Young Writer, इलिया। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सकों के न आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गयी है। जबकि वार्ड ब्वाय मरीजों का इलाज करने को विवश हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साधिकारी डा. मणिकेश प्रताप सिंह के अलावा डा. अरविन्द पाण्डेय, फर्मासिस्ट राघवेन्द्र सिंह, एलए विजय कुमार, एएनएम सरोज मौर्य व वार्ड ब्वाय रविन्द्र कुमार की नियुक्ति है। जिन्हें शासन द्वारा प्रतिमा लाखों रुप वेतन के रुप में दिया जाता है।
बावजूद कोई प्राईवेट डिसपेंसरी चला रहा है तो कोई कार्यस्थल से अनुपस्थित होकर अपने निजी कार्य में ब्यस्त है। यही कारण है कि मंगलवार को 10ः45 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं था। स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले दर्जनों मरीज डाक्टर का इंतजार करते करते पर्ची कटाने के बाद वापस लौट गए तो गरीब तबके के मरीजों का इलाज वार्ड ब्वाय रविन्द्र कुमार को करना पड़ा। वहीं कई मरीज प्रतीक्षालय में बैठकर डॉक्टर साहब के आने का इंतजार करते रहे। किसी तरह डॉक्टर अरविंद पांडेय अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारी समझते हुए 10ः50 बजे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए जहां वह मरीजों का इलाज किए। लेकिन चिकित्साधिकारी डा.मणिकेश प्रताप सिंह, फर्मासिस्ट राघवेन्द्र सिंह व एलए विजय कुमार अनुपस्थित मिले।कर्मचारी के आये दिन गायब रहने की प्रवृत्ति का परिणाम दूरदराज के गांवों से आने वाले मरीजों को उठानी पड़ती है। स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों के गायब रहने की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी भड़क उठे और वह तत्काल चिकित्सा अधिकारी डॉ मणीकेश सिंह को फोन द्वारा कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार न लाने पर स्थिति से शासन को अवगत कराने की बात कही।
इलिया अस्पताल पर मरीजों को नहीं मिल पा रही स्वास्थ्य सेवाएं
एएसपी से मिले लाकरधारी, कानपुर के तर्ज पर मांगा मुआवजा
मांगें नहीं मानी तो मई में आमरण अनशन करने की दी चेतावनी
Young Writer, चंदौली। इंडियन बैंक चोरी प्रकरण में पीड़ित लॉकरधारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पुलिस लाइन पहुंचकर एएसपी चिरंजीव मुखर्जी से मिला। लाकरधारियों ने कानपुर सेंट्रल बैंक की शाखा के द्वारा 11 लॉकरधारियों के 24 दिन के भीतर 2 करोड़ 64 लाख का भुगतान किए जाने के संबंधित दस्तावेज सौंपा। साथ ही इंडियन बैंक पर दवाब बनाकर उसी तरह की प्रक्रिया मुआवजा दिलाने की मांग की है।
चेतावनी दी कि अगर बैंक पीड़ितों की मदद और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेगा तो मई महीने के दूसरे सप्ताह में आमरण अनशन भी करने पर विचार किया जाएगा। यह अनशन तब तक चलेगा, जब तक बैंक के आला अफसर आकर सेटलमेंट के लिए तैयार नहीं हो जाते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव मुखर्जी ने चंदौली कोतवाल शेषधर पांडेय को निर्देशित किया कि कानपुर के मामले का संज्ञान लेकर तत्काल इंडियन बैंक के अफसरों से बातचीत कर मुआवजे का हल निकालने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में मदद की जा सके। लाकरधारियों ने कहा कि इंडियन बैंक में हुई चोरी में हम सभी का करोड़ों रुपए के जेवरात और गहने गायब हो गए। इस मामले में पुलिस की चार्जशीट में बैंक की लापरवाही सामने आई है और बैंक ने अभी तक ना तो मुआवजे का भुगतान किया है और ना ही हमारी कानूनी प्रक्रिया में हमारा सही तरीके से सहयोग कर रहा है। हमें बैंक के इंश्योरेंस के पेपर लेने के लिए 10 दिन की दौड़भाग के बाद तालाबंदी को मजबूर होना पड़ा तब जाकर बैंक ने पेपर कल शाम अपने अधिवक्ता को दिया। मुलाकात करने वालों में विजय तिवारी, आरके सिंह, दिनेश सिंह, रेखा सिंह, रामेश्वर सिंह, सुदर्शन सिंह समेत कई लॉकरधारी शामिल थे।
