चंदौली। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कार्यभार संभालते ही पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख़्यार किया है। समीक्षा के दौरान पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया साथ ही 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक के इस कार्यवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
उन्होंने थाना मुगलसराय क्षेत्र के दुल्हीपुर चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी संतोष यादव के खिलाफ क्षेत्र में अवैध जुआ संचालन और तस्करी पर प्रभावी रोकथाम न करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार न होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वही थाना सैयदराजा में तैनात उपनिरीक्षक राम प्यारे चौधरी के खिलाफ अपराधियों पर निरोधात्मक कार्रवाई में लापरवाही, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में ढिलाई उच्चाधिकारियों को समय पर सूचना न देने और विवेचनाओं में उदासीनता जैसे गंभीर आरोप पाए गए। जिसके चलते उन्हें भी निलंबित किया गया इसके अलावा गो-तस्करी से जुड़े मामलों में हाईवे पेट्रोलिंग के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। यातायात शाखा के छह पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। टीएसआई उमाशंकर यादव और टीएसआई मनोज कुमार सिंह सहित अन्य कर्मियों द्वारा घटनाओं की समय पर सूचना न देना कर्तव्यहीनता माना गया। सभी के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाया जाएगा। उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगा।
Chandauli:एसपी का बड़ा एक्शन ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित,6 के खिलाफ जांच के आदेश,विभाग में मचा हड़कंप
जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की पहली जिम्मेदारी:एसपी आकाश पटेल
चंदौली। पुलिस लाइन में नवागत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल बुधवार को पत्रकारों से रूबरू हुए साथ ही जिले की कानून व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।
उन्होंने कहा कि जनपद में अपराधियों और बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती से निपटा जाएगा। इसके अलावा जनपद को जाम और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिससे आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर ही एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल बनाया जा सकता है। और इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
पानी बहुत नीचे चला गया है : Dr Umesh Prasad Singh
Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार Dr. Umesh Prasad Singh (डा. उमेश प्रसाद सिंह )
पानी नीचे चला गया है। नीचे, बहुत नीचे चला गया है। इतना नीचे कि हमारी पकड़ में नहीं है। वह हमारी पहुँच में नहीं है। वह सिकुड़कर, सिमटकर नीचे ही भागता जा रहा है।
सतह पर पानी कहीं नहीं है। जो कुछ है बिना पानी का है जो कुछ है बेपानी है। पानी न चेहरे पर है। न आँख में है। न जबान पर है। सब कुछ रूखा-रूखा। सब कुछ सूखा-सूखा। हमारी जमीन की सतह से, हमारे चेहरे से, हमारी आँख से, हमारी वाणी से पानी क्यों भागता जा रहा है। सबको छोड़कर पानी क्यों पाताल पैठता जा रहा है?
सवाल है, मगर किसके लिए? किससे पूछना है, पानी से? पानी पीने वालों से? पानी बहाने वालों से? पानी की पत उतारने वालों से? पानी से केलि क्रीड़ा करने वालों से? पानी बेचने वालों से? पानी से प्यार करने वालों से? किससे पूछे? नहीं, नहीं, यह तो तय कर पाना बड़ा मुश्किल है। हमारे समय में कुछ भी तय कर पाना बड़ा मुश्किल है। बेहद कठिन है। एक प्रश्न को जरा-सा छू दीजिए। फिर प्रश्न से इतने फूट पड़ते हैं कि मूल प्रश्न ही पता नहीं धकियाती भीड़ में कहाँ खो जाता है। प्रश्नों का ऐसा बेकाबू रेला उमड़ पड़ता है कि प्रश्न के साथ-साथ पूछने वाले के वजूद का भी कहीं अता-पता नहीं रह जाता। अरे बाप रे! कितना खतरनाक है। कितना खतरनाक है,- एक सवाल के लिए जान जोखिम में डालना। एक सवाल और है। सवाल यह भी है कि क्या जोखिम में जान को न डालकर भी हमारे समय में जान को जोखिम से बचाए रखना संभव है।
शायद….। शायद नहीं। फिर क्या फर्क पड़ता है। देखिए न आँख उठाकर अपने समय में चारों तरफ जिनके भी कंधे पर सिर बने हुए है या कि बचे हुए हैं, सबके सब ओखली में पड़े हुए हैं। अब मूसलों की गिनती कौन करे। जिनके सिर ओखली में नहीं हैं, उनके सिर पर मूसल नहीं गिरेंगे, यह विश्वास बनाए रखना भी आसान नहीं है। हमारी व्यवस्था में आदमी की भूमिका आदमी जैसी बची ही कितनी है। हमारे समय का हर निरपराधआदमी मनुष्यता विरोधी अघोषित महायुद्ध का आखेट बन कर रह गया है। यह ऐसा युद्ध है, जिसमें जो लड़ेंगे वे तो मारे जाएंगे ही! मगर जो नहीं भी लड़ेंगे वे नहीं मारे जाएंगे, इसकी तनिक भी गुनायश कहीं नहीं दिखती। खैर!
