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Wednesday, July 1, 2026

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UP Agriculture: सोलर पम्प लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी से बचे Chandauli के किसान

Solar Pump Young Writer

Young Writer: चंदौली जनपद में कृषकों द्वारा सोलर पम्प की बुकिंग विभाग की वेबसाइट www.upagriculture.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग की ओर से मोबाइल के जरिए किसानों को इस योजना के बारे में कोई भी सम्पर्क नहीं किया जा रहा है। योजना के नाम पर कतिपय लोग किसानों को अधिक सब्सिडी देने की बात कहकर धोखाधड़ी का शिकार बनाने की फिराक में हैं।

इस बाबत अवर अभियंता कृषि विभाग मानसिंह कुशवाहा ने कहा कि उक्त योजना के तहत सोलर पम्प हेतु कृषकों के चयन एवं टोकन कन्फर्म करने की ऑनलाईन व्यवस्था है जो पूरी तरह से पारदर्शी है एवं टोकन कन्फर्म करने के पश्चात् कृषि विभाग के पोर्टल पर उनके पंजीकृत मोबाइल नम्बर पर मैसेज कृषि विभाग की तरफ से जाता है। तपश्चात् कृषकों द्वारा चालान जनरेट करने के उपरान्त ही आनलाइन व आफलाईन धनराशि जमा की जाती है। बताया कि कुछ किसानों के द्वारा यह शिकायत दर्ज कर मामले को संज्ञान में लाया गया है कि मोबाइल नंबर 7290912735, 7037767569, 9719775461, 9170935887, 6397850849 आदि नम्बरों से कृषकों को फोन किया जा रहा है अथवा कृषि विभाग के संदेश के समतुल्य संदेश भेजा जा रहा है कि आपको अधिकतम सब्सिडी की सुविधा प्रदान करने का झांसा दिया जा रहा है, जो भ्रामक व गलत है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने का प्रयास करें। यदि आपके साथ उक्त से सम्बन्धित धोखाधड़ी होती है तो साइबर सेल में इसकी एफआईआर दर्ज करा सकते है। बताया कि योजना के तहत कृषक अंश कम लिया जा रहा है। किसान अपने अंश की धनराशि इण्डियन बैंक के खाता संख्या 7748563270, एसबीआई बैंक खाता संख्या 42762571204 एनएसडीएल बैंक के खाता संख्या 501023740735, 501024431987 एवं अन्य बैंकों के खातों में जमा करने का संदेश भेजा जाएगा।

Chandauli : भीगी पलको से अपने खेत में लगे आग को देखते रहे किसान चंद मिनटों में ही 150 बीघे गेंहू की फसल जलकर हो गई राख,परिवार के सामने संकट

Young Writer, चंदौली। जनपद में भीषण गर्मियों को देखते हुए आए दिन किसानों के गेहूं की फसल कहीं बिजली के शार्ट सर्किट से तो कहीं अज्ञात कारणों से जलकर राख हो जा रही है। जिससे किसान अपने आप को बेबस और लाचार महसूस कर रहा है। और उसकी पूरी मेहनत आग की लपटों के साथ ही जल जा रही है। जिस कारण उसके परिवार पर संकट के बादले मंडरा जा रहे हैं।
इलिया थाना क्षेत्र के खखडा गांव में शुक्रवार को अज्ञात करणो से गेहूं के फसल में आग लग गई। जिसमें एक दर्जन किसानों का लगभग 150 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीणों ने खेत में लगे आग को काबू में करने का प्रयास किया। लेकिन आग काबू नहीं किया जा सका। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की वाहन ने ग्रामीणों की सहायता से किसी तरह आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक त्रियोगी सिंह 10 बीघा रविंद्र नारायण सिंह 10 बीघा नितेश कुमार सिंह 12 बीघा डब्ल्यू सिंह 11 बीघा बसंतु खरवार 4 बीघा गोपाल सिंह 4 बीघा सतीश सिंह 2 बीघा नागेंद्र सिंह 4 बीघा भूपेंद्र सिंह 4 बीघा सुदर्शन सिंह 3 बीघा बब्लू सिंह 6 बीघा गेहूं की फसल जल कर राख हो चुका था। खेत में आग के दौरान वहां मौजूद किसान पूरी तरह से लाचार और बेबस दिखाई दे रहे थे और उनकी आंखें पूरी तरीके से भीग गई थी। इस बाबत तहसील सुरेश चंद्र ने बताया कि मौक़े पर कानूगो व लेखपाल को भेजा गया है। जल्द ही रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।

