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Friday, July 24, 2026

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सात फरवरी तक जमा होगी शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस

आबकारी आयुक्त द्वारा जारी शासनादेश।

Young Writer, चंदौली। शराब व बियर आदि की फुटकर दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया को मुकम्मल कराने में जद्दोजहद कर रहे अनुज्ञापियों के लिए राहत भरी खबर है। आबकारी आयुक्त ने ई-लाटरी पोर्टल के जरिए बेसिक लाइसेंस फीस व वार्षिक लाइसेंस फीस की 50 प्रतिशत धनराशि जमा करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए जमा फीस जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी से बढ़ाकर सात फवरी कर दी गयी है, ताकि किसी भी अनुज्ञापि को नवीनीकरण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
विदित हो कि इन दिनों शराब व बियार आदि दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। आनलाइन फार्म भरने के बाद जब अनुज्ञापियों ने बेसिक लाइसेंस फीस व वार्षिक लाइसेंस फीस का 50 प्रतिशत धनराशि जमा करने के लिए ई-लॉटरी पोर्टल पर लागिन करने का प्रयास किया तो तकनीकी समस्याओं के कारण अनुज्ञापियों को दिक्कतें हुई। इसके बाद अनुज्ञापियों ने समस्या की शिकायत जिला आबकारी अधिकारी के माध्यम से शासन तक पहुंचाई। शासन ने इस समस्याको संज्ञान में लेते हुए लाइसेंस फीस जमा करने की तिथि को विस्तारित करते हुए सात फरवरी निर्धारित कर दिया है। इस आशय का पत्र आबकारी आयुक्त की ओर से सभी जिला आबकारी अधिकारियों जारी किया है।

उम्दा कार्य करने वाले शिक्षकों को मिला सम्मान

Young Writer, चंदौली। श्री अरबिंदो सोसाइटी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में चलाए जा रहे कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिक निभाने वाले 42 शिक्षक शनिवार को बीएसए कार्यालय में सम्मानित हुए। इन शिक्षकों के सम्मान में बकायदा समारोह आयोजित हुआ, जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस दौरान श्री अरबिंदो सोसाइटी की तरफ से आशुतोष त्रिपाठी और रितेश उपाध्याय ने सोसाइटी द्वारा जिले में निरंतर किए गए कार्यों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। बीएसए ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अरविंदो सोसायटी द्वारा किए गए सहयोग की सराहनीय है। उन्होंने अपने संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग व श्री अरबिंदो सोसायटी को कंधे से कंधा मिलाकर शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। साथ ही भविष्य में संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित व जागरूक किया। इस दौरान कार्यक्रम जिला प्रशिक्षण और गुणवत्ता मनोज सिंह भी मौजूद रहे। अंत में सचिन कुमार सिंह, डा. सुनीता तिवारी, चरनजीत कौर, सचिन सिंह, धीरेंद्र सिंह, शुचिता पाण्डेय, प्रिया पाण्डेय, प्रवीण उपाध्याय, वारिज कपूर समेत कुल 42 शिक्षकों को बीएसए सर के द्वारा सम्मानित किया गया।

ग्राम सचिवालय बेहाल, आखिर कैसे काम करेंगे पंचायत सहायक?

Young Writer, इलिया। आजादी के बाद 02 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ करने वाले देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू होते तो वह ग्राम पंचायतों की दुर्दशा को देख जरूर रो पड़ते। जी हां! उन्हीं पंचायतों की हो रही है जो ग्रामीण इलाकों को विकसित व सशक्त बनाने की परिकल्पना के साथ गठित व क्रियान्वित की गयी। लेकिन इस स्वायत्त संस्था के संचालन में कहीं न कहीं किसी स्तर पर ऐसी चूक हुई कि संस्था के सशक्तीकरण के सपनों को पंख नहीं लग सके। हालांकि सरकारों को पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए समय-समय पर कई नवाचार किए। नवीन प्रयोगों से ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ होने की आस भी जगी, लेकिन हर बार ग्राम पंचातय के वाशिदों को आपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया। आज स्थिति यह है कि देश की सबसे छोटी मगर सशक्त पंचायत का सचिवालय ही दुव्यवस्थाओं की जद में है। कहीं इस पर अवैध अतिक्रमण का साया है तो कहीं यह मरम्मत, रखरखाव व उपेक्षा के कारण अखण्डर में तब्दील हो गयी है।

