32.1 C
Chandauli
Friday, July 24, 2026

Buy now

Home Blog Page 588

मूल्यों को मुखौटा बनाने का अपराध

Young Writer, चुनाव डेस्क। ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह की कलम से

मूल्यों को मुखौटा बनाने का अपराध
लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है। यह केवल सामाजिक व्यवस्था का ढाँचा भर भी नहीं है। इसका प्राण तत्व तो वह उदात्त मानवीय मूल्य है, जो किसी भी तरह के शोषण और हर तरह की प्रवंचना से मनुष्यजाति को मुक्ति दिलाने के संकल्प से संबलित हट्टी-कट्टी दिखती हो मगर उसके प्राण में स्पन्दन की ध्वनि सुनाई नहीं पड़ती।
लोकतंत्र की महिमा के आख्यान किताबों में जितने आकर्षक मालूम पड़ते हैं, व्यावहारिक जीवन में वह कहीं दिखाई नहीं देता। जो चेहरा हमें अपनी आँखों से देखने को मिलता है, वह बड़ा ही विद्रूप कुत्सित और विक्षोभ पैदा करने वाला है। मैं बार-बार सोचता हूँ ऐसा क्यों है? ऐसा होना नहीं चाहिए मगर ऐसा है। जैसा नहीं होना चाहिए वैसा होना समय का कितना कठोर अभिशाप है।
हमारा लोकतंत्र प्रपंच और पाखण्ड को भेंट चढ़ गया है। वह इनमें डूब गया है। डूबी हुई चीज को ढूढ पाना बड़ा मुश्किल भरा काम होता है। हमारे समय में हमारी समाज व्यवस्था में लोकतंत्र के मौलिक स्वरूप की खोज बहुत ही जटिल है।
प्रपंच क्या है? असल में प्रपंच सत्य की छाया में असत्य को सत्य जैसा प्रतिभासित कराने के प्रबल उद्योग का संजाल है। वैसे मूलतः प्रपंच दर्शन का शब्द है मगर इसका अर्थ व्यवहार इतना व्यापक है कि इससे कोई भी अपरिचित नहीं है। हमारे मौजूदा तंत्र का लोक से आन्तरिक लगाव बिल्कुल नहीं रह गया है। उसके सुख-दुख से उसका नाता, उसमें उसकी भागीदारी नगण्य हो चुकी है। फिर भी तंत्र हमेशा जनता के सामने उसकी दुहाई देता रहता है। हमारे तन्त्र के लिए हमारा लोक केवल उसके स्वार्थ साधन का माध्यम भर रह गया है। लोक से चाहे जैसे भी हो बहुमत हासिल करके सत्ता पा लेना हमारे तंत्र यानी सारे राजनीतिक दलों का एकमात्र मकसद बन गया है।
जो नहीं है उसके होने के अनुभव कराने के उद्योग को पाखण्ड कहा जाता है। हमारी समूची राजनीति जो नहीं है, उसी का ढ़िढोरा पीटकर लोक को छलने के उद्योग में लिप्त है। प्रपंच का ऐसा विस्तार और पाखण्ड का ऐसा पुरजोर प्रदर्शन लोकतंत्र के व्यावहारिक स्वरूप का एक ऐसा कलंक बन गया है, जिससे लोकतंत्र की आत्मा कलुषित हो उठी है।
जब आत्मा कलुषित होगी तो काया भी कुंठित हो ही जायेगी। कलुषित आत्मा और कुंठित काया का हमारा लोकतंत्र हमारे समय में व्यापक लोक जीवन के अभ्युदय का निमित्त बन पाने में अयोग्य और असमर्थ साबित हो रहा है। यह भयानक दुर्भाग्य है, लोक का भी और तन्त्र का भी।
