Young Writer, चंदौली। किशोर न्याय बोर्ड चंदौली की ओर से शनिवार को बाल अपचारी की पत्रावली की सुनवाई की गई। उक्त बाल अपचारी की चार पत्रावली विगत 19 वर्षों से बोर्ड के समक्ष विचाराधीन थी। इस दौरान किशोन न्याय बोर्ड ने सम्प्रेक्षण गृह में बिताई गई अवधि के साथ-साथ 3 माह की सामुदायिक सेवा व 40 वृक्ष लगाए जाने के दण्ड से दंडित किया है।
किशोर न्याय बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि बाल अपचारी को छायादार व फलदार वृक्ष सरकारी नर्सरी से निःशुल्क प्रदान किया जाए। बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक उसके द्वारा लगाए गए पौधे पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाते उसे तब तक उन पौधों की सेवा करनी होगी। बोर्ड द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए डीपीओ चंदौली व संबंधित ग्राम प्रधान को निगरानी करने व उसकी आख्या किशोर न्याय बार्ड को प्रेषित करने के लिए आदेशित किया गया है।
किशोर को मिला 3 माह की सामुदायिक सेवा व 40 वृक्ष लगाने का दण्ड
अयोध्या सांसद की सुरक्षा को लेकर एडीएम से मिले सपाई‚ बोले नहीं पच रही अयोध्या में दलित की जीत
Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी का एक दल शनिवार को अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद पासी की सुरक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि अयोध्या से निर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद पासी को जान का खतरा है, जिसे देखते हुए उन्हें अतिविशिष्ट सुरक्षा व्यवस्था देकर उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायन राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। अब तक आम दलित परिवार व लोगों को निशाना बनाया जाता था, लेकिन आज अयोध्या से भाजपा प्रत्याशी को हराकर जनसमर्थन से जीत दर्ज करने वाले दलित समुदाय के अवधेश प्रसाद पासी को जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं जिससे उनके खिलाफ हो रहे षड्यंत्र का पता चलता है।

सयुस के पूर्व महासचिव दिलीप पासवान ने कहा कि हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में अयोध्या लोकसभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद पासी ने जीत दर्ज की है। उनकी जीत के बाद समाज को बांटने का षड्यंत्र करने वाले व धर्म का धंधा चलाने वाले तथाकथित संत (बाबा) व कुछ अवांछनीय किस्म के लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके अयोध्या के नवनिर्वाचित सांसद के एक-दो माह में मौत की बातें कहीं जा रही है। ऐसे तथाकथित लोगों का सोशल मीडिया पर वक्तव्य उनके षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। ऐसे में नवनिर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद पासी के जान-माल का खतरा बना हुआ है। क्योंकि उन्होंने प्रतिष्ठित रामजन्म भूमि अयोध्या से भाजपा के सवर्ण जाति के दबंग प्रत्याशी को शिकस्त दी है।
ऐसे में लोग इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं और तमाम तरह की अनाब-शनाब बातें और षड्यंत्र करके अवधेश प्रसाद पासी को किसी भी कीमत पर अयोध्या सांसद की कुर्सी से हटाने का कुचक्र रच रहे हैं। मांग किया कि अयोध्या से निर्वाचित दलित समुदाय के सांसद अवधेश प्रसाद पासी के जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अतिविशिष्ट श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करायी जाए, ताकि अयोध्या लोकसभा क्षेत्र से दलित जनप्रतिनिधि का जनप्रतिनिधित्व कायम रह सके। इस अवसर पर अरुण पासवान, जयप्रकाश पासवान, धर्मेंद्र पासवान, सुमित पासवान, अभिषेक पासवान, मनोज पासवान, पंकज पासवान‚ प्रमोद पासवान आदि उपस्थित रहे।
