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Thursday, October 22, 2026

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चहनियां में ब्लाक कर्मियों ने निकाली मतदाता जागरूकता रैली

चहनियां ब्लाक में मतदान करने की शपथ लेते ब्लाक कर्मी।

मतदाताओं ने सात मार्च को सातवें चरण में मतदान करने का ली शपथ

Young Writer, चहनियां। मतदाता जागरूकता अभियान के क्रम में शनिवार को ब्लॉक कर्मचारियों द्वारा मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई। उक्त रैली को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश नायक और बीडीओ संतीश चंद्र त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली ब्लॉक परिसर से निकलकर खंडवारी होते हुए पुनः ब्लाक परिसर में आकर समाप्त हुई। रैली के दौरान ब्लॉककर्मी खाना बाद में खाएंगे, पहले वोट देने जाएंगे, जो दे दारू साड़ी नोट, उसको कभी न देना वोट, युवा शक्ति के तीन काम, शिक्षा सेवा और मतदान जैसे नारे लगाते हुए चल रहे थे। इसके पूर्व बीडीओ चहनियां द्वारा सभी को सात मार्च को अनिवार्य रूप से मतदान करने की शपथ दिलाई।
इस दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश नायक ने बताया कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 में अपने जनपद में शत प्रतिशत मतदान कराने का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए दिव्यांगों, बुजुर्गों युवाओं और महिलाओं सभी को जागरूक किया जा रहा है। बीडीओ चहनियां ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि एक अच्छे व्यक्ति, एक अच्छी सरकार, अच्छी सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और देश के विकास के लिए आगामी सात मार्च को मतदाता निष्पक्ष, भयमुक्त और नैतिक मतदान करके एक अच्छी सरकार के निर्माण में सहयोग करें। जिससे प्रदेश का विकास हो सके। जिला स्वीप आईकॉन राकेश यादव रौशन ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग निष्पक्ष, भयमुक्त और नैतिक मतदान कराने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए हर स्तर पर इंतजाम किए गए। कहा कि पांच साल में एक बार मतदान का दिन आता है, जिसे हम सभी को पर्व की तरह मनाने की जरूरत है। हर व्यक्ति को मतदान का संवैधानिक अधिकार मिला हुआ है, जिसका प्रयोग बहुत सोच समझकर करना चाहिए। इस अवसर पर सीडीपीओ मीना गुप्ता, एडीओ पंचायत, समाजसेविका सरिता मौर्य, हवलदार, मनोज यादव, हवलदार आदि उपस्थित थे।

एनआईसी में मतदान कार्मिको का द्वितीय रेण्डमाइजेशन संपन्न

एनआईसी कक्ष में रेंडेमाइजेशन के दौरान उपस्थित अफसर।

Young Writer, चंदौली। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी शिद्दत के साथ लगा है। इस क्रम में शुक्रवार की देर शाम एनआईसी कक्ष में ईपीडीएस साफ्टवेयर के माध्यम से द्वितीय रेंडमाइजेशन का कार्य प्रेक्षकोंएवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
जनपद में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 चुनाव को सफल तरीके से संपन्न कराने के लिए कुल 1865 पोलिंग पार्टियों की तैनाती हुई है। 10 प्रतिशत अतिरिक्त लोगों की ड्यूटी लगाते हुए कुल 7460 मतदान कार्मिक लगाये गए हैं। इसके अलावा 213 क्रिटिकल बूथों के लिए अतिरिक्त माइक्रो ऑब्जर्वर के साथ कुल 234 माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है। विधानसभा मुगलसराय में 452 बूथों के लिए रिजर्व रहेगी। इस तरह कुल 498 पोलिंग पार्टी की तैनाती की गई है। इसी तरह विधानसभा सकलडीहा में 389 बूथों के लिए रिजर्व सहित कुल 498 पोलिंग पार्टी की तैनाती की गई है। विधानसभा सैयदराजा में 393 बूथों के लिए रिजर्व सहित कुल 433 पोलिंग पार्टी की बनाई गई हैं। विधानसभा चकिया में 460 बूथों के लिए रिजर्व सहित कुल 506 पोलिंग पार्टियों की तैनाती की गई है। रेंडमाइजेशन के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मोहम्मद सोराका ने ईपीडीएस साफ्टवेयर के माध्यम से किया गया। इस दौरान प्रभारी अधिकारी कार्मिक अजितेंद्र नारायण, मोहम्मद सोराका उपस्थित थे।

