29.9 C
Chandauli
Friday, October 9, 2026

Buy now

Home Blog Page 386

विश्वकर्मा श्रम सम्मानः परम्परागत कारीगारों को प्रशिक्षण देकर कुशल बना रही सरकार

Young Writer: चंदौली जनपद के रेवसा स्थित आईटीआई कालेज में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण।
चंदौली जनपद के रेवसा स्थित आईटीआई कालेज में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण।

Young Writer, चंदौली। राजकीय आईटीआई कालेज रेवसा में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का द्वितीय चरण का उद्घाटन बीके कौशल उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र चंदौली द्वारा किया गया। जिसमें दर्जी, कुम्हार, लोहार, बढ़ई, नाई, हलवाई, राजमिस्त्री का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 मार्च  तक प्रशिक्षण चलेगा। भिन्न-भिन्न ट्रेड के मास्टर ट्रेनर तथा डिजाइनर द्वारा अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।  
इस दौरान सहायक आयुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र विनिता सिंह द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई तथा  उद्यमिता  विकास से सम्बधित विस्तृत बताया। बीके कौशल, उपायुक्त उद्योग द्वारा उद्घाटन कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कहा कि परंपरागत रुप से कार्य कर रहे कारीगरों को प्रशिक्षण के जरिए उनके कौशल को आधुनिक बनाकर आर्थिक उन्नती हो सके। युवाओं को छह दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन्न ट्रेड अनुसार प्रशिक्षण कराकर विभागीय योजनाआंे से लाभान्वित कराया जायेगा। विनिता सिंह, सहायक आयुक्त उद्योग उप्र आईडीआर संस्थान के डिजाइनर गजेन्द्र सिंह, अमित कुमार, शत्रुधन शर्मा तथा सोनू  मौर्या  द्वारा  प्रशिक्षण  की  निगरानी  तथा  प्रशिक्षण  दिया  जायेगा। कार्यक्रम में आईटीआई के सभी अधिकारी व कर्मचारी का सहयोग रहा तथा नामित संस्था के प्रबन्धक रामचन्द्र, आनन्द, अवधेश, श्रीकान्त, सुनील, रविन्द्र, राहुल तिवारी, रोहन, सतीष, ललित कुमार, अनीता शर्मा, रिंकी, शना, मान्यति, शिखा, हेमलता आदि का सहयोग रहा।

-Young Writer, Chandauli

जन समागमः डा. लोहिया का योगदान व भगत सिंह‚ सुखदेव व राजगुरु का बलिदान अविस्मरणीय

Young Writer: 23 मार्च को आयोजित जन समागम कार्यक्रम की जानकारी देते पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह।
23 मार्च को आयोजित जन समागम कार्यक्रम की जानकारी देते पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह।

23 मार्च को जन समागम में याद किए जाएंगे भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु

Young Writer, चंदौली। आज की युवा पीढ़ी समाजवादी आंदोलन के प्रणेता डा. राममनोहर लोहिया व वीर क्रांतिकारी राजगुरु, भगत सिंह व सुखदेव की शहादत को ना भूले इसके लिए इन महान विभूतियों हमें अपने विचारों में जिंदा रखना होगा। भिन्न-भिन्न माध्यमों से इन्हें अपनी स्मृतियों व विचारों में स्थान देकर इनके बलिदान व योगदान को सम्मान व श्रद्धांजलि अर्पित करनी होगी। इसी कड़ी में 23 मार्च को समाजवादी पुरौधा डा. लोहिया की जयंती व शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पुण्यतिथि अवसर पर चंदौली जन समागम कार्यक्रम रखा गया है। उक्त बातें मंगलवार को नूर पैलेस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह ने कही।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जन समागम में उन तमाम लोगों का स्वागत है जिनके विचारों में डा. लोहिया के साथ-साथ सुखदेव, राजगुरु और भगत सिंह बसते हैं। जनसमागम में चंदौली और आसपास के जनपद के वे लोग हिस्सा ले रहे हैं जो भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित धर्मनिरपेक्षता, समानता और लोकतंत्र के पक्षधर हैं। बताया कि एक दिवसीय कार्यक्रम में देश और समाज की मौजूदा स्थिति पर विमर्श कर सभी वर्गों के विकास और उत्थान के अभियान को गति और ऊर्जा प्रदान करने का प्रयास होगा। कहा कि डा. लोहिया, भगत सिंह, राजगुरु और भगत सिंह जैसी महान विभूतियों के संघर्ष और त्याग से परिपूर्ण व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर उससे प्रेरणा प्राप्त करने की आज जरूरत महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए चंदौली की धरा को चुना गया है। कहा कि चंदौली एक ओर जहां स्वतंत्रता संग्राम में अपनी आहुति देने वाले आजादी के दीवानों की जन्म और कर्मस्थली रही, वहीं आजादी के बाद स्वतंत्रता आंदोलन के गर्भ से उपजी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक चेतना के अनुरूप भारत के नवनिर्माण की प्रयोगशाला भी रही। जनपद चंदौली किसानों, मजदूरों और शोषित पीड़ितों के अधिकारों की लड़ाई के मामले में भी सदैव अग्रणी रहा है। समय-समय पर यहां होने वाले जन आंदोलन इसके गवाह है। बताया कि जनसमागम के जरिए देश व जनपद की महान विभूतियों को याद करने के साथ ही उनके संघर्ष और विचार यात्रा से नई पीढ़ी को अवगत कराना है। अंत में उन्होंने सभी से जनसमागम में शामिल होकर उसे विराटता प्रदान करने का आह्वान किया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह, सुनील यादव गुड्डू, संजीव सिंह, महेंद्र यादव, सुदामा यादव आदि उपस्थित रहे।

