नौगढ़। थाना क्षेत्र के मरवटिया गांव में जंगल की भूमि जोतने को लेकर दो दिन पूर्व हुए विवाद के दौरान मारपीट में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगने के बाद विधायक कैलाश खरवार की पहल पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किया है।
आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिस ने एक पक्ष के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज किया था। मरवटिया गांव निवासी तारा देवी व उसके पति पारसनाथ ने क्षेत्रीय विधायक कैलाश खरवार से मिलकर बताया था कि बोदलपुर गांव निवासी पारसनाथ, पुरूषोत्तम व संवरू ने उसके घर में घुसकर लाठी डंडे व धारदार हथियार से मारपीट किया है। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करके हम लोगों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है। शिकायत सुनकर विधायक कैलाश खरवार ने तत्काल नौगढ़ थाना प्रभारी से फोन पर बात कर मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का निर्देश दिया था। भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवानदास अग्रहरि ने बताया कि विधायक के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर गंभीर रूप से घायल दशरथ चौहान का मेडिकल परीक्षण कराया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने दशरथ चौहान के सिर में गहरी चोट होने से हालत गंभीर देख कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
Chandauli:जंगल की जमीन जोतने को लेकर हुए मारपीट में एक गभीर,पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का लगाया आरोप
Chandauli:बच्चों के उपजे विवाद में लाठी-डंडे से हुई मारपीट,पिता पुत्र और चाचा घायल
डीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के माल गोदाम पोखरा के पास बच्चों के विवाद में शनिवार को हॉकी और लाठी-डंडों से हुई मारपीट में दो भाई और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित ने कोतवाली में लिखित तहरीर दी है।
प्रार्थी मनमोहन प्रताप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा जुनैद एसआरबी स्कूल मालगोदाम से पढ़कर घर लौट रहा था। इसी दौरान, जनरल स्टोर के सामने विपक्षी अभिनव, हंस प्रताप सिंह निवासी चतुर्भुज कॉलोनी और अन्य लोगों ने जुनैद को कथित तौर पर गालियां देना शुरू कर दिया। मनमोहन प्रताप सिंह ने इस पर आपत्ति जताई, तो विपक्षी लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। मनमोहन के बड़े भाई भानु प्रताप सिंह (52) ने बीच-बचाव का प्रयास किया, तो उन्हें भी पीटा गया। इस हमले में मनमोहन प्रताप सिंह (35) और भानु प्रताप सिंह जुनैद घायल हो गए। घायलों को लहूलुहान अवस्था में छोड़कर हमलावर फरार हो गए। मनमोहन प्रताप सिंह ने मुगलसराय कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और विपक्षी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Chandauli:नेशनल हाईवे पर चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला,मची अफरा-तफरी
डीडीयू नगर। अलीनगर थाना क्षेत्र के सिंधिताली के पास शनिवार को नेशनल हाईवे 19 पर शनिवार की दोपहर एक चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते वाहन आग के गोले में बदल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे फायर कर्मियों ने आग को बुझाया।
गाड़ी में सवार लोगों ने तुरंत वाहन रोककर खुद को बाहर निकाला जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कुछ ही मिनटों में स्कॉर्पियो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कार चालक वाराणसी से बिहार साइड जा रहा था। इस बाबत फायरकर्मी सुरेश सिंह ने बताया कि कड़ी मेहनत के बाद आग बुझाई जा सकी और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
Chandauli:सड़क हादसे में बाइक सवार यूवक की मौत,परिजनों में मचा कोहराम
चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के नवही गांव के समीप शुक्रवार को ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक बाइक सवार 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वही उसके पत्नी व बच्चे को मामूली चोट आई। ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने तत्काल युवक के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वही मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। भारी संख्या में परिजन व रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुच गए।
