चंदौली जिले के सांसद व भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय का आगमन 8 जनवरी को जिला मुख्यालय पर होने जा रहा है वह रविवार को जिले के कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगें । 1 बजे चन्दौली हॉस्पिटल सकलडीहा रोड चंदौली में गरीबों को कंबल वितरण एवं दवा वितरण का कार्यक्रम करेंगे इसके बाद 3:00 कृषि विज्ञान केंद्र पर विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे इसके बाद 3:30 बजे लोकल कार्यक्रम के अंतर्गत मझवार हरि चरण सिंह के यहां जाएंगे उसके बाद लोक निर्माण विभाग डाक बंगले पर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे उसके बाद धानापुर पूर्वी मंडल के बहेरी गांव में रात्रि विश्राम के साथ प्रवास करेंगे 9 तारीख को धनापुर पूर्वी एवं पश्चिमी मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ जन संवाद स्थापित करेंगे उसके बाद 3:00 बजे रेहड़ा भगवती मंदिर प्रांगण में बरहनी मंडल कार्यकर्ताओं के साथ जनसंवाद स्थापित करेंगे रति प्रवास अजगरा विधानसभा में करेंगे 10 तारीख को अजगरा विधानसभा कार्यकर्ताओं एवं जनता के साथ जनसंपर्क करेंगे उसके बाद बाबतपुर हवाई अड्डे से 8:00 बजे की जहाज से नई दिल्ली रवाना हो जाएंगे
केंद्रीय मंत्री का तीनदीनी दौरा ,जिले के कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
कालाबाजारीः जिला कृषि अधिकारी ने दो उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
निरीक्षण में महिमा खाद भंडार व सिंह एजेंसी पर मिली कई खामियां
Young Writer, चंदौली। जिला कृषि अधिकारी वसन्त कुमार दुबे ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान चलाया गया। पांच जनवरी को महिमा खाद भण्डार सवैया महलवार एवं सिंह एजेंसी धरौली का निरीक्षण किया गया। उस समय दोनों उर्वरक बिक्री केंद्रों पर कई गम्भीर खामियां पायी गयी। स्टाक रजिस्टर अनुपलब्ध था एवं उर्वरक वितरण रजिस्टर नहीं था।
महिमा खाद भण्डार के वितरण रजिस्टर में गत एक माह में मात्र पांच क्रेताओं के विवरण का उल्ल्ेख है, जबकि आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार इस अवधि में कुल 1030 क्रेताओं को 457.795 एमटी उर्वरक बेची गई थी। इसी प्रकार सिंह एजेंसी धरौली के वितरण रजिस्टर में दर्ज नामों तथा आईएफएमएस पोर्टल पर उपलब्ध क्रेताओं के विवरण में कोई एकरूपता नहीं है।


आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार गत 30 दिनों के अन्दर कुल 746 क्रेताओं को 303.045 एमटी उर्वरक बेची गयी है, जिसका वितरण रजिस्टर में कोई अंकित नहीं मिला। इनके द्वारा क्रेताओं की खतौनी एवं फसल के अनुसार उर्वरक वितरण नहीं किया गया। इनके वितरण रजिस्टर में किसी क्रेता व कृषक का विवरण नहीं है तथा इनके द्वारा उर्वरक वितरण में गम्भीर अनियमितता बरती गयी है। महिमा खाद भण्डार पीओएस मशीन के अनुसार निरीक्षण के समय इनके पास लगभग 500 बोरी यूरिया स्टॉक में होनी चाहिए, जबकि यूरिया का भौतिक स्टाक शून्य है। महिमा खाद भण्डार, सवैया प्रोपराइटर अरविन्द कुमार पुत्र दुर्गा प्रसाद के विरूद्ध थाना शहाबगंज एवं सिह एजेंसी हर्ष सिंह पुत्र कुनाल सिंह ग्राम धरौली के विरूद्ध थाना सैयदराजा में आवश्यक वस्तु अधिनियम के सेक्शन 3/7 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की तस्करी एवं कालाबाजारी पर जिला प्रशासन द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी असामाजिक तत्व के ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाये जाने पर कठोर कार्यवाही करायी जायेगी।
समाधान दिवसः डीएम ने आमजन की सुनी फरियाद‚ 11 