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Monday, June 29, 2026

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भीषण गर्मी:चंदौली में अलग-अलग जगहों पर लू की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत

भीषण गर्मी लोगों की लू की जान लेने लगा है। बृहस्पतिवार को अलग अलग स्थानों पर लू लगने से ट्रेन मैनेजर, तकनीशियन सहित तीन रेलकर्मियों की मौत हो गई। ट्रेन मैनेजर के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रेलकर्मियों ने देर शाम रेलवे अस्पताल में हो हल्ला किया। मामले की जांच कराने का आश्वासन मिलने पर रेलकर्मी शांत हुए। तीनों रेलकर्मियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के यार्ड में बृहस्पतितवार की शाम चार बजे अंकोढ़ा गया रूट से आ रही मालगाड़ी के गार्ड ब्रेक में ड्यूटी रत ट्रेन मैनेजर सतीश रंजन निवासी सासाराम पीरो की ​तबियत खराब हो गई। मालगाड़ी के रुकने के बाद सतीश नीचे उतरने लगे। इसी बीच वह अचानक जमीन पर औंधे मुंह गिर गए। यह देख आस-पास काम कर रहे कर्मचारियों ने उन्हें लोको मंडलीय अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी देने के लिए यूनियन के पदाधिकारी सीएमएस को फोन करने लगे, लेकिन काफी देर तक उन्होंने फोन नहीं उठाया। यूनियन के लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करने लगे। वहीं सूचना पाकर वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक मुहम्मद इकबाल, वरीय मंडल कार्मिक अ​धिकारी सुरजीत सिंह सहित अन्य अ​अधिकारी भी पुहंच गए। घटना की सूचना मृतक के परिवार वालों को भी दी गई। इस संबंध में डॉ. केशव चंप्रमनारी ने बताया कि पहली नजर में ट्रेन मैनेजर की मौत हीट स्ट्रोक से हुई लगती है। बताया कि इलाज में लापरवाही नहीं की गई है। इसके पूर्व प्लांट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना में कार्य करते समय बृहस्पतिवार की दोपहर में टे​क्नि​शियन राकेश कुमार के नाक से खून निकलने लगा और वह अचेत हो गया। सहकर्मियों ने उसे उठाकर लोको मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घो​षित कर दिया। राकेश कुमार के तीन पुत्र ​शिवशंकर राय 21, पवन राय 19, सत्यम 18 और एक पुत्री मोना कुमार 23 वर्ष हैं। राकेश की मौत से बच्चों के साथ पत्नी प्रतिमा का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। इसी तरह मानस नगर में रहने वाले टे​क्नि​शियन कृष्णा राम (50) अंकोढ़ा में तैनात थे। दोपहर में कार्य के दौरान अचेत हो गए। सहकर्मी उसे उका कर डेहरी ऑन सोन ​स्थित चिकित्सालय में ले गए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घो​षित कर दिया।

वही दूसरी ओर चंदौली। जनपद में लोकसभा चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया गया था। और सभी वाहन को मंडी आस पास खड़ा किया गया था, लेकिन पानी के अभाव होने के कारण बृहस्पतिवार की एक चालाक हालत बिगड़ी गई। आनन फानन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए चालको ने मंडी परिसर के पास हाईवे जामकर दिया। जानकारी होने के बाद मौके पर पहुचे उपजिला निर्वाचन अधिकारी अभय कुमार पांडे व एडिशनल एसपी विनय कुमार सिंह ने किसी तरह समझा बुझा कर मामले को शांत कराया। वहीं जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने कहा कि चालक के परिजनों को शासन की ओर से सभी सुविधा मुहैया कराई जाएगी। शव को पोस्टमार्टम भेज दिया गया है पुलिस आगे कार्रवाई कर रही है। बताते हैं कि 1 जून को होने वाले मतदान के लिए 31 मई को नवीन मंडी परिषद से पोलिंग पार्टियों रवाना होगी। पोलिंग पार्टी के रवाना लिए अधिकृत की गई। गाड़ियों के ड्राइवर को पानी न मिलने के कारण इस तपिश भारी धूप में बृहस्पतिवार को चकिया थाना क्षेत्र के गोगहरा गांव निवासी पत्तू राम 55 वर्ष चालक की हालत बिगड़ गई। इसके बाद साथी चालकों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए लेकिन जहां उसकी मौत हो गई है। इसको लेकर मंडी के पास हाईवे को जाम कर मुआवजे की मांग करने लगे वहीं मौके पर जिलाधिकारी वह एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे इससे कुछ देर नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जानकारी के बाद मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकार सदर सहित सदर कोतवाली की पुलिस पहुंच गई है। समझा बूझकर किसी प्रकार मामलों को शांति कराया और जिलाधिकारी ने चालक के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया


इनसेट——-
लू लगने से होमगार्ड की मौत
चंदौली। कोतवाली में तैनात शहाबगंज थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी होमगार्ड बलवंत शर्मा 50 की बृहस्पतिवार को लू लगने से मौत हो गई। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मौत खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। भारी संख्या में परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुच गए।

बुखार में हाँफते दिन : Dr. Umesh Prasad Singh

लोकसभा चुनाव : Young Writer

Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह

बुखार में हाँफते दिन: चुनाव के अन्तिम चरण के दिन दस्तक दे रहे हैं। मतदान की आखिरी तिथि बिल्कुल सामने दिखाई पड़ने लगी है। समय बड़ा हलकान है। एक बुखार उतरने से पहले दूसरा चढ़ बैठा है।तापमान इतना बढ़ गया है कि दिन पसीने में डूब गया है। रात बेचैन है। नींद के पीछे सपने डंडे लेकर ऐसे पड़े हैं कि वह लस्त-पस्त भागने में लथपथ है। दौड़ते समय की साँसे उखड़ रही हैं। जो कुछ भी समय में समाहित है, सब हाँफ रहा है। सबसे ज्यादा समाचार चैनलों के एंकर हाँफ रहे हैं। ऐसे हाँफ रहे हैं, जैसे पहाड़ चढ़कर अब गिरने ही वाले हैं। वे बिना रुके, बिना थके लगातार बोल रहे हैं। बोलते जा रहे हैं। गला सूख जाने पर पानी पी-पीकर बोल रहे हैं। वे अपनी तरफ से नहीं बोल रहे हैं। अपने लिए नहीं बोल रहे हैं। उनको इहलाम हुआ है कि वे समय की तरफ से समय के लिए बोल रहे हैं। उनको डर है कि वे नहीं बोलेंगे तो समय गूँगा हो जाएगा। समय को गूँगा होने से बचाए रखने के लिए वे बोल रहे हैं। वे कितना बड़ा काम कर रहे हैं। कितना बड़ा एहसान कर रहे हैं।

अगर लोग एहसान फरामोश न हों तो समूचे देश को उनका ऋणी हो जाना चाहिए। खैर!
हमारा देश भी बड़ा अद्भुत देश है। बड़ा चमत्कारी देश है। यह जो कुछ होता है, आँख मूँदकर हो जाता है। चुनाव के समय हमारे देश की समूची जनता राजनीतिक हो जाती हैं राजनीतिक ही नहीं, राजनीति में पारंगत हो जाती है। पंडित हो जाती है। जो राजनीति की वर्णमाला तक नहीं जानता, वह राजनीति का प्रकाण्ड विद्वान बन जाता है। नुक्कड़-नुक्कड़ पर संसद देखना चाहैं तो चुनाव के समय कहीं भी देख लें। ज्ञान की बरसात बिना बादल हर कहीं होने लगती है। हर कोई भींग रहा होता है। जो नहीं भींग रहा होता है, उसकी गिनती आदमी में नहीं, उल्लू में होती है।

जो उल्लू नहीं है। जो उल्लू होने से बचे हुए लोग हैं, उनकी चिन्ताएँ अछोर है। उनकी व्यस्तताओं का क्या कहना। उनके दिमाग में उठने वाला तूफान संभावनाओं की सरहदों से टकरा-टकराकर उनकी जड़े हिलाने में दिन-रात व्यस्त है।
इन थोड़े से बचे हुए दिनों के पैर दावों के दलदल में धँसे हुए अफना रहे हैं। अनुमानों की आँधी में पीले पत्तों की तरह उड़ रहे हैं। आँखों में धूल झोंक रहे हैं। गहमागहमी में हाँफते हुए दिन कितने लाचार, कितने बेबस और कितने दीन दिखाई दे रहे हैं। दिनों की दयनीयता देखकर समय का मुँह सूख गया है। साँसें सहम गई हैं।

हर जगह चर्चे चल रहे हैं। हर कोई सरकार बना रहा है। हर कोई सरकार बिगाड़ रहा है। आँकड़े, रुझान, विश्लेषण में समूचा देश व्यस्त है। अपना काम छोड़कर हर कोई सरकारी काम में दखल दे रहा है। सरकारी काम में दखल देना वैसे दण्डनीय माना जाता है। मगर चुनाव के दौर में नहीं। चुनाव के दरम्यान में यह दखलन्दाजी पुरस्करणीय हो जाती है। जो जितना ही सक्रिय है वह उतना ही महत्वपूर्ण है। हो भी क्यों नहीं? चुनाव के दौरान तो समूची जनता ही सरकार है। सरकार चुनने की हकदार जनता भला सरकार से कम कैसे कही जा सकती है। कभी-कभी कुछ भ्रम भी कितने रोमांचक हो जाते हैं।

