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Saturday, January 24, 2026

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प्रेमिका से वादाखिलाफी‚ एफआईआर के बाद प्रेमी को जेल

नौगढ़(चंदौली)। प्यार परवान चढ़ने के बाद चार माह तक साथ-साथ रहने के बाद शादी के वादे से मुकरने पर प्रेमिका ने प्रेमी के विरुद्ध यौन शोषण करने का मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जाता है कि चकरघट्टा थाना क्षेत्र के सोनवार गांव निवासी एक युवक अपने प्रेमजाल मे फंसाकर 18 वर्षीय किशोरी को शादी करने का झांसा देकर के 4 माह तक साथ रहकरके यौन शोषण करता रहा। जब किशोरी शादी करने की जिच पर अड़ गयी तो वह ना-नुकर करते हुए साथ भी रहने से इंकार कर मारने पीटने लगा, जिससे पीड़िता ने चकरघट्टा थाना में तहरीर देकर के न्याय की गुहार लगाई। थानाध्यक्ष दीनदयाल पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 376, 452, 504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

जन सेवा केंद्र के आड़ में चल रहा अवैध रेल ई- टिकट का गोरखधंधा

चंदौली – जनसेवा केंद्र की आड़ में अवैध तरीके से रेलवे का ई – टिकट बनाने वाले सीएससी संचालक को मंगलवार को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया. रेवसा स्थित जंसो की मड़ई स्थित बीएस साइबर कैफे संचालक के पास से 26 हजार रुपये मूल्य के ई – टिकट भी बरामद किये. जिसमें 28 पुराने और दो नए टिकट शामिल थे.

आरपीएफ पोस्ट डीडीयू प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में सीआईबी के आरक्षी दुर्गेश नंदन ने मुखबिर की सूचना पर रेवसा , जंसो की मड़ई पर संचालित बीएस साइबर कैफे में छापेमारी की. इस दौरान संचालक बलवंत कुमार के पास से 28 पुराने और दो नए रेलवे ई – टिकट बरामद हुए. बताया कि वह जन सेवा केंद्र चलाते हैं, और उनके पास आईआरसीटीसी का लाइसेंस भी नहीं है. जांच में आईआरसीटीसी के पर्सनल यूजर आईडी से बनाए गए टिकट मिले. बताया कि वह अवैध तरीके से पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर लोगों को अधिक दाम पर टिकट उपलब्ध कराता था. आरपीएफ ने टिकट बनाने में उपयोग किया गया एक लैपटॉप , एक प्रिंटर , एक स्मार्टफोन जब्त किया.

गौरतलब है की जिले भर के तमाम सीएससी सेंटर अवैध रेलवे टिकट के कारोबार में लिप्त है.समय समय पर आरपीएफ की तरफ से अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है.इससे पूर्व भी चन्दौली चकिया पड़ाव समेत अन्य सेंटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

जल निगम सप्लाई का पानी हुवा दूषित, पीते ही लोगो को हो रहा है उल्टी दस्त स्वास्थ्य महकमा बेखबर

चंदौली। कमालपुर कस्बा स्थित दलित बस्ती में डायरिया का प्रकोप तेज़ी ईसे देखने को मिल रहा है. जिसकी चपेट में आने से करीब दर्जन भर लोग बीमार है. डायरिया से पीड़ित सभी लोग निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे है. वहीं स्वास्थ्य महकमा इस महामारी से अनजान बना हुआ है. तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई स्वास्थ्य कर्मी हाल जानने नहीं पहुँचा.

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जल निगम की सप्लाई का पानी दूषित है. जिसे पीते ही उल्टी दस्त शुरू हो गया. गांव की एएनएम को सूचना दिया गया. लेकिन इलाज की बजाय सिर्फ बीमारों का नाम लिखकर चली गई. तीन दिन बाद भी अब तक कोई सरकारी डाक्टर नही आया. कस्बे के दलित की बस्ती से महज 300 मीटर की दूरी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. लेकिन अस्पताल में इलाज की बात तो दूर ईमरजेंसी के लिए कोई डाक्टर भी मौजूद नही रहता. डायरिया से पीड़ित परिवार प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर है. मंगलवार के दिन मरीजों की संख्या बढ़ते ही बस्ती में हड़कंप की स्थिति है.जिसमें सुशीला 50, विवेक 24, लालजी 65, गीता 30 ,रूबी 15 पिंटू 38 राजेश 38 अजय 17 चन्द्रबली 7, रामाशीष 45, झूरी 65 ,रिशु 4 ,संजना 6 ,शिवांश 18 समेत अन्य लोग बीमार है.इस ।दौरान

धानापुर सीएचसी प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया की उन्हें इस बाबत कोई सूचना नहीं मिली है. यदि गांव में डायरिया का प्रकोप है तो टीम गठित कर उपचार के लिए भेजी जाएगी.

