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Friday, June 26, 2026

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जलेबी का जलवा : एक व्यंग्य रचना

Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार Dr. Umesh Prasad Singh (डा. उमेश प्रसाद सिंह )


आजकल जलेबी का बड़ा जलवा है।
‘‘कहाँ जलवा है?
धत्तेरे की। यह भी कोई सवाल है। कहाँ थे महाराज?….
कुम्भकर्ण की नींद में निमग्न थे क्या? दिन में आकाश के तारे तोड़ रहे थे क्या? मंगल पर प्लाट बुक कराने चले गए थे क्या? क्या राजा बलि से मंत्रणा करने पाताल पधार गए थे?
आप कुछ कहें चाहे न कहें। आप धरती पर जीवित, जाग्रत अवस्था में जरूर नहीं रहे होंगे। रहे होते तो ऐसा सवाल कदापि नहीं करते। भला कहाँ नहीं है जलेबी। हर कहीं जलेबी छाई हुई है।
अखबार में जलेबी। टी.वी.में जलेबी। सोशल मीडिया में जलेबी। देश में जलेबी। देश,देश में जलेबी। हिन्दुस्तान में जलेबी। पाकिस्तान में जलेबी। हरियाणा, पंजाब में जलेबी। केरल, तमिलनाडु में जलेबी। असम में लद्दाख में जलेबी। कनाडा में जलेबी। नेपाल, भूटान में जलेबी। बिना खरचे के हर कहीं जलेबी के चरचे। आँख मूदो तो जलेबी। आँख खोलो तो जलेबी।
पहले जलेबी केवल जलेबी की दुकान पर थी। केवल सुबह-शाम में थी। इधर हर दुकान पर जलेबी है। चाय कीदुकान पर जलेबी। पान की दुकान पर जलेबी। यहाँ तक कि सब्जी की दुकान पर भी जलेबी लोगों की जबान पर चढ़ी बैठी है।
जबान पर जलेबी तो है। मगर मिठास नहीं है। उसका रस हवा हो गया है।

हुआ यह कि राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) हरियाणा विधानसभा चुनाव (Hariyana Vidhansabha Election) में अपने अभियान पर थे। वे खून पसीना बहाकर कांग्रेस को हरियाणा में सत्तासीन करने के संकल्प में लथपथ थे। वे चाहे जैसे भी हो सत्ता हथियाने का हठयोग आँख मूदकर साधने की साधना में तल्लीन थे। सत्ता हथियाने के लिए सभी राजनीतिक दल कुछ भी करने के लिए उतारू रहते हैं। कुछ भी करने पर आमादा आदमी के लिए कुछ भी कह देना कठिन नहीं होता। कुछ भी कह देने को आतुर रहने में कुछ का कुछ हो जाना हमेशा संभावित बना रहता है।

चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गाँधी को उनके किसी प्रेमी भक्त ने गोहाना की प्रसिद्ध मातुराम की जलेबियाँ खिलाईं। देसी घी की कुरकुरी चसक चीनी की चासनी में डूबी जलेबी राहुल गाँधी को भा गई। जलेबी उन्हें बड़ी मीठी लगी। उनका मुँह मीठा हो गया। मुँह मीठा हो गया तो हो गया। कोई बात नहीं। मगर राहुल जी का मन भी मीठा हो गया। राहुल जी जलेबी की चासनी में चिपक गए चींटे की तरह। उनका मन उड़ने लगा हवा में। उन्हें महसूस हुआ कि यह मीठी जलेबी उन्हें सत्ता तक पहुंचाने की सीढ़ी बन सकती है। सो उन्होंने जलेबी को उछाल दिया नारा की तरह हवा में। मंच पर उन्होंने अपने भाषण के दौरान जलेबी का पैकेट लहरा-लहरा कर जनता के दिल को जलेबी के लिए ललचाकर वाहवाही लूटने का खेल खेला। उन्होंने हवा बाँधने के लिए जनता को दिन में सपने दिखा दिया। जलेबी की फैक्ट्री लगाने की परियोजना का मसौदा पेश कर डाला। उसके दुनियाँ भर में निर्यात करके विश्वव्यापी बनाने की मौलिक कल्पना उद्घाटित कर दी। राहुल गाँधी अपनी मौलिक उद्भावना पर बेहद गदगद हो उठे। राहुल को पता ही नहीं चला कि उनकी जबान फिसल गई है। पता चल भी कहाँ पाता है। पता रहे तो फिसले भी कैसे! अब फिसल गई तो फिसल गई। जलेबी जबान से उछलकर हवा में उड़ चली। जबान समहकर देखती रह गई। जलेबी आकाश चढ़ गई।