आजादी के बाद जब देश में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था स्थापित हुई तो बहुत-बहुत उम्मीदों की सुगन्धि यहाँ की हवा में तैर रही थी। बहुत से सपने आँखों से बाहर निकल कर गिरते-उठते चलने का हौसला बाँध रहे थे। मगर क्या हुआ? आज क्या स्थिति है। जो है, सबके सामने। हाथ कंगन को आरसी क्या!
स्वतन्त्रता सबको मिलनी थी, नहीं मिली। हमारे महान लोकतंत्र में जनता के पास मतदान करने को छोड़कर और कौन-सी उल्लेखनीय स्वतन्त्रता हासिल है। स्वतन्त्रता पर असली स्वामित्व तो सचमुच में राजनीतिक दलों को मिला है। स्वतन्त्रता का असली स्वाद तो वे ही जानते हैं। राई को पर्वत और पर्वत को राई बनाने की सामर्थ्य उनके ही पास है। सुख और समृद्धि और प्रभुत्व के सारे सपने उनके ही आँगन के चाकर हैं। कहा जाता है कि जनता सरकार बनाने की शक्ति रखती है। उसे मतदान का अ सीम अधिकार मिला है। झूठ है, झूठ है, झूठ है। आज हमारे समय में जनता मतदान नहीं करती। कत्तई नहीं करती है। जनता से मत खरीद लिए जाते हैं। बड़ी ही मामूली कीमत पर खरीद लिए जाते हैं। भावनाओं को भड़काकर, उन्माद को फैलाकर, आश्वासनों के प्रलोभन से, जाति की सौगन्ध से, क्षेत्रीयता के सगेपन से जनता से मत हथिया लिए जाते हैं। अब तो मत लूटने की चीज बन गई है। लोकतन्त्र का जो भी लाभ है, राजनीतिक दलों को लाभ है। कभी किसी दल को, कभी किसी दल को। कभी किसी दल की कुण्डली में राजयोग चमक उठता है। कभी किसी दल की कुण्डली में। मगर राजयोग तो उन्हीं दलों की कुण्डलियों में चमकने को विवश है। हमारे लोकतंत्र की मूल संकल्पना में जो लोकशाही है, वह कभी व्यावहारिक धरातल पर जड़ पकड़ी ही नहीं। उसकी जड़ फूटने भी नहीं पाई कि दल-दल में बैठे सत्ता के सौदागरों ने उसकी जड़ खोदकर उसमें मट्ठा डाल दिया।
जिस बन्धुत्व के विकास के लिए, जिस समता के विस्तार के लिए, जिस समान अवसर की उपलब्धता के आयोजन के लिए हमारा लोकतंत्र अधिष्ठित हुआ था, वह कुछ भी नहीं हो सका। आज भाई-चारा हमारे समाज में कहीं नहीं है। हमारा समूचा समाज विखण्डित होकर बिखर गया है। जातियों में, सम्प्रदायों में, धर्मों में, स्त्री-पुरूष में बँटकर हमारी पारंपरिक सामाजिक संस्था बिल्कुल चरमरा कर भहरा उठी है। समान शिक्षा का सपना सिर्फ धूल-धूसरित ही नहीं हुआ बल्कि असमान शिक्षा का आदर्श ताल ठोंककर ललकार रहा है। शिक्षा और चिकित्सा आम आदमी के लिए नहीं रह गई है। फिर भी हम संविधान की दुहाई देते नहीं थकते हैं। संविधान की मूल प्रस्तावना की हत्या करके हमारी राजनीति संविधान की हिफाजत के लिए मर-मिटने का मिथ्या दंभ भरकर बिना पानी के बादल की तरह रोज-रोज गरजती है। सौहार्द्र कहीं नहीं है। वैमनस्य और विद्वेष हर कहीं है। लगाव, पारस्परिकता दिखाई नहीं दे रही है। बहुत-सी महत्तम चीजें जब लोकतंत्र नहीं था, तब भी हमें सहज सुलभ थीं। हमारे बीच थीं। हमारे जीवन में हँसते-गाते मौजूद थीं। अब लोकतंत्र है मगर मनुष्य जीवन की महत्तम चीजें नहीं है। अब वे स्मृति के संग्रहालय में संरक्षण के लिए गुहार लगाती अपनी अस्तित्व रक्षा के लिए आँसू बहा रही हैं। अगर हमारे बीच लोकतंत्र है, तो ऐसा क्यों है?
