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Friday, October 9, 2026

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चंदौली में ऐसे हुई दो युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

चंदौली । सदर कोतवाली के जसुरी गांव के समीप सोमवार को ट्रैक्टर ने दो मोटरसाइकिल सवार को कुचल दिया। जिससे एक कि घटना स्थल पर ही मौत हो गयी। जबकि एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुँची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि इलिया थाना क्षेत्र के लड़ुआ गांव निवासी दिनेश वनबासी अपने दोस्त सुनील के साथ जसुरी गांव आया था। जहां मोटरसाइकिल से जसुरी के रास्ते मुगलसराय की तरफ जा रहे थे। तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर ने धक्का मार दिया। और दोनों ट्राली के नीचे आ गए। जिसके बाद सुनील के ऊपर से ट्राली गुजर गया। जिससे घटना स्थल पर ही मौत हो गयी। सूचना के बाद सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँच गई और शव को लेकर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर कोतवाल राजीव सिंह ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वही दूसरी तरफ
चंदौली। मुख्यालय स्थित मझवार स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर सोमवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मौके पर जुटे आसपास के लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी जीआरपी पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज आगे की कार्रवाई में जुट गई।
बताते हैं कि सदर कोतवाली क्षेत्र के पिपरी गांव निवासी दीपक कुमार यादव 22 वर्ष रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार कर रहा था। कि अचानक तेज रफ़्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। मौके पर जुटे आस पास के लोगो ने तत्काल घटना की जानकारी जीआरपी पुलिस को दी मौके पर पहुची जीआरपी पुलिस ने दीपक के पास पड़े मोबाइल के जरिये परिजनों को सूचित किया। और शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत जीआरपी प्रभारी हरिशंकर यादव ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गयी। शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दे दी गयी है। युवक के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

भीष्म पितामह का इंटरव्यू

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

भीष्म को बाणों की शैय्या पर सोये हुए कई दिन बीत चुके थे । वे सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा में थे । पिता द्वारा इच्छा मृत्यु का वरदान , अब अभिशाप हो चुका था । तीर चुभे घाव रह रह कर टभक उठते थे । मशाले जल रही थी । उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही ऊंघ रहे थे । तभी किसी ने विनम्रता पूर्वक प्रणाम किया ।
“प्रणाम पितामह “
“कौन ?” उन्होंने आँखे खोली ।
” मैं एक पत्रकार हूँ पितामह, आप का इंटरव्यू लेने आया हूं ।”
भीष्म ने अनमने ढंग से मुँह फेर कर आँखें बंद करते हुए कहा -” जाओ भाई जाओ , मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ नहीं है । मैं तो खुद ही मृत्यु के मुख में पड़ा हूँ । “
” पितामह, आप के पास मेरे लिए एक चीज है ।”
” वह क्या “
” मेरे प्रश्नों का उत्तर “
” नहीं नहीं , तुम जाओ मैं तुम्हारे किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकता ।”
” क्या अपने ऊपर लगे कलंक का भी उत्तर नहीं देंगे ।”
भीष्म थोड़े चैतन्य हुए -” कैसा कलंक “
” यही कि लोग कहते हैं महाभारत जैसे भयानक युध्द के जिम्मेदार , दुर्योधन से ज्यादा आप थे ।”
पितामह बिफर पड़े -” नहीं नहीं , यह एकदम गलत बात है , मैंने केवल हस्तिनापुर के हित का ध्यान रखा । सदा चाहा कि हस्तिनापुर सुरक्षित हो ।”
” लोग तो यह भी कहते हैं कि आप का आजीवन ब्रह्मचर्य रहने का निर्णय गलत था , और भी तो रास्ते हो सकते थे दसराज को संतुष्ट करने के , सीधे सीधे भीष्म प्रतिज्ञा करना तो कोई उचित कदम नहीं था। ।”
पितामह अपने ऊपर लगे आरोप से दुःखी होते हुए बोले -” यह तुम्हारा दोष नहीं है , यह पीढ़ी अंतराल का दोष है । पीढियां अपने पूर्वजों में कमियां ही ढूंढती हैं । जो निर्णय अपने समय में एकदम ठीक होता है , वही निर्णय बाद के पीढ़ी को दोषपूर्ण दिखता है ।”
पत्रकार भीष्म के दुःखती रग पर हाथ रख चुका था । वह बोला -” पितामह , आप समय को दोष देकर , अपनी कमियां छिपा नहीं सकते । आप परिवार के सबसे बुजुर्ग थे , केवल एक बार अपने अधिकारों का प्रयोग कर दुर्योधन को डांट दिया होता , तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता ।”
भीष्म लगभग सिर धुनते हुए बोले -” कैसे डांट देता भाई , पारिवारिक अधिकार भले मेरे पास थे , परन्तु राजकीय अधिकार पर धृष्टराष्ट्र का अधिकार था , और पारिवारिक अधिकार से बड़ा राजकीय अधिकार होता है ।
” अच्छा बताइये , काशी राज की कन्याओं के अपहरण में आप ने अन्याय नहीं किया ।”
भीष्म बचाव में उतरे -” पहली बात उस घटना को अपहरण मत कहो , उसे हरण कहा जाता है , रही बात अन्याय की तो उस समय प्रचलित प्रथा थी ।”
पत्रकार बोला -” पितामह , क्या स्त्री कोई वस्तु है जो , किसी के सुख के लिए , कोई शक्तिशाली व्यक्ति उठा ले । आप जैसा विचारक व्यक्ति कुरीतियों के खिलाफ़ आवाज उठा सकता था , लेकिन आप ऐसा नहीं , उल्टे ऐसी वाहियात चलन को बढ़ावा दिया ।”
भीष्म कसमसा कर रह गए , अपने गुस्से को पीकर बोले -” यह आरोप बेबुनियाद हैं , मैंने अपनी माता की आज्ञा पालन किया है ।”
” परन्तु पितामह , यदि आप की बातों को कुछ देर के लिए मान भी लिया जाय तो , क्या अम्बा के साथ हुए अन्याय को भुलाया जा सकता है । आप ने अपहरण के समय उनकी भावनाओं की कद्र नहीं की । विवाह मण्डप में खड़ी किसी स्त्री के आंखों में भावी भविष्य के सपने होते हैं , आप ने तो अपनी शक्ति से उसे कुचल दिया ।”
भीष्म ने मुंह फेरा ,-” यह झूठ है , सरासर झूठ , मैंने केवल परम्पराओं का पालन किया है ।”
” परम्पराओं के पालन में न्याय – अन्याय का ध्यान भी रखा जा सकता था । परंतु आप ने ऐसा नहीं किया ।”