Word Blood Donate Day: उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित हुए जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजीत सोनी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल सभागार में गोष्ठी का हुआ आयोजन
Young Writer, चंदौली। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला अस्पताल सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्था और व्यक्तियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसी कड़ी में सीएमओ डा. वाईके राय व एएसपी विनय कुमार सिंह ने रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी को स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और संस्था के लोगों की हौसला आफजाई की।

इस दौरान सीएमओ डा. वाईके राय ने कहा कि आज रक्त की कमी को पूरा करने का एकमात्र साधन रक्तदान है। रक्त को किसी भी लैब में निर्मित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान कर दूसरों की जान बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग रक्तदान के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए निरंतर कई वर्षों से प्रयासरत है। यही वजह है कि लोगों रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और इस कार्य में कई संस्थाओं व व्यक्तियों ने रक्तदान करके दूसरों को प्रेरित व जागरूक करने का काम किया है।
जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी ने कहा कि गरीब, असहाय व जरूरतमंदों की मदद के लिए संस्था अपने स्थापना वर्ष से काम कर रही है। समय-समय पर विभिन्न आयोजनों के जरिए लोगों को रक्तदान करने के प्रेरित किया जाता है। बताया कि संस्था के सदस्य रक्तदान को लेकर सदैव सजग रहते हैं। जब भी किसी जरूरतमंद व असहाय को रक्त की जरूरत पड़ती है संस्था के सदस्य रक्तदान कर उस कमी को पूरा करने का काम करते हैं। संस्था ऐसे तमाम सदस्यों व लोगों की सराहना करती है जिन्होंने रक्तदान कर लोगों की जान बचाने का काम किया है। उन्होंने भरोसा दिया कि आगे भी संस्था रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर सीओ सदर राजेश राय, कोतवाल गगनराज सिंह, संजय चौरसिया, सतीश सिंह, राहुल श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
Ganja Smuggling: 10 किलो गांजा के साथ GRP ने तस्कर को किया गिरफ्तार
Young Writer, डीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से दस किलो गांजा बरामद किया। गिरफ्तार युवक झारखंड से गांजा लेकर दिल्ली जा रहा था। युवक का चालान किया गया।
जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए संदिग्धों की तलाश मे लगातार जांच पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार की सुबह साढ़े पांच बजे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
प्लेटफार्म संख्या सात और आठ के पश्चिमी छोर पर स्टेशन नाम पट्टिका बोर्ड के पास एक 40 वर्षीय युवक संदिग्ध हाल मे दिखाई दिया। उसे पकड़ कर उसके बैग की तलाशी लेने पर उसमें गांजा बरामद हुआ। थाने लाकर तौल की गई तो गांजा दस किलो मिला। पूछताछ में युवक ने अपना नाम मु साबिर निवासी फूस बंगला मस्जिद के पास जोरा पोखरा जिला धनबाद बताया। जीआरपी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि बरामद गांजा की कीमत तीन लाख पचास हजार रुपये आंकी गई है। युवक ने बताया कि वह बिहार और झारखंड से गांजा लेकर दिल्ली हरियाणा,पंजाब उत्तर प्रदेश में ले जाकर ऊंचे दाम पर बेचता है। युवक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया।
