Young Writer, चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया गांव के समीप सोमवार को चार पहिया सवार बदमाशों में दिनदहाड़े एक महिला को बीच सड़क पर रोककर उसके पास से कान का झुमका‚ मंगलसूत्र और पर्स लेकर फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। महिला परिजनों के साथ रोते बिलखते सदर कोतवाली पहुची और घटना के सम्बंध में लिखित तहरीर दिया। पुलिस तहरीर के आधार पर कार्यवाही में जुट गई है।
बताते है कि बिछिया गांव निवासी शिध्यनाथ की पत्नी मोनी देवी घर के बैंक के लिए निकली थी। जैसे ही वो ओरियंटल बैंक के पास पहुची की पीछे से आ रही तेज़ रफ़्तार स्कोर्पियो ने महिला के सामने वाहन खड़ा कर दिया और उसमें से उतरे बेखौफ बदमाशों ने महिला कान का झुमका मंगलसूत्र और पर्स ले कर फरार हो गए। घटना के बाद महिला रोते बिलखते अपने घर पहुची और छिनैती की घटना से परिजनों को अवगत कराया। इससे परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परिजनों महिला को लेकर सदर कोतवाली पहुचे और घटना के बाबत लिखिर तहरीर दी है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं हो रही है। इस दौरान कोतवाल शेषधर पांडेय ने बताया कि मामला जानकारी में है। महिला की तरफ से तहरीर मिला है। जांच की जा रही है।
नौगढ़ के नरकटी में ग्रामीणों को धमकी देता भाजपा नेता।
चकिया विधानसभा अंतर्गतनौगढ़ के नरकटी से ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं को खुलेआम खदेड़ा
Young Writer, नौगढ़। नक्सल प्रभावित नौगढ़ में हिंसा, खून-खराबा व नक्सली मूवमेंट रोकने की जद्दोजहद कर रही चंदौली पुलिस के इकबाल को भाजपा नेता ने खुली चुनौती दी है। नरकटी में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने गए नेताओं का ग्रामीणों ने प्रतिकार किया और वोट ना देने की बात कही तो चकिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता गुंडई पर उतर आए और ग्रामीणों को निशाने पर लेते हुए चुन-चुन कर मारने की धमकी दी, जिसका वीडियो एक ग्रामीण में ट्विटर पर डालकर एक बार फिर अशांत होते नक्सल प्रभावित नौगढ़ को शांत रहने के लिए निष्पक्ष भाव से एक्शन लेने की गुजारिश की है। फिलहाल भाजपाइयों के खुलेआम प्रतिकार की यह पहली घटना है, जो नक्सल प्रभावित नौगढ़ के नरकटी में घटित हुई है। भाजपा नेताओं की गुंडई व खुलेआम धमकी से ग्रामीणों में आक्रोश अपने उफान पर है और वे बेहद खफा है उनके आक्रोश की ताप से आसपास के उन तमाम गांवों के ग्रामीणों में गुस्से को जन्म दिया है जो विकास से आज भी अछूते हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं व ग्रामीणों में कब कहां संघर्ष की स्थिति कायम हो जाय कहा नहीं जा सकता है। फिलहाल अब सबकुछ पुलिस की कार्यवाही व मूवमेंट पर आ टिका है। क्योंकि यदि पुलिस इस प्रकरण में निष्पक्षता व तत्परता दिखाते हुए समुचित कार्यवाही करती है तो ग्रामीणों के आक्रोश व गुस्से पर काफी हद तक विराम लग जाएगा, अन्यथा की स्थिति में ग्रामीणों में आक्रोश के बढ़ने की संभावनाएं है। इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। एक तरफ जहां पांच साल विकास का इंतजार करने वाले ग्रामीणों के हिस्से में कुछ नहीं आया तो उन्होंने अबकी बार गांवों में वोट मांगने गए भाजपाइयों का खुलेआम प्रतिकार किया। अपने विरोध को स्कार्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियों में सवार भाजपा कार्यकर्ता बाघीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक गुप्ता सहित अन्य भाजपा नेताओं को नागवार लगा और उन्होंने जाते-जाते ग्रामीणों को गुंडा करार देते हुए चुन-चुनकर मारने