कौन बढ़ रहा है। कौन घट रहा हैं।किसने छक्का जड़ दिया, किसने चौका मार दिया। किसका बाल बाउन्सर चला गया। किसका विकेट गिर गया। कौन कैसे दहाड़ा। कौन कैसे मुस्कराया। किसका हाथ हिलाना आँधी बन गया। किसके आँसू बाढ़ बन गए। किसकी कौन सी अदा भीड़ को दिवाना बना गई! एक नहीं। हजार-हजार सिलसिले। कोई ओर नहीं। कोई छोर नहीं। बातों का क्या! सिर्फ बातें ही नहीं। बातों के अचार और मुरब्बों की गली-गली में दुकान लगी है। कहा जाता है कि आदमी अपने को नहीं देखता। दूसरों के काम में ज्यादा दिलचस्पी लेता है। चुनाव के समय में हर आदमी दूसरे के काम में डूबा हुआ है। राजनीतिक दलों के काम में समूचे देश की जनता डूब-उतरा रही है। बहुत लोग तो आकण्ठ डूब गए हैं। इतने डूब गए है कि दिख ही नहीं रहे हैं। कुछ लोग हैं जो इस कदर डूबे हैं कि बस डूब मरने से किसी तरह बचे हुए हैं।

अब सबकी निगाहें अनुमानों पर जाकर टिक गई है। सबकी साँसे पूर्वानुमानों की घोषणाओं में समा गई है। अनुमानों के इतने-इतने रंग, इतने-इतने ढंग कि कुछ पूछिए मत। राजनीतिक विश्लेषकों की एक पूरी बिरादरी ही अड्डा जमाए हुए है। ये राजनीति नहीं करते। राजनीति का विश्लेषण करते हैं। अपने को बुद्धिजीवी कहते हैं। इण्टेलेक्चुअल कहने से ये लेाग ज्यादा खुश होते हैं। ज्योतिषियों की तरह इतकी भी दुकानें है। एजेन्सियाँ है। एग्जिट-पोल के आर्गेनाइजेशन है। इनको और कुछ से नहीं अपनी फीस से मतलब है। अपने मुनाफे की फिक्र है। इनका काम, काम कम है, धन्धा ज्यादा है। मुनाफा कमाने के लिए जो काम किया जाता है, उसे काम नहीं धन्धा कहा जाता है। पता नहीं कैसे, पता नहीं क्यों, हमारे समय के लोकतंत्र में सारे काम धन्धे में बदल गए हैं। अब बदल गए हैं तो बदल गए हैं। आप मान सकें तो भी और न माने तो भी कोई फर्क नहीं। हमारे समय में तो घाटा और मुनाफा हमारे भीतर इतना घर कर गया है कि आदमी की जिन्दगी ही धन्धा बन गई है।

मनुष्य की प्रवृत्तियाँ इतनी शाश्वत और सनातन है कि बदलने का नाम ही नहीं लेती। रूप बदल जाता है रंग बदल जाता है, ढंग बदल जाता है मगर आत्मा नहीं बदलती। समय की सतह पर युग बदल जाता है, मगर सीने में चलने वाली साँसे वही रहती हैं।

आदमी के भीतर आगे आने वाले समय के अन्तराल में मौजूद यथार्थ को जान लेने की उत्कण्ठा उसकी आदिम उत्कण्ठा है। हमेशा से वह मनुष्य के जीवन में मौजूद रही है। वह आदमी को हमेशा बेचैन रखती है। वैसे यह बेचैनी पूरी तरह से व्यर्थ है, क्योंकि थोड़े से धैर्य से देखो तो भविष्य तो वर्तमान होने ही वाला होता है। मगर नहीं, पता नहीं क्यों मनुष्य कल को आज ही जान लेने को हमेशा उतावला बना रहता है। इस उतावली को संतुष्ट करने के निमित्त ही ज्योतिषशास्त्र का आविर्भाव हुआ होगा, ऐसा कहा जा सकता है। मनुष्य की इसी उतावली के ज्योतिषियों ने अकूत लाभ कमाए हैं। आज भी सारी आधुनिक बौद्धिकता और वैज्ञानिकता के दम्भ के बावजूद आदमी का ज्योतिष में विश्वास कम नहीं हुआ है। कभी कम होगा भी नहीं। थोड़ी गंभीरता से विचार करें तो हमारे समय में एग्जिट पोल की प्रणाली ज्योतिष के ही आधुनिक संस्करण की उपस्थिति है। प्रणाली वही है, प्रकल्प वही है, प्रतिज्ञा वही है, केवल उपादान अलग हैं। ग्राहक वही हैं। व्यवस्था वही है। मुनाफा वैसा ही है। बस ढंग और ढर्रा बदला है। भाषा बदली है। व्यापार की तकनीक बदली है। भावनाओं को भजाने की वृत्ति नहीं बदली हैं।

