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Monday, July 6, 2026

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Home Credit के डाटा को लीक कर करते थे ठगी‚ पुलिस ने दबोचा

चंदौली पुलिस लाइन में फर्जीवाडा करने वाले जालसालों संग पुलिस टीम।
चंदौली पुलिस लाइन में फर्जीवाडा करने वाले जालसालों संग पुलिस टीम।

फर्जीवाडा कर दूसरों के नाम पर लोन लेने वाले ठग धराए होम क्रेडिट के आईडी-पासवर्ड से फर्जीवाडा कर लोन लेते थे आरोपी

Chandauli News: साइबर सेल एवं थाना मुगलसराय पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही में चार शातिर अपराधी गुरुवार को वीआईपी गेट मुगलसराय के पास पुलिस के हत्थे चढ़े। जिन पर आईटी ऐक्ट के साथ ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही व कब्जे से ठगी के माध्यम से क्रय किये गये 02 अदद एन्ड्राडय मोबाइल फोन व 55500 रुपया नगद बरामद किया गया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर चारों अभियुक्त के विरुद्ध पंजीकृत मुकदमें में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना का एसपी डा. अनिल कुमार ने गुरुवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त जितेन्द्र चौहान बताया कि वह पहले होम क्रेडिट कार्ड फाइनेन्स कम्पनी में काम करता था। मुगलसराय में किरन मोबाइल नाम से मोबाइल की दुकान है, जहां से वह लोगों को मोबाइल फाइनेन्स करता था। वह होम क्रेडिट फाइनेन्स कम्पनी में एरिया मैनेजर आकाश पाण्डेय से मिलकर शनि मोबाइल सेन्टर चकिया से पूर्व उपभोक्ता जिनके द्वारा लोन लेकर लोन का धनराशि जमा किया जा चुका है। उनका होम क्रेडिट फाइनेन्स का आईडी पासवर्ड प्राप्त किया और उसी आईडी पासवर्ड के माध्यम से पूर्व में किये गये फाइनेन्स का डाटा प्राप्त किया। जिसके आधार पर मंजीत कुमार गौड़ के पूर्व उज्जवल कार्ड का डाटा निकालकर अपने मित्र मोहम्मद शाहिद से फर्जी सिम कार्ड प्राप्त किया और मंजीत कुमार गौड़ के उज्जवल कार्ड डाटा के आधार पर नया लोन स्वीकृत कराकर दो मोबाइल फोन खरीदा। इसके बाद दोनों मोबाइल को आर्थिक लाभ हेतु अन्य लोगों को बेच दिया। ऐसे ही लक्ष्मीकान्त विश्वकर्मा नि. ग्राम मझगायी सहरताल थाना नौगढ़ के आईडी पासवर्ड के माध्यम से एक एन्ड्रायड मोबाईल मुगलसराय से क्रय किया तथा उसको भी आर्थिक लाभ के लिये बेच दिए और पैसे का आपस में बंटवारा कर लिया। इसके अलावा मैने अपने सहयोगी मित्र गुलशन पटेल ग्राम चन्धासी जिसकी पड़ाव में द मोबाइल ट्रेड की दुकान है, जो होम क्रेडिट फाइनेन्स कम्पनी का काम करता है। उसके साथ मिलकर भी होम क्रेडिट फाइनेन्स कम्पनी द्वारा अन्य मोबाइल की फर्जी व गलत आईएमईआई अंकित करके भी अन्य लोगों का लोन पास करा लिये थे, जिसका पैसा गुलशन पटेल के खाते में आता था। वह अपना हिस्सा लेकर हम लोगों का हिस्सा वापस कर देता था।

पुलिस टीम को 25 हजार का ईनाम

चंदौली। होम क्रेडिट फाइनेंस कम्पनी के डाटा के आधार पर फर्जी तरीके से लोन लेकर लोगों को चपत लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड करने वाली टीम को एसपी डा.अनिल कुमार द्वारा 25 हजार रुपये ईनाम देने की संस्तुति की गई है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय दीन दयाल पाण्डेयए निरीक्षक अपराध महमूद आलम, एसआई सतीश प्रकाश चौकी प्रभारी चन्धासी, एसआई जनक सिंह चौकी प्रभारी रेलवे कालोनी, एसआई राज कुमार शुक्ला,योगेश प्रताप सिंह, प्रह्लाद यादव, नीलम सिंह, दीपक कुमार, पवन कुमार, अशोक कुमार, संतोष कुमार, मनोज चौहान, अनिल प्रजापतिए आशुतोष, राहुल सिंह, नौशाद शामिल रहे।