Sports Authority of India के हॉस्टल में अभय पटेल का हुआ चयन

Young Writer, Sports Authority of India के हॉस्टल में अभय पटेल का हुआ चयन

Young Writer, DDU Nagar: करवत स्पोर्ट एकेडमी के ताइक्वांडो खिलाड़ी अभय पटेल का भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) के हॉस्टल में अभय पटेल का हुआ चयन) के बॉयस स्पोर्ट हॉस्टल में चयन हुआ।उसके चयन से लोगों में हर्ष व्याप्त हो गया।
कुरनूल आंध्र प्रदेश के साईं हॉस्टल में ताइक्वांडो का ट्रायल 8 फरवरी से 9 को लिया गया था, जिसमें करवत स्पोर्ट्स अकादमी के छात्र अभय पटेल ट्रायल में सफल रहे और अपना चयन जूनियर वर्ग में अपना स्थान पक्का कर लिया। अभय पटेल ताइक्वांडो खेल में बहुत ही उम्दा खिलाड़ी हैं।

राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। अपने माता-पिता के साथ अकादमी व ताइक्वांडो एसोसिएशन चंदौली का मान बढ़ाया है।अभय की ट्रेनिंग करवत स्पोर्ट्स अकैडमी के कोच नीरज पटेल के देखरेख में कर रहे हैं। 17 अप्रैल को कुरनूल के हॉस्टल से ज्वाइन करने का लेटर आया।ईन के कोच नीरज पटेल व घर वालों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा ।इस उपलब्धि पर करवत निवासी अभय पटेल के गांव के प्रधान  विजय पटेल व पड़ोसियों ने बधाई दिए और ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष डॉ मृत्युंजय, डॉ साजू थॉमस, संरक्षक  विनय कुमार वर्मा, मोहम्मद आजाद हुसैन, कृष्ण देव, अमित मिश्रा,श्वेता पटेल ने बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह जानकारी ताइक्वांडो एसोसिएशन चन्दौली के सचिव सतीश कुमार ने  दी।

Naugarh Market में अवैध तरीके से पटरियों पर लग रही दुकानें

नौगढ़ बाजार में लगे जाम में फंसे वाहन।
नौगढ़ बाजार में लगे जाम में फंसे वाहन।

Young Writer, नौगढ़। सड़क की पटरियों पर अवैध रूप से लगाई जा रही दुकानों से कस्बा बाजार नौगढ में आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो जा रही है। बाजार में ठेला खोमचा व स्थायी दुकानदार सड़क की पटरियों पर फैला कर सामान लगाते हैं। जिससे दो पहिया चार पहिया वाहनों व सायकिल से बाजार में खरीदारी करने के लिए आए ग्राहकों को सड़क पर ही अपने वाहन को खड़ा करना पड़ता है।
जिससे आवागमन करने वाले वाहनों को असुविधा होने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। जिसे देख कर भी थाना पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। बीते दिनों पुलिस उपाधीक्षक आपरेशन कृष्ण मुरारी शर्मा ने नौगढ बाजार में पैदल गश्त के दौरान सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों को तत्काल दुकान हटाने का सख्त निर्देश दिया था। जो कि बेअसर रहा। कपड़ा किराना फल सब्जी इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि के साथ ही गर्मी के मौसम में पेय पदार्थों की भी दुकाने सड़क की पटरियों पर लगाए जाने से जाम की समस्या बन रही है। थानाध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण कर के दुकान लगाने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

Chandauli:ट्रैक मैन पद पर तैनात थी रेल हादसे में मृत महिला जीआरपी पुलिस ने किया शिनाख्त,परिजनों में मचा कोहराम