” अम्बा ने अपने प्रेमी द्वारा ठुकराए जाने पर , मेरे ऊपर प्रणय का दबाव बनाया , जो मेरे लिए सम्भव नहीं था । मैंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था ।”
” संकल्प किसी के जीवन से बढ़कर नहीं होता , अम्बा को आप ने अस्वीकार किया तो , अपने भाई को उसे स्वीकार करने को कह सकते थे । परन्तु आप ने ऐसा नही किया ।”
” एक राजा अपनी इच्छाओं का स्वयं मालिक होता है , उसने अम्बा के दोनों बहनों से विवाह कर लिया था । ऐसी स्थिति में मैं विचित्रवीर्य से कैसे कह सकता था । अंततः मैंने अम्बा को नियति के हवाले कर दिया ।”
” तो आप स्वीकार करते हैं अम्बा के साथ न्याय नहीं हुआ “
” मरता हुआ आदमी झूठ नहीं बोल सकता , अब लगता है अम्बा को न्याय मिलना चाहिए । ” भीष्म ने थोड़ी दबी ज़बान से स्वीकार किया ।
पत्रकार का हौसला बढ़ा , उसने लगे हाथों एक अंतिम प्रश्न पूछ लेना चाहा , ” पितामह , द्रौपदी के साथ हुए अत्याचार पर भी आप मौन थे । क्या भरी सभा में उसे निर्वस्त्र करना उचित था । वह रो रो कर गिड़गिड़ाते हुए , दुहाई देती रही ,
कि वह हस्तिनापुर की कुलवधू है , सभा में बैठे हुए आचार्य द्रोण , कृपाचार्य और आप जैसे महान विभूतियों के रहते दुर्योधन अपने मन की करता रहा , आप सभी चुप थे । पितामह , यदि उस दिन आप बोल दिए होते तो , शायद महाभारत जैसा युद्ध नहीं हुआ होता ।”
भीष्म कुछ देर के लिए चुप हो गए , जैसे कुछ गुन रहे हो , उनके सामने उस दिन का दृश्य उपस्थित हो आया । पत्रकार उत्तर की प्रतीक्षा में खड़ा रहा ।
“बोलिये पितामह , उत्तर दीजिये ।” पत्रकार ने अंततः टोका
” मैं हस्तिनापुर के सिंहासन से बंधा था । मैं मजबूर था ।”
भीष्म ने पत्रकार से आँखें हटा ली ।
” अपनी कमजोरियों को विवशता का नाम न दीजिये पितामह , सच तो यह है आप को सत्ता का मोह था , और सत्ता दुर्योधन के हाथ में थी ।”
” यह झूठ है ।”
” आप के सामने कर्ण ने द्रौपदी को वेश्या तक कहा , यह सुनकर भी आप कलेजा नहीं दहला । दुर्योधन और कर्ण जैसों की जिह्वा पकड़ने वाला कोई न था ।”
भीष्म ने बात दुहराई -” मेरी विवशता मेरी कमजोरी नहीं थी , बल्कि हस्तिनापुर के प्रति मेरा समर्पण था ।”
” परंतु पितामह , आप के मौन से स्त्री जाति सदा अपमानित महसूस करेंगी । आप द्रौपदी के व्यक्तिगत दोषी हैं ।”
” आयी थी द्रौपदी एक दिन मेरे पास , मुझसे पूछने उस दिन मैं चुप क्यों था ।”
” फिर क्या उत्तर दिया आप ने ।”
” क्या उत्तर देता , सच तो यह था ही द्रौपदी अपमानित हुई थी , हो सकता है संसार मुझे इसके लिए क्षमा न करे । द्रौपदी से मैंने कहा , बेटी मैं तुम्हारा दोषी हूँ , उस समय तक मेरे शरीर में दुर्योधन जैसे पापी का नमक था , मैं उसका अन्न खाता था , इसलिए ऐसा पाप मुझसे हो गया । तुम्हारे पति अर्जुन ने मेरे शरीर को बाणों से छलनी कर सारा का सारा रक्त निचोड़ डाला, आज मैं निश्छल मन से स्वीकार करता हूं , मैं तुम्हारा दोषी हूँ , हो सके तो मुझे क्षमा करना।”
पत्रकार ने पूछा -” तो क्या द्रौपदी ने क्षमा कर दिया।”
भीष्म ने दीर्घ स्वांस छोड़ी और कहा -” द्रौपदी ने क्षमा किया या नहीं मैं नहीं जानता, मगर तुम संसार को मेरे अभिशप्त कर्मों को जरूर बताओ, ऐसा मुझे विश्वास है। अब तुम जाओ, मैं आराम करूँगा । “
पत्रकार धीरे धीरे अंधेरे में खो गया ।

जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

आर डी मेमोरियल में 263 मरीजो का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण


चंदौली। मुख्यालय स्थित आर डी मेमोरियल हॉस्पिटल में रविवार को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें चिकित्सकों द्वारा 263 मरीजों स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। और उनको दवा वितरित कर सेहत के लिए उचित परामर्श दिया गया।
 कैंप में डा.शुभम सिंह ने क्षेत्र से आए मरीजों का लिवर, किडनी, सुगर, यूरिक एसिड और अन्य रोगों का जाँच किया और उनको दवा वितरित कर उचित सलाह दिया। कहा कि मौसम अभी तेजी से बदल रहा है। दिन में गर्मी और रात में ठंडक बढ़ रही है। ऐसे में सेहत का ध्यान रखना और भी जरूरी है। गर्मी को लेकर हमें खास ध्यान रखना होगा। और खानपान व सेहत को लेकर अधिक सचेत रहना होगा। इस मौसम में खानपान में जरा सी लापरवाही आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है। इस मौमस में शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। इस दौरान डॉ एस के वर्मा, मोनिका सिंह, अमन सिंह, आदि लोग मौजूद रहे।

सकलडीहा विधायक का आरोपः विपक्ष की भूमिका को खत्म करने का षड्यंत्र कर रही भाजपा सरकार

Young Writer: सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव।
Young Writer: सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव।

