चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू मंगलवार को विद्युत विभाग द्वारा हटाए कम्प्यूटर आपरेटर एवं राजस्व वसूली के लिए रखे गए ठेका संविदा कर्मियों की समस्याओं को लेकर एडीएम राजेश कुमार से मिले। इस दौरान उन्होंने बताया कि 10 वर्षों से विद्युत विभाग को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे 29 कर्मियों को सेवामुक्त किया जाना पूरी तरह से गलत है। मांग किया कि इन कर्मियों की सेवा को बहाल रखते हुए उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। एडीएम ने कहा कि संबंधित प्रकरण को लेकर बुधवार को वह विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के साथ बैठक करेंगे और इस दिशा में सकारात्मक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
उन्होंने बताया कि एक सितंबर से कार्य मुक्त किए गए कम्प्यूटर आपरेटर व राजस्व वसूली के तैनात किए गए कर्मियों ने पत्रक के जरिए अपनी समस्याएं रखी। बताया कि जनपद के विद्युत उपकेंद्र एवं कार्यालय में कम्प्यूटर संबंधित कार्य एवं राजस्व वसूली के लिए आउट सोर्स के जरिए 29 कर्मियों रखा गया था, जिन्होंने विगत 10 वर्षों से अपनी सेवाएं प्रदान की। इन कर्मियों की सेवा 01 सितंबर 2026 से समाप्त करते हुए बताया कि जिस आउट सोर्स कम्पनी के जरिए कर्मी अपनी सेवाएं विद्युत विभाग को प्रदान कर रहे थे उसकी करार समाप्त हो गया है और टेंडर के जरिए नयी कम्पनी का चयन हुआ है। नयी चयनित कम्पनी के द्वारा कर्मियों को प्रति माह कमीशन के आधार पर मेहनताना निर्धारित करने की बात कही जा रही है, जबकि पहले कर्मियों को पीएफ एवं ईएसआईसी की कटौती करके 17238.00 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। पूर्व विधायक ने कहा कि इन कर्मियों द्वारा अपने जीवन का बहुमूल्य एक दशक का समय विद्युत विभाग को दिया है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के साथ इन कर्मियों के मानदेय में वृद्धि जैसी पहल होनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत इन कर्मियों पर संविदा समाप्ति की कार्यवाही अत्यंत खेदजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि उपरोक्त प्रकरण युवाओं के रोजगार एवं आजीविका से जुड़ा अति महत्वपूर्ण विषय है, जिसे संज्ञान में लेते हुए इन कर्मियों की सेवा को समाप्ति के आदेश को रद्द किया। साथ ही इन्हें अपने-अपने पदों पर बहाल रखा जाए, ताकि वे पहले की तरह अपनी सेवाएं विद्युत विभाग को दे सके। क्योंकि इनमें अधिकांश कर्मी ऐसे है जिनके पूरे परिवार का भ्रमण पोषण इसी नौकरी के जरिए चल रही है। चेताया कि इन कर्मियों के हितों की अनदेखी हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बिजली कर्मियों की सेवा समाप्ति पर भड़के मनोज सिंह डब्लू,बोले-बहाली नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
Chandauli:बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे डीएम बोले,हर ग्रामीण और किसान तक समय से पहुंचे राहत
चंदौली। जनपद में लगातार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण बनी रही बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मंगलवार को चंद्रप्रभा व गढ़ई नही का निरीक्षण किया किया साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक प्रभावित ग्रामीण और किसान तक समय से राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखें। जलभराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और फसलों के नुकसान का पारदर्शी आकलन कराया जाए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा व संबंधित अधिकारियों ने बताया कि नदियों का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बांधों से पानी का डिस्चार्ज भी कम कर दिया गया है। इससे जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है। वहीं किसानों ने जलभराव से प्रभावित फसलों का जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान जिला प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम, सिंचाई विभाग के अभियंता और स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
दो इनामी बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे,एक पर हत्या की प्रयास समेत 9 केस
चंदौली। जनपद में वांछित एवं शातिर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को दो बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। सदर कोतवाली पुलिस ने सैयदराजा थाने में दर्ज लूट के मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त दिलशाद पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी मरखामऊ नई बाजार, प्रयागराज को पंचफेड़वा-अलीनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 27 नवंबर की रात कोयला लदे ट्रक की लूट के मामले में वांछित था। दिलशाद के खिलाफ हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय, थानाध्यक्ष सैयदराजा अशोक कुमार मिश्र समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। वहीं इलिया पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे में वांछित 25 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त समसाद राइन, निवासी फतेहपुर, को बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रई गांव के पास नहर पुलिया से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि 20 अगस्त को बनरसिया नहर माइनर के पास चेकिंग में दो वाहनों से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 12 गोवंशीय पशु बरामद हुए थे। इसी मामले में शमशाद वांछित था। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा पूर्व में पीओसीएसो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
