भभौरा में भाभी को श्रद्धाजंलि देते पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
Young Writer, चकिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरे विश्व में भारत अपनी एक अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। देश बाहरी ताकतों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उक्त बातें अपने पैतृक गांव भभौरा में अपनी दिवंगत भाभी नयनतारा देवी के तेरहवीं में शामिल होने के बाद कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भारत देश की सेना ने हमेशा अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है, जिससे आज हमारा देश सुरक्षित है। कहा आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत बड़े-बड़े टैंक, गोले, मिसाइल और अत्याधुनिक हथियार भारत में बनेंगे। भारत वासियों के हाथों बनेंगे। भारत के लिए बनेंगे। साथ ही उसे पूरे विश्व को सप्लाई किया जाएगा। कोरोना कि फिर से वापस आने के सवाल पर रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना से निपटने कुछ त्वरित व प्रभावी फैसले लिए हैं जिससे आज देश में राहत की स्थिति कायम है। किसी भी तरह की समस्या से निबटने के लिए चिकित्सकों की टीम और हमारा पूरा देश कमर कसकर तैयार है। रक्षा मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश की बागडोर अपने हाथों में ली है और देश को तरक्की की राह पर आगे ले जा रहे हैं। उससे पूरे विश्व में भारत में अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रशंसा की। कहा कि पूरी दुनिया के अर्थशास्त्री मानते हैं कि 2027 आते-आते भारत पूरे विश्व में टॉप 3 की अर्थव्यवस्था वाले देश में शामिल हो जाएगा।
इनसेट—- इन नेताओं व जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि चकिया। क्षेत्र के भभौरा गांव में रक्षा मंत्री की भाभी की तेरहवीं में जनपद के भाजपा जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, महामंत्री उमाशंकर सिंह, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, डा.प्रदीप मौर्य, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र सिंह, अनिल तिवारी, ब्लाक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव, काशीनाथ सिंह, आशुतोष सिंह, पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, अवनीश द्विवेदी चीनू, डा.कुंदन गौंड, गौरव श्रीवास्तव, कैलाश जायसवाल, नागेश पांडेय मौजूद रहे।
Young Writer: आक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट के बाद मौके पर जुटी पुलिस व स्थानीय लोगों की भीड़। फाइल फोटो।
कुढ़कला निवासी मृतक के भाई चंद्रिका ने घटना को लेकर दी जानकारी
Young Writer, डीडीयू नगर। मिनीमहानगर के रविनगर में आक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट में शनिवार को दूसरे दिन मृतक परिजनों के आरोप ने नया मोड़ दे दिया है। कुढ़कला निवासी मृतक के भाई चंद्रिका ने पुलिस पर उनके मन-मुताबिक तहरीर दिए जाने का आरोप लगाया। उसका कहना था कि नो-इंट्री में ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्राली को जाने दिया गया, जिसके टकराने के बाद ही आक्सीजन सिलेंडर के फटने की बात कही। चंद्रिका का कहना है कि वह खुद आक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई का कार्य करते हैं। उसके मुताबिक आक्सीजन सिलेंडर इतने मजबूत होते हैं कि उन्हें यदि पटका जाए तो भी वह नहीं फटेंगे। कहीं न कहीं शुक्रवार रविनगर में हुई घटना के वक्त कुछ ऐसा हुआ, जिससे सिलेंडर फट पड़ा। बताया कि आक्सीजन सिलेंडर व उतारने व रखने के लिए एक सहायक होता है, लेकिन व्यवहारतन वाहन चालक भी आक्सीजन सिलेंडर वाहन से उतारने