अग्रहरि समाज का होली मिलनः आपस में मिलकर साझा करें होली त्यौहार की खुशियां

चंदौली में आयोजित होली मिलन समारोह में उपस्थित अग्रहरी समाज के लोग।
चंदौली में आयोजित होली मिलन समारोह में उपस्थित अग्रहरी समाज के लोग।

अखिल भारतीय अग्रहरी वैश्य समाज का होली मिलन समारोह आयोजित

Young Writer, चंदौली। अखिल भारतीय अग्रहरी वैश्य समाज नगर इकाई की ओर से सोमवार की शाम को होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली पर्व की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि कोतवाल राजीव कुमार सिंह व विशिष्ट अतिथि उद्योग ब्यापार संगठन जिलाध्यक्ष प्यारेलाल अग्रहरी, गोरखनाथ अग्रहरि, दीक्षा अग्रहरि महिला कल्याण अधिकारी ने महाराजा अग्रसेन के चलचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करके किया।
इस दौरान राजीव कुमार सिंह ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम व सहवाग का प्रतीक है पर्व को सभी लोगों को मिलजुलकर मनाना चाहिए। प्यारेलाल अग्रहरी ने कहा कि रंगों का पर्व होली समाज के लोगों को एक-दूसरे से मिलकर खुशियां साझा करनी चाहिए। आपसी मतभेद भुलाकर एक दूसरे को गले लगाने की परंपरा होली पर्व पर नजर आती है। कहा कि समाज की एकजुटता ही संगठन की पहचान है। गोरखनाथ अग्रहरि ने कहा कि समाज को संगठित रखने ने युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है युवा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पूरे समाज को एक माला में पिरोने का काम करें इससे संगठन को मजबूती मिलेगी। नगर अध्यक्ष विवेक कुमार अग्रहरी उर्फ पिंकू ने कहा कि समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार प्रदान करें समाज को संगठित बनाए रखना हम सभी का दायित्व है लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम व भाईचारे का प्रतीक है समाज की एकजुटता से संगठन को बल मिलता है हमारा समाज आज भी पूरी तरह से संगठित ना होने के कारण अपनी पहचान बनाने में असफल साबित हो रहा है समाज के लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्र में भी प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित करें ताकि समाज के बच्चे प्रत्येक क्षेत्र में अपने समाज परिवार वरतेज का नाम रोशन करें इस अवसर पर समाज के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया आए हुए अतिथियों का स्वागत नगर अध्यक्ष विवेक कुमार अग्रहरी ने अंगवस्त्रम स्मृति चिन्ह वह माल्यार्पण करके किया अध्यक्षता शशिकांत अग्रहरी व संचालन अनिल कुमार ने किया इस मौके पर अखिलेश अग्रहरि, काशीनाथ अग्रहरी, विमलेश, विनोद, संजय, मनोज, प्रदीप, पवन अग्रहरि, अर्जुन अग्रहरि, बबलू, अनिल उपस्थित रहे।