की धमकी दे डाली। इससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। हालांकि मौके की नजाकत को देखते हुए भाजपा नेता अपने काफिले के साथ मौके से भाग निकले। इस दौरान पूरे घटनाक्रम को एक ग्रामीण ने कैमरे में कैद कर लिया और उसे ट्विटर पर डालकर मामले को पुलिस के संज्ञान में लाने का काम किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ऐसे में मामलों में ग्रामीणों की शिकायत व मांगों को हरबार अनसुना करती आयी है लिहाजा अब हम सभी अब सोशल मीडिया के जरिए पुलिस व प्रशासनिक अमले के बड़े अफसरों तक अपनी फरियाद पहुंचाना चाहते हैं। क्योंकि स्थानीय पुलिस का व्यवहार कभी भी आम जनता को भरोसे में लेने का नहीं रहा है। उधर, पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच की बात कही है। इस प्रकरण की जांच सीओ नक्सल को सौंपी गयी है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि प्रत्यक्ष घटना के वीडियो को संज्ञान में लेकर जब पुलिस को कार्यवाही जैसे कदम उठाने चाहिए, तब पुलिस जांच की बात कर रही है। अब देखना यह है कि यह घटनाक्रम नौगढ़ की वादियों में किस तरह राजनीतिक समीकरण को बदलने के साथ ही अन्य घटनाक्रम को प्रभावित करती है।
Young Writer, चकिया। सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े स्वयंसेवकों ने रविवार की दोपहर शेरपुर गांव में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया। जिसमें गांव की गलियों में सफाई अभियान चलाने के साथ थी शैक्षणिक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ता डॉ संतोष यादव ने कहा कि आज के वर्तमान दौर में जहां उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए हम सब को एकजुट होकर अन्य अभिभावकों को भी जागरूक करना होगा कि वह अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें शिक्षा दिलाएं उन्होंने कहा कि सब पढ़े, सब बढ़े का नारा तभी चरितार्थ होगा जब गांव गांव तक शिक्षा की अलख जगेगी इसके अलावा शिविर में आज के दौर में गांधीवाद की प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान भी प्रस्तुत किए गए। इस दौरान प्राचार्य डॉ संगीता सिन्हा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ शमशेर बहादुर, डॉ मिथिलेश, रमाकांत गौड़, विश्व प्रकाश शुक्ला, मनोज, विनय सहित तमाम छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
Young Writer, मुगलसराय। जनपद चंदौली के मिनी महानगर के नाम से जाने वाला शहर मुगलसराय आज भी जाम की समस्या से निजात नहीं पा रहा है, आए दिन जाम लगने के कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं। सड़क पर चलने वाले लोग जाम के कारण अपने गंतव्य को देरी से पहुंच रहे हैं। ऐसा प्राय देखा जाता है कि शहर में सुबह होते ही जाम लग जाता है जो देर शाम तक लगा रहता है। लोगों का कहना है कि जाम के कारण राहगीर के साथ-साथ पूरे नगर वासी परेशान हो रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जाम का मुख्य कारण पटरी पर हो रहा अतिक्रमण है। कतिपय दुकानदारों द्वारा पटरी पर किए जा रहे अतिक्रमण के कारण पैदल व साइकिल से चलने वाले लोग सड़क पर चलने से मजबूर हुए जिससे बड़ी गाड़ियों को जाम से जूझना पड़ रहा है, हालांकि प्रशासन द्वारा जाम छुड़ाने की कोशिश किए जाने के बाद भी आए दिन शहर में जाम लग जाता है। राहगीर सुरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि अगर आपको सुभाष पार्क से चकिया तिराहे पर जाना पड़ता है तो घंटों भर का समय लग जाता है जबकि यह दूरी मात्र 2 किलोमीटर की है। जाम के कारण वायु में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और