कम्प्यूटर का ज्ञान युवाओं के लिए जरूरीः कन्हैया

सीसीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र देते अतिथिगण।

Young Writer, चंदौली। पूर्वाचल कम्प्यूटर शिक्षण सेवा संस्था में शनिवार को पिछड़ा कल्याण विभाग द्वारा संचाालित कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना के तहत प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव ने fवित्तीय वर्ष 2021-22 में उत्तीर्ण 43 अभ्यर्थियों में प्रमाण-पत्र वितरित किया। इस दौरान उन्होंने सीसीसी प्रमाण पत्र समूह ’ग’ की पदो के लिए अनिवार्य है, तथा ’ओ’ लेवल कोर्स सरकारी नौकरी, प्राइवेट नौकरी में वरीयता प्रदान की जाती है। कम्प्यूटर ज्ञान के बगैर समाज में तकनीकी रूप से अशिक्षित होने के समान है। इसलिए युवक-युवतियों को कम्प्यूटर ज्ञान जरूरी है।

इस दौरान संस्था के प्रबन्धक रामचन्द्र यादव ने कहा कि सीसीसी उत्तीर्ण युवक-युवतियों को रोजगार से जोडने के लिए प्लेसमेट एजेंसी तथा स्थानीय स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्वरोजगार के लिये वित्तीय सहायता से सम्बधिंत विभिन्न विभाग की योजनाओं की जानकारी दी, जिससे स्वरोजगार स्थापित किया जा सकता है। कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आत्मसात करके अभ्यर्थी अपने कौशल के बल पर स्वरोजगार को स्थापित कर अपना भविष्य संवार सकते हैं। प्रमाण पत्र वितरण समारोह में राममनोहर, आनन्द, अवधेश, मोहित, केशव, कौशल कान्त, सौरभ सिंह आदि उपस्थित रहे।

पूर्वांचल कम्प्यूटर सेंटर पर सीसीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में बंटा प्रमाण-पत्र

आपदा प्रबंधनः एनडीआरएफ ने आधुनिक उपकरणों का किया ट्रायल

एनडीआरएफ व अग्नि मिशन ने संयुक्त रूप से किया पूर्वाभ्यास

Young Writer, पड़ाव। क्षेत्र के साहूपुरी स्थित एनडीआरएफ कैंप में विभाग और अग्नि मिशन ने शनिवार को आपदा प्रबंधन हेतू आधुनिक उपकरणों का ट्रायल किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राष्ट्र सेवा को सर्वाेपरि मानते हुए, अनेक प्रकार के आपदाओं के दौरान जन मानस के जान माल की सुरक्षा हेतु अपने ध्येय वाक्य आपदा सेवा सदैव सर्वत्र के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। विभिन्न प्रकार के आपदाओं के दौरान त्वरित राहत बचाव कार्यों को पूरा करने हेतू नए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर आपदा प्रबंधन क्षेत्र में नए आयाम को भी स्थापित कर रहा है।

इसी क्रम मे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा वाराणसी के राजघाट के सामने एवं चंदौली में साहूपुरी के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग प्रकार के परिदृश्यों को तैयार कर, भारत सरकार के अग्नि प्रोग्राम प्राइम मिनिस्टर साइंस टेक्नोलॉजी एंड इन्नोवेशन एडवाइजरी काउंसिल के तहत विभिन्न प्रकार के आधुनिक उपकरणों का प्रयोग कर ट्रायल किया गया। आज के इस ट्रायल में सैफ सीस (सेल्फ पावर्ड लाइफबॉय), आईरोव (जल निगरानी), सागर डिफेंस (मानवरहित सतह वाहन), गरुड़ एयरोस्पेस, द्रोण मैप्स जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया गया। इस दौरान गंगा नदी में नाव पलटने जैसी घटना का चित्रण किया गया एवं खोजी अभियान में उपकरण का मदद लिया गया, कुछ ऐसे भी जगह थीं जहां पर लोग फंसे हुए थे उन्हें स्वचालित बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। चन्दौली में बिल्डिंग में फंसे हुए लोगों तक जरूरी दवाई एवं खाने की सामग्री ड्रोन के द्वारा भेजी गई और मकान में लगी आग को बुझाने में फायर बाइक का भी ट्रायल लिया गया। इसके साथ साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र या ध्वस्त ढांचे की मैपिंग कर ड्रोन के जरिए राहत बचाव कार्यों मे मदद लेने का भी ट्रायल लिया गया। इस दौरान दौरान उपमहानिरीक्षक (ऑपरेशन) मुख्यालय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल मोहसिन शहीदी, कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा, कमांडेंट पीके तिवारी, द्वितीय कमान अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह, दीपक बमोरिया व अनघ सिंह शामिल रहे।

