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Monday, July 27, 2026

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साथ आइए, मिलकर सपा की सरकार बनाइएः मनोज डब्लू

कवई पहाड़पुर में माल्यार्पण करने के बाद मिठाई खिलाकर नए साथियों का स्वागत करते Manoj Kumar Singh W व विरेंद्र बिंद डाक्टर।

Young Writer, कमालपुर। क्षेत्र के कवई पहाड़पुर में सोमवार को स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान लखनऊ पार्टी कार्यालय पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण करके लौटे समाजवादी पार्टी के नए साथियों का पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू व पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विरेंद्र बिंद डाक्टर ने माल्यार्पण करने के साथ ही मिठाई खिलाकर स्वागत एवं सम्मान किया।

कवई पहाड़पुर में Manoj Kumar Singh W को मिठाई खिलाते विरेंद्र बिंद डाक्टर।

इस दौरान सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह (Manoj Kumar Singh W) ने कहा कि आज सबका साथ सपा के साथ है क्योंकि सर्वसमाज प्रदेश का विकास चाहता है। पिछले चुनाव में सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर जनता को छलने का काम हुआ। यही वजह है कि दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े आदि सर्वसमाज के लोगों का सरकार से मोह भंग हो चुका है। कहा कि जनता अब किसी तरह के छलावा व धोखे में नहीं आने वाली है। जनता ने पांच साल दुश्वारियों का दंश झेला है। अपना व अपनों का उत्पीड़न होते देखा है। शासन-प्रशासन में बैठे लोगों ने पांच साल तक जनता की आवाज को अनसुना किया गया। आज वही गांव-गांव, गली-गली घूमकर साथ होने की दुहाती देते नजर आ रहे है। आह्वान किया कि सभी लोग साथ आइए और सपा की सरकार बनाने में अपना योगदान दीजिए। पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विरेंद्र बिंद डाक्टर ने कहा कि समाजवादी पाटी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी। यह चुनाव सत्ता परिवर्तन के साथ ही संविधान की रक्षा के लिए लड़ा जाएगा। क्योंकि इस सरकार में संविधान के नियमों को तोड़ने के साथ ही समाज में कायम आपसी सौहार्द को भी खंडित करने का प्रयास हुआ है। इस अवसर पर विमल कुमार बिन्द, नगीना बिन्द, सौदागर बिन्द, दिलीप कुमार बिन्द, नन्दलाल बिन्द, रामबली बिन्द, रामजनम यादव, गुरु प्रकाश यादव, दया यादव, मुलायम यादव, राजू यादव,गुड्डू सिंह, रामजी सिंह, महमूद अली, चिंटू सिंह, अभिनव भल्ला सिंह आदि उपस्थित रहे।

कवई पहाड़पुर में Manoj Kumar Singh W को गले लगाते विरेंद्र बिंद डाक्टर।

चकिया संयुक्त जिला अस्पताल की सुविधाओं का होगा विस्तार

चकिया में राजकीय अस्पताल की जमीन का मुआयना करते एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा (Prem Prakash Meena, IAS)।

एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा ने कब्जे से मुक्त कराकर जमीन

Young Writer, चकिया। नगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल के रकबे का अब विस्तार हो गया है। इसके साथ ही अस्पताल की सुविधाओं का विस्तार भी होने की प्रबल संभावनाएं है। एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा (Prem Prakash Meena, IAS) ने घटमापुर मौजा स्थित आराजी से खतौनी में राजकीय अस्पताल के नाम अंकित थी, उसे संयुक्त जिला अस्पताल के सुपुर्द कर दिया। इसे लेकर एसडीएम ने सोमवार को स्थलीय मुआयना किया और जमीन के सुपुदर्गी की कार्यवाही मुकम्मल करने निर्देश राजस्व विभाग के कर्मियों को दिया।
उन्होंने बताया कि घटमापुर स्थित उक्त आराजी कई दशकों से निष्प्रयोज्य रूप में पड़ी हुई थी। उक्त कीमती जमीन पर कई बार कतिपय लोगों द्वारा अवैध कब्जा व स्वामित्व का प्रयास किया गया। उक्त आराजी की जानकारी होने के बाद एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा ने आराजी से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया और टीम के साथ मौका मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने जांच के बाद अवैध दावा व कब्जा को हटवाते हुए भूमि की सीमांकन करवाया। साथ ही उसे एक बार फिर संयुक्त जिला अस्पताल के सुपुर्द किया। कहा कि सार्वजनिक हित में उक्त भूमि को कब्जा मुक्त कराकर उसे जिला अस्पताल के हवाले करने की कार्यवाही की गयी है। बताया कि जल्द विस्तृत प्रस्ताव बनाकर उक्त जमीन पर जिला संयुक्त अस्पताल का विस्तारीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जहां नई लैब्स, फैसिलिटी, सुवाधियों को यहां स्थापित किया जाएगा, ताकि सिर्फ चकिया के साथ पूरे जनपद को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