जाने दीजिए। फिर कभी। अभी दूसरी बात करनी है। अभी तो पानी के बारे में….।
हमारी विरासत में जल केवल जल नहीं है। कभी नहीं रहा है। हमारे लिए जल जीवन का संपोषक है। जीवन को जुड़ाने वाली, जुगाने वाली हर चीज जल का समानार्थी है। जल जीवन को सजल बनाता है। जीवन को सबल बनाता है। जीवन को सफल बनाता है। जीवन को सार्थक बनाता है। जल से ही जीवन धारण करने योग्य बनता है। जल जीवन का आधार है। जब जीवन का आधार ही नीचे चला जाएगा। अपनी पहुँच से बाहर हो जाएगा तो भला जीवन को संभालना कितना मुश्किल हो जाएगा। हमारे लिए जल का संकट जीवन का संकट है।
जो लोग पानी के संकट के सामने भी पानी-पानी हो जाना नहीं जानते उनकी बात कौन करे। जो पानी को पानी के भाव बहा देने में तनिक भी संकोच नहीं करते, उनका कलेजा तो पत्थर का ही होता होगा। पानी के चुक जाने पर भी जिनके मन में ग्लानि नहीं जागती वे मनुष्यजाति के लिए कलंक कहे जाने योग्य ही हो सकते हैं। ऐसे मानुष का भला मनुष्यता से क्या नाता हो सकता है। समय चाहे जितना भी बेपानी हो जाय, मनुष्य जीवन में क्षुद्रता की चाहे जितनी भी व्याप्ति हो जाय मगर फिर भी पानी की चिंता तो पानीदार बनी ही रहेगी।
हमारी विरासत में पानी के संचय के लिए बड़ी पवित्र प्रवृत्ति का जीवन में प्रभूत प्रसार उपलब्ध मिलता है। हमारी जीवन व्यवस्था में सरोवरों, तालाबों, बावड़ियों, तड़ागों और कूपों का निर्माण धर्मकार्य के उत्तम उदाहरण के रूप में अभिनन्दित होता रहा है। नदियों की पूजा की परम्परा का उत्स तो मानवीय सम्भ्यता के उद्गम के साथ-साथ ही जुड़ा है। जल का उपयोग झुककर विनीत भाव से कृतज्ञतापूर्ण आह्लाद के साथ करने की रीति हमारी जीवन परम्परा में आदरपूर्ण प्रतिष्ठा की अधिकारिणी रही है। कुँए से हम हमेशा झुककर जल निकालने के अभ्यासी रहे हैं। नदी में, सरोवर मे झुककर जल का आचमन करने का हमारा अभ्यास स्वभाव की तरह सहज हमारे जीवन व्यवहार में समाहित रहा है। जीवन का आधारभूत हर पदार्थ हमारे लिए पूजा का आश्रय रहा है। पानी हमारे लिए केवल पदार्थ कभी नहीं रहा है। वह तो वरुण के रूप में देवता की पदवी प्राप्त रहा है, हमारे सामूहिक सामाजिक जीवन में। जीवन को धारण करने के लिए सहायक और उपयोगी हर चीज हमारे लिए जीवन के बराबर ही महत्तम है। जीवन के समान ही पूज्य है। ऐसा विश्वास हमारे संस्कार में निहित रहा है।
मगर अब….? मगर आज….? नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। जो हमारी अन्तःप्रज्ञा का आलोक था, उसे हमने आज अबौद्धिक अन्धता कहकर त्याग दिया है। सबका हमने परित्याग कर दिया है। आधुनिक कहे जाने की आकुलता में, अतुरता में, ललक में हमने सारे पदार्थों के साथ सारे सम्बन्धों का परित्याग कर दिया है। हमारा सम्बन्धों का परित्याग पदार्थों तक ही सीमित नहीं रहा। आज हमारी सभ्यता मनुष्य और मुनष्य के बीच भी सम्बन्ध हीनता के भयावह सन्नाटे के सम्मुख सिर लटकाये खड़ी है। हम पानी के उपयोग के लिए पानी के प्रति आभार प्रदर्शन के बिल्कुल विमुख हैं। हम पानी के लिए धरती की छाती छेदकर भी लज्जित नहीं है। आज हम जीवन के लिए सारी उपयोगी चीजों का उपभोग करने के अभिमान में डूबे हुए हैं। स्वामित्व की उद्दाम लालसा के अथाह विस्तार में डूब मरने को दौड़ रहे हैं। आज हमारे पास जो कुछ भी है सबको पददलित करके रौंद रहे हैं। रौंद कर अपने अधिकार सुख के बेकाबू नशे में निढाल हो रहे हैं।
यह सब क्या है? स्वामित्व का अभिमान। श्रेष्ठता का दम्भ। शक्तिवान होने का दर्प। अपने को बड़ा साबित करने के सारे हथकण्डे आदमी को अन्ततः आदमी न बने रहने के गर्त में गिरा रहा है। आदमी निरन्तर असहाय, शक्तिहीन, अकेला और अवश बनता जा रहा है। प्रकृति की असीम शक्ति के सम्मुख आदमी की बिसात ही क्या है।
प्रकृति आदमी के अतिचार से अत्याचार से अमानवीयता से विक्षुब्ध है। पानी सतह को छोड़कर बहुत नीचे जा रहा है। पानी के साथ बहुत कुछ जो जीवन के लिए बहुत जरूरीर है, बहुत नीचे जा रहा है। बहुत कुछ सतह को छोड़कर बहुत गहरे घने आवरण में छिप रहा है। हमारे समय की बड़ी ही बेधक विडम्बना है कि हमारे जीवन के सारे साधन सतह से विलुप्त हैं। वे गहन आवरण की अभेद्य गहराई में जा छिपे हैं। कुछ भी पाने के लिए आदमी का बहुत नीचे गिरना उसकी मजबूरी बन गई है। छोटी-छोटी चीजों को भी पाने के लिए नीचे गिरने की नियति आदमी को कितना बौना बना रही है। कितना तुच्छ और अपदार्थ बना रही है। केवल जीने भर की सुविधा जुटाने के लिए हमारे समय में मनुष्य के निरन्तर नीचे गिरते जाने की नियति कितनी दारुण है। हमने प्रेम में, प्रार्थना में झुकने से विद्रोह करके स्वार्थपूति में नीचे गिरने की लाचार दयनीयता का वरण किया है। हमारी सम्पन्नता में कैसी विपन्नता अन्तर्निहित है, इसका सही आकलन अभी संभव नहीं है। इसके लिए अभी इंतजार अपेक्षित है।