चंदौली में भगवान श्रीराम वन गमन प्रसंग को सुन भक्त हुए भावुक

भगवान श्रीराम वन गमन प्रसंग को सुन भक्त हुए भावुक
चंदौली। नगर स्थित एक लान में रामायणम परिवार की तरफ से आयोजित श्रीराम कथा के छठें दिन कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने रविवार की देर शाम भक्तों को आशीर्वचन दिया। उन्होंने कथा को गति देते हुए श्रीराम वन गमन  प्रसंग पर प्रकाश डाला। श्रीराम के वनगमन की कथा सुन हुए सभी श्रद्धालु भावुक हो गये।
उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तापों को हरने वाली है। जिस पर प्रभु की कृपा होती है, उन्हें ही यह कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कैकेयी के वरदान स्वरूप राजा दशरथ को श्रीराम को 14 वर्ष का बनवास का बर मांगा गया। रानी कैकेई के वरदान मांगने के कारण भगवान श्रीराम को चौदह वर्षों का वनवास भोगना पड़ा। भगवान श्रीराम अपने माता व पिता का आशीर्वाद लेकर वन के लिए प्रस्थान करने की तैयारी करते हैं। साथ में माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ जाने को कहते हैं। श्रीराम के समझाने के बाद भी सीता और लक्ष्मण उनकी बात नहीं मानते हैं और उनके साथ चलने को तैयार होते हैं। पूरी अयोध्या प्रभु के साथ वन की तरफ चल पड़ती है। प्रजा राजकुमार के साथ ही रहने का प्रण करते हैं और भगवान श्रीराम को समझाने का प्रयास करते हैं। लेकिन श्रीराम माता के वचन के लिए उनकी बात नहीं मानते और वन के लिए चल दिये। यह दृश्य देख अयोध्या की जनता भी उनके पीछे-पीछे वन के लिए चल देती है। प्रथम पड़ाव में लक्ष्मण जी सोचने लगते हैं कि मैंने पत्नी उर्मिला के साथ अन्याय किया बिना उनसे पूछे वन के लिए तैयार हुआ उसमें उनका क्या दोष था उनके साथ अन्याय हुआ है यह सोचकर लक्ष्मण जी की आंखों में आंसू आ गए। जब उन्होंने यह बातें बताई तो उनकी पत्नी के कहा कि हे प्रभु आप बिल्कुल परेशान ना हो आपने बहुत ही महान कार्य किया है। इस दौरान जनमेजय सिंह, राज बहादुर सिंह, आशु सिंह, हरिचरण सिंह टुनटुन, रिंकू सिंह, पुष्पराज सिंह, उपस्थित रही।

प्लेसमेंट ड्राइव में अब तक 161 से अधिक छात्र-छात्राओं को मिली नौकरियां

वाराणसी। इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन की शिक्षा देने में अग्रणी अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (Ashoka Institute Of Technology And Management), पहड़िया के स्टूडेंट्स को साल 2022-23 में जबर्दस्त प्लेसमेंट मिला है। इस इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स पर अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां नौकरियों की बारिश कर रही हैं। कई चरणों में चले प्लेसमेंट ड्राइव में अब तक 161 से अधिक स्टूडेंट्स को नौकरियां मिली हैं।

पहले चरण में 40 से अधिक कंपनियों ने अशोका इंस्टीट्यूट के 80 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने यहां नौकरियां दी थी। कई स्टूडेंट को सात लाख के पैकेज पर प्लेसमेंट मिला है। अशोका इंस्टीट्यूट पूर्वांचल का पहला ऐसा संस्थान है जहां एमबीए की डिग्री लेने वाले 82 फीसदी स्टूडेंट्स जॉब हासिल कर चुके हैं।

अशोका इंस्टीट्यूट के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट प्रभारी ओमप्रकाश शर्मा के मुताबिक इंस्टीट्यूट में अभी भी प्लेसमेंट ड्राइव चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में 40 से अधिक स्टूडेंट्स ने विभिन्न कंपनियों में नौकरियां पाई हैं। जॉब प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान कंपनियों ने स्टूडेंट्स की लिखित परीक्षा के बाद ग्रुप डिस्कशन, टेक्निकल राउंड, एचआर राउंड के जरिये चयनित किया।