Chandaulu:खाकी पर हाथ डालना ग्रामीणों को पड़ा भारी,36 नामजत और 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चकिया। विगत शुक्रवार की देर रात चकिया इलिया मार्ग पर स्थित मंगरौर गांव निवासी रमाशंकर साहनी के इकलौते पुत्र कृष्णानंद उर्फ किशन19 वर्ष की गिट्टी लादकर बिहार की तरफ जा रही ट्रैक्टर वाहन संख्या बी आर 45 जीए 9246 ने जोरदार टक्कर मार दी थी। जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने चकिया इलिया मार्ग पर चक्का जाम करते हुए 112 नंबर 3133 पीआरबी के जवानों पर पैसा लेकर ट्रैक्टर के ड्राइवर को भाग देने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया था।
कोतवाली पुलिस ने ट्रैक्टर वहां को कब्जे में लेते हुए और अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। रमाशंकर साहनी का इकलौता पुत्र कृष्णानंद उर्फ किशन 19 वर्ष विगत शुक्रवार की देर रात लगभग 10 बजे के आसपास सैदपुर बाजार से मोबाइल बनवाकर अपने घर मंगरौर लौटा ही था। कि बिहार की तरफ जा रही गिट्टी लदे ट्रैक्टर वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी और आसपास के लोगों ने ट्रैक्टर का पीछा कर बरहूआ गांव के पास से धर दबोचा था इसके बाद 112 नंबर के हवाले कर दिया था। लेकिन किसी तरह ड्राइवर भाग निकला जिस पर ग्रामीणों ने पीआरबी के जवानों पर पैसा लेकर छोड़ने का आरोप लगाते हुए उनके संग मारपीट करते हुए चक्का जाम कर दिया था जिससे पीआरबी के हेड कांस्टेबल शेर बहादुर सरोज कांस्टेबल भानु प्रताप और हेड कांस्टेबल हंसराज चौहान को चोट आई थी। हेड कांस्टेबल शेर बहादुर सरोज के तहरीर पर चकिया कोतवाली में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 36 लोगों पर नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
समन्वय की महिमा का सन्देश : डा. उमेश प्रसाद सिंह
Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार Dr. Umesh Prasad Singh
अभी-अभी चुनाव समाप्त हुआ है। मतगणना पूरी हुई है। परिणाम घोषित हो चुके हैं। सारी अटकलों, अनुमानों, आग्रहों, दुराग्रहों से संपोषित तर्कों के जाल-जंजाल को ध्वस्त करता जनादेश सबके सम्मुख उपस्थित हो गया है। एक्जिट पोलों के ढोल की पोल खोलता जनता का निर्णय जनतंत्र के आँगन में उतर आया है। उसके प्रकाश में अँधेरे में दबी-छिपी हुई वास्तविकताओं की विद्रूपताएँ उद्भासित हो उठी हैं। इसके प्रकाश में अतिशय आत्मविश्वास में डूबे हुए चेहरे की उतरी हुई रौनक भी साफ दिखने लगी है। अराजक महत्वकांक्षा की अनपेक्षित ग्लानि का गुबार भी समय की आँख को सूझने लगा है। नाना तरह के समूहों में शिकायत का अंधड़ भी धूल उड़ाने लगा है। बहुतों की जबान बदचलन हो उठी है। जाने कितने कितनों पर आँख तरेरने लगे हैं। धुँआ-धुँआ के बादलों के बीच हुआँ, हुआँ का शोर वातावरण को बदरंग बनाने में बेचैन दिखने लगा है। यह सब है। यह सब सतह पर है। सतह के नीचे गहराई में कोई गंभीर ध्वनि गूँज रही है। उस ध्वनि को कोई सुने, न सुने,मगर वह गूँज रही है।
जो ध्वनि गूँज रही है, वह भारत की जनता की सामूहिक अस्मिता की ध्वनि है। वह ध्वनि भारतीय आत्मा की ध्वनि है जो शताब्दियों, सहस्त्राब्दियों से इस महादेश के शून्य के अनन्त अन्तराल में गूँजती रही है। वह ध्वनि भारतीय जन में जीवित जनतंत्र की ध्वनि है। यह ध्वनि भारतीय जनतंत्र की दशा-दुर्दशा को लेकर उठने वाले प्रश्नों के उत्तर की ध्वनि है। यह ध्वनि कह रही है कि हमारे जनतंत्र की आत्मा संसद में नहीं, संविधान में नहीं, सरकार में नहीं, विपक्ष में नहीं,वह भारतीय जन में बसती है।
