चंदौली। मुगलसराय कोतवाली पुलिस व स्वाट क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कैलाशपुरी में अंतरराष्ट्रीय साइबर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए साइबर कॉल सेंटर से पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जिनके कब्जे से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, नेटवर्किंग उपकरण और कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया हैं मामले में तीन अन्य लोगों को नामजद किया गया है जबकि गिरोह के मुख्य संचालक की तलाश जारी है। हुए हैं। उक्त मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने पुलिस लाइन सभागार में किया।
उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर में जापानी भाषा जानने वाले आरोपित विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर झांसे में लेते थे। “ज़ोइपर-और वीओआईपी” सॉफ्टवेयर के जरिए जापान के नंबर प्रदर्शित कर कॉल की जाती थी। पीड़ितों से कंप्यूटर में समस्या होने की बात कहकर रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। और इसके बाद बैंकिंग ऐप व इंटरनेट बैंकिंग तक पहुंच बनाकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। पूछताछ में आरोपितों ने जापानी भाषा नालंदा और गया में सीखने की बात बताई। गिरोह खासकर तकनीक से कम परिचित बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाता था। रौनक सिंह के दो बैंक खातों में करीब नौ लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। बरामदगी में 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 की-बोर्ड, 18 माउस, 18 हेडफोन, तीन लैपटॉप, छह मोबाइल, पांच राउटर/नेटवर्किंग उपकरण और पांच कूटरचित आधार कार्ड शामिल हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान सीओ अरुण कुमार सिंह, थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