लोग रोगी बनते जा रहे हैं। वायु प्रदूषण होने के कारण नगर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। संतोष गुप्ता ने कहा कि पहले नो एंट्री नहीं होने के कारण बड़ी गाड़ियों का शहरों में प्रवेश होता रहता था परंतु अब नो एंट्री लगने के बावजूद भी शहर में जाम लगना समझ से परे है। इसी तरह सुभाष नगर निवासी धर्मेंद्र मुखर्जी ने कहा कि मुगलसराय जाम के कारण अपनी सुंदरता को खोता रहा है जाम की वजह से वातावरण प्रदूषित हो रहा है प्रदूषण से आम जनजीवन प्रभावित होता है जिससे जिसमें बच्चे व बूढ़े सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं कहा कि प्रशासन को चाहिए कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस रूपरेखा बनाएं जिससे शहरवासियों को जाम से मुक्ति मिल सके
काशी में गंगा के लहरों के बीच बजड़े पर पुस्तक परिचर्चा करते साहित्यकार।
पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम मेंवाराणसी व चंदौली के दिग्गज साहित्यकारों की रही उपस्थिति Young Writer, वाराणसी डेस्क। राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन के प्रकाशक डा. विनय कुमार वर्मा द्वारा लिखित यात्रा वृत्तान्त पुस्तक “एक यात्रा केरल की” का लोकार्पण रविवार को काशी में गंगा की लहरों के बीच बजड़े पर हुआ। वाराणसी व चंदौली के दिग्गज साहित्यकारों की उपस्थिति में पुस्तक पर चर्चा भी हुई। सभी साहित्यकार प्रह्लाद घाट से बजड़े पर सवार हुए, तकरीबन तीन घंटे तक पुस्तक पर परिचर्चा हुई।
काशी में गंगा के लहरों के बीच बजड़े पर पुस्तक का लोकार्पण करते साहित्यकार।
मुख्य अतिथि अपर महाप्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड विजय कुमार मिश्र उर्फ ‘बुद्धिहीन’ ने कहा कि यात्रा वृत्तांत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है। उन्होंने बताया कि वे खुद अमेरिका की यात्रा के बाद यात्रा वृत्तांत लिखे थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व डिप्टी कमिश्नर वाराणसी ओम धीरज ने कहा कि यह पुस्तक केरल राज्य का समुचित दर्शन कराती है। भविष्य के लिए भी यह पुस्तक काफी उपयोगी साबित होगी। प्रसिद्ध साहित्यकार डा. इंदीवर ने कहा कि यात्रा वृत्तांत की चार आयाम होते हैं। पहला- आनन्द, दूसरा- दृष्टिबोध, तीसरा-रस संचार और चौथा – इतिहास, भूगोल व संस्कृति का भान। इस पुस्तक में उपरोक्त सभी आयाम उपलब्ध है। वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि यात्रा वृत्तांत को यात्रा के तुरन्त बाद में लिखना ही श्रेयस्कर माना जाता है बाद में व केवल संस्मरण बन कर रह जाता है। कहा कि इस पुस्तक की उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी वाराणसी डा. संजय गौतम ने कहा यात्रा वृत्तान्त पुस्तक का लोकार्पण इस तरह बजड़े पर होना अपने आप में सुखद अनुभूति है। पूर्व प्राचार्य डा. अनिल यादव ने कहा कि विनय वर्मा में जानने की भूख है। ये कहीं भी जाते हैं तो उस स्थान के बारे में जानना चाहते हैं ।..और उससे भी अच्छी बात यह है कि जो जानते हैं वह सभी को बताना भी चाहते हैं। केरल यात्रा से वापस लौटने के बाद यह पुस्तक उसी का प्रमाण है।