चंदौली। नगर स्थित अटल सेतु ओवर ब्रिज के समीप बुधवार को रेल दुर्घटना में मृतक महिला की शिनाख्त जीआरपी ने कर लिया है। मृतक महिला सुमित्रा देवी 59 वर्ष चंदौली कोतवाली क्षेत्र के बसिला गांव निवासी थी, जो रेलवे में ट्रैक मैन के पद पर चंदौली में कार्यरत थी। जीआरपी ने पंचनामा करके शव को पोस्टमार्टम के जिला जिला अस्पताल भेज दिया।
बताते हैं कि बसिला गांव निवासी सुमित्रा देवी 59 वर्ष बुधवार को ड्यूटी समाप्त होने के बाद रेलवे ट्रैक पार करके कैली रोड पर ऑटो पकड़े के लिए जा रही थी। जैसे ही सुमित्रा देवी अटल सेतु ब्रिज के नीचे पहुंची की पीछे से आ रही तेज़ रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आ गयी। इस घटना में सुमित्रा देवी का मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद घटनास्थल पर पहंुची जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत जीआरपी चौकी प्रभारी हरिशंकर ने बताया कि मृतका सुमित्रा देवी जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजन उन्हें खोजने हुए जीआरपी चौकी पहुंचे, जहां कपड़ों से परिजनों ने शव की शिनाख्त की। सुमित्रा देवी रेलवे में ट्रैक मैन के पद पर कार्यरत थी, जिनकी किसी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों की सौप दिया गया है।
इनसेट–
बेटियों के रुदन से लोगों की आंखें हुई नम
चंदौली। क्षेत्र के बसिला गांव निवासी नंदलाल रेलवे में गैंगमैन पर के कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी सुमित्रा को नौकरी मिल गई थी। जिनके कंधों पर आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। सुमित्रा देवी ने 6 बेटियों की शादी कर दिया था। लेकिन दो बेटियां अभी शादी करना है। जैसे ही मां के मौत की खबर बेटी शशिकांति 20 वर्ष और उजाला कुमारी 23 वर्ष को मिली उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। मां की मौत के बाद दोनों बेटियां बेसहारा हो। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर गांव के लोगों व रिश्तेदारों की भी भीड़ लग गई। वहीं बेटियों के करुण रुदन से लोगों की आंखें नम हो गई।

Chandauli:स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध हॉस्पिटल पर की छापेमारी,एक सील आधा दर्जन को बंद करने का निर्देश मची खलबली


धानापुर में अवैध रूप से संचालित अस्पताल सील
आधा दर्जन हास्पीटलों को बंद करने का निर्देश
सकलडीहा। सीएमओ डा.वाईके राय के निर्देश पर गुरूवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण और डिप्टी सीएमओ डा. संजय सिंह टीम के साथ सकलडीहा, कमलापुर, धानापुर और बरहनी क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक हास्पीटलों का औचक निरीक्षण किया। जहां पर एक हास्पीटल को सील करा दिया गया। शेष आधा दर्जन हास्पीटल संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए बंद कराने का निर्देश दिया गया। विभागीय जांच पड़ताल से हास्पीटल संचालकों में खलबली मच गयी है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण धानापुर में शिव शक्ति हास्पीटल, धानापुर हास्पीटल, संध्या हास्पीटल, आशुतोष पालिक्लिनिक, कमलापुर में न्यू शिवांग हास्पीटल, बरहनी में बीडी मेमोरियल और सद्गुरू हास्पीटल सहित अन्य हास्पीटलों की जांच किया। जहां पर कोई रजिस्टर्ड चिकित्सक भी मौजूद नहीं था। हास्पीटलों का पंजीयन भी नहीं हुआ था। सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं के बारे में पूछने पर हास्पीटल संचालकों द्वारा जानकारी तक नही दिया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण ने धानापुर में एक हास्पीटल को सील कराया। शेष हास्पीटल संचालकों को बगैर पंजीयन कराये और पंजीकृत डाक्टरों के बगैर हास्पीटल का संचालन पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्देश दिया। चेताया कि बगैर पंजीयन हास्पीटल् का संचालन होने पर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। इसके अलावा सकलडीहा के ईटवा में एक हास्पीटल संचालक बगैर पंजीयन आपरेशन से लेकर मेडिकल स्टोर और मरीजों को भर्ती कराये जाने को संज्ञान में लेते हुए अधीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया। विभागीय जांच पड़ताल से हास्पीटल संचालकों में खलबली मच गया। इस बाबत अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण ने बताया कि बगैर पंजीयन हास्पीटल या पैथलॉजी चलाने पर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ संजय सिंह, सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव सहित अन्य रहे।

समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने शशांक यादव

समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने शशांक यादव
समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने शशांक यादव

Chandauli : समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने जनपद के जिगना निवासी शशांक यादव को समाजवादी छात्र सभा के राज्य कार्यकारिणी में जगह दी है। उन्होंने शशांक को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा। नए दायित्व के साथ ही उन्होंने शशांक यादव को जिम्मेदारी दी है कि युवाओं को समाजवादी पार्टी से जोड़े और छात्र राजनीतिक में समाजवादी विचारधारा को युवाओं तक पहुंचाने का काम करें। उनके मनोनयन से जिगना समेत चंदौली के युवा समाजवादियों ने खुशी जाहिर की। कहा कि शशांक यादव से संगठन को मजबूत बनाने के दायित्व का मजबूती के साथ निर्वहन होगा।

Chandauli:अज्ञात वाहन ने ऑटो को मारी टक्कर चालक की मौत,ग्रामीणों ने कर दिया चक्काजाम अधिकारियों ने ऐसे समझा कर कराया शांत


नियामताबाद। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव के समीप नेशनल हाईवे पर बुधवार की देर रात अज्ञात वाहन की चपेट में आने से आटो चालक की मौत हो गई। हादसे से नाराज ग्रामीण ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। और मुवावजे की मांग करने लगे। आनन फ़ानन में घटनास्थल पर पहुचे अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार व सीओ अनिरुद्ध सिंह व अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया और शव की कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
बताते हैं कि अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेवसा गांव निवासी संतोष यादव 35 वर्ष आटो चलता था। देर रात आटो लेकर वह अपने घर जा रहा था। इसी दौरान रेवसा गांव के समीप नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन ने उसके ऑटो में जोरदार टक्कर दी। घटना में आटो सहित संतोष सडक पर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आस पास के लोगो ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वही हादसे से नाराज रेवसा गांव के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। और उचित मुवावजे की मांग करने लगे। जाम की सूचना मिलते ही मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी विनय कुमार सिंह, एसडीएम विराग पांडेय, क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह, सदर क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया और उचित मुवावजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस बाबत एएसपी विनय कुमार सिंह ने बताया की हाइवे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर आटो चालक की मौत हो गई है। पुलिस मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए हाइवे जाम कर रखा था। समझा-बुझाकर आवागम शुरू करा दिया गया है।

Fire Accident : भीषण आग में तीन गरीब परिवारों की गृहस्थी जलकर हुआ खाक

Young Writer, इलिया। क्षेत्र के बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। इसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। और आज की चिंगारी तीन घरों तक जा पहुंची। आज की लपटे उठना देखकर घरों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया लोग किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकले और अपने घरों में बंधे कुछ मवेशियों को बाहर निकाल लिया लेकिन कुछ मवेशी आग की चपेट में आने से जलकर खाक हो गए। और उनकी मौत हो गई। वहीं लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दिया। लेकिन सूचना के घंटे बाद भी मौके पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आज पर काबू पाया। लेकिन तब तक गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। वही परिवार की महिलाएं और बच्चियों का रो-रोकर पूरी तरह से बुरा हाल था। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील व जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई जिसमें गांव के रामदुलार राम की दो मोटरसाइकिल दो साइकिल चलकर राख हो गई। मड़ई में बंधी एक गए झुलस गई। इसके अलावा रामदुलारे की पत्नी जीआछी देवी (60 वर्ष) आग बुझाने में झुलस गई। वहीं इसके अलावा पड़ोसी हेमराज की मड़ई में बधी चार बकरियों की आज की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई। वही 12 मन गेहूं सहित अन्य खाद्य सामग्री और साइकिल इत्यादि सामान जलकर खाक हो गया। वहीं पड़ोसी राधे राम के घर में रखा टिल्लू इंजन पाइप बाइक साइकिल के साथ-साथ गृहस्थी का सामान भी पूरी तरीके से जलकर राख हो गया। इसके अलावा राधे राम की भी एक भैंस आंख की चपेट में आकर झुलस गई।