छित्तमपुर में डायरिया से 131 प्रभावित, हड़कम्प


सकलडीहा क्षेत्र के छित्तमपुर गांव में डायरिया की चपेट में 131 लोगों के प्रभावित होने की सूचना से स्वास्थ्य महकमा में हड़कम्प मच गया। इस दौरान 22 से अधिक गंभीर रूप से बिमार होने पर सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जिनका इलाज सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव स्वास्थ्य टीम की निगरानी में शुरू करा दिया है। भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी की सूचना पर सीएमओ ने गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर सभी को दवा वितरण व आवश्यक दिशा निर्देश दिया। देर शाम तक गांव में डायरिया के प्रभाव को लेकर ग्रामीणों में खलबली मचा रहा।
डायरिया की चपेट में सोनी, रीमा, मुलायम यादव, आशीष, सोनी, चंदन, धर्मेन्द्र, उपेन्द्र, महेन्द्र यादव, उर्मिला, तेरसा, अंशु,अनु, राजेन्द्र यादव, मिठाई यादव सहित कुल 109 लोग डायरिया की चपेट में थे। इसके अलावा 22 लोगो का गंभीर रूप से बिमार होने पर स्वास्थ्य टीम ने सीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है वही इसके पहले 9 लोगों को इलाज के दौरान स्वस्थ होने पर घर भेजा जा चुका है। सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव जिले की स्वास्थ्य टीम के साथ गांव में पहुंचकर सभी डायरिया पीड़ितों को दवा आदि का वितरण किया। इसके साथ पानी और स्टूल की जांच के लिये भेजा गया। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव ने बताया कि गांव में कुल 120 डायरिया प्रभावितों को दवा आदि दी गयी है।

सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव ने डा. एलबी शर्मा, डा. बीके प्रसाद, डा. डीके सिंह, शाहिद अंसारी, रामजी, राजेश, कृपाशंकर, राजेश चैधरी, क्षितिज, रमेश के साथ टीम गठित किया गया है। जो क्रमशः गांव में पहुंचकर ठीक होने तक निगरानी करेंगे।

मोमोज बनाते समय गैस रिसाव से लगी आग, दो मासूम समेत पांच झुलसे


चंदौली। जनपद के सैदूपुर कस्बे में मंगलवार को गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण आग लग गयी। अगलगी की इस घटना में एक ही परिवार के पांच लोग बुरी तरह से झुलस गए। घटना के बाद कस्बे में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने किसी तरह ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू कर लिया। वहीं सभी झुलसे लोगों जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में भर्ती कराया, जहां तीन की हालत सामान्य बताई गई। वहीं दो बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार झांसी जिला निवासी सुरेश पाल 50 वर्ष अपने परिवार के साथ सैदूपुर कस्बे में रहकर मोमोस बेचने का कार्य करते हैं। मंगलवार को मोमोस बनाने के दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और आग की ऊंची लपटें उठने लगी। घटना में परिजनों को बचाने गए बच्चों समेत पांच लोग झुलस गए, जिसमें सुरेश पाल 50 वर्ष, पुष्पेंद्र पाल 30 वर्ष, प्रियंका 28 वर्ष, अनन्या पांच वर्ष व गौरी दो वर्ष शामिल हैं। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने तत्काल झुलसे हुए लोगों को चकिया संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। इस संबंध में चिकित्सक ने बताया एक ही परिवार के पांच लोग आग से झुलसे स्थिति में आए थे, जिसमे तीन लोगों की स्थिति सामान्य है, वहीं दो बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।

बाढ़ से फसलें बर्बाद‚ किसानों को सरकारी मदद का इंतजार

रामगढ़ के खेतों में बाढ़ के पानी से बर्बाद फसल देखते किसान।


चहनियां। बाढ़ का पानी घटने के बाद भी कई गांव के हजारों किसानों की फसल बाढ़ के पानी से नष्ट हो गयी। सन 2013 में भी फसलों का नुकसान हुआ था। इस बार भी किसानों के घर मे अनाज का दाना नहीं पहुंचेगा। अब ऐसी विषम स्थिति में स्थानीय प्रशासन व शासन किसानों को हुए भारी नुकसान का त्वरित मूल्यांकन कराकर उन्हें तत्काल नुकसान की प्रतिपूर्ति करे, ताकि किसानों को बड.ी आर्थिक क्षति से होने वाले आघात को कम किया जा सके। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल किसानों की निगाहें स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर है।