पाँवों पर दौड़-दौड़कर थके हुए दिन अब दौड़ के परिणाम की आकुलता में हाँफ रहे हैं। धूप में तपे हुए दिन। पसीने में डूबे हुए दिन। प्रतीक्षा में पगे हुए दिन। भूख से भकुआए हुए दिन। प्यास से पगलाए हुए दिन। सचमुच कितने कठिन हैं, ये दिन। दिन चाहे जितने भी कठिन हों कट ही जाते हैं। कट ही जाएंगे। निकल ही जाएंगे। सरकार बन ही जाएगी। फिर रहेगा पांच साल आराम से सोचने का समय। इत्मीनान के साथ सोचने का समय कि सरकार किसकी है, किसके लिए है। बचा रहेगा देखने का समय। देखना भी क्या? देख तो कबसे रहे हैं। सरकार है, जनता के लिए इतना ही बहुत है। जैसी भी होगी, नयी तो होगी।

Manoj Singh W की अपील‚ एक जून को सारे काम छोड़कर सुबह के वक्त ही करें मतदान

मनोज सिंह डबलू

Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने गुरुवार को चंदौली के मतदाताओं से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम बेहद तल्ख है। इसलिए मतदाता सुबह ही अपने घरों से निकले और बूथों पर जाकर अपने मतदान के लिए कतारबद्ध हो जाएं। देश में सत्ता परिवर्तन की लहर में अपने मत की आहुति देकर एक सशक्त सरकार के निर्माण करें।

उन्होंने कहा कि सभी मतदाता का आह्वान किया कि एक जून उन ताकतों को मात देने का स्वर्णिम अवसर है जिन्होंने जनता जर्नादन को पिछले 10 सालों तक हाशिए पर रखा। चंदौली के विकास के साथ खिलवाड़ करते रहे और अब जब चुनाव आया है तो घर-घर और लोगों के दर पर जाकर अपने जाति, अपनी पार्टी की दुहाई देते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे लोग जिन्होंने पिछले 10 वर्षों तक जमीन पर पैर नहीं रखा आज वे गलियों का खाक छान रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं का यह दायित्व बनता है कि वे अपने मत की ताकत को समझे और खुद को किसी भी हालत में मतदान से वंचित न होने दें। तेज धूप व भीषण गर्मी है लिहाजा सुबह उठे और अपने बूथ की ओर रूख करें और अपना मतदान करके ही लौटे।

इस दौरान किसी भी तरह के प्रलोभन व प्रभाव को दरकिनार कर पूरे जोश के साथ अपने मत का प्रयोग करते हुए नई सरकार के गठन में अपना अमूल्य योगदान दें। कहा कि आगे आना वाला समय देश के लिए स्वर्णिम काल होगा। इंडिया गठबंधन के दावे जमीनी हैं जो जमीनी स्तर के लोगों के सुझावों से तैयार किए गए हैं। जून में सरकार बनने के साथ ही जुलाई से महिलाओं व कमजोर वर्ग की सामाजिक सुरक्षा के साथ ही नौकरी के अवसरों के सृजन की गारंटी को पूरा करने के काम होगा। अंत में उन्होंने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के समर्थन में वोट करने का आह्वान किया। कहा कि चंदौली की जीत इंडिया गठबंधन की सरकार का एक मजबूत स्तंभ साबित होगा।

सकलडीहा में गरजे Babu Singh Kushwaha‚ कहा संविधान व लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है BJP

सकलडीहा में चुनावी सभा को संबोधित जनअधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा।
सकलडीहा में चुनावी सभा को संबोधित जनअधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा।

Young Writer, सकलडीहा। भाजपा सरकार में संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। क्योंकि इनकी सरकार बनी तो बाबा साहब द्वारा दिया गया गरीब, दलित, पिछड़े, शोषित व वंचितों का अधिकार छीन जायेगा। ये लोग अमीरों को और अमीर बना रहे है। गरीबों को और गरीब बना रहे है। उक्त बातें बाबूसिंह कुशवाहा ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही।

सकलडीहा में बाबूसिंह कुशवाहा की सभा में उपस्थित लोगों की भीड़।
सकलडीहा में बाबूसिंह कुशवाहा की सभा में उपस्थित लोगों की भीड़।