व चढ़ाने में सहयोग कर देते हैं। जिस वक्त घटना हुई वहां से ट्रैक्टर-ट्राली गुजर रहा था, तभी वहां सिलेंडर में विस्फोट हो गया। जैसा कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है। लेकिन घटना के बाद पुलिस बात को लगातार खारिज कर रही है और अपने मुताबिक तहरीर लिखवाने पर जोर-दबाव दे रही है। चंद्रिका का आरोप है कि नो-इन्ट्री में ट्रैक्टर-ट्राली का पहुंचना प्रथम दृष्टया पुलिस की चूक व लापरवाही को प्रदर्शित करता है। बावजूद इसके मृतक परिजनों के आरोप को पुलिस स्वीकार नहीं कर रही है और ना ही घटना के बाद कोई भी प्रशासनिक व पुलिस अमला ही परिजनों के घर पहुंचकर उनका दुख-दर्द बांटने की पहल की है। फिलहाल पुलिस अभी जांच कर रही है और इस प्रकरण में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। लेकिन पुलिस को परिजनों के आरोप को भी स्वीकार करते हुए उस एंगल से भी जांच-पड़ताल करनी चाहिए। जैसा कि ग्रामीणों व पीड़ित परिजनों की मांग है।
सपा के राष्ट्रीय सचिव ने संवेदना व्यक्त करने के साथ ही पहुंचाई आर्थिक मदद
Young Writer, डीडीयू नगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार को मिनीमहानगर के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने डीडीयू नगर में आक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट में मृत युवकों के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। उनका दर्द बांटा और घटना के बाबत जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ ही भरोसे का मजबूत संबल भी प्रदान किया। मांग किया कि सिलेंडर ब्लास्ट प्रकरण की पुलिस व प्रशासनिक अमला निष्पक्ष जांच करे और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहयोग के साथ ही मृतक राजन पाल व चंद्रभान राम की विधवा पत्नियों को सरकारी नौकरी देकर उनकी आजीविका का बंदोबस्त करते हुए मृतकों के बच्चों का भविष्य संवारने का काम करे।
Young Writer: कुढ़कला में मृतक चंद्रभान राम के पुत्र को दुलारते मनोज सिंह डब्लू।
इसके साथ ही मनोज कुमार सिंह डब्लू ने जनपद में मौजूद सत्ता पक्ष के 22 मत्रियों के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से घटना में मृतक परिजनों के दुख में शामिल होकर उनके आंसू पोछने की अपील की। कहा कि दोनों परिवारों को इस घटना में अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी पूर्ति संभव नहीं है। लेकिन दुख की इस घड़ी में परिवार के प्रति हम सभी अपनी संवेदनाएं व सहयोग पहुंचाकर उनके कष्ट को बांट जरूर सकते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह कि घटना के बाद स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं साझा न करना उनकी असंवेदनाशीलता को प्रदर्शित करता है। कहा कि कूढ़े खुर्द गांव में पीड़ित परिवार के द्वारा बातचीत में यह बताया गया कि घटना को लेकर पुलिस द्वारा अपने हिसाब से तहरीर देने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवार की माने तो दुर्घटना कारित होने में कहीं न कहीं उस ट्रैक्टर-ट्राली की भूमिका है जो घटना के वक्त आक्सीजन सिलेंडर लदे पिकअप के बगल से गुजर रहा था। घटना के वक्त जिस इलाके से ट्रैक्टर गुजर रहा है उस इलाके में नो-इन्ट्री प्रभावी था। ऐसे में वह ट्रैक्टर कैसे और किस पुलिस कर्मी या अधिकारी की इजाजत से दाखिल हुआ। पुलिस महकमा इसकी जांच कर दोषी के विरूद्ध उचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करे। साथ ही प्रशासनिक अमला मृत दोनों युवकों के विधवा पत्नियों को सरकारी नौकरी प्रदान कर उनके दर्द को बांटने का काम करें। उन्होंने पीड़ित दोनों परिवारों के जरूरत में खड़ा रहने का भरोसा दिया।