Young Writer, चंदौली। सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव जिला योजना समिति की बैठक के दौरान जिला प्रशासन व सरकार पर हमलावर नजर आए। इस दौरान उन्होंने सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने जिले के आलाधिकारियों पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के जनप्रतिनिधियों का सम्मान शासन-प्रशासन नहीं कर रहा है। भाजपा सरकार में प्रशासनिक तंत्र व अधिकारी नई परम्परा को गढ़ रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के दमन की ओर इशारा कर रहा है। कहा कि जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा जाता है। उन्हें बैठक आदि की सूचनाएं नहीं दी जा रही है। यह सबकुछ सत्ता पक्ष के इशारे पर हो रहा है। आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की भूमिका को ही पूरी तरह से समाप्त करना चाहती है। कहा कि ऐसा पहली बार हुआ जब किसी विधायक को जिला योजना की बैठक में नहीं बुलाया गया। यह एक विधायक का विशेषाधिकार हनन है। इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा। इसके अलावा सरकार के 6 साल की उपलब्धियों को ढिंढोरा पीटना बताया। कहा कि चुनाव के वक्त ट्रामा सेंटर का शिलान्यास किया गया। आज तक काम चालू नहीं हो सका। सपा सरकार में कई अस्पताल का निर्माण चल रहा था, लेकिन किसी काम पूरा नहीं किया गया। चंदौली के अन्नदाता पूरी तरह से परेशान है। नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। नहरों पर जमे सिल्ट की सफाई पहले दो बार होती थी, लेकिन अब एक बार की जाती है। यह सरकार सिर्फ विपक्ष की आवाज को लेकर दबाने में लगी है। जनता से किए वादों को पूरा करने में भाजपा सरकार पूरी तरह से विफल है। सरकार अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबा देना चाहती है। यह पूरी तरह से भाजपा सरकार की तानाशाही है। कहा कि जनता ने अपनी बात को सदन व सरकार तक पहुंचाने के लिए चुना है और इस दायित्व को हर हाल में पूरा किया जाएगा। जनपद में सिंचाई व्यवस्था के बेपटरी होने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं व सड़कों का बुरा हाल है। बावजूद इसके सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि मौन साधे हुए हैं।

महिला शिक्षा को बढ़ावा दे रहा एसआरबीएस: सरिता सिंह


चंदौली। एसआरबीएस की ओर से शुक्रवार की रात जिला पंचायत काम्पलेक्स परिसर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर लोगों को विद्यालय के प्रति आकर्षित करने का प्रयास किया। इसका शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। जहां पर बच्चे होने विविध कार्यक्रम प्रस्तुति की गई, वहीं प्रोजेक्टर के जरिए स्कूल की ओर से बालिकाओं व युवतियों शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया गया।
इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि जनपद के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए एसआरबीएस विद्यालय की स्थापना की गई है। यही नहीं विद्यालय में महिला महाविद्यालयों की भी व्यवस्था है ताकि वे स्वच्छ व सुरक्षित माहौल में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर सकें। वार्षिक परीक्षा में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की ओर से प्रोत्साहन पुरस्कार धनराशि भी प्रदान की जाती है।

प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने कहा कि चंदौली धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यहां के बेटियां उच्च शिक्षा हासिल करके देश के विकास में अपना योगदान दे रही है। इस कड़ी में एसआरसीएस अपनी महति भूमिका निभा रहा है, जिससे स्कूल के प्रति अभिभावकों का विश्वास मजबूत हुआ है। कहा कि विद्यालय को विकसित करने के लिए शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी सहयोग जरूरी है। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने विविध कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान जन्मेजय सिंह ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। अच्छी शिक्षा के साथ-साथ स्कॉलरशिप की भी व्यवस्था की गई है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चे आगे बढ़ सके। इस दौरान हरिश्चंद्र अग्रहरि, आनंद सिंह, हरेंद्र सिंह, उज्जवल नारायण सिंह, नितेश सिंह, संजय कुमार, सत्य पति उपस्थित रहे।

अंजनी सिंह ने उठाया चंदौली जिले के स्वास्थ्य, शिक्षा व सिंचाई का मुद्दा

चंदौली कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपते अंजनी सिंह।
चंदौली कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपते अंजनी सिंह।

