शहाबगंज। बीते पंचायत चुनाव में कुशडेहरा सिवान में युवक कुश चैहान हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को शहाबगंज पुलिस ने शुक्रवार को धर-दबोचा। गश्त के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने हत्यारोपियों को बड़ौरा चैराहा नहर पुलिया के पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के साथ हत्या के आरोपियों अवधेश चैहान उर्फ टीटी चैहान पुत्र राम प्यारे चैहान और बांसदेव चैहान चैहान को गिरफ्तार कर लिया।
बताते है। कि बीते 19 अप्रैल की रात कुश चैहान अपने घर से निकले, जिसका अगले दिन कुशडेहरा मौजा के सिवान में उसका शव बरामद हुआ था। मृतक के पिता राधे चैहान ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। लगभग चार महीने बाद शुक्रवार को पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि पंचायत चुनाव में अभियुक्त अवधेश चैहान की पत्नी संगीता सिंह प्रत्याशी थी और मृतक कुश चैहान भी शराब पीने के चक्कर में चुनार प्रचार में जुड़ा था। जब उसे दारू नहीं मिलता तो वह अवधेश चैहान के सामने ही वोटरों को भड़काने लगता था। यह सब सुनकर अभियुक्त को इतना नागवार गुजरा की आरोपी ने कुश को रास्ते से हटाने की योजना बनायी और 19 अप्रैल की रात में जब कुश चैहान आरोपी के घर आया तो टीटी चैहान ने अपने साथी बासुदेव चैहान के साथ मिलकर कुश को शराब पिलाने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए और उसकी हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार, .आनन्द कुमार प्रजापति, विजय बहादुर, शशिकान्त सरोज, जंगबहादुर यादव शामिल रहे।
कुश चौहान की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा
मुहर्रम,पर शांति भंग करने वालो को बक्शा नही जायेगा। लक्ष्मण पर्वत
सैयदराजा।आगामी त्यौहार मोहर्रम को देखते हुए सैयदराजा निरीक्षक लक्ष्मण पर्वत ने शुक्रवार को भारी पुलिस बल के साथ सैयदराजा चौराहे से लेकर विभिन्न क्षेत्रों। में पैदल गस्त किया और बाजार में जो गाड़ियां रास्ते मे इधर का उधर खड़ी किये थे उन सभी गाड़ियों को हटवाया और रास्ते में गाड़ी न खड़े करने के निर्देश दिए । इस दौरान उन्होंने सैयदराजा कस्बे के लोगों से मिलकर कहा कि मोहर्रम पर्व को आपसी सौहार्द और भाई चारे के साथ मिल कर मनाएं कोई भी जुलूस और ताजिया नहीं निकालेगा और ना ही कोई शस्त्र का प्रदर्शन करेगा सभी लोग अपने घर पर ही मुहर्रम पर्व को मनाए उन्होंने अपील किया।अगर किसी ने भी शांति भंग करने की कोशिश की तो उसे बक्शा नही जायेगा।
गड्ढ़ामुक्त दावे को झुठला रही गड्ढायुक्त सड़कें
पब्लिक बोली, नेताओं व अफसरों को अपने कमीशन की फिक्र
चंदौली। यह तस्वीर गड्ढ़ामुक्त दावे करने वाली प्रदेश सरकार की वास्तविकता की तस्वीर है। मवैया गांव के पास का यह दृश्य चकिया-मुगलसराय मुख्य मार्ग का है, जो सड़कों की स्थिति को बयां करती है। साथ ही उन तमाम सरकारी दावों की पोल खोलती है जो सरकारी बैठकों व राजनीतिक मंच से किए जाते हैं। खैर! परेशान हाल जनता है। नेता या अफसरों का क्या? वह लग्जरी कारों से आते हैं और गुजर जाते हैं, दुश्वारियां तो उन स्थानीय आवाम को उठानी पड़ती है जो उस रास्ते से नियमित साइकिल, पैदल या बाइक से आवागमन करते हैं।
