चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के विरोध में मंगलवार की शाम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर के नेतृत्व में चकिया त्रिमुहानी स्थित गंजी प्रसाद की प्रतिमा के पास धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते हुए सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले नेताओं के साथ पुलिसिया कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दिल्ली पुलिस ने जल्द ही अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया तो समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव ने भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसवा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। जिसे बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता। सपा नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता अब सरकार की कार्यशैली को समझ चुकी है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा सुनिश्चित करने तथा कथित मंदिर चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों का पर्दाफाश करने की भी मांग की। साथ ही कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बाबूलाल यादव, योगेन्द्र यादव चकरू राजकुमार जायसवाल मुसाफिर चौहान, सत्येंद्र यादव, मुसाफिर सिंह चौहान, इरशाद सिद्दीकी, मोहम्मद आरिफ, अश्वनी सोनकर, नफीस अहमद, गुड्डू, जितेंद्र गुप्ता, सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

