चंदौली। नगर स्थित अटल सेतु ओवर ब्रिज के समीप बुधवार को रेल दुर्घटना में मृतक महिला की शिनाख्त जीआरपी ने कर लिया है। मृतक महिला सुमित्रा देवी 59 वर्ष चंदौली कोतवाली क्षेत्र के बसिला गांव निवासी थी, जो रेलवे में ट्रैक मैन के पद पर चंदौली में कार्यरत थी। जीआरपी ने पंचनामा करके शव को पोस्टमार्टम के जिला जिला अस्पताल भेज दिया।
बताते हैं कि बसिला गांव निवासी सुमित्रा देवी 59 वर्ष बुधवार को ड्यूटी समाप्त होने के बाद रेलवे ट्रैक पार करके कैली रोड पर ऑटो पकड़े के लिए जा रही थी। जैसे ही सुमित्रा देवी अटल सेतु ब्रिज के नीचे पहुंची की पीछे से आ रही तेज़ रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आ गयी। इस घटना में सुमित्रा देवी का मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद घटनास्थल पर पहंुची जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत जीआरपी चौकी प्रभारी हरिशंकर ने बताया कि मृतका सुमित्रा देवी जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजन उन्हें खोजने हुए जीआरपी चौकी पहुंचे, जहां कपड़ों से परिजनों ने शव की शिनाख्त की। सुमित्रा देवी रेलवे में ट्रैक मैन के पद पर कार्यरत थी, जिनकी किसी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों की सौप दिया गया है।
इनसेट–
बेटियों के रुदन से लोगों की आंखें हुई नम
चंदौली। क्षेत्र के बसिला गांव निवासी नंदलाल रेलवे में गैंगमैन पर के कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी सुमित्रा को नौकरी मिल गई थी। जिनके कंधों पर आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। सुमित्रा देवी ने 6 बेटियों की शादी कर दिया था। लेकिन दो बेटियां अभी शादी करना है। जैसे ही मां के मौत की खबर बेटी शशिकांति 20 वर्ष और उजाला कुमारी 23 वर्ष को मिली उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। मां की मौत के बाद दोनों बेटियां बेसहारा हो। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर गांव के लोगों व रिश्तेदारों की भी भीड़ लग गई। वहीं बेटियों के करुण रुदन से लोगों की आंखें नम हो गई।
Chandauli:ट्रैक मैन पद पर तैनात थी रेल हादसे में मृत महिला जीआरपी पुलिस ने किया शिनाख्त,परिजनों में मचा कोहराम
Chandauli:स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध हॉस्पिटल पर की छापेमारी,एक सील आधा दर्जन को बंद करने का निर्देश मची खलबली
धानापुर में अवैध रूप से संचालित अस्पताल सील
आधा दर्जन हास्पीटलों को बंद करने का निर्देश
सकलडीहा। सीएमओ डा.वाईके राय के निर्देश पर गुरूवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण और डिप्टी सीएमओ डा. संजय सिंह टीम के साथ सकलडीहा, कमलापुर, धानापुर और बरहनी क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक हास्पीटलों का औचक निरीक्षण किया। जहां पर एक हास्पीटल को सील करा दिया गया। शेष आधा दर्जन हास्पीटल संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए बंद कराने का निर्देश दिया गया। विभागीय जांच पड़ताल से हास्पीटल संचालकों में खलबली मच गयी है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण धानापुर में शिव शक्ति हास्पीटल, धानापुर हास्पीटल, संध्या हास्पीटल, आशुतोष पालिक्लिनिक, कमलापुर में न्यू शिवांग हास्पीटल, बरहनी में बीडी मेमोरियल और सद्गुरू हास्पीटल सहित अन्य हास्पीटलों की जांच किया। जहां पर कोई रजिस्टर्ड चिकित्सक भी मौजूद नहीं था। हास्पीटलों का पंजीयन भी नहीं हुआ था। सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं के बारे में पूछने पर हास्पीटल संचालकों द्वारा जानकारी