डा.नदीम अशरफ बने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सेवा प्रमुख
Young Writer, चहनियां। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार एवं राष्ट्रीय संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इस्लाम अब्बास की सरपरस्ती में प्रमुख पर्यावरण विभाग काशी प्रांत सैयद सरफराज पहलवान के संतुति पर डा.नदीम अशरफ को सेवा प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रीय मंच काशी प्रांत बनाया गया। क्षेत्रीय पूर्वी उत्तर प्रदेश संयोजक मोहम्मद अजहरुद्दीन साहब एवं संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच काशी प्रांत मौलाना शफीक एवं क्षेत्रीय सह संयोजक काशी प्रांत अधिवक्ता ताज मोहम्मद साहब के आदेशानुसार डा.नदीम अशरफ को सेवा प्रमुख बनाया गया। डा.नदीम अशरफ पर संगठन की मजबूती एवं बधाई देते हुए हौसला अफजाई किया। विदित हो कि डा.नदीम अशरफ जिले के लोकप्रिय सम्मानित व्यक्तित्व के धनी एवं समाजसेवी है इनके पदोन्नति होने से संगठन को काफी मजबूती मिलेगी। सैयद सरफराज पहलवान ने डा.नदीम अशरफ को नए दायित्व की बधाई दी। कहा कि डा. नदीम अशरफ के जुड़ने से समाज का बहुत बड़े वर्ग तक मुस्लिम लीग की पहुंच होगी, जिससे लीग की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के काम को गति मिलेगी।
डीएम के निरीक्षण में निष्प्रयोज्य मिला विद्यालय का प्रोजेक्टर
कम्पोजिट विद्यालय चंदौली की सफाई व्यवस्था पर असंतुष्ट दिखे जिलाधिकारी
Young Writer, चंदौली। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने प्राथमिक विद्यालय सदर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समय से उपस्थिति एवं मिड-डे-मील की गुणवत्ता परखी। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों से गुणा-भाग व जोड़ देकर सवाल हल करवाया गया। साथ ही कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों से हिंदी-इंग्लिश की किताब पढ़वाया गया। इसके अलावा बच्चों से पड़ोसी देशों के नाम, राष्ट्रीय पशु व पक्षी के नाम सहित सामान्य ज्ञान की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अध्यापकों से कक्षावार टाइम टेबल की जानकारी भी ली।
इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को निर्देशित करते हुए कहा कि जो बच्चे पढ़ने में कमजोर हैं उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। हर बच्चों से ब्लैक बोर्ड पर जोड़, गिनती, पहाड़ा को हल कराया जाए। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं रहने पर गहरी नाराजगी जतायी और सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। विद्यालय के शौचालय के नियमित अच्छी तरह से साफ-सफाई के निर्देश दिए। कहा कि भोजन से पहले व शौच करने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत बच्चों में अवश्य डालें जाय। आंगनबाड़ी के बच्चों की उपस्थिति कम रहने पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों के अभिभावको से मिलकर विद्यालय में भेजने के लिये अपील करें। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्टर मशीन निष्प्रयोज्य रखे जाने व उससे बच्चों में पठन-पाठन नहीं कराने पर सख्त हिदायत दी। कहा कि प्रोजेक्टर का उपयोग करते हुए बच्चों के पठन-पाठन कराएं। जिलाधिकारी द्वारा मिड डे मील में बने भोजन व भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली गई। रसोई कक्ष का निरीक्षण कर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता देखी इसके साथ ही साफ-सफाई के साथ भोजन पकाने व बच्चों को खिलाये जाने के निर्देश रसोइयों को दिए। टूटे हुए फर्नीचर्स की मरम्मत करवाने के निर्देश प्रधानाध्यापक को दिए। जिलाधिकारी ने कम्पोजिट विद्यालय के जर्जर भवन का निरीक्षण कर प्रधानाध्यापक को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया।
