चंदौली। अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) अशोक कुमार की अदालत में बुधवार को वर्ष 2019 के चर्चित हत्या और कार लूट मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजेश सिंह और विनोद सिंह ने भी अदालत में आरोपियों के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में नामजद तीन आरोपियों विनीत यादव, शिवम सिंह और नसीम अंसारी को दोषमुक्त करार दे दिया।
गौरतलब है कि 10 अगस्त 2019 की रात कमालपुर कस्बे के निवासी महेंद्र रस्तोगी अपनी ब्रेजा कार से वाराणसी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सकलडीहा थाना क्षेत्र स्थित सलेमपुर राइस मिल के पास कुछ बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने महेंद्र रस्तोगी की हत्या कर दी और उनकी कार लेकर फरार हो गए।घटना के बाद मृतक के भाई शिव कुमार रस्तोगी की तहरीर पर सकलडीहा थाने में आईपीसी की धारा 302, 394 और 411 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस जांच में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें मऊ जनपद के बरपुर गांव निवासी विनीत यादव, गाजीपुर के शिवम सिंह, नसीम अंसारी और इमरान अंसारी के नाम शामिल थे।बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी इमरान अंसारी अभी भी लंबे समय से फरार बताया जा रहा है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजेश सिंह ने अदालत के फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णय का सभी सम्मान करते हैं।

