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Friday, July 10, 2026

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तुलसी दास का इंटरव्यू

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

एक दिन सबेरे सबरे तुलसी दास नहा धो कर अपनी लिखी किताब मानस का परायण कर रहे थे , तभी एक टुटपुंजिया अखबार का पत्रकार इंटरव्यू के लिए पहुँच गया । तुलसी ने संकेत से बैठने का इशारा किया । वह चुपचाप बैठ गया । जब तुलसी ने पाठ पूरा कर लिया तो किताब को बेठन में लपेट कर एक तरफ रख दिया । और बोले-
“कहिये श्री मान , क्या सेवा कर सकता हूँ ।”
पत्रकार अपना परिचय देते हुए कहा -” बाबा , एक पत्रकार हूँ , आप का इंटरव्यू लेने आया हूं ।”
तुलसी ने अपनी चुटिया खोली और लटें सीधी करते हुए बोले -” वो तो ठीक है ,परन्तु आज अचानक इसकी क्या आवश्यकता आ पड़ी ।”
पत्रकार अपना पेन और पैड निकाल चुका था , पन्ना पलटते हुए बोला -” बाबा , आजकल धरती पर आप को लेकर माहौल ठीक नहीं चल रहे हैं । आप की इसी किताब पर रोज बवाल मचता है ।”

तुलसी ने पास में रखे लोटे से दो घूंट पानी गले में उतारा और जनेऊ ठीक करते हुए पूछा -” क्या देश में चुनाव आने वाला है ।”
पत्रकार चकित होकर देखा -” आप को कैसे पता ।”
तुलसी ने उत्तर देने की जहमत नहीं उठाई उल्टे सवाल दाग दिया ।” क्या यह सब नेताओं के शह पर नहीं हो रहा है ।”
पत्रकार के पास जी कहने के अलावा कोई अन्य उत्तर नहीं था । दोनों ओर से कुछ देर के लिए चुप्पी आ गयी । पत्रकार सोच रहा था । बाबा तो अन्तर्यामी है । कैसे पल भर में सारी बात जान ली । तुलसी दास सोच रहे थे । राम के देश में कैसे कैसे लोग हो गए हैं । राम ने गद्दी को लात मार दी और चुपचाप वन चले गये । एक ये लोग हैं कुर्सी के लिए क्या क्या उधातम नहीं करते ।
तुलसी ने चुप्पी तोड़ी -” पूछिये , क्या पूछना चाहते हैं।”
पत्रकार ने गला साफ़ किया और बोला -” आज कल आप की कुछ विवादित चौपाइयों पर बहस छिड़ी है , बड़ा बवाल मचा है ।”
तुलसी दास ने कहा -” देखिये , जिसे आप विवादित चौपाइयां कह रहे हैं , उसे विवादित किसने बनाया , जाहिर है इन्हीं नेताओं ने , मैंने तो केवल राम कथा लिखी , जो प्रसंग आये , जैसे आये मैंने लिखा । मैंने विवाद तो नहीं लिखा न, कुछ लोग समय समय पर स्वार्थ की रोटी सेंकते है । अपनी दुकान चलाते हैं ।”
” मगर बाबा , महिलाओ और शूद्रों ने अलग अलग मोर्चा खोल रखा है आप के खिलाफ , उनको लगता है आप ने उन्हें अपमान की आग में झोंक दिया है ।” पत्रकार ने सवाल दागा ।
तुलसी उसी तरह निर्लिप्त भाव से बोले -” और पशुओं और गवारों , ढोलों को कब मौका दे रहे हैं आप के नेता ।”
” मैं कुछ समझा नहीं।”