बाबते हैं कि सैयदराजा थाना क्षेत्र के धरौली गांव निवासी धर्मेंद्र जायसवाल 35 वर्ष पत्नी व बच्चे के साथ अपने रिश्तेदार के घर शादी में शरीक होने आया था। जहा शुक्रवार की सुबह ही अपने पत्नी व बच्चे के साथ बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वो नवही गांव के समीप पहुचा की अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सामने चल रही ट्रैक्टर से टकरा गई। दुघर्टना ने धर्मेंद्र की मौक़े पर ही मौत हो गई। वही पत्नी व बच्चे को मामूली चोटे आई। मौक़े पर जुटे ग्रामीणों ने दुर्घटना की जानकारी पुलिस को दी मौक़े पर पहुची पुलिस ने तत्काल धर्मेंद्र के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत सदर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया हैं।
Blood Donate: मुहम्मद शाहिल ने रक्तदान कर बीमार मां की बचाई जान
Young Writer, चंदौली। आपकी रगों में दौड़ता लहू अगर किसी के काम आ जाए वो भी उसकी जिंदगी बचाने के तो इससे अच्छा भला क्या हो सकता है? इस खुशी का एहसास सकलडीहा निवासी मुहम्मद शाहिद को उस वक्त हुआ जब उन्होंने बुधवार को शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव अजीत की माता के लिए चंदौली ब्लड बैंक में रक्तदान किया। इसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे शानदार अनुभूति बताया। साथ ही उन्होंने दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित भी किया।
विदित हो कि सकलडीहा क्षेत्र के घरचित गांव निवासी शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव अजीत की माता काफी दिनों से अस्वस्थ चल रही हैं। ईलाज के दौरान चिकित्सकों ने उनकी माता के उपचार में रक्त की कमी की जानकारी देते हुए रक्त की उपलब्धता की सलाह दी। इस बात की जानकारी होने पर सकलडीहा निवासी मुहम्मद शाहिद ने रक्तदान की इच्छा जाहिर की और वे चंदौली ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। कहा कि रक्तदान की अनुभूति काफी सुखद रही। रक्तदान को लेकर समाज में जो भी भ्रांतियां रही वह मिथक साबित हुई। वास्तव में रक्तदान करने से किसी तरह की कोई कमजोरी नहीं होती है, बल्कि किसी की मदद करने की खुशी आपको एक नई ऊर्जा प्रदान करती है। निश्चित रूप से स्वस्थ लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। कहा कि वह आगे भी जरूरतमंदों की सेवा व मदद के लिए रक्तदान करेंगे। इस दौरान इंद्रजीत यादव अजीत व अनुरोध राय भी मौजूद रहे।
नैनो डीएपी के प्रयोग से पैदा हुई फसलों को क्रॉप कटिंग कर जांची गुणवत्ता
चंदौली। मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में इफको द्वारा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र रघुवंशी की उपस्थिति में नैनो डीएपी का प्रदर्शन किया गया। वही नैनो डीएपी के प्रयोग से हुए फसलों को क्रॉप कटिंग कराकर उसकी गुणवत्ता व वजन को देखा गया। जिसमें अच्छी गुणवत्ता के साथ फसल के दानों में अधिक संख्या पाई गई।
इस दौरान कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि फसलों में नैनो डीएपी प्रयोग करने से खेतों में पैदावार अच्छी होती हैं। साथ ही दानों की संख्या बढ़ जाती हैं। एग्रो क्लाइमेट ज़ोन में नर्सरी से लेकर फसलों कटाई कृषी वैज्ञानिकों के उपस्थित में किया जाता है। आगामी रबी की फसलों में किसान गेहूं, चना, जौ, मटर, सरसों, में नैनो डीएपी का शोधन कर बुवाई कर सकते हैं। जिससे बीज की जड़े मजबूत होंगी साथ ही गुणवत्ता के साथ फसल की पैदावार अच्छी होंगी। और खेतों में मिट्टी की भी गुणवत्ता बनी रहेंगी। इस मौके पर एसएफए मयंक सिंह, दिग्विजय सिंह, डॉ प्रतीक सिंह, डॉ मनीष सिंह, डॉ चंदन सिंह, डॉ अभय दीप गौतम, डॉ अमित सिंह, सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद है।
आनलाइन हाजिरी का ग्राम सचिवों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध
चंदौली। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश व्यापारी आंदोलन के समर्थन किया। इस दौरान विरोध में बाह पर काली पट्टी बांधकर जमकर नारे भी लगाए। इस मौके पर वक्ताओं ने शासन द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को बिना कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये उनके व्यक्तिगत मोबाइल एवं सिम से फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के द्वारा क्षेत्रीय सचिवों की उपस्थिति हेतु पत्र जारी किया है जिससे पूरे प्रदेश में सचिवों में रोष एवं भय व्याप्त है क्योंकि उपर्युक्त उपस्थित प्रणाली उनके क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है।
साथ ही पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय ग्राम सचिव अपना मूल कार्य नियमित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर गैर विभागीय कार्य जैसे फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो स्टैक सर्वे, गौशाला प्रबंधन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न प्रकार के पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प एवं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा का प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य, पराली प्रबंधन आदि को करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए शासन प्रशासन के अधिकारी अत्यधिक दबाव बना रहे है,ं जिससे कर्मचारी अस्वस्थ होने के साथ विभिन्न दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे हैं। सचिवों की समस्या व पीड़ा को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने चार दिसंबर तक विकास खंडों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। वहीं 05 दिसंबर को पूरे प्रदेश के समस्त 826 विकास खंडों में प्रदेश के समस्त सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे। इसके बाद शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से अपने को विरत कर लेंगे। 10 दिसंबर से प्रदेश के सभी सचिव अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे तथा 15 दिसंबर को अपने डोंगल को विकासखंडों पर समर्पित कर देंगे। अगर शासन प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया तो संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं अनवरत धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
विश्व एड्स दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए किया जागरूक
चंदौली। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट द्वारा आरडी मेमोरियल हॉस्पिटल तथा एमसीएच हॉस्पिटल, चंदौली में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर संस्थान के बीएससी एवं एएनएम के प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने नाट्याभिनय, संवाद-प्रस्तुति तथा स्वास्थ्य शिक्षण की विविध विधाओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक ने रोग के संक्रमण-चक्र, मिथ्या धारणाओं तथा सामाजिक कलंक को प्रभावपूर्ण तरीके से उजागर किया। मंचित प्रस्तुति ने दर्शकों को न केवल विचारोत्तेजित किया, बल्कि उन्हें एचआईवी परीक्षण, रोकथाम तथा समयबद्ध उपचार की अनिवार्यता के प्रति सचेष्ट भी किया। कहा कि इस प्रकार के जन स्वास्थ्य कार्यक्रम ग्रामीण एवं शहरी समुदायों में एड्स के संबंध में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करने हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। साथ ही, ऐसी गतिविधियाँ नर्सिंग विद्यार्थियों में मानवीय उत्तरदायित्व, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं स्वास्थ्य-सेवाओं के प्रति पेशेवर संवेदना को भी सुदृढ़ करती हैं। कार्यक्रम का समापन एच.आई.वी./एड्स उन्मूलन की सामूहिक संकल्प-प्रतिज्ञा के साथ हुआ। इस अवसर पर यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. धनंजय सिंह, आरडी मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. दिव्यांगी सिंह, प्राचार्या डॉ. जेनेट जे, उप-प्राचार्य प्रदीप गर्ग तथा असिस्टेंट नर्सिंग प्रोफे
फतेहपुर की घटना को लेकर लेखपालों में दिखा आक्रोश,एसआईआर की समय-सीमा बढ़ाने की मांग