जलेबी हवा में उड़ी तो उड़ती चली गई। देश के कोने-कोने में ही नहीं। वह दुनियाँ के कोने-कोने में छा गई। पता नहीं करामात जलेबी की है या राहुल की जबान की। जलेबी उछाली गई। राहुल की जबान पकड़ी गई। राहुल की जबान पकड़ने के लिए जिनको अपने हाथ काम लायक समझ में आए सबने बढ़ाए। भाजपा के लोगों का वश चले तो राहुल की जीभ को वे मुँह में हाथ डालकर खींच लें। मगर चूँकि ऐसा नहीं हो सकता। इसलिए नहीं होता। फिर भी भाजपा नेता चुटकी में राख मलकर हमेशा तैयार रहते हैं कि जीभ जरा भी मुँह से बाहर निकले तो खींच लें। इधर राहुल हैं कि मानते ही नहीं। बार-बार खेल में हार कर पिनपिना जाने वाले लड़ाके जिद्दी लड़के की पिनक में जीभ बाहर निकाल कर जीतने वाले को पिड़काते रहते हैं।.

देखते-देखते जलेबी की मिठास न जाने कहाँ विलीन हो गई। कण्ठों में कड़वाहट भर गई। जलेबी की जलेबी बनने लगी। जलेबी का उत्स खोजा जाने लगा। गोत्र खोजा जाने लगा। जलेबी की खेती होने लगी। जलेबी का व्यापार होने लगा। जलेबी से मुनाफा कमाया जाने लगा। जलेबी से घाटा खाने का धन्धा भी चला। जलेबी जलेबी हो गया सब कुछ।
जलेबी खूब चली। इतनी चली, इतनी चली कि क्या कहना। शोधार्थी अन्वेषकों को जलेबी ने खूब दौड़ाया। इसका उत्स तलाशने में बुद्धिजीवियों को पर्सिया जो अब ईरान है तक की यात्रा करनी पड़ी। अरब तक जाना पड़ा। इतिहास तक नहीं छूटा। दसवीं शताब्दी तक पीछे लौटकर जलेबी की उपस्थिति का परीक्षण हुआ। भारतीय बोध के लोगों ने आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘भाव प्रकाश’ में जलेबी की उपयोगिता के प्रमाण ढूढ निकाले। क्या, क्या नहीं हुआ जलेबी को लेकर जलेबी के पीछे। जो हो सकता था। सब हुआ। हाँ, जलेबी को लेकर वेद तक जाने की उड़ान किसी ने नहीं भरी।