हाल-फिलहाल यूपी सरकार ने पंचायतों के कामकाज में कम्प्यूटर के बढ़ते हस्तक्षेप को दृष्टिगत रखते हुए पंचायत सहायक कम कम्प्यूटर आपरेटर पदों पर भर्ती किया। भर्ती प्रक्रिया में ही पक्षपात व कतिपय लोगों को अनैतिक ढंग से लाभ देने के आरोप लगे और शिकायतों का क्रम अभी भी बना है। बावजूद इसके जैसे-तैसे पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण हुआ और अब उनकी तैनाती की प्रक्रिया को मुकम्मल किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जिन पंचायतों में सचिवालय नहीं है या अस्तित्व खोते जारहे हैं वहां ये कम्प्यूटर आपरेटर कहां बैठेंगे, जिनका कम्प्यूटर कहां स्थापित होगा। इनके कार्यस्थल का चयन पंचायतें कैसे करेंगी। इस तरह के तमाम बुनियादी सवाल है जो आज ग्राम पंचायतों की जनता शासन-प्रशासन से कर रही है। लेकिन इन सवालों के जवाब उन्हें नहीं मिल पाएं। नजीर के तौर पर शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र के कुछ ग्राम पंचायतों को ही ले लीजिए। बात करें महड़ौर ग्राम सचिवालय की तो पूरी की पूरी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, जिसे झाड़-झंखाड़ ने पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया है। साथ ही वहां कब्जे कब्जा व अतिक्रमण करके अरहर की फसल को बो दिया गया है। स्थिति यह है कि वर्तमान में वहां जानवर के बैठ न पाए। ऐसे में पंचायत सहायकों के बैठने की बात भी सोचना बेमानी होगी। वहीं भुड़कुड़ा पंचायत दुर्दशाग्रस्त है, लेकिन यहां की स्थितियों को थोड़े प्रयास से संभाला जा सकता है। इसी तरह कई ग्राम पंचायतें ऐसी है जहां पंचायत भवन पर अवैध कब्जा कायम है। वहीं कई ग्राम पंचायतों में सचिवालयों का अस्तित्व ही हासिए पर चला गया है। पंचायत विभाग के सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायतों की अगली कार्ययोजना में ग्राम प्रधान के साथ ही पंचायतों के मानदेय आहरित होने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है। यह बात दीगर है कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों ने अभी काम भी शुरू नहीं किया है, लेकिन उनके मानदेय के बंदोबस्त की व्यवस्था को प्रक्रिया में ला दिया गया है। अब देखना यह है कि पंचायतों की इस गंभीर पंचायत का निबटारा कब तक और कैसे हो पाता है।

भुड़कुड़ा स्थित दुर्दशाग्रस्त ग्राम सचिवालय (पंचायत भवन)

इस बाबत शहाबगंज बीडीओ दिनेश सिंह ने बताया कि अभी इस तरह का कोई मामला में संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का मामला है तो सोमवार को बैठक कर प्रत्येक गाँव के सचिवों से जानकारी ली जाएगी और जानकारी लेकर के व्यवस्था सुदृढ़ कराया जाएगा।

लोक के आलोक में विराट है तंत्र

हृदय नारायण दीक्षित

Young Writer, साहित्य पटल। लेखकः उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित की कलम से