काशी में गंगा के लहरों के बीच बजड़े पर पुस्तक परिचर्चा करते साहित्यकार।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डा. जितेंद्र मिश्र ने कहा कि इस यात्रा वृतांत में लेखक ने यह सिद्ध किया है वह आत्मश्लाघा से दूर हैं। इस पुस्तक में जितनी बातें जरूरी है उतनी है लिखी गई है। इस दौरान एल. उमाशंकर, सुरेंद्र वाजपेयी, केशव शरण, राजेन्द्र आहुति, प्रेम प्रकाश, दीनानाथ देवेश, अरुण आर्य, रामकृष्ण सहस्रबुद्धे, अजय चौबे, डा. वी साजु थॉमस ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। पुस्तक पर परिचर्चा में विषय प्रवेश सर्वप्रथम वरिष्ठ साहित्यकार रामजी प्रसाद ‘भैरव’ ने किया। पुस्तक के बारे में विस्तार से लेखक डॉ विनय कुमार वर्मा ने बताया साथ ही अभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर दयाराम जायसवाल, राजेश कुमार‚ आशीष सिंह, अभिषेक सेठ‚ सत्यम वर्मा‚ फतेह खान आदि लोग उपस्थित थे। संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डा. उमेश प्रसाद सिंह ने किया।
गोविंदपुर में भ्रमण के दौरान पार्क की सफाई करके दिया स्वच्छता का संदेश
Young Writer, प्रयागराज। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के संदेश को आज पूरा देश आत्मसात कर रहा है। अब चाहे क्षेत्र शहरी हो‚ कस्बाई हो या फिर ग्रामीण। युवा‚ नौजवान व बुजुर्ग सभी स्वच्छ भारत मिशन को अपने अंदाज में अपने–अपने–प्रयास से सफल बनाने में लगे हैं। इसी कड़ी में प्रयागराज के गोविंदपुर स्थित एक पार्क को साफ करके छात्रों द्वारा स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
पिछले कुछ दिनों से छोटे बच्चों की शिकायत थी कि पार्क में बहुत गंदगी होने की वजह से उन्हें खेलने कूदने में समस्या हो रही है। जिसको संज्ञान में लेकर MNNIT के छात्र व जन सहयोग संस्थान के युवा उपाध्यक्ष प्रियांशु कुमार व उनके साथियों द्वारा जिसमें प्रकाश कुमार यादव, सत्यम मोदनवाल‚ उत्कर्ष वर्मा, शरद विश्वकर्मा, संदीप मिश्रा, विवेक विरमानी, शुभ मिश्रा, नैतिक कुमार व रवि गुप्ता ने पार्क को साफ व स्वच्छ बनाने में सहयोग व श्रमदान किया। पार्क को स्वच्छ कर लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया। व स्थानीय पार्षद जी से भविष्य में पार्क को स्वच्छ रखने में मदद करने का निवेदन किया गया। इस बाबत जनसहयोग संस्था के साथियाें ने कहा कि स्वच्छता सकारात्मक विचारों को जन्म देती है। हम सभी जिस समाज में रहते हैं उसे साफ रखने का नैतिक दायित्वबोध हम सभी के कंधों पर है। लिहाजा हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करना होगा। साथ ही उसे नजीर के तौर पर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना होगा‚ ताकि वे भी इस सकारात्मक मुहिम से जुड़ सकें।
रैथा में आयोजित उपजा की बैठक में पदाधिकारी व सदस्यगण।
Young Writer, चंदौली। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन सकलडीहा तहसील इकाई की बैठक रविवार को रैथा गांव में सम्पन्न हुई। जिसमें संगठन की मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। मौके पर प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष यादव, जिलाध्यक्ष दीपक सिंह व सकलडीहा तहसील अध्यक्ष चंद्रजीत पटेल ने फरीदुद्दीन व नवीन राय को संगठन का सदस्य बनाया। इस दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रदेश से लगायत अन्य प्रदेशों में मजबूती से पत्रकारों के हित के लिए संघर्ष कर रहा है।आपका जनपद प्रदेश में मजबूती से खड़ा है। संगठन की सोच है कि पत्रकारों को समाज मे मजबूती प्रदान कराया जाए। संगठन के मजबूती के लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी उपस्थिति ईमानदारी पूर्वक निभानी होगी। जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों को अपनी कलम की धार को मजबूत करने की जरूरत है। आपकी कलम की ताकत ही आपकी पहचान है। समाज हित के लिए अपनी कलम की धार को चलाने का काम करें। आपका संगठन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आज जनपद में उपजा पत्रकारो का सबसे मजबूत व बड़ा संगठन है।