चंदौली। जनपदवासियों के लिए राज्यसभा सांसद साधना सिंह की पहल रंग ले आया हैं। जिनके प्रयास से जल्द ही जनपदवासियों को एक बार फिर नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस की सौगात मिलने वाला हैं। जिससे लोगों को गया से नई दिल्ली सफर करने में काफी सहूलियत होगा। दरसअल राज्यसभा सांसद ने चंदौली वासियों को ट्रेन से आवागमन में हो रही परेशानियों को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्रक के माध्यम से नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस ट्रेन को चंदौली-मझवार स्टेशन पर ठहराव के लिए आग्रह किया था। जहा जनपदवासियों के परेशानी को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस के ठहराव को स्वीकृत कर दिया गया है। अब जल्द ही चंदौली मझवार पर नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस के ठहराव होने वाला हैं। जिससे चंदौली वासियो में हर्ष व्याप हैं।
चंदौली। जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव के नेतृत्व में अंबेडकर सुरक्षा समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मंडल बुधवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिला। साथ ही धरौली ग्राम सभा की सरकारी जमीन को डॉ० भीम राव अम्बेडकर व संत रविदास के नाम आवंटन करने व मूर्ति स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि डॉ० भीम राव अम्बेडकर सुरक्षा समिति विगत कई वर्षों से ग्राम सभा में सखाज की गददा पोबारी पर डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयंती एवं संत रविदास जयंती समारोह का आयोजन करते चले आ रहे है। लेकिन वर्तमान में जमीन समतल हो गया है। जिसके कारण वहा कार्यक्रम करने के लिए मना कर दिया जाता हैं। कहा कि डॉ० भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा एवं संत रविदास प्रतिमा स्थापित तथा समारोह करने के लिए गाँव सभा में जमीन दिया जाए। सकुशल कार्यक्रम को सम्पन्न कराया जाए। इस दौरान उमेश चंद्र, मगरुराम,गोकुल प्रसाद,अनिल कुमार, बासुदेव, संतोष कुमार,सदानंद यादव आदि मौजूद रहें।
चंदौली। प्रबंध निदेशक पूर्वांचल निगम के निर्देश पर बुधवार को अधिशासी अभियंता अरबिंद कुमार व उपखंड अधिकारी विवेक मोहन के नेतृत्व में बिजली विभाग व बिजलेंस की संयुक्त टीम ने चकिया क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिजली विभाग की टीम ने चार कटियामारो पर एफआईआर दर्ज कर 42 बड़े बकायादारों के कनेक्शन काट दिए। साथ ही बकायदारों से 1.45 लाख राजस्व वसूल किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिजली विभाग व बिजलेंस की सात टीमें गठित कर क्षेत्र में अवैध कनेक्शनधारियों व बड़े बकायदारों के खिलाफ मेगा ड्राइव अभियान चलाया गया। जिसमें चार उपभोक्ता बिजली की चोरी करते पकड़े गए। जिनके ऊपर एफआईआर दर्ज कराया गया। इसके साथ ही 42 घरों की बिजली बिल बकाया होने पर उनका कनेक्शन काट दिया गया। साथ ही बड़े बकायदारों से 1.45 लाख राजस्व वसूल किया गया। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी एवं बकायेदारों के खिलाफ बिजली विभाग व बिजलेंस टीम द्वारा निरंतर अभियान चलाया जाएगा। साथ ही बिजली चोरी करने वालो के खिलाफ कठोर कार्यवाई की जाएगी। इस दौरान उपखंड अधिकारी अमर सिंह पटेल, संतोष कुमार, मिथिलेश बिंद, अवर अभियंता सुनिल कुमार, राजकुमार, प्रदीप कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
