Young Writer, मुगलसराय। जनपद चंदौली के मिनी महानगर के नाम से जाने वाला शहर मुगलसराय आज भी जाम की समस्या से निजात नहीं पा रहा है, आए दिन जाम लगने के कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं। सड़क पर चलने वाले लोग जाम के कारण अपने गंतव्य को देरी से पहुंच रहे हैं। ऐसा प्राय देखा जाता है कि शहर में सुबह होते ही जाम लग जाता है जो देर शाम तक लगा रहता है। लोगों का कहना है कि जाम के कारण राहगीर के साथ-साथ पूरे नगर वासी परेशान हो रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जाम का मुख्य कारण पटरी पर हो रहा अतिक्रमण है। कतिपय दुकानदारों द्वारा पटरी पर किए जा रहे अतिक्रमण के कारण पैदल व साइकिल से चलने वाले लोग सड़क पर चलने से मजबूर हुए जिससे बड़ी गाड़ियों को जाम से जूझना पड़ रहा है, हालांकि प्रशासन द्वारा जाम छुड़ाने की कोशिश किए जाने के बाद भी आए दिन शहर में जाम लग जाता है। राहगीर सुरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि अगर आपको सुभाष पार्क से चकिया तिराहे पर जाना पड़ता है तो घंटों भर का समय लग जाता है जबकि यह दूरी मात्र 2 किलोमीटर की है। जाम के कारण वायु में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और लोग रोगी बनते जा रहे हैं। वायु प्रदूषण होने के कारण नगर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। संतोष गुप्ता ने कहा कि पहले नो एंट्री नहीं होने के कारण बड़ी गाड़ियों का शहरों में प्रवेश होता रहता था परंतु अब नो एंट्री लगने के बावजूद भी शहर में जाम लगना समझ से परे है। इसी तरह सुभाष नगर निवासी धर्मेंद्र मुखर्जी ने कहा कि मुगलसराय जाम के कारण अपनी सुंदरता को खोता रहा है जाम की वजह से वातावरण प्रदूषित हो रहा है प्रदूषण से आम जनजीवन प्रभावित होता है जिससे जिसमें बच्चे व बूढ़े सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं कहा कि प्रशासन को चाहिए कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस रूपरेखा बनाएं जिससे शहरवासियों को जाम से मुक्ति मिल सके
काशी में गंगा की लहरों के बीच ‘एक यात्रा केरल की‘ पुस्तक लोकार्पित
पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में वाराणसी व चंदौली के दिग्गज साहित्यकारों की रही उपस्थिति
Young Writer, वाराणसी डेस्क। राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन के प्रकाशक डा. विनय कुमार वर्मा द्वारा लिखित यात्रा वृत्तान्त पुस्तक “एक यात्रा केरल की” का लोकार्पण रविवार को काशी में गंगा की लहरों के बीच बजड़े पर हुआ। वाराणसी व चंदौली के दिग्गज साहित्यकारों की उपस्थिति में पुस्तक पर चर्चा भी हुई। सभी साहित्यकार प्रह्लाद घाट से बजड़े पर सवार हुए, तकरीबन तीन घंटे तक पुस्तक पर परिचर्चा हुई।

मुख्य अतिथि अपर महाप्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड विजय कुमार मिश्र उर्फ ‘बुद्धिहीन’ ने कहा कि यात्रा वृत्तांत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है। उन्होंने बताया कि वे खुद अमेरिका की यात्रा के बाद यात्रा वृत्तांत लिखे थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व डिप्टी कमिश्नर वाराणसी ओम धीरज ने कहा कि यह पुस्तक केरल राज्य का समुचित दर्शन कराती है। भविष्य के लिए भी यह पुस्तक काफी उपयोगी साबित होगी।
प्रसिद्ध साहित्यकार डा. इंदीवर ने कहा कि यात्रा वृत्तांत की चार आयाम होते हैं। पहला- आनन्द, दूसरा- दृष्टिबोध, तीसरा-रस संचार और चौथा – इतिहास, भूगोल व संस्कृति का भान। इस पुस्तक में उपरोक्त सभी आयाम उपलब्ध है। वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि यात्रा वृत्तांत को यात्रा के तुरन्त बाद में लिखना ही श्रेयस्कर माना जाता है बाद में व केवल संस्मरण बन कर रह जाता है। कहा कि इस पुस्तक की उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी।
वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी वाराणसी डा. संजय गौतम ने कहा यात्रा वृत्तान्त पुस्तक का लोकार्पण इस तरह बजड़े पर होना अपने आप में सुखद अनुभूति है। पूर्व प्राचार्य डा. अनिल यादव ने कहा कि विनय वर्मा में जानने की भूख है। ये कहीं भी जाते हैं तो उस स्थान के बारे में जानना चाहते हैं ।..और उससे भी अच्छी बात यह है कि जो जानते हैं वह सभी को बताना भी चाहते हैं। केरल यात्रा से वापस लौटने के बाद यह पुस्तक उसी का प्रमाण है।

अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डा. जितेंद्र मिश्र ने कहा कि इस यात्रा वृतांत में लेखक ने यह सिद्ध किया है वह आत्मश्लाघा से दूर हैं। इस पुस्तक में जितनी बातें जरूरी है उतनी है लिखी गई है। इस दौरान एल. उमाशंकर, सुरेंद्र वाजपेयी, केशव शरण, राजेन्द्र आहुति, प्रेम प्रकाश, दीनानाथ देवेश, अरुण आर्य, रामकृष्ण सहस्रबुद्धे, अजय चौबे, डा. वी साजु थॉमस ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। पुस्तक पर परिचर्चा में विषय प्रवेश सर्वप्रथम वरिष्ठ साहित्यकार रामजी प्रसाद ‘भैरव’ ने किया। पुस्तक के बारे में विस्तार से लेखक डॉ विनय कुमार वर्मा ने बताया साथ ही अभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर दयाराम जायसवाल, राजेश कुमार‚ आशीष सिंह, अभिषेक सेठ‚ सत्यम वर्मा‚ फतेह खान आदि लोग उपस्थित थे। संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डा. उमेश प्रसाद सिंह ने किया।
महात्मा गांधी के स्वच्छता के संदेश को अपनाए जन–जन
गोविंदपुर में भ्रमण के दौरान पार्क की सफाई करके दिया स्वच्छता का संदेश
Young Writer, प्रयागराज। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के संदेश को आज पूरा देश आत्मसात कर रहा है। अब चाहे क्षेत्र शहरी हो‚ कस्बाई हो या फिर ग्रामीण। युवा‚ नौजवान व बुजुर्ग सभी स्वच्छ भारत मिशन को अपने अंदाज में अपने–अपने–प्रयास से सफल बनाने में लगे हैं। इसी कड़ी में प्रयागराज के गोविंदपुर स्थित एक पार्क को साफ करके छात्रों द्वारा स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।

पिछले कुछ दिनों से छोटे बच्चों की शिकायत थी कि पार्क में बहुत गंदगी होने की वजह से उन्हें खेलने कूदने में समस्या हो रही है। जिसको संज्ञान में लेकर MNNIT के छात्र व जन सहयोग संस्थान के युवा उपाध्यक्ष प्रियांशु कुमार व उनके साथियों द्वारा जिसमें प्रकाश कुमार यादव, सत्यम मोदनवाल‚ उत्कर्ष वर्मा, शरद विश्वकर्मा, संदीप मिश्रा, विवेक विरमानी, शुभ मिश्रा, नैतिक कुमार व रवि गुप्ता ने पार्क को साफ व स्वच्छ बनाने में सहयोग व श्रमदान किया। पार्क को स्वच्छ कर लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया। व स्थानीय पार्षद जी से भविष्य में पार्क को स्वच्छ रखने में मदद करने का निवेदन किया गया। इस बाबत जनसहयोग संस्था के साथियाें ने कहा कि स्वच्छता सकारात्मक विचारों को जन्म देती है। हम सभी जिस समाज में रहते हैं उसे साफ रखने का नैतिक दायित्वबोध हम सभी के कंधों पर है। लिहाजा हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करना होगा। साथ ही उसे नजीर के तौर पर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना होगा‚ ताकि वे भी इस सकारात्मक मुहिम से जुड़ सकें।

कलम की धार है कलमकार की पहचानः दीपक सिंह
Young Writer, चंदौली। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन सकलडीहा तहसील इकाई की बैठक रविवार को रैथा गांव में सम्पन्न हुई। जिसमें संगठन की मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। मौके पर प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष यादव, जिलाध्यक्ष दीपक सिंह व सकलडीहा तहसील अध्यक्ष चंद्रजीत पटेल ने फरीदुद्दीन व नवीन राय को संगठन का सदस्य बनाया।