कांग्रेस की सारी उम्मीदें जलेबी की चासनी में डूब गई। भाजपा (BJP) के मुँह में जलेबी की मिठास मुस्करा रही है। हरियाणा में जो हुआ सो हुआ। मैं सोचता हूँ जलेबी का क्या हुआ? कुछ नहीं। जलेबी जहाँ थी, वहीं है। जलेबी जैसे थी, वैसे है। राहुल गाँधी की जबान से जलेबी के फिसलने के बाद कितने-कितने लोगों की जबान जलेबी पर फिसलती रही। मगर जलेबी न उठी न गिरी। न बढ़ी, न चढ़ी। आखिर जलेबी बस जलेबी है। जलेबी को भला राजनीति से क्या लेना, देना। किसी का राजनीति से कुछ लेना देना हो न हो दीगर बात है। मगर राजनीति का तो हर किसी से, हर कुछ से लेना-देना है। जलेबी से राजनीति ने खूब लिया। खूब-खूब लिया। जितना ले सकती है, पूरा लिया। फिर दिया क्या? कुछ नहीं। जलेबी हलवाई की दुकान में थाल में सजी बैठी है, ग्राहक के इंतजार में ठंडी होती हुई। राजनीति के लिए यह कत्तई जरूरी नहीं कि वह जिससे कुछ ले उसे दे भी। वह किसी का सब कुछ लेकर कुछ भी न देने को स्वतंत्र है। किसी से कुछ भी न लेकर बहुत कुछ देने को भी समर्थ है। राजनीति का हाथ भला कौन पकड़ सकता है! नहीं। कोई नहीं। उसके हाथ में सबके हाथ बँधे हैं।

राजनीति जलेबी का जायका जानती है। वह सत्ता के सिंहासन पर बैठकर जलेबी को जीमती है। जब मन हो रबड़ी में डुबाकर। जब मन हो दही में लपेटकर। जनता का क्या? वह तो बस तजलेबी बनाती रह जाती है। वह तो जलेबी बनती रह जाती है। खैर! जो हुआ सो हुआ। सरकार गई। फिर सरकार बनी। कोई दल जीता। कोई हारा। मगर जलेबी जीत गई। क्या कमाल है जलेबी का। जलेबी को उछालने वाला हार गया। जलेबी जीत गई। जलेबी को उछालने वाला हवा हो गया। जलेबी हवा में हो गई। जलेबी की हवा चल पड़ी। जलेबी की हवा बँध गई। बड़ी-बड़ी दुकानों की मँहगी से मँहगी मिठाइयों को लंघी मारकर जलेबी सबसे आगे निकल गई। धन्य है, जलेबी। धन्य है जलेबी का जलवा। जलेबी की जय हो।

सम्पर्क – डा.उमेश प्रसाद सिंह
ग्राम व पोस्ट-खखड़ा
जनपद-चंदौली।
पिनकोड-232118
मोबाइल नंबर-9305850728
ईमेल-drumeshsingh123@gmail.com

Chandauli:हरिओम हॉस्पिटल के संचालक ने गरीबों के बीच मनाई दीपावली की खुशियां,बोले डॉ विवेक गरीबों का घर दियो से रौशन करना हमारा लक्ष्य

चंदौली। मुख्यालय स्थित हरिओम हास्पिटल के संचालक डा. विवेक सिंह ने दीपावली पर गरीबों महिलाओं व बच्चों के बीच जाकर दीपावली की खुशियां मनाई। और उनको मिठाई कपड़े मोमबत्ती पूजन सामग्री के साथ बच्चों में पटाखे वितरण किए। इससे उनके घर भी दीपावली पर रौशन हो सके।
इस दौरान हरिओम अस्पताल के संचालक डॉ विवेक सिंह ने कहा कि संस्था के संचालक ,हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपावली पर गरीब व जरूरतमंद महिलाएं व बच्चों में खुशियां बांटने का कार्य किया गया है। और मिठाई, दीपक, मोमबत्ती, लक्ष्मी-गणेश की फोटो, पूजन सामग्री  व बच्चों के लिए फुलझरी आदि का वितरण किया गया। जिससे उनके घर भी रौशनी से भरा रहे। कहा कि दिवाली का यह पर्व प्रकाश व उत्साह का पर्व होता है, ऐसे में किसी और के जीवन में रोशनी करना और खुशियां बांटना ही मानव का असली धर्म है। दीपावली पर हर हरीब का घर दियो से रौशन हो यही हमारा लक्ष्य है।