प्लेसमेंट प्रभारी श्री शर्मा के मुताबिक टीसीएस, ब्रांक टेक प्राइवेट लिमिटेड, नेस्ले इंडिया लिमिटेड, मेटाक्यूब साफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, क्लाउड एनालागी, जोश टेक्नालाजी ग्रुप, जारो एकजुकेशन, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, डिजायर एनर्जी सल्युशन प्राइवेट लिमिटेड, व्हील्स इंडिया लिमिटेड, बद्री राय एंड कंपनी, आईडीएस इंफोटेक लिमिटेड, मनीकरन पावर लिमिटेड, लर्निंग रूट्स प्राइवेट लिमिटेड, फिन केयर स्माल फाइनेंस बैंक, अपीलो कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, आईसीआई पोटेंशियल लाइफ इंश्योरेंश आदि कंपनियों ने अशोका इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स की प्रतिभा सराहा और बड़ी संख्या छात्र-छात्राओं को अपने यहां जॉब ऑफर किया।

प्लेसमेंट ड्राइव में अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड मैनेजमेंट के जिन छात्र-छात्रों का चयन किया गया, उनमें – मुख्य रूप से शशांक श्रीवास्तव, प्रिंस कुमार, शिवांगी त्रिपाठी, सुरभि कुमारी, वैभव श्रीवास्तव, तोशी द्विवेदी, इशाप्ति श्रीवास्तव, समीक्षा मौर्य, प्रियंका यादव, सुरभि जायसवाल, आदित्य श्रीवास्तव, वैभव शुक्ला, रोमा गुप्ता, हर्षित कुमार गुप्ता, उपदेश चौहान, बुसराताज, शिव प्रताप सिंह, शुभम सिंह, महिमा सिंह, रागिनी कुमारी, निशा सिंह, आकांक्षा चौबे आदि प्रमुख हैं।अशोका इंस्टीट्यूट के चेयरमैन इंजीनियर अंकित मौर्य, वाइस चेयरमैन अमित मौर्य, डायरेक्टर डा.सारिका श्रीवास्तव, सीपी मल्ल और बृजेश सिंह ने जाब प्लेसमेंट पाने वाले स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वाइस चेयरमैन अमित मौर्य ने बताया कि अशोका इंस्टीट्यूट में जॉब प्लेसमेंट का अभी चल रहा है। अशोका इंस्टीट्यूट अपने स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट दिलाने में हर संभव कोशिश कर रहा है। हमारा प्रयास है कि अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में अध्ययन करने वाले सभी स्टूडेंट्स आसानी से नौकरी हासिल कर सकें। इंस्टीट्यूट अपने स्टूडेंट्स का भविष्य संवारने के लिए विशेष ट्रेनिंग और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार मुहिम चला रहा है।

चेतावनी: सैयदराजा रेलवे स्टेशन की बिजली आज ठप करेगी जनता

Manoj Kumar Singh W

बिजली त्राहिमाम के बीच जनता के साथ आंदोलन में नजर आएंगे सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू

Young Writer, चंदौली। सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू सैयदराजा की चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन व भाजपा सरकार पर हमलावर रहे। पिछले 50 घंटे से बिजली के अभाव में अंधेरे में करार रहे सैयदराजा के लोगों की मांग पर सैयदराजा रेलवे स्टेशन की बिजली ठप करने की चेतावनी दी। कहा कि रविवार की सुबह तक सैयदराजा के लोगों को प्रशासन बिजली उपलब्ध कराने में नाकाम रहते हैं तो आमजन रेलवे स्टेशन की बिजली को ठप करने का काम करेगा। क्योंकि यदि जनता को बिजली नहीं मिल सकती है तो प्रधानमंत्री के मित्र अडानी का कोयला ढोने के लिए सैयदराजा के लोग बिजली नहीं देंगे।
इस दौरान उन्होंने बताया कि बिजली इंसान की बुनियादी जरूरत है जिसे उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है। क्योंकि जनता ने सरकार को अपने सहयोग व सहूलियत के लिए चुन रखा है। बावजूद इसके सरकार जनता के हितों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। बिजली कर्मियों के हड़ताल को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर त्राहि-त्राहि मचा हुआ। सैयदराजा पिछले 50 घंटों से अधिक समय से अंधेरे में है। बिजली के बिना जलापूर्ति ठप है, लोगों के निजी संसाधन भी बिजली के अभाव में ठप पड़े हुए हैं। परीक्षा का समय चल रहा है पढ़ नहीं पा रहे हैं। मोबाइल की रोशनी में लोग अपनी रातें गुजार रहे हैं। क्योंकि सरकार ने गरीबों को मिलने वाले मिट्टी के तेल को बंद कर दिया है जिससे कि ये लोग ढिबरी युग में भी नहीं जी सकते हैं। बच्चों व बूढ़ों को तकलीफ हो रही है। लोगों के दैनिक कामकाज के लिए पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि लगातार इस मुद्दे पर आमजन मदद मांगी जा रही है। सरकार व प्रशासन को रविवार तक की चेतावनी दी गयी है। यदि ऐसे में सरकार व जिला प्रशासन सैयदराजा की बिजली बहाल करने में नाकाम रहती है तो सैयदराजा की जनता सीधे रेलवे स्टेशन सैयदराजा कूच करेगी और वहां बहाल बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया जाएगा, ताकि अडानी का कोयला सैयदराजा से होकर आगे ना जाने पाए।