PMO दफ्तर दिल्ली पहुंची चंदौली के जन-जन की आवाज

Varanasi जिला प्रशासन ने अधिवक्ताओं के मांग-पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा

Chandauli News: जिला न्यायालय एवं जिला मुख्यालय निर्माण का आंदोलन गुरुवार को दिन जारी रहा। इस दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष झन्मेजय सिंह ने चंदौली के अधिवक्ताओं के मांग-पत्र को पीएम नरेंद्र मोदी तक प्रेषित करने और कृत्य कार्यवाही से संबंधित पत्र चंदौली के अधिवक्ताओं को प्रेषित कर अवगत कराने पर वाराणसी जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट एवं एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह के प्रति आभार जताया। कहा कि जिला प्रशासन वाराणसी ने जो सहयोग किया है उससे जिला प्रशासन चंदौली को प्रेरित होकर सीख लेने की जरूरत है।

इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष धनंजय सिंह ने चंदौली जिला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधि पर हमला बोला। कहा कि जो काम चंदौली के जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को करना चाहिए, उन्होंने उस दायित्व को पूरा नहीं किया। यह चंदौली के विकास व जनहित से जुड़ा अतिमहत्वपूर्ण मामला है। बावजूद इसके न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति ने अपने कर्मठ व समर्पित अधिवक्ता साथियों के दम पर चंदौली की आवाज को पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने में सफल रहे। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जनहित के मुद्दे पर उनका संघर्ष ऐसे ही पूरे दमखम से आगे बढ़ेगा और एक-एक कर अपनी मांगों को पूरा कराने का काम करेगा।

इमरान सिद्दीकी ने कहा कि जिला प्रशासन व यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधि चाहे जितना जोर लगा दें, चंदौली की जनता व अधिवक्ताओं की आवाज को दबा नहीं सकते। कहा कि चंदौली वीर क्रांतिकारियों व शहीदों की धरती है। ऐसे में कुछ भी करने से पहले यहां के प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को चंदौली का इतिहास जान लें। कहा कि संघर्ष समिति ने आगे का जो भी कार्यक्रम निर्धारित किया है। यदि मांगें पूरी नहीं होती है अधिवक्ता अपने आंदोलन को अनवरत जारी रखेंगे। इस दौरान राकेश रत्न तिवारी, महानन्द सिंह, रवि कुमार सिंह, विकास सिंह, पंकज सिंह, मणिशंकर राय, संदीप सिंह, प्रवीण यादव, बजरंगी यादव आदि उपस्थित रहे। सभा की समाप्ति की घोषणा राजेश दीक्षित व संचालन उज्ज्वल सिंह ने किया।

गुण्डा एक्ट लगे या देश द्रोह बुलंद होकर रहेगी जनता की आवाजः Manoj Singh W

Chandauli News: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने चंदौली-सैदपुर सड़क चौड़ीकरक को लेकर 27 को फगुईयां में आयोजित महापंचायत का बिगुल फूंका। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाया। कहा कि सरकार सड़क चौड़ीकरण के नाम पर एक तरफ जहां ग्रामीणों की फजीहत कर रही है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों आर्थिक लाभ पहुंचाने का काम अप्रत्यक्ष रूप से कर रही है। जिसका उदाहरण चंदौली-सैदपुर सड़क चौड़ीकरण परियोजना है।

इस दौरान मनोज सिंह डब्लू ने बताया कि उक्त परियोजना को पूर्ण करने का दायित्व पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंपा गया है। सड़क निर्माण के लिए पहले दिल्ली के ठेकेदार को ठेका दिया गया, जिसमें अपना कमीशन काटकर ठेका गाजियाबाद के ठेकेदार को काम पकड़ा दिया। इसके बाद उस ठेकेदार ने सड़क चौड़ीकरण के काम में अपना कमीशन किनारे किया और उसे लखनऊ के ठेकेदार के सिपुर्द कर दिया। दिलचस्प बात यह कि लखनऊ के ठेकेदार ने भी काम को पूरा करने की बजाय लोकल ठेकेदार को काम पकड़ा लिया है, जो सड़क निर्माण कार्य में गरीब ग्रामीणों के ऊपर अपना जोर व गुंडई दिखा रहे हैं और जब इसका विरोध करते हुए अवैध तरीके से किए जा रहे तोड़फोड़ को रोकने का काम किया गया और ग्रामीणों के हक की आवाज बुलंद की गई तो चंदौली सांसद के मीडिया प्रभारी द्वारा गुंडा एक्ट लगाने की बातें सोशल मीडिया ग्रुप में लिखी जा रही है और ऐसे ग्रुप में लिखी जा रही है जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के साथ ही जिले के पत्रकार भी शामिल हैं।