” आप लोगों को कुछ समझने लायक छोड़ा है इन नेताओं ने , आप लोग उनके हथियार हैं , जब स्वार्थ की भठ्ठी गर्म होती है , रोटी सेंक लेते हैं । देश को किस प्रकार की आग में झोंक कर अपनी टी आर पी बढ़ानी है , वे अच्छी प्रकार से जानते हैं , यहाँ पर क्या पढ़ा लिखा , क्या अनपढ़ , सब बराबर हैं । “
” बाबा, एक बात बताइये , लोग आप को घर घर पूजते है , क्या शुद्र , क्या ब्राह्मण । फिर आप ने ऐसी आग लगाने वाली बात क्यों लिखी । जिससे किसी को ठेस लगे ।”
तुलसी के मुखमण्डल पर स्निग्ध मुस्कान तैर उठी , बोले -” ये आप का प्रश्न नहीं है पत्रकार महोदय , यह तो उन नेताओं द्वारा आप को रटाया गया है । देखिये , किसी भी रचना पर देश काल का बड़ा प्रभाव होता है । जिस समय मैं राम चरित मानस लिख रहा था , उस समय म्लेच्छों का शासन था देश पर , उनके क्रूरतम अत्याचार के आगे कौन आगे आया था । वे विधर्मी अपने धर्म को विस्तार देना चाहते थे , कभी तलवार के बल पर , कभी धन का लालच देकर , तो कभी सुविधा देकर । बहुत सारे लोग अभाव ग्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए , विधर्मी धर्म अपना रहे थे । ऊपर से खुद काशी में भयंकर महामारी ने डेरा जमा रखा था , लोग बिना हर्रे फिटकरी के मर रहे थे । विधर्मियों द्वारा उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जा रही थी । थक हार कर मुझे उतारना पड़ा महामारी के बीच , उनके उपचार की समुचित व्यवस्था , अपने शिष्यों द्वारा कराया , मरे हुए लोगों से उनके सगों ने मुंह फेर लिया था , उनका अंतिम संस्कार कराया , अधीर हो चुके लोगों को ढांढस बंधाया । मैंने शुद्र और ब्राह्मण में कभी भेद नहीं किया । उन्हें मैंने ” सियाराम मैं सब जग जानी ” मान कर मानव मात्र की सेवा की । किसी नेता को यह बात याद है । “

” लेकिन लोग तो कहते हैं , आप ने जान बूझकर ब्राह्मणवाद को बढ़ावा दिया है ।”
तुलसी हँस पड़े , जिस समय वे हँस रहे थे , उनका पेट जोर जोर से हिल रहा था । उनके दाँत मोतियों से चमक रहे थे । अचानक से उनका हँसना बन्द हो गया । उनका हाथ खुली हुई चुटिया पर गयी । जिसे वे सुलझा रहे थे । उनका इस तरह खुले केशों को सुलझाना गम्भीरता का द्योतक था । पता नहीं किसी और में यह गुण होगा या नहीं कि अभी पूरी मस्ती में झूम झूम हँस रहे थे , अचानक से गम्भीर हो उठे । पत्रकार ने उनके मन के भाव पढ़ने की असफल कोशिश की ।
तुलसी ने कहना शुरू किया -” क्या आप के नेता लोग यह नहीं जानते कि काशी आने पर मुझे भी ब्राह्मणों के कोप भाजन बनना पड़ा । उन्होंने मेरे सामने कितनी विघ्न बाधाएं खड़ी की । मेरे ग्रन्थ रामचरित मानस को नष्ट करने के कितने उपाय ब्राह्मणों ने किया । मुझे उसे बचाने के लिए बैरम खां का संरक्षण लेना पड़ा । मेरे ऊपर कातिलाना हमला कराया गया । मेरे पीछे मुस्टंडे लगाए गए । मुझे काशी से खदेड़ने के बहुत उपाय किये गए , जिसमें वे लोग सफल नहीं हुए । मेरे ऊपर मेरे राम की कृपा बरस रही थी । वे निष्फल हुए, और तो और मेरे गाँव , मेरी जन्मभूमि से मुझे पलायन करना पड़ा , जानते हैं क्यों ।”