अस्तित्व विस्मय पैदा करता है। यह बहरूपिया है। इसके अनेक रूप हैं। अनेक नाम है। परिचित है अनेक बिना जाने हुए अपरिचित। प्रत्यक्ष अनुभूति में यह ‘लोक’ है। नाम रूपों से भरापूरा लोक आलोक में देखा जाता है। इसका अंदरूनी तंत्र भी विराट है। जैसा लोक वैसा तंत्र। इसका हरेक घटक स्वतंत्र जान पड़ता है। लेकिन आंतरिक अनुभूति में प्रत्येक घटक परस्परावलम्बन में है। अस्तित्व नियमबद्ध हैं। वैज्ञानिकों ने भी सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुद्ध आदि ग्रहों को नियमबद्ध पाया है। इस नियमबद्धता के प्रति भी सबके अनुभव भिन्न-भिन्न हैं। ऐसे नियम शाश्वत कहे जा सकते हैं लेकिन प्रकृति ने हरेक प्राणी को कर्म स्वातंन्न्य भी दिया है। इस स्वातंन्न्य के उपभोग की दृष्टि भी भिन्न-भिन्न है। मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं है। प्रकृति और हरेक जीव में अन्तर्विरोध हैं। प्रकृति ने जीवन का अवसर दिया है लेकिन प्रकृति की शक्तियां जीवन की परवाह नहीं करती। वे अपनी मस्ती और लय में गतिशील हैं। आंधी, भूकम्प, बाढ़ या गर्मी, सर्दी और हिमस्खलन सभी प्राणियों को प्रभावित करते हैं।
सभी प्राणी जीना चाहते हैं। जिजीवीषा या जीने की इच्छा भी प्रकृति की ही देन हैं। मुख्य बात है मनुष्य और प्राणी का कर्म स्वातंन्न्य या विचार स्वातंन्न्य। लोकतंत्र में विचार स्वातंन्न्य ही उच्चतर मूल्य है। विचार प्रकट करने में भाषा की भूमिका है और भाषा-वाणी में संयम और मधुमयता की। भारत में विचार अभिव्यक्ति का स्वातंन्न्य है। लेकिन राजनैतिक दलतंत्र में मधुमयता का अभाव है। यहां आरोप प्रत्यारोप मर्माहित करते हैं। व्यक्तिगत आरोपों से जनतंत्र को क्षति होती है। आरोपों प्रत्यारोपों की भी मधुमय अभिव्यक्ति कठिन नहीं। अपमानजनक शब्दों से बचा जा सकता है। सम्मानजनक अभिव्यक्ति के माध्यम से असहमति प्रकट करना ही सम्मानजनक तरीका है। लेकिन दलतंत्र में परस्पर सम्मान का अभाव है।
आखिरकार आरोपों की कटुता का मूल कारण क्या है? क्या भारतीय भाषाएं सम्मानजनक असहमति प्रकट करने का उपकरण नहीं हैं? क्या वे अपर्याप्त है? आखिरकार अपमानजनक शब्दों का चलन राजनीति की अपरिहार्यता है? क्या अपमानजनक कथन से ही सामाजिक या आर्थिक परिवर्तन के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं? क्या चुनावी जीत के लिए अपमानजनक व्यक्तिगत आरोपों का कोई विकल्प नहीं है? दलतंत्र व्यक्तिगत आरोपों-प्रत्यारोपों को ही क्यों महत्व देता है? हम विश्व के सबसे बड़े जनतंत्र हैं। तो भी वैचारिक असहमति के प्रकटीकरण में मधुमयता का अभाव है। दलतंत्र मधुरसा नहीं है। यह संस्कृति से प्रेरित नहीं हैं। भारतीय परंपरा मधुमय है। समूचा वैदिक साहित्य मधुरस से लबालब है। प्राचीन भारत में मधुमयता के बोध को मधुविद्या कहा गया है। छान्दोग्य उपनिषद् में मधु विद्या का उल्लेख है। यहां “सविता-सूर्य को देवताओं का मधु कहा गया है – असौ आदित्यो देवमधु। अन्तरिक्ष मधु का छत्ता है और सूर्य किरणें मधुकरों के पुत्र हैं।”
वैदिक पूर्वजों का हृदय मधुमय है। उन्हें सूूर्य किरणें भी मधुमय प्रतीति होती हैं। इसी के भाष्य में शंकराचार्य बताते हैं – उस सूर्य रूप मधु की पूर्व दिशागत किरणें पूर्व – मधु नाडियां है ऋचाएं मधुकर हैं। वे मधु उत्पन्न करती है। ऋग्वेद पुष्प है। ऋग्वेद से यश, तेज, बोध और मधुुरस आये। सूर्य का रूप तेजस् है, वह रस है।” यह रस मधुमय है। पृथ्वी गंधमय है। जल के बिना जीना असंभव। सूर्य ही मधु रस के दाता विधाता हैं। सूर्य की दक्षिण दिशा को आवृत्त करने वाली रश्मियों को यजुर्वेद की श्रुति बताते हैं और मंत्रों को मधुकर। इसी तरह पश्चिमी-रश्मियों को साम बताते हैं और साम कर्मो को पुष्प। फिर इतिहास-पुराण को भी मधुमय बताते – मधुकृत इतिहास पुराणं। फिर कहते हैं “ये ही रसों के रस हैं। वेद रस हैं। ये उनके भी रस है। ये अमृतों का अमृत हैं। ‘अमृतों का अमृत’ प्यारी अनुभूति है। अमृत कोई द्रव्य या पदार्थ नहीं है कि पिये और अमर हो गये। अमृत सम्पूर्णता के साथ सदा अस्तित्वमान रहने की आन्तरिक अनुभूति है। वेद-रस उन्हीं “अमृतों का अमृत” हैं। लोक स्वाभाविक ही मधुरसा है।
बृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य ने मधुमयता का मूलतत्व समझाया है, “इयं पृथ्वी सर्वेषा भूतानां मध्वस्यै पृथिव्यै सर्वाणि भूतानि मधु – यह पृथ्वी सभी भूतो (मूल तत्वों) का मधु है और सब भूत इस पृथ्वी के मधु।” इसी प्रकार ‘यह अग्नि समस्त भूतों का मधु है और समस्त भूत इस अग्नि के मधु हैं।” फिर कहते हैं, “यह वायु समस्त भूतों का मधु है और समस्त भूत वायु के मधु हैं।” फिर आदित्य और दिशा चन्द्र, विद्युत मेघ और आकाश को भी इसी प्रकार ‘मधु’ बताते हैं। फिर कहते है “यह धर्म और सत्य समस्त भूतों का मधु है और समस्त भूत इस सत्य व धर्म के मधु है।” फिर “मनुष्य को भी इसी प्रकार मधु बताते है।” मधु अनुभूति राष्ट्र को मधुमय बनाने की अभीप्सा है। यह मधुमती और मधुरसा है और हमारे पूर्वजों की परम आकांक्षा है। यह भौतिक जगत् का माधुर्य है, दर्शन में परम सत्य है, और अंततः सम्पूर्णता है। मनुष्य इसी विराट प्रवाह की मधु इकाई है। मनुष्य को मधुमय आच्छादित होना ही चाहिए। ज्ञान सदा से है। उसका प्रवचन सृष्टि रचना के बाद हुआ। आनंद प्राप्ति की मधुरसा विद्या बहुत पहले से है। शंकराचार्य अपने भाष्य में बताते हैं “यह मधु ज्ञान हिरण्यगर्भ ने विराट प्रजापति को सुनाया था। उसने मनु को बताया और मनु ने इक्ष्वाकु को बताया।” भारत में सर्वत्र व्याप्त मधुरस की पहचान और मधुमय मधुविद्या का प्रबोधन लगातार हुआ है। उपनिषद् में कहते हैं अरूण पुत्र उद्दालक को अपने पिता से मिला था।” मधुविद्या और मधु अनुभूति आसान नहीं। सुनना या पढ़ना उधार होता है। अनुभूति अपनी है। गीता के श्रीकृष्ण ने यही ज्ञान परम्परा दोहराते हुए अर्जुन से कहा कि काल के प्रभाव में यह ज्ञान नष्ट हो गया। आधुनिक काल में भी यही स्थिति है।
संवेदनशीलता गहन आत्मीय भाव है। संवेदनशीलता में पशुओं, पक्षियों के दुख भी हम सबको आहत करते हैं। जितनी गहन संवेदना उतनी ही गहन आत्मीयता। वाल्मीकि तमसा नदी के तट पर थे। क्रौंच पक्षी को तीर लगा। तीर पक्षी को लगा, लेकिन उससे भी ज्यादा घायल हुआ वाल्मीकि का अन्तस्। उनकी गहन संवेदना में काव्य उगा। भारतीय इतिहास का यह संवेदनशील रूपक विश्व के सभी कवियों, साहित्यकारों के लिए अविस्मरणीय क्षण है। लेकिन हम सबकी संवेदनाएं नहीं जगतीं। राजनीति राष्ट्र निर्माण का मधुमय अधिष्ठान है। राजनीति सामाजिक कार्य का ही भाग है। सो उसको भी मधुरसा होना चाहिए। हम सब प्राणी, वनस्पतियां, औषधियां और सभी जीव सूर्य के प्रभाव में है। ऋग्वैदिक ऋषि निवेदन करते हैं “हम सब विषभाग को सूर्य किरणों के पास भेजते है। वे इस विष से प्रभावित नहीं होते। बताते हैं पक्षी भी विष के प्रभाव में नहीं मरते, हम पर भी विष का प्रभाव नहीं पड़ता – अस्य योजनं हरिष्ठा मधु त्वा मधुला चकार। मधुमयता विष को अमृत बनाती है।” सूर्य विष निवारण करते हैं। मधुविद्या विष को अमृत बनाती है।” यहां बार-बार मधुविद्या का उल्लेख है। मधुविद्या अमरत्व है। विष और अमृत वस्तुतः मृत्यु और अमरत्व के प्रतीक हैं। जैसे विष सत्य है, अस्तित्व में है, वैसे ही अमृत भी सत्य है, अस्तित्व में है। मृत्यु सत्य है अमृतत्व भी सत्य है। मृत्यु और अमरत्व विरोधी नहीं हैं। दोनो साथ हैं। पक्ष सत्य है, विपक्ष भी सत्य है। सहमति का मूल्य है और असहमति का भी। असहमति के प्रकटीकरण में विष नहीं अमृत भाव चाहिए। विष पीकर शिव होने जैसा प्रगाढ़ भाव।