तक नही दिया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण ने धानापुर में एक हास्पीटल को सील कराया। शेष हास्पीटल संचालकों को बगैर पंजीयन कराये और पंजीकृत डाक्टरों के बगैर हास्पीटल का संचालन पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्देश दिया। चेताया कि बगैर पंजीयन हास्पीटल् का संचालन होने पर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। इसके अलावा सकलडीहा के ईटवा में एक हास्पीटल संचालक बगैर पंजीयन आपरेशन से लेकर मेडिकल स्टोर और मरीजों को भर्ती कराये जाने को संज्ञान में लेते हुए अधीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया। विभागीय जांच पड़ताल से हास्पीटल संचालकों में खलबली मच गया। इस बाबत अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरबी शरण ने बताया कि बगैर पंजीयन हास्पीटल या पैथलॉजी चलाने पर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ संजय सिंह, सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव सहित अन्य रहे।
समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने शशांक यादव
Chandauli : समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने जनपद के जिगना निवासी शशांक यादव को समाजवादी छात्र सभा के राज्य कार्यकारिणी में जगह दी है। उन्होंने शशांक को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा। नए दायित्व के साथ ही उन्होंने शशांक यादव को जिम्मेदारी दी है कि युवाओं को समाजवादी पार्टी से जोड़े और छात्र राजनीतिक में समाजवादी विचारधारा को युवाओं तक पहुंचाने का काम करें। उनके मनोनयन से जिगना समेत चंदौली के युवा समाजवादियों ने खुशी जाहिर की। कहा कि शशांक यादव से संगठन को मजबूत बनाने के दायित्व का मजबूती के साथ निर्वहन होगा।
Chandauli:अज्ञात वाहन ने ऑटो को मारी टक्कर चालक की मौत,ग्रामीणों ने कर दिया चक्काजाम अधिकारियों ने ऐसे समझा कर कराया शांत
नियामताबाद। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव के समीप नेशनल हाईवे पर बुधवार की देर रात अज्ञात वाहन की चपेट में आने से आटो चालक की मौत हो गई। हादसे से नाराज ग्रामीण ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। और मुवावजे की मांग करने लगे। आनन फ़ानन में घटनास्थल पर पहुचे अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार व सीओ अनिरुद्ध सिंह व अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया और शव की कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
बताते हैं कि अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेवसा गांव निवासी संतोष यादव 35 वर्ष आटो चलता था। देर रात आटो लेकर वह अपने घर जा रहा था। इसी दौरान रेवसा गांव के समीप नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन ने उसके ऑटो में जोरदार टक्कर दी। घटना में आटो सहित संतोष सडक पर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आस पास के लोगो ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वही हादसे से नाराज रेवसा गांव के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। और उचित मुवावजे की मांग करने लगे। जाम की सूचना मिलते ही मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी विनय कुमार सिंह, एसडीएम विराग पांडेय, क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह, सदर क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया और उचित मुवावजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस बाबत एएसपी विनय कुमार सिंह ने बताया की हाइवे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर आटो चालक की मौत हो गई है। पुलिस मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए हाइवे जाम कर रखा था। समझा-बुझाकर आवागम शुरू करा दिया गया है।