इस मौके पर जन अधिकार पार्टी के प्रत्येक सदस्यों को सपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील किया। जनअधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज हमें जो बोलने व पढ़ने का मौका मिला है। यह बाबा साहब डा. आम्बेडकर के संविधान की देन है। आज भाजपा देश में लोकतंत्र पर पाबंदी लगाने के लिये संविधान को तोड़ने की साजिश रच रही है, जिससे गरीब पिछड़े, दलित और शोषित वंचित के बेटा बेटी और महिलाओं का अधिकार छीन जायेगा। इस लिये हम सभी सजग होकर इंडिया गठबंधन को मजबूत करते हुए लोक सभा प्रत्याशी को चुनाव जीता का संविधान को बचाने का काम करना होगा। सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि हर वर्ग का भला इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर होगा। इस मौके पर कांग्रेज प्रदेश महासचिव देवेन्द्र प्रताप सिंह मुन्ना,सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, जेएपी के जिलाध्यक्ष संजय सिंह मौर्या, इंदू मेहता, डा.काशीनाथ मौर्य, गनेश भारती, दिलीप गुप्त आदि मौजूद रहे।

झण्टों उस्ताद का सपना

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव
Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

झँटो उस्ताद को नींद का पहला झोंका आया ही था कि वह सपनों की दुनियां में विचरने लगे। नीले आकाश में सफेद सफेद बादल उनके आस पास घेरा बना कर खेल रहे थे । कहीं सुंदर सुंदर अप्सराएं हंसी ठिठोली करती चली जा रही हैं । कोई कोई तो झँटो उस्ताद को देखकर मुस्कुरा उठती । उस्ताद को भी अपनी बढ़ती उम्र का आभास नहीं था । वह युवा की तरह आनन्द के लहरों में गोते खा रहे थे । तभी राजा का स्वर्ण रथ उनकी ओर आता दिखाई दिया । रथ पर कई लोग सवार थे । जो हवा में हाथ हिला रहे थे । राजा भी विनम्रता से अभिवादन में हाथ जोड़े मुस्कुरा रहा , हालांकि मुस्कुराहट का साथ उसका चेहरा नहीं दे रहा था, फिर भी वह जबरजस्ती मुस्कुरा रहा था । कभी कभी रथ पर सजे पुष्पों को वह इधर उधर फेंक कर खुश हो रहा था।

फिर जाने कैसे अधनंगे लोगों की भीड़ राजा के सामने झुक झुक कर अभिवादन करने लगी । भीड़ की कृतज्ञता ऐसी थी कि जैसे उनका जीवन राजा का ऋणी है। राजा के रथ पर सवार लोग भीड़ देखते ही रथ से उतर कर राजा के फोटोयुक्त कार्यों के पर्चे भीड़ में बांटने लगे। भीड़ के चेहरे पर मुस्कान तैरने लगी । धीरे धीरे भीड़ बढ़ने लगी । अचानक भीड़ इतनी बढ़ गयी कि राजा का रथ मन्थर गति से चलने लगा । भीड़ रथ के दोनों किनारों पर चलने लगी । राजा भाषण देने लगा । वह एक एक कर भीड़ की दुःखती रग पर हाथ रखने लगा । भीड़ सुबकने लगी । फिर राजा ने दुःख दूर करने के सपने दिखाने लगा । भीड़ मुस्कुरा उठी । भीड़ के कुर्ते में जेबे नहीं हैं ।

राजा उपहार बांटने लगा । उपहार लोगों के हाथों में अट नहीं पा रहे थे । वे सिर पर रख कर भागने लगे । भीड़ छंटते ही रथ आंखों से ओझल हो गया । उस्ताद बादलों के साथ खेलते हुए आगे बढ़ गए । एक जगह नर पुंगवों का समूह रुदन कर रहा था । फिर देखते ही देखते रोटी के लिए लड़ने लगे । रोटी किसी के हाथ नहीं लगी । सब मन मार कर बैठ गए । उनके रोने का क्रम वैसे ही जारी था । उनका समवेत रुदन उस्ताद के मन को आहत कर रहा । उनकी प्रफुल्लता गायब हो गयी । उसके स्थान पर अवसाद ने मन को आवृत्त कर लिया । वे रुदन के स्वर को अनसुना नहीं कर सके । उनके पाँव स्वतः उधर मुड़ गए । पास आते ही उस्ताद ने उनसे पूछा -” आप लोग कौन हैं , क्यों रो रहे हैं ।” इतना पूछना भर था । उनका रुदन और तेज हो गया। उस्ताद उन्हें सांत्वना दे रहे थे । उन्होंने रोते हुए बताया ” हम लोक तंत्र की आत्मा हैं । हमारी दशा का जिम्मेदार राजा है।”