पत्रकार के पास कोई उत्तर नहीं था । वह उनसे ही उत्तर की अपेक्षा किये बैठा रहा ।
तुलसी ने आगे कहा -” तुम्हारे नेताओं को क्या पता , ब्राह्मणों के इतने बड़े गाँव में , मुझ ब्राह्मण के लिए दो जून की रोटी नहीं थी । ऊपर से मेरे ऊपर व्यंग्योक्तियों का प्रहार था । उपेक्षा थी , तिरस्कार था । रोटी मांगने पर गालियां मिलती थी । लोग मेरी परछाई से बचते थे । कोई कोई दयाकर एकाध रोटी खिला देता था , पर अपने दरवाजे सोने नहीं देता था । थक हार कर मस्जिद में जाकर सोता था ।
” टुक टाक खाइबो, मसीत में सोइबो ।”
” फिर एक दिन भगवान के स्वरूप मेरे गुरु देव पधारे , मेरे ऊपर उनकी कृपा बरसी वे मुझे अपने साथ ले गए । मुझे विभिन्न प्रकार के ज्ञान से आच्छादित किया । मुझे अपने पैरों पर खड़ा किया । मुझे रामभक्ति का मार्ग दिखाकर कृतार्थ किया । जानते हो मेरे वे गुरु किस जाति के थे ।”
पत्रकार फिर निरुत्तर था । तुलसी थोड़ा उत्तेजित हुए , कान के पास हाथ लगाकर क्षमा याचना करते हुए बोले -” तुम लोगों की व्यर्थ चोंचलेबाजी की वजह से अपने गुरु की जाति देखनी पड़ रही है । “
बहुत देर के बाद पत्रकार बोला -” उनकी जाति क्या थी बाबा ।”
” वो ब्राह्मण नहीं थे , सुनार जाति थे । किसी ब्राह्मण ने तो मेरा हाथ नहीं पकड़ा , फिर मेरे ऊपर ब्राह्मणवाद का आरोप क्यों ।”
पत्रकार चुप ही रहा , तुलसी बोले -” इसका उत्तर न तुम्हारे पास है , और ना ही , तुम्हारे नेताओं के पास । वे जाति , धर्म की रोटी खाते हैं , इसलिए बार बार ऐसे बकवास फैलाते हैं , हिम्मत हो छापना अपने अखबार में तुलसी तुम्हारे वोट बैंक का हथियार नहीं है , वह राम का भक्त है और वही रहेगा ।”

जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

– Young Writer Chandauli.

चंदौली के विकास पर 45.54 करोड़ खर्च करेगा जिला पंचायत, जिला पंचायत अध्यक्ष बोले, जल्द पूरी होंगी लंबित योजनाएं



चंदौली। जिला पंचायत की बैठक शुक्रवार को गहमागहमी के बीच हुई। इस दौरान जिले के 35 सेक्टर से आए जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र के सड़क, नाली, खड़ंजा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को उठाया। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही लापरवाही के कारण आमजन को हो रही परेशानी को भी बैठक के पटल पर रखा और इसके निराकरण का आवश्यकता पर बल दिया। सदन में ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 2022-23 के पुनरीक्षित बजट के रूप में 53.27 करोड़ की आय व 37.99 करोड़ की व्यय के साथ ही 2023-24 अनुमानित बजट के तौर पर 48.81 करोड़ की आय और 45.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत एवं अनुमोदित की गई। वहीं 25 करोड़ की लेबर बजट प्रस्तावित किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि जो भी कार्य योजना लंबित है उसे शासन से बजट पास कराकर पूर्ण कराया जाएगा। कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना जिला पंचायत का मुख्य उद्देश्य है। सीडीओ एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क, बिजली, नहरों में पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को बेहतर बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा रही है। सांसद प्रतिनिधि एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने कहा कि शासन से जो भी कार्य योजना पारित होगा। उसे पूरे क्षेत्र में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय के नेतृत्व में जिले का विकास तेजी से हो रहा है। जनपद में स्थापित प्रसिद्ध मंदिरों व धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इससे सभी धर्मों के लोगों को लाभ मिल रहा है। कहा कि प्रदेश में मनरेगा का कार्य जनपद में ही कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। इस मौके पर अभियंता पुष्कर कुमार, कार्य अधिकारी डा.सुमामा हुसैन, प्रशासनिक अधिकारी आनंद सिंह, सीएमओ डा.वाईके राय, पीडी सुशील कुमार, डीसी मनरेगा रविंद्र कुमार चतुर्वेदी, डीडीओ लक्ष्मण प्रसाद, बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे, जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, बबिता यादव, अंजनी सिंह, संजय पांडेय, दिलीप सोनकर, तेज नारायण यादव, मुलायम यादव, शायरा बानो, महेंद्र मिश्रा, रविंद्र यादव मौजूद रहे।