इधर हमारी प्रतिनिधि राजनीति इतिहास को ठीक कर रही है। वह अपनी सारी ऊर्जा को इतिहास को सुधारने में झोक रही है। वह इतिहास में संशोधन करके भारतीयता को गौरव प्रदान करने का दावा कर रही है। इतिहास ठीक करने की चीज है क्या है? अतीत में कुछ भी संशोधन, कुछ भी सुधार किया जा सकता है क्या? अतीत में कुछ भी जोड़ना, कुछ भी घटाना मानवीय क्षमता के बाहर की बात है। जो व्यतीत है, वह आदमी की पकड़ में नहीं है। जो पकड़ में ही नहीं है, उसके साथ कुछ भी किया जाना कैसे संभव है। जहाँ कुछ भी नहीं किया जा सकता, वहाँ बहुत कुछ करने का मंसूबा रखना असल में कुछ न करने जैसा ही परिणाम प्रदान करने वाला होता है।
वास्तव में मूल्यों को मुखौटा बनाने का अपराध बड़ा गंभीर अपराध है। इससे वर्तमान के बन्ध्या और भविष्य के अन्धा हो जाने का खतरा पैदा होता है। हमारी समूची राजनीति सारे लोकतांत्रिक मूल्यों को मुखौटा बनाकर सत्ता हथियाने का खेल पूरी तन्मयता से खेलती आ रही है। बहुमत पाकर सत्ता पर स्वामित्व जमाने के लिए मुस्लिम वोट बैंक, हिन्दू वोट बैंक, पिछड़ा वोट बैंक, दलित वोट बैंक, महिला वोट बैंक और भी कई तर के वोट बैंकों की कुत्सित परियोजनाओं का प्रवर्तन करके सामाजिक समरसता को विनष्ट कर सोशल इंजीनियरिंग जैसी कुशलता की निन्दनीय प्रतिष्ठा की गई। धार्मिक उन्माद को भड़काकर राष्ट्र में विद्वेषपूर्ण विभाजन की नींव रखी गई। राष्ट्रवाद के यशगान का डंका बजाकर राष्ट्र की थाती का निजीकरण किया जा रहा है। सारे पद, सारी प्रतिष्ठाएँ, सारे सम्मान खरीदने-बेचने की चीज बनाए जा रहे हैं। क्या यही हमारे लोकतंत्र की उपलब्धि है? यही लोकतन्त्र का गौरव है?
अगर हाँ, तो लज्जाजनक है। अगर नहीं तो अपराधपूर्ण है। यह अपराध किसका है? आने वाला समय पूछ रहा है। अँखुए फोड़कर सूख गई सपनों की फसल पूछ रही है, बोलो न! इस सबका उत्तरदायी कौन है। लोक है? इस लज्जा का भार किसके कन्धे पर रखा जाएगा?
धर्मनिरपेक्षता हमारे लोकतंत्र का मूल्य था। उसे मुखौटा बनाकर बहुमत हासिल करने के लिए एक सम्प्रदाय के तुष्टिकरण का जाल बुना गया। राष्ट्रवाद स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान उन्मेषित एक महनीय लोकतन्त्र का महत मूल्य था। उसे मुखौटा बनाकर धर्म-निरपेक्षता के विलोम के रूप में प्रचारित किया गया। राष्ट्र हमारे लिए किसी काल्पनिक अवधारणा का विषय नहीं है। वह जीवित सत्ता है, जो समूचे राष्ट्र के निवासियों के फेफड़ों से साँस लेती है।
नहीं, मूल्यों को मुखौटा बनाने का अपराध आज चाहे भले राजनीतिक कौशल के नाम पर भुला दिया जाय मगर भविष्य जरूर इस अपराध के लिए मानवता के न्यायालय में अभियोग दाखिल करके जबाब माँगेगा। तब उसे बरगलाने की गुंजाइश नहीं बचेगी।

