चंदौली। लम्बे समय के बाद समाजवादी पार्टी शुक्रवार को बिछियां धरनास्थल पर पुराने तेवर में नजर आई। जनहित के मुद्दे पर मंच साझा कर रहे सपा के दिग्गज नेताओं ने अपने भाषण के जरिए कार्यकर्ताओं व आमजन में जोश व उत्साह भरा, जिसका परिणाम रहा कि कलेक्ट्रेट कूच में पुलिस के लाख प्रयास के बावजूद सपाई घेरेबंदी को तोड़कर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल चल निकले। इस दौरान संघर्ष का जो नजारा था उसमें पुरानी समाजवादी पार्टी की झलक साफ नजर आ रही थी। सूत्रों की मानें तो यह सबकुछ इसलिए संभव हो सका। क्योंकि नेतृत्व एवं नेता दोनों संगठित है और उनके बीच का आपसी तालमेल ने न केवल धरने को बल प्रदान किया, बल्कि आगामी चुनावों में इसकी पुनर्रावृत्ति के भी संकेत है।