चंदौली। मुख्यालय स्थित कचहरी पार्क में बुधवार कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंदौली के शिल्पकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की 120 जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्यातिथि मिर्जापुर जिले के मड़िहान से पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि सैयदराजा पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके कृतित्व एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ ही उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान मुख्यातिथि ललितेश पति त्रिपाठी ने कहा कि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री स्व कमलापति त्रिपाठी ने पूर्वांचल के हर जिलों में अभूतपूर्व कार्य किया है। चंदौली हमेशा से उनकी कर्मभूमि रही हैं। जहा उन्होंने ने विकास की गंगा बहाई हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री, केंद्र के मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में देश और प्रदेश की सेवा की। लेकिन उन्होंने अपना जीवन चंदौली के लिए समर्पित कर दिया। और चंदौली को विकास का आधारभूत ढांचा प्रदान किया। पूर्व सैयदराजा विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी ने जनपद में लिफ्ट पंप कैनाल बांध प्रणाली की दो हजार किलोमीटर नहरों का जाल, विद्युत, सड़क पुल,अस्पतालों एवं पॉलिटेक्निक सहित डिग्री कॉलेज एवं माध्यमिक शिक्षा की कई दर्जन संस्थाओं का जाल बिछाया। साथ ही चंदौली को बाढ़ और अकाल से मुक्त कर धान का कटोरा बना दिया। जिसको जनता कभी भुला नही सकती। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण दृवेदी, कांग्रेस महासचिव देवेंद्र मुन्ना,पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी,सत्यमूर्ति ओझा,नगरपंचायत अध्यक्ष सुनील यादव गुड्डू,मधु राय, नवीन सिंह बबलू, राहुल सिंह, माधवेन्द्र मूर्ति ओझा, गंगा राम, सुर्यनाथ सिंह, धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन शिवेंद्र मिश्रा ने किया।
स्ट्रीट व हाई मास्क लाइटों की खरीद में जमकर हो रही कमीशनखोरी
Young Writer, इलिया। शहाबगंज विकास खण्ड की ग्राम पंचायतों में विकास की राशि को लेकर बड़ा खेल खेला जा रहा है। गाँवों को रोशन करने के नाम पर पंचायत सचिव और ब्लॉक कर्मचारी अंधेरे में डाका डाल रहे हैं। बाजार में तीन सौ से पाँच सौ रुपये की साधारण स्ट्रीट लाइट को पंचायतों से पंद्रह सौ से दो हजार रुपये में वसूला जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा घोटाला हाई मास्क लाइट सप्लाई में सामने आ रहा है।
बाजार में तीस से पैंतीस हजार रुपये में उपलब्ध हाई मास्क लाइट का भुगतान पंचायत से डेढ़ लाख से लेकर एक लाख अस्सी हजार रुपये तक किया जा रहा है। यानी कीमत से पाँच से छह गुना अधिक। इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि भुगतान शिव इंटरप्राइजेज, जय बजरंग, मेसर्स वैष्णवी इंटरप्राइजेज जैसी बाहरी फर्मों को किया जा रहा है। इनका कोई टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं हुई, फिर भी इन्हें लाखों रुपये की सप्लाई का ऑर्डर और भुगतान मिल रहा है। हर रोज़ बनारस और जौनपुर से आने वाले सप्लायर ब्लॉक दफ्तरों में पंचायत सचिवों और कंसल्ट इंजीनियरों के साथ जमावड़ा लगाते हैं। वहीं बैठकर सप्लाई और भुगतान का पूरा खेल रचा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे घोटाले में एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव और कंसल्ट इंजीनियर ही नहीं, ब्लॉक स्तर के कर्मचारी भी बराबर हिस्सेदार हैं। मोटा कमीशन बँटवारे के बाद ही फर्जी फर्मों को भुगतान जारी होता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी चुप क्यों हैं? क्या उन्हें भी इस खेल का हिस्सा माना जाए या वे “बड़े दबाव” में मौन साधे हुए हैं? गाँवों में जहाँ हर घर तक रोशनी पहुँचाने की बात हो रही है, वहीं हकीकत यह है कि लाखों-करोड़ों की पंचायत निधि जेब में पहुँच रही है। ग्रामीण अब यह पूछ रहे हैं कि आखिर पंचायत का पैसा गाँव के विकास में खर्च होगा या भ्रष्टाचारियों की जेबें भरने में? किसके इशारे पर फर्जी फर्मों को इतना खुला संरक्षण मिल रहा है? कब होगी इस घोटाले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होगी?