इस दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रदेश से लगायत अन्य प्रदेशों में मजबूती से पत्रकारों के हित के लिए संघर्ष कर रहा है।आपका जनपद प्रदेश में मजबूती से खड़ा है। संगठन की सोच है कि पत्रकारों को समाज मे मजबूती प्रदान कराया जाए। संगठन के मजबूती के लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी उपस्थिति ईमानदारी पूर्वक निभानी होगी। जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों को अपनी कलम की धार को मजबूत करने की जरूरत है। आपकी कलम की ताकत ही आपकी पहचान है। समाज हित के लिए अपनी कलम की धार को चलाने का काम करें। आपका संगठन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आज जनपद में उपजा पत्रकारो का सबसे मजबूत व बड़ा संगठन है।संगठन में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता है। पत्रकार को अपनी छवि बनाने के लिए लेखनी को मजबूत करना होगा। संगठन पत्रकारों के हित के लिए सदैव तैयार है। पत्रकारों के हित के लिए संगठन हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। तहसील अध्यक्ष चंद्रजीत पटेल उर्फ सोनू ने कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता हमेशा आवाम के साथ खड़ी रही है। पत्रकार समाज में व्याप्त कुरीतियों, सत्ता-शासन की कमियों व खामियों को पटल पर लाकर उसमें गुणात्मक सुधार की दिशा में प्रयासशील रहा है और लोकतंत्र की मजबूती के लिए कलमकारों को ऐसे ही दृढ़ता व मजबूती के साथ असहाय व पीड़ित पक्ष के हक में खड़ा रहने की जरूरत है। इस मौके पर रविशंकर पांडेय, शंकर गुप्ता, अजय सिंह राजपूत, नीरज अग्रहरि, मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, पुनवासी यादव, चंद्रशेखर राय, अनिल गुप्ता, महेंद्र गोडसे आदि रहे।
मुगलसराय पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़
पुलिस ने कुंडा खुर्द गांव में गंगा किनारे से एक व्यक्ति को पकड़ा
Young Writer, मुगलसराय। सीओ सदर अनिल राय की अगुवाई में मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान में कुण्डा खुर्द गांव में गंगा किनारे से एक व्यक्ति को पकड़ा, जिसके पास से निर्मित व अर्द्धनिर्मित अवैध असलहा व असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए। साथ ही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने उक्त कार्यवाही मुखबिर खास की सूचना पर करते हुए बड़ी संख्या में अवैध असलहे बरामद किए। उक्त प्रकरण की सीओ सदर ने रविवार को खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय ब्रजेश चन्द्र तिवारी के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे चेकिंग अभियान के क्रम में मुखबिर से सूचना मिली कि कुण्डा खुर्द गांव में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही है। सूचना के बाद हरकत में आयी मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने कुण्ड खुर्द गांव में गंगा के तटीय इलाके में छापेमारी कर संजय शर्मा नामक एक व्यक्ति को पकड़ा और पूछताछ के बाद युवक की निशानदेही पर पुलिस ने अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए निर्मित, अर्द्धनिर्मित अवैध असलहों व उपकरणों को बरामद किया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह असलहा बनाने का कार्य करता है। जिस पर पुलिस संबंधित धारा लगाते हुए अग्रिम कार्रवाई करने में जुट गई गिरफ्तार व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय बृजेश चंद्र तिवारी सहित अन्य पुलिस टीम मौजूद रही। सीओ सदर ने बताया कि पुलिस की इस कार्यवाही से अपराध नियंत्रण में प्रभावी मदद मिलेगी। पुलिस लगातार अपराधियों की धर-पकड़ के लिए अभियान चला रही है ताकि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया जा सके।
