चंदौली। इलिया थाना क्षेत्र में पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने बताया कि 18 मार्च 2024 की रात करीब नौ बजे ग्राम सीहर निवासी इजहार अली उर्फ मुन्ना का अपनी पत्नी निशा बेगम से ई-रिक्शा की किश्त और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। निशा ने अपने मायके और समूह से कर्ज लेकर ई-रिक्शा खरीदा था। इसी बात से नाराज होकर इजहार ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर ईंट-पत्थरों से पत्नी के सिर और चेहरे पर हमला किया तथा गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। मृतका के भाई की तहरीर पर इलिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर प्रभावी पैरवी की। 30 अक्टूबर को अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1, चंदौली के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार-XI ने इजहार अली को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रभावी पैरवी में मॉनिटरिंग सेल, एडीजीसी संजय कुमार त्रिपाठी और थाना इलिया के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की भूमिका सराहनीय रही।