Young Writer, चंदौली। धानापुर की जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने जिला योजना की बैठक में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री संजीव गोंड को ज्ञान सौंपा। इस दौरान अंजनी सिंह ने जिले के स्वास्थ्य, शिक्षा, गंगा कटान व सिंचाई संबंधित समस्याओं को मजबूती के साथ रखा। कहा कि भाजपा सरकार सूबे में अपना एक साल का कार्य का पूरा कर चुकी है और दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरे हो गए। बावजूद इसके सरकार जनहित से जुड़े इन मुद्दों को लगातार नजरअंदाज करती चली आ रही है। जो जिले की उपेक्षा और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जनपद चंदौली के किसी भी सरकरी अस्पताल में एमआरआई की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एमआरआई के लिए गैर जनपद जाना पड़ता है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति व दवाओं की उपलब्धता ना होेने से मरीजों को परेशानी होती है। प्रकरण की जांच कर दोषियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए। कहा कि जिले में गरीब छात्र-छात्राओं के लिए इंटर के बाद बीकाम, एमकाम, बीएससी एग्रीकल्चर और एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा अंजनी सिंह ने गंगा कटान का मुद्दा भी उठाया। कहा कि जनपद में गंगा कटान से कृषि योग्य क्षेत्रफल लगातार घट रहा है। कटान के कोप भाजन से तटवर्ती किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए समस्या का निदान किया जाए। बताया कि जनपद के चन्द्रप्रभा व मूसाखाड से निकली मुख्य नहरों व उनके लिंक नहरों में सर्वे कराते हुए किसानों को सिंचाई के लिए समुचित पानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही जगह-जगह ठोकर, छलका व ओपेन वाटरफाल का निर्माण कराया जाए। कहा कि जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों के सम्मान में मूर्ति स्थापना हेतु अलग से फण्ड से उपलब्ध कराया जाए। युवाओं को खेलने-कूदने के लिए मैदान व संसाधन की व्यवस्था की जाए।

चंदौली-तेज़ रफ़्तार ट्रैक्टर ने चाचा-भतीजा को रौंदा, मौत


चंदौली। सकलडीहा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के समीप गुरुवार की रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों को रौंद दिया दुर्घटना में बाइक पर सवार चाचा-भतीजे की मौत हो गई। मृतक विशुनपुरा गांव के ही रहने वाले थे। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया

बताया जा रहा है कि विशुनपुरा गांव निवासी 20 वर्षीय भोला राजभर रिश्ते में चाचा 40 वर्षीय जितेंद्र राजभर को लेकर बाइक से कहीं जाने के लिए निकला गांव से कुछ ही दूर पहुँचा था। कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने पीछे से टक्कर मार दी दोनों जमीन पर गिर कर छटपटाने लगे स्थानीय लोगों की मदद दोनों को एंबुलेंस से पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया घटना से परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
इस बाबत सकलडीहा इंस्पेक्टर ने बताया कि ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। साथ ही ट्रैक्टर को धरहरा के समीप से पकड़ लिया गया है विधिक कार्रवाई की जा रही है.

यथार्थ नर्सिंग कालेजः जागरूकता रैली निकालकर आमजन को किया जागरूक

टीबी जागरूकता रैली निकालते यथार्थ नर्सिंग कालेज के छात्र-छात्राएं।
टीबी जागरूकता रैली निकालते यथार्थ नर्सिंग कालेज के छात्र-छात्राएं।

Young Writer, चंदौली। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर शुक्रवार को यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। इसके माध्यम से टीबी के इलाज, बचाव और प्रारंभिक पहचान के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देकर जागरूक किया।
इस मौके पर प्रोफेसर डा.एसके भारती ने टीबी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने रोग के लक्षण, बचाव, ईलाज के बारे में जानकारी दी। साथ ही उपचार में नर्स की भूमिका और कर्तव्य के बारे में बताया। रैली के बाद सभागार में प्रहसन और नाटक के माध्यम से प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय प्राप्त छात्र को पुरस्कृत निदेशक डा.धनंजय सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रिंसिपल डा. जेनेट जे, वाईस प्रिंसिपल डा.ख़ुशबू यादव, प्रो वर्तिका सिंह, सोनी चौहान, सूर्यकांत तिवारी, वीरेंद्र सिंह, अभय कुमार ओझा, शालिनी श्रीवास्तव, रिंकू कुमारी, विशाल दूबे, अनुराधा प्रजापति, वंदना पाठक, विकास यादव, अभिषेक पांडेय, पल्लवी यादव, गुंजन तिवारी, रितु देवी उपस्थित रहीं। संचालन रवि कुमार ने किया।