क्या कहती है नियमावली? इलिया। पंचायती राज अधिनियम और सरकारी खरीद प्रक्रिया नियमावली के अनुसार क 25 हजार से ऊपर की किसी भी खरीदारी ग्राम पंचायत स्तर पर खुली निविदा (टेंडर) से की जानी अनिवार्य है। बिना टेंडर प्रक्रिया के किसी भी बाहरी फर्म को भुगतान करना नियम विरुद्ध और अवैध है। किसी भी सामग्री की खरीद दर सूची या सरकारी मान्यता प्राप्त आपूर्तिकर्ता से ही की जानी चाहिए। सीधे सप्लायर को भुगतान करना और फर्जी फर्मों को प्राथमिकता देना, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
Young Writer, चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू व मछुआरा समाज के विरोध के बाद सरकार व मत्स्य महकमा मंगलवार को बैकफुट पर नजर आया। भारी जन विरोध का हवाला देते हुए मत्स्य विभाग ने गंगा में मछली मारने के टेंडर पर रोक लगाने की आधिकारिक घोषणा कर दी। मंगलवार को सहायक मत्स्य निदेशक वाराणसी ने वीडियो जारी कर शासनादेश का हवाला देते हुए टेंडर को रोके जाने की जानकारी दी। जैसे ही यह जानकारी जिले के मछुआरा समाज के लोगों तक पहुंची, उनमें खुशी की लहर दौड़ गयी। इसी मछुआ समाज ने अपनी जीत के तौर पर देखा। कहा कि यह जीत समाज की एकता और सपा नेता मनोज सिंह डब्लू के कुशल नेतृत्व का परिणाम है। साथ ही उन्होंने सपा नेता के प्रति आभार व्यक्त किया।
नरौली में मछुआरा समाज के लोगों का मुंह मीठा कराते महंगू राम।
विदित हो कि मत्स्य विभाग ने शासन के आदेश में जनपद चंदौली में कैली से लेकर महुजी तक गंगा नदी में मछली पकड़ने के लिए टेंडर का प्रकाशन किया था। टेंडर के मुताबिक गंगा में पांच-पांच किलोमीटर पर मछली पकड़ने के लिए ठेका दिए जाने का प्रावधान था। ऐसे में जैसे ही टेंडर की जानकारी हुई मछुआरा समाज में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गयी। इसके बाद मछुआरा समाज ने इसे रोकने के लिए हरंसभव प्रयास किया। अधिकारियों, नेताओं व जनप्रतिनिधियों के यहां गुहार लगाई। अपनी आजीविका का हवाला देते हुए मदद की गुजारिश की। ऐसे में सपा नेता मनोज सिंह डब्लू से भी मछुआरा समाज के लोग मिले और अपनी व्यथा को उनके समक्ष रखा। मछुआरा समाज की आजीविका व उनके आर्थिक, सामाजिक ताने-बाने व उनके अस्तित्व को संकट में देखकर सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू ने एक सितंबर को जनपद के नरौली गंगा घाट से महुजी तक नाव यात्रा निकाली। उन्होंने मछुआरा समाज के लोगों से उनके गांव-मोहल्ले में जाकर मुलाकात की और उन्हें सजग और एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। अंततः महुजी आते-आते एक बड़ा जन समूह सरकार व मत्स्य मंत्री संजय निषाद से सवाल करने के लिए तैयार हो गया। अभी मछुआरा समाज मत्स्य मंत्री व सरकार से सवाल के मूड में था कि बदली परिस्थितियों को देखते हुए सरकार व मत्स्य मंत्रालय ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए गंगा में मछली पकड़ने के टेंडर को रोकने का निर्णय लिया और सहायक मत्स्य निदेशक द्वारा वीडियो जारी करके शासन के इस फैसले से अवगत कराया गया। इसकी जानकारी होते ही मछुआरों की बस्ती में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। मछुआरा समाज ने इस जीत पर खुशी जाहिर की और एक-दूसरे का मुंह मीठा कर इसका इजहार भी किया। नरौली गांव में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महंगू राम ने महुआरा समाज के लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी की इजहार किया।