चंदौली लॉकरधारी आमरण अनशन की बना रहे है रणनीति, अपर पुलिस अधीक्षक से मिला प्रतिनिधि मंडल कानपुर के तर्ज पर मुआवजे की मांग
चंदौली जिले में पीड़ित इंडियन बैंक के लॉकरधारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव मुखर्जी से मिला। इस दौरान कानपुर सेंट्रल बैंक की शाखा के द्वारा 11 लॉकरधारियों के 24 दिन के भीतर 2 करोड़ 64 लाख का भुगतान किए जाने के तर्क पर पत्रक सौंपा और कानपुर की तर्ज पर मुआवजा भुगतान की मांग किया।
साथ ही साथ चेताया कि अगर बैंक पीड़ितों की मदद और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेगा। और पुलिस भी बैंक पर दबाव बनाकर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेगा तो। लॉकरधारी आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। कहा कि अनशन तब तक चलेगा, जब तक बैंक के आला अफसर आकर सेटलमेंट के लिए तैयार नहीं हो जाते हैं। लॉकरधारी पीड़ितों ने कहा कि जिस तरह से कानपुर जिले में सेंट्रल बैंक से गायब हुए गहनों और जेवरातों के मामले में बैंक प्रबंधन ने कार्यवाही करते हुए मात्र 24 दिन के अंदर पीड़ित 11 लॉकरधारियों को मुआवजा देते हुए भरपाई की है। कानपुर की कराचीखाना लॉकर कांड के 11 पीड़ितों को 2 करोड़ 64 लाख का मुलावजा मिला है। इस मामले में बैंक प्रबंधन ने लॉकरधारियों के प्रति उदारता दिखाई है। लेकिन इंडियन बैंक प्रबंधन इस मामले में उदासीन बना हुआ है। केवल लेटलतीफी करके मामले को उलझाना चाहता है और कोर्ट में भी सही तरीके से न तो जवाब दाखिल कर रहा है और ना तो हमारा सहयोग कर रहा है। लॉकरधारियों ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि जिस तरह से चोर को पकड़ने में आप लोगों ने अलग-अलग जिले की घटनाओं का सहारा लिया है। उसी तरह से मुआवजे के भुगतान में अलग-अलग जगहों की नजीर को देखते हुए बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाएं और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की पहल करें।
इसके साथ ही साथ मामले में बैंक की जांच रिपोर्ट तलब करके मामले में बैंक के लापरवाह अफसरों व बैंक कर्मचारियों को मामले में अभियुक्त बनाकर कार्रवाई शुरू करेंगे तभी बैंक प्रबंधन इस मामले में मुआवजा देने को राजी होगा।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव मुखर्जी ने कोतवाल शेषधर पांडेय को निर्देशित किया कि कानपुर के मामले का संज्ञान लेकर तत्काल बैंक को वहां के भुगतान प्रक्रिया को समझने का निर्देश दिया और बैंक के अफसरों को कानपुर की सेंट्रल बैंक शाखा से कोआर्डिनेट करके वहां से पेपर मंगाने की बात कही। ताकि मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया को जाना समझा जा सके और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में मदद की जा सके।
इस दौरान विजय तिवारी, आरके सिंह, दिनेश सिंह, रेखा सिंह, रामेश्वर सिंह, सुदर्शन सिंह समेत कई लॉकरधारी शामिल थे।
स्काउट-गाइड का कार्य सराहनीय व प्रसंशनीय: डा. विजय
Young Writer, चंदौली। भीषण गर्मी, तेज धूप व तपन को देखते हुए भारत स्काउट और गाइड की ओर से सोमवार को बीएसए कार्यालय के पास निःशुल्क जल सेवा प्याऊ का शुभारंभ हुआ। इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ विजय प्रकाश सिंह ने रिबन काटकर किया। उन्होंने स्काउट-गाइड के जनसेवा से जुड़े इस कार्य को सराहा। कहा कि जिस तपन व तेज धूप में लोग अपने घरों के अंदर महफूज हैं, ऐसी विषम परिस्थिति में स्काउट-गाइड के बच्चे राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए आगे आए हैं जो सराहनीय एवं प्रसंशनीय है।