पार्टी व प्रत्याशी की हार-जीत को तय करेगी आधी आबादी

जनपद में अबकी बार पुरुषों के सापेक्ष वोट डालेंगी 46.16 महिला मतदाता

Young Writer, चंदौली। आधी आबादी यानी नारी यानी देवी का स्वरूप। घर-गृहस्थी में संतुलन कायम रखने में अहम भूमिका अदा करने वाली आधी आबादी अबकी बार चुनाव में पार्टी और प्रत्याशियों के हार-जीत का फैसला करेंगी। यह कोई हवाहवाई बात नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग के आंकड़े बता रहे है। अबकी बार जिले में 46.16 फीसद महिला वोटर है जो बूथ पर तटस्थ होकर यूपी में नई सरकार के गठन में निर्णायक साबित होंगी। आधी आबादी के बढ़ते मत प्रतिशत के मद्देनजर ही चुनावी शंखनाद के साथ ही उन्हें लुभाने के लिए सभी दलों की ओर से योजनाओं की लड़ी लगा दी गयी है, ताकि उनके वोट बैंक को आधी आबादी का मत मिले और वे बहुमत के आंकड़े को पार कर सकें।
जनपद चंदौली में 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल छह लाख 22 हजार 143 महिला मतदाता थीं। जिनकी संख्या में अबकी बार 39687 का इजाफा हुआ है। यानी विधानसभा चुनाव-2022 में कुल 661803 महिला वोटर बूथ पर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगी। पुरूषों के सापेक्ष महिला मतदाताओं की संख्या का प्रतिशत देखें तो यह 46.16 फीसद है यानी आधी आबादी का वोट में भी आधे के करीब भागीदारी रहेगी। जो इस चुनाव में अपने वोट के जरिए पार्टी व प्रत्याशियों के हार-जीत का फैसला करेंगी। यही वजह है कि एक तरफ जहां कांग्रेस ने लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा बुलंद किया। वहीं सपा ने समाजवादी पेंशन सहित तमाम सरकारी स्कीम को सरकार बनते ही लागू करने की बातें कह रही है। वहीं अन्य दल भी अलग-अलग स्कीम के जरिए महिला मतदाताओं को अपनी ओर रिझाने के प्रयास में पूरी शिद्दत के साथ जुटे हैं। जिला प्रशासन की ओर से बीते नवंबर माह में चले मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान महिला वोटरों को जागरूक करते हुए सूची में अधिक से अधिक नाम जोड़वाने के लिए प्रेरित किया गया था। इसका परिणाम रहा कि जेंडर रेसियो 828 से बढ़कर 859 हो गया। अब निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए जिले में शत-प्रतिशत मतदान कराने को लेकर हर संभव प्रयास होगा। इसके लिए मतदाताओं को जागरूक करने को लेकर रूपरेखा भी बनायी जा रही है। उधर, राजनीतिक दल भी महिला वोटरों को घर की चौखट से निकालकर बूथों तक पहुंचाने की रणनीति बना रहे हैं।

2022 विधानसभा चुनाव में कुल वोटर-14,33,138
महिला वोटर-6,61,803
विधानसभावार महिला वोटरों की संख्या….
मुगलसराय 1,81,122
सकलडीहा 1,53,522
सैयदराजा 1,50,723
चकिया 1,76,436

कुष्ठ रोगियों के प्रति भेदभाव को जागरूकता से करें समाप्तः सीएमओ

कुष्ठ रोगी को किट प्रदान करते विवेक सिंह।

Young Writer, चंदौली। विश्व कुष्ठ निवारण दिवस का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में किया गया। इस अवसर पर कुष्ठ रोगियों को चादर, सेल्फ केयर किट, टब आदि का वितरण किया गया। साथ ही कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता लाकर रोगियों के प्रति हो रहे भेदभाव को समाप्त करने पर चिंतन-मंथन हुआ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. युगल किशोर राय ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आदर्श मान कर निःस्वार्थ भाव से कुष्ठ रोगियों कि सेवा करना चाहिए। कुष्ठ रोग के प्रति समाज को जागरूक होना होगा, जिससे कुष्ठ रोगियों के प्रति हो रहे भेदभाव को रोका जा सके। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. केएन सिंह ने कुष्ठ रोग के कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी दिया। साथ ही  कुष्ठ विभाग में कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की। कहा कि और अधिक मेहनत से कार्य करने की जरूरत है। पूर्व जिला पर्यवेक्षक और वर्तमान मे शोध वैज्ञानिक विवेक सिंह ने कहा कि जनपद चंदौली को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के लिए सभी को संकल्पित होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्य चिकत्सा अधिकारी से आग्रह किया कि जनपद मे कुष्ठ रोग के प्रसार को रोकने के लिए कुष्ठ रोगियों के साथ रहने वाले परिजन तथा संपर्क मे रहने वालों को रिफाम्पिसिन की एक गोली खिलाई जाए, जिससे उनमें कुष्ठ रोग के होने की सम्भावना समाप्त हो सके। इसके साथ ही उनके द्वारा यह भी कहा गया की वो आगे भी कुष्ठ रोगियों की सेवा मे लगे रहेंगे और जनपद चंदौली को कुष्ठ मुक्त करने का अभियान जारी रखेंगे। संचालन डा. तापेश्वर राम ने किया।

