चंदौली के अपर सत्र न्यायाधीश(प्रथम)अशोक कुमार की अदालत में बुधवार को एक व्यापारी की हत्या और लग्जरी कार लूट के मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य कमजोर होने तथा अधिवक्ता राजेश सिंह की मजबूत पैरवी के चलते इमरान इमरान अंसारी को मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया। जबकि जबकि इमरान अंसारी करीब 6 साल से अधिक के समय से गाजीपुर के जिला जेल में बंद है। इमरान अंसारी के अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला काफी चर्चा था।
बताया कि वर्ष 2019 में वाराणसी से लग्जरी कार से अपने घर कमालपुर जाने के दौरान सकलडीहा थाना क्षेत्र के सलेमपुर राइस मिल के पास गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा व्यापारी की लग्जरी कार भी लूट लिया था। इसी मामले में पुलिस के द्वारा गाजीपुर के रहने वाले इमरान अंसारी को मुख्य आरोपी तथा गाजीपुर के नसीम उर्फ झब्बन, शिवम यादव और सुल्तानपुर के विनीत यादव को सह आरोपी बनाया गया था। इस मामले में पिछले 27 मई को कोर्ट के द्वारा आरोपी विनीत, नसीम उर्फ झब्बन और शिवम को दोष मुक्त कर दिया गया था। इसी मामले की बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश(प्रथम) अशोक कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 16 गवाह कोर्ट प्रस्तुत किए गए। लेकिन सभी ने इस बात की पुष्टि नहीं किया कि इमरान अंसारी ने व्यापारी महेंद्र रस्तोगी की गोली मारकर हत्या किया और कार लुटा। इसके बाद कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव तथा अधिवक्ता राजेश सिंह की मजबूत पैरवी के बाद इमरान अंसारी को बरी कर दिया है। लेकिन कोर्ट के द्वारा दिया गया फैसला सराहनीय है।