संगठन में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता है। पत्रकार को अपनी छवि बनाने के लिए लेखनी को मजबूत करना होगा। संगठन पत्रकारों के हित के लिए सदैव तैयार है। पत्रकारों के हित के लिए संगठन हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। तहसील अध्यक्ष चंद्रजीत पटेल उर्फ सोनू ने कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता हमेशा आवाम के साथ खड़ी रही है। पत्रकार समाज में व्याप्त कुरीतियों, सत्ता-शासन की कमियों व खामियों को पटल पर लाकर उसमें गुणात्मक सुधार की दिशा में प्रयासशील रहा है और लोकतंत्र की मजबूती के लिए कलमकारों को ऐसे ही दृढ़ता व मजबूती के साथ असहाय व पीड़ित पक्ष के हक में खड़ा रहने की जरूरत है। इस मौके पर रविशंकर पांडेय, शंकर गुप्ता, अजय सिंह राजपूत, नीरज अग्रहरि, मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, पुनवासी यादव, चंद्रशेखर राय, अनिल गुप्ता, महेंद्र गोडसे आदि रहे।
मुगलसराय कोतवाली में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड करने वाली पुलिस टीम।
पुलिस ने कुंडा खुर्द गांव में गंगा किनारे से एक व्यक्ति को पकड़ा
Young Writer, मुगलसराय। सीओ सदर अनिल राय की अगुवाई में मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान में कुण्डा खुर्द गांव में गंगा किनारे से एक व्यक्ति को पकड़ा, जिसके पास से निर्मित व अर्द्धनिर्मित अवैध असलहा व असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए। साथ ही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने उक्त कार्यवाही मुखबिर खास की सूचना पर करते हुए बड़ी संख्या में अवैध असलहे बरामद किए। उक्त प्रकरण की सीओ सदर ने रविवार को खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय ब्रजेश चन्द्र तिवारी के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे चेकिंग अभियान के क्रम में मुखबिर से सूचना मिली कि कुण्डा खुर्द गांव में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही है। सूचना के बाद हरकत में आयी मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने कुण्ड खुर्द गांव में गंगा के तटीय इलाके में छापेमारी कर संजय शर्मा नामक एक व्यक्ति को पकड़ा और पूछताछ के बाद युवक की निशानदेही पर पुलिस ने अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए निर्मित, अर्द्धनिर्मित अवैध असलहों व उपकरणों को बरामद किया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह असलहा बनाने का कार्य करता है। जिस पर पुलिस संबंधित धारा लगाते हुए अग्रिम कार्रवाई करने में जुट गई गिरफ्तार व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय बृजेश चंद्र तिवारी सहित अन्य पुलिस टीम मौजूद रही। सीओ सदर ने बताया कि पुलिस की इस कार्यवाही से अपराध नियंत्रण में प्रभावी मदद मिलेगी। पुलिस लगातार अपराधियों की धर-पकड़ के लिए अभियान चला रही है ताकि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया जा सके।
चंदौली डाकघर के समक्ष छोटी पुलिया में लगाया गया अवरोधक।
कचहरी के पास बाइकों की भीड़ बढ़ने से जाम लगने की आशंकाएं बढ़ी