नीलाम होगी महात्मा गांधी द्वारा प्राकृतिक उपचार पर लिखीं चिट्ठियां

प्रेसवार्ता कर वैद्य राम नारायण दुबे के पौत्र ने जताई नाराजगी, दी जानकारी

Young Writer, पड़ाव। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्राकृतिक उपचार में ही विश्वास रखते थे उनके निजी वैद्य स्वर्गीय राम नारायण दुबे हुआ करते थे जो वाराणसी जनपद के चौबेपुर स्थित प्राकृतिक आयोग आश्रम के सदस्य थे। जो लोगों का प्राकृतिक उपचार किया करते थे। उन्होंने प्राकृतिक उपचार द्वारा किए गए इलाज पर कई किताबें लिखी हैं, जिन्हें उस दौर में स्वयं गांधी पढ़ते थे और पत्र के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया भी देते थे। रामनारायण के पुत्र ओम प्रकाश दुबे भी प्राकृतिक उपचार में बड़ा ही विश्वास रखते थे। उक्त बातें उनके वैद्‍य राम नारायण दुबे के पौत्र प्रभात कुमार दुबे ने प्रेसवार्ता के दौरान दी।
कहा कि उनके पिता ओम प्रकाश दुबे प्राकृतिक उपचार के प्रति विश्वास के चलते कक्षा 10 पास करके सरकारी विद्यालय में अध्यापक की नौकरी करते हुए भी महीनों स्नान तक नहीं करते थे। सूर्य की रोशनी और वायु से ही स्नान कर लिया करते थे शरीर पर कहीं भी मैल नहीं जमता था। अब उन्हीं के पौत्र प्रभात कुमार दुबे वर्तमान समय चंदौली जनपद के मुगलसराय थाना अंतर्गत भोजपुर गांव में किराए के मकान में किसी तरह अपनी पत्नी सीमा दुबे पुत्री आंचल दुबे श्रेया दुबे और पुत्र अंश दुबे के साथ जीविकापार्जन कर रहा है जबकि अभी भी महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई 17 चिट्ठियों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में अपने पास संजोए कर रखा हुआ है। इस संबंध में एसडीएम, डीएम और कमिश्नर तक इन सभी चिट्ठियों का जिक्र किया और महात्मा गांधी से संबंधित संग्रहालय में रखने का आग्रह भी किया, लेकिन अब तक प्रशासन के तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं हुई वही महात्मा गांधी के पुण्य तिथि की पूर्व संध्या पर प्रभात कुमार दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकार बंधुओं को बताया कि अब हमे मजबूरन उक्त चिट्ठियों को नीलामी के लिए मजबूर है, जहां एक तरफ प्रशासन से लेकर शासन तक सभी कार्यालयों में सत्यमेव जयते के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर रहती है और सरकार भी राष्ट्रीय धरोहरों को विदेशों से लाने का कार्य कर रही है वही इस तरह के धरोहरों की उपेक्षा करना अनुचित है। प्रभात कुमार दुबे ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय रामनारायण दुबे द्वारा किए गए कार्यों व उपलब्धियों को मेरे पिता द्वारा सहेजा गया। आज मैं दर-दर भटकने के पश्चात प्राकृतिक उपचार पर लिखी गई पुस्तक और चिट्ठियों को नीलामी करने को विवश हूं, जो हमारे देश के संग्रहालय में ना होकर विदेश में महात्मा गांधी से संबंधित या उनके अनुयायियों के संग्रहालय में उक्त चिट्टियां और पुस्तकें शोभा बढ़ाएंगे।

शरीर को सुडौल बनाने के लिए करें नियमित वर्कआउटः अनिरूद्ध सिंह

बी स्ट्रांग फिटनेस सेंटर मुगलसराय पर युवाओं के साथ सीओ अनिरूद्ध सिंह।

Young Writer, मुगलसराय। सकलडीहा क्षेत्राधिकारी अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि आज के भाग-दौड़ भरे जीवन में सेहत को लेकर हर किसी को सजग रहने की जरूरत है। कामकाज के तनाव के बीच अपनी सेहत के लिए समय जरूर निकाले। नियमित वर्कआउट करें और प्रोटीन व विटामिन युक्त आहार का सेवन करें। अपनी दिनचर्या को नियमित करें और कसरत आदि से शरीर को सही आकार व प्रकार दें। कहा कि आजकल के युवा जल्दबाजी में शरीर को सुडौल बनाने के चक्कर में हानिकारक व जानलेवा दवाओं का सेवन धड़ल्ले से कर रहे है जो बिल्कुल गलत है। ऐसा करने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन अवेयरनेस के अभाव में युवा सुडोल शरीर पाने की चाहत में ऐसी दवाओं के दीवाने बन बैठे हैं। अनिरूद्ध सिंह रविवार को मिनी महानगर स्थित ‘बी स्ट्रांग’ फिटनेस सेंटर पर पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने फिटनेस सेंटर पर आयोजित पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप के तहत बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट व बारबेल स्क्वाट्स आदि विधाओं में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को सराहा। साथ ही उम्दा प्रदर्शन करने वाले युवाओं में शील्ड व मेडल प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान अव्वल आयी महिला उम्मीदवार संगीता चौहान व दूसरे स्थान पर रही कोमल के साथ ही अब्बल रहे आजाद विश्वकर्मा, बसंत पटेल, तौकिर व सोनू पटेल मेडल व शील्ड प्रदान किया। वहीं ट्रेनर बसंत को उनके बहुमुखी प्रदर्शन के लिए आल ओवर चैम्पियन चुना गया।