भाजपा ने शिक्षा के क्षेत्र में किया व्यापक बदलावः सुशील सिंह

धानापुर में आयोजित संगोष्ठी में विधायक सुशील सिंह को स्मृति चिह्न भेंट करते शिक्षक।

एसएमसी अध्यक्ष, सचिव एवं ग्राम प्रधान का एक दिवसीय कार्यशाला हुआ सम्पन्न

Young Writer, धानापुर। कस्बा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को ब्लाक स्तरीय शैक्षिक उन्मुखीकरण कार्यशाला एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विकासखंड के सभी विद्यालयों के विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव व ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह व विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख अजय कुमार सिंह तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान विधायक सुशील सिंह(Sushil Singh) ने कहा कि शासन स्तर से प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन में कोई कमी नहीं दिया जा रही है आज हमारे परिषदीय विद्यालय लगभग सभी क्षेत्रों में कन्वेंट विद्यालयों को पीछे छोड़ रहै है।आज सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मिशन प्रेरणा सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है, जिससे अध्यापक के साथ प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर का मूल्यांकन होता है। कहा कि सरकार अब अभिभावकों के खाते में बच्चों के ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, बैग आदि के लिए पैसा दे दे रही है जिससे अभिभावक गुणवत्तापूर्ण ड्रेस बैग आदि खरीद सकें। कहा कि अध्यापकों के साथ-साथ ग्राम प्रधान व अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन इमानदारी से करें तो शिक्षा में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

विशिष्ट अतिथि प्रमुख अजय सिंह ने वहां पर उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों व अभिभावकों से अपील किया है कि आप सब के सामूहिक प्रयास से शिक्षा को बढ़ाने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन काल में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा की परिषदीय विद्यालयों में शासन स्तर से कायाकल्प के माध्यम से बेहतर कार्य हुए हैं जिससे शिक्षा का स्तर ऊंचा उठा रहा है। एआरपी इरफान अली, संजय प्रजापति, अशोक पाल, अमित जायसवाल व संजय यादव ने डीबीटी, शारदा एवं समर्थ कार्यक्रम, आपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत, मिशन प्रेरणा, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दी जा रही सुविधाएं आदि पर विशेष बल देकर विचार प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रधान अध्यक्ष राजेश सिंह, रामजी कुशवाहा, डा. जेपी गुप्ता, विरूमनी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला महामंत्री इम्तियाज खान, विजय बहादुर सिंह, अवधेश सिंह बृजेश सिंह,निशांत सिंह ठाकुर, घनश्याम सिंह, शमशेर बहादुर, ज्ञानचंद कांत सविता सिंह गीता सिंह, सुमन कांत उपस्थित रहे। संचालन डा. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी व विद्याधर मिश्रा ने किया।

चंदौली घने कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में मची चीख पुकार

अलीनगर रेवसा गांव के समीप नेशनल हाइवे पर बोकारो झारखंड से वाराणसी को जा रही यात्री बस कोहरेे के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई, घटना केे बाद कर यात्रियों में भगदड़ मच गई मौके पर जुटी आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जिसमें चार लोगों को गंभीर रूूप से घायल होनेेे के कारण तत्काल उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा अन्य यात्रियों सुरक्षित कर लिया गया । 

सैयदराजा में दुल्हन के भाई ने दूल्हे और बारातियों को जमकर कूटा

Young Writer, सैयदराजा। सैयदराजा नगर के जेठमलपुर स्थित एक लान में चकिया से आयी बारात में दूल्हा समेत बारातियों को जमकर कूट दिया। मारपीट की घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गयी। मांगलिक कार्यक्रम में विवाद देख लोगों ने बीचबचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया। इसके साथ ही सैयदराजा थाना पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को थाने ले आयी और आगे की कार्यवाही में जुट गई। 