चंदौली विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस की चट्टी चौराहे पर पैनी नजर,गांजे के साथ दो तस्करों को किया गिरफ्तार


चंदौली। मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान पड़ाव चौराहे से शनिवार को दो गांजा तस्कर धर दबोचा और उनको गिरफ्तार कर कोतवाली ले आयी पुलिस ने दोनों तस्कर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नजर पुलिस अपराधियों अराजकतत्वों व तस्करों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है चेकिंग के दौरान पुलिस ने पड़ाव चौराहे पर दो गांजा तस्करों को धर दबोचा जिनके पास से तीन किलो चार सौ ग्राम नाजायज गांजा बरामद किया। पुलिस ने तस्करों से पूछताछ किया तो उन्होंने अपना नाम रवि यादव व चंद्रमा बताया दोनों मुगलसराय के निवासी है जो गांजा बेचने बिहार जा रहे थे।पुलिस ने दोनों तस्करों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। इस दौरानअमरेश मिश्रा, तारकेश्वर गुप्ता, दिनेश यादव थाना प्रमोद कुमार राय मौजूद रहे।

प्यासा हुआ जनतन्त्र और भाँग का कुँआ


Young Writer, चुनाव डेस्क। ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह की कलम से

क्षमा चाहता हूँ। जो बात मैं कहना चाहता हूँ, उसे कहने के लिए आप मेरे मथ्थे जनतन्त्र की अवमानना का आरोप नहीं मढ़ेंगे, यह मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है। मेरा अनुरोध अपने उन भाइयों से है, जो अपने को अपने मन ही राष्ट्रभक्त घोषित करते रहते हैं। बिना किसी भक्ति के राष्ट्र को अपनी जायदाद मान बैठते हैं। अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने की जिन्हें आदत पड़ गई है। जो यह समझते हैं कि प्रभुता संपन्न होने के नाते केवल वे ही लोकतंत्र के पुजारी हैं।मेरा अनुरोध उनसे है, जो लोकतंत्र के कारण फलने-फूलने की वजह से लोकतंत्र पर अपना अधिकार मानते हैं। जो लोकतंत्र को अपने अधिकार की वस्तु मानते हैं और किसी को भी लोकतंत्र के व्यावहारिक सत्य पर कुछ भी कहने का हक कभी स्वीकार नहीं पाते है। हालांकि हमारे समय में किसी किसी भी तरह का अनुरोध दाँत निपोरने से अधिक अर्थ नहीं रखता। दाँत निपोरता हुआ आदमी मुझ हमेशा मनुष्यता के माथे पर कलंक का टीका ही लगता है। फिर भी!
अपने देश की सत्ता के सिंहासन पर जो जनतन्त्र बैठा है, उसकी आत्मा सावन की अन्धी है। उसे सब कुछ हरा-हरा ही दिखता है। दिखे भी क्यों नहीं। उसके तो चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है। उसका तो समूचा वजूद ही हरियाली में डूबा है। मगर जन? जन की बात मत पूछिए। जनतन्त्र की मूल इकाई भले जन है। जनतंत्र का आधार भले जन है। मगर हमारे समय में जनतन्त्र जन के लिए नहीं है। जन का जनतन्त्र के लिए हो जाना उसका सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। जन तो जाने कबसे दुर्भाग्य में घिरा है। इधर काफी दिनों से बेचारा जनतन्त्र भी दुर्भाग्य से जूझता हाँफ रहा है। अपनी जीवन रक्षा के लिए गर्दन हिलाता और कमर झुकाता चलता आ रहा है।
हमारे प्यारे और पूज्य जनतन्त्र को केवल कुछ राजनीतिक दलों और घी में पाँचों उगली डाले घरानों ने अपना पालतू बना रखा है। वे अधिकार की लाठी से उसे भैंस की तरह हाँककर अपने गोंठ में बाँध रखे हैं। उसे मन-माफिक दूह रहे हैं। जनतन्त्र का दूध-दही, मक्खन-पनीर उनके घरों की शोभा है। सम्पदा है।
जनतन्त्र ने जनप्रतिनिधियों को बहुत कुछ दिया है। सब कुछ दिया है। राज-पाट, धन-दौलत, पद-प्रतिष्ठा सब दिया है। भला क्या कुछ नहीं दिया है। हत्या करने के बावजूद हत्यारा न कहे जाने की सहूलियत दिया है। सामन्तों के सारे आचरण के बावजूद सेवक कहे जाने का सुअवसर दिया है। झूठ बोलने का असीम अवकाश दिया है। अपने स्वार्थ को पूरा कर सकने के सामर्थ्य का उपहार दिया है। चोरी करने की वैधता का पुरस्कार दिया है। हमारे समय में हमारे जनतन्त्र ने जन के सम्मुख सामन्ती आत्मा को लोकतन्त्र का परिधान दिया है। नहीं, नहीं मैं गलत कह गया। जो वास्तविकता को ढकने का काम करता है, उस परिधान को नकाब कहा जाता है। जनतंत्र का मूल मकसद सामन्ती शोषण उत्पीड़न और अमानवीयता से मुक्ति दिलाना था। मगर जाने कैसे हमारी व्यवस्था में वेश बदल कर सामन्तवाद हमारे सिर पर आ बैठा। यह सब जानबूझ कर नहीं हुआ है। लेकिन इससे क्या फर्क! जो है, सो तो है ही न!
