चंदौली। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर शुक्रवार को यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के बी.एससी. नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. आर. डी. मेमोरियल हॉस्पिटल एवं पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर में गर्भवती एवं धात्री माताओं को जन्म के पहले घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान कराने, छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समाधान भी किया गया।

इस दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्यांगी पाण्डेय ने कहा कि माँ का दूध नवजात के लिए संपूर्ण एवं प्राकृतिक आहार है। जन्म के तुरंत बाद मिलने वाला कोलोस्ट्रम शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर उसे संक्रमणों से बचाता है। उन्होंने बताया कि पहले छह माह तक केवल माँ का दूध शिशु के समुचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पर्याप्त होता है। संस्थान के वाइस चेयरमैन डॉ. शुभम सिंह ने कहा कि स्तनपान शिशु के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने परिवारों से माताओं को प्रोत्साहित करने और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की अपील की।

वहीं, प्रिंसिपल डॉ. जेनेट जे ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसाओं का उल्लेख करते हुए जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने और छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर जोर दिया। डॉ. जूही एवं डॉ. सुजाता ने भी माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक लाभों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन स्नेहलता यादव, गजाला नाजमीन एवं विजयलक्ष्मी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर कॉलेज की फैकल्टी, बी.एससी. नर्सिंग के छात्र-छात्राएं, गर्भवती एवं धात्री माताएं, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

