चंदौली। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री व न्यायालय निर्माण आंदोलन में अग्रणी भूमिका अदा करने वाले अधिवक्ता धनंजय सिंह का वाराणसी एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही चंदौली के अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। अधिवक्ता मणिकर्णिका घाट पहुंचकर अपने साथी का अंतिम दर्शन किया और उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर गतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। विदित हो कि अधिवक्ता धनंजय सिंह बेबाक छवि व जिंदादिली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने चंदौली न्यायालय भवन व जिला मुख्यालय के निर्माण के चलाए गए आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की और सिविल बार एसोसिएशन का महामंत्री रहते हुए अधिवक्ताओं के हित में कई अहम आंदोलनों का नेतृत्व किया। इसके अलावा चंदौली से दिल्ली तक पैदल यात्रा में शामिल होकर न्यायालय के मुद्दे को दिल्ली तक पहुंचाने में भी अपनी अहम भूमिका अदा की थी। गत दिनों स्वास्थ्य कारणों से उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने बुधवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं अधिवक्ताओं में भी शोक की लहर दौड़ गयी। अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर अपने दिवंगत साथी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया और अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही मर्णिकर्णिका घाट पहुंचकर अंतिम दर्शन किए। अधिवक्ता झन्मेजय सिंह ने कहा कि धनंजय सिंह अच्छे अधिवक्ता होने के साथ ही एक जिंदादिल, निष्ठावान व भरोसेमंद सहयोगी थे। उनका जाना अधिवक्ताओं के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