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड सदैव सेवा पथ पर चलकर निस्वार्थ भाव से समाज कि सेवा के लिए सदैव तत्पर रहता है। स्काउट गाइड की जन सेवा भावना जग जाहिर है यह बच्चों के अंदर समाजसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। इस भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना बहुत ही पुनीत कार्य है स्काउट गाइड के इस पुनीत कार्य की सराहना प्रत्येक नागरिकों ने किया इस अवसर पर जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज सकलडीहा इंटर कॉलेज एवं पंडित कमलापति त्रिपाठी पीजी कॉलेज स्काउट गाइड रोवर रेंजर उपस्थित रहे। उद्घाटन कार्यक्रम में एबीएसए एसबी सिंह, रीता रानी, जिला संगठन आयुक्त गाइड अंजू कुमारी, भानु प्रताप सिंह, हरिहर विश्वकर्मा, रोशनी विश्वकर्मा, रेखा यादव, दिव्या साधना यादव, संजय, नियामत अली, प्रीति, सुहानी आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. एसके लाल व संचालन सैयद अली अंसारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुश्री अंजू कुमारी ने किया।
दरौली में ठूंठ की आग से 11 लोगों का 25 खपरैल झोपड़ी जले
Young Writer, कंदवा। थाना क्षेत्र के दरौली गांव में सोमवार को ठूंठ की आग से 11 लोगों के खपरैल के झोपड़ी कुल 25 मकान आग के चपेट में आ गये।जिसमें 80,000 नगदी सहित घर गृहस्थी का सामान जल गया।पांच सौ एकड़ ठूंठ भी जल गया। गनीमत रहा ग्रामीण बच्चों एवं पशुओं बाहर निकाल दिए, लेकिन कुछ पशु आग के चपेट मे आने से झूलस गये। सूचना पर पहुंची 112 नंबर पुलिस एवं एक फायर ब्रिगेड की गाड़ीयों ने देर शाम आग पर काबू पाया।नही तो पुरा गांव जल सकता था।
कंदवा के अमड़ा, बहेरा, बकौड़ी, बसंतपुर, अदसड़ अरंगी तेल्हरा के सीवान में लगी आग हवा के झोंको से दरौली गांव के दक्षिण तरफ बांस में होते हर्जन बस्ती में पकड़ लिया और देखते ही धू-धूकर एक बाद एक खपरैल, झोपड़ी के मकान को अपने आगोश में ले लिया। हवा से आग का तेवर देख लोग शोर मचाते अपने अपने घरों से भाग खड़े हुए। लाख प्रयास के बाद आग खुब तांडव मचाया। जिसमें विजेन्द्र राम की चार मड़ई, विनोद की तीन मड़ई, सियाराम की पाँच मड़ई अलकर खाक हो गयी। वहीं रमाशंकर की तीन मड़ई, विलोक की दो मड़ाई, चतुरी की चार मड़ई, परमानंद की तीन मड़ई,जयकीशुन दो मड़ई जल गई। रमाशंकर का 80,000 रूपया जल गया जो की मंगलवार को मोटर साइकिल खरीदने के लिए रखा गया। विलिराम का 20बिघा गेहूँ की राश जल गया वही राधेश्याम विनोद की एक एक भैंस झुलस गयी और सभी लोगों के घर रखा चावल ,गेहूं, चना,सरसों, कपड़ा, चारपाई, विस्तार बर्तन आदि समान जल गया। आग के तांडव से कुछ लोग खुले आसमान के निचे आ गये हैं घर में खाने अन्य नही रह गयें हैं।वही सीवान में सिवनारायण की मशीन पर खड़ी थ्रेसर,चारा मशीन ट्रेक्टर का टाली गेहूं के जल गए। सीवान में ग्रामीणों के 50 उपली का ढेर जल गए। आग बुझाने में कंदवा 112 नम्बर पुलिस व गांव के ग्रामीणों एवं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के सतर्कता से देर शाम आग बुझाई गयी नहीं तो पुरी दरौली बस्ती जल सकती थी। इस संबंध में ग्राम प्रधान बिन्दु यादव, ईश्वर कुमार, मुन्ना सिंह, अजीत सिंह ने पीड़ितों को जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सहायता राशि दिलाए जाने की मांग किया है।
अधिवक्ताओं के हर्ष में सहर्ष शरीक हुए चंदौली आला अफसरान
न्यायालय निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने पर अधिवक्ताओं ने निकाला विजय जुलूस
Young Writer, चंदौली। न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले चंदौली के अधिवक्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर विजय जुलूस निकाला। अधिवक्ता दीवानी न्यायालय निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध होने से गदगद थे। विजय जुलूस निकालकर कचहरी पहुंचे अधिवक्ताओं की इस खुशी में जनपद के न्यायिक, प्रशासनिक व पुलिस अफसर शरीक हुए और एक-दूसरे का मुंह मीठाकर खुशी का इजहार किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय निर्माण के लिए आज जो रास्ता प्रशस्त हुआ है वह सभी अधिवक्ताओं, व्यापारियों व स्थानीय आवाम की एकजुटता व कड़े संघर्ष का प्रतिफल है। चंदौली के अस्तित्व को बचाने व उसे संवारने के लिए संघर्ष की कड़ी को आगे और मजबूत किया जाएगा। ताकि प्रशासनिक उदासीनता व शिथिलता को हावी होने न दिया जाएगा।