चंदौली। सूबे में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया के दौरान काम के अत्यधिक दबाव के कारण फतेहपुर में लेखपाल सुधीर द्वारा आत्महत्या किए जाने को लेकर जनपद के लेखपालों में शुक्रवार को आक्रोश देखने केा मिला। नाराज लेखपालों में तहसील में धरना-प्रदर्शन करके अपना विरोध जताया और पांच सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा।
इस दौरान लेखपालों ने कहा कि पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना व राजस्व निरीक्षक शिवराम के विरूद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हो। मृतक की माता को 50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। लेखपाल को एसआईआर के काम की टाइम लाइन का हवाला देते हुए अनावश्यक मानसिक व शरीरिक दबाव बनाकर उत्पीड़न न किया जाए। सभी लेखपालों को रविवार व शासकीय अवकाश के दिनों में भी कार्य कराए जाने के लिए एक माह वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दिया जाए। काम के दबाव को देखते हुए एसआईआर की समय-सीमा बढ़ाई जाय। इस अवसर पर संदीप सिंह, आनंद राव, विनोद पांडेय, तौफिक अहमद, विकाश गुप्ता, संजय यादव, चंदन अग्रहरि, भावना सिंह, दीपरंजन, मनीष मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के पिता रामअवध सिंह का निधन‚ 80 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
परिवार को समृद्धि व संस्कार सौंपकर दुनिया को अलविदा कह गए रामअवध सिंह
माधोपुर के किसान परिवार में जन्मे रामअवध सिंह अपने पीछे छोड़ गए भरा पूरा परिवार
Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के 80 वर्षीय पिता रामअवध सिंह ने बुधवार की अलसुबह हेरिटेज अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह विगत एक पखवारे से फेफड़े में संक्रमण संबंधित बीमारी से ग्रसित थे। उनके निधन की सूचना से ही पूर्व विधायक के परिजनों के साथ ही उनके शुभचिंतकों व रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई। निधन के बाद शव को उनके पैतृक गांव माधोपुर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। उनका अंतिम संस्कार धानापुर के गुरेनी गंगा घाट पर होगा। मुखाग्नि उनके पुत्र सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू देंगे।

विदित हो कि मनोज सिंह डब्लू के पिता रामअवध सिंह का जन्म किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने खेती-किसानी को अपनाने के साथ ही परिवार को भी संस्कारों से सींचा और परिवार को आर्थिक मजबूती भी दी। उन्होंने अपनी जन्मभूमि से जुड़ाव को कायम रखते हुए हैदराबाद, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे व्यवसायिक शहरों में अपने कारोबार को स्थापित करके एक कुशल उद्यमी की भूमिका से भी समाज को परिचित कराया। उन्होंने अपने परिवार को समृद्धि के साथ ही संस्कारों को विरासत में सौंपा, जिससे उनका परिवार आज भी एकता की मिसाल के तौर पर देखा जाता है।

उन्होंने अपनी मौजूदगी में ही अपने इकलौते पुत्र सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू व अपने पौत्र प्रशांत सिंह को अपनी विरासत सौंपने का दायित्व भी बखूबी निभाया। पारिवारिक सूत्र बताते हैं कि वह अपनी पुत्री मीना सिंह ‘गुड़िया’ से मुलाकात करने के लिए तेलंगाना से चंदौली आए और अचानक उनकी सेहत बिगड़ गयी। ऐसे में उन्हें 11 नवंबर को वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सा परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने फेफड़े के संक्रमण संबंधित समस्या होना बताया और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसके बाद उनकी तबियत निरंतर बिगड़ती चली गयी।

हालांकि चिकित्सकों की निगरानी और बेहतर दवा-ईलाज से उनके सेहत में सुधार आया, जिससे परिवार के लोगों के मायूस चेहरे में खुशियां लौटने लगी, लेकिन 26 नवंबर की भोर में उनकी तबियत फिर से बिगड़ती और उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। निधन के बाद उनके शव को माधोपुर स्थित पैतृक गांव ले जाया गया, जहां उनके अंतिम दर्शन को लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। परिवार-रिश्तेदारों के साथ ही उनके समर्थक व जानने वाले लोगों ने नम आंखों से स्वर्गीय रामअवध सिंह को अंतिम विदाई दी।