हालात-सूरत यह है कि कभी कोई बाइक वाला बारिश के पानी से भरे गड्ढे की गहराई व चैड़ाई का अनुमान नहीं लगा पाता है और उसकी जद में आकर गंदे पानी से सराबोर हो जाता है। वाहन की क्षति के साथ ही उसे शारीरिक चोट की पीड़ा को झेलना पड़ता है। पैदल राहगीर अक्सर कीचड़ व गंदे पानी के छिटे पड़ने से आए दिन जलालत झेलते हैं। कमोवेश ऐसी स्थिति जनपद के अधिकांश मुख्य रास्तों की है जो गड्ढों की शक्ल अख्तियार कर चुके हैं। इतना ही नहीं बारिश के मौसम में ये सड़कें लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो रही है। हाल ही धानापुर इलाके में सड़क पर गड्ढों से बचने के प्रयास से हुए हादसे में बाइक सवार को जान तक गंवानी पड़ गयी थी। इसी तरह लोगों के चोटिल होने की घटनाएं आम हो गयी है। बावजूद इसके न तो लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसर इसे संज्ञान ले रहे हैं और ना ही सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि ही इसे गंभीरता से लेते हैं।
क्या है जनता का आरोप
चंदौली। सड़कों की मरम्मत व रखरखाव के बाबत जब लोगों से बातचीत की गयी तो उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण को लेकर प्रशासनिक तंत्र व नेताओं का रवैया कभी ठीक नहीं रहा है। जो भी नेता सत्ता में रहता है उसे सड़क की गुणवत्ता व लोगों की सुविधा से ज्यादा अपने कमीशन की फिक्र होती है। विभागीय अफसर बिना कमीशन लिए कोई टेंडर पास नहीं करते, जिसका सीधा असर सड़कों की गुणवत्ता पर पड़ता है जो सड़कें पांच साल में खराब होनी चाहिए, वह पांच माह में ही दम तोड़ने लगती है। इसके लेकर एक बड़े जन आंदोलन की जरूरत है, ताकि लोगों को जन-धन दोनों हानि से बचाया जा सके।
अभावः आज भी चुआड़ के सहारे बुझ रही वनवासियों की प्यास!
चुआड़ से पीने का पानी जमा करते वनवासी बच्चे।
आजादी के 75 साल बाद भी कई गांवों तक नहीं पहुंचा विकास
नौगढ़। विकास का ढिढोरा खूब पीटा जा रहा है और इस पर अब तक सभी सरकारें लाखों-करोड़ों रुपये खर्च भी करती चली आ रही है। बावजूद इसके आज भी नौगढ़ की पहाड़ी में बसे कई गांव ऐसे हैं जहां विकास की किरण नहीं पहुंची। नतीजा वहां की गरीब व असशक्त आबादी आज भी अभाव व पिछड़ेपन के अंधेरे से निकलने के लिए जद्दोजहद है। यहां न तो बिजली है और ना ही पानी का ही मुकम्मल बंदोबस्त है। नतीजा चुआड़ के सहारे हजारों की प्यास बुझ रही है। अब पानी गुणकारी हो या मटमैला, लेकिन उसे पीना इन ग्रामीणों की नियती बन गयी है। कुछ ऐसा ही हाल नौगढ़ की पहाड़ी वादियों का है।
यहां आजादी के 75 वर्ष बाद भी चकरघट्टा क्षेत्र के सेमर साधोपुर समेत दर्जन भर गांव ऐसे है जहां ग्रामीणों को बरसात के दिनों मे नौगढ बांध में जलस्तर बढ़ने आवागमन के सभी माध्यम ध्वस्त हो जाते हैं। इसके अलावा पेयजल के संसाधनों का अभाव भी बरसात में ग्रामीणों को झेलनी पड़नी है। पहाड़ों से रिस कर जगह-जगह जमा चुआड़ का पानी ही इन ग्रामीणों के पेयजल का एकमात्र साधन है, जिससे इन ग्रामीणों की प्यास बुझती है। ग्रामीण बताते हैं कि जलस्तर नीचे होने व आयरन की प्रचुरता के कारण गांव में लगे हैण्डपम्प शो पीस बनकर सरकारी आंकड़ों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है। यही हाल कर्मनाशा नदी के तटवर्ती ईलाके मे आबाद रिहायशी बस्ती जरहर, मुसहर बस्ती दानोगड़ा, कौआ घाट, बूड़नवा घाट, खोझड़ो, कोठी घाट, चिरवाटांड़, धोबहीं आदि जगहों