Manoj Singh W ने कहा कि जिन्हें जनता का काम करने के चुना गया है वह खुद जनहित से जुड़े काम से किनारा किए हुए हैं और जनता की मदद के लिए आगे आने वाले जनप्रतिनिधियों पर एफआईआर करने जैसी बातें करते हैं। कहा कि अब चाहे गुंडा एक्ट लगे या देश द्रोह जनता के हक की आवाज जरूरत बुलंद होगी। बताया कि डीएम चंदौली ने 18 अगस्त को यह जानकारी दी कि सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को मुआवजा देने की कार्यवाही एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में यदि कार्यवाही नहीं होती है तो 27 अगस्त को महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि काम क्या है और वह कैसे होगा।

Chandauli की आवाज नहीं सुनी तो पीएमओ दफ्तर वाराणसी के बहार धरने पर बैठे अधिवक्ता

वाराणसी पीएमओ दफ्तर के बाहर धरनारत चंदौली के अधिवक्ताओं को समझाते अधिकारी।
वाराणसी पीएमओ दफ्तर के बाहर धरनारत चंदौली के अधिवक्ताओं को समझाते अधिकारी।

चंदौली से बाइकों पर सवार होकर वाराणसी पीएमओ दफ्तर पहुंचे अधिवक्ता

Varanasi News: चंदौली जिला न्यायालय एवं जिला मुख्यालय निर्माण का आंदोलन अनवरत 39वें दिन चंदौली के अधिवक्ताओं की हुंकार की गूंज काशी स्थित पीएमओ दफ्तर सुनाई दी। अधिवक्ता सैकड़ांे बाइक पर सवार होकर चंदौली के विभिन्न इलाकों से होते हुए वाराणसी के प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचे और अपना मांग-पत्र दफ्तर सौंपना चाहा, लेकिन वहां चंदौली की जनता व अधिवक्ताओं की मांग से जुड़े पत्रक को लेने से इन्कार कर दिया गया। न तो स्थानीय प्रशासन पत्रक लेने को तैयार था और ना ही पीएमओ दफ्तर के प्रभारी व अन्य कोई कर्मचारी।

वाराणसी पीएमओ दफ्तर के बाहर धरनारत चंदौली के अधिवक्ताओं को समझाते अधिकारी।
वाराणसी पीएमओ दफ्तर के बाहर धरनारत चंदौली के अधिवक्ताओं को समझाते अधिकारी।

उसी दौरान अधिवक्ताओं के समर्थन में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन व वर्तमान सदस्य हरिशंकर सिंह उतर आए और चंदौली के साथ वाराणसी के अधिवक्ताओं ने मिलकर वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ऐसी स्थिति में न्याया निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष झन्मेजय सिंह समेत तमाम अधिवक्ता अपनी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की जिद के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। झन्मेजय सिंह ने कहा कि या तो अधिवक्ताओं के पत्रक को स्वीकार किया जाए या फिर हम सभी को जेल भेजा जाए। क्योंकि हमारी मांगें जायज हैं। अगर प्रधानमंत्री अपने आप को प्रधान सेवक कहते हैं तो प्रधान सेवक के सेवकों का यह आचरण जनता की भावनाओं के साथ उचित नहीं है। अधिवक्ता अपने लिए कुछ मांगने नहीं आया है, बल्कि लगातार 26 वर्षों से चंदौली के साथ हो रहे अन्याय को अपने प्रधानमंत्री तक पहुंचाकर अपने दुख को बताकर न्याय की गुहार लगाने आया है। इस पर कमिश्नर वाराणसी के निर्देश पर एसीपी प्रवीण सिंह द्वारा अंततः अधिवक्ताओं का ज्ञापन लिया गया और यह भरोसा भी दिलाया गया कि जल्द से जल्द आपकी जायज मांगों से संबंधित आपके पत्रक को प्रधानमंत्री तक वाराणसी प्रशासन के जरिए भेजवाया जाएगा, तब जाकर अधिवक्ता शांत हुए। इस मौके पर लगातार दो घंटे तक पीएमओ दफ्तर वाराणसी पर चंदौली के अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को पत्रक ग्रहण करने के लिए मजबूर किया। जिसमें पूर्व चेयरमैन हरिशंकर सिंह का चंदौली के अधिवक्ताओं ने आभार जताया। इस दौरान धनंजय सिंह, अमित सिंह द्ददू, भूपेंद्र सिंह, सत्येंद्र बिन्द, संतोष पाठक, विद्या तिवारी, अमित त्रिपाठी, विकास सिंह, पंकज सिंह, मणिशंकर राय, संदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।

