चंदौली। 28 अगस्त 1942 का दिन चंदौली के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन वीर क्रांतिकारियों ने सैय्यदराजा थाने पर तिरंगा फहराकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आजादी की घोषणा की थी। इस साहसिक प्रयास में तीन क्रांतिकारी शहीद हो गए थे, जबकि दर्जनों क्रांतिकारी घायल हुए थे।
ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा शहीद स्मारक पहुंची, जहां कांग्रेसजनों ने वीर बलिदानियों को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान अरुण द्विवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और संघर्ष देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने पं. कमलापति त्रिपाठी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, सत्य और समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान देने के साथ स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। कार्यक्रम में रामानंद यादव, रजनीकांत पाण्डेय, तौफीक खान, मुनीर खान, राममूरत गुप्ता, गुलाब राम, परमहंस सिंह राजपूत, राकेश सिंह, राकेश पाठक, असगर अली, अमलेंदु पाण्डेय, सतेंद्र उपाध्याय, दुर्गा दत्त त्रिपाठी, श्रीकांत पाठक, जुगल किशोर, राजू कुमार, मदन लाल, कृष्णा सोनी, संतोष चौबे सहित सैकड़ों कांग्रेसजन मौजूद रहे।