सबसे बड़ी बात यह है कि व्यावहारिक धरातल पर हमारे जनतन्त्र ने उन मूल्यों को अपने कार्य-व्यवहार से मान्यता प्रदान की है, जिन मूल्यों का उच्छेद करना लोकतन्त्र की मूल संकल्पना थी।
हमारे लोकतन्त्र में चोरी जैसा गर्हित कृत्य अब निन्दनीय नहीं रह गया है। बल्कि वैधानिक मान्यता मिल जाने के कारण, भले ही वह अघोषित है, वह प्रतिष्ठा का आधार बन गया है। जनता का पैसा सरकार के पास जाकर जब वह पुनः जनता के लिए अवमुक्त होता है, उसका अधिकांश वैधानिक शक्ति-सम्पन्न लोगों द्वारा हड़प लिया जाता है। वह उनकी हवस को पूरा करने का साधन बन जाता है। इसमें जो जितना ज्यादा हड़प सकता है, वह उतना ही अधिक प्रभावशाली और प्रतिष्ठा के योग्य समझा जाता है। ये कोई दस्यु नहीं है, डकैत नहीं है, अपराधी नहीं है, ये वही लोग हैं, जिन्हें लोकतंत्र ने व्यवस्था का नियन्ता होने का अधिकार दिया है। एक ग्राम प्रधान से लेकर देश के प्रधान तक इसमें भागीदार हैं। इस कार्य की अब कोई भर्त्सना नहीं करता उल्टे जनता उनका सम्मान और अभिनन्दन करने को सहज भाव से प्रस्तुत रहती है। हमारे जनप्रतिनिधियों के जन विकास की निधि में उनकी हिस्सेदारी की विधि सम्मत मान्यता हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अनुमोदित हो चुकी है। चोरी के अधिकार को नैतिक रूप से प्रतिष्ठापरक बनाने में हमारी लोकतांत्रिक सरकार का योगदान अभूतपूर्व है। निन्दनीय आचरण का अभिनन्दन हमारे लोकतंत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है।
हमारी संसद की संप्रभुता का अपने स्वार्थ के संपोषण के लिए जैसा लज्जाजनक पतन पिछले वर्षों में दिखाई पड़ा है, वह विस्मित करने वाला है। पक्ष-विपक्ष का भेद भुलाकर जनप्रतिनिधियों की वेतनवृद्धि और पेंशन का जो विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया, वह लोकतंत्र की हत्या का मिसाल है। आजीवन सरकार की सेवा करने वालों को पेंशन से वंचित करने और जनप्रतिनिधियों को पेंशन से पुरस्कृत करने का निर्णय संसद के स्वार्थी, अविश्वसनीय और जनविरोधी चरित्र का अमिट साक्ष्य प्रस्तुत करता है। फिर भी जनतंत्र इस देश की जनता के लिए गर्व करने का आधार है, यह कैसा विपर्यय है! कैसी विडम्बना है।
जनहित की जिम्मदारियों का व्यक्ति हित में बदलते जाना जनतन्त्र के लिए गर्व का विषय है या ग्लानि का? शर्म की बात है या शान की? ऐसी व्यवस्था की भर्त्सना होनी चाहिए या अभिनन्दन होना चाहिए? कौन पूछे। किससे पूछे। हमारे गरिमामय जनतन्त्र की जनता में यह सवाल कहीं नहीं है। जनता की जबान पर तो केवल जयकार के नारे हैं।
हमारा जनतन्त्र अविश्वसनीय, स्वार्थी और गैर ईमानदार जनप्रतिनिधियों का जनतन्त्र बनता जा रहा है। हमारे प्रतिनिधियों के चिन्तन के केन्द्र में जनता नहीं है।
जनता में सुरक्षा की, संरक्षण की और रोजगार की भयानक प्यास है। वह पानी-पानी चिल्ला रही है। उधर, पानी के सारे स्रोतों से पानी इकट्ठा कर कुछ शक्तिशाली लोगों की जल क्रीड़ा के लिए सरोवर बनाए जा रहे हैं। सारे कुओं को सुखाकर एक कुँआ बनाया जा रहा है,- भाँग का कुँआ।
हमारा जनतन्त्र प्यासा हुआ है, जनता प्यासी हुई है, उसे भाँग के कुँए का पानी पीना है। उसे जनतन्त्र की जय का फाग गाना है। पता नहीं कब तक।
हम प्यास, प्यास चिल्ला रहे हैं। हमारी संसद के पास पानी नहीं है। सारा पानी बोतलों में बन्द किया जा चुका है। पानी जो खरीद सकते है। खरीद कर पी रहे हैं। जो खरीदने से बचे हुए लोग हैं, वही हमारी संसद के लिए काम के लोग हैं। वहीे लोग वोट हैं। जो लोग वोट है, उन्हें हमारी संसद अपने कुँए से भाँग पिला रही है। असहाय जनता के ऊपर जब नशा चढ़ेगा तभी वह जनतन्त्र की जोर से जयनाद करेगी। वह नशे में नाचते-गाते वोट करेगी। हमारे समय में वोट करना अपना हाथ कटाने जैसा जाने क्यों बन गया है? अपने कटे हुए हाथ को तरह-तरह के झंडो से ढँककर संसद की तरफ मुँह सुखाकर ताकते रहना, हमारी जनता की दयनीय नियति बन गया है।