Young Writer: लाट नंबर–2 में मृतक राजन पाल के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते मनोज सिंह डब्लू।
इसके बाद मनोज सिंह डब्लू डीडीयू नगर के लाट नंबर–2 स्थित मृतक राजन पाल के परिजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि जल्द ही वह प्रकरण को लेकर डीएम व एसपी से मुलाकात करेंगे, ताकि पीड़ित परिवारों तक सरकारी मदद पहुंचाई जा सके। वहीं घटना के कारणों का सही पता लगाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हो। चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पीड़ित परिवारों के हक के लिए आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, नंदकुमार राय, अखिलेश सिंह, धीरज यादव, अभिनव सिंह भल्ला, सुनील सिंह आदि उपस्थित रहे।
परीक्षा केंद्रों में बदलाव को लेकर दावे-आपत्ति के लिए शनिवार तक का समय निर्धारित
Young Writer, चंदौली। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित किए गए परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इस बात की जानकारी देते हुए प्रभारी डीआईओएस सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जनपद के राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के यूपी बोर्ड की परीक्षा-2023 के मद्देनजर केंद्र निर्धारण कर दिया गया है। बीते 28 दिसंबर को सूची को विभागीय वेबसाइट पर जारी करने के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र, अभिभावक, प्रधानाचार्य या प्रबंधक को केन्द्र निर्धारण से संबंधित कोई भी आपत्ति है तो वह 31 दिसंबर तक परिषद के आधिकारिक ईमेल पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद प्राप्त किसी भी प्रकार की आपत्ति एवं प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। बताया कि यदि किसी को परीक्षा केंद्र को लेकर आपत्ति है तो निर्धारित समयावधि के अंदर अपनी आपत्ति विभाग व परिषद के समक्ष प्रस्तुत कर दें। आपत्तियों पर विचार कर उसे शासनादेश के अनुसार निस्तारित किया जाएगा। सूची सार्वजनिक होने के साथ के बाद कई प्रबंधक व प्रधानाचार्य बोर्ड की ओर से निर्धारित किए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर असंतुष्ट और हलकान नजर आए। पूरे दिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय स्थित नोटिस बोर्ड के साथ ही विभागीय वाट्सऐप ग्रुप पर जारी किए गए सूची का अवलोकन करते और विभागीय कर्मचारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने नजर आए।
Young Writer: बीआरसी सदर पर बीईओ को ज्ञापन सौंपते सदर ब्लाक के शिक्षक।
खंड शिक्षाधिकारी सदर से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल
Young Writer, चंदौली। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) ब्लाक इकाई चंदौली का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार बीआरसी पहुंचकर खण्ड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह से मिला। इस दौरान शिक्षकों ने एनपीएस के तहत प्रान नंबर आवंटन के लिए विभाग की ओर से बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव की जानकारी दी। बताया कि प्रान नंबर नहीं होने की दशा में वेतन अवरूद्ध करने की बात कही जा रही है, जिससे शिक्षक मानसिक तनाव में है। लिहाजा किसी भी शिक्षक का वेतन रोका न जाए और ना ही इसे लेकर किसी शिक्षक का मानसिक शोषण किया जाए। इस दौरान शिक्षक कुंवर विरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों पर तैनात शिक्षकों को प्रान नंबर आवंटन के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जबकि शासनादेश में स्पष्ट है कि कोई भी शिक्षक स्वैच्छिक रूप से नवीन पेंशन स्कीम को