यह सच है कि भारतीय जन का स्वरूप देश में भी और देश के बाहर भी सम्मान जनक पद को प्राप्त नहीं है। सत्ता के आकांक्षी राजनीतिक, श्रेष्ठताबोध की ग्रंथि से ग्रसित बुद्धिजीवी और आर्थिक अधिपत्य के अन्धे अहंकार में डूबे उद्योगपति भारतीय जनता की गँवार छवि के ही प्रस्तोता बने रहने में गर्व का अनुभव करते है। मगर यह भी सच है कि भारतीय जनता इन सब धारणाओं, अवधारणाओं की परवाह नहीं करती। उसका विश्वास विशेषण में नहीं रहता। वह संज्ञा बने रहने की ही हमेशा से उपासक रही है। कोई कुछ भी कहें, वह सबसे बेखबर अपने सहज जीवन में व्यस्त और मस्त रहती है। वह घटनाओं, परिघटनाओं के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करती। अवसर की प्रतीक्षा करने का धैर्य उसने विरासत में पा रखा है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि भारतीय जनता नींद से अनुकूल अवसर आने पर जागती है। जब जागती है तो इतिहास के प्रवाह में विवेकपूर्ण सार्थक हस्तक्षेप करके उसे सही दिशा में अग्रसर होने को प्रेरित करने में सफल होती है। खण्डित दृष्टिकोण की संकुचित सीमा से बाहर निकल कर तटस्थ और समग्र बोध में देखने पर भारतीय जनता के सामूहिक मंतव्य की महत्ता को समझा जा सकता है।
अभी-अभी सम्पन्न चुनाव से प्राप्त जनादेश को गहराई से समझा जाय तो यह दलगत राजनीति के स्वीकार या नकार से अधिक व्यंजक संकेतों को उद्घटित करता है। यह जनादेश अतियों के अस्वीकार का जनादेश है। अतिआत्मविश्वास के दम्भ के विरूद्ध जनादेश है। अपने को शक्तिमान और सर्वसमर्थ समझ लेने के भ्रम के भंजन का जनादेश है। यह जनादेश संकीर्णताओं से उबरने की सलाह का जनादेश है। पाखण्ड को मुँह न लगाने का जनादेश है। यह जनादेश विद्वेष के प्रसार के प्रतिरोध का जनादेश है। यह किसी दल के समर्थन या विरोध के निहितार्थ पर अवलम्बित जनादेश नहीं है। यह पक्ष और विपक्ष के सारे दलों के प्रति अपनी-अपनी आतियों औ अपनी-अपनी संकीर्णताओं से बाहर निकलने के अनुरोध का उद्घोष है। यह जनता के सामूहिक विखंडन की वृत्ति से बाहर निकलने के अनुरोध का उद्घोष है। यह जनता के सामूहिक अस्तित्व के बँटवारे के विनम्र विरोध की अभिव्यक्ति है। यह राजनीति में भाषा की मर्यादा के अनुपालन के अनुरोध का आमंत्रण है। यह राजनीति से व्यवहारिक पाखण्ड से विमुक्त होने का आह्वान है।
भारतीय जन और भारतीय जनतंत्र कई तरह की वैचारिक अतियों की विकृतियों के विक्षोभ का प्रहार सह चुका है। उसने छद्म धर्मनिरपेक्षता की प्रताड़ना की पीड़ा को भोग लिया है। जड़ों को हिलाकर उलसा देने वाली धर्म के ऊफान की आँधी के आलोड़न का दंश झेल चुका है। देश की समग्रता को खण्ड-खण्ड में विखण्डित करने के स्वार्थी मंसूबों की मार से सिहर चुका है। अब यह सब वह नहीं चाहता। अब वह लोकतंत्र की उदार गरिमा के उज्ज्वल अभिषेक की आकांक्षा की उपासना में समर्पण चाहता है।