मनोज सिंह डब्लू ने बताया कि आमजन की चेतावनी को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया। देर रात गए सैयदराजा के बहुत से इलाकों की बिजली को जिला प्रशासन ने बहाल कर दिया है‚ लेकिन बहुत से इलाके ऐसे भी हैं जहां बिजली व्यवस्था बहाल की जानी है। उम्मीद है जल्द ही जिला प्रशासन अन्य इलाकों की बिजली व्यवस्था बहाल कर जनता को राहत पहुंचाने का काम करेगा।

देश को सजाने व संवारने का काम करें युवाः संजय सिंह


चंदौली। नेहरू युवा केंद्र चंदौली के तत्वाधान में जिला स्तरीय पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को एमबी पब्लिक स्कूल के परिसर में किया गया। इसका शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण करते किया गया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख चंदौली संजय सिंह एवं विशिष्ठ अतिथि अमित कुमार दुबे उपमुख्यचिकिता अधिकारी एवं शरद कुमार मिश्रा डिप्टी सीएमओ संचारी रोग एवं डा.एचएन मिश्रा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह ने कहा कि देश को सजाने एवं संवारने का दायित्व युवाओं को निर्भर है। आज का नौजवान आने वाले कल का भविष्य है। हर युवा के अंदर प्रतिभा होती है, जिसे कला, भाषण, शिक्षा एवं हुनर के माध्यम से निखारने तथा आगे बढ़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार संसाधन मुहैया करा रही है। उक्त उदबोधन में संजय सिंह ने बताया कि नेहरू युवा केंद्र द्वारा आजादी के अमृत मोहोत्सव के अंतर्गत जिला स्तरीय पड़ोस युवा संसद का आयोजन किया गया है। जनपद के प्रतिभावान युवा एवं छात्र छात्राये इसमें भाग लेकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाए। डा.एचएन मिश्रा जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि युवाओं में अपर ऊर्जा शक्ति है उन्हे स्वामी विविकानंद द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर अपना एवं क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए आगे आना होगा। नेहरू युवा केंद्र के उपनिदेशक अनिल कुमार सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारत पर वैश्विक पटल पर अभ्युदय विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजन किया गया जिसके विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। आभार जय प्रकाश यादव एवं संचालन प्रसिद्ध गायक श्रीराम यादव ने किया।

तुलसी दास का इंटरव्यू

रामजी प्रसाद भैरव
रामजी प्रसाद भैरव

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की रचना

एक दिन सबेरे सबरे तुलसी दास नहा धो कर अपनी लिखी किताब मानस का परायण कर रहे थे , तभी एक टुटपुंजिया अखबार का पत्रकार इंटरव्यू के लिए पहुँच गया । तुलसी ने संकेत से बैठने का इशारा किया । वह चुपचाप बैठ गया । जब तुलसी ने पाठ पूरा कर लिया तो किताब को बेठन में लपेट कर एक तरफ रख दिया । और बोले-
“कहिये श्री मान , क्या सेवा कर सकता हूँ ।”
पत्रकार अपना परिचय देते हुए कहा -” बाबा , एक पत्रकार हूँ , आप का इंटरव्यू लेने आया हूं ।”
तुलसी ने अपनी चुटिया खोली और लटें सीधी करते हुए बोले -” वो तो ठीक है ,परन्तु आज अचानक इसकी क्या आवश्यकता आ पड़ी ।”
पत्रकार अपना पेन और पैड निकाल चुका था , पन्ना पलटते हुए बोला -” बाबा , आजकल धरती पर आप को लेकर माहौल ठीक नहीं चल रहे हैं । आप की इसी किताब पर रोज बवाल मचता है ।”