अपना सकता है। इसकी अनिवार्यता का उल्लेख शासनादेश में नहीं है। बावजूद इसके इन दिनों शिक्षकों को फोन करके प्रान नंबर आवंटन कराने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए अप्रत्यक्ष रूप से वेतन रोकने की धमकी भी दी जा रही है। इस कारण कई शिक्षक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। विभाग के इस कृत्य का प्रभाव स्कूलों के शिक्षण कार्य पर भी पड़ रहा है। लिहाजा शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासनादेश के अनुरूप नवीन पेंशन स्कीम को स्वैच्छिक ही रहने दिया जाए। इसके लिए अनावश्यक व अविधिक दबाव किसी भी शिक्षक के ऊपर न बनाया जाए। अन्यथा की दशा में शिक्षक इसका प्रतिकार व आंदोलन करने पर विचार कर सकते हैं। इस अवसर पर दशरथ प्रसाद, अजय सिंह, मनोज शर्मा, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, मुहम्मद जावेद आदि उपस्थित रहे।
फिल्मी और दिलचस्प है चंद्रेश्वर जायसवाल के राजनेता‚ उद्यमी व समाजसेवी बनने की कहानी
शमशाद अंसारी Young Writer, डीडीयू नगर। फिल्म ‘भौकाल’ को मूवी का शौक रखने वाले हरएक शख्स ने इसे जरूर देखा होगा। जो दबंग आईपीएस अफसर नवनीत सिकेरा के जीवन के एक अहम घटनाक्रम से प्रेरित व आधारित है। जिसमें सशक्त अभिनय के जरिए यह फिल्माया गया है कि कैसे एक युवा अपने पिता के अपमान का आहत होकर आक्रोश की ऐसी ताप में खुद को जलाकर पुलिस आफिसर बनता है और अपनी सफलता से उस पुलिस वाले के अपमान का बदला लेता है। स्टोरी फिल्मी थी लिहाजा उसे फिल्माया गया। ऐसी एक दिलचस्प और फिल्मी स्टोरी मिनी महानगर मुगलसराय के उद्यमी की है जो सामान्य व्यापारी परिवार से पहले नेता, फिर एक सफल उद्यमी और आगे चलकर समाजसेवी बनते हैं। जी हां! बात हो रही समाजसेवा को जनपद में उरूज पर ले जाने वाले चंद्रेश्वर जायसवाल की।
कड़ाके की ठंड में गरीबों के बीच कंबल वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
चंद्रेश्वर जायसवाल 2002 के दौर में यानी दो दशक पूर्व 23 वर्ष की अवस्था में एक सामान्य युवा हुआ करते थे, जिनका जीवन एकदम सामान्य रहा। उनके मुताबिक एक दिन वह बाइक से शाहकुटी अपने घर लौट रहे थे, तभी कूड़ा बाजार पुलिस चौकी के वाहन चेकिंग चल रही थी। पुलिस वाले ने बाइक चला रहे उनके नौकर को रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक रुकते-रुकते थोड़ी आगे बढ़ गयी। लिहाजा दरोगा जी को यह बात नागवार लगी। उन्होंने बाइक चला रहे नौकर को न केवल थप्पड़ रसीद किया, बल्कि उसे पुलिस चौकी पर बैठा लिया। यह देखकर चंद्रेश्वर जब अपने नौकर को छुड़ाने के लिए पुलिस चौकी के अंदर दाखिल होना चाहे तो उन्हें भी पुलिस वाले के अपमान व आक्रोश को झेलना पड़ा। यह बात 23 वर्षीय युवा चंद्रेश्वर के दिल और दिमाग पर गहरे जख्म दे गयी। हालांकि चंद मिनटों बाद उन्हें बसपा के तत्कालीन विधानसभा इकाई अध्यक्ष रहे रामराज भारती से नई प्रेरणा भी मिली। उन्होंने चंद्रेश्वर को हाल-परेशान देखा तो उसकी वजह पूछी और पुलिस चौकी जाकर दरोगा को अपने राजनीतिक रसूख से परिचित कराया और वहां बैठाए गए नौकर को छुटा लाए।
कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों व जरूरतमंदों में राशन वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