चंदौली डाकघर के पास पुलिया में पुलिस ने लगाया अवरोधक
कचहरी के पास बाइकों की भीड़ बढ़ने से जाम लगने की आशंकाएं बढ़ी
Young Writer, चंदौली। सावधान! यदि आप सोमवार को चंदौली किसी जरूरी काम से आ रहे हैं तो आप अपने काम के लिए अतिरिक्त समय निकालकर आइए। क्योंकि सोमवार को चंदौली भीषण जाम की चपेट में होगा। जी हां! यह कोई भविष्यवाणी नहीं, बल्कि चंदौली मुख्यालय पर यातायात को लेकर पुलिस-प्रशासन की गई नई व्यवस्थाओं से होने वाली समस्या का पूर्वानुमान है। अमूमन चंदौली हमेशा जाम की जद में रहती है। ऐसे में चंदौली पुलिस ने रविवार को यातायात व्यवस्था में एक ऐसा बदलाव किया है, जिससे चंदौली कचहरी के पास भीषण जाम लगना लगभग तय है। क्योंकि पुलिस ने डाकघर के समक्ष छोटी पुलिस में बाइक व साइकिल आवागमन को रोकने के लिए लोहे का अवरोधक लगा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को फजीहत बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। इससे स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश दिया।
लोगों का कहना था कि डाकघर के पास छोटी पुलिया बाइक व पैदल आवागमन का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। जहां दोनों तरफ ठेला-खुमचा व प्रतिदिन सड़क पर फुटपाथ पर होने वाले अस्थायी अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों की माने तो पुलिया के ईद-गिर्द सड़क पर लगने वाले फल-सब्जी के ठेला खुमचा और अस्थायी अतिक्रमण को हटा दिया जाए और दोनों तरफ पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी जाय तो जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। लेकिन चंदौली पुलिस इस दिशा में काम करने की बजाय पुलिया के एक सिरे पर लोहे का राड वेल्ड कराकर अवरोध पैदा कर दिया, ताकि बाइकों का आवागमन पुलिया से ना हो सके। यानी पुलिस को अवैध अतिक्रमण न हटाया हो और पुलिया के पास ड्यूटी न देना पड़े। इसके लिए उन्होंने यातायात को ही बंद कर दिया। इसका सीधा असर कचहरी के पास बड़ी पुलिया पर पड़ेगा, जहां पहले से ही काफी जाम लग रहा है। अब बाइकों की भीड़ बढ़ने से जाम की समस्या विकराल होगी और लोगों का काफी समय जाम में बर्बाद हो जाएगा। सोमवार को कोर्ट-कचहरी के साथ सरकारी दफ्तर, बैंक आदि खुलने के साथ ही लोगों की भीड़ मुख्यालय पर बढ़ेगी। ऐसे में सर्विस रोड पर यातायात को सुगम बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती भरा कार्य होगा। हालांकि स्थानीय लोगों ने छोटी पुलिया में लगाए गए लोहे के अवरोधकों को हटाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग किया है कि पुलिया के दोनों तरफ 20 मीटर के दायरे में ठेला-खुमचा को हटाने के साथ वाहनों के आड़ा-तिरछा खड़ा करने पर प्रतिबंध लगाए, ताकि जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
गंगा कटानः आखिर कब रुकेगी कृषि भूमि की जलसमाधि
किसान बोले, मजबूत राजनीति इच्छा शक्ति व अच्छे प्रोजेक्ट की जरूरत
Young Writer, धानापुर। गंगा कटान से कृषि भूमि का क्षरण जारी है। बरसात में गंगा की लहरे भले ही जमीन के टुकड़े को काटकर अपने साथ ले जाती है, लेकिन लहरों का यह टकराव जमीन पर होकर किसानों के सीने को छलनी कर जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नदी का पानी किसी मामूली वस्तु को नहीं, बल्कि सोना उगाने वाली जमीन को अपने साथ बहा ले जाता है जो अपनी पीछे पीड़ा, दर्द और आर्थिक दुश्वारियां छोड़ जाता है। 1973 से अब तक गंगा कटान अनवरत जारी है, जो कृषि क्षेत्र के दायरे में एक किलोमीटर अंदर घुस चुकी है जिससे हजार से दो हजार एकड़ कृषि भूमि के कटान का अनुमान है और इस आघात को किसान झेलना व बर्दाश्त करता आया है। फिलहाल इसे लेकर कोई प्लान आफ एक्शन किसी के पास नहीं बेबस किसानों संग अकूत संसाधन व ताकत से लबरेस शासन-प्रशासन भी मूकदर्शन बना हुआ है, जो किसानों की पीड़ाओं को आक्रोश में बदल रहा है।