Fire Accident : भीषण आग में तीन गरीब परिवारों की गृहस्थी जलकर हुआ खाक
Young Writer, इलिया। क्षेत्र के बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। इसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। और आज की चिंगारी तीन घरों तक जा पहुंची। आज की लपटे उठना देखकर घरों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया लोग किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकले और अपने घरों में बंधे कुछ मवेशियों को बाहर निकाल लिया लेकिन कुछ मवेशी आग की चपेट में आने से जलकर खाक हो गए। और उनकी मौत हो गई। वहीं लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दिया। लेकिन सूचना के घंटे बाद भी मौके पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आज पर काबू पाया। लेकिन तब तक गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। वही परिवार की महिलाएं और बच्चियों का रो-रोकर पूरी तरह से बुरा हाल था। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील व जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई जिसमें गांव के रामदुलार राम की दो मोटरसाइकिल दो साइकिल चलकर राख हो गई। मड़ई में बंधी एक गए झुलस गई। इसके अलावा रामदुलारे की पत्नी जीआछी देवी (60 वर्ष) आग बुझाने में झुलस गई। वहीं इसके अलावा पड़ोसी हेमराज की मड़ई में बधी चार बकरियों की आज की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई। वही 12 मन गेहूं सहित अन्य खाद्य सामग्री और साइकिल इत्यादि सामान जलकर खाक हो गया। वहीं पड़ोसी राधे राम के घर में रखा टिल्लू इंजन पाइप बाइक साइकिल के साथ-साथ गृहस्थी का सामान भी पूरी तरीके से जलकर राख हो गया। इसके अलावा राधे राम की भी एक भैंस आंख की चपेट में आकर झुलस गई।

आग लगने के बाद किसी तरह ग्रामीणों की मदद से तीनों परिवारों के घरों में कुएं से पानी खींचकर आग बुझाई गई। वही उनके घरों में रखा कुछ सामान लोगों ने बाहर निकलवाया। हालांकि आग लगने के बाद अब तीनों परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है जिससे कि उनका जीविकोपार्जन हो सके।
सूचना देने के बावजूद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी देते हुए सूचना दिया लेकिन सूचना के बावजूद भी फायर ब्रिगेड में तैनात कर्मचारी करते रहे और आग लगने तक नहीं पहुंचे। आग बुझाने जाने के डेढ़ घंटे बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने खाना पूर्ति किया। ऐसे में फायर ब्रिगेड के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने जिला प्रशासन से लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
किसी तरह मजदूरी और ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करते हैं परिवार के लोग
बनरसिया गांव में अज्ञात कारणों से आग लगने के बाद आग लगी में रामदुलार और राधे राम के परिवार के लोग किसी तरह मजदूरी कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं इसके अलावा हेमराज अपना ठेला लगाकर फेरी करके ट्रॉफी बिस्कुट की बिक्री करते हुए अपने जीविका चलाते हैं। लेकिन आग लगी की घटना के बाद ठेला भी जलकर राख हो गया ऐसे में उनके सर पर संकटों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों का रो-रोकर था बुरा हाल
बनरसिया गांव में आगलगी की घटना के बाद पीड़ित परिवारों के साथ-साथ उनके घर की महिलाओं और बच्चियों का रो-रोकर पूरी तरीके से बुरा हाल था। उनका कहना था कि अब उनका जीविकोपार्जन कैसे चल पाएगा। और वह अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
