चंदौली। वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल से उपचाराधीन मरीज को कथित तौर पर लामा (LAMA) फॉर्म भरकर डिस्चार्ज कराने के बाद चकिया लाकर एक निजी अस्पताल के सामने हंगामा करने और चक्का जाम का प्रयास करने का मामला सामने आया है। शनिवार की देर शाम हुई घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एंबुलेंस में मरीज की जांच कराई तो उसकी सांसें चलती मिलीं। इसके बाद मरीज को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया।
चकिया कोतवाली क्षेत्र के पुरानाडीह गांव निवासी 45 वर्षीय दुक्खी वनवासी की छोटी आंत का ऑपरेशन चार अक्टूबर को चकिया नगर स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। परिजनों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हुए ऑपरेशन पर 23,600 रुपये खर्च हुए थे। 12 अक्टूबर को प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका उपचार चल रहा था। आरोप है कि शनिवार की देर शाम मरीज के पुत्र चंद्रशेखर ने लामा फॉर्म भरकर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और निजी एंबुलेंस से चकिया ले आया। इसके बाद निजी अस्पताल के सामने मरीज की मौत होने की बात कहकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। इस दौरान मुख्य मार्ग पर चक्का जाम करने का भी प्रयास किया गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी विकास मित्तल, क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार चौहान, तहसीलदार देवेंद्र कुमार और कोतवाल संजय सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने एंबुलेंस में मरीज की स्थिति की जांच कराई तो उसकी सांसें चलती मिलीं। इसके बाद उसे तत्काल जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया और बेहतर उपचार के लिए बीएचयू रेफर कर दिया गया। वीरेंद्र प्रताप सिंह हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि मरीज का उपचार वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को राजनीतिक रंग देते हुए मरीज को मृत बताकर हंगामा किया गया। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि चक्का जाम के प्रयास को विफल कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