अब इस महादेश की अन्तर्चेतना एक विराट धर्म प्राण समाज व्यवस्था की स्थापना की आवश्यकता की तरफ संकेत कर रही है। अपनी विरासत की गरिमा के अनुकूल उदार और समावेशी सोच के विस्तार के लिए अग्रसर होने का आह्वान कर रही है। असहमतियों को दबाने, कुचलने और उनका उपहास करने की जगह विरूद्धों के बीच सामंजस्य की साधना में प्रवृत्त होने की प्रेरणा दे रही है। विचार के लिए विचार करने की जगह, श्रृंगार के लिए विचार करने की जगह जीवन में विचार की प्रतिष्ठा के लिए उत्प्रेरित कर रही है। प्रकृति में भिन्नताओं का होना स्वाभाविक है, भिन्नताओं के आधार पर संघर्ष की प्रकृति समाज को अशांत करती है, विश्रृंखल करती है, बलहीन करती है। भिन्नताओं को अभिन्नता के सूत्र में गूँथकर समन्वय की साधना से जिस माला का निर्माण होता है, उससे मनुष्यता के सौन्दर्य की शोभा बढ़ती है। शासन व्यवस्था अधिकार सुख के विलास के लिए नहीं होनी चाहिए। उसे मनुष्यता के उत्थान की उत्प्रेरणा के लिए होना चाहिए। नायकत्व अहं के आस्फालन में नहीं है। अपनी श्रेष्ठता के दम्भ के विस्फोट में नहीं है। नायकत्व की सार्थकता व्यक्तिगत अहं के सामूहिक अहं में विलय होने की प्रक्रिया में चरितार्थ होती हैं।
यह जनादेश कहना चाहता है कि दलों को दलीय हितों की संकुचित सीमा से बाहर निकल कर राष्ट्रीय उत्थान के निमित्त समन्वय की विराट चेतना के स्पन्दन से जुड़ने की जरूरत है। आपसी सद्भाव के विकास को वरीयता देने में प्रवृत्त होना है। जनता कहना चाहती है कि भारतीय राजनीति को जन को वोट की तरह और जनसमुदाय को वोट बैंक की तरह देखने की बजाय उसे मनुष्य के रूप में देखना अधिक महत्वपूर्ण है। बिखरे हुए मनुष्यों में बिखरी हुई विद्युतशक्ति के निरुपाय कणों को समन्वित करके मनुष्यजाति के मंगल विधान के महास्वप्न को साकार करने के अभियान में नियोजित करने के संकल्प का उदय ही नए युग के सूर्योदय का प्रतीक है। यही हमारी महत्तम विरासत है। इस विरासत का वंदन हमारे समय की सबसे बड़ी मांग है। हमारा समय हमारे समय के नायक को जयशंकर प्रसाद के शब्दों में पुकार रहा है-
शक्ति के विद्युतकण जो व्यस्त, विकल बिखरे हैं हो निरुपाय। समन्वय उनका करे समस्त, विजयिनी मानवता हो जाय।। एक समावेशी, उदार और सहिष्णू सामाजिक निर्माण की अपेक्षा भारतीय अस्मिता की सुचिंतित पुकार है।
Dr. Umesh Prasad Singh
Lalit Nibandhkar (ललित निबंधकार)
Village and Post – Khakhara,
District – Chandauli, Pin code-232118
Mobile No. 9305850728
Chandauli:पति पत्नी के बीच चल रहा था विवाद पंचायत से पहले ही विवाहिता ने लगाई फांसी,मौत
डीडीयू नगर। क्षेत्र के आलमपुर सोनकर बस्ती में संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को विवाहिता ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
क्षेत्र के जफरपुर गांव निवासी राजेंद्र सोनकर की पुत्री रितु सोनकर 32 वर्ष की लगभग 13 वर्ष पूर्व आलमपुर गांव निवासी गोपी सोनकर के पुत्र लोटन सोनकर से हुई थी। दोनों से दो पुत्र लकी 11 वर्ष ,अंसू 7 वर्ष एक पुत्री चिश्ती 6 वर्ष है। लेकिन लंबे समय से दोनों में विवाद चल रहा था। कई बार इसकी पंचायत भी हो चुकी है। बुधवार को भी पांच बजे पंचायत रखी गई थी कि इससे पहले ही गृह कलह से उबकर विवाहित रितु ने अपने कमरे के अंदर साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। बाहर खेल रहे बच्चों द्वारा दरवाजा खुलवाने पर नहीं खुला तो रोने भी विलखने लगे। इतने में पति लोटन भी पहुंच गया और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया नहीं खुलने पर दरवाजा किसी प्रकार खोला तो फांसी के फंदे से रितु लटकी हुई थी। यह देख छोटे-छोटे बच्चे काफी चिखने चिल्लाना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर मारने पीटने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा शुरू किया। हालांकि मौके पर पहुंची अलीनगर पुलिस ने लोगों को समझा बूझकर व कार्रवाई का आश्वासन देकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। वही पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