दरअसल मोहम्दाबाद शेरपुर थाना चकिया निवासी यासीन खान की शादी 2019 में बिहार के भभुआ जिला के चैनपुर में गुलाफ़सा से हुई थी। जिसका मामला कोर्ट में चल रहा था। इसके बाद भी यासीन अपनी दूसरी शादी सैयदराजा  स्थित एक लान से कर रहा था। इसी दौरान गुलाफ़सा अपने भाई तबरेज खान के साथ पहुंचकर शादी रोकने के लिए हंगामा करने लगी। इसी बात को लेकर वहां विवाद और मारपीट शुरू हो गयी। इस दौरान दुल्हन के भाई ने दूल्हा समेत बारातियों को जमकर कूटा। मारपीट की घटना से बारात में आए लोगों में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। सूचना पर पहुंची सैयदराजा थाना पुलिस ने दोनों पक्षो को थाने ले आयी जहा पहली पत्नी के दिये तहरीर पर दूल्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है ।

परिजनों ने प्रेमी प्रेमिका को उतारा मौत के घाट, प्रेमी के शव को खोजने में जुटी पुलिस


Young Writer‚ सीतापुर। जिले के मुस्तफाबाद में गत दिनों पूर्व साबरीन 20 युवती का शव उसी के घर मे लटका मिला था।इसके अलावा रंजीत (25) नामक युवक के लापता होने वाले मामले में पुलिस की जाँच में ऑनर किलिंग का सामने आया है।जिसमें पूछताछ के दौरान साबरीन के परिजनों ने दोनों हत्याएं की है।बेटी के पिता सहित अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस अन्य कार्यवाही में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व मुस्तफाबाद निवासी 20 वर्षीय साबरीन का शव उसी के घर में लटकता हुआ मिला था।गांव के ही एक परिवार ने साबरीन से नजदीकियों का हवाला देकर 25 वर्षीय रंजीत के लापता होने की शिकायत की थी। युवती के लटके मिले शव और रंजीत के गायब होने की घटना को एक दूसरे से जोड़कर पुलिस दो दिनों से पूछताछ कर रही है. रविवार सुबह पूछताछ में मामला ऑनरकिलिंग से जुड़ी हुआ सामने आया. सीओ महमूदाबाद रवि शंकर प्रसाद बताते हैं कि साबरीन के परिवारीजनों ने दोनों हत्या किये जाने की बात स्वीकार की है। सीओ बताते हैं कि पूछताछ के दौरान पता चला है कि साबरीन और रंजीत के बीच चल रहे प्रेम-प्रसंग को परिवार के लोग स्वीकार नहीं कर रहे थे. ऐसे में साबरीन की फांसी के फंदे पर लटकाने के बाद रंजीत का गला दबा दिया और फिर शव को शारदा सहायक नहर में फेंककर घर लौट आए।फिलहाल पूछताछ के बाद से शारदा सहायक नहर खंगाली जा रही है. विधिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है

हौसला बुलंद चोरों ने दुकान से लाखों की माल किया पार

Young Writer, सकलडीहा। सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के तुलसी आश्रम कस्बा में शनिवार की देर रात चोरों ने एक कपड़ा दुकान को निशाना बनाया। चोरों ने गैस कटर की मदद से शटर काटकर करीब डेढ़ लाख की साड़ी चुराकर चंपत हो गये। रविवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर दुकानदार परेशान हो गया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस तहरीर लेकर जांच में जुट गयी है।

बताते हैं कि पीथापुर गांव निवासी लाल साहब की तुलसी आश्रम कस्बा में कपड़ा की दुकान है। रोज की भांति शनिवार की शाम को दुकान बंद करके रिश्तेदारी में चला गया। चोरों ने इसकी का फायदा उठाते हुए देर रात को गैस कटर से शटर काटकर दुकान के अंदर घुसे। इसके बाद दुकान में रखा करीब डेढ़ लाख की दो सौ पीस साड़ी चुराकर चंपत हो गए। रविवार की सुबह दुकान की हालत देख दुकानदार परेशान हो गया। घटना को लेकर दुकानदार ने सकलडीहा कोतवाली पुलिस को अवगत कराया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने तहरीर लेकर जांच में जुट गयी है। इस बाबत कोतवाल विनोद मिश्रा ने बताया कि मामला की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया संदिग्ध लग रहा है।