उस्ताद ने कहा-” लेकिन राजा तो लोकप्रिय है । वह लोगों को उपहार बांटता है । राजा के साथ भारी भीड़ है । ” लोगों ने कहा ” भीड़ को मूर्ख बनाया जा रहा है , हमें कुचला जा रहा है । “
” वह कैसे “उस्ताद ने आश्चर्य से पूछा
” देश में युवाओं को नौकरी न देकर , उन्हें भरमाया जा रहा है।

रोजगार के नाम पर अस्थिर जीवन दिया जा रहा है । महज कुछ सालों का रोजगार फिर सड़क पर , क्या इसी दिन के लिए युवाओं ने राजा को चुना था । राजा का धर्म के नाम पर लोगों को लड़ा कर , नफ़रत फैलाना क्या उचित है । विकास के नाम पर लोगो को भर्मित करना क्या ठीक है । देश की संपत्ति को अपने फायदे के लिए बेच देना ठीक है । हमारा राजा झूठ ज्यादा बोलता , क्या उसे यह शोभा देता है । अपने पूर्ववर्ती राजाओं को गाली देता है , क्या यह उचित है । वह अपने को इंसान की जगह भगवान मानता है । उसकी प्रजा भेड़ बकरियों की तरह है । जो समय आने पर वोट में तब्दील हो जाती हैं । भय , लालच , धर्म , वैमनस्यता आदि उसके हथियार हैं । जिसे वह समय समय पर प्रजा पर छोड़ता है । “
” इसमें गलत क्या है , सभी राजा करते हैं , उसने भी किया। ” झँटो उस्ताद ने टटोलने का प्रयास किया।

“यहाँ का नागरिक अब बौद्धिक नहीं रह गया है , जो खुद का विचार रख सके । वह राजा के तोतों का पाठ दुहरा रहे हैं। तोतें राजा का रटाया पाठ घूम घूम दुहराते हैं । प्रजा वही राग दुहरा रही है । जहाँ तक तुम्हारा कहना है कि सब राजा ऐसा ही करते हैं , तो तुम्हारा सोचना गलत है । हमारा राजा स्वयं को महिमामण्डित करने में जुटा है । सुना है स्वयं को भगवान का अवतार घोषित कर दिया है । अब वह दिन दूर नहीं जब स्वयं को पूजा करवाने की घोषणा कर दे।”
संवाद जोर पकड़ा ही था कि दरवाजे ठकठक से झँटो उस्ताद की नींद खुल गयी । देखा टी.वी चल रहा है । चुनाव का जुलूस अपने नेता का जयकारा लगा रहा है ।

जीवन परिचय-
रामजी प्रसाद ” भैरव “
जन्म -02 जुलाई 1976
ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट – चहनियाँ
जिला – चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास “रक्तबीज के वंशज” को उ.प्र. हिंदी संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार ।
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में “शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर” है ।
कविता संग्रह – चुप हो जाओ कबीर
व्यंग्य संग्रह – रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

सपा व भाजपा ने देश की जनता को दिया धोखाः विश्वनाथ पाल


सकलडीहा। भाजपा और आरएसएस के कार्यालय से सपा के लिये कार्ययोजना तैयार होती है। भाजपा और सपा देश की जनता को सिर्फ गुमराह कर रहे है। संविधान बचाने की बात करने वाले संविधान को बेच रहे है। उक्त विचार बुधवार को सकलडीहा इंटर कॉलेज के खेल ग्राउंड पर बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बसपा उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा।
इस मौके पर कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के हाथों को मजबूत करने और  बसपा के सपनों को साकार करने के लिये हर हाल में बूथ पर पहुंचकर अपने मतों का प्रयोग करने का आवाहन किया। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी से युवा परेशान है।

गैस सिलेंडर से लेकर खाद के दाम और बिजली महंगी हो गया है। भाजपा ने देश के जनता से अच्छे दिन लाने का वादा किया था। आज दलित से लेकर पिछड़े समाज को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। सपा और भाजपा एक है। सपा के नेता ही भाजपा की सरकार बनाने आर्शीवाद दिया था। मंदिर में पूजा करने वाले बाबा अब सत्ता संभाल रहे है। जबतक सत्ता के मंदिर पर नहीं जायेंगे तब तक पिछड़े और दलित समाज का भला नहीं होगा। सपा की सारी नितिया भाजपा और आरएसएस के कार्यालय से तय होता है। इसलिये इनके साथ अब कोई नही रह गया है। मात्र एक एमपी वाले नेता घूम रहे है। अंत में दलित पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में वोट करने का आह्वान किया। इस दौरान पूर्व प्रत्याशी अमित यादव लाला ने महंगाई व बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। कहा कि भाजपा सरकार ने रोजगार के अवसरों को पूरी तरह से समाप्त करने का काम किया। सरकारी कम्पनियों, एयरपोर्ट व रेलवे को निजी हाथों में सौंपकर बेरोजगारी को बढ़ाने का काम किया है। इसके अलावा अग्निवीर योजना को लाकर सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के सपने को भी तोड़ने का काम किया है। ऐसी सरकार से युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