सरकारी सिस्टम की गजब लापरवाही! जिंदा गरीब परिवार को राशन कार्ड में कर दिया मृत
चंदौली धानापुर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने सरकारी विभागों में लापरवाही और अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गरीब, कमजोर और पीड़ित जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। अंजनी सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, किसान सम्मान निधि, जमीन की पैमाइश, खतौनी संशोधन और अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों से नेताओं के प्रभाव में काम करने के बजाय निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उन्होंने खड़ान निवासी मुन्ना पासवान के परिवार का मामला उठाते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर मुन्ना पासवान उनकी पत्नी और दो बच्चों को राशन कार्ड में कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया है। इसके कारण परिवार के सामने सरकारी राशन मिलने का संकट खड़ा हो गया है।अंजनी सिंह ने कहा कि जिंदा परिवार को मृत घोषित करना गंभीर लापरवाही है। और गरीब परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों के नाम दुरुस्त कराने और निर्बाध राशन उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ऐसे सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए तहसील सकलडीहा का घेराव किया जाएगा।
SC आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी ने किया प्रदर्शन,SDM को सौंपा ज्ञापन
चंदौली। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरविंद निषाद ने कहा कि मछुआ समुदाय के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया गया तो उनका सामाजिक और आर्थिक रूप से विकास हो पाएगा। सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि मछुआ समुदाय के लोगों को उनका अधिकार दिया जाएगा। लेकिन अभी इन जातियों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि 1857 में समाज के लोगों ने अंग्रेजों को देश से भगा दिया था। अंग्रेजों ने बाद में क्रिमिनल कास्ट एक्ट कानून लागू किया। इको देश आजाद होने के बाद 31 अगस्त 1952 को सरकार ने हटा दिया। इसीलिए इस दिवस को विमुक्ति दिवस मनाते हुए सरकारों को ज्ञापन दिया जाता है। कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार केवट, मल्लाह, निषाद, बिन्द, माझवार, कश्यप, रैकवार आदि जातियां मछुआ समुदाय की जाति हैं। नई दिल्ली में मलाह समुदाय के लोग अनुसूचित जाति में आते हैं और पश्चिम बंगाल में भी केवट एससी जाति में है। लेकिन उत्तर प्रदेश में इन जातियों को ओबीसी का दर्जा मिला हुआ है। इस मौके पर प्रदेश सचिव शिवकुमारी निषाद, सुरेश निषाद, पुष्माजंलि कुमारी, पुष्पा कुमारी, बालेश्वर निषाद, मेघनाथ बिन्द, राम चेला बिन्द, रामपति बिन्द मौजूद रहे।
Chandauli:मामूली विवाद में धारदार ब्लेड से हमला,आरोपी गिरफ्तार
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव में खंभे पर तार लगाने को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी पर धारदार ब्लेड से हमला करने के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे की धारदार ब्लेड भी बरामद की है।
पुलिस ने बताया कि 30 अगस्त को प्रदीप चौहान और देवेन्द्र चौहान के बीच तार लगाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद से क्षुब्ध होकर देवेन्द्र ने प्रदीप पर जान से मारने की नीयत से ब्लेड से हमला कर दिया। और मौके से फरार हो गया। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। 31 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर बलुआ पुलिस ने सराय नहर पुलिया के पास से देवेन्द्र चौहान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घटना स्वीकार की। पुलिस ने उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आठ उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले,एसपी ने सौंपी नई जिम्मेदारी