एसपी ने वृद्धजनों के साथ दीपावली की खुशियों को किया साझा

चंदौली।दीपावली के पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे नै बुधवार मुख्यालय के वृद्धाश्रम पहुंचकर मिठाई, फल और मोमबत्ती का वितरण किया। यहां पर आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करते हुए वृद्धा आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ उत्साहपूर्वक दीपावली के त्यौहार को मनाये जाने हेतु आग्रह किया। इस दौरान बुजुर्गों के रहन-सहन के विषय में पूछताछ कर जानकारी प्राप्त की गई और बुजुर्गों को मिष्ठान, फल आदि वितरित कर बुजुर्गों के साथ फूलझड़ी पटाखा जलाकर सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी। कहा दीवाली हम सभी के जीवन मे खुशिया लेकर आती है।

वही दीपावली के पूर्व संध्या पर जहां विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षकों ने देर शाम अपने- अपने क्षेत्र के गरीब, असहाय परिवार बच्चों के बीच पहुंचकर त्योहार मनाने हेतु मिठाई, फल का वितरण कर उनके साथ कुछ समय व्यतीत कर खुशियां बांटी।सदर सीओ राजेश राय व सदर कोतवाल गगन राज सिंह ने गरीब के बीच पहुच कर दीवाली की खुशियां बाती

दीपावली पर्व पर 31 अक्टूबर के साथ ही एक नवंबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश


चंदौली। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने दीपावली पर्व के मद्देनजर पूर्व में घोषित छुट्टियों के साथ ही नई छुट्टी घोषित की है। उन्होेंने बताया कि दीपावली पर्व पर 31 को राजपत्रित अवकाश रहेगा। इसके साथ ही एक नवंबर को भी दीपावली की छुट्टी घोषित की गई है। इसे लेकर उन्होंने अपर मुख्य सचिव यूपी प्रशासन की मंशा व निगोशएबुल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1981 के अधीन घोषित राजपत्रित्र अवकाशों के अन्तर्गत प्रस्तर-2 के क्रमांक 20 का हवाला दिया है।
विदित हो कि प्रदेश में दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर के साथ-साथ एक नवंबर को भी मनाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त एक नवंबर को निगोशएबुल इन्स्टुमेन्ट एक्ट 1981 के अधीन इस शर्त के अधीन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है कि आगामी नौ नवंबर को शनिवार के लिए राजकीय कार्यालय सामान्य कार्य दिवस की भाँति खुले रहेगें। शासन के उक्त आदेश के क्रम में जनपद चंदौली में दीपावली पर्व पर 31 अक्टूबर के साथ ही एक नवंबर को दीपावली का अवकाश रहेगा। विदित हो कि एक नवंबर को अवकाश को लेकर सरकारी कर्मचारियों में काफी दिनों से चर्चा बनी हुई थी। एक नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से अपने परिवार से दूर नौकरी करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे वे दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार पर परिवार के साथ खुशियां बांटने के साथ ही अधिक समय बीता सकेंगे। शासन के इस आदेश की प्रशंसा करते हुए सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों ने सराहा है।

Jan Sahayog : समाजसेवी अजीत कुमार सोनी ने रक्तदान कर दलित बस्ती में मनाया पुत्र अनिकेत का जन्मोत्सव

ब्लड बैंक चंदौली में रक्तदान करते समाजसेवी अजीत कुमार सोनी।
ब्लड बैंक चंदौली में रक्तदान करते समाजसेवी अजीत कुमार सोनी।

जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष ने गरीब व जरूरतमंदों के साथ बांटी खुशियां, समाज को दी नई प्रेरणा

