Young Writer, चहनियां। बलुआ थाना क्षेत्र के बड़गांवा गांव में तिरंगे झंडे को गंगा के तेज बहाव से निकालने के प्रयास में पांच दिन पूर्व 22 वर्षीय युवक सोहेब की डूबने से मौत हो गई। इस घटना से गांव में एक तरफ मातम छाया हुआ है तो दूसरी तरफ लोग पहुँचकर तिरंगे को लेकर फक्र कर रहे है।
जानकारी के अनुसार बड़गांवा निवासी सोहेब अहमद उर्फ सिब्बू पुत्र जुबेर अहमद अपने दोस्तों के साथ गंगा किनारे गया था। गत 15 अगस्त को गांव के ही किसी बच्चे ने गंगा के रेतीले क्षेत्र में तिरंगा फहराया था। पिछले कुछ दिनों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वह स्थान जलमग्न हो गया और तिरंगा पानी के बीच में घिर गया। 16 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज जलमग्न न हो, इस भाव से उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सोहेब नदी के तेज बहाव में उतर गया। हालांकि, पानी की गहराई और तेज धारा की चपेट में आने से वह अपना संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में डूबने लगा।
साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया और उसे पकड़ भी लिया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने और वजन अधिक होने के कारण वे उसे बाहर नहीं खींच सके। साथियों द्वारा तुरंत गांव में सूचना दिए । ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए सैदपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजनों ने शव का कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक सिब्बू दो भाइयों में छोटा था और बीए में पढ़ाई कर रहा था, जबकि उसका बड़ा भाई बाहर रहकर नौकरी करता है। पांच दिन पहले हुई इस दुखद घटना के बाद से ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और माता निघाट परवीन पिता जुबेद, भाई आसिफ खान का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे से पूरे बड़गावा गांव में अब भी शोक की लहर है।