विधानसभा चुनाव आते ही एक बार फिर गंगा कटान का जिन्न बोलत से बाहर निकल आया है। एक तरफ गंगा कटान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप व वादे-इरादे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसान गंगा कटान से गायब होती कीमती कृषि भूमि की चिंताओं में डूबा है। क्योंकि उन्हें अपनी बची-खुची कृषि भूमि को बचाना है यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे भी भूमि हो जाएं। क्षेत्रीय किसान व बुढ़ेपुर निवासी धानापुर विकास मंच के गोविंद उपाध्याय गंगा कटान से पीड़ित, प्रभावित और आहत हैं। यह अकेले ऐसे किसान नहीं है, बल्कि इन जैसे हजारों किसान इस पीड़ा से प्रभावित हैं। गोविंद उपाध्याय की माने तो 1973 में जिस स्थान पर गंगा में स्नान करते थे अब गंगा वहां से एक किलोमीटर के दायरे में कृषि क्षेत्र को काट चुकी है। उनके मुताबिक फिलहाल सैदपुर घाट से गंगा पूरब की ओर बढ़ने पर सर्वाधिक कटान फुलवरिया से आगे सहेपुर गांव से शुरू हुई रामपुर दीयां में हुआ। गंगा के तटीय इलाके बुढ़ेपुर, हिंगुतर, प्रसहटा, दीयां, रायपुर में अर्द्धचन्द्राकार कटान हुआ। रायपुर में 1973 नगवा पम्प कैनाल में स्थापित हुआ। इस पम्प को चलाने के लिए अवैज्ञानिक तरीके से बंडाल बनाए गए, जिसका नतीजा यह रहा कि कैनाल ने जितनी कृषि भूमि को सिंचित किया, उसके सापेक्ष कई गुना ज्यादा कृृषि भूमि गंगा कटान के कारण क्षरण होकर नदी में समा गया। उसका नतीजा यह हुआ कि बहुत सारे किसान भूमिहीन हो गए। आज भी स्थिति यह है कि नगवा पम्प कैनाल चलाने के लिए नदी को काटकर पानी वहां पहुंचाना पड़ता है। कहा कि बुढ़ेपुर-नौघरा में एक तीन किलोमीटर लम्बा टापू बन गया है। यदि बालू के इस टीले को बाढ़ के समय काट कर गंगा की धारा को मध्य में परिवर्तित कर दिया जाए तो अगले 25 वर्ष में कटान का इलाका भर जाएगा और कटान से मुक्ति मिल जाएगी।


मजदूर इच्छा शक्ति व अच्छे प्रोजेक्ट की दरकार
धानापुर। धानापुर इलाके में दशकों से कायम गंगा कटान को समाप्त करने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छा के साथ ही एक उम्दा प्रोजेक्ट की जरूरत है, जो किसानों के सुझावों पर आधारित हों। क्योंकि कटान का दंश झेल रहे किसान ही इसके समाधान के तरीके सुझा सकते हैं, जिन्हें प्रशासनिक व तकनीकी जामा पहनाकर एक अच्छे प्रोजेक्ट की शक्ल दी जा सकती है। किसानों के मुताबिक दीयां से लेकर नरौली घाट तक बोल्डर व जाली से बांध दिया जाय तो यह प्रयास कटान की धार पर मजबूत वार होगा। साथ ही वाराणसी के चौकाघाट पर हुए नदी सुंदरीकरण जैसे कार्य को धानापुर में भी दोहराया जाना बेहद जरूरी है, जो कीमती कृषि भूमि की जल समाप्ति से बचा सकेगा। ऐसी हुआ तो नगवां से गुरैनी या कवलपुरा तक चला आ रहा जबरदस्त गंगा कटान रूकेगा। साथ ही नौघरा गांव अस्तित्व बचाया जा सकता है लेकिन इसके लिए वक्त बिल्कुल नहीं है।
इनसेट—–
मसाले की खेती वाली भूमि ने ली जलसमाधि
धानापुर। एक वक्त था जब धानापुर में गंगा का तटीय इलाके की फिजा मसालों की खुशबू गमका करती थी, लेकिन गंगा कटान ने कृषि भूमि में ऐसा अतिक्रमण किया कि धीरे-धीरे मसालों की सुगंध फिजा से गायब हो गयी। किसानों के मुताबि वर्ष 1973 से लगायत अब तक दीयां से रायपुर के बीच हजार से दो हजार कृषि भूमि कट गयी। जिस पर आजवाइन, जीरा, मेथी, मंगरैल आदि मसालों की खेती होती थी। यह इलाका अरहर, चना व मसाले की खेती के लिए विख्यात था। तटीय इलाके में मल्लाह मसालों की खेती करते थे उनकी घर की औरतें खांची-डलिया में मसाले बेचकर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। साथ ही गंगा तट किनारे बोरो धान उगाए जाते थे, जो अब नहीं होता। पहले कृषि उत्पादन का जो रिकार्ड स्तर था वह कभी उस स्तर का उत्पादन नहीं हो पाया। वहीं किसानों की माने तो कटान के कारण गन्ने की खेती भी नाम मात्र रह गयी है।