विधानसभा चुनावः जनपद में सामान्य व व्यय प्रेक्षक नियुक्त

Young Writer, चंदौली। विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र‚ निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने जनपद के चारों विधानसभा क्षेत्र के लिए सामान्य प्रेक्षक व व्यय प्रेक्षकों की नियुक्ति की है जो जनपद अंतर्गत अपने–अपने विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद रहकर चुनाव संबंधित गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखेंगे।

मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के लिए तमिलनाडु कैडर के आईएएस अनिल मेश्राम को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। जो गोदावरी गेस्ट हाउस रेलवे सूट नंबर-1 मुगलसराय सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक उपलब्ध रहेंगे और इनके मुलाकात की जा सकती है। इनका सम्पर्क सूत्र 6387556619‚ जिस पर चुनाव संबंधित सूचनाएं व शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। वहीं सकलडीहा के लिए पंजाब कैडर के आईएएस कैप्टन करनैल सिंह को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। जिनका मोबाइल नंबर  6387562122, 9452632914 है। इनके लाइजन अधिकारी के रूप में वाणिज्य कर आयुक्त प्रवीण कुमार सिंह तैनात किया गया है। सैयदराजा विधानसभा के लिए तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी बी शांथा को नियुक्त किया गया है‚ जो पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस चंदौली में दोपहर 12 से दो बजे तक आमजन व चुनाव संबंधित लोगों से मुलाकात करनेंगी। इनका मोबाइल नंबर- 9452632914, 8957231414 है। इनके लाइजन अफसर अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सलील कुमार होंगे। चकिया विधानसभा के लिए उडीसा कैडर के आईएएस डीवी स्वामी को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। ये कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में शाम 04:30 से 05:30 तक आमजन से मुलाकात करेंगे। इनका सम्पर्क/मोबाइल नंबर- 9452943738 है। इनके लाइजन अधिकारी सहायक महानिरीक्षक निबंधन देवेन्द्र सिंह होंगे। वहीं व्यय प्रेक्षक के रूप में नीति आयोग के निदेशक भारतीय सिविल लेखा सेवा के संतोष कुमार होंगे। जिनका मोबाइल नंबर 8957222422 है। जो गोदावरी गेस्ट हाउस (रेलवे) सूट नंबर-3 मुगलसराय में 11:00 से 1:00 दोपहर एक बजे तक आमजन से मुलाकात करेंगे। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 से संबंधित किसी भी समस्या या सुझाव के लिये उपरोक्त नंबरों एवं स्थान पर संपर्क किया जा सकता है।