भाजपा सरकार में प्रदेश कर रहा उन्नति, हो रहा सर्वांगीण विकास: सुशील सिंह

Young Writer, धानापुर। विधानसभा सैयदराजा के मिश्रपुरा चेता दुबे पुरवा में रविवार को विधायक सुशील सिंह (Sushil Singh) ने जन चौपाल लगाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों का हाल जाना और समस्याओं को दूर करने का मजबूत भरोसा दिया। साथ ही सदस्यता अभियान के तहत सैकड़ों लोगों को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई इस दौरान सुशील सिंह ने कहा की पहले की सरकारों ने प्रदेश का बंटाधार कर दिया था। लेकिन भाजपा की सरकार ने प्रदेश को विकास के पंख लगकार उन्नति की ओर प्रदेश को अग्रसर बनाने का काम किया है। कहा कि भाजपा की सरकार फिर से बनी तो गरीबों की बुनियादी जरूरतों का ख्याल सरकार रखेगी।

सैयदराजा विधायक सुशील सिंह (Sushil Singh) को स्मृति चिह्न भेंट कर भाजपा कार्यकर्ता।

उन्होनें कहा कि प्रदेश सरकार तमाम योजनाएं चलाई है। जिसका लाभ सीधे जनता तक पहूंच रहा है। क्षेत्र में सिचाई पढाई और स्वस्थ को सुविधाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए योजनाओं प्रययोजनाओं को मुर्त रूप दिया जा रहा है। कहा कि नरायनपुर पम्प कैनाल क्षमता वृद्धि से नरवन महाइच के साथ जनपद के अन्य हिस्सो को सिचाई समस्य से निजात मिलेगा। वही मेडिकल कॉलेज से युवाओं को पठन पाठन के साथ रोजगार के अवसर भी सुलभ होगें तथा स्वस्थ सुविधा बेहतर होगी। उन्होनें कहा की चुनावी बयार में बहुत सारे भ्रम फैलाए जाते है। लेकिन जनता भ्रम फैलाने वालो को जान चुकी है। क्षेत्र के समस्य को एक एक कर निपटाया जा रहा है। जनता की समस्य का हर हाल में समाधान  किया जायगा। ब्लाक प्रमुख अजय सिंह ने भी इस अभियान में भागीदारी की और कहा की प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के हर हर वर्ग के लिए काम किया है।उन्होंने लोगो को आश्वस्त किया अपनी समस्याओं को ब्लाक तक पहुचाये जितना संम्भव होगा विकास का हर काम गाव गाँव तक पहुचाने का हमारा वादा है इस अवसर पर विनोद पाण्डे,रमेश मिश्रा,अशोक, मिथिलेश दुबे, रामअवतार, सत्यवान, मोराजी, विमल सिंह दादा, राजेंद्र दुबे, जय प्रजापति, शिव सागर निषाद, राम चौबे, रवि प्रताप आदि उपस्थित रहे 

यूपी में प्रचंड बहुमत के साथ बनेगी समाजवादी पार्टी की सरकार

Young Writer, चंदौली। विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने बूथ स्तर पर चुनाव जीतने की रणनीति बनाने के लिए अपने सभी फ्रंटलों को मैदान में उतार दिया है। समाजवादी युवजन सभा, समाजवादी छात्र सभा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन मुगलसराय विधानसभा के एक लॉन में आयोजित किया गया। जिसमें समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद और छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव सहित कई अन्य सपा नेता भी शामिल हुए। इस दौरान सपा नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा और बूथ स्तर पर समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की जानकारी व टिप्स दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में जनपद के विभिन्न इलाकों से सपा कार्यकर्ता और सपा जिला अध्यक्ष संगठन के पदाधिकारि कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे।

समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद ने दावा किया की 2022 विधानसभा चुनाव यूपी में प्रचंड बहुमत के साथ समाजवादी सरकार बनेगी। दावा किया कि जनसहयोग व समर्थन के बूथे समाजवादी पार्टी 350 से अधिक सीटें जीतने का काम करेगी। समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद ने कहा डेढ़ 2 महीने से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे नेता अखिलेश यादव रथ लेकर चले हैं फिर देश की जनता ने सबूत दे दिया है। जनता ने मूड बना लिया है 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने जा रही है ।भारतीय जनता पार्टी जो रैलियां हैं पूरी जो प्रधानमंत्री से लेकर उनकी कैबिनेट तमाम बड़े नेता जो यहां आ रहे हैं आप भी देख रहे हैं किस तरह से यहां के प्रशासनिक लोगो का इस्तेमाल करके रैली मे भीड़ इकट्ठा करने का काम वह लोग कर रहे हैं। उसके बाद भी भीड़ वहां मौजूद नहीं होती यह बात आप सब लोग यह समझ रहे हैं प्रदेश की जनता तैयार है यह बदलाव के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए ।

दीनदयाल के भावबोध में भारतीय दर्शन की अनुगूंज

हृदय नारायण दीक्षित

Young Writer, साहित्य पटल। लेखकः उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित की कलम से