Young Writer, चंदौली। रक्तदान व शिक्षा के क्षेत्र में समाजसेवा के नित नए आयाग गढ़ने वाले समाजसेवी व जन सहयोग संस्थान (Jan Sahayog Sansthan Chandauli) के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी ने इस कड़ी में बुधवार को एक नया अध्याय जोड़ने का काम किया। उन्होंने अपने इकलौते पुत्र अनिकेत के प्रथम जन्मदिन को यादगार व खास बनाने के लिए सर्वप्रथम रक्तदान किया। इसके बाद उन्होंने डाक बंगला रोड स्थित दलित बस्ती में जाकर परिवार केक काटा और गरीब बच्चों में मिष्ठान आदि वितरित कर समाज को एक नई प्रेरणा देने की पहल की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज के उन तमाम लोगों को जो सुविधा सम्पन्न है। ऐसे पावन व खुशियों के अवसर पर गरीब व असहाय वर्ग को शामिल कर इसे यादगार बनाने की पहल होनी चाहिए। कहा कि रक्तदान से जिंदगियां बचाई जा सकती है। आज भी तमाम जागरूकता के बाद भी रक्त की कमी पूरे देश में बनी है, जिससे ऐसे छोटे-छोटे अवसरों पर रक्तदान करके पूरा किया जा सकता है। कहा कि आज भी बहुत से परिवार ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी व गरीबी के कारण त्यौहार नहीं मना पाते हैं।

हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि उत्सवों पर हम सभी इनकी बस्तियों व घरों को खुशियों से रौशन करें। हमारे त्यौहार भी हमें यही सीख देते हैं। इसलिए अपने पुत्र की पहले जन्मदिन अवसर को यादगार बनाने के लिए दलित बस्ती में केक काटा गया और उन्हें दीपावली पर्व के मद्देनजर जरूरत की कुछ चीजें मुहैया कराई गई है, ताकि इनकी भी दीपावली रोशन हो सके। हमारा प्रयास है कि इस दिशा में निरंतर कुछ न कुछ नया करके समाज को नई दिशा देने का काम किया जाए। इस कार्य में चंदौली जनपद कई प्रतिष्ठित लोगों के साथ ही जन सहयोग संस्था के सदस्यों का भरपूर सहयोग प्राप्त होता रहा है। उम्मीद है लोगों जरूरतमंदों की सेवा व मदद के लिए ऐसे ही प्रयासरत रहेंगे। इस अवसर पर प्रेम कुमार मौर्य, प्रियंका गुप्ता, चन्द्रबली पासवान, डा.जेपी गुप्ता, रोशनी, राधा पासवान आदि उपस्थित रहे।

Diwali : Central Public School के सभी ब्रांचों में धूमधाम से मनी दीपावली, बच्चों ने बनाएं दिए व रंगोली

बच्चों द्वारा तैयार दीए और रंगोली का अवलोकन करते सीएमडी डा. विनय कुमार वर्मा।
बच्चों द्वारा तैयार दीए और रंगोली का अवलोकन करते सीएमडी डा. विनय कुमार वर्मा।

स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने दीपों के साथ ही बनाई रंग-बिरंगी रंगोली

Young Writer, Chandauli: दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में सेंट्रल पब्लिक स्कूल के विभिन्न ब्रांचों में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने शिक्षकों की निगरानी में रंग-बिरंगे दिए व रंगोली तैयार किए। विद्यालय के मुख्य प्रबंध निदेशक डा. विनय कुमार वर्मा ने बच्चों द्वारा तैयार रंगोली व विभिन्न प्रकार के दीपो का अवलोकन किया। उनकी प्रतिभाग की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही उन्होंने प्रकाश पर्व दीपावली के महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी।

बच्चों द्वारा तैयार दीए और रंगोली का अवलोकन करते सीएमडी डा. विनय कुमार वर्मा।
बच्चों द्वारा तैयार दीए और रंगोली का अवलोकन करते सीएमडी डा. विनय कुमार वर्मा।