आग लगने के बाद किसी तरह ग्रामीणों की मदद से तीनों परिवारों के घरों में कुएं से पानी खींचकर आग बुझाई गई। वही उनके घरों में रखा कुछ सामान लोगों ने बाहर निकलवाया। हालांकि आग लगने के बाद अब तीनों परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है जिससे कि उनका जीविकोपार्जन हो सके।

सूचना देने के बावजूद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी देते हुए सूचना दिया लेकिन सूचना के बावजूद भी फायर ब्रिगेड में तैनात कर्मचारी करते रहे और आग लगने तक नहीं पहुंचे। आग बुझाने जाने के डेढ़ घंटे बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने खाना पूर्ति किया। ऐसे में फायर ब्रिगेड के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने जिला प्रशासन से लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

किसी तरह मजदूरी और ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करते हैं परिवार के लोग
बनरसिया गांव में अज्ञात कारणों से आग लगने के बाद आग लगी में रामदुलार और राधे राम के परिवार के लोग किसी तरह मजदूरी कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं इसके अलावा हेमराज अपना ठेला लगाकर फेरी करके ट्रॉफी बिस्कुट की बिक्री करते हुए अपने जीविका चलाते हैं। लेकिन आग लगी की घटना के बाद ठेला भी जलकर राख हो गया ऐसे में उनके सर पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिजनों का रो-रोकर था बुरा हाल
बनरसिया गांव में आगलगी की घटना के बाद पीड़ित परिवारों के साथ-साथ उनके घर की महिलाओं और बच्चियों का रो-रोकर पूरी तरीके से बुरा हाल था। उनका कहना था कि अब उनका जीविकोपार्जन कैसे चल पाएगा। और वह अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

लोकसभा चुनाव : दर्शक होने की नियति में

लोकसभा चुनाव : Young Writer

Young Writer, ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह

चुनाव की हवा बहने लगी है। डालें हिलने लगी हैं। पत्ते झरने लगे हैं। जड़े डरने लगी हैं।
संचार माध्यमों में सवालों की आँधी आ गई है। जो भी सवाल उछल रहे हैं। उछाले जा रहे हैं। वे सारे सवाल उनके ही सवाल हैं, जिनके लिए चुनाव खेल है। जो सत्ता हथियाने के खिलाड़ी है, पक्ष-प्रतिपक्ष में वे सवालों की गेंद फेंक रहे हैं। कोई गेंद फेंक रहा है। कोई बल्लेबाजी कर रहा है। इस मैच में जो गेंद सबसे अधिक बार फेंकी जा रही है, वह गेंद संविधान की है। हमारा संविधान हमारे लोकतंत्र में गेंद बन गया है। ऐसा क्यों है? यह भी एक सवाल है। मगर यह सवाल कहीं नहीं है।