बाढ़ की विभीषिका झेल चुके तटवर्ती गांव कांवर, महुअरिया, बिसूपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, महुअर कला, हरधन जुड़ा, विजयी के पूरा, गणेशपुरा, टाण्डाकला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर, नादी के ग्रामीणों को पानी घटने से राहत तो मिल गयी। किन्तु इन गांवो के साथ बाण गंगा नदी से जुड़े गांव भुसौला, मुकुंदपुर, चकबुलन, नदेसर, सढान, बरिया, रामगढ़, कुरा, महमदपुर, बैराठ, रइया, नौदर, सुरतापुर, रमौली, चहनियां, सिंगहा, लक्ष्मणगढ़, राधे के मड़ई, कैथी आदि गांवो के हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो गयी। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही मंजर 2013 के बाढ़ में आया था। यह पानी कई महीनों तक नहीं निकलता है, जिससे आगे के फसल भी प्रभावित होती है। तटवर्ती गांव के किसान तो अगली खेती कर भी लेते है किंतु बाण गंगा नदी से जुड़े खेतों के हजारों किसानों के घर अनाज का दाना भी घर नहीं पहुच पाता है।

अब जलमग्न नहीं होगी 400 बीघा कृषि भूमि‚ जानिए कहां…

बरांव गांव के समीप कुलावा स्थापित कराते एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा।


जलजमाव की समस्या संग विवाद का हुआ निबटारा
इलिया। एसडीएम चकिया प्रेमप्रकाश मीणा मंगलवार को बरांव गांव के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने किसानों के जलजमाव की समस्या को संज्ञान में लिया और 80 किसानों के 400 बीघा कृषि भूमि के जलमग्न होने की समस्या का निदान किया। उन्होंने अपनी मौजूदगी में दो फीट चैड़ा 35 मीटर लंबा कुलावा लगवाया, जिससे प्रभावित किसानों को अब जलजमाव के संकट से नहीं जूझना होगा। इसके अलावा किसानों के बीच पुराना विवाद भी इसके साथ स्वतः समाप्त हो गया है। एसडीएम के इस प्रयास को किसानों ने जमकर सराहा।
विदित हो कि वर्ष 2007 में उक्त जल निकासी को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। कई दफा हालात इतने बिगड़े की जल निकासी को लेकर किसान आमने-सामने आए और लाठी-डंडे का भी खुलकर प्रयोग भी हुआ। बीते दिनों सम्पूर्ण समाधान दिवस में जब मामला एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा तक पहुंचा तो उन्होंने समस्या के निवारण में गंभीरता दिखाई। साथ ही इसके निराकरण के लिए मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया और जेसीबी मंगाकर रास्ते की खुदाई कराकर रास्ते की खुदाई कराकर वहां कुलावा स्थापित कराया, जिससे बारिश के दिनों में पास की नहर में इकट्ठा हुआ पानी तत्काल निकल सके। किसान खेती बाड़ी सुचारू रूप से बिना किसी जलभराव की समस्या के कर सकें। इसके साथ ही जल निकासी की समस्या और उसे लेकर आए दिन हो रहे विवाद पर अब विराम लगने की संभावनाएं प्रबल हुई है। इस दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, तहसीलदार चकिया एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

आखिर किसने जारी की सरकारी भूमि खतौनी?‚ क्या होगी जांच और कार्यवाही?