का है, जहां पर लोग नियमित कर्मनाशा नदी का पानी उपयोग में लाकर के पेट संबंधित विभिन्न बीमारियों के आगोश में रहते हैं। इसके इतर सरकारी दावे व प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर फरमाए तो नौगढ़ पिछड़ेपन को दूर करने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके इन ग्रामीण इलाकों का पिछड़ापन दूर नहीं हो सका। ऐसे में आज भी लोगों की दिनचर्या दुश्वारियों के साथ शुरू होती है और मूलभूत सुविधाएं हासिल करने के जद्दोजहद के साथ ढल जाती है। इन्हें ग्रामीणों को आज भी विकास की किरण का इंतजार है, ताकि इनके जीवन से भी पिछड़ेपन का अंधेरा दूर हो सके।
जनक्रांति यात्रा में सपाई सरकार के खिलाफ फूकेंगे बिगुल
नरसिंहपुर खुर्द स्थित सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं संग बैठक करते सपा जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर।
चंदौली। समाजवादी पार्टी की बैठक गुरुवार को नरसिंहपुर खुर्द स्थित डा. राममनोहर लोहिया भवन पर हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि भाजपा हटाओ, प्रदेश बचाओ मिशन के तहत 21 अगस्त को जनवादी जनक्रांति यात्रा निकाली जाएगी। जो नौगढ़ के तिवारीपुर से शुरू होकर चकिया, पचवनियां होते हुए सैयदराजा, सकलडीहा से होकर मुगलसराय में सम्पन्न होगी, जिसका आगाज जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय सिंह चैहान करेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के साथ ही पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के साथ सभी जाति धर्म के लोगों के हितों के लिए निकाली जाने वाली यात्रा है। इसमें जनसहभागिता जुटाने का काम सपा कार्यकर्ता करें। प्रयास करें कि यात्रा जिस इलाके से होकर गुजरे स्थानीय लोगों उसमें भागीदार बने, ताकि उन्हें भाजपा सरकार कथित, गलत नीतियों से अवगत कराया जा सके। सपा लोहियावाहिनी जिलाध्यक्ष सुजीत कन्नौजिया ने कहा कि पिछड़ों के आरक्षण को समाप्त करने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार जाति आधारित जनगणना से पीछे हट रही है क्योंकि वह डरती है कि कहीं ऐसा हुआ तो उसे पिछड़ों को उनके जनसंख्या के सापेक्ष भागीदारी देनी होगी। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछड़ों के साथ उत्पीड़न व दमनात्मक कार्यवाही की गयी। लोगों की जातियां पूछकर उन पर हमले हुए और सरकारी तंत्र पीड़ितों को न्याय देने में असफल साबित हुआ। इस अवसर पर सपा शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष मयंक कुमार सिंह, प्रभुनारायण, राजनाथ यादव, अनिल चैहान, अभिमन्यु गुप्ता, जलालू अंसारी, जमुना विश्वकर्मा, सुदामा यादव, तूफानी यादव, जोखू सिद्दीकी, मुन्नीलाल मौर्य, बाबूलाल यादव, राजा खान, दिलीप पासवान आदि उपस्थित रहे। संचालन महासचिव नफीस अहमद गुड्डू ने किया।
आरोप लगने के बाद चंदौली पुलिस ने लौटाई मनोज डब्लू की सुरक्षा
चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू की सुरक्षा का मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने उनकी सुरक्षा लौटा दी है। धानापुर के खिलाफ आंदोलन के कारण मनोज डब्लू पूरे दिन घरों के अंदर नजरबंद रहे। साथ ही शाम होते-होते उनकी सुरक्षा को भी पुलिस महकमे ने हटा दिया। इसके बाद 18 अगस्त को मनोज डब्लू ने प्रेसवार्ता कर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक षड्यंत्र के तहत उनकी सुरक्षा हटाने का काम किया है। ऐसी स्थिति में मेरे साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो उसके लिए सीधे तौर पर पुलिस महकमा जिम्मेदार होगा। सपा नेता मनोज डब्लू द्वारा लगे आरोप को संज्ञान में लेने के बाद गुरुवार को पुलिस विभाग की ओर से उनकी सुरक्षा में एक आरक्षी को पुनः तैनात कर दिया गया। इस बाबत मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से उन्हें टेलीफोन करके पुलिस सुरक्षा पुनः मुहैया कराने की जानकारी दी गयी है। कहा कि जनहित के मुद्दे पर हमेशा संघर्षरत रहूंगा। जनता तक सहयोग पहुंचाने का जो सिलसिला है उसमें चाहे जो भी कठिनाई आए। लेकिन जनसेवा का कार्य अनवरत जारी रहेगा। बताया कि मेरी ओर से सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग से कुछ सवाल किए गए थे उसके जवाब के बदले मेरी सुरक्षा पुनः बहाल कर दी गयी है। इस संबंध में एएसपी दयाराम सरोज ने बताया कि सपा नेता मनोज सिंह डब्लू की सुरक्षा में लगे आरक्षी को ट्रेनिंग में भेजने के लिए बुला लिया गया था। अब उसके स्थान पर दूसरे आरक्षी को मनोज सिंह डब्लू की सुरक्षा में बहाल कर दिया गया है।
रक्षामंत्री के समक्ष वकीलों ने चंदौली के विकास के मुद्दा रखा
दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते चंदौली के अधिवक्ता।
चंदौली। दीवानी न्यायालय निर्माण व चंदौली जिला मुख्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए अधिवक्ता का एक दल गुरुवार को दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिला। इस दौरान उन्होंने जनपद मुख्यालय के विकास की बात को विस्तार के साथ रखा और अपना हस्तक्षेप का चंदौली के विकास को गति देने की आवश्यकता जताई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डा.महेंद्रनाथ पांडेय से भी मुलाकात की और उनके भी समस्याओं के निराकरण में पहल करने की आवश्यकता जताई।
इस दौरान पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि चंदौली में सुसज्जित दीवानी न्यायालय निर्माण के लिए जिला प्रशासन पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। प्रशासनिक लापरवाही व स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों के असहयोग के कारण चंदौली का विकास पिछले 24 वर्ष से बाधित रहा है। इसके लिए अधिवक्ता लम्बे समय से लामबंद रहे, लेकिन अधिवक्ताओं के साथ व्यापारी बंधु भी इस लड़ाई में कूद पड़े है। महामंत्री झन्मेजय सिंह ने कहा कि हम सभी चंदौली के सर्वांगीण विकास चाहते हैं। इसके लिए हम सभी का प्रयास निरंतर जारी रहा है। उन्होंने रक्षामंत्री को चंदौली के विकास में बाधक बने प्रशासनिक अफसरों की मंशा से अवगत कराया। कहा कि जिले के अफसर सरकार की साख को पट्टा लगा रहे हैं। अफसर अपनी मनमानी व अपने स्वार्थ के कारण लगातार सरकारी की छवि को धूमिल कर रहे हैं चंदौली की जनता में गलत संदेश जा रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चंदौली से आए अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। भरोसा दिया कि चंदौली जन्मभूमि है उसके विकास को लेकर हरसंभव प्रयास यथाशीघ्र होंगे। वहीं भारी उद्योग मंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि चंदौली के विकास में जो भी समस्याएं अवरोधक बनी हुई हैं उन्हें यथाशीघ्र दूर करने के लिए जिलाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अफसरों से बातचीत कर कार्य की गति को बढ़ा दिया गया है। जल्द ही चंदौली जनता के समक्ष चंदौली के विकास का रिपोर्ट कार्ड रखा जाएगा। इस अवसर पर संतोष कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