ओनावल विद्यालय भवन पर लहरा रहा भाजपा का झंडा
बसपा प्रत्याशी अमित लाला ने निर्वाचन आयोग व पुलिस–प्रशासन की शुचिता पर उठाया सवाल
Young Writer, चंदौली। निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी व सकलडीहा कोतवाली पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं कर रहे है। साथ ही प्रेक्षक भी चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए तत्पर नजर नहीं आ रहे हैं। जी हां! यह आरोप हमारे नहीं बल्कि सैयदराजा से बसपा प्रत्याशी अमित यादव ‘लाला’ के हैं जो उन्होंने ओनावल प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में खड़े होकर लगाए। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किया गया वीडियो उनके आरोप की पुष्टि करता है जिसमें प्राथमिक विद्यालय के भवन, टंकी व विद्यालय की दीवार पर भाजपा के झंडे लहराता नजर आ रहा है। साथ ही परिसर स्थित मंदिर पर भाजपा का झंडा लगाने का कृत्य किया गया। ये सभी सम्पत्ति सार्वजनिक है, जिससे एक पार्टी के प्रभुत्व को पुलिस-प्रशासन व पर्यवेक्षक की मौजूदगी व सक्रियता के बावजूद कायम रखा गया है।
दिलचस्प यह है यह वही भवन व प्रांगण है जहां सात मार्च को मतदान होना है। ऐसे में यहां किसी एक तरह का झंडा फहराना पूरे प्रशासनिक तंत्र व पुलिस की शुचिता पर सवाल खड़े करता है। अब देखना है कि इस शिकायत के बाद सकलडीहा पुलिस व प्रशासन इस पर कितनी गंभीरता दिखाता है और भाजपा का झंडा और स्टीकर वहां से हटता है या यूं ही कायम रहता है। उधर, अमित यादव लाला ने भाजपा पर बड़ा आरोप मढ़ा। कहा कि वह अपनी लोकप्रियता पूरी तरह से खो चुकी है। भाजपा की सोच इतनी गिर गयी है कि जहां धर्म का ध्वज लहराना चाहिए, उस मंदिर पर भाजपाइयों ने पार्टी का झंडा लहराकर अपनी छोटी सोच व अधर्मी होने का परिचय दिया है। ऐसे लोगों का किसी भी धर्म संप्रदाय से कोई वास्ता सरोकार नहीं है और मतदाताओं को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो लोगों की धार्मिक भावना को अपने कृत्य से बार-बार आहत करते हैं और इसकी खिलाफत करने वालों की आवाज को जबरन पुलिस-प्रशासन व पावन के दाम पर दबाने का कृत्य करते हैं। अमित यादव लाला ने जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक व स्थानीय थाना पुलिस से मांग किया है कि तत्काल विद्यालय के भवन, चहारदीवारी व टंकी के साथ-साथ मंदिर से भाजपा का झंडा व स्टिकर हटाया जाय, अन्यथा बसपा के प्रतिकार को झेलने के लिए तैयार रहे। स्थिति यह रही कि अमित यादव लाला का वीडियो जारी होते ही ओनावल गांव सहित पूरे सैयदराजा विधानसभा में पूरे दिन इसकी चर्चाएं रहीं।
इस संबंध में सीओ सकलडीहा अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग की शुचिता के साथ किसी भी दल या प्रत्याशी द्वारा खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदी निर्वाचन आयोग के नियमों के खिलाफ जाकर किसी भी दल का झंडा व स्टीकर सरकारी भवन पर लगा है तो उसके खिलाफ मुकदमा कायम करने की कार्यवाही पुलिस तत्काल करेगी। ताकि लोगों का पुलिस-प्रशासन व निर्वाचन आयोग पर भरोसा मजबूत हो। बताया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस-प्रशासन चौबीसों घंटे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
चकिया एसडीएम आवास के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन
चकिया कोतवाली पुलिस ने कराया शव का अंतिम संस्कार
Young Writer, चकिया। कोतवाली क्षेत्र के मुशाहिबपुर गांव में शनिवार की दोपहर 65 वर्षीय वनवासी वृद्धा तेतरा देवी की मौत के बाद उसके बीमा की धनराशि की मांग करते हुए परिजनो ने उपजिलाधिकारी आवास परिसर के बाहर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि गांव के ही दो व्यक्तियों द्वारा पीएसीएल कंपनी में तेतरा देवी व उनके पति का बीमा कराया था लेकिन अब तक बीमा की धनराशि को नहीं दिया जा रहा है। सूचना प

र मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज हरिकेश सिंह ने आर्थिक मदद करते हुए साधन की व्यवस्था करा कर अंतिम संस्कार कराया जो नगर में चर्चा का विषय बना रहा बना रहा।
मुशाहिबपुर गांव में बीते वर्षों में गांव निवासी रामधनी यादव और किस्मत बिंद ने वनवासी समुदाय के दर्जनों लोगों का एक प्राइवेट कंपनी पीएसीएल में सुरक्षा बीमा कराया था। शनिवार की सुबह वनवासी महिला तेतरा देवी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मृतक तेतरा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बीमा कराने वाले मीडिएटर और पीएसीएल कंपनी से मौत के बाद मिलने वाली बीमा की धनराशि की कार्यवाही करने की बात कही गई तो उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया गया इसी तरह जब तेतरा देवी के पति श्याम नारायण के मृत्यु के बाद भी उनका बीमा का पैसा मांगा गया तो उन्होंने भगा दिया था। प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वनवासियों को आर्थिक मदद करने के साथ ही शव को अंत्येष्टि के लिए ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करके किसी तरह प्रदर्शन समाप्त करायाद्य पुलिस ने मामले की जानकारी उपजिलाधिकारी को दी जिस पर उपजिलाधिकारी ने सोमवार को मामले से जुड़े प्रार्थना पत्र के साथ कार्यालय में उपस्थित होने की बात कही। प्रदर्शन करने वालों में मृतका के पुत्र विनोद, चंद्रशेखर, छोटू, पुत्री गीता, लक्ष्मीना, उर्मिला, शनिचरा, भाई जामुन दामाद सुक्खू सहित तमाम वनवासी मौजूद रहे।
पुण्यतिथि पर प्रभाकर सिंह ने रक्तदान कर दी श्रद्धांजलि
Young Writer, चंदौली। समाजसेवी प्रभाकर सिंह ने अपने दादा व पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज के पूर्व उपप्राचार्य विश्वनाथ कुंवर के प्रथम पुण्यतिथि पर अलौकिक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने जिला रक्तकोष में रक्तदान शिविर का आयोजन शनिवार को किया गया। इस दौरान उन्होंने रक्तदान कर उन तमाम लोगों को संदेश दिया है‚ जिनके अंदर आज भी रक्तदान को लेकर भय व भ्रांतियां बनी हुई है।
गौरतलब हो कि प्रभाकर के दादा को मृत्यु से पहले इलाज़ के दौरान उन्हें प्रत्येक माह दो से तीन यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती थी। फलस्वरूप रक्त की महत्ता को समझते हुए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डा.पंकज सिंह ने दीपप्रज्वलित करके और रिबन काटकर कार्यक्रम की शुरुआत किया। कहा कि रक्तदान जितना फायदा उस जरूरतमंद को देता है, उससे कहीं ज्यादा फायदा रक्तदान करने वाले को मिलता है। शोध के मुताबिक लगातार रक्तदान करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा दूर रहता है। यही नहीं, ऐसा करने से हमारे खून में कैलोस्ट्रॉल जमा नहीं होता है और साथ ही जो वायरस हमारे शरीर में अपनी जगह बना लेते हैं, वो भी रक्तदान के दौरान शरीर से बाहर निकल जाते हैं। प्रभाकर ने बताया कि मेरा परिवार, दादा के प्रत्येक बरसी पर इसी तरह से रक्तदान शिविर का आयोजन करेंगा। इस दौरान व्यापक संख्या में लोगों ने रक्तदान किया और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।