चकिया नगर पंचायत लगातार वसूल रहा गृहकर और जलकर
चकिया। नगर पंचायत चकिया में अतिक्रमण पर एसडीएम के कड़े रुख और ताबड़तोड़ कार्यवाही चर्चाओं का बाजार गर्म है। नगर के वार्ड नंबर 5, निर्भयदास स्थित सरैया ताल की सात बीघा जमीन पर अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एसडीएम की कार्रवाई पर भी नगर के लोगों में दो राय है, कोई इस कार्रवाई को सहीं तो कोई गलत ठहरा है।
बहरहाल, नगर में एक और मुद्दों को लेकर लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है। सवाल यह है कि यदि भूमि सरकारी थी तो उसकी खतौनी किसने जारी की? क्या उन राजस्व कर्मियों के खिलाफ पर कार्यवाही होगी, जिन्होंने उक्त भूमि की खतौनी जारी की। साथ ही नगर पंचायत में तैनात उन तमाम जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन एक्शन लेगा, जिन्होंने सरकारी जमीन पर नक्शा स्वीकृत कर उसे जारी किया। लोग बताते हैं कि उक्त भूमि पर निवासरत लोगों से गृहकर और जलकर वसूला जा रहा है। इस पूरे प्रकरण पर गौर करेंगे तो राजस्व विभाग और नगर पंचायत को कटघड़े में खड़ा पाएंगे। क्योंकि अगर उक्त भूमि सरकारी थी तो राजस्व विभाग ने किस आधार पर जमीन की खतौनी जारी की और नगर पंचायत ने नक्शा कैसे पास किया? इन सभी मुद्दों पर को अलग भी कर दिया जाये फिर भी यह सवाल खड़ा होता है कि अगर भूमि सरकारी थी तो किसने और कैसे सरकारी भूमि 28 लोगों को विक्रय किया। यह सभी ऐसे प्रश्न है जो नगर का हर एक व्यक्ति जानना चाहता है। एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने अवैध अतिक्रमण को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और उनका कहना है कि हर हाल में उक्त भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जायेगा।
इनसेट—
1420 व 1425 फसली में बदली थी नवैयत

चकिया। वार्ड नम्बर 5 में 1347 फसली बंदोबस्त के जमीन 12 जलमग्न भूमि ताल के नाम से खाता संख्या 183 गाटा संख्या 547 रकबा 1.391 हेक्टेयर व खाता संख्या 190 आराजी नंबर 545, रकबा 0.986 हेक्टेयर बांध अंकित है तथा खतौनी फसली 1420 से 1425 के खाता संख्या 114 पर श्रेणी-1क संक्रमणीय भूमिधरी के रूप में खातेदार पार्वती, लाची, कलावती के नाम दर्ज था, इन्हीं लोगों द्वारा बतौर बैनामा 26 लोगों बेचा गया, जिसके बाबत न्यायालय एसडीएम चकिया के वाद संख्या टी201314182186 आदेश तिथि 6.4.2018 द्वारा उपरोक्त आराजियात संक्रमणीय भूमिधरी से खारिज करके ताल व बांध दर्ज किया गया जो वर्तमान खतौनी 1426-1431 फसली के खाता संख्या-127 आराजी नंबर-547 व 545/2 पर ताल व बांध के रूप मे दर्ज है। जिस पर अवैध तरीके से लगभग 28 लोग काबिज हैं एवं नगर पंचायत को इस जमीन को सार्वजनिक प्रयोजन में लाने में अवरोध उत्पन्न करते रहे हैं।

…वाह रेǃ प्रधान जी‚ कागजों पर खोदा तालाब, निकाले 6.67 लाख!

महारथपुर में मनरेगा के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला
इलिया। केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर जाब कार्डधारियों को सौ दिन का काम सुनिश्चित कराने के लिए मनरेगा योजना शुरु किया। मंशा यह थी कि जाब कार्डधारियों को रोजगार के साथ-साथ सड़क व नाला निर्माण सहित पौधरोपण, मिट्टी समतलीकरण, तालाब खुदाई आदि योजनाओं-परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाए। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य करने की योजना तो बनती है, लेकिन उसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व सचिव के द्वारा जमकर लूट-खसोट की जा रही है। पहले इस तरह के आरोप अपवाद हुआ करते थे, लेकिन अब ये आम हो गए हैं। इसका जीता जागता नजीर शहाबगंज विकास खण्ड का तियरा ग्राम पंचायत है।
तियरा ग्राम पंचायत के महारथपुर में वित्तीय वर्ष 2021-22 में तालाब खुदाई व सुन्दरीकरण कार्य कागजों पर मुकम्मल कर दिया गया। जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों के विरोध के बाद मामला पटल पर आया कि उक्त योजना में बिना काम के ही भुगतान का मामला सामने आया है। आनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर फर्जी मजदूरों के द्वारा फर्जी काम कराने की एंट्री कराकर लाखों रुपए का पेमेंट निकाला गया है। उक्त काम को जून-जुलाई माह में होना दिखाया गया है, जबकि अबकी बार मानसून अप्रैल माह में ही आ गया था। जो कि बोर्ड पर कार्य की प्रारंभिक तिथि 10 जून दिखाया गया है। वर्तमान समय में तालाब लबालब पानी से भरा हुआ था। ऐसी स्थिति में जून माह में तालाब की खुदाई हो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। इसे अंजाम देने के लिए बाकायदा मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों को फर्जी जॉब कार्ड तैयार किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्य जमीन की बजाय कागजी घोड़ा दौड़ाकर सरकारी धन की बंदरबांट किया गया है। कामकाज में पारदर्शिता के लिए बने सरकारी तंत्र में सेंधमारी कर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। तियरा के महारथपुर में तालाब खुदाई वो सुंदरी करण कर श्रमांश 06.67 लाख रुपये खारिज कर कागज में अस्तित्व में आया, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों को इसकी जानकारी जब हुई जब उक्त काम का बोर्ड लगा दिया गया।
इलिया। महारथपुर में तालाब खुदाई में घोटाला किए करने के लिए फर्जी काम का मांग पत्र तैयार किया गया। ई-मस्टरोल तैयार करके फर्जी व कुछ असली दोनों ही मजदूरों के नाम उसमें शामिल कर दिए। ज्यादातर मस्ट्रोल में सेकेट्री व ग्राम प्रधान के अलावा किसी भी मजदूर के दस्तखत या अंगूठे के निशान नहीं हैं। जबकि नियम के हिसाब से बिना दस्तखत वाले मस्ट्रोल वैध नहीं होते। कई मजदूरों को एक ही वक्त दो-दो जगह काम करना बताया गया है, जो सम्भव नहीं है। वही पंचायत मित्रों द्वारा जॉब कार्ड पर काम तक नहीं चढ़ाया जाता।
बोर्ड पर अंकित सूचनाएं-