तुलसी ने पास में रखे लोटे से दो घूंट पानी गले में उतारा और जनेऊ ठीक करते हुए पूछा -” क्या देश में चुनाव आने वाला है ।”
पत्रकार चकित होकर देखा -” आप को कैसे पता ।”
तुलसी ने उत्तर देने की जहमत नहीं उठाई उल्टे सवाल दाग दिया ।” क्या यह सब नेताओं के शह पर नहीं हो रहा है ।”
पत्रकार के पास जी कहने के अलावा कोई अन्य उत्तर नहीं था । दोनों ओर से कुछ देर के लिए चुप्पी आ गयी । पत्रकार सोच रहा था । बाबा तो अन्तर्यामी है । कैसे पल भर में सारी बात जान ली । तुलसी दास सोच रहे थे । राम के देश में कैसे कैसे लोग हो गए हैं । राम ने गद्दी को लात मार दी और चुपचाप वन चले गये । एक ये लोग हैं कुर्सी के लिए क्या क्या उधातम नहीं करते ।
तुलसी ने चुप्पी तोड़ी -” पूछिये , क्या पूछना चाहते हैं।”
पत्रकार ने गला साफ़ किया और बोला -” आज कल आप की कुछ विवादित चौपाइयों पर बहस छिड़ी है , बड़ा बवाल मचा है ।”
तुलसी दास ने कहा -” देखिये , जिसे आप विवादित चौपाइयां कह रहे हैं , उसे विवादित किसने बनाया , जाहिर है इन्हीं नेताओं ने , मैंने तो केवल राम कथा लिखी , जो प्रसंग आये , जैसे आये मैंने लिखा । मैंने विवाद तो नहीं लिखा न, कुछ लोग समय समय पर स्वार्थ की रोटी सेंकते है । अपनी दुकान चलाते हैं ।”
” मगर बाबा , महिलाओ और शूद्रों ने अलग अलग मोर्चा खोल रखा है आप के खिलाफ , उनको लगता है आप ने उन्हें अपमान की आग में झोंक दिया है ।” पत्रकार ने सवाल दागा ।
तुलसी उसी तरह निर्लिप्त भाव से बोले -” और पशुओं और गवारों , ढोलों को कब मौका दे रहे हैं आप के नेता ।”
” मैं कुछ समझा नहीं।”

” आप लोगों को कुछ समझने लायक छोड़ा है इन नेताओं ने , आप लोग उनके हथियार हैं , जब स्वार्थ की भठ्ठी गर्म होती है , रोटी सेंक लेते हैं । देश को किस प्रकार की आग में झोंक कर अपनी टी आर पी बढ़ानी है , वे अच्छी प्रकार से जानते हैं , यहाँ पर क्या पढ़ा लिखा , क्या अनपढ़ , सब बराबर हैं । “
” बाबा, एक बात बताइये , लोग आप को घर घर पूजते है , क्या शुद्र , क्या ब्राह्मण । फिर आप ने ऐसी आग लगाने वाली बात क्यों लिखी । जिससे किसी को ठेस लगे ।”
तुलसी के मुखमण्डल पर स्निग्ध मुस्कान तैर उठी , बोले -” ये आप का प्रश्न नहीं है पत्रकार महोदय , यह तो उन नेताओं द्वारा आप को रटाया गया है । देखिये , किसी भी रचना पर देश काल का बड़ा प्रभाव होता है । जिस समय मैं राम चरित मानस लिख रहा था , उस समय म्लेच्छों का शासन था देश पर , उनके क्रूरतम अत्याचार के आगे कौन आगे आया था । वे विधर्मी अपने धर्म को विस्तार देना चाहते थे , कभी तलवार के बल पर , कभी धन का लालच देकर , तो कभी सुविधा देकर । बहुत सारे लोग अभाव ग्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए , विधर्मी धर्म अपना रहे थे । ऊपर से खुद काशी में भयंकर महामारी ने डेरा जमा रखा था , लोग बिना हर्रे फिटकरी के मर रहे थे । विधर्मियों द्वारा उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जा रही थी । थक हार कर मुझे उतारना पड़ा महामारी के बीच , उनके उपचार की समुचित व्यवस्था , अपने शिष्यों द्वारा कराया , मरे हुए लोगों से उनके सगों ने मुंह फेर लिया था , उनका अंतिम संस्कार कराया , अधीर हो चुके लोगों को ढांढस बंधाया । मैंने शुद्र और ब्राह्मण में कभी भेद नहीं किया । उन्हें मैंने ” सियाराम मैं सब जग जानी ” मान कर मानव मात्र की सेवा की । किसी नेता को यह बात याद है । “