आमजनता के साथ अभद्रता ना करे पुलिस वाले
धानापुर। समाजवादी चिंतक पूर्व सैनिक एवं जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने भाजपा सरकार में गरीब, कमजोर जनता के साथ महिलाओं व बच्चों पर हो रहे पुलिसिया उत्पीड़न गहरा दुख व्यक्त किया। इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पुलिस महकमे पर तीखा प्रहार किया है। कहा कि भाजपा सरकार अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर शासन कर रही है।
सरकार आम जनता का भरोसा जीतने की बजाय उसे डराकर व दबाकर रखना चाहती है। योगी सरकार में पुलिस द्वारा जनता को दी गई एक एक गाली जनता पर चलवाइ गई एक एक लाठी भाजपा को आने वाले चुनाव में भारी पड़ेगा। कहा कि पुलिस को किसी को भी गाली देने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। मैं जानता हूँ हर एक पुलिस के लोग गंदे नहीं होते लेकिन कुछ एक पुलिस वालों के व्यवहार से पूरा पुलिस मुहकमा बदनाम हो जाता है। अमर्यादित व्यवहार पर विचार करना चाहिए भारत की जनता पुलिस की गुलाम नहीं है। जनता का सम्मान सर्वोपरी है। जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई से ही पुलिस सहित सभी विभागों के कर्मचारियों के वेतन का भरपाई होती है। पुलिस को यह समझना होगा की थाने जानें वाली जनता अपराधी नहीं, बल्की फरियादी होती है और फरियादियों संग गाली गलौज दुव्र्यवहार कत्तई उचित नहीं है। कहा कि सवाल बलुआ व धानापुर थाना या अन्य कहीं किसी एक या दो घटना का नहीं है बल्की उन तमाम घटनाओं से जुड़ी है जिसमें पुलिस का व्यवहार अशोभनीय और चिंतनीय होता है। जो पुलिस वाले आम फरियादियों संग अभद्रता गाली-गलौज करते हैं उनके विभाग को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। आरोप लगाया कि जिले की जनता के साथ पुलिस अंग्रेजी हुकूमत जैसा व्यवहार बंद करे। लोकतंत्र की रक्षा एवं लोक का सम्मान करना पुलिस की नैतिक जिम्मेवारी है।
त्यौहारों, पर शांति व्यवस्था को भंग करने की मंसा रखने वाले अराजक तत्वों पर पुलिस करेगी कड़ी कार्यवाही
चन्दौली। आगामी त्यौहार मोहर्रम व रक्षाबंधन को देखते हुए सदर कोतवाली पुलिस ने कोतवाल अशोक मिश्रा के नेतृत्व में बाइक द्वारा नगर में गश्त किया भारी संख्या में पुलिस के जवानों के साथ हूटर बजाते हुए पुलिस ने फ्लैग मार्च कर लोगों को इस बात तसल्ली दिलाई कि त्यौहारों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इस दौरान अशोक मिश्रा ने कहा कि मोहर्रम पर किसी भी प्रकार का ताजिया नही निकली जाएगी । ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शांति व्यवस्था को भंग करने की मंसा रखने वाले अराजक तत्वों पर पुलिस कड़ी कार्यवाही करेंगी ।पुलिस ने सदर कोतवाली से फ्लैग मार्च आरंभ कर पुरानी बाजार शंकर मोड़ नवही मझवार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया इस दौरान मनोज पांडेय,विवेक त्रिपाठी,ओमप्रकाशसिंह,रामभवन यादव,अनिल यादव,सुनील तिवारी, मौजूद रहे।