इस घटनाक्रम ने चंद्रेश्वर जायसवाल को राजनीति की ताकत से रूबरू कराया और उसी वक्त उन्होंने राजनीति में आने का त्वरित व मजबूत निर्णय लिया और घर जाते ही अपने इस फैसले से घर-परिवार को अवगत कराया। चंद दिनों बाद उन्होंने इस शर्त के साथ बसपा से जुड़े की कूड़ा बाजार चौकी पर तैनात दरोगा जी की वहां से छुट्टी की दी जाए और ऐसा हुआ भी। यहां से उनके राजनीतिक कैरियर का आगाज हुआ। लेकिन जब भी चंद्रेश्वर चुनाव प्रचार व कैम्पेनिंग के लिए दलित व मलिन बस्तियों में जाते वहां के दृश्य इनके दिलों-दिमाग को अंदर से झंकझोर कर रख देते। हर तरफ तंगी, बदहाली, भुमखरी, अशिक्ष व संसाधनों का अभाव था। सड़कें नहीं थी, पीने के पानी के लिए लोग जद्दोजहद करते थे। जल निकासी का प्रबंध नहीं था। बेटियों की शादी केवल इसलिए नहीं हो पा रही थी उनके परिवारों के पास शादी का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी। यहीं से राजनेता चंद्रेश्वर जायसवाल के अंदर समाजसेवी चंद्रेश्वर ने जन्म दिया। उनकी मजबूत राजनीतिक नींव पर समाजसेवा का एक सशक्त आधारशीला रखा।
डीडीयू नगर में गरीब रिक्शेवाले की मदद करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
बताते हैं कि 2006 में सकलडीहा क्षेत्र का एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने बताया कि आर्थिक तंगी के आकर वह मजबूरी में अपनी बेटी की शादी एक दो ब्याहे लड़के से कर रहा। बावजूद इसके शादी के खर्च को उठाने का सामर्थ्य उसके पास नहीं है। अगर किसी ने मदद नहीं की तो छोटा सा घर है वह भी बिक जाएगा। चंद्रेश्वर जायसवाल ने उसकी मदद करने की सोची और उनके घर गए। इसके बाद उन्होंने उक्त बेटी की शादी का सारा बंदोबस्त जटिया धर्मशाला में किया। इस पुण्य के काम में जायसवाल मित्रमंडल ने बढ़कर सहयोग किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गरीबों के शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के साथ गरीब बेटियों की शादी का जिम्मा ये खुद उठाते चले आ रहे हैं। इसी सोच को और सशक्त बनाने के लिए उन्होंने परिवर्तन सेवा समिति को अस्तित्व में लाया। इस बीच उन्हें 2005 में ही उद्यमी बनने का भी अवसर मिला और उन्हें उद्यम के क्षेत्र में तमाम उतार-चढ़ाव व दुश्वारियों को झेलते हुए सफलता के झंडे गाड़े। यहां उन्होंने जब गुंडा टैक्स का विरोध किया तो उन पर जानलेवा हमला भी हुआ और छह माह बेड पर रहने के बाद यह फिर से उसी उत्साह व ऊर्जा के साथ उठ खड़े हुए।
गरीबों में बतौर मदद सामग्री वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
महामना मदन मोहन मालवीय हैं प्रेरणास्रोत डीडीयू नगर। बसपा की राजनीति करने वाले उद्यमी व समाजसेवी चंद्रेश्वर जायसवाल महामना मदन मोहन मालवीय को अपना आदर्श व उनके जीवन को प्रेरणा मानते हैं। इनका कहना है कि पहली बार मालवीय जी को ही याद करके समाजसेवा के लिए आगे आए। ये अपने निजी खर्च व समाज से प्राप्त संसाधनों से गरीबों के जीवन व आशियाने को रौशन करते चले आ रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण काल में जब लोग खुद की जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, तब इन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर गरीबों व जरूरतमंदों में अनाज बांटा। कम्युनिटी किचन चलाकर प्रतिदिन 1000 से अधिक गरीबों का पेट भरा और उनका आसरा बने। चंद्रेश्वर कहते हैं कि परिवर्तन सेवा समिति के एक-एक सदस्य ने कोविड-19 में समाज के प्रति जो समर्पण दिया वह सराहनीय और शौर्य से कम नहीं है। 3500 परिवारों तक अनाज पहुंचाया। इस पुनीत कार्य को उन्होंने समाज के कुछ प्रबुद्ध उद्यमियों व आमजन को समर्पित कर दिया। प्रति वर्ष यह रमजान में उन मुस्लिम परिवारों बतौर मदद 15-20 दिन की इफ्तार सामग्री वितरित करते हैं।
गरीब असहाय वृद्ध को आजीविका के लिए बतौर मदद ठेला व सामग्री भेंट करते चंद्रेश्वर।