” लेकिन लोग तो कहते हैं , आप ने जान बूझकर ब्राह्मणवाद को बढ़ावा दिया है ।”
तुलसी हँस पड़े , जिस समय वे हँस रहे थे , उनका पेट जोर जोर से हिल रहा था । उनके दाँत मोतियों से चमक रहे थे । अचानक से उनका हँसना बन्द हो गया । उनका हाथ खुली हुई चुटिया पर गयी । जिसे वे सुलझा रहे थे । उनका इस तरह खुले केशों को सुलझाना गम्भीरता का द्योतक था । पता नहीं किसी और में यह गुण होगा या नहीं कि अभी पूरी मस्ती में झूम झूम हँस रहे थे , अचानक से गम्भीर हो उठे । पत्रकार ने उनके मन के भाव पढ़ने की असफल कोशिश की ।
तुलसी ने कहना शुरू किया -” क्या आप के नेता लोग यह नहीं जानते कि काशी आने पर मुझे भी ब्राह्मणों के कोप भाजन बनना पड़ा । उन्होंने मेरे सामने कितनी विघ्न बाधाएं खड़ी की । मेरे ग्रन्थ रामचरित मानस को नष्ट करने के कितने उपाय ब्राह्मणों ने किया । मुझे उसे बचाने के लिए बैरम खां का संरक्षण लेना पड़ा । मेरे ऊपर कातिलाना हमला कराया गया । मेरे पीछे मुस्टंडे लगाए गए । मुझे काशी से खदेड़ने के बहुत उपाय किये गए , जिसमें वे लोग सफल नहीं हुए । मेरे ऊपर मेरे राम की कृपा बरस रही थी । वे निष्फल हुए, और तो और मेरे गाँव , मेरी जन्मभूमि से मुझे पलायन करना पड़ा , जानते हैं क्यों ।”

पत्रकार के पास कोई उत्तर नहीं था । वह उनसे ही उत्तर की अपेक्षा किये बैठा रहा ।
तुलसी ने आगे कहा -” तुम्हारे नेताओं को क्या पता , ब्राह्मणों के इतने बड़े गाँव में , मुझ ब्राह्मण के लिए दो जून की रोटी नहीं थी । ऊपर से मेरे ऊपर व्यंग्योक्तियों का प्रहार था । उपेक्षा थी , तिरस्कार था । रोटी मांगने पर गालियां मिलती थी । लोग मेरी परछाई से बचते थे । कोई कोई दयाकर एकाध रोटी खिला देता था , पर अपने दरवाजे सोने नहीं देता था । थक हार कर मस्जिद में जाकर सोता था ।
” टुक टाक खाइबो, मसीत में सोइबो ।”
” फिर एक दिन भगवान के स्वरूप मेरे गुरु देव पधारे , मेरे ऊपर उनकी कृपा बरसी वे मुझे अपने साथ ले गए । मुझे विभिन्न प्रकार के ज्ञान से आच्छादित किया । मुझे अपने पैरों पर खड़ा किया । मुझे रामभक्ति का मार्ग दिखाकर कृतार्थ किया । जानते हो मेरे वे गुरु किस जाति के थे ।”
पत्रकार फिर निरुत्तर था । तुलसी थोड़ा उत्तेजित हुए , कान के पास हाथ लगाकर क्षमा याचना करते हुए बोले -” तुम लोगों की व्यर्थ चोंचलेबाजी की वजह से अपने गुरु की जाति देखनी पड़ रही है । “
बहुत देर के बाद पत्रकार बोला -” उनकी जाति क्या थी बाबा ।”
” वो ब्राह्मण नहीं थे , सुनार जाति थे । किसी ब्राह्मण ने तो मेरा हाथ नहीं पकड़ा , फिर मेरे ऊपर ब्राह्मणवाद का आरोप क्यों ।”
पत्रकार चुप ही रहा , तुलसी बोले -” इसका उत्तर न तुम्हारे पास है , और ना ही , तुम्हारे नेताओं के पास । वे जाति , धर्म की रोटी खाते हैं , इसलिए बार बार ऐसे बकवास फैलाते हैं , हिम्मत हो छापना अपने अखबार में तुलसी तुम्हारे वोट बैंक का हथियार नहीं है , वह राम का भक्त है और वही रहेगा ।”

जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

– Young Writer Chandauli.