हमारे देश में जबसे जनतंत्र स्थापित हुआ है, तबसे राजनीति संविधान का इस्तेमाल तलवार की तरह कभी करती दिखती है, कभी ढाल की तरह। संविधान राजनीति के हाथ में है, हमेशा संविधान के हाथ में कुछ नहीं है।
जनता के सामने बार-बार दुहाई दी जाती है संविधान की। उधर जनता है कि संविधान के बारे में उसे कुछ पता ही नहीं है। उसकी कोई जानकारी ही नहीं है। जनता को संविधान के बारे में कुछ भी जानकारी देने का उद्योग सरकार का कभी मकसद ही नहीं रहा। कितने दुर्भाग्य की बात है। मगर ऐसा है। संविधान का जनता से कोई सीधा सरोकार नहीं है। वह केवल सरकार, जजों और काले कोट के वकीलों के लिए जीविका का निमित्त है। आज भी हमारे सारे कानून कोर्ट-कचहरी के परिसर की चार दीवारी में कैदी की तरह हैं। जन जीवन में कहीं भी संविधान की जीवित उपस्थिति नहीं है। फिर भी संविधान की रक्षा की गुहार जनता से लगाई जा रही है। कैसा विडम्बनापूर्ण है। यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा जोखिम है। हमारे लोकतंत्र में यह जोखिम का खेल सभी मिलकर खेल रहे हैं। सभी कहते हैं,- जनता ही सबकुछ है। मगर सभी के लिए जनता कुछ भी नहीं है।

कुछ लोग पसीने में डूब-डूब चीख रहे हैं। चिल्ला रहे हैं, संविधान संकट में है। संविधान की हत्या की साजिश रची जा रही है। जनता को गुहार रहे हैं, गला फाड़-फाड़ कर कि संविधान की रक्षा करो। जनता देख रही है, चिल्लाने वाले, चीखने वाले भयानक संकट में फँसे हैं। यह क्या है? कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने संकट को संविधान का संकट कहने का नया राजनीतिक पैंतरा चल पड़ा है। जो भी हो जनता को नहीं पता। वह तो मुंह बा कर चीख-चिल्लाहट सुन रही है।

कुछ लोग गरज रहे हैं। सीना फुला-फुला कर, ताल ठोंक-ठोंककर बोल रहे हैं, वे संविधान की रक्षा में मुस्तैद हैं। वे जो भी कर रहे हैं, संविधान की रक्षा के लिए है। वे जो भी कर रहे हैं, संविधान को मजबूत बनाने के लिए कर रहे हैं। संविधान मजबूत रहेगा तो देश मजबूत बना रहेगा ।देश मजबूत रहेगा तो जनता सुखी रहेगी।संविधान, संविधान न हुआ ब्यायी हुई गाय हो गया है। उसे खाली भूसा खिलाओ। खिलाकर पेन्हाओ। फिर दूध निकाल लो। दूध पियो।फिर दूध से दही मक्खन खाओ।पनीर , खोआ जो मन हो बना लो। जैसी मर्जी मिठाई खाओ। मजा ही मजा है।

हमारे जनतंत्र में, जनतंत्र के चुनाव में जनता क्या है? जनता देख रही है। जनता देखती आ रही है। जनता देख रही है कि उसका होना विद्यालय में विद्यार्थी की तरह होना है। विद्यार्थी का होना ही अध्यापक के होने को अर्थ देता है। मगर विद्यार्थी का होना अध्यापक के लिए केवल अवसर है। उसके तनख्वाह पाने का अवसर। उसकी गरिमा का अवसर। विद्यार्थी का होना अध्यापक को सारे अधिकार देने के लिए होना है। जनतन्त्र में जनता का होना सरकार को शासन की शक्ति देने के लिए बस होना भर है।

जनता देख रही है, जनतंत्र के इस महान चुनावी मैच में जनता की हैसियत क्रिकेट मैच में दर्शक होने की हैसियत भर है। जनता अपनी इस हैसियत में भी खुश है। खुश न हो भी हो तो क्या फर्क पड़ता है खेल में। सो ठीक ही है, तमाशा देखना ही है तो खुश होकर देखो। वह देख रही है। वह दारु पी-पीकर, मुर्गा खा-खाकर, खेल देख रही है। यह भी तो मजा है। इतना भी कम थोड़े है। कुछ बुद्धिजीवी हैं, पत्रकार हैं लेखक हैं, वे अपने अभिमान में अकड़कर खेल की कमेण्टी कर रहे हैं। उनके बड़प्पन का सिम्बल उनके हाथ में माइक है, अखबार है, कलम है। दर्शक उन्हें देख रहे हैं, सुन रहे हैं, कम है! वे खिलाड़ियों के कौशल का बखान कर रहे हैं। उनकी कमियों का खुलासा कर रहे हैं। उनकी चूकों को उजागर कर रहे हैं। खेल को दर्शकों के लिए रोचक बनाए रखने का काम उनका काम है।