Manoj Singh W: मर्माहत करने वाली है सड़क हादसों में गौवंश की मौत

गौवंश संरक्षण के नाम पर राजनीतिक कर रही भाजपा सरकार: Manoj Kumar Singh W

Manoj Singh W ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को फोन कर आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही

Chandauli News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू मंगलवार को एक बार फिर गौवंश की सड़क हादसे में मौत पर मर्माहत दिखे। यात्रा के दौरान उन्होंने कटसिला नहर के पास नेशनल हाइवे पर गौवंश को लहूलुहान लावारिश गौवंश को देखा तो गाड़ी से उतर आए। सड़क पर पड़े गौवंश को मृत देख मर्माहत हो उठे। इसके बाद उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को फोन कर घटना से अवगत कराते हुए गौवंश संरक्षण की दिशा पर प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता जताई। साथ ही चंदौली पुलिस को फोन कर मृत गौवंश को हटाने की बात कही, ताकि हादसे में कोई अन्य हताहत ना हो।

इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने कहा कि गौवंश संरक्षण को लेकर सरकार बड़े-बड़े दावे व वादे कर रही है, लेकिन उसके इतर जमीनी हकीकत बेहद खराब को मर्माहत करने वाली है। खुले गौवंश के संरक्षण के लिए जनपद चंदौली ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कोई माकूल बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। सरकार के कागज में सब ठीक चला है, लेकिन आज इस गौवंश को देखकर कोई भी कह सकता है कि गौवंश संरक्षण के सभी सरकारी दावे झूठे हैं और उनकी बुनियाद खोखली है। सरकार व जिला प्रशासन को सौवंश संरक्षण की दिशा में सुधार करके और जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है ताकि इन बेजुमान गौवंश की जान सड़क हादसों में ऐसे लावारिश ना हो। इसके पहले भी कुछ दिनों पहले एक घायल गौवंश को पड़ा हुआ पाया गया था। ऐसे न जाने कितने गौवंश हैं जो नेशनल हाइवे के आसपास व डिवाइडर पर मौजूद रहते हैं और किसी भी वक्त हादसे का शिकार हो जाते हैं। इससे न केवल उनकी जान को खतरा है बल्कि आमलोगों के लिए भी यह खतरे का सबब बन गए हैं। लिहाजा जिले के जिम्मेदार अफसर इस प्रकरण को गंभीरता के साथ संज्ञान में लेकर और उचित कार्यवाही करें, अन्यथा की स्थिति में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Chandauli:न्यायालय आंदोलन के अगुवा झन्मेजय सिंह की तबियत बिगड़ी,साथी अधिवक्ताओं ने अस्पताल में कराया भर्ती