इस मौके पर मंडल प्रभारी घनश्याम खरवार, सुबोध राम, घनश्याम प्रधान, संतोष भारती, हेमंत कुशवाहा, रामअवध पाल, डा. विनोद, तिलकधारी बिंद, इरशाद अहमद, अमित यादव लाला, रमेश राम, राकेश शर्मा, प्रेम सिंह, श्याम सुंदर विश्वकर्मा सहित अन्य रहे।

Voter List से नाम कटा‚ मतदान के पहले पता चलते ही मायूस हुए मतदाता

वोटर लिस्ट

12 लोगों के परिवार में मात्र दो-तीन लोगों को मिली वोटर पर्ची

Young Writer, इलिया: लगातार मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कवायद के बावजूद लोगों को अपने मताधिकार से वंचित होना पड़ेगा, क्योंकि बहुत से वैध मतदाताओं का नाम एक बार फिर मतदाता सूची से गायब है। इसकी जानकारी वोटरों को उस वक्त हुई जब एक जून को होने वाले मतदान के मद्देनजर बीएलओ मतदाता पर्ची को वितरित करने घर-घर पहुंचे। मतदाता सूची से नाम गायब देख मतदान करने को लेकर उत्साहित मतदाताओं में मायूसी छा गयी है।

विदित हो कि जनपद में एक जून को मतदान होना है। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से मतदाता पर्ची का वितरण किया जा रहा है। मतदाता पर्ची के वितरण के साथ ही वोटर लिस्ट से एक ही परिवार के कई लोगों के नाम गायब होने की जानकारी सामने आयी। यह बात जब लोगों को पता चली तो उन्होंने अपने-अपने बूथ की मतदाता सूची में अपना व अपने परिवार के लोगों का नाम ढूंढने लगे, तब पता चला कि बड़े पैमाने पर लोगों का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। यह कैसे हुआ यह जांच का विषय है, लेकिन नाम कटने से कई वैध मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करने से वंचित रह जाएंगे। स्थिति कुछ ऐसी है कि परिवार के 12 सदस्य हैं जिसमे दो से तीन सदस्यों का ही पर्ची मिली बाकी सदस्यों का मतदाता सूची से नाम ही गायब रहा। लोकतंत्र के निर्माण में भागीदारी की इच्छा लिए बिना मतदाताओं को बिना मत दिए ही घर पर बैठना होगा। लोगों का कहना है कि पिछले चुनाव तक मतदाता सूची में नाम था लेकिन लोकसभा चुनाव के सूची में नाम नहीं है। लोगों का कहना है कि नाम काटे जाने पर जब बीएलओ से पूछा गया तो वे संतोषजनक जवाब नही दे पाए। जिससे हम लोग लोकतंत्र के उत्सव में सहभागिता नही कर पाएंगे। मतदाता सूची में नाम नही होने से निर्वाचन आयोग के प्रति मतदाताओं की नाराजगी देखने को मिली।

Chandauli:तालाब में युवक का उतराया मिला शव,जांच में जुटी पुलिस

चंदौली। अलीनगर थानाक्षेत्र के मानसनगर मानसरोवर तालाब में बुधवार को एक 34 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौक़े पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने युवक का शिनाख्त करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नही मिली लोगो ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने पुलिस ने ग्रामीणों व पुलिस की सहायता से युवक के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक शेषधर पांडेय ने बताया कि एक 34 वर्षीय अज्ञात युवक का शव तालाब में उतराया हुआ मिला है। प्रथम दृष्टया देखने से लगता है कि नहाने के लिये तालाब में उतरा होगा गहरे पानी मे जाने से डूब गया है। फिलहाल शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

भीषण गर्मीः ट्रांसफार्मर हिट होते ही विद्युत आपूर्ति घंटों रही ठप

सकलडीहा विद्युत उपकेन्द्र पानी गिराकर ट्रांसफार्मर को ठंडा करते विद्युत कर्मी।
सकलडीहा विद्युत उपकेन्द्र पानी गिराकर ट्रांसफार्मर को ठंडा करते विद्युत कर्मी।

