चंदौली। सकलडीहा विकासखंड स्थित एक अस्पताल के सभागार में सोमवार देर शाम गायत्री परिवार एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के तत्वावधान में ‘शिक्षक गरिमा कार्यशाला’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, शांतिकुंज हरिद्वार के राष्ट्रीय समन्वयक राम यश तिवारी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से युक्त शिक्षा ही नई पीढ़ी को जिम्मेदार एवं सशक्त नागरिक बना सकती है। सह समन्वयक मनीष ओडुकले ने बदलते सामाजिक परिवेश में शिक्षकों की भूमिका को पहले से अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों के लिए आदर्श बनने का आह्वान किया। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. जी.के. वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी प्राचीन धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी युवाओं पर है। कार्यशाला का संचालन गायत्री परिवार चंदौली के जिला समन्वयक डॉ. सत्यनारायण सिंह एवं जिला संयोजक हरिहर विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर शिक्षा जगत से जुड़े अनेक प्रधानाचार्य, चिकित्सक, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने और विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति तथा मानवीय मूल्यों के विकास पर विशेष बल दिया गया।