प्रेक्षकों ने चुनाव संबंधित तैयारियों का लिया जायजा

Young Writer, चंदौली। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दृष्टिगत जनपद में नियुक्त सामान्य प्रेक्षकों व व्यय प्रेक्षक एवं पुलिस प्रेक्षक द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में बैठक की। प्रेक्षकों द्वारा चारों विधानसभाओ के रिटर्निंग अफसर एवं प्रभारी अधिकारियों के साथ विधानसभा निर्वाचन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा बैठक कर जानकारी ली गई। मतदान कर्मियों की नियुक्ति, वाहन प्लान, क्रिटिकल एवं वनरेबल मतदान केंद्र, कोविड-19 से संबंधित तैयारियों, कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति, मतदान कर्मियों का कोविड वैक्सीनेशन, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, मतगणना की तैयारी, स्ट्रांग रूम, मतगणना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं तैयारियों आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई।
इसके साथ ही निर्वाचन के दृष्टिगत पुलिस बल की तैनाती, नक्सल एक्टिविटी, सुरक्षा व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन की स्थिति, माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती, बूथो पर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मा0 प्रेक्षक गणों द्वारा विधानसभाओं के रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा तैयारियों के विषय में विस्तृत जानकारी ली गई। जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से तैयारियों के संबंध में प्रेक्षक गणों को पूरी तरह जानकारी से अवगत कराया। इसके पूर्व प्रेक्षक गणों द्वारा नवीन मंडी चन्दौली का भ्रमण कर ईवीएम स्ट्रांग रूम, मतगणना स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में अपर जिलानिर्वाचन अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, रिटर्निंग अफसर गण, प्रभारी अधिकारीगण उपस्थित रहे।

प्रमसपा का चुनाव लड़ने का सपना नहीं होगा पूरा

एकल प्रत्याशी रामभरोस का नामांकन पत्र शुक्रवार को खारिज

Young Writer, चंदौली। विधानसभा चुनाव लड़ने की लालसा पाले प्रगतिशील मानव समाज पार्टी व उनके उम्मीदवारों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। उनके एक मात्र चकिया विधानसभा के प्रत्याशी रामभरोस का नामांकन-पत्र निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। उनका पर्चा खारिज होने से जनपद में प्रमसपा की दावेदारी व रामभरोस की उम्मीदवारी पूर्णतः समाप्त हो गयी। यानी अब चंदौली के चुनावी रण में प्रमसपा पूरी तरह से बाहर हो गयी है, क्योंकि 17 फरवरी को नामांकन के अंतिम दिन उनके दो प्रत्याशी तय समय 03 बजे तक नामांकन कक्ष तक पहुंचने में नाकाम रहे, जिस कारण नामांकन कक्ष के साथ-साथ उनके चुनाव लड़ने के दरवाजे भी आगामी पांच सालों के लिए बंद कर दिए गए।