एससी-एसटी को भूमिहीन बनान का षड्यंत्र कर रही सरकारः धर्मेन्द्र


कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
चंदौली। जिला कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे से मुलाकात की और राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश जमीदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 कानून में परिवर्तन कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितों को नजरअंदाज करते हुए एक नया आदेश जारी किया है। जिसमें बगैर जिलाधिकारी की अनुमति के एससी-एसटी की जमीन को खरीद सकने का अधिकार प्रदान कर दिया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कहा कि तत्कालीन कांग्रेस पार्टी की सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितों को ध्यान में रखते हुए और उन्हें भूमिहीन होने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 कानून बनाया था। इसके तहत एक सीमित रकबा से अधिक कृषि भूमि यदि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग विक्रय करना चाहते हैं तो उन्हें जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए कानून को निष्क्रिय कर एक नया आदेश जारी किया और यह आदेश कुछ उद्योगपतियों को संपूर्ण भारत बेचने की साजिश के तहत की जा रही है। कांग्रेस इस आदेश का विरोध करती हैं। कहा कि राज्यपाल तत्काल योगी सरकार के इस अनैतिक कृत्य को रोककर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को पूरी तरीके से भूमिहीन होने से बचाएं। इस दौरान आनंद शुक्ला, रामजी गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, गंगा प्रसाद, तौफीक खान, अरुण द्विवेदी, सतीश बिंद, कुलदीप वर्मा, राममूरत गुप्ता, सत्येंद्र उपाध्याय, कमलेश संत ,रामजी कोल, राजू कुमार, राज किशोर सिंह, दीनदयाल विश्वकर्मा, अविनाश विश्वकर्मा, नरेंद्र तिवारी, किरण श्रीवास्तव, सलीम खान, ज्ञान प्रकाश, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुलायम सिंह ने सदन में मजबूत विपक्ष का कराया ऐहसास


चंदौली। जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत सदस्य मुलायम सिंह यादव एक बार फिर तेवर में दिखे। उन्होंने अपनी बातों व तथ्यों से सदन में मजबूत विपक्ष की मौजूदगी का ऐहसास कराया। साथ ही जिले के विकास में जिला पंचायत द्वारा बरती जा रही ढिलाई के धागे भी एक-एक कर खोले। हालांकि उन्होंने सदन में बिना किसी नाम लिए ही अध्यक्ष समेत जिम्मेदारजनों पर सीधा हमला करने के बजाय अप्रत्यक्ष इशारे किए।
जिला पंचायत सदस्य मुलायम सिंह यादव ने इशारों इशारों में जिला पंचायत सदस्यों को जमकर कटाक्ष किया। कहा कि जिला पंचायत सदस्यों के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। जिला पंचायत के विकास कार्यों के शिलापट्ट पर विधायक और सांसदों के नाम अंकित होने पर सवाल किया। साथ ही किस शासनादेश के आलोक में ऐसा किया जा रहा है यह भी सदन के अध्यक्ष व अधिकारियों से पूछा, ताकि उस शासनादेश से सदन अवगत हो सके। मुलायम सिंह यादव के सवाल सदन में मौजूद जिले के जिम्मेदार अफसरों, कुछ नेताओं को चुभे जरूर, लेकिन वह मुस्कुराकर रह गए। जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव ने शिक्षा व स्वास्थ्य विकास कार्यों के बाबत चर्चा की। कहा कि जब तक शिक्षा व स्वास्थ्य और विकास नहीं होगा तब तक जनपद विकास असंभव है। जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने कहा कि सदस्यों का सम्मान होना चाहिए किसी कार्य के लिए प्रधान से अनुमति हमें लेनी पड़े यह ठीक नहीं है। जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने कहा कि जनपद के गांव के बाहर लगे ट्रांसफार्मरों को जाली से कवर किया जाए। आरोप लगाया कि कई सदस्यों के साथ भेदभाव को रहा है। हमारे प्रस्ताव पर कोई काम नहीं होता है। जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों व कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वही संबंधित अधिकारियों व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वह सांसद प्रतिनिधि छत्रबली सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा ने आश्वस्त किया कि सदस्यों का सम्मान अवश्य किया जाएगा।