मुगलसराय से छब्बू पटेल‚ सैयदराजा से विमला देवी बिंद व चकिया रामसुमेर राम बने प्रत्याशी

मुगलसराय से कांग्रेस प्रत्याशी छब्बू पटेल।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले, युवा व आधी आबादी होंगे यूपी में जीत के सूत्रधार
Young Writer, चंदौली। यूपी विधानसभा चुनाव-2022 की खुमारी तेजी से लोगों के सिर चढ़ रही है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की घोषणाओं के साथ ही चुनावी रंग तेजी से चटख हो रहा है। इसी बीच कांग्रेस ने चंदौली जनपद में सकलडीहा के बाद मुगलसराय‚ सैयदराजा व चकिया विधानसभा से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता छब्बू पटेल को मुगलसराय से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी सतीश बिंद की पत्नी विमला देवी बिंद व अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चकिया विधानसभा से रामसुमेर राम को पार्टी का चेहरा बनाया है। प्रत्याशी चयन के साथ ही कांग्रेस ने यह संदेश दिया है कि बिंद समाज समेत तमाम अतिपिछड़ी जातियों के वोट पर उसकी पैनी नजर है। देखा जाए तो पटेल व बिंद समाज के वोट में सपा के कई नेताओं की निगाहें लम्बे समय से टिकी थी, लेकिन अभी तक समाजवादी पार्टी ने मुगलसराय में अपना पत्ता नहीं खोला है। ऐसे में कांग्रेस ने फ्रंट फूट पर खेलते हुए छब्बू पटेल को बतौर प्रत्याशी उतार कर अपने चुनाव लड़ने और उसे जितने के जज्बे को प्रदर्शित किया है।