इलिया। मनरेगा के तहत शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र के तियरा में वर्क आईडी 3171008024/डब्लूसी958486255823133770 के सापेक्ष महारथपुर में तालाब की खुदाई व सुंदरीकरण का कार्य कराया गया है, जिसकी श्रमांस लागत 06.67 लाख मनरेगा वेबसाइट पर अंकित की गई है। लेकिन उक्त कार्य के संबंध में मौके पर लगे सूचना पट्ट पर पूरी सूचना अंकित नहीं है।

प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने इस जवान के परिजनों को बंधाया ढांढस


चंदौली। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी नेता कृष्णा यादव काजू मंगलवार को हसनपुर गांव पहुंचकर सैनिक हरिद्वार यादव के परिजनों से मिले। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और दुख व्यक्त किया। साथ ही पार्टी प्रमुख शिवपाल यादव के संदेश को उन तक पहुंचाया। इसके बाद बजरिए मोबाइल परिजनों की शिवपाल यादव से बात कराई।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रमुख शिवपाल यादव ने शोक संतत्प परिजनों को मदद का भरोसा दिया। साथ ही अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। कहा कि प्रसपा परिवार के साथ है और भविष्य में भी परिवार की मदद के लिए तत्पर रहेगी। वहीं कृष्ण यादव काजू ने बताया कि पार्टी प्रमुख के निर्देश पर हम सभी हसनपुर प्रधान के घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त की। कहा कि इस वक्त परिवार विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। ऐसे में चंदौली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी परिवार के साथ खड़ी है। विदित हो कि बीते दिनों हरिद्वार यादव का निधन हो गया था। उनके मौत के कारण अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं हो पायी है। इस बीच उनका शव हसनपुर लाया गया और परिजनों व क्षेत्रीय लोगों की मौजूदगी में बलुआ गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

विद्यालय, खुलते ही बच्चों के चेहरे पर देखने को मिली खुशी

चंदौली कोरोना वायरस का प्रकोप काम होने के बाद शासन के आदेश पर जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालय में कक्षा 6 से कक्षा 8 तक की पढ़ाई मंगलवार से शुरू हो गई। वहीं विद्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड गाइड लाइन पालन कराया गया और कक्षाएं शुरू की गई कई महीनों बाद विद्यालय खुलने पर बच्चे खुश नजर आए वही विद्यालय परिसर में भी चहल पहल देखने मिली बच्चों से विद्यालय परिसर गुलजार दिख। विद्यालय में बच्चे चेहरे पर मार्क्स और सोशल डिस्टेंसिंग के तहत पढ़ाई करते नजर आए वही टीचरों ने भी मार्क्स पहन रखा था हालांकि विद्यालयों में अभी भी एक दिन में 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। लेकिन बच्चों की उपस्थिति विद्यालय में कम रही ।वहीं कई सरकारी विद्यालय ऐसे रहे जहां बच्चे विद्यालय नहीं पहुचे सरकारी विद्यालय के शिक्षकों को गांव में जाकर बच्चों को उनके घर से बुलाने की नौबत रही। वहीं कक्षाओं के संचालन से पूर्व विद्यालय को सैनिटाइज कराया गया था,क्यों कि कोरोना वायरस से बच्चों को बचाया जा सके।

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