अशिक्षा व आर्थिक आसमानता को दूर करने की जरूरतः रमेश जायसवाल


जायसवाल परिवार की ओर से चंदौली में आयोजित हुआ होली मिलन
चंदौली। जायसवाल परिवार नगर इकाई की ओर से गुरुवार की रात नगर स्थित एक लान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने बतौर मुख्य अतिथि भगवान शहस्त्र बाहू अर्जुन देव महाराज के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ ही माल्यार्पण कर किया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद जायसवाल समाज के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली त्यौहार की खुशियों को साझा किया।


इस दौरान विधायक रमेश जायसवाल ने समाज को एकता का संदेश दिया। कहा कि हम सभी को शिक्षित व एकजुट होकर दूसरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनना होगा। इसके लिए युवाओं की शिक्षा-दीक्षा व उन्हें संस्कार से नवाजने का काम पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होगा। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए भी आगे आना होगा। समाज में व्याप्त अशिक्षा व आर्थिक असमानता की खाई को पाटकर ही एकता की मिशाल कायम की जा सकती है। नगर अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को होली की मुबारकबाद दी। साथ ही जायसवाल परिवार के उद्देश्यों को प्रकाश डालते हुए उसे सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग मांगा। इसके अलावा कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक नृत्य-गीत आदि का प्रस्तुति कर वहां मौजूद लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इस अवसर पर जीपी जायसवाल, सिद्धांत जायसवाल, चंद्रेश्वर जायसवाल, अजय जायसवाल, धीरेन्द्र शाह, चन्द्रशेखर, प्रदीप, अनिल, दिलीप, हर्ष, अजय, विजय जायसवाल, संजीव, आलोक, संतोष, दीपक, रामभरोस, देवी शरण जायसवाल, प्रीतम, दीपक आदि उपस्थित रहे। संचालन उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल ने किया।

बाल श्रम व बाल विवाह जैसे मामलो को गंभीरता से लें पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी

Young Writer:

Young Writer, चंदौली। पुलिस लाइन चंदौली स्थित सभागार कक्ष में शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन सुखराम भारती की अध्यक्षता में विशेष किशोर पुलिस ईकाई की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक हुई। इस दौरान एएसपी सुखराम भारती ने सभी को सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट, किशोर न्याय अधिनियम व पोक्सो अधिनियम की धाराओं के विषय मे जानकारी दी। साथ ही बच्चों के मामलों को संवेदनशीलता के साथ प्रमुखता से कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों की बरामदगी करने, बाल-विवाह व बाल-श्रम को रोकने एवं इस सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करने के साथ ही अन्य विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देशित दिए गए। इस अवसर पर जनपद के थानों में नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, बाल संरक्षण के तकनीकी सलाहकार, विधि सह परिविक्षा अधिकारी, बाल कल्याण समिति, संरक्षण अधिकारी, प्रतिनिधि चाइल्ड लाइन, आशा ज्योति केन्द्र, महिला सामाख्या, महिला कल्याण अधिकारी महिला शक्ति केंद्र सहित अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।

वित्तीय अनियमितता में बेन के प्रधान व सचिव दोषी, गबन की 19 लाख 32 हजार रुपये जमा करने के निर्देश



चंदौली। जनपद के शहाबगंज ब्लाक के बेन गांव में शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता कर धनराशि गबन किए जाने के दोषी तत्कालीन प्रधान और सचिव पाए गए हैं। डीएम के आदेश पर दोनों से गबन की गई 19 लाख 32 हजार रुपये की धनराशि 15 दिन के अंदर ग्राम पंचायत निधि खाते में जमा करायी जाएगी। धनराशि जमा न करने पर दोनों से राजस्व बकाए की भांति वसूली की जायेगी।
विदित हो कि शहाबगंज ब्लाक के बेन गांव निवासी रघुनाथ ने बीते पांच नवंबर 2020 को शपथ-पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई कि तत्कालीन प्रधान दिलीप और विकास कुमार सिंह पर कराए गए कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत दर्ज कराई। इसपर डीएम ने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी व लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से प्रकरण की जांच करायी थी। इसमें पायी गई वित्तीय एवं अन्य अनियमितताओं के आधार पर प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। लेकिन सिर्फ सचिव ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया था। कुल 11 आरोपों में दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था। अधिकारियों की जांच में 451 शौचालयों के सापेक्ष 290 का कार्य पूर्ण कराया गया था वहीं शेष 161 शौचालयों का निर्माण कार्य नहीं कराया गया था। इसमें 19 लाख 32 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता पायी गई। इसपर डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने प्रधान और सचिव को गबन की गई धनराशि 15 दिन के अंदर ग्राम पंचायत निधि के खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।