लोकसभा चुनाव : दर्शक होने की नियति में
Young Writer, ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह
चुनाव की हवा बहने लगी है। डालें हिलने लगी हैं। पत्ते झरने लगे हैं। जड़े डरने लगी हैं।
संचार माध्यमों में सवालों की आँधी आ गई है। जो भी सवाल उछल रहे हैं। उछाले जा रहे हैं। वे सारे सवाल उनके ही सवाल हैं, जिनके लिए चुनाव खेल है। जो सत्ता हथियाने के खिलाड़ी है, पक्ष-प्रतिपक्ष में वे सवालों की गेंद फेंक रहे हैं। कोई गेंद फेंक रहा है। कोई बल्लेबाजी कर रहा है। इस मैच में जो गेंद सबसे अधिक बार फेंकी जा रही है, वह गेंद संविधान की है। हमारा संविधान हमारे लोकतंत्र में गेंद बन गया है। ऐसा क्यों है? यह भी एक सवाल है। मगर यह सवाल कहीं नहीं है।
हमारे देश में जबसे जनतंत्र स्थापित हुआ है, तबसे राजनीति संविधान का इस्तेमाल तलवार की तरह कभी करती दिखती है, कभी ढाल की तरह। संविधान राजनीति के हाथ में है, हमेशा संविधान के हाथ में कुछ नहीं है।
जनता के सामने बार-बार दुहाई दी जाती है संविधान की। उधर जनता है कि संविधान के बारे में उसे कुछ पता ही नहीं है। उसकी कोई जानकारी ही नहीं है। जनता को संविधान के बारे में कुछ भी जानकारी देने का उद्योग सरकार का कभी मकसद ही नहीं रहा। कितने दुर्भाग्य की बात है। मगर ऐसा है। संविधान का जनता से कोई सीधा सरोकार नहीं है। वह केवल सरकार, जजों और काले कोट के वकीलों के लिए जीविका का निमित्त है। आज भी हमारे सारे कानून कोर्ट-कचहरी के परिसर की चार दीवारी में कैदी की तरह हैं। जन जीवन में कहीं भी संविधान की जीवित उपस्थिति नहीं है। फिर भी संविधान की रक्षा की गुहार जनता से लगाई जा रही है। कैसा विडम्बनापूर्ण है। यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा जोखिम है। हमारे लोकतंत्र में यह जोखिम का खेल सभी मिलकर खेल रहे हैं। सभी कहते हैं,- जनता ही सबकुछ है। मगर सभी के लिए जनता कुछ भी नहीं है।
कुछ लोग पसीने में डूब-डूब चीख रहे हैं। चिल्ला रहे हैं, संविधान संकट में है। संविधान की हत्या की साजिश रची जा रही है। जनता को गुहार रहे हैं, गला फाड़-फाड़ कर कि संविधान की रक्षा करो। जनता देख रही है, चिल्लाने वाले, चीखने वाले भयानक संकट में फँसे हैं। यह क्या है? कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने संकट को संविधान का संकट कहने का नया राजनीतिक पैंतरा चल पड़ा है। जो भी हो जनता को नहीं पता। वह तो मुंह बा कर चीख-चिल्लाहट सुन रही है।
कुछ लोग गरज रहे हैं। सीना फुला-फुला कर, ताल ठोंक-ठोंककर बोल रहे हैं, वे संविधान की रक्षा में मुस्तैद हैं। वे जो भी कर रहे हैं, संविधान की रक्षा के लिए है। वे जो भी कर रहे हैं, संविधान को मजबूत बनाने के लिए कर रहे हैं। संविधान मजबूत रहेगा तो देश मजबूत बना रहेगा ।देश मजबूत रहेगा तो जनता सुखी रहेगी।संविधान, संविधान न हुआ ब्यायी हुई गाय हो गया है। उसे खाली भूसा खिलाओ। खिलाकर पेन्हाओ। फिर दूध निकाल लो। दूध पियो।फिर दूध से दही मक्खन खाओ।पनीर , खोआ जो मन हो बना लो। जैसी मर्जी मिठाई खाओ। मजा ही मजा है।
हमारे जनतंत्र में, जनतंत्र के चुनाव में जनता क्या है? जनता देख रही है। जनता देखती आ रही है। जनता देख रही है कि उसका होना विद्यालय में विद्यार्थी की तरह होना है। विद्यार्थी का होना ही अध्यापक के होने को अर्थ देता है। मगर विद्यार्थी का होना अध्यापक के लिए केवल अवसर है। उसके तनख्वाह पाने का अवसर। उसकी गरिमा का अवसर। विद्यार्थी का होना अध्यापक को सारे अधिकार देने के लिए होना है। जनतन्त्र में जनता का होना सरकार को शासन की शक्ति देने के लिए बस होना भर है।