चंदौली। जिला न्यायालय एवं चंदौली मुख्यालय के विकास व उसके अस्तित्व को बचाने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के अगुवा अधिवक्ता झन्मेजय सिंह की सेहत सोमवार को धरनास्थल पर अचानक बिगड़ गयी। उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखकर साथी अधिवक्ताओं ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए स्थानीय डॉ0 आरडी मेमोरियल हॉस्पिटल ले गए, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद उनके स्वास्थ्य की गहन जांच की गई, जिसमें उन्हें कई गंभीर बीमारियों के लक्षण दिखे। फिलहाल चिकित्सक शुभम सिंह ने उन्हें सबकुछ छोड़कर आराम की सलाह दी है। बावजूद इसके आंदोलन को लेकर समर्पित झन्मेजय सिंह अस्पताल से पुनः आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन में दंभ भरा।
विदित हो कि जिला न्यायालय एवं मुख्यालय के लिए विगत 39 दिनों से चंदौली कचहरी में आंदोलन चल रहा है। शुरुआती दिनों में आंदोलन की अगुवाई संयुक्त बार के द्वारा की गई, लेकिन बीच में संयुक्त बार की ओर से आंदोलन से अपना समर्थन ले लिया गया। ऐसे में अलग-थलग पड़े आंदोलन और अधिवक्ता एकता को झन्मेजय सिंह ने अपने कुशल प्रबंधन ने न केवल समेटा, बल्कि सभी को पुनः एक-एक कर एक मंच पर लाए और एक बार पुनः न्यायालय व मुख्यालय की लड़ाई में जान-फूंक दी। इस दरम्यान हर दिन सुबह आंदोलन शुरू होने से लगायत उसकी समाप्ति तक झन्मेजय सिंह पूरी तन्यमता व तत्परता के साथ डंटे रहे। इसके बाद भी आंदोलन को खंडित करने, उसे समाप्त करने के हो रहे तमाम षड्यंत्र व साजिशों को लम्बे समय से झेलने आ रहे थे। आंदोलन के 39वें दिन वह नित्य की भांति सुबह आंदोलन की अगुवाई करने चंदौली धरनास्थल पहुंचे, जहां आंदोलन के आगाज के कुछ समय बाद ही उनकी तबियत बिगड़ गयी, जिससे वहां अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। साथी अधिवक्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल समीप के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां फौरी तौर पर उनका प्राथमिक उपचार हुआ और उनकी सेहत में आंशिक सुधार आने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें उन्हें कई तरह के गंभीर बीमारियों के लक्षण दिखाई दिए। जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए चिकित्सक द्वारा आंदोलन की अगुवाई कर रहे अधिवक्ता झन्मेजय सिंह को सबकुछ दरकिनार कर पूरी तरह से आराम करने और वरिष्ठ चिकित्सकों से परामर्श के अनुसार दवाएं लेने व ऐहतियात बरतने की सलाह दी। बावजूद इसके अधिवक्ता झन्मेजय सिंह आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपनी जिद पर अड़े रहे। कहा कि जिला न्यायालय के लिए लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन के लिए मैं अपना सर्वोपरि बलिदान देने को भी तैयार हूं।

पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर विशेष कानून बने: दीपक सिंह

उपजा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह।
उपजा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह।

बोले‚ पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने वाले दूसरे राज्यों से सीख लेंने की जरूरत

Chandauli News: समाज मे व्याप्त कुरीतियों पर सीधा प्रहार करने के साथ ही गुंडो माफियाओं के विरुद्ध आवाज मुखर करने वाला पत्रकार अत्यंत विषम परिस्थितियों में कार्य करता है। इसलिए उसकी सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी भी सरकार को ही उठानी चाहिए। लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा को लेकर विशेष कानून बनाने की मांग को पूर्ण करने का सही वक्त आ गया है। उक्त बातें उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने सोमवार को पत्र प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून की लंबित मांग को अब सरकार तत्काल पूरा करे। पत्रकार उत्पीड़न की आये दिन हो रही घटनाओं को रोकने में केंद्र सहित राज्य सरकारें पूरी तरह से अक्षम साबित हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के अररिया जिले में एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार की गोली मारकर हुई हत्या की घटना को लेकर देशभर के पत्रकारों में आक्रोश है। कहा कि बिहार हो या यूपी, देश के दूसरे कई राज्यों से यहां की सरकारों को भी सीख लेने की आवश्यकता है जिन्होंने अपने यहां पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर पत्रकारों को निडर होकर काम करने का माहौल दिया है। उपजा के बैनर तले हम सभी को आर पार का संघर्ष आरंभ करने के लिए अब समग्र प्रयास करना होगा। दीपक सिंह ने सभी पत्रकारों से एकजुट होकर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। इस दौरान सरदार महेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रकाश, अरविंद पटवा, हरिओम आनंद, आरिफ हाशमी, राकेश चंद्र यादव, राजेश जायसवाल, अजय सिंह राजपूत, न्याज अहमद खान, प्रकाश सिंह, चंद्रजीत पटेल, राहुल मिश्रा, अखिलेश कुमार, विष्णु वर्मा आदि उपस्थित रहे।