चैम्पियनशिप में उम्दा प्रदर्शन करने वाले युवाओं को मेडल व शील्ड प्रदान कर सम्मानित करते संचालक सरवन यादव।

इस दौरान फिटनेस सेंटर संचालक सरवन यादव ने कहा कि फिटनेस सेंटर के जरिए लोगों खासकर युवाओं को स्वस्थ व सेहतमंद रहने के लिए जागरूक व प्रेरित किया जाता है। फिटनेस के लिए जरूरी एक्सरसाइज के साथ ही ट्रेनरों द्वारा उचित व संतुलित खान-पान को अपनाने की सलाह दी जाती है। साथ ही युवाओं को खतरनाक दवाओं के शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की भी जानकारी दी जाती है, ताकि वे अच्छी सेहत व शरीर पाने की चाहत में गलत राह पर न निकल पड़े। हमारा यह प्रयास है कि लोग सेहतमंद रहे। लोगों की सुविधा, सहुलियत को ध्यान में रखकर ही फिटनेस सेंटर संचालित किया जा रहा है। जहां युवाओं के साथ ही युवतियों के लिए बेहतर ट्रेनर व उम्दा उपकरण उपलब्ध है। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद, दिलीप पासवान, संतोष जायसवाल, सुनील यादव आदि उपस्थित रहे।

उधर, दूसरी ओर क्षेत्राधिकारी अनिरूद्ध सिंह ने सर्कस रोड स्थित शशिकांत यादव के पैथालाजी सेंटर का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने पैथालाजी द्वारा आमजन के लिए दी जाने वाले जांच व अन्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने समाज को बेहतर सेवाएं प्रदान करने का संचालक शशिकांत यादव को प्रेरित किया। कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीमारियों की सटिक जानकारी के लिए एक बेहतर जांच केंद्र की अहम भूमिका होती है। अंत में शशिकांत यादव ने सीओ सकलडीहा अनिरूद्ध सिंह को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

पैथालाजी के उद्घाटन अवसर पर सीओ अनिरूद्ध सिंह को स्मृति चिह्न भेंट करते शशिकांत यादव।

चंदौलीः पुरानी रंजिश को लेकर जमकर चले लाठी डंडे, 9 घायल

Young Writer, चंदौली। चकरघट्टा थाना क्षेत्र के ठठवां गांव में शनिवार को पुरानी रंजिश को लेकर के दो पक्षों में जमकर हुई। जिसे लेकर आस पास के लोगों में भगदड़ मच गया। इस दौरान मारपीट मे 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने लोगों की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भर्ती कराया‚ जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया के लिए रेफर कर दिया।बताते है कि पूर्व ग्राम प्रधान चन्द्रमा मौर्य व वर्तमान ग्राम प्रधान के बीच चल रही पूरानी रंजिश को लेकर के नोकझोंक हुआ और देखते ही देखते झगड़ा दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी डंडे से प्रहार करने लगे। जिसमें एक पक्ष के चंद्रमा मौर्य 60 वर्ष सत्यनारायण 50 वर्ष सुनील 30 वर्ष अनिल 28 वर्ष व देवानंद 25 वर्ष तथा दूसरे पक्ष से संदीप पटेल 38 वर्ष सुदामा  62 वर्ष दिनेश 35 वर्ष घनश्याम 40 वर्ष घायल हो गये। ग्रामीणों की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया के लिए रेफर कर दिया। इस दौरान थानाध्यक्ष अलख नारायण ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर एक एक पक्ष को धारा 147‚ 323‚ 504‚ 452 व 308 आईपीसी तथा दूसरे पक्ष के विरुद्ध धारा 323‚ 504‚ 506‚ 452 व 308 के तहत मुकदमा दर्ज कर के अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी का दायित्व संभालेंगे विकास धर दुबे