Young Writer, चंदौली। सावधान! यदि आप सोमवार को चंदौली किसी जरूरी काम से आ रहे हैं तो आप अपने काम के लिए अतिरिक्त समय निकालकर आइए। क्योंकि सोमवार को चंदौली भीषण जाम की चपेट में होगा। जी हां! यह कोई भविष्यवाणी नहीं, बल्कि चंदौली मुख्यालय पर यातायात को लेकर पुलिस-प्रशासन की गई नई व्यवस्थाओं से होने वाली समस्या का पूर्वानुमान है। अमूमन चंदौली हमेशा जाम की जद में रहती है। ऐसे में चंदौली पुलिस ने रविवार को यातायात व्यवस्था में एक ऐसा बदलाव किया है, जिससे चंदौली कचहरी के पास भीषण जाम लगना लगभग तय है। क्योंकि पुलिस ने डाकघर के समक्ष छोटी पुलिस में बाइक व साइकिल आवागमन को रोकने के लिए लोहे का अवरोधक लगा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को फजीहत बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। इससे स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश दिया। लोगों का कहना था कि डाकघर के पास छोटी पुलिया बाइक व पैदल आवागमन का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। जहां दोनों तरफ ठेला-खुमचा व प्रतिदिन सड़क पर फुटपाथ पर होने वाले अस्थायी अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों की माने तो पुलिया के ईद-गिर्द सड़क पर लगने वाले फल-सब्जी के ठेला खुमचा और अस्थायी अतिक्रमण को हटा दिया जाए और दोनों तरफ पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी जाय तो जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। लेकिन चंदौली पुलिस इस दिशा में काम करने की बजाय पुलिया के एक सिरे पर लोहे का राड वेल्ड कराकर अवरोध पैदा कर दिया, ताकि बाइकों का आवागमन पुलिया से ना हो सके। यानी पुलिस को अवैध अतिक्रमण न हटाया हो और पुलिया के पास ड्यूटी न देना पड़े। इसके लिए उन्होंने यातायात को ही बंद कर दिया। इसका सीधा असर कचहरी के पास बड़ी पुलिया पर पड़ेगा, जहां पहले से ही काफी जाम लग रहा है। अब बाइकों की भीड़ बढ़ने से जाम की समस्या विकराल होगी और लोगों का काफी समय जाम में बर्बाद हो जाएगा। सोमवार को कोर्ट-कचहरी के साथ सरकारी दफ्तर, बैंक आदि खुलने के साथ ही लोगों की भीड़ मुख्यालय पर बढ़ेगी। ऐसे में सर्विस रोड पर यातायात को सुगम बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती भरा कार्य होगा। हालांकि स्थानीय लोगों ने छोटी पुलिया में लगाए गए लोहे के अवरोधकों को हटाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग किया है कि पुलिया के दोनों तरफ 20 मीटर के दायरे में ठेला-खुमचा को हटाने के साथ वाहनों के आड़ा-तिरछा खड़ा करने पर प्रतिबंध लगाए, ताकि जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
धानापुर क्षेत्र में गंगा कटान का दृश्य। फाइल फोटो।
किसान बोले, मजबूत राजनीति इच्छा शक्ति व अच्छे प्रोजेक्ट की जरूरत
Young Writer, धानापुर। गंगा कटान से कृषि भूमि का क्षरण जारी है। बरसात में गंगा की लहरे भले ही जमीन के टुकड़े को काटकर अपने साथ ले जाती है, लेकिन लहरों का यह टकराव जमीन पर होकर किसानों के सीने को छलनी कर जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नदी का पानी किसी मामूली वस्तु को नहीं, बल्कि सोना उगाने वाली जमीन को अपने साथ बहा ले जाता है जो अपनी पीछे पीड़ा, दर्द और आर्थिक दुश्वारियां छोड़ जाता है। 1973 से अब तक गंगा कटान अनवरत जारी है, जो कृषि क्षेत्र के दायरे में एक किलोमीटर अंदर घुस चुकी है जिससे हजार से दो हजार एकड़ कृषि भूमि के कटान का अनुमान है और इस आघात को किसान झेलना व बर्दाश्त करता आया है। फिलहाल इसे लेकर कोई प्लान आफ एक्शन किसी के पास नहीं बेबस किसानों संग अकूत संसाधन व ताकत से लबरेस शासन-प्रशासन भी मूकदर्शन बना हुआ है, जो किसानों की पीड़ाओं को आक्रोश में बदल रहा है।
धानापुर में लोगों के आशियाने तक पहुंचा गंगा कटान का मुहाना।