पानी का नीचे चले जाना आदमी के सामूहिक जीवन स्तर के नीचे गिरने का सूचक है। यह हमारी सभ्यता के लिए जिसे हम अंगीकार करके जी रहे हैं, संकट का संकेत है। यह समय की चेतावनी है। काल हमें चेता रहा है। वह कह रहा है,- पानी को नीचे मत गिरने दो। उसे पकड़ो। उसे अपनी पहुँच में रखो। उसे जुगाओ। जुगाकर अपनी आँख में भर लो। आदमी की जिन्दगी की शोभा आँख में पानी से ही होती है। आदमी के चारों ओर जो विद्वेष की, वैमनस्य की, विभेद की, विषाद की आग लहक रही है, उसे समेट कर अपने सीने में रख लो। आदमी के लिए आँख में पानी और सीने में आग का होना बहुत जरूरी होता है। इनके होने से ही मनुष्य जीवन में सौभाग्य फलित होता है।
Chandauli:जिला अस्पताल में पर्ची को लेकर विवाद,अधिवक्ताओं ने काटा बवाल
चंदौली। जिला अस्पताल में मंगलवार को पर्ची कटवाने को लेकर एक अधिवक्ता और ड्यूटी पर तैनात गार्ड के बीच मंगलवार को जमकर बहस हो गई। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता अपनी बीमार माँ का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। जहा पंजीकरण काउंटर पर पर्ची बनवाने के दौरान किसी बात को लेकर गार्ड से कहासुनी हो गई।
इस दौरान देखते ही देखते मामूली विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता अस्पताल परिसर में पहुंच गए। और जमकर बवाल काटा। जहा स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। और मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद मामले को शांत कराया गया। फिलहाल, घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Chandauli:130 फिट ऊँचे टावर पर चढ़ कर अधेड़ ने किया हाई वोल्टेज ड्रामा,वजह जानकर चौक जाएंगे आप
चंदौली। बबुरी थाना क्षेत्र के प्रनपुरा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब एक अधेड़ व्यक्ति गांव स्थित बीएसएनएल के करीब 130 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। इतनी ऊंचाई पर व्यक्ति को देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही मौक़े पर पहुची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया।
काफी देर तक समझाने-बुझाने के बावजूद वह व्यक्ति टावर से उतरने को तैयार नहीं हुआ। जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इस दौरान ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि अधेड़ नशे की हालत में था। मामले की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए घंटों बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। घटना के दौरान गांव में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही और पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा होती रही। टावर पर चढ़े व्यक्ति की पहचान बनौली निवासी सुरेश के रूप में हुई। नीचे उतरने के बाद उसने बताया कि उसकी पत्नी नाराज होकर बेटे के साथ अपने मायके कमालपुर चली गई थी। इसी दुख में उसने शराब पी ली और आवेश में आकर टावर पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे समझाकर परिजनों के हवाले कर दिया।
नौगढ़-मधुपुर मार्ग पर सड़क हादसे में युवक की मौत,परिजनों में मचा कोहराम
नौगढ़। नौगढ़-मधुपुर मार्ग पर सोमवार देर शाम एक बाइक सवार युवक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर से टकरा गया। घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने तत्काल युवक के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि बसौली गांव निवासी गणेश 24 वर्ष अपने किसी रिश्तेदारी में मधुपुर, सोनभद्र जा रहा था। जैसे ही वह जयमोहनी पोस्ता गांव के पास मोड़ पर पहुंचा उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक गणेश अविवाहित था। जिससे उसके परिजनों में कोहराम मच गया।
चंदौली के कप्तान आदित्य लांघे का हुआ तबादला,आकाश पटेल बने नए एसपी
चंदौली। जनपद में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे का स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्हें अब फिरोजाबाद जिले में बतौर पुलिस अधीक्षक नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कार्यकाल के दौरान चंदौली में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। जिनकी सराहना आम जनता के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों ने भी की।