चंदौली के विकास पर 45.54 करोड़ खर्च करेगा जिला पंचायत, जिला पंचायत अध्यक्ष बोले, जल्द पूरी होंगी लंबित योजनाएं



चंदौली। जिला पंचायत की बैठक शुक्रवार को गहमागहमी के बीच हुई। इस दौरान जिले के 35 सेक्टर से आए जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र के सड़क, नाली, खड़ंजा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को उठाया। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही लापरवाही के कारण आमजन को हो रही परेशानी को भी बैठक के पटल पर रखा और इसके निराकरण का आवश्यकता पर बल दिया। सदन में ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 2022-23 के पुनरीक्षित बजट के रूप में 53.27 करोड़ की आय व 37.99 करोड़ की व्यय के साथ ही 2023-24 अनुमानित बजट के तौर पर 48.81 करोड़ की आय और 45.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत एवं अनुमोदित की गई। वहीं 25 करोड़ की लेबर बजट प्रस्तावित किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि जो भी कार्य योजना लंबित है उसे शासन से बजट पास कराकर पूर्ण कराया जाएगा। कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना जिला पंचायत का मुख्य उद्देश्य है। सीडीओ एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क, बिजली, नहरों में पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को बेहतर बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा रही है। सांसद प्रतिनिधि एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने कहा कि शासन से जो भी कार्य योजना पारित होगा। उसे पूरे क्षेत्र में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय के नेतृत्व में जिले का विकास तेजी से हो रहा है। जनपद में स्थापित प्रसिद्ध मंदिरों व धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इससे सभी धर्मों के लोगों को लाभ मिल रहा है। कहा कि प्रदेश में मनरेगा का कार्य जनपद में ही कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। इस मौके पर अभियंता पुष्कर कुमार, कार्य अधिकारी डा.सुमामा हुसैन, प्रशासनिक अधिकारी आनंद सिंह, सीएमओ डा.वाईके राय, पीडी सुशील कुमार, डीसी मनरेगा रविंद्र कुमार चतुर्वेदी, डीडीओ लक्ष्मण प्रसाद, बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे, जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, बबिता यादव, अंजनी सिंह, संजय पांडेय, दिलीप सोनकर, तेज नारायण यादव, मुलायम यादव, शायरा बानो, महेंद्र मिश्रा, रविंद्र यादव मौजूद रहे।

एससी-एसटी को भूमिहीन बनान का षड्यंत्र कर रही सरकारः धर्मेन्द्र


कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
चंदौली। जिला कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे से मुलाकात की और राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश जमीदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 कानून में परिवर्तन कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितों को नजरअंदाज करते हुए एक नया आदेश जारी किया है। जिसमें बगैर जिलाधिकारी की अनुमति के एससी-एसटी की जमीन को खरीद सकने का अधिकार प्रदान कर दिया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कहा कि तत्कालीन कांग्रेस पार्टी की सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितों को ध्यान में रखते हुए और उन्हें भूमिहीन होने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 कानून बनाया था। इसके तहत एक सीमित रकबा से अधिक कृषि भूमि यदि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग विक्रय करना चाहते हैं तो उन्हें जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए कानून को निष्क्रिय कर एक नया आदेश जारी किया और यह आदेश कुछ उद्योगपतियों को संपूर्ण भारत बेचने की साजिश के तहत की जा रही है। कांग्रेस इस आदेश का विरोध करती हैं। कहा कि राज्यपाल तत्काल योगी सरकार के इस अनैतिक कृत्य को रोककर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को पूरी तरीके से भूमिहीन होने से बचाएं। इस दौरान आनंद शुक्ला, रामजी गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, गंगा प्रसाद, तौफीक खान, अरुण द्विवेदी, सतीश बिंद, कुलदीप वर्मा, राममूरत गुप्ता, सत्येंद्र उपाध्याय, कमलेश संत ,रामजी कोल, राजू कुमार, राज किशोर सिंह, दीनदयाल विश्वकर्मा, अविनाश विश्वकर्मा, नरेंद्र तिवारी, किरण श्रीवास्तव, सलीम खान, ज्ञान प्रकाश, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Chandauli
clear sky
29.9 ° C
29.9 °
29.9 °
58 %
2.4kmh
0 %
Fri
31 °
Sat
32 °
Sun
32 °
Mon
32 °
Tue
32 °
Verified by MonsterInsights