जनता देख रही है, जनतंत्र के इस महान चुनावी मैच में जनता की हैसियत क्रिकेट मैच में दर्शक होने की हैसियत भर है। जनता अपनी इस हैसियत में भी खुश है। खुश न हो भी हो तो क्या फर्क पड़ता है खेल में। सो ठीक ही है, तमाशा देखना ही है तो खुश होकर देखो। वह देख रही है। वह दारु पी-पीकर, मुर्गा खा-खाकर, खेल देख रही है। यह भी तो मजा है। इतना भी कम थोड़े है। कुछ बुद्धिजीवी हैं, पत्रकार हैं लेखक हैं, वे अपने अभिमान में अकड़कर खेल की कमेण्टी कर रहे हैं। उनके बड़प्पन का सिम्बल उनके हाथ में माइक है, अखबार है, कलम है। दर्शक उन्हें देख रहे हैं, सुन रहे हैं, कम है! वे खिलाड़ियों के कौशल का बखान कर रहे हैं। उनकी कमियों का खुलासा कर रहे हैं। उनकी चूकों को उजागर कर रहे हैं। खेल को दर्शकों के लिए रोचक बनाए रखने का काम उनका काम है।
यद्यपि सारी जनता, जनता ही है। उसकी मूल नियति एक जैसी ही है। सबकी भूमिका दर्शक की ही है। फिर भी….। फिर भी जनता में कई तरह के लोग हैं। कुछ लोग हैं जो टिकट खरीद कर खेल को ग्राउण्ड में देखते हैं। वे अत्यन्त निकट से खेल देखते हैं। वे निकट से खेल ही नहीं खिलाड़ियों को भी देखते हैं। इस निकटता का उन्हें विशेष सुख मिलता है। ग्राउण्ड पर खेल देखने वाली दर्शक जनता को इस भ्रम का भी विशेष सुख मिलता है कि उनकी तालियों की गूँज खेल और खिलाड़ी को प्रभावित करती है। उन्हें इस बात का भी गुमान रहता है कि खिलाड़ी भी उनको देख रहे हैं।
मगर जनता में अधिकांश जनता वह दर्शक है जो खेल को बहुत दूर से स्क्रीन पर देखती है। वह खिलाड़ियों को देखती है, लेकिन खिलाड़ी उसे नहीं देखते हैं। वह भी ताली बजाती है। उछलती-कूदती है। जीत का जश्न और हार का मातम मनाती है। इतना मजा भी कोई कम नहीं है। ताली बजाने का सुख, जय बोलने का आनन्द भी रोज-रोज कहाँ मिलता है।
बहुत-से सवाल हैं, जो चारों तरफ से मुझे घेरे हैं। सवालों के घेरे में घिरकर मैं सोचता हूँ कि हमारे जनतंत्र में जनता खेल में केवल दर्शक क्यों है?
कबसे जनता सिर्फ सरकार के लिए क्यों है? सरकार जनता के लिए क्यों नहीं है?
सवाल और भी हैं। बहुत हैं। बहुत तरह के हैं। मगर किससे पूछे। सवाल पूछने की इजाजत नहीं है।
जिनके हाथ में संविधान है, हथियार की तरह वे कोई भी सवाल पूछने का मौका नहीं देते। उनकी नजर में सवाल पूछना संविधान के खिलाफ है। संविधान के खिलाफ जो भी है ,जो कुछ भी है, अपराध है।
संविधान के अनुरूप, संविधान के अनुकूल केवल चुनाव का खेल देखना है। ताली बाजाना है। उछलना है। कूदना है। जनता को न जीतना है। न हारना है। फिर भी जश्न मनाना है। फिर भी मातम मनाना है।
अगर आप जनता हैं। जनता में से हैं। तो सवालों की कुछ मत सुनिए। कान में तेल डाल लीजिए। ताली बजाइए पूरा जोर लगाकर। खूब उछलिए। खूब कूदिये। खेल को रोचक और रोमांचक बनाए रखने में अपना पूरा-पूरा कर्तव्य निभाइए। अपना पूरा योगदान रखिए। यह आपका नागरिक धर्म है। अपने धर्म का पालन ही सुख का आधार है। अपने धर्म के पालन का आँख मूँदकर सुख लूटिए। सुख से भरकर बोलिए,- ‘‘जय जनता। जय जनतंत्र।’’ इस महादेश के महान जनतंत्र में जनता का दर्शक की नियति में होना कितने दुर्भाग्य की बात है, कभी मत सोचिए। इस महादेश की समूची गरिमा उनकी है। सारा इतिहास, सारा भूगोल उनका है। इन सबके बारे में सोचने, समझने का हक उनका है। आप केवल दर्शक हैं। जो दिख रहा है, बस देखिए।
Dr. Umesh Prasad Singh
Lalit Nibandhkar (ललित निबंधकार)
Village and Post – Khakhara,
District – Chandauli, Pin code-232118
Mobile No. 9305850728