स्वामी प्रसाद मौर्य मतलब परस्त नेताः ओमप्रकाश


सुभासपा सुप्रीमो ने सपा राष्ट्रीय महासचिव पर साधा निशाना
चकिया। सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर गुरुवार को जनपद दौरे पर रहे। इस दौरान चकिया में आयोजित सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं में जोश भरा। साथ ही सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य को मतलब परस्त नेता करार दिया। कहा कि रामचरित्र मानस को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य व्यक्तिगत फायदे की राजनीति कर रहे थे। जब ये सत्ता में थे तो उन्होंने रामचरित्र मानस का पूजन अर्चन कर खुद बने मंत्री और अपनी बेटी को सांसद बनाया। लेकिन आज सत्ता से दूर होते ही रामचरित्र मानस की चौपाई पर सवाल उठा रहे हैं।


इस दौरान उन्होंने नवरात्रि में रामायण वाले मुद्दे पर सत्तासीन भाजपा सरकार को भी निशाने पर लिया। कहा कि जो कहा जो पार्टी सत्ता में रहती है वह अपने हिसाब से राजनीतिक फैसले लेती है। यह कोई नयी परम्परा नहीं है। कहा कि दलितों व पिछड़ों को लेकर यदि किसी को विरोध है तो वह सत्ता में आने का प्रयास करें। कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा दल सूबे की सत्ता में रहे और उस दरम्यान इन दलों ने क्या किया सभी ने देखा। ओमप्रकाश राजभर ने राहुल गांधी का बयान औचित्यहीन बताया। वहीं महबूबा मुफ्ती के भगवान शंकर के जलाभिषेक करने के सवाल पर कहा कि मलतब परस्त नेता कभी जल चढ़ाते हैं तो कभी चादर। इनका विरोध करने वाले गैरराजनीतिज्ञ है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाबत तीसरे मोर्च के गठन पर कहा कि ईडी व सीबीआई से भाग रहे लोगो का गिरोह तीसरा मोर्चा है। साथ ही यह भी कहा कि ईडी व सीबीआई ही भाजपा को ले डूबेगी। अंत में उन्होंने आमजन को बड़ा भरोसा दिया कि वे सत्ता में आए तो चिकित्सा व शिक्षा पर विशेष फोकस होगा। गरीबों का 10 लाख तक का उपचार निःशुल्क होगा, वहीं एलकेजी से पीजी तक की पढ़ाई पूरी तरह से शुल्क रहित होगी, ताकि देश पढ़े, आगे बढ़े और तरक्की करे। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने के साथ ही 10 साल में जाति आधारित जनगणना कराने की दावा किया। कार्यक्रम में सालिक यादव, बेबी राम, संतोष राजभर, राधिका बिंद, बबलू राजभर, लक्ष्मी राजभर, वकील राजभर, मुन्ना चौहान, आनन्द राजभर, अशोक राजभर आदि उपस्थित रहे।

क्षत्रिय एकता को समर्पित रहा लोकेंद्र सिंह काल्वी का जीवन: जन्मेजय सिंह


श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने शोक सभा में दी श्रद्धांजलि
चंदौली। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से बुधवार को प्रदेश उपाध्यक्ष झन्मेजय सिंह के कार्यालय पर शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान करनी सेना के सदस्यों ने संस्थापक लोकेंद्र सिंह काल्वी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनके चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही दो मिनट का मौन रखकर गतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके साथ ही  उनके व्यक्तित्व, कृतित्व व संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