Chandauli:स्पेशल ट्रेनों को चलने के बावजूद यात्रियों को नहीं मिल रहे रिजर्वेशन
श्रमजीवी पुरुषोत्तम ब्रह्मपुत्र मेल के जनरल कोचों में यात्रा करने को मजबूर है यात्रि
डीडीयू नगर। गर्मी की छुट्टियों में रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। बावजूद इसके ट्रेनों में रिजर्वेशन के लिए यात्री परेशान हैं। विशेष कर मुंबई जाने वाली ट्रेनों में एक माह तक सीट उपलब्ध नहीं है। वहीं दिल्ली और मुंबई की ओर से आने वाली ट्रेनों में भी रिजर्वेशन न मिलने पर लोग जनरल कोच में यात्रा कर रहे हैं। वहीं बड़े पैमाने पर लोग जनरल टिकट लेकर स्लीपर और एसी कोच में सवार हो जा रहे हैं। ऐसे में स्थिति यह है कि जनरल ही नहीं स्लीपर और एसी कोच में भी यात्री ठूंसे पड़े हैं। विशेष कर श्रमजीवी एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल आदि में यात्रियों की भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ को पसीने बहाने पड़ रहे हैं।
रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए तीस जोड़ी से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। लेकिन अधिकतर ट्रेनें अपने समय से अत्यधिक देरी से चल रही है। ऐसे में अभी भी लोग नियमित ट्रेनों पर ही आवागमन के लिए भरोसा कर रहे हैं। वहीं ट्रेनों में आवागमन के लिए यात्रियों की भीड़ कम नहीं हो रही है। इसका असर ट्रेनों की भीड़ पर दिख रहा है। बुधवार को मुंबई जाने वाली ट्रेन की स्थिति देखने पर पता चला कि चार जुलाई तक किसी ट्रेन में सीट उपलब्ध नहीं है। चार जुलाई को पटना बांद्रा टर्मिनस में स्लीपर में सात ओर थर्ड एसी में दो नंबर वेटिंग है। वहीं पटना लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के स्लीपर में आठ, एसी में 31, रांची लोकमान्य तिलक टर्मिनस में स्लीपर में 19 और थर्ड एसी में 12, मुंबई मेल में स्लीपर में 18 जबकि थर्ड एसी में सात वेटिंग टिकट मिल रहा था। इसी तरह पाटलिपुत्र लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के स्लीपर में 13 जबकि थर्ड एसी में पांच, डिब्रूगढ़ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के स्लीपर में 20 जबकि थर्ड एसी में 16 वेटिंग रहा। यही हाल दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता जाने वाली ट्रेनों का भी है। यह नहीं है कि सिर्फ जाने वाली ट्रेनों में बल्कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई, अहमदाबाद की ओर से आने वाली ट्रेनों की स्थिति भी दयनीय है। स्थिति यह है कि ट्रेन के पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचते ही सवार होने के लिए यात्रियों में मारामारी की स्थिति हो रही है। वहीं ट्रेनों के लेट होने के कारण लोग यात्री हाल में घंटों बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं।
Chandauli:कर्ज से परेशान होकर युवक ने लगाई फांसी,मौत
व्यापार में कर्ज होने के कारण काफी दिनों से परेशान चल रहा था युवक शव को कब्जे में लेकर कार्यवाई में जुटी पुलिस
चंदौली। सदर ब्लाक क्षेत्र के नरहन गांव में बुधवार को कर्ज से परेशान होकर एक 24 वर्षीय युवक ने बंद कमरे में साड़ी के सहारे लटकर मौत को गले लगा लिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। वही युवक के मौत की खबर ग्रामीणों में आग की तरह फैल गई। लोगो की सूचना पर पहुची पुलिस ने घटनास्थल पर पहुच कर जांच पड़ताल किया। और शव को जब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताते हैं कि सैयदराजा क्षेत्र के नरहन गांव निवासी आंनद सोनकर 24 