डीपीआरओ के आदेश को मानने से भुड़कुड़ा के सेक्रेटरी का इन्कार
डीपीआरओ कार्यालय की ओर से 22 जून 2021 को जारी स्थानान्तरण आदेश
एडीओ पंचायत ने बोले, आदेश न मानना अनुशासनहीनता
इलिया। अनुशासन! इंसान के साथ-साथ कामकाज की गुणवत्ता व पारदर्शिता के लिए बेहद जरूरी माना गया है। लेकिन जब सरकारी कर्मचारी अनुशासनहीनता की ओर कदम बढ़ा दें तो कामकाज पर असर पड़ने के साथ ही उसको बेलगाम होते देर नहीं लगती है। कुछ ऐसा ही कारनामा शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र में तैनात भुड़कुड़ा के सेक्रेटरी द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। इनके द्वारा स्थानान्तरण के सरकारी फरमान को दरकिनार कर अपने पैर अंगद की तरह पुरानी तैनाती स्थल पर पिछले दो माह से जमाए हुए हैं। दिलचस्प यह कि उक्त आदेश को जिलाधिकारी संजीव सिंह ने खुद अनुमोदित किया है। हालांकि जिम्मेदार अफसर भी अपने आदेश का अनुपालन कराने में दिलचस्पी लेने नहीं दिख रहे हैं। यही वजह है कि ऐसे कर्मियों का हौसला बुलंद है।
दरअसल जिला पंचायत कार्यालय की ओर से बीते जून माह की 22 तारीख को एक स्थानान्तरण आदेश जारी हुआ, जिसमें शहाबगंज ब्लाक के पांच ग्राम सचिवों यानी सेक्रेटरियों के स्थानान्तरण का उल्लेख था। आदेश के मुताबिक अनिल कुमार सिंह प्रथम को भटरौली व बेन गांव आवंटित किया गया था। इसके अलावा मुरलीश्याम को कलानी, अजय कुमार कटवामाफी व भुड़कुड़ा, विकास सिंह को बरियारपुर व संदीप कुमार सोनकर को सरैया व बसाढ़ी गांव का दायित्व सौंपा गया। उक्त आदेश में सेक्रेटिरियों को ग्राम पंचायतों के सभी अखिलेखों की सूची साक्ष्य के साथ चार्ज हस्तानान्तरण करने तथा उसकी एक प्रति डीपीआरओ कार्यालय को उपलब्ध कराने के आदेश थे। साथ ही कोषबही को पूर्ण करते हुए एक सप्ताह के अंदर चार्ज स्थानान्तरण करने का हुक्म था। बावजूद इसके सेक्रेटरी संदीप कुमार सोनकर अपने पूर्ववर्ती ग्राम पंचायत भुड़कुड़ा में अड़े हुए हैं और नवीन तैनाती स्थल सरैया व बसाढ़ी का चार्ज संभालने चुके हैं, लेकिन उनका भुड़कुड़ा ग्राम पंचायत से मोह भंग नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर कई बार ग्रामीणों ने शहाबगंज बीडीओ से मौखिक शिकायत की। इसके कारण अजय कुमार अपने नवीन तैनाती स्थल भुड़कुड़ा का चार्ज अब तक नहीं ले पाए हैं। मामला डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे तक गया तो उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी शहाबगंज द्वारा आदेश के अनुपालन की बात कही।
इनसेट—
आज जारी होगी सेक्रेटरी को नोटिस
इलिया। इस बाबत शहाबगंज ब्लाक के प्रभारी एडीओ पंचायत चंद्रबलि ने बताया कि आदेश का अनुपालन नहीं करना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। लिहाजा मामला संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार को ही संबंधित सेक्रेटरी के खिलाफ नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। कहा कि विभागीय आदेश की अवहेलना को गंभीरता के साथ लिया जाएगा। बताया कि यदि कोई सेक्रेटरी अपना चार्ज हैंडओवर नहीं किया है तो वह संबंधित ग्राम पंचायत के विकास कार्यों से संबंधित दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर कर सकता है।