संघर्ष समिति के साथ मजबूती से खड़े हैं चंदौली के अधिवक्ताः राजेश दीक्षित

फोटो-02 चंदौली कचहरी में आगामी कार्यक्रमों को लेकर बैठक करते अधिवक्ता।
फोटो-02 चंदौली कचहरी में आगामी कार्यक्रमों को लेकर बैठक करते अधिवक्ता।

Chandauli News: जिला न्यायालय एवं जिला मुख्यालय निर्माण का आंदोलन शनिवार को जारी रहा। इस दौरान सुबह अधिवक्ताओं ने राष्ट्रगान के बाद चंदौली कचहरी परिसर का चक्रमण किया। इस दौरान जिला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति अधिवक्ताओं के सम्मान व हित के लिए आंदोलन कर रही है। हम सभी एक हैं और आगे भी एक ही रहेंगे। हमें तोड़ने का प्रयास करने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।

पूर्व अध्यक्ष मुगलसराय बार भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से जायज है अगर जल्द ही जनप्रतिनिधि जिले का विकास सुनिश्चित नहीं कराते हैं तो हम सभी लोग मिलकर न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले ऐसे जनविरोधी राजनेताओं को सबक सिखाने का काम करेंगे। राजेश दीक्षित ने कहा कि संघर्ष समिति जो भी निर्णय लेगी हम सभी उसके साथ हैं। क्योंकि उनका उद्देश्य जिले के सम्मान को सुरक्षित करने का है। साथ ही अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई के लिए न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति तमाम दबाव के बाद भी पूरी ताकत के साथ खड़ी है। ऐसे में हम सभी का यह फर्ज बनता है कि हम भी न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ खड़े रहें। अंत में न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष झन्मेजय सिंह की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई, जिसमें 22 अगस्त के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। साथ ही समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों को दायित्व सौंपा गया। इस अवसर पर बजरंगी सिंह यादव, प्रवीण कुमार सिंह, महेंद्र चतुर्वेदी, प्रवीण यादव, गोकुल प्रसाद, समीर फारूकी, शेष बदन सिंह मोहम्मद अकमल, रमाकांत पांडेय, राकेश रत्न तिवारी, योगेश सिंह लड्डू, हरेन्द्र सिंह, हिटलर सिंह, नीरज सिंह, चन्द्रभूषण यादव, राजेंद्र प्रसाद, रमाशंकर यादव आदि उपस्थित रहे। सभा समाप्ति की घोषणा पंचानन पांडेय व संचालन सत्येंद्र बिंद ने किया।

संघर्ष समिति को मिला बार काउंसिल का साथ

चंदौली। जिला न्यायालय एवं मुख्यालय निर्माण संघर्ष समिति के आंदोलन की गूंज अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी है। लगातार डेढ़ माह से चल रहे आंदोलन को बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन व सदस्य हरिशंकर सिंह ने संज्ञान लिया। उन्होंने चंदौली के लिए संघर्षशील अधिवक्ता साथियों के प्रयासों को सराहा। कहा कि आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों में बार काउंसिल की सहभागिता भी रहेगी। यह जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के अध्यक्ष झन्मेजय सिंह ने बताया कि 22 अगस्त को वाराणसी पीएमओ कार्यालय पर अधिवक्ताओं के दल के साथ बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन हरिशंकर सिंह व उनकी टीम भी मौजूद रहेगी। ऐसे में उनकी मौजूदगी से अधिवक्ताओं के आंदोलन को मजबूती व बल प्रदान होगा।

Manoj Singh W की चेतावनी‚ बिना वैध कागजात के तोड़फोड़ किया तो खैर नहीं

सपा नेता ने ग्रामीणों की गुहार पर खड़ेहरा में रुकवाया मकानों का तोड़फोड़

Chandauli News: समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता मनोज सिंह डब्लू ग्रामीणों की सूचना पर शनिवार को पपौरा व खड़ेहरा गांव के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने खड़ेहरा में चंदौली-सैदपुर सड़क चौड़ीकरण के लिए बिना किसी वैध कागज के जेसीबी से की जा रही तोड़फोड़ को रोका। एसडीएम सकलडीहा व एक्सईएन पीडब्ल्यूडी से बात की। साथ ही निर्माण कराने वाले कंपनी पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के रिपोर्ट आने तक तोड़फोड़ ना करने की चेतावनी दी। इस दौरान ग्रामीणों ने कम्पनी के अधिकारियों पर गुंडई करने का आरोप लगाया।