इस दौरान उन्होंने बताया कि दीपावली हिंदू धर्म की आस्था से जुड़ा बहुत महत्वपूर्ण पर्व है। दीपावली का पर्व अयोध्या नगरी में तब मनाया गया जब त्रेतायुग में भगवान श्रीराम अपने चौदह वर्षों का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे। भगवान राम चौदह पर्व का वनवास पूर्ण करने के बाद अयोध्या आ रहे थे। तो सबसे पहले अपने भाई भरत से अयोध्या स्थित नंदीग्राम में मिले और प्रिय भाई भरत को प्रेम पूर्वक हृदय से लगाया और यह क्षण भरत मिलाप कहलाया।

यह पर्व हम सभी को कई सीख देता है। हमें अपने कार्य व्यवहार व प्रयास से दूसरों के जीवन में व्याप्त अंधेरे और कष्ट को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। जैसा कि दीपावली पर दीपक की रोशनी करती है। इस दौरान सेंट्रल पब्लिक स्कूल के चंधासी ब्रांच के अलावा सेंट्रल पब्लिक स्कूल, परशुरामपुर व साहूपुरी ब्रांच में दीपोत्सव दिवाली मनाया गया। जहां बच्चों ने रंग-बिरंगे विभिन्न आकार व प्रकार के मनमोहन दिए और रंगोली बनाया।

बच्चों द्वारा तैयार दीए और रंगोली का अवलोकन करते सीएमडी डा. विनय कुमार वर्मा।

इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों का मार्गदर्शन करने के साथ ही उनकी प्रतिभाओं को सराहा भी। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय बच्चों की प्रतिभा में निखार लाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई के प्रति रूची बनी रहे।

Chandauli:दीपावली पर्व पर 31 अक्टूबर के साथ ही एक नवंबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश


चंदौली। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने दीपावली पर्व के मद्देनजर पूर्व में घोषित छुट्टियों के साथ ही नई छुट्टी घोषित की है। उन्होेंने बताया कि दीपावली पर्व पर 31 को राजपत्रित अवकाश रहेगा। इसके साथ ही एक नवंबर को भी दीपावली की छुट्टी घोषित की गई है। इसे लेकर उन्होंने अपर मुख्य सचिव यूपी प्रशासन की मंशा व निगोशएबुल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1981 के अधीन घोषित राजपत्रित्र अवकाशों के अन्तर्गत प्रस्तर-2 के क्रमांक 20 का हवाला दिया है।
विदित हो कि प्रदेश में दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर के साथ-साथ एक नवंबर को भी मनाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त एक नवंबर को निगोशएबुल इन्स्टुमेन्ट एक्ट 1981 के अधीन इस शर्त के अधीन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है कि आगामी नौ नवंबर को शनिवार के लिए राजकीय कार्यालय सामान्य कार्य दिवस की भाँति खुले रहेगें। शासन के उक्त आदेश के क्रम में जनपद चंदौली में दीपावली पर्व पर 31 अक्टूबर के साथ ही एक नवंबर को दीपावली का अवकाश रहेगा। विदित हो कि एक नवंबर को अवकाश को लेकर सरकारी कर्मचारियों में काफी दिनों से चर्चा बनी हुई थी। एक नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से अपने परिवार से दूर नौकरी करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे वे दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार पर परिवार के साथ खुशियां बांटने के साथ ही अधिक समय बीता सकेंगे। शासन के इस आदेश की प्रशंसा करते हुए सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों ने सराहा है।

Chandauli:हरिओम हॉस्पिटल में पूजे गए आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरी,बोले डॉ. विवेक आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज का उठाए लाभ