प्रमसपा के चकिया उम्मीदवार रामभरोस के नामांकन पत्र की जांच करने वाले निर्वाचन अधिकारी प्रेमप्रकाश मीणा ने नामांकन पत्र खारिज होने के बारे में कई त्रुटियां होने की वजह से उनके नामांकन खारिजा आदेश में उल्लिखित किया है। जिसमें रामभरोस द्वारा प्रारूप-26 के नियम-4क के भाग संख्या-क अंतर्गत बिंदु संख्या 3 के कालम तीन एवं बिंदु संख्या 5, 6, 7 व 8 तथा भाग-ख के कालम 6, 7, 8, 9 एवं 10 अपूर्ण पाया गया है। इसके अलावा आरओ ने जांच में पाया कि प्रमसपा प्रत्याशी दूसरे विधानसभा का मतदाता है, जिसके उसके द्वारा मतदाता सूची की प्रमािणत प्रति भी संलग्न नहीं की गयी है। वहीं प्रत्याशी द्वारा शपथ-पत्र अथवा प्रतिज्ञान प्रस्तुत नहीं किया गया है। नामांकन दाखिल के समय ही प्रत्याशी को नामांकन पत्र के सभी स्तम्भों को पूर्ण करते हुए नए शपथ-पत्र एवं मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति के साथ 18 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। इतना ही नहीं नामांकन पत्रों की जांच के दौरान न तो प्रत्याशी नामांकन कक्ष में मौजूद थे और ना ही उनका कोई प्रतिनिधि वहां मौजूद पाया गया। ऐसी स्थित में निर्वाचन अधिकारी ने आरपी एक्ट-1951 की सुसंगत धाराओं का उल्लंघन पाते हुए चकिया से प्रमसपा प्रत्याशी का नामांकन-पत्र अस्वीकृत कर दिया है। इसके साथ ही प्रमसपा की चंदौली जनपद में विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना अगले पांच सालों के लिए स्वतः स्थगित हो गया है।

आप प्रत्याशी रविशंकर समेत 14 का पर्चा खारिज

नामांकन

नामांकन स्थल पर शुक्रवार को मुकम्मल हुई नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया

Young Writer, चंदौली। कलेक्ट्रेट स्थित नामांकन स्थल पर शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों व निर्दल उम्मीदवारों द्वारा किए गए नामांकन-पत्रों की जांच की प्रक्रिया मुकम्मल कर ली गयी। इस दौरान नामांकन कक्ष में निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में पूरे दिन स्क्रूटनी की प्रक्रिया सम्पन्न की गई। इस दौरान नामांकन पत्रों में खामियां मिलने पर कुल 14 प्रत्याशियों का पर्चा खारिज कर दिया गया। इससे अब 45 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि अभी 21 फरवरी को नाम वापसी की तिथि निर्धारित है। इसके बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी।
विदित हो कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सातवें चरण में सात मार्च को मतदान होना प्रस्तावित है। इसके लिए 10 से 17 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। इस दौरान चारों विधानसभा सीट पर कुल 59 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन किया था। मुगलसराय विस सीट पर 19 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। सकलडीहा में 12 उम्मीदवार, सैयदराजा में 11 और चकिया विस सीट पर कुल 17 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया था। शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित नामांकन कक्ष में आरओ और एआरओ ने नामांकन पत्रों की जांच किया। इस दौरान शपथ पत्र में पूर्ण जानकारी न देने व प्रस्तावक कम होने पर कुल 14 प्रत्याशियों का पर्चा खारिज कर दिया गया। मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र से नामांकन करने वाले कुल पांच प्रत्याशी का पर्चा निरस्त कर दिया गया। जिसमें जदयू के संजय सिन्हा, निर्दलीय संतोष गुप्ता, लोकतांत्रिक जनवादी पार्टी के मुरलीधर श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कृषक दल पार्टी के विनोद, सर्वजन सनातन पार्टी के जय प्रकाश शामिल हैं। अब यहां 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं सकलडीहा विस में तीन उम्मीदवारों का पर्चा निरस्त कर दिया गया है। इसमें आम आदमी पार्टी के हरिद्वार यादव, सर्वजन सनातन पार्टी से महेंद्रनाथ और निर्दल प्रवीण श्रीवास्तव सम्मिलित हैं, यहां अब नौ प्रत्याशी हैं। जबकि सैयदराजा विधानसभा में एक भी प्रत्याशी का पर्चा खारिज नहीं हुआ है। यहां कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा चकिया विधानसभा क्षेत्र से नामांकन करने वाले छह उम्मीदवारों का नामांकन पत्र खारिज हुआ है। इसमें लोकजनवादी पार्टी से अंजुमन, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से होरीलाल, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से रामभरोस, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से विजयकांत पासवान, आम आदमी पार्टी से रविशंकर और आरपीआई से उषा शामिल रहीं। इससे अब यहां 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। इससे चारों विधानसभा में कुल 45 प्रत्याशी ताल ठोंकेंगे। हालांकि 21 फरवरी को नाम वापसी तिथि के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी।

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