गरीबों को समर्पित कर दी सर्दियों की नींद व चैन डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर जायसवाल जैसा समाजसेवी होना आसान नहीं है जिन्होंने गृहस्थ जीवन में रहने हुए समाज के लिए ऐसा तप किया, जो स्मरणीय है। जिस कड़ाके की ठंड में लोग गर्म व नर्म बिस्तर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पाते। ऐसी कड़ाके की ठंड में चंद्रेश्वर जायसवाल अपनी टीम के साथ फुटपाथ इधर-उधर ठंड में ठिठुर रहे गरीब व बेघर लोगों को कंबल दान करते फिरते हैं। उनका यह दान अधिकांशतः गुप्त होता है। क्योंकि जब यह कंबल दान कर रहे होते हैं उसे पाने वाला अक्सर गहरी नींद में होता है। वह कभी 12 तो कभी रात के दो बजे कंबल के साथ घर से निकल जाते हैं और जो जहां मिला उसे वहीं कंबल देकर अपने सामाजिक दायित्व को निभाकर आगे बढ़ जाते हैं। देखा जाए तो पिछले कई वर्षों से अपने सर्दी की रातों की नींद व चैन समाजसेवा को समर्पित करते हुए चले आ रहा हैं।
कड़ाके की ठंड में रात को फुटपाथ पर सोए गरीबों को कंबल प्रदान करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
गरीबों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने पर है फोकस डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर जायसवाल लोगों की मदद करने के साथ ही उन्हें सशक्त, स्वावलंबी व शिक्षित बनाने की सोच रखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने गत दिनों मुगलसराय के दो गरीब परिवारों को ठेला और कुछ सामग्री उपलब्ध कराई, जिससे आज दोनों परिवार दिन का 400-500 कमा लेते हैं। इस परिवार से दो परिवारों की आजीविका की गाड़ी पटरी पर लौट आयी और अब वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ते नजर आ रहे हैं। चंद्रेश्वर बताते हैं कि वह जब भी चुनाव प्रचार या अपने व्यक्तिगत काम से नगर भ्रमण पर होते हैं। इन परिवारों द्वारा पर जो स्नेह व सम्मान दिया जाता है उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। राजनीति में रहते हुए उन्होंने समाज के अशक्त लोग के हित में कई कामों को करने का प्रयास किया और राजनीतिक व्यक्तित्व होने के कारण प्रशासन-शासन से सहयोग मिला और गरीबों के हित में कुछ करने का अवसर उन्हें मिला। साथ ही इनके सामाजिक कार्य के लिए समय–समय पर शासन–प्रशासन व समाज ने सम्मान व स्नेह भी लौटाया।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन की ओर से सम्मान प्राप्त करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
मिनी महानगर को मॉडल बनाने का है सपना डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर उद्यमी व समाजसेवी होने के साथ राजनीतिक पर्सन भी हैं और 2002 से ही वह सक्रिय राजनीति में बने हुए हैं। उन्होंने समाज को कुछ देने की प्रेरणा से राजनीतिक में खुद को दिन प्रतिदिन स्थापित करते चले आ रहे हैं। आगामी निकाय चुनाव में उनकी सक्रियता बनी हुई है। उनका मानना है कि वह नगर की सत्ता में आए तो उनका ध्यान मिनी महानगर को मॉडल नगर पालिका बनाना होगा। सर्वप्रथम वह नगर पालिका इंटर कालेज को सेंट्रल स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की सोच रखते हैं। इसके अलावा वार्डों में मौजूद 25 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प व उन्हें अपग्रेड करने की उनकी अपनी की योजना है। उनका कहना है कि नगर के हालात को देखते हुए पार्क व पार्किंग का बंदोबस्त भी उनके द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका में सिंगल विंडो पर सारी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही सिटिजन चार्टड को लागू करने की उनकी अपनी सोच है। इनकी गुड लिस्ट में नगर पालिका के कर्मचारियों व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का हित व लाभ भी शामिल है।
गैर प्रांत तस्करी के लिए जा रहे ट्रैक्टर पर लदे 75 बोरी खाद को जिला कृषि अधिकारी ने पकड़ा