यात्रा के दौरान मछुआरा समाज के लोगों को संबोधित करते मनोज सिंह डब्लू।
मछुआरा समाज की आजीविका पर आघात बर्दाश्त नहींः मनोज सिंह डब्लू गंगा में मछली मारने के नैर्सिग अधिकार अतिक्रमण करने का हो रहा प्रयास चंदौली। मछुआरा समाज की आजीविका इस वक्त संकट में है। ऐसे में सैयदराजा के पूर्व विधायक और सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू सोमवार को मछुवारा के संकट मोचक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने मछुआरा समाज की आवाज को सरकार पर पुरजोर तरीके से पहुंचाने के लिए नरौली से महुजी तक नाव से यात्रा की। गांव-गांव गंगा के तट पर बसे मछुआ समाज के लोगों से मिले, उनका दर्द बांटा और आंसू पोछे। कहा कि आज मछुआरा समाज खून के आंसू रो रहे हैं और इसके लिए भाजपा सरकार और मत्स्य मंत्री संजय निषाद जिम्मेदार है। साथ ही इस फैसले को वापस लेने के लिए सरकार और सूबे के मत्स्य मंत्री को घेरने की चेतावनी दी। कहा कि सरकार गंगा में मछली मारने के टेंडर को निरस्त करें।
नाव यात्रा के दौरान मछुआरा समाज के लोगों की समस्याओं पर चर्चा करते मनोज सिंह डब्लू।
इस दौरान उन्होंने नरौली गंगा घाट से अपनी यात्रा का आगाज किया। इसके बाद वे मछुआ समाज के लोगों के साथ बड़ौरा, अमादपुर, नगवां, सोनहुली, गुरैनी, कवलपुरा, प्रहलादपुर होते हुए महंुजी पहुंचे, जहां संक्षिप्त सभा में उन्होंने मछुआ समाज के लोगों को अपने हक-अधिकार के लिए सजग किया। सोनहुली के दोपहर भोजन के दौरान सपा नेता मनोज सिंह डब्लू ने भाजपा सरकार द्वारा जारी टेंडर से मछुआरा समाज की आजीविका, आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की।
मछुआरों ने बताया कि गंगा में मछली पड़कने का जो टेंडर सरकार की ओर से लाया जा रहा है। यदि वह लागू हुआ तो मछुआरा समाज पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। गंगा में जाल डालने का नैसर्गिक अधिकार खत्म हो जाएगा। मां गंगा के सहारे हमारी कई पीढ़िया चली आ रही। उस पर सरकार अपने टेंडर से अतिक्रमण करने का प्रयास कर रही है। यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है जिसे अंतिम सांस तक लड़ा जाएगा।
इसके बाद महुंजी में पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने उक्त टेंडर को तुगलकी फरमान बताया। कहा कि मछुआरा समाज की आजीविका पर किसी भी तरह का आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मछुआरा समाज के पास न तो जमीन है और ना ही मकान। इनकी खेती और आजीविका मां गंगा हैं। ऐसे में टेंडर हो गया तो ठेकेदार जिसे चाहेगा, वही व्यक्ति गंगा में जाल डाल पाएगा और गंगा में नाव भी उसी को होगी जिसके पास ठेकेदार द्वारा जारी स्लिप होगा। ऐसा नहीं होने पर मछुआ समाज को मार भी खानी होगी और जेल भी जाना होगा। यही वजह है कि आज मछुआरा समाज में आर्थिक अराजकता का माहौल कायम हो गया है। समाज के लोग डरे और सहमे हुए हैं। ऐसी परिस्थितियों से मछुआरा समाज को बाहर निकालने के लिए यह यात्रा निकाली है।