विधानसभा चुनाव आते ही एक बार फिर गंगा कटान का जिन्न बोलत से बाहर निकल आया है। एक तरफ गंगा कटान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप व वादे-इरादे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसान गंगा कटान से गायब होती कीमती कृषि भूमि की चिंताओं में डूबा है। क्योंकि उन्हें अपनी बची-खुची कृषि भूमि को बचाना है यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे भी भूमि हो जाएं। क्षेत्रीय किसान व बुढ़ेपुर निवासी धानापुर विकास मंच के गोविंद उपाध्याय गंगा कटान से पीड़ित, प्रभावित और आहत हैं। यह अकेले ऐसे किसान नहीं है, बल्कि इन जैसे हजारों किसान इस पीड़ा से प्रभावित हैं। गोविंद उपाध्याय की माने तो 1973 में जिस स्थान पर गंगा में स्नान करते थे अब गंगा वहां से एक किलोमीटर के दायरे में कृषि क्षेत्र को काट चुकी है। उनके मुताबिक फिलहाल सैदपुर घाट से गंगा पूरब की ओर बढ़ने पर सर्वाधिक कटान फुलवरिया से आगे सहेपुर गांव से शुरू हुई रामपुर दीयां में हुआ। गंगा के तटीय इलाके बुढ़ेपुर, हिंगुतर, प्रसहटा, दीयां, रायपुर में अर्द्धचन्द्राकार कटान हुआ। रायपुर में 1973 नगवा पम्प कैनाल में स्थापित हुआ। इस पम्प को चलाने के लिए अवैज्ञानिक तरीके से बंडाल बनाए गए, जिसका नतीजा यह रहा कि कैनाल ने जितनी कृषि भूमि को सिंचित किया, उसके सापेक्ष कई गुना ज्यादा कृृषि भूमि गंगा कटान के कारण क्षरण होकर नदी में समा गया। उसका नतीजा यह हुआ कि बहुत सारे किसान भूमिहीन हो गए। आज भी स्थिति यह है कि नगवा पम्प कैनाल चलाने के लिए नदी को काटकर पानी वहां पहुंचाना पड़ता है। कहा कि बुढ़ेपुर-नौघरा में एक तीन किलोमीटर लम्बा टापू बन गया है। यदि बालू के इस टीले को बाढ़ के समय काट कर गंगा की धारा को मध्य में परिवर्तित कर दिया जाए तो अगले 25 वर्ष में कटान का इलाका भर जाएगा और कटान से मुक्ति मिल जाएगी।
धानापुर क्षेत्र में गंगा कटान का दृश्य। फाइल फोटो।
मजदूर इच्छा शक्ति व अच्छे प्रोजेक्ट की दरकार धानापुर। धानापुर इलाके में दशकों से कायम गंगा कटान को समाप्त करने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छा के साथ ही एक उम्दा प्रोजेक्ट की जरूरत है, जो किसानों के सुझावों पर आधारित हों। क्योंकि कटान का दंश झेल रहे किसान ही इसके समाधान के तरीके सुझा सकते हैं, जिन्हें प्रशासनिक व तकनीकी जामा पहनाकर एक अच्छे प्रोजेक्ट की शक्ल दी जा सकती है। किसानों के मुताबिक दीयां से लेकर नरौली घाट तक बोल्डर व जाली से बांध दिया जाय तो यह प्रयास कटान की धार पर मजबूत वार होगा। साथ ही वाराणसी के चौकाघाट पर हुए नदी सुंदरीकरण जैसे कार्य को धानापुर में भी दोहराया जाना बेहद जरूरी है, जो कीमती कृषि भूमि की जल समाप्ति से बचा सकेगा। ऐसी हुआ तो नगवां से गुरैनी या कवलपुरा तक चला आ रहा जबरदस्त गंगा कटान रूकेगा। साथ ही नौघरा गांव अस्तित्व बचाया जा सकता है लेकिन इसके लिए वक्त बिल्कुल नहीं है। इनसेट—– मसाले की खेती वाली भूमि ने ली जलसमाधि धानापुर। एक वक्त था जब धानापुर में गंगा का तटीय इलाके की फिजा मसालों की खुशबू गमका करती थी, लेकिन गंगा कटान ने कृषि भूमि में ऐसा अतिक्रमण किया कि धीरे-धीरे मसालों की सुगंध फिजा से गायब हो गयी। किसानों के मुताबि वर्ष 1973 से लगायत अब तक दीयां से रायपुर के बीच हजार से दो हजार कृषि भूमि कट गयी। जिस पर आजवाइन, जीरा, मेथी, मंगरैल आदि मसालों की खेती होती थी। यह इलाका अरहर, चना व मसाले की खेती के लिए विख्यात था। तटीय इलाके में मल्लाह मसालों की खेती करते थे उनकी घर की औरतें खांची-डलिया में मसाले बेचकर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। साथ ही गंगा तट किनारे बोरो धान उगाए जाते थे, जो अब नहीं होता। पहले कृषि उत्पादन का जो रिकार्ड स्तर था वह कभी उस स्तर का उत्पादन नहीं हो पाया। वहीं किसानों की माने तो कटान के कारण गन्ने की खेती भी नाम मात्र रह गयी है।