Young Writer, चंदौली। खाद की किल्लत के बीच जिला कृषि अधिकारी ने गोपनीय सूचना पर कार्यवाही करते हुए अंतरप्रांतीय तस्करी करने के लिए जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली खाद को पकड़ा। प्रकरण को जिलाधिकारी ईशा दुहन से अवगत कराते हुए उनके निर्देश पर आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र जमुनीपुर के प्रोपराइटर दिनेश सिंह, दीना खाद भंडार जमुनीपुर के प्रोपराइटर दीनानाथ सिंह व ट्रैक्टर चालक अंकित सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया और उर्वरक लदे ट्रैक्टर-ट्राली को अपनी अभिरक्षा में राजकीय कृषि प्रक्षेत्र बिछियां के भंडार गृह में रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रकरण के बाबत जानकारी दिया कि उन्हें 28 दिसंबर की रात आठ बजे गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि नरौजा आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र जमुनीपुर के प्रोपराइटर दिनेश सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह एवं दीना खाद भंडार जमुनीपुर के प्रोपराइटर दीनानाथ सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह के उर्वरक बिक्री केंद्र पर अंतर प्रांतीय तस्करी के उद्देश्य से ट्रैक्टर-ट्राली पर 55 बोरी इफको यूरिया तथा 20 बोरी सुपर फास्फेट खाद लादी जा रही है। सूचना के बाद तत्काल जिला कृषि अधिकारी बंसत कुमार दुबे ने छापेमारी की, लेकिन तब तक चालक उर्वरक लदे ट्रैक्टर-ट्राली को लेकर निकल चुका था। इसके बाद उन्होंने ट्रैक्टर का पीछा करके उसे पुलिस की सहायता से थाना चंदौली के समीप पकड़ा और उसे चंदौली कोतवाली लाया गया। ट्रैक्टर चालक ने अपनी पहचान सेरूका निवासी अंकित सिंह पुत्र अनिल सिंह, उम्र-16 वर्ष के रूप में दर्ज कराई। लेकिन उसके पास न तो वैध डीएल मौजूद था ना ही अन्य कोई परिचय पत्र, जिसके उसके द्वारा बताए गए पहचान को पुष्ट किया जाए। जिला कृषि अधिकारी के आदेश में ट्रैक्टर व उर्वरक को सीज करते हुए उसे राजकीय कृषि प्रक्षेत्र बिछियां स्थित भंडार गृह में खड़ा करा दिया गया। साथ ही इस प्रकरण से जिलाधिकारी चंदौली को अवगत कराया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर वाहन चालक अंकित सिंह समेत दीनानाथ सिंह व दिनेश सिंह के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुट गई।
नगर पंचायत चंदौली में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाते कर्मी।
अभियान के दौरान प्लास्टिक यूज करने वाले छह दुकानों पर लगा जुर्माना
Young Writer, चंदौली। नगर पंचायत प्रशासन ने गुरुवार को नगर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान नगर पंचायत की टीम ने नगर भ्रमण कर दुकानों पर छापा मारा। इससे नगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति रही। छापेमार अभियान में नगर पंचायत ने 6 दुकानों से कुल 8 किलो 240 ग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया। साथ ही संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही उन्हें दोबारा प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करने की हिदायत भी दी।