हर गांव और मजरे से लोगों को जोड़ा जा रहा है और टीम बनाकर मत्स्यमंत्री संजय निषाद से मिला जाएगा, ताकि लोग उनसे यह सवाल किया जाय सके कि वह अपने समाज के लोगों के साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं। अंत में मनोज सिंह डब्लू ने भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की इस मुद्दे पर चुप्पी को मछुआरा समाज के खिलाफ बताया। कहा कि भाजपा के इन नेताओ की चुप्पी ने समाज को ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। लेकिन अब मछुआरा समाज इसका जवाब अपने वोट से देने का काम करेगा। इस अवसर पर महंगू राम, राम दुलारे कनौजिया, मूरत निषाद, उमा निषाद, गुड्डू निषाद, रामा निषाद, अनिल निषाद, अरविन्द निषाद, मंटू निषाद, रामेंद्र निषाद, संतोष उपाध्याय, दशमी राम, सुन्दर राम, छोटू सिंह, बलवंत सिंह, आंनद सिंह, अनिल मिश्रा, चिरकुट सिंह, भंटा सिंह, शंकर राम, मंजूर अंसारी उपस्थित रहे।
बंदरों ने जमकर मचाया उत्पात आवागमन करने वाले लोग दुबकने को हुए मजबूर नौगढ़। स्थानीय कस्बा में त्रिमुहानी के समीप रविवार की सुबह दो अलग-अलग झुंडों में आए बंदरों ने जमकर उत्पात मचाया। जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई। बाजार वासियों के साथ ही सड़क पर पैदल सायकिल व दोपहिया वाहनों से आवागमन करने वाले लोग भी दुबकने को मजबूर हो गए। दुर्गा मंदिर पोखरा की ओर से आ रहे बंदरों के झुंड को देखकर चकिया बस स्टैंड की तरफ से आए झुंड ने हमला बोल दिया। देखते ही देखते बाजार बंदरों के गुरिल्ला युद्ध का मैदान बन गया था। बंदरों के बीच करीब आधे घंटे तक कूद-फांद और नोच-खसोट का सिलसिला चलता रहा। जिसे देखकर महिलाएं, पुरुष व बच्चे भयभीत होकर घरों के अंदर दुबक गए। कई दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद कर लीं। बाजार में अचानक सन्नाटा पसर गया। बंदरों का झुंड न केवल सड़कों पर बल्कि घरों के बारजा, टीन शेड और छतों पर चढ़कर उछल-कूद करने लगा। इससे लोग खिड़की-दरवाजे बंद कर अंदर से ही टकटकी लगाए हालात देखते रहे। कुछ युवकों ने हिम्मत जुटाकर लाठी-डंडा लेकर बंदरों को भगाने की कोशिश किया। लेकिन उत्पात मचा रहे बंदरों की संख्या व आक्रामकता के आगे युवा भी असहाय नजर आए। बंदरों की चीख-पुकार और झगड़े की तेज आवाज को गूंजने से लोग बहुत काफी भयभीत होकर इधर उधर भागने लगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नौगढ़ बाजार में बंदरों का उत्पात आए दिन होता रहता है। कस्बा और गांवों में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदरों का झुंड आए दिन बाजार में फलों और खाने-पीने की चीजों की तलाश में अक्सर दुकानों व घरों में घुस जाते हैं। अनेकों बार बंदरों का हुए हमला से दर्जनों वृद्ध युवा बच्चे और महिलाएं जख्मी भी हो गये हैं। व्यापारियों का कहना है कि बंदरों के आतंक से रोजाना दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दिन के साथ ही रात्रि में भी बंदरों का झुंड बाजार में धमाक चौकड़ी करता रहता है। लोग बंदरों को छिनने के भय से खुलेआम सामान लेकर चलने में भी डरते हैं। बच्चों के हाथ से खाने की वस्तुएं छीनकर भाग जाना आम बात हो गई है। वन विभाग और प्रशासन की ओर से बंदरों के इस बढ़ते आतंक पर समय रहते अंकुश लगाने का प्रबंध नहीं होने से किसी दिन कोई बड़ी घटना हो जाने की संभावना ब्यक्त किया जा रहा है। करीब आधे घंटे की झड़प के बाद दोनों झुंड अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले। तब जाकर बाजार में सामान्य स्थिति लौट सकी।