यद्यपि सारी जनता, जनता ही है। उसकी मूल नियति एक जैसी ही है। सबकी भूमिका दर्शक की ही है। फिर भी….। फिर भी जनता में कई तरह के लोग हैं। कुछ लोग हैं जो टिकट खरीद कर खेल को ग्राउण्ड में देखते हैं। वे अत्यन्त निकट से खेल देखते हैं। वे निकट से खेल ही नहीं खिलाड़ियों को भी देखते हैं। इस निकटता का उन्हें विशेष सुख मिलता है। ग्राउण्ड पर खेल देखने वाली दर्शक जनता को इस भ्रम का भी विशेष सुख मिलता है कि उनकी तालियों की गूँज खेल और खिलाड़ी को प्रभावित करती है। उन्हें इस बात का भी गुमान रहता है कि खिलाड़ी भी उनको देख रहे हैं।

मगर जनता में अधिकांश जनता वह दर्शक है जो खेल को बहुत दूर से स्क्रीन पर देखती है। वह खिलाड़ियों को देखती है, लेकिन खिलाड़ी उसे नहीं देखते हैं। वह भी ताली बजाती है। उछलती-कूदती है। जीत का जश्न और हार का मातम मनाती है। इतना मजा भी कोई कम नहीं है। ताली बजाने का सुख, जय बोलने का आनन्द भी रोज-रोज कहाँ मिलता है।
बहुत-से सवाल हैं, जो चारों तरफ से मुझे घेरे हैं। सवालों के घेरे में घिरकर मैं सोचता हूँ कि हमारे जनतंत्र में जनता खेल में केवल दर्शक क्यों है?

कबसे जनता सिर्फ सरकार के लिए क्यों है? सरकार जनता के लिए क्यों नहीं है?
सवाल और भी हैं। बहुत हैं। बहुत तरह के हैं। मगर किससे पूछे। सवाल पूछने की इजाजत नहीं है।
जिनके हाथ में संविधान है, हथियार की तरह वे कोई भी सवाल पूछने का मौका नहीं देते। उनकी नजर में सवाल पूछना संविधान के खिलाफ है। संविधान के खिलाफ जो भी है ,जो कुछ भी है, अपराध है।
संविधान के अनुरूप, संविधान के अनुकूल केवल चुनाव का खेल देखना है। ताली बाजाना है। उछलना है। कूदना है। जनता को न जीतना है। न हारना है। फिर भी जश्न मनाना है। फिर भी मातम मनाना है।

अगर आप जनता हैं। जनता में से हैं। तो सवालों की कुछ मत सुनिए। कान में तेल डाल लीजिए। ताली बजाइए पूरा जोर लगाकर। खूब उछलिए। खूब कूदिये। खेल को रोचक और रोमांचक बनाए रखने में अपना पूरा-पूरा कर्तव्य निभाइए। अपना पूरा योगदान रखिए। यह आपका नागरिक धर्म है। अपने धर्म का पालन ही सुख का आधार है। अपने धर्म के पालन का आँख मूँदकर सुख लूटिए। सुख से भरकर बोलिए,- ‘‘जय जनता। जय जनतंत्र।’’ इस महादेश के महान जनतंत्र में जनता का दर्शक की नियति में होना कितने दुर्भाग्य की बात है, कभी मत सोचिए। इस महादेश की समूची गरिमा उनकी है। सारा इतिहास, सारा भूगोल उनका है। इन सबके बारे में सोचने, समझने का हक उनका है। आप केवल दर्शक हैं। जो दिख रहा है, बस देखिए।

Dr. Umesh Prasad Singh
Lalit Nibandhkar (ललित निबंधकार)
Village and Post – Khakhara,
District – Chandauli, Pin code-232118
Mobile No. 9305850728
Chandauli
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