दरअसल प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग के अनुपालन की कड़ी में नगर पंचायत की टीम गुरुवार को प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाया। नगर पंचायत की टीम दुकानों पर पहुंचकर सिंगल यूज प्लास्टिक का जांच की। इस दौरान छह दुकानदार प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करते हुए पकड़े गए। जांच पर निकली टीम ने कुल 8 किलो 240 ग्राम प्लास्टिक को जब्त किया। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित जुर्माना राशि भी अदा करने का निर्देश दिया। विशेष अभियान के दौरान नगर पंचायत कर्मियों ने दुकानदारों को आगाह किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। इसका उपयोग करना गैरकानूनी है। साथ ही इसका उपयोग पर्यावरण व लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। लिहाजा प्लास्टिक की जगह ग्राहक घर से जूट, कपड़े या अन्य इको फ्रेंडली झोले व कवर का उपयोग करें। साथ ही दुकानदार भी प्लास्टिक का उपयोग ना करें। नगर पंचायत की ओर से समय-समय पर इस तरह का अभियान चलाया जाएगा और जो भी ऐसा करता हुआ पकड़ा गया। उसके खिलाफ शासन के आदेशानुसार कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान टीम में इकबाल अहमद, घनश्याम उपाध्याय, राजकुमार यादव, रतन कुमार पाठक, अशोक कुमार मिश्रा, संजय कुमार, अजय कुमार तिवारी, विकास कुमार सिंह, रंजय कुमार, रवि रंजन सिंह, गजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, लाल बहादुर, दिनेश कुमार, सुभाष कुमार, प्रदीप आदि शामिल रहे।
चंदौली। सदर उपजिलाधिकारी अजय मिश्रा के निर्देशन व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार अवनीश सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने बकाया धनराशि के वसूल करने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बिसौरी के दुन्नू सिंह और जलालपुर निवासी पप्पू उर्फ कमलेश विश्वकर्मा व सर्फुद्दीन को गिरफ्तार करने के लिए कई जगह छापेमारी की। इसमें सर्फुद्दीन को पकड़कर हवालात में बंद किया गया। वहीं अन्य बकाएदार मौके से फरार हो गए। राजस्व टीम में वीरेंद्र श्रीवास्तव, हरिद्वार यादव, रत्नेशधर दुबे, अशोक सिंह, रविंद्र वीर विक्रम, अशोक कुमार, नीरज सिंह, अजीत सिंह, पंकज कुमार राव, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, अशोक सिंह आदि संग्रह अमीन शामिल रहे। नायब तहसीलदार ने बताया कि बकाएदारों के गिरफ्तारी तक अभियान जारी रहेगा। कहा कि वसूली टीम की ओर से माहवार 1264000 रुपये वसूली की गई है। इसमें बैंक बकाया 595000, व्यापार कर के 427000, विद्युत बकाया 125000 व रायल्टी बकाया 117000 वसूल किया गया है।
चंदौली। कांशीराम आवास मामले में बुधवार को सदर कोतवाली पुलिस ने लाभार्थी सुभाष को गिरफ्तार किया। वहीं 4 आरोपियों के खिलाफ 82 की कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में डुगडुगी बजाने के साथ ही नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की। इससे हड़कम्प मचा रहा।
जनपद में वर्ष 2013 में कांशीराम आवास योजना के घोटाले में कुल 52 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसमें कुछ लोगों को न्यायालय के निर्देश पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अन्य पर 82 की कार्रवाई करते हुए पुलिस शिकंजा कस रही है। हाईकोर्ट ने पुलिस को इस मामले को 31 जनवरी तक सारे आरोपियों की गिरफ्तारी कर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। आदेश के क्रम में सदर कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह ने मामले में अभियुक्त अब्दुल मजीद, प्रमोद, कैलाश प्रसाद व ज्योति देवी के घर पर नियमानुसार न्यायालय से जारी 82 सीआरपीसी की नोटिस तालीम कराते हुए चस्पा कर दी गयी है। वहीं मामले में आरोपी सुभाष गोड़ को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में सदर कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चार आरोपियों के विरुद्ध 82 की नोटिस तमिल कराई गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। यदि अन्य आरोपी जल्द से जल्द कोर्ट या पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।