चंदौली। मुख्यालय स्थित हरिओम हॉस्पिटल में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरी के प्राकट्य दिवस पर पूजनोत्सव व गोष्ठी कार्यक्रम आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ विवेक सिंह ने भगवान धनवंतरी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित के साथ दीप प्रज्वलन कर उनको नमन किया।
इस दौरान डा. विवेक सिंह ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा सबसे सरल और सफल है। हम सभी को जागरूक होकर उसका प्रयोग करना चाहिए। साथ ही सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज हो रहा है। जिस हॉस्पिटल में ऐसी सुविधा मिल रही हो उसका लाभ लेना चाहिए। डा शशिकांत मिश्रा ने कहा कि आज भगवान धनवंतरी का प्राकट्योत्सव है। हम सभी अपने जीवन को स्वस्थ्य तथा दीर्घकालिक तभी बना सकते हैं। जब हम निरोग रहेंगे। ऐसे में सभी अपने शुद्ध खान पान तथा योग व्यायाम पर ध्यान देना पड़ेगा। इस अवसर पर हरिओम हॉस्पिटल की प्रबंधक डा.श्रीमती ममता राय, डा शशिकांत मिश्रा, डा. शशिकांत मिश्रा मौजूद रहे।

गाज़ियाबाद में वकीलों के ऊपर हुए लाठीचार्ज के मामले में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन,दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग


चंदौली। डिस्क्ट्रिक डेमोक्रेटिक बार व सिविल बार एसोसिएशन बैठक बुधवार को सदर तहसील में संपन्न हुई। जिसमें अधिवक्ताओं ने गाजियाबाद में पुलिस द्वारा वकीलो के ऊपर हुए लाठीचार्ज कर दुख जताया। और विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्यवाई की मांग की
इस दौरान डिस्क्ट्रिक डेमोक्रेटिक बार के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गाजियाबाद में जिला जज के निर्देश पर अधिवक्ताओं के उपर पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज निंदनीय है। ऐसे पुलिसकर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। और उनको गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डालना चाहिए। सिविल बार के अध्यक्ष राकेश रत्न तिवारी ने कहा की घायल अधिवक्ताओं को शासन द्वारा मुआवजा दिया जाए। जिससे घायल अधिवक्ताओं का बेहतर अस्पताल में इलाज़ हो सके। साथ ही जो भी पुलिसकर्मी मामले में दोषी है। उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।

Diwali 2024 के उपलक्ष्य में यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में रंगोली व कला प्रतियोगिता आयोजित

यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में बच्चों द्वारा तैयार रंगोली का अवलोकन करते सूर्यमुनी तिवारी।

Young Writer, बबुरी। दीपावली पर्व के मद्देनजर मंगलवार को यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल बबुरी के छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय परिवार के छात्र व छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि विद्यालय प्रबंधक एवं BJP Leader सूर्यमुनी तिवारी रहे। रंगोली प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए नन्हे हाथों से सुंदर कलाकृतियों में रंग भरा। यह काफी आकर्षक और मनमोहक थी। प्रतियोगिता में छात्राओं ने सुंदर फूलों के साथ साथ दीपों की सुंदर आकृतियों को जीवंत रूप प्रदान किया।

यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में बच्चों द्वारा तैयार रंगोली का अवलोकन करते सूर्यमुनी तिवारी।
यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में बच्चों द्वारा तैयार रंगोली का अवलोकन करते सूर्यमुनी तिवारी।

इस दौरान विद्यालय प्रबंधक सूर्यमुनी तिवारी ने कहा कि यह आयोजन दिवाली के शुभ अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास के लिए किया  गया है। इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा सामने आती है। प्रबंधक सूर्यमुनी तिवारी और विद्यालय परिवार ने संयुक्त रूप से छात्र छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए धनतेरस व दीपावली की शुभकामना संदेश भी दिया। इस मौके पर प्रिंसिपल अरविंद मिश्रा, रविंद्र नारायण तिवारी, संतोष सिंह, बसंती सिंह, मंजू केशरी, सूरज पाण्डेय,संगीता सिंह, वैभव त्रिपाठी, अखिलेश तिवारी, कमलेश्वर तिवारी, अरुण मौर्या, लवकुश मिश्रा, जेबा परवीन, सृष्टि सिंह, आरती विश्वकर्मा, प्रिया त्रिपाठी, अभिलाषा पाठक सहित इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

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