Young Writer, चंदौली। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 गतिमान है, जिसे देखते हुए निर्वाचन संबंधित कामकाज व दायित्वों को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु तहसीलदार न्यायिक विकास धर दूबे को अपने कार्यों के साथ-साथ सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी के दायित्वों के निवर्हन हेतु अधिकृत किया जाता है। जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि तहसीलदार न्यायिक विकास धर दुबे 10 फरवरी को नामांकन से मतगणना तक निर्वाचन से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों व प्रक्रियाओं को अपनी देख-रेख में सकुशल सम्पादित कराएंगे। विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एवं भारत निर्वाचन आयोग को समय से प्रेषण, निविदाओं, सामग्रियों की समय से आपूर्ति, निर्वाचन कार्य पर हुए व्यय का भुगतान आदि सभी व्यवस्थाओं के प्रभारी भी हांेगे। निर्वाचन से सम्बन्धित समस्त पत्रावलियां इनके हस्ताक्षर के पश्चात उपजिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी। उक्त आदेश को डीएम ने तत्काल प्रभाव से प्रभावी किया है। 

विधानसभा चुनाव में खलल डाला तो पुलिस करेगी कार्यवाहीः अनिरुद्ध सिंह

धीना थाने के निरीक्षण के दौरान असलहों को परखते सीओ सकलडीहा अनिरुद्ध सिंह।

Young Writer, सकलडीहा। शांतिपूर्ण चुनाव कराने को लेकर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर महकमा लगातार कवायद में जुटी है। इस क्रम में शनिवार को सीओ अनिरूद्ध सिंह धीना थाना पहंुचकर थाने का मुआयना किया। इस दौरान संवेदनशील बूथ का जायजा लिया। साथ ही पाबंद किए गए लोगों के बारे में जानकारी लिया। अंत में थाने की साफ-सफाई व मालखाने की रखरखाव के बारे में जानकारी लिया। सीओ अनिरूद्ध सिंह क्षेत्र में भ्रमण कर लगातार शांति व्यवस्था के तहत लोगों को अपील कर रहे है।

इस क्रम में सीओ ने धीना और बलुआ थाने पहुंचकर संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों की जानकारी लिया। इसके साथ ही धीना में साफ-सफाई के साथ शस्त्रों का निरीक्षण किया। मालखाने में रखरखाव नहीं होने पर नाराजगी जताया। वही थाने के सफाई कर्मी हो सहयोग का भरोसा दिया। अंत में बलुआ थाने पहुंचकर घाट पर लगने वाली अमास्या स्नान के बारे में जानकारी लिया। चेताया कि हर हाल में वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित किया जाय। पाबंद लोगों द्वारा पुनरू विवाद करने पर पाबंद की राशी की रिकवरी कराने का निर्देश दिया। अंत में थाना प्रभारियों को बेहतर साफ सफाई के साथ फरियादियों की समस्या समय से दूर करने का निर्देश दिया। इस मौके पर धीना प्रभारी अजीत सिंह, एसओ बलुआ मिथिलेश तिवारी, गंगा सेवा समिति अध्यक्ष दीपक जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

तीन वांरटी को पुलिस ने भेजा जेल
सकलडीहा कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धारा में वांछित तीन वारंटी को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार पकड़े गये तीनों आरोपी एक मामले में वांछित थे।

चंदौली पुलिस ने पकड़ा 32 लाख की अवैध शराब ,डाक पार्सल वैन से कर रहे थे तस्करी


चंदौली।बिहार में 2016 से ही पूर्ण शराबबंदी है, लेकिन शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब यूपी के बॉर्डर पर शराब की पेटियां बरामद न होती हो। सरकार की लाख चेतावनी और छापेमारी के बाद भी शराब की तस्करी अवैध तरीके से जारी है। रविवार को अलीनगर पुलिस ने इंडियन पोस्ट लिखे वाहन से भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद की है। जिसकी कीमत 32 लाख की बताई जा रही है। साथ ही अवैध शराब के साथ 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। साथ ही इनके पास से असलहा व जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। फिलहाल अलीनगर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।

दरअसल बिहार में शराबबंदी के बाद चंदौली मादक पदार्थों की तस्करी का ट्रांजिट जोन बन गया है। शराब तस्करी को रोकने के लिए पुलिस भी लगातार अभियान चला रही है. ऐसे में पुलिस से बचने के लिए तस्कर भी तमाम तरह हथकण्डे अपना रहे है। इसी क्रम में शराब तस्कर इंडियन पोस्ट लिखी गाड़ी में शराब भरकर तस्करी कर रहे थे। ताकि पुलिस की आंखों में धूल झोंक सके लेकिन कहते है। अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो कानून के लम्बे हाथ उसे पकड़ ही लेते है।शराब तस्करों की इस मंशा की जानकारी पुलिस को पहले ही हो गई।जिसके अलीनगर इंस्पेक्टर विनय प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम एनएच 2 पर चेकिंग अभियान शुरू कर दी।इस बीच एक गाड़ी आती दिखाई जो इंडियन पोस्ट पार्सल की गाड़ी प्रतीत हो रही है। शक के आधार पुलिस ने उसे रुकने के इशारा इशारा किया। लेकिन तस्कर पकड़े जाने के भय से पुलिस पार्टी पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। जिसके बाद अलीनगर पुलिस ने काम्बिंग करते हुए वैन को पकड़ लिया साथ ही इसमें शामिल तीनों शातिर तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया।