इस दौरान जिला जज ज्योति कुमार त्रिपाठी ने चंदौली के अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि चंदौली दीवानी न्यायालय निर्माण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। यदि निर्माण में कोई बाधा आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। डीएम संजीव सिंह ने भी भरेासा दिया कि दीवानी न्यायालय के निर्माण में आ रही सभी अड़चने दूर हो गयी है। यदि कोई दिक्कत आती है तो उसे अधिवक्ताओं व न्यायिक अफसरों के साथ समन्वय स्थापित कर दूर करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के अध्यक्ष अम्बर रावत ने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि अधिवक्ता समाज हर समय खुशहाल रहे। आज जश्न का जो माहौल है वह ऊर्जा से परिपूर्ण व सकारात्मक है। ऐसा माहौल चंदौली कचहरी में कायम रहे इसका पूरा प्रयास होगा। एसपी अंकुर अग्रवाल ने कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर लम्बे समय तक तटस्थ रहे। इनका संघर्ष सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संघर्ष समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की। इसके बाद अधिवक्ताओं जश्न मानते हुए एक-दूसरे का मुंह मीठा किया और खुशी जाहिर की। झन्मेजय सिंह ने कहा कि यह जीत वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन व कनिष्ठ अधिवक्ताओं के बेजोड़ समर्थन को समर्पित है। जिस तरह से हर उम्र के अधिवक्ताओं ने चंदौली के अस्तित्व को बचाने के लिए आगे आए और एकता की ताकत का प्रदर्शन किया। वहीं उन्होंने चंदौली के मीडिया का भी आभार जताया, जिन्होंने इस मुद्दे को अखबार, चैनल व डिजिटल माध्यम से सरकार व उच्च सदन तक पहुंचाने में सहायक की भूमिका अदा की। बताया कि इस अवसर पर संतोष कुमार सिंह, शमशुद्दीन, अनिल कुमार सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजय मिश्रा, धनंजय सिंह, उज्ज्वल सिंह, उज्ज्वल स्वरूप श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, रामप्रकाश मौर्या, नीरज सिंह, राजेंद्र पाठक आदि उपस्थित रहे। संचालन राकेश रत्न तिवारी ने किया।
इनसेट—
अधिवक्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहींः झन्मेजय सिंह
चंदौली। एसडीएम चकिया प्रेमप्रकाश मीणा के खिलाफ चंदौली के अधिवक्ताओं में सोमवार को जबरदस्त आक्रोश मिला। अधिवक्ताओं ने चकिया के साथियों के समर्थन में आह्वान किया और एसडीएम चकिया को चेतावनी जारी किया कि अधिवक्ताओं के प्रति अपने रवैये व नजरिए को बदलें, अन्यथा उनके खिलाफ चंदौली जिले का एक-एक अधिवक्ता लामबंद हो जाएगा। पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ता हमेशा वादकारी व आमजन के हित में संघर्षरत रहता है। फिर चाहे न्यायालय हो या फिर सरकारी दफ्तर अधिवक्ता कमजोर व मजलूम की आवाज को मजबूती के साथ उठाने का काम करता चला आ रहा है। ऐसे में प्रशासनिक अफसर अपने कार्य एवं व्यवस्था से अधिवक्ताओं का तिरस्कार व प्रतिकार करे तो यह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। चकिया में जो भी अधिवक्ताओं की मांगें है उसे पूरा किया जाएगा। साथ ही एसडीएम चकिया अधिवक्ताओं से अपनी गलती की माफी मांगे और अधिवक्ताओं को स्थगित किए गए कामकाज को पूरा करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो चंदौली के अधिवक्ता चकिया कूच करने को विवश होंगे।
इनसेट—-
न्यायिक कार्य से विरत रहे नौगढ़ के अधिवक्ता