बर्ष मैजिक व पिकअप रखकर फल का व्यापार करता था। लेकिन व्यापार में कर्ज होने के कारण वह काफी दिनों से परेशान चल रहा था। जिससे तंग आकर बुधवार को आंनद ने अपने कमरे में जाकर गाटर में लगे कड़ी के सहारे साड़ी से लटकर अपनी ई लीला समाप्त कर लिया। थोड़ी देर बाद परिजनों जब उसके कमरे में गए तो अंदर का नजारा देख सन्न राह गए। और दहाड़े मारकर रोने लगे धीरे धीरे घटना पूरे गांव के आग की तरफ फैल गई। और घटना की जानकारी पुलिस को दी मौके पर पहुची पुलिस ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत सैयदराजा थाना अध्यक्ष सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि कर्ज से परेशान होकर युवक ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अन्य पहलुओं कर पुलिस जांच कर रही है।
चंदौली जनपद वासियों की अनंत काल तक करता रहूंगा सेवाःडा.महेंद्रनाथ

जिले के मंत्री व विधायकों के सहयोग से सभी काम होगे पूरे
चंदौली। मुख्यालय स्थित डाक बंगले में बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद पहली बार पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा के 452911 मतदाताओं का हार्दिक आभार है। जिन्होंने मुझे अपना बहुमूल्य वोट दिया। चुनाव में क्या कुछ कमी रह गई। पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। जो भी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि चंदौली जनपदवासियों की अनंत काल तक सेवा करता रहूंगा। विकास के जो कार्य शुरू कराए गए हैं। वे पूरे होंगे। जिन बड़े कार्यों का शिलान्यास कराया गया है। उन्हें भी पूर्ण कराया जाएगा। बताया कि जिले के लिए और भी कई बड़ी परियोजनाएं हैं। जिनकी स्वीकृति का प्रयास किया जाएगा। कहा कि चुनाव जरूर हारा हूं, लेकिन मन से नहीं हारा। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार कायम है। जिले के मंत्री व विधायकों के सहयोग से सभी काम पूरे कराए जाएंगे। पत्थरों पर भले ही मेरा नाम न दिखे, लेकिन जनता के दिलों में नाम हमेशा रहेगा। कहा कि मेडिकल कालेज में इसी सत्र से प्रवेश शुरू हो जाएगा। जिस दिन इसका उद्घाटन होगा। उसी दिन इसके नाम को लेकर राजनीति भी समाप्त हो जाएगी। चंदौली-मझवार स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव का प्रयास जारी रहेगा। डाक बंगले को मिनी सर्किट हाउस बनवाने का भी प्रयास किया जाएगा। चंदौली के फुलवरिया में राजकीय कन्या इंटर कालेज का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। भोजपुरी, कुछमन स्टेशन पर आरओबी, सिंघीताली में अंडरपास आदि कार्य भी निकट भविष्य में धरातल पर नजर आएंगे। कहा कि चंदौली में बनने वाले ट्रामा सेंटर का लोकार्पण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से कराने का प्रयास करूंगा। चंदौली में पदाधिकारियों व बड़े नेताओं के बूथों पर मिली हार के सवाल पर कहा कि यह बहुत ही गंभीर विषय है। पार्टी इसकी समीक्षा कर रही है। साथ ही यह भी कहा कि अपने गांव गाजीपुर लोकसभा के गांव पखनपुर में बीजेपी प्रत्याशी को 300 वोटों की बढ़त दिलाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री का यह बयान अपना बूथ हार चुके जिले के नेताओं के लिए संकेत की तरह देखा गया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, विधायक कैलाश आचार्य, पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा, किरन शर्मा, राणा प्रताप सिंह सुर्यमुनी तिवारी, प्रमोद चौबे, संजय सिंह, डा. केएन पांडेय, शिवराज सिंह, प्रमोद तिवारी, हरिवंश उपाध्याय उपस्थित रहे।