नौगढ़। बिन्द्रावन-अमृतपुर बंधी से निकल कर शनिवार कीे रात्रि में आया मगरमच्छ कांता यादव के घर में घूस गया। जिसे रविवार को अल सुबह देखकर घर की महिलाओं ने काफी भयभीत होकर के भागकर शोरगुल मचाना शुरू कर दिया। करीब पांच फीट लंबा मगरमच्छ को घर में घुस आने की जानकारी पाकर के पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी जयमोहनी मकसूद हुसैन ने तत्काल वन विभाग को मौके पर भेज दिया। रेस्क्यू कर के वनविभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ कर चन्द्रप्रभा बांध में छोड़ा है। वहीं बिन्द्रावन-अमृतपुर बंधी में और मगरमच्छों को होने की संभावना से ग्रामीणों में काफी दहशत व्याप्त है। अभी बीते कुछ दिनों पूर्व क्षेत्र में आई बाढ में कर्मनाशा नदी से भागकर मगरमच्छ को बिन्द्रावन- अमृतपुर बंधी में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिन्द्रावन गांव से अमृतपुर गांव का पुरवा एकदम सटा हुआ है। जहां पर एक दर्जन से अधिक परिवारों के लोग घर मकान बना कर रहन सहन करते हैं। बंधी से लगभग 600 मीटर दूर मगरमच्छ को पहुंचने को लेकर लोगों में काफी संशय व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंधी के बाद से काफी उबड़-खाबड़ भूमि से होकर पशुओं का अडा़र के बाद करीब दस घरों को पारकर के मगरमच्छ कांता यादव के घर में पहुंच गया है। संयोग अच्छा था कि कोई भी अप्रिय घटना नहीं हो पाई। मगरमच्छ को देखकर महिलाएं और बच्चे चीखते-चिल्लाते सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। क्षेत्रीय वन अधिकारी मकसूद हुसैन ने बताया कि मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ कर चन्द्रप्रभा बांध में छोड़ दिया गया है। वनविभाग की टीम मे वन दरोगा बीरेंद्र पांडेय फारेस्ट गार्ड प्रमोद कुमार प्रेमनाथ सहित बिरेंद्र प्रताप शेखर ईत्यादि वनकर्मी शामिल रहे।
चंदौली। जनपद में कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त व अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाएं रखने के लिए रविवार को पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने तीन निरीक्षक व तीन उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया। साथ ही उन्हें अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया। उन्होंने ने बलुवा थाना प्रभारी डॉ आशीष कुमार मिश्रा को थाना धानापुर में तैनाती दी। वही अपराध शाखा सैयदराजा में तैनात दिलीप श्रीवास्तव को प्रभारी निरीक्षक सकलडीहा बनाया धानापुर थाना प्रभारी को शरद गुप्ता को निरीक्षक अपराध अलीनगर वही उपनिरीक्षक थाना प्रभारी शहाबगंज हरिनारायण पटेल को साइबर थाना उपनिरीक्षक सकलडीहा थाना प्रभारी अतुल कुमार को थाना बलुवा व उपनिरीक्षक अशोक कुमार को शहाबगंज थाने पर तैनाती दी।