चंदौली। जिले में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एसपी आकाश पटेल ने आठ उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। एसपी ने वर्तमान तैनाती वाले उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। तबादले के तहत उपनिरीक्षक रावेन्द्र सिंह को हाईवे मंडी चौकी से धरौली चौकी थाना सैयदराजा भेजा गया है। वहीं धरौली चौकी प्रभारी मारकण्डेय सिंह को हाईवे मंडी चौकी जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस लाइन में तैनात उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह को जफरपुरवा चौकी भेजा गया है। जफरपुरवा चौकी प्रभारी सतीश चन्द्र सिंह को भूपौली चौकी तथा भूपौली चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह को ताराजीवनपुर चौकी भेजा गया है। ताराजीवनपुर चौकी प्रभारी पंकज कुमार सिंह को थाना अलीनगर में तैनाती दी गई है। इसके साथ ही मुगलसराय थाना कस्बा चौकी प्रभारी विजय राज को शिवाला चौकी तथा शिवाला चौकी प्रभारी सतीश प्रकाश को कस्बा चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
खड़गे के अपमान के विरोध में कांग्रेस ने निकाला विरोध मार्च,भाजपा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
चंदौली। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में सोमवार को विरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर आक्रोश जताया गया।
विरोध मार्च में शामिल उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने आरोप लगाया कि दलित होने के कारण खड़गे का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने इसे भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई का विरोध करती रहेगी। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि जब देश के वरिष्ठ दलित नेता खड़गे के प्रति ऐसी सोच सामने आ रही है तो गांव-गरीब के दलितों के साथ व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ऐसी तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। विरोध मार्च में मधु राय, डॉ. नारायण मूर्ति ओझा, रामधार जोसफ, तरुण पांडेय, रामानंद यादव, रजनीकांत पांडेय, गंगा प्रसाद, सतीश बिंद, डॉ. सुल्तान खान, मुनीर खान समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष बने आनंद रस्तोगी,दिलीप त्रिशूलिया महामंत्री निर्वाचित
चंदौली। कमालपुर बाजार व्यापार मंडल का चुनाव रविवार को रस्तोगी मैरिज लॉन में भारी गहमागहमी के बीच संपन्न हुआ। अध्यक्ष और महामंत्री पद के लिए हुए चुनाव में व्यापारियों ने उत्साह के साथ मतदान किया। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर विनोद अग्रहरि के निर्विरोध निर्वाचित होने पर उन्हें कोषाध्यक्ष घोषित किया गया।
कमालपुर बाजार में व्यापार मंडल के कुल 594 सदस्य मतदाता थे, जिनमें से 558 व्यापारियों ने मतदान किया। अध्यक्ष पद पर आनंद कुमार रस्तोगी ने 339 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भरत कुमार रस्तोगी को 127 मतों से हराकर जीत दर्ज की। भरत कुमार रस्तोगी को 212 मत मिले जबकि सात मत निरस्त हुए। महामंत्री पद पर त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। इसमें दिलीप त्रिशूलिया ने 219 मत प्राप्त कर 42 मतों के अंतर से जीत हासिल की। रितेश पांडेय को 177 और राजकुमार मौर्य को 154 मत मिले। आठ मत निरस्त हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी राकेश मोदनवाल ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दीं। जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने आनंद रस्तोगी दिलीप त्रिशूलिया और विनोद अग्रहरि को बधाई देते हुए व्यापारी हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया पर्यवेक्षक एवं प्रदेश मंत्री चन्द्रेश्वर जायसवाल ने भी शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। पिछले 22 दिनों से चुनाव को लेकर बाजार में उत्साह और गहमागहमी बनी हुई थी। महिला व्यापारी मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। चुनाव के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था रही।
कब बनेगा शव स्थल? आजादी के बाद भी चंदौली में सुविधा का इंतजार
चंदौली। जिला मुख्यालय होने के बावजूद नगर में आजादी के बाद से अब तक शव रखने के लिए कोई निर्धारित शव स्थल नहीं बन सका है। इसके चलते नगरवासियों को किसी की मौत होने पर शव रखने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिजनों को मजबूरी में छोटे सरकार की कुटिया के समीप घास-फूस के बीच शव रखने पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय पर शव रखने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान का होना बेहद जरूरी है। लेकिन नगर पंचायत और जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। बारिश और खराब मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। खुले स्थान पर शव रखने से परिजनों को असुविधा के साथ ही सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी परेशानी होती है। नगरवासियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया जाता रहा है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कहा कि चुनाव के दौरान विकास और मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन शव स्थल जैसी जरूरी सुविधा की ओर किसी का ध्यान नहीं है। नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चंदौली मुख्यालय पर जल्द से जल्द शव रखने के लिए सुरक्षित और स्थायी शव स्थल का निर्माण कराया जाए। ताकि किसी परिवार को अपनों के शव को घास-फूस के बीच रखने की मजबूरी न झेलनी पड़े।











