चंदौली। मुख्यालय स्थिति विकास भवन सभागार में शनिवार को जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव की अध्यक्षता में जनपद के उर्वरक विक्रेताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय से और नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराना है। उन्होंने चेताया कि किसानों को उर्वरक के साथ किसी प्रकार की टैगिंग या अनावश्यक शर्तें न लगाई जाएं। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान जिला कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि उर्वरक का वितरण केवल किसानों की खतौनी के आधार पर ही किया जाए। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और बिक्री रसीदों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कहा कि प्रति किसान एक हेक्टेयर भूमि के लिए अधिकतम 5 बोरी डीएपी और 7 बोरी यूरिया ही वितरित किया जाए। इसके अलावा विक्रेताओं को यह भी दर्ज करना होगा कि किसान उर्वरक किस फसल के लिए ले जा रहा है। सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ जैविक खाद एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट का भी विवरण स्टॉक रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाना चाहिए।