सैयदराजा प्रत्याशी विमला देवी बिंद।

कांग्रेस ने सैयदराजा में बिंद समाज के वोट बैंक काे देखते हुए उनके स्वजातीय सतीश बिंद की पत्नी विमला देवी बिंद को प्रत्याशी बना दिया। जो पूर्व में कठोरी गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य रहीं। 2015-2020 के बीच ग्राम प्रधान का दायित्व भी संभाल चुकी हैं। कांग्रेस का यह दांव उनके तमाम बिंद नेताओं की दावेदारी को प्रभावित करेगा। जो एकल अपने स्वजातीय वोट बैंक के आधार पर किसी भी दल से टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस की इस दांव से उन तमाम बिंद समाज के नेताओं का तिलिस्म टुटने की संभावनाएं अभी से जाग उठी हैं। फिलहाल कांग्रेस ने अपने फैसले से सैयदराजा में अपनी मजबूती दावेदारी और पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के जज्बे को भी प्रदर्शित किया है। वहीं मुगलसराय में पिछड़ी जाति के छब्बू पटेल काे अपना प्रत्याशी बनाया है। छब्बू पटेल पुराने भाजपा नेता रहे और लम्बे समय तक उन्होंने मुगलसराय विधानसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व किया‚ लेकिन विचाराधारा के टकराव के कारण उन्होंने भाजपा छोड़ दिया था। वहीं चकिया विधानसभा से रामसुमेर राम को टिकट दिया गया है जो प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए और पढ़े–लिखे व्यक्तित्व के रूप में उनकी पहचान स्थापित है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र तिवारी का कहना है कि पार्टी उन तमाम फैक्टर्स पर काम कर रही है तो उनके जनाधार में जान फूंक दे। यहां जातीय समीकरणों को साधने के साथ ही समर्थन व लोगों के रुझान को वोट में बदलने के लिए कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर उन्हें फिल्ड में उतार दिया गया है जो जहां है वहीं से कांग्रेस के लिए वोट जुटाने के काम में लग गया है। पार्टी ने सकलडीहा के साथ ही सैयदराजा में प्रत्याशी उतारकर अपनी मंशा को स्पष्ट कर दिया है। कांग्रेस यूपी में दमदार वापसी की राह पर है। यूपी चुनाव के रण को कैसे लड़ना और जीतना है इसका पूरा खाका यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के नेतृत्व में तय हो गया है और चंदौली कांग्रेस पार्टी के फार्मुले को जनपद के चारों विधानसभा इलाकों में लागू कर मजबूती के साथ मतदान तिथि तक तटस्थ रहेगी। कहीं भी चूक की कोई गुंजाइश नहीं है। संगठन में जो भी कमियां व खामियां है उसे दुरूस्त किए जा रहे हैं। पार्टी के ढिले हो चुके कल-पुर्जों को कसा जा रहा है ताकि चुनाव में वैसी कोई गलती न हो तो कांग्रेस उम्मीदवार के परिणाम को प्रभावित करे। पूरा का पूरा संगठन नई ताकत और ऊर्जा से लबरेज है। अबकी बार युवाओं के साथ ही आधी आबादी का भरपूर साथ व सहयोग कांग्रेस को मिलता दिख रहा है, जो यूपी में कांग्रेस की जीत का सूत्रधार बनेगी।

धानापुर के रेहान खान बने सयुस के प्रदेश सचिव

रेहान खान।

Young Writer, धानापुर। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने धानापुर निवासी रेहान खान को प्रदेश सचिव नामित किया है। इसके पूर्व रेहान खान मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष के तौर पर जनपद में संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी के प्रति उनकी सक्रियता व समर्पण भाव को देखते हुए समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश कार्यकारिणी में उन्हें जगह देते हुए सचिव पद का दायित्व सौंपा गया है। उनके मनोनयन की सूचना पर युवा सपाइयों ने रेहान खान को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करने के साथ ही माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मानित किया। उधर, रेहान खान ने कहा कि युवा साथियों के साथ विधानसभा चुनाव-2022 में समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूती प्रदान करने का काम प्राथमिकता के साथ किया जाएगा। समाजवादी पार्टी ने हमेशा आमजन के हितों की बात की है और उस दिशा में काम करके दिखाया है। अब चाहे 300 यूनिट मुफ्त बिजली हो या समाजवादी पेंशन योजना ये सभी योजनाएं सीधे तौर पर गरीब व आम आदमी को लाभ पहुंचाने का काम करेगी। इस योजनाओं का जमकर प्रचार–प्रसार किया जाएगा।

विधानसभा चुनाव-2022 को सम्पन्न कराएंगे 1128 मतदान कर्मी

महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज प्रशिक्षण संबंधित जानकारी देते अफसर।