तीन घंटा बिजली बंद कराकर ट्रांसफार्मर को दूसरे दिन भी किया गया ठंडा

सकलडीहा। प्रचंड गर्मी और तपन से निजात नहीं मिल रहा है। बुधवार को दूसरे दिन भी दोपहर एक बजे से 20-20 केवी ट्रांसफार्मर हिट हो गए। इस कारण तहसील और ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद करा दिया गया। विद्युत कर्मियों द्वारा पानी गिराकर ट्रांसफार्मर ठंडा करने का प्रयास किया गया। करीब तीन घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप होने से गर्मी में लोग बेहाल रहे। जबकि ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिये एग्जॉस्ट लगाने का निर्देश दिया गया है।
लोकसभा चुनाव में बिजली की आपूर्ति निर्बाध रूप से मिलते रहे। इसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट है। दोपहर में करीब एक बजे सकलडीहा तहसील मुख्यालय के 20 केवीए की ट्रांसफार्मर हीट होने पर विद्युत कर्मियों आपूर्ति बंद करा दिया। इसके साथ ही ग्रामीण फीडर की भी आपूर्ति बंद कर दिया गया।। करीब एक घंटा तक पानी गिराकर ट्रांसफार्मर और चबुतरा को ठंडा करने का प्रयास किया गया। इसके पूर्व में स्विच यार्ड में लगे टीपीएमओ का ग्रिसिंग कराया गया। करीब तीन घंटा आपूर्ति बाधित रहा। इस बाबत एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि पारा अधिक होने के कारण ट्रांसफार्मर हीट हो जा रहे है। जिसके कारण आपूर्ति को बंद करना पड़ा। शाम तक सभी चारों ट्रांसफार्मर के पास एग्जास्ट कूलर लगाया जाएगा, जिससे बिजली की कटौती से निजात मिल सके।

Manoj Singh W का आरोप‚ जांच के नाम पर विपक्ष को डरा रहा जिला प्रशासन व पुलिस

सैयदराजा में रात्रि में मनोज सिंह डब्लू के वाहनों को चेक करती पुलिस।
सैयदराजा में रात्रि में मनोज सिंह डब्लू के वाहनों को चेक करती पुलिस।

सपा नेता बोले, भाजपा की गाड़ियों चेक हो जाएं तो मिल जाएंगे करोड़ों की नकदी व शराब

Young Writer, चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक सैयदराजा मनोज सिंह डब्लू व चंदौली पुलिस पुलिस मंगलवार की रात एक बार फिर आमने-सामने रही। समर्थकों से मुलाकात कर अपने आवास लौट रहे पूर्व विधायक की गाड़ियों को पुलिस ने रोक लिया और लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए उनके गाड़ियों की चेकिंग की। इस कार्य में सपा नेता ने पूर्ण सहयोग किया। साथ ही यह भी कहा कि विपक्ष की गाड़ियों की बजाय उन्हें सत्ता पक्ष व भाजपा के केंद्रीय मंत्री की गाड़ियों को चेक करना चाहिए, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर सकती।

सैयदराजा में रात्रि में मनोज सिंह डब्लू के वाहनों को चेक करती पुलिस।
सैयदराजा में रात्रि में मनोज सिंह डब्लू के वाहनों को चेक करती पुलिस।

उन्होंने दावा कि यदि पुलिस भाजपा का झंडा लगाकर जनपद में फर्राटा भर रहे भाजपा नेताओं की गाड़ियों को चेक करना शुरू कर दे तो उन्हें करोड़ों रुपये नकदी व शराब की खेप मिल जाएगी, जो इस वक्त चुनाव को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल में लायी जा रही है। भाजपा की गाड़ियों को चेक करने की बजाय पुलिस उन्हें अपनी सुरक्षा में परिवहन कराने में सहयोग दे रही है। वहीं विपक्ष के नेताओं पर निर्वाचन आयोग के नियम-कायदे का हवाला देते हुए जांच-पड़ताल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। कहा कि पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सत्ता पक्ष के दबाव में आकर चुनावी लड़ाई को एकतरफा करने की साजिश का हिस्सा बन गयी है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना लगे इतना समय हो गया, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने एक भी ऐसी तस्वीर सार्वजनिक नहीं की, जिसमें वह भाजपा के बड़े नेताओं, मंत्रियों व भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी को चेक कर सके। कहा कि पुलिस-प्रशासन को चुनाव के दौरान अपनी निष्पक्ष छवि पेश करने की जरूरत है, लेकिन इसके विपरीत व सत्ता पक्ष के दबाव में दिन प्रतिदिन झुकती चली जा रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।

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