इस अवसर पर झन्मेजय सिंह ने कह कि संस्थापक लोकेंद्र सिंह काल्वी का निधन क्षत्रिय समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इनका जीवन क्षत्रिय एकता के लिए सर्मित रहा। राज घराने में पैदा होने के बावजूद उन्होंने सुख-सुविधाएं को भोगने की बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। इनकी बदौलत ही सवर्णों को सरकार की ओर से 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह ने कहा कि स्वर्गीय काल्वी क्षत्रिय समाज के लिए युग पुरुष थे। ऐसे लोग सदियों में पैदा होते हैं। ऐसे संघर्षशील व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर हम सभी को आगे बढ़ना होगा। कहा कि लोकेंद्र सिंह काल्वी ने अपनी खेल प्रतिभाओं से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया। साथ ही बिखरे हुए क्षत्रिय समाज को जोड़ने के लिए निरंतर सक्रिय रहे। उनके निधन से एक रिक्तता आयी है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख संजय सिंह, चंद्रभानु सिंह, जेपी सिंह, राज बहादुर सिंह, अनिल सिंह, धनंजय सिंह, उज्ज्वल सिंह, अमन सिंह, नीरज सिंह, हिटलर सिंह, विनोद सिंह, हरेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अभिनव आनंद सिंह, हेमराज सिंह, शशि सिंह आदि उपस्थित रहे।

किसान दिवस पर गूँजा करोड़ों के डंप पड़े काला धान का मुद्दा,विक्रय करने की मांग


सीडीओ की अध्यक्षता में किसान दिवस का हुआ आयोजन
चंदौली। विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी एसएन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान उप कृषि निदेशक द्वारा पिछले किसान दिवस आयोजन का कार्यवृत्त पढ़कर सुनाया गया, जिस पर भूपेन्द्रसिंह, ग्राम-कांटा ने अवगत कराया कि सिंचाई विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण बजट के अभाव में लम्बित बताया जा रहा है। यदि क्षतिग्रस्त पुलिया में ह्यूमपाइप डालकर आवागमन चालू किया जा सकता है जिससे किसानों को कार्य करने सुविधा हो जायेगी।
इस दौरान किसान वीरेन्द्र सिंह ने जनपद में करोड़ों रूपये का काला धान पड़ा हुआ है, जिसकी विक्रय कराने की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की। किसान वीरेन्द्र सिंह, शेषनाथ यादव, सन्तोष मिश्रा एवं दीनानाथ श्रीवस्तव ने बन्धी डिवीजन से सिंचाई कार्य काफी प्रभावित है जिसमें कुलावा, क्षतिग्रस्त फाटक एवं तटबन्ध मरम्मत कराने की मांग की। दीनानाथ श्रीवस्तव ने चन्द्रप्रभा बांध, पथरहवा बांध मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराने की मांग की। बताया कि गुरैनी लघुडाल के तटबन्ध के मरम्मत हेतु 3.75 करोड़ स्वीकृत है, लेकिन अभी तक कार्यआधा-अधूरा हुआ है जिसे शीघ्र पूरा कराने की मांग की। संजय पाण्डेय ने आवाजापुर से आगे कोई छलका न होने के कारण किसानों को सिंचाई करने में परेशानी होती है। आवाजापुर से आगे छलका कार्य अविलम्ब लगाने की मांग की। रामपुर, गुरुदासपुर से जलनिकासी न होने के कारण से सैकड़ो एकड़ क्षेत्र की खेती प्रभावित होती है। अविलम्ब जलनिकासी हेतु नाली की खुदाई की मांग की। विकास कुमार पाण्डेय, गोपाल ने चकिया कृषि बीज भण्डार मरम्मत, ग्राम-कांटा में क्षतिग्रस्त फीडर एवं ढ़ीले तार को एवं विद्युत आपूर्ति ठीक करने की मांग की। शेषनाथ यादव ने बन्धी डिवीजन द्वारा कोई मछली मारने का ठीका नहीं दिया जाता है, फिर भी ठेकेदार द्वारा किसानों को सिंचाई हेतु पानी नहीं लेने दिया जाता है। उक्त प्रकरण की जांच कराने की मांग की। जनपद में आवारा पशुओं द्वारा फसलों को काफी नुकसान पहुॅचाया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा गर्मी में उर्द व मूंग की खेती करने पर चर्चा की गयी। जिसपर किसानों द्वारा माह अप्रैल में नहरों द्वारा पानी उपलब्ध कराने की मांग की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसान दिवस के दौरान कृषकों की जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं संबंधित विभाग फौरन समुचित समाधान करना सुनिश्चित करेंगे। उप कृषि निदेशक द्वारा उपस्थित समस्त किसानों एवं संगठनों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किसान दिवस के समापन की घोषणा की गई।

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