चुनाव के मद्देनजर जिलाधिकारी ने किया प्रथम रैण्डमाइजेशन कार्य

Young Writer, चंदौली। विधानसभा चुनाव-2022 को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी सजीव सिंह द्वारा शुक्रवार को प्रथम रैण्डमाईजेशन का कार्य सम्पन्न किया गया। चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए 11228 कर्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें 2647 पीठासीन अधिकारी, 2727 प्रथम मतदान अधिकारी, 3269 द्वितीय मतदान अधिकारी तथा 2590 तृतीय मतदान अधिकारी के रूप में बूथों पर तैनात रहेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी संजीवन सिंह ने बताया कि पीठासीन एवं प्रथम मतदान अधिकारियों के प्रथम प्रशिक्षण का कार्य महेन्द्र टेक्निकल इंटर कालेज सात फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगी। इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं तृतीय मतदान कार्मिकों की भी प्रशिक्षण में उपस्थिति अनिवार्य होगी। उनके द्वारा भी प्रशिक्षण स्थल पर बने काउण्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जायेगी। रैमण्डमाईजेशन के आधार पर 11228 लगाये गये कार्मिकों की सूची मुख्य चिकित्साधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। जिनके द्वारा 31 जनवरी तक सभी मतदान कर्मियों व अधिकारियों को कोविड-19 का प्रथम, द्वितीय एवं बूस्टर डोज लगाने का कार्य हर-हाल में पूर्ण किया जाएगा। प्रशिक्षण का कार्य महेन्द्र टेक्निकल इण्टर कालेज के 19 कक्षों में सम्पन्न किया जायेगा। प्रत्येक कक्ष में 40 कार्मिकों के लिए ईवीएम एवं सामान्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण हेतु ईवीएम के लिए 73 मास्टर ट्रेनर एवं सामान्य प्रशिक्षण हेतु 46 प्रशिक्षक चिन्हित किये गये हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरान्त सभी कार्मिकों का मतदान प्रक्रिया की जानकारी से सम्बन्धित टेस्ट भी लिया जाएगा। सभी मतदान कार्मिक नियत तिथि एवं समय पर प्रशिक्षण स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा समयबद्ध तरीके से पूरा प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराने की भी व्यवस्था रहेगी। प्रशिक्षण में जो कार्मिक अनुपस्थित होंगे उनके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। अतः सभी मतदान कार्मिक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण में उपस्थित होना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण का कार्य गुणवत्तापूर्वक समयबद्ध तरीके से ससमय सम्पन्न कराये जाने के निर्देश दिये गए।

चंदौली दो प्रेमी युगल ने ट्रेन के सामने आकर अपनी ईलीला की समाप्त,परिजनों में मचा हड़कंप


चंदौली।सदर कोतवाली क्षेत्र के लीलापुर गांव के समीप शुक्रवार को गांव के रेलवे ट्रैक पर किशोर किशोरी का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी।आस पास के ग्रामीणों की सूचना पर घटना स्थल पर पहुची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पताल ले आयी और आगे की कार्यवाही में जुट गयी।

बताते है कि सदर कोतवाली क्षेत्र के बिसौरी गांव निवासी गुड्डू कुमार का पुत्र रोहित कुमार 16 वर्ष जो सैयदराजा में पेंटर का काम करता था पडेया गांव निवासी रामबिलास की पुत्री पायल कुमारी 13 वर्ष जो बालिका इंटर कालेज कक्षा 9 की छात्रा थी उसका वर्षो से रोहित के साथ प्रेम चल रहा था। दोनों शादी करने के फिराक में थे।लेकिन परिजनों के मना करने पर दोनों नाराज हो कर घर से गायब हो गए। परिजनों ने काफी खोजबीन किया लेकिन दोनों का पता नही चल पाया। गुरुवार की देर रात लीलापुर गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर दोनों का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गया। सुबह टहलने के लिए निकले ग्रामीणों ने देखा तो तत्काल उसकी सूचना पुलिस को दिए मौके पर पहुची कोतवाली पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले आयी। जैसे ही मौत की खबर परिजनों को मिली परिजनों में कोहराम मच गया।लोग रोते बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुच गए। इस दौरान एसआई रामकुमार यादव ने बताया कि लीलापुर रेलवे ट्रैक पर किशोर किशोरी का शव मिला है। जिसकी शिनाख्त हो गयी है मृतक के परिजनों को सूचना दे दिया गया है। दोनों शवों को कब्जे में कर आगे की कार्यवाही किया जा रहा है।

कीनाराम दरबार पहुंचे सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव

बाबा कीनाराम दरबार में मत्था टेकते सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव।

Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी से सकलडीहा विधानसभा से टिकट पाने के बाद सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव शुक्रवार को रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम दरबार पहुंचे। इस दौरान सर्वप्रथम उन्होंने बाबा कीनाराम मठ में मत्था टेका और पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर जनकल्याण की कामना की। साथ ही जीत के साथ ही अधूरे रह गए जनकल्याण के कामकाज को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कीनाराम मठ में दर्शन-पूजन के साथ ही सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने अपने चुनावी प्रचार-प्रसार का औपचारिक आगाज भी किया। कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि जनसम्पर्क के जरिए जन-जन तक सपा की पहुंच बनाएं।

समाजवादी पार्टी ने सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव एक बार फिर भरोसा जताया है। बीते गुरुवार को जारी सपा प्रत्याशियों की तीसरी सूची में सकलडीहा से प्रभुनारायण सिंह यादव को सकलडीहा विधानसभा-381 से उम्मीदवार बनाया है। इसकी जानकारी सकलडीहा प्रभुनारायण सिंह यादव ने अपने फेसबुक वाल पर सपा के प्रत्याशियों की सूची को पोस्ट करके दिया। इसके बाद सकलडीहा क्षेत्र के सपाइयों व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव के समर्थकों में खुशी की लहर देखने को मिली। प्रभुनारायण सिंह यादव वह शख्सियत हैं जिन्होंने ग्राम प्रधान से विधायक तक का सफर तय किया है। यानी वह सपा के एक ऐसे नेता हैं जो आज भी जमीन से जुड़े हुए हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र और उसके बाहर सभी वर्ग व संप्रदाय में उनकी अच्छी पकड़ है। शायद यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता को संज्ञान में लेते हुए पार्टी ने उन्हें टिकट देकर जीत को दोहराने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है। टिकट मिलने के बाद सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव शुक्रवार को सीधे रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम मठ पहुंचे और वहां मत्था टेका। इसके साथ ही अपनी जीत व जनकल्याण की मंगल कामना भी की। इस अवसर पर अनिल यादव, इंद्रजीत यादव अजीत, सुभाष यादव आदि उपस्थित रहे।

मालदह के पास झाड़ियों में मिला नवजात बालक

मालदह के पास मिला नवजात शिशु।

Young Writer, इलिया। जिस औलाद के लिए लोग नीम-हकीम के चक्कर काटते हैं। मन्नतें मांगते हैं। मंदिर-मजार मत्था टेकने के साथ ही पत्थर और पहाड़ तक को पूज डालते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ईश्वर के दिए अनमोल धन को मिलते ही उसे लावारिश हाल में छोड़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा इलिया थाना क्षेत्र के मालदह गांव के पास एक नवजात शिशु साल में लिपटा हुआ लावारिश हाल में मिला।

बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीण जब सड़क से गुजर रहे थे उन्हें बच्चे के रोने की आवाजे सुनाई दी। इस पर जब लोगों ने झाड़ियों के पास जाकर देखा तो झाड़ियों के बीच एक नवजात शिशु साल में लिपटा पड़ा है। उसके शरीर से नाड़ियां जुड़ी थी, जिसे देखकर यह प्रतीत हो रहा था कि उसे जन्मते ही किसी ने सड़क किनारे रख दिया होगा। जन्म के बाद जिस नवजात बालक को उसके मां की ममता, वात्सल्य की जरूरत थी। उसे चंद मिनटों में काली रातों में अकेला व हाड़-कंपाने वाली सर्द का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची इलिया थाना पुलिस ने नवजात की सेहत व उसकी सुरक्षा की दृष्टि से चकिया संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल नवजात बालक का स्वास्थ्य ठीक है और उसे चिकित्सकों की निगरानी में चकिया अस्पताल में रखा गया है। सड़क किनारे झाड़ियों में नवजात मिलने की सूचना आसपास के इलाके में तेजी से फैली और लोग उसे देखने के लिए मौके पर जमा हो गए। कई लोगों ने बालक का संरक्षण हासिल कर उसके लालन-पालन की भी इच्छा जाहिर की, लेकिन पुलिस ने पहले उसे चिकित्सकीय सेवाएं देने का निर्णय लिया और उसे जिला अस्पताल चकिया में भर्ती करा दिया है।

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