जिसके बाद पुलिस ने वैन को कब्जे में भी लेकर जांच की तो पता चला कि पोस्ट आफिस के डाक पार्सल वैन का प्रतिरूपण कर डीसीएम में 215 पेटी अंग्रेजी शराब हरियाणा से शराब तस्करी कर बिहार ले जायी जा रही थी. जिसकी कीमत करीब बत्तीस लाख रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा तलाशी के दौरान गिरफ्तार हरियाणा निवासी दो तस्करों मनोज और संदीप के कब्जे से अवैध तमंचा कारतूस बरामद किया है। तस्करों ने बताया कि इससे पूर्व भी कई बार शराब ले जा चुके है।

इस बाबत सीओ सदर अनिल राय ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन 2022 के मद्देनजर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक व कानून व्यवस्था के मद्देनजर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी क्रम में डाक पार्सल वैन से 215 पेटी की शराब की खेप के साथ दो तस्कर गिरफ्तार किए गए। इनके आबकारी अधिनियम के साथ आर्म्स एक्ट के मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

ईंट-भट्ठों पर ना हो अवैध शराब का निर्माणः संजीव

ईंट–भट्ठों पर भ्रमण व जांच–पड़ताल करती पुलिस।

सदर कोतवाली पुलिस ने ईंट-भट्ठों का किया निरीक्षण

Young Writer, चंदौली। विधानसभा चुनाव-2022 के मद्देनजर एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री व परिवहन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने के लिए ईंट-भट्ठों के भ्रमण पर रही। इस दौरान चंदौली कोतवाल संजीव मिश्रा ने मुख्यालय के आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थित ईंट-भट्ठों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान भट्ठा मालिकों व श्रमिकों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी ईंट-भट्ठों पर अवैध शराब के निर्माण व उसका उपयोग ना हो। यदि इसकी पुष्टि होती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्यवाही करेगी।

ईंट–भट्ठों पर अवैध शराब निर्माण व उसके सेवन की जांच पड़ताल करती कोतवाली पुलिस।

उन्होंने बताया कि अवैध तरीके से निर्मित शराब आप सभी के लिए जहरीली एवं जानलेवा हो सकती है लिहाजा इसके निर्माण के साथ-साथ इसके सेवन से परहेज करें। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया गतिमान है। ऐसे अवैध देशी शराब की डिमांड बढ़ जाती है। यही वजह है कि ईंट-भट्ठों पर अवैध शराब के निर्माण की निरंतर शिकायतें मिलती है। पूर्व में जहरीली अवैध शराब पीने से हुई मौतों को संज्ञान में लेते हुए निर्वाचन आयोग व शासन के निर्देश पर अवैध शराब निर्माण पर सख्ती बरती जा रही है। कोतवाल ने बिछियां कला, डिग्घी, कोड़रिया, बसिला, नई बाजार, नसीरपुर आदि गांवों में स्थित ईंट भट्ठों पर भ्रमण किया। वहां काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों से बातचीत कर उन्हें जागरूक किया। कहा कि यदि किसी भी ईंट-भट्ठे पर अवैध शराब का निर्माण हो तो उसकी सूचना पुलिस को दें और ऐसी शराब के सेवन से बचे। साथ ही उन्होंने किसी भी तरह की आपराधिक व अवांछनीय गतिविधियों की सूचना कोतवाली पुलिस को देने का आह्वान किया, ताकि चुनाव में शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रहे। इस अवसर पर रूप नारायण, सुनील त्रिपाठी, श्याम कुमार यादव, चंद्रशेखर यादव, राजकुमार, संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे।

Chandauli
overcast clouds
32.1 ° C
32.1 °
32.1 °
59 %
3kmh
100 %
Fri
33 °
Sat
36 °
Sun
35 °
Mon
36 °
Tue
36 °

You cannot copy content of this page

Verified by MonsterInsights