भारत की ऋषि परंपरा प्राचीन है। ऋषियों को मंत्र द्रष्टा कहा गया है। ऋषि अनेक हैं। सब संवादरत हैं लेकिन अनुभूति एक है। एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति। प0 दीनदयाल उपाध्याय आधुनिक काल के तत्वद्रष्टा ऋषि हैं। उन्होंने एकात्म मानव दर्शन का विचार दिया। भारतीय राष्ट्रभाव के संवर्द्धन में पूरा जीवन लगाया। वे राष्ट्रवादी विचार के संवादी थे। दीनदयाल जी सभी संवादों में सिद्ध थे। सम्वाद की कई कोटियां होती हैं – जैसे बुद्धि और बुद्धि के मध्य सम्वाद। वाद और प्रतिवाद का संवाद। लेकिन असली संवाद हृदय से हृदय के मध्य होता है। हृदय बोलता है, हृदय सुनता है। तब मन बुद्धि और प्राण सहचित्त हो जाते हैं।
दीनदयाल जी की राष्ट्र अनुभूति गहन थी। उन्होंने इसी ध्येय के लिए संपूर्ण जीवन राष्ट्रार्पित किया था। उन्होंने हजारों प्रबोधन व बौद्धिक दिए। वे प्रेरित करते थे, प्रभाव डालते थे। सक्रिय करते थे। इस सबका मूल कारण था कथन और कर्म की एका। प्रामाणिक जीवन का आचार व्यवहार अपने आप में बहुत बड़ा संवाद होता है। इसका प्रभाव दीर्घकालिक भी होता है। पंडित जी ध्येयनिष्ठ सृजनशील थे। उनके प्रबोधन से सहस्त्रों कार्यकर्ता सक्रिय हुए और सहस्त्रों कार्यकर्ता राष्ट्रजीवन में यशस्वी भी हुए।
भारत में ऋग्वेद के रचनाकाल से ही प्रश्न व तर्क की महत्ता है। पं0 दीनदयाल उपाध्याय भारतीय दर्शन के उत्कृष्ट विद्वान थे। उन्होंने शंकराचार्य पर एक छोटी सी प्यारी किताब लिखी थी। किताब में उन्होंने शंकराचार्य के दर्षन-ज्ञान की विकास यात्रा को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। शंकराचार्य ने अल्पजीवन में उन्होंने सम्पूर्ण भारत का भ्रमण किया। 11 उपनिषदों का भाष्य लिखा, गीता और ब्रह्मसूत्र पर विषाल भाष्य सहित ढेर सारा साहित्य लिखा। विष्व इतिहास में ऐसा उदाहरण दूसरा नहीं मिलता। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक एकता का तानाबाना बनाया। दीनदयाल जी स्वाभाविक ही शंकराचार्य पर मोहित थे। भारत में अद्वैत दर्षन के साथ शंकराचार्य का नाम जुड़ा हुआ है। अद्वैत दर्शन वैज्ञानिक हैं। उपाध्याय जी ने अद्वैत दर्षन के लिए बादरायण का स्मरण किया है। लिखा है, “शंकर के नाम के साथ अद्वैत तथा वेदान्त का इतना अटूट सम्बन्ध जुड़ गया है कि लोग शंकर को ही वेदांत तत्वज्ञान का जन्मदाता समझने लग गये हैं। वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है। सब तत्वज्ञानों के समान वेदांत तत्व आदि का स्रोत वेदमंत्र ही हैं। इसको संसार के समक्ष प्रकट करने वाले महर्षि बादरायण थे।” (शंकराचार्य, लोकहित प्रकाशन लखनऊ, पृष्ठ 21)। ब्रह्मसूत्र बादरायण की रचना है।
उपाध्याय जी ने बताया है “महर्षि बादरायण के काल में वैदिक धर्मावलम्बियों में तीन तत्वज्ञान मुख्यतया प्रचलित थे, कणाद का वैषेषिक दर्षन, गौतम का न्याय दर्षन तथा कपिल का सांख्य दर्षन। इसके अतिरिक्त चार्वाक का लोकायत दर्षन, जैनों का अर्हत् दर्षन तथा बौद्धों का तथागत दर्षन बहुत प्रसिद्ध है।” (वही, पृष्ठ 21) स्पष्ट है कि दीनदयाल जी भारतीय दर्षन के सूक्ष्म तत्वों से सुपरिचित थे।
उपाध्याय जी के दार्षनिक विवरण में भारतीय दर्षन की विकास यात्रा के बीजसूत्र हैं। लिखते हैं “वैदिक दर्षनों में कणाद भौतिकवाद का, कपिल द्वैतवाद का तथा गौतम नीरस तर्क का आश्रय लेकर संसार में द्वैधीभाव, अनास्था और अविष्वास का प्रचार कर रहे थे। कृष्ण तथा महर्षि वेदव्यास के बताये हुए मार्ग को लोग भूलते जाते थे। ऐसे समय में देष की समस्त बुराइयों को दूर कराने तथा वेदों का सारगर्भित अर्थ प्रकट करने के लिए तीन नये दर्षनों की रचना हुई, वे हैं पतंजलि का योग दर्षन, जैमिनि का मीमांसा दर्षन तथा बादरायण का वेदान्त दर्षन।” (वही पृष्ठ 22)
दर्षन और विज्ञान मनुष्य और समाज के समग्र विकास के लिए ही होते हैं। दीनदयाल जी ने इसीलिए पतंजलि के योग दर्षन, जैमिनी के मीमांसा व वादरायण के वेदान्त दर्षन को ‘सारगर्भित अर्थ प्रकट करने वाला बताया है। दीनदयाल जी कहते हैं कि लेकिन “वेदान्त इन सबमें प्रमुख है।” (वही, 22) वेदान्त ही प्रमुख क्यों है? लिखा है “युगो युगों से हिन्दुस्थान के महापुरूषों ने इसी में शान्ति पाई है।” (वही, पृष्ठ 22)
वेदांत के ‘अद्वैत’ में संपूर्ण सृष्टि एक इकाई है। दूसरा कुछ और नहीं-अद्वैत यानी दो नहीं। अद्वैत का यह दर्षन भारत की सनातन परम्परा है। वेदान्त को सूत्रों में बांधने का काम बादरायण ने किया था लेकिन दर्षन को भारत के जन जन तक पहुंचाने का काम शंकराचार्य ने किया। वेदान्त दर्षन भारतीय दर्षन का प्रतिनिधि है। यूरोप के दर्षनषास्त्री बहुत लम्बे समय तक ‘वेदान्त’ को ही भारतीय दर्षन मानते थे। पं0 दीनदयाल उपाध्याय ने बादरायण को स्वाभाविक ही प्रतिष्ठा दी है, उन्होंने लिखा, “श्रुति, स्मृति, उपनिषद् तथा श्रीमद्भगवत् गीता के अर्थ को सुस्पष्ट करने के लिए तथा ऊपर-ऊपर से देखने के कारण इन ग्रन्थों में आपस में विरोध देखने वालों के विरोधाभास को नष्ट करने के निमित्त उन्होंने स्वयं वेदान्त सूत्रों की रचना की।” (शंकराचार्य, पृष्ठ 23) असल में ऋग्वेद से लेकर उपनिषद् तक दर्शन की धारणा ‘एक सत्य’ की ही है। ब्रह्मसूत्रों में सभी ऐसे नामों को एक अर्थ दिया गया है। तब ब्रह्मसूत्र, उपनिषद् और गीता ज्ञान यात्रा की प्रस्थानत्रयी कहे गए थे। उपाध्याय जी ‘प्रस्थानत्रयी’ परम्परा से पूर्णतया अवगत थे। लिखते हैं “उपनिषद् वेदान्त सूत्र तथा गीता अपने धर्म की प्रस्थानत्रयी के नाम से विख्यात है।” (वही पृष्ठ 23)
पं0 दीनदयाल उपाध्याय भारत की सांस्कृतिक एकता में ही राष्ट्रभाव की स्थिरिता देखते थे। राजा और राज्य व्यवस्थांए आती जाती रहती हैं लेकिन सांस्कृतिक प्रवाह अविच्छन्न रहते हैं। शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता को पुनर्नवा ऊर्जा दी थी। उन्होंने शंकराचार्य के वाराणसी प्रवास का वर्णन किया है, “भगवती भागीरथी के किनारे दषाष्वमेध घाट पर इन मिटते हुए साम्राज्यों तथा भारत की एकता के प्रष्न पर अवष्य ही विचार किया होगा। वहां यदि उन्होंने निर्णय किया हो तो क्या आष्चर्य कि बिना सांस्कृतिक एकता के, बिना विचारों के एक छत्र साम्राज्य के राजनैतिक एकता टिकाऊ नहीं होती। सांस्कृतिक एकता होते हुए राजनीतिक भिन्नताएं भी राष्ट्र का गला नहीं घोंट सकतीं।”
उपाध्याय जी ने लिखा, “कल कल करती हुई जाह्नवी ने उनका समर्थन किया। पुण्य सलिला की स्वच्छ जलराषि ने उनको स्नान के लिए आमंत्रित किया। शंकराचार्य स्नान करके निकले तो उनकी कान्ति द्विगुणित थी। संसार के समान गंगा का जल सामने से भागता जा रहा था, प्रतिक्षण परिवर्तनषील किन्तु अभिन्न कितना अनित्य किन्तु शांत। काषी की गंगा और हरिद्वार की गंगा एक है। दोनो को कौन अलग कहेगा? वे समान हैं, उनका स्रोत समान है, ध्येय समान है। यही है भेद में अभेद, भिन्नता में अभिन्नता, अनेकत्व में एकत्व, जिसको वे संसार को बताना चाहते थे।” (वही, पृष्ठ 41 व 42)