इस दौरान सपा नेता मनोज सिंह डब्लू को ग्रामीणों ने बताया कि वह आबादी की जमीन पर पिछले 40 साल मकान बनाकर रह रहे हैं। आज सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उनके मकानों व दुकानों को तोड़ा जा रहा है और मुआवजा तक नहीं दिया। इतना ही नहीं मकान तोड़ने का किसी तरह की नोटिस भी ग्रामीणों को नहीं दी गई। इस पर कार्यदायी संस्था के अधिकारी ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के जरिए सूचना देने की बात कही तो मनोज सिंह डब्लू ने फटकार लगाई और कहा कि यहां कम्पनी सीधे तौर पर गुंडई कर रही है। सरकारी काम मौखिक नहीं, लिखित में होता है। बिना किसी वैध कागजात के तोड़फोड़ किया तो खैर नहीं।

कहा कि डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी अपनी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। ऐसे में कम्पनी द्वारा मनमाने ढंग से तोड़फोड़ किया जाना पूरी तरह से अनुचित व गैरकानूनी है। जब तक डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी राजस्व विभाग के रिपोर्ट के आधार पर गांवों में चौपाल लगाकर प्रभावित किसानों में मुआवजे का वितरण सुनिश्चित नहीं कर देती, तब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं चलेगी। इस बात को निर्माण करा रही कम्पनी के अधिकारी व कर्मचारी समझ लें।

मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी यदि जल्द किसी सकारात्मक नतीजे पर नहीं पहुंचती, 27 अगस्त को ग्रामीणों की अगुवाई में महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें ग्रामीण तय करेंगे कि आगे क्या करना है। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी द्वारा भी किसी भी तरह के कागजात नहीं होने की जानकारी दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी जमीन की बात करने वाले अधिकारी व कर्मचारी कम से कम जमीन के कागजात उन ग्रामीणों को दिखा कर संतुष्ट करें, जो उस जमीन पर काबिज हैं। बिना कोई वैध कागजात दिखाए काम शुरू नहीं करें।

Action: कृषि विभाग ने उर्वरक की दुकानों पर की छापेमारी, जांच के लिए नमूने

जनपद के 10 बिक्री केन्द्रों से जांच के लिए एकत्रित किए गए नमूने

Chandauli News: जिला कृषि अधिकारी जर्नादन की नेतृत्व में कृषि विभाग ने जनपद के 21 अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कृषि विभाग की टीम ने 10 स्थानों से जांच के लिए नमूने एकत्रित किए गए। इसके साथ ही चकिया स्थित कृभकों केन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कृषि विभाग की इस कार्यवाही से उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही।
जिला कृषि अधिकारी जर्नादन के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने चकिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत चकिया नगर क्षेत्र स्थित उर्वरक की दुकानों पर छापेमार कार्यवाही की गई। इस दौरान कृभको केंद्र संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा चंदौली तहसील क्षेत्र के भगवानपुर, लीलापुर, चंदौली नगर स्थित उर्वरक की दुकानों पर छापेमार कार्यवाही हुई। वहीं सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सकलडीहा रेलवे स्टेशन, तुलसी आश्रम, नईबाजार स्थित दुकानों पर कृषि विभाग की टीम अचानक आ धमकी और जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। अधिकारियों ने टीम ने कुल 21 उर्वरक बिक्री केन्द्रों का निरीक्षण किया, जिसमें 10 स्थानों से नमूने एकत्रित किए गए। जिला कृषि अधिकारी जर्नादन ने बताया कि उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए छापेमार कार्यवाही की जा रही है, ताकि किसानों को उचित दर पर उर्वरक की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही खाद की कालाबाजारी को भी रोका जा सके। इस दौरान टीम में एआर कोआपरेटिव अजय मौर्या, मत्स्य अधिकारी रवीन्द्र कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी डा. पूजा त्रिपाठी, रमेश यादव, अरुण कुमार आदि शामिल रहे।

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