माह-ए-रमजान रहमत व बरकत का महीनाः फैयाज खान

फैयाज खान।
फैयाज खान।

Young Writer, धानापुर। रहमत और बरकतों का महीना रमजान शुरू होेने वाला है। इस माह का मुस्लिम बंधु बेसब्री से पूरे साल इंतजार करते हैं। इस पाक और मुकद्दस महीने में मुस्लिम बंधु रोजा रखते हैं नमाजे पढ़ने हैं और गरीबों व जरूरतमंदों के बीच जकात दान करते हैं और पूरे माह के रोजे के बाद ईद की नमाज अदा कर एक-दूसरे से सुखियां साझा करते हैं।
टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी फैयाज खान मिस्बाही ने बताया कि माह ए रमजान को कुल तीन हिस्सों में बांटा गया है। रमजान के पहले अशरे में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दान करके गरीबों की मदद करनी चाहिए। हर एक इंसान से प्यार और नरमी का व्यवहार करना चाहिए। यूं तो रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से अजमत, रहमत और बरकतों से लबरेज है। लेकिन अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में तक्सीम किया है। पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है। पहले अशरे में 10 दिनों तक अल्लाह की रहमत से सभी सराबोर होते रहेंगे। एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है। रमजान का पहला अशरा बेशुमार रहमत वाला है। नेक काम के सवाब में 70 गुना इजाफा कर दिया जाता है। रमजान का महीना रहमत व बरकत वाला है। हर मर्द, बच्चे, औरत और बूढे़ रोजे का साथ नमाज-तरावीह में मशगूल रहते हैं। रमजान के 11वें रोजे से 20वें रोजे तक दूसरा अशरा चलता है। यह अशरा माफी का होता है। इस अशरे में लोग इबादत कर के अपने गुनाहों से माफी पा सकते हैं। इस्लामिक मान्यता के मुताबिक अगर कोई इंसान रमजान के दूसरे अशरे में अपने गुनाहों से माफी मांगता है तो दूसरे दिनों के मुकाबले इस समय अल्लाह अपने बंदों को जल्दी माफ करता है। रमजान का तीसरा और आखिरी अशरा 21वें रोजे से शुरू होकर चांद के हिसाब से 29वें या 30वें रोजे तक चलता है। ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। तीसरे अशरे का उद्देश्य जहन्नम की आग से खुद को सुरक्षित रखना है। इस दौरान हर मुसलमान को जहन्नम से बचने के लिए अल्लाह से दुआ करनी चाहिए। रमजान के आखिरी अशरे में कई मुस्लिम एतकाफ में बैठते हैं। एतकाफ में मुस्लिम मस्जिद में 10 दिनों तक एक जगह बैठकर अल्लाह की इबादत करते हैं।

आरएसएस के पथ संचलन की भव्यता से चमक उठी चंदौली


चंदौली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से मंगलवार को पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन का आगाज महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज के मैदान से हुआ, जहां जनपद के विभिन्न हिस्सों से आए लोग पथ संचलन का हिस्सा बने और इसे विराटता प्रदान की।
इस दौरान प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि प्रतिपदा की तिथि भारतीय संस्कृति व परम्परा के लिए बहुत ही शुभ, तार्किक व वैज्ञानिक है। इसी तिथि को भगवान श्रीराम चन्द्र व युधिष्ठिर का राज्याभिषेक हुआ और आर्य समाज की स्थापना भी हुई। इसके साथ ही आरएसएस संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार का अवतरण हुआ। कहा कि यह पथ संचलन किसी में भय पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि हिन्दू समाज में ऊर्जा और चेतना जागृत करने के लिए किया जाता है। पूर्व कार्यक्रम के अनुसार स्वयंसेवक महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज में एकत्रित हुए। जहां से घोष के साथ पथ संचलन प्रारंभ हुआ। पथ संचलन सकलडीहा रोड से होते हुए इलिया मोड़ से पुरानी बाजार में भ्रमण किया इस दौरान बाजार में लोगों ने संघ सेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। पथ संचलन के मद्देनजर नगर में साफ-सफाई का बंदोबस्त किया गया था। इसके साथ ही जगह-जगह भवनों, विद्युत पोल व रास्तों के किनारे ध्वज लगाए गए थे, जिससे नगर की भव्यता देखते ही बन रही थी। नगर भ्रमण करने के उपरांत पुनः महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज पहुंचकर पथ संचलन संपन्न हुआ। पथ संचलन में जिला प्रचारक जगदीश, गुलाब, पोद्दार, डा. विवेक सिंह, दिलीप सोनकर आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. कृपाचार्य सिंह ने किया।

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