर राजकीय पुस्तकालय का निर्माण कराने का फरमान जारी किया था। साथ ही शासन से 66 लाख रुपये भी अवमुक्त कर दिए थे। इसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को 50 फीसद धनराशि भी जारी कर दिया गया था। लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। हालांकि एक हजार वर्ग मीटर में पुस्तकालय बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की देखरेख में कई जगह जमीन देखी गई। लेकिन जमीन मुहैया नहीं हो पाया। शासन ने इसपर गंभीर रूख अपनाते हुए जिला प्रशासन से कार्यदायी संस्था को जल्द जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को तत्काल जमीन तलाश कर चिह्नित करने का आदेश दिया था। इसपर बीते दिनों सदर तहसील के बिछियां कला ग्राम के पास 0.040 हेक्टेयर परती भूमि पुस्तकालय निर्माण के लिए जमीन प्रस्तावित की गई। उपजिलाधिकारी एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हर्षिका सिंह के निर्देश पर मंगलवार को राजस्व टीम ने डीआईओएस डीएस यादव और निर्माण एजेंसी की मौजूदगी में उक्त जमीन की बकायदे नापी कर सीमांकर कर दिया। साथ ही चिह्नित भूमि को राजकीय निर्माण एजेंसी को सुपुर्द कर दिया। इससे जल्द पुस्तकालय निर्माण की उम्मीद जग गई है। इस संबंध में डीआईओएस डीएस यादव ने बताया कि राजकीय पुस्तकालय के लिए लगभग 500 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। लेकिन उक्त जमीन पौने चार सौ वर्ग मीटर ही है। यह मानक के अनुसार नहीं है। लेकिन अब उक्त जमीन में ही निर्माण कार्य कराया जाएगा। जमीन का सीमांकन करने पहुंची राजस्व टीम में राजस्व निरीक्षक अजीत सिंह, लेखपाल अभिषेक लाल, प्रदीप कुमार, तौफीक अहमद, हरिशरण प्रसाद शामिल रहे।

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