Chandauli:बंदरों के झूंड ने रेलवे ट्रेन मैनेजर पर किया हमला यात्रियों व रेल कर्मचारियों में दहशत
डीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की शाम सवा तीन बजे के फुट ओवर ब्रिज पर बंदरों ने पैसेंजर ट्रेन मैनेजर पर हमला कर घायल कर दिया। ट्रेन मैनेजर का प्राथमिक उपचार किया गया। रेलवे स्टेशन पर अब तक बंदरों के हमले से दस से अधिक यात्री और रेलकर्मी घायल हो चुके हैं।जिससे रेल कर्मचारियों व यात्रियों में दहशत व्याप्त हो गया है।
डीडीयू रेलवे स्टेशन पर रोजाना बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। एक तरफ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की कवायद किया जा रहा है।यात्री सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी तरफ यहां चार सौ से अधिक बंदर दिन रात उत्पात मचा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में बंदर दस से अधिक रेल कर्मचारियों और यात्रियों को घायल कर चुके हैं। बुधवार की शाम सवा तीन बजे यात्री ट्रेन मैनेजर अर्जुन सिंह स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में स्टेशन अधीक्षक आरके सिंह से मुलाकात के बाद वे वापस चले थे। इसी बीच फुटओवर ब्रिज पर बंदरों का एक झुंड ने अर्जुन सिंह को घेर लिया। जब तक वे समझते एक बंदर ने झपट्टा मार कर ट्रेन मैनेजर के हाथ ,जांघ,पीठ में घायल कर दिया। यात्रियों के शोर मचाने पर बंदर भागे। अर्जुन का प्राथमिक उपचार किया गया।इस बाबत स्टेशन अधीक्षक ने बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने केे लिए रेल प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी और वन विभाग को पत्र लिखा जा रहा है।
Chandauli:शार्ट सर्किट से किसानों की 25 बीघे गेंहू की फसल जलकर राख,हवा के साथ फसल को अपने आगोश में ले रही थी आग
चंदौली। सदर विकास खंड के खुरुहजा गांव में बुधवार को विद्युत पोल की शार्ट सर्किट से किसानों की लगभग 25 बीघे की खड़ी गेंहू का फसल जलकर राख हो गया। आनन फानन में मौक़े पर पहुचे ग्रामीणों ने आग को काबू करने का प्रयास किया। लेकिन हवा के तीव्र गति के साथ आग पूरे खेत की अपने आगोश में ले जा रही थी। ग्रामीणों ने तत्काल अगलगी की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी लेकिन मौके पर फायर ब्रिगेड की वाहन पहुचने तक किसानों का 25 बीघे की फसल जलकर राख हो गई। घटना के दौरान मौके पर पहुचे आलाधिकारियों ने लेखपालों को निर्देश दिया। कि जल्द से जल्द रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज जाए

दरअसल प्रचंड गर्मी के कारण खेत के ऊपर से गुजरे विद्युत तारो से चिंगारी निकल रही है। जिसके कारण खेतो में आग लग जा रही है। और किसानों की पूरी फसल जलकर बर्बाद हो जा रही है। इससे किसान अपने परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ हो जा रहे हैं। खुरुहजा गांव के अगलगी में चंदन सिंह 15 बीघे व रबिन्द्र सिंह का 10 बीघे गेहूं की फसल के साथ बबलू सिंह का 20 बोझा चना बाड़ू सिंह का खेत में रखा भूसा जलकर राख हो गया। मौके पर पहुचे अधिकारियों ने लेखपाल से तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत कर शासन को भेजने का निर्देश दिया। इस बाबत सदर तहसीलदार अजित सिंह ने बताया कि खुरुहजा गांव में खेतों के सर्वे कराया जा रहा है जल्द ही रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजा जागेगा।
इनसेट………
हवा के साथ सड़क पार कर रही थी आग
चंदौली। खुरुहजा गांव के खेत में लगे लगे भीषण आग की देखकर वहा मौजूद हर कोई सहम गया जब आग तेज़ हवा के साथ सड़क को पार कर दूसरे खेत को अपने आगोश में ले रही थी। मौके पर किसान अपने खेत में लगे आग को बस भीगी आखों से देख रहे थे।
इनसेट……
विधायक ने दुखी किसानों को बढ़ाया ढांढस
चंदौली। खुरुहुजा गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना पर पहुचे मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने आलाधिकारियों से वार्ता किया। वही किसानों की गेंहू की फसल जल जाने से आक्रोशित किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। मौके पर नायब तहसीलदार, कानूगो लेखपाल को निर्देशित किया। की जली फसल की फोटोग्राफी कराकर उसे उसका मुवावजा दिलाया जाए।
Chandauli:तेज़ रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत,शिनाख्त में जुटी पुलिस
चंदौली। मुख्यालय स्थित अटल सेतु ओवर ब्रिज के समीप बुधवार को तेज़ रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आने से एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मौके पर जुटे आसपास के लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज जांच पड़ताल में जुड़ गई।
बताते हैं की महिला अटल सेतु ब्रिज के निचे से रेलवे ट्रैक पकड़कर मुंसफ कटरे के तरफ जा रही थी। तभी पीछे से आ रही तेज़ रफ़्तार ट्रेन ने महिला को टक्कर मार दी। घटना में महिला की मौके पर ही मौत ही गई। मौके जुटे आस पास के लोगो ने महिला की पहचान करने का प्रयास किया लेकिन शव-क्षत विक्षत होने से उनकी शिनाख्त नही हो पाई। वही लोगो ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत सदर कोतवाल गगन राज सिंह ने बताया कि ट्रेन से महिला के मौत की खबर मिली है शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है।
School Session: बीएसए ने स्कूली बच्चों में वितरित की पाठ्य सामग्री
Young Writer, कंदवा। विकासखंड बरहनी के अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय तेल्हरा में विगत कई वर्षों की भांति वर्तमान शैक्षिक सत्र में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के प्रत्येक छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य सामग्री के वितरण का कार्यक्रम विद्यालय परिवार की तरफ से आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह थे। इसका शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदौली, खंड शिक्षा अधिकारी बरहनी राम आसरे, जिला अध्यक्ष आनंद कुमार पांडेय, बलराम पाठक, विजेंद्र भारती, अच्युतानंद त्रिपाठी ने आरंभ किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि छात्रों के विकास में यह एक अनुकरणीय पहल है। खंड शिक्षा अधिकारी बरहनी ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को छात्र-छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप कार्य करना चाहिए। आनंद कुमार पांडे ने कहा कि विद्यालय परिवार की यह पहल छात्र-छात्राओं की आवश्यकताओं के अनुरूप है जो उनके विकास में सहयोग प्रदान करेगी। आदर्श शिक्षक बलराम पाठक ने छात्रों को आशीष वचन देते हुए कहा कि इससे छात्रों में सर्वांगीण विकास होगा और छात्र हित के लिए प्रत्येक विद्यालय को इस प्रकार की पहल करनी चाहिए। श्री अच्युतानंद त्रिपाठी ने सभा में उपस्थित सभी आगंतुकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि विद्यालय परिवार ने सदैव ही छात्र हित को सर्वाेपरि रखा है एवं विद्यालय परिवार छात्र हित में सदैव इस प्रकार के कार्य करता रहेगा। सभा में उपस्थित अतिथियों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर विद्यालय परिवार की तरफ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डा.जयकुमार सिंह, दिनेश सिंह, शशि, पाखंडू मौर्य, ज्ञान प्रकाश, अरविंद उपस्थित रहे।