नौगढ़। चकिया एसडीएम के दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर चकिया बार एसोसिएशन के द्वारा लगातार कार्य से विरत रहने के समर्थन में नौगढ़ तहसील के अधिवक्ता कार्य से रहे बिरत नौगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव के द्वारा सभी अधिवक्ताओं के बीच एक बैठक आहूत करके यह निर्णय लिए की चकिया उपजिलाधिकारी के द्वारा वाद ना दर्ज करने और वाद कार्यों से दुर्व्यवहार को लेकर सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन तक कार्य से विरत रहेंगे। बैठक में विजय बहादुर सिंह यादव, केएन मौर्य, राजेंद्र सिंह, जिलाजीत सिंह यादव, अखिलेश कुमार, कैलाश मौर्य, बाबूलाल शर्मा, राजू कुमार मौजूद रहे।
चंदौली रामभरोसे शहाबगंज ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था
शहाबगंज। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में इस वक्त रामराज्य चल रहा है। विद्यालय कब खुलेगा और कब बंद होगा यह कोई देखने वाला ही नहीं है। इन विद्यालयों की सारी व्यवस्थाएं राम भरोसे है, जबकि आधिकारिक रूप से इसे बेसिक शिक्षा विभाग के भरोसे होने चाहिए। विद्यालयों की बात करें तो यहां गैस सिलेंडर की जगह चूल्हे पर एमडीएम बनाने का क्रम जारी है। जो शासनादेश का खुला उल्लंघन है।शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र में

सोमवार की सुबह कुछ विद्यालयों फैक्ट चेकिंग किया गया कि विद्यालयों की पठन पाठन की क्या स्थिति है? नामांकन के सापेक्ष कितनी संख्या में बच्चे उपस्थित हैं? अध्यापकों के आने जाने का समय ठीक है कि नहीं? विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरैया में 8ः30 तक स्कूल का ताला बंद था। वहीं एक अध्यापक संतोष कुमार गुप्ता उपस्थित थे। विद्यालय में 145 छात्र नामांकित है, जिनमें मात्र छह बच्चे उपस्थित रहे। कम्पोजिट विद्यालय मनकपड़ा में बच्चों की उपस्थिति कम थी। वहीं रसोईया द्वारा गैस सिलेंडर की जगह चूल्हा पर खाना बनाया जा रहा था।वही एक रूम में उपला भरा हुआ था। इसी तरह का नजारा कम्पोजिट विद्यालय ढुन्नू में भी मिला, जहां गैस सिलेंडर की जगह चूल्हा पर खाना बन रहा था। वहीं भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार का शासनादेश जारी किया गया है किसी भी परिषदीय विद्यालय में उपला पर एमडीएम का भोजन नहीं बनाया जायेंगा।जिससे धुआं रहित वातावरण भी विद्यालय का बना रहेगा।
चंदौली करनौल-बड़गांवा के सिवान में लगी भीषण आग,वनबासी बस्ती जलकर राख दर्जन भर लोग हुए बेघर
शहाबगंज। क्षेत्र के करनौल व बड़गांवा गांव के सिवान में लगी आग से सैकड़ों बीघा खेत का ठूठ जल गया। वहीं आगलगी से सोबंधा नहर के पास वनबासी बस्ती जलकर राख हो गयी।घटना की सूचना पाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़तों को ढ़ांढस बधाया।
क्षेत्र के करनौल गांव के सिवान में सोमवार की दोपहर में अज्ञात कारणों से आग लग गयी।तेज हवा के साथ आग विकराल होकर सोबंथा नहर की पटरी पर बसे वनबासी बस्ती में पहुंच गयी। बस्ती के लोग जब तक कुछ समझते तक तक रिहायशी मकान धू धू कर जलने लगा।

ग्रामीणों व पुलिस के सहयोग से आग पर काबू पाया जाता तब तक घूरफेकन, शिवरात्री, जितेन्द्र, अनिल, श्यामलाल, पप्पू, कैलाश, ललिता, बुद्धू व शिकारी का मकान जलकर खाक हो गया, जिसमें रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। वही सूचना पाकर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने बस्ती में पहुंचकर पीड़ितों से मिलकर ढांढस बधाया। उन्होंने राजस्व कर्मी को क्षति का आंकलन कर आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी संजीव सिंह भी अगलगी की घटना में हुए नुकसान की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे और नुकसान का मुआयना किया। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सहित राजस्वकर्मी लोग उपस्थित रहे।