आदित्य लांघे के नेतृत्व में जनपद में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। और कई बड़े मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ। उनके कार्यकाल को प्रभावी और सराहनीय बताया। गया वहीं चंदौली के नए पुलिस कप्तान के रूप में वाराणसी में तैनात अपर पुलिस उपायुक्त आकाश पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आकाश पटेल के पास प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ कानून-व्यवस्था संभालने का अच्छा रिकॉर्ड माना जा है। उनके आगमन से जिले में पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की उम्मीद जताई जा रही है।
15 वर्षों की सेवा के बाद प्रधानाचार्य राम प्यारे प्रसाद सेवानिवृत्त,भावुक हुआ विद्यालय परिवार व बच्चे
चंदौली। सदर विकास खंड के पैतुवा कंपोजिट विद्यालय में सोमवार को एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य राम प्यारे प्रसाद 15 वर्षों की सराहनीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षकों विद्यार्थियों और अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी ने राम प्यारे प्रसाद को अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने कहा कि राम प्यारे प्रसाद ने अपने कार्यकाल में विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने प्रिय प्रधानाचार्य के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त किया। इन प्रस्तुतियों ने मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। प्रधानाचार्य के सेवानिवृत्त होने की खबर से बच्चों में मायूसी साफ देखी गई। कई छात्र-छात्राओं की आंखें नम हो गईं। अपने विदाई संबोधन में राम प्यारे प्रसाद ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय और बच्चों के साथ बिताए गए पल उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेंगे। इस दौरान पंकज तिवारी,मिथिलेश सिंह, अनिल कुमार, देवेश सिंह, रेणुका चौहान, सुधा त्रिपाठी, अनुराधा मौर्य मौजूद रहे संचालन सुरेश अकेला, व कार्यक्रम का संचालन हलधर प्रसाद,ने किया
ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत,परिजनों में कोहराम
चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के लीलापुर रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की ट्रेन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि बिसौरी गांव निवासी रामाशीष 36 वर्ष किसी काम से रेलवे क्रॉसिंग के पास गया हुआ था। तभी अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस असमय मौत से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस बाबत नवीन मंडी चौकी प्रभारी रावेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई है शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
Chandauli:मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट का किया निरीक्षण,परखी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की हकीकत
चंदौली। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न अनुभागों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालय, नजारत अनुभाग, अभिलेखागार तथा भूलेख अनुभाग सहित कई पटलों का बारीकी से निरीक्षण किया। नजारत अनुभाग में पूर्व निर्देशों के बावजूद जीपीएफ पासबुक अपडेट न होने और वर्ष 2024 के बाद कर्मचारियों की सेवा सत्यापन प्रक्रिया लंबित मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस लापरवाही पर उप जिलाधिकारी को स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए। वहीं नजीर आशीष सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश भी जारी किया गया। अभिलेखागार और भूलेख अनुभाग के निरीक्षण में नक्शा व नकल जारी करने में अनियमितताएं पाई गईं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा आवेदनकर्ताओं का नाम और मोबाइल नंबर रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। इसके अलावा उन्होंने सेवा पुस्तिकाओं के रखरखाव, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों के भुगतान और बस्ता सूची के अद्यतन न होने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंडलायुक्त ने प्रभारी अधिकारी को रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास आर जगत साईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




![] डा. उमेश प्रसाद सिंह।](https://youngwriter.in/wp-content/uploads/2021/12/unnamed-file.jpg)