दीनदयाल जी के भावबोध में भारतीय दर्शन की अनुगूंज है। उन्होंने लिखा “गंगा में उठने वाली भंवर और तरंगें सत्य नहीं हैैं, वह तो वायु के परिणाम स्वरूप हैं। वे ऊपर की हैं, नित्य नहीं। शंकराचार्य की ‘अद्वैत’ प्रेरणा व वैदिक प्रतीति से उपाध्याय के चित्त में ‘एकात्म मानवदर्षन का उदय’ हुआ। उपाध्याय जी ‘एकात्म मानवदर्शन’ को लेकर सांस्कृतिक राष्ट्रभाव के लोकजागरण में सक्रिय थे। पं0 दीनदयाल उपाध्याय एकात्म अनुभूति वाले ऋषि द्रष्टा थे। दीनदयाल जी ने बहुत कुछ लिखा, बहुत कुछ कहा। भारत केवल भूगोल नहीं। यूरोपीय तर्ज का नेशन स्टेट नहीं। भारत एक विचार है। ज्ञान विज्ञान और दर्शन की पुण्य धरती। आकाश से धरती पर उतरी वैदिक ऋचा है भारत। एक मधुर गीत। शब्द ब्रह्म हैं। अमर हैं। उनके बोले लिखे शब्द अजर-अमर हैं। उनके शब्द हमारा आत्मरूपांतरण करते हैं। दीनदयाल जी के विचार अमर हैं। उन्हें पढ़ना दीनदयाल जी को सुनना है। अंग्रेजी के कवि शेली ने ‘एडोनिस’ में लिखा है “प्रकृति में पुनर्नवा शक्ति है। दीप्ति आभा बदल जाती है सुगंध में – ह्वेयर स्पलेंडर इज चेंज्ड इन टू फ्रेंगरेंस।” दीनदयाल जी की शब्द दीप्ति में शब्द गंध भी है। भारत इसी संदेश को ग्रहण करते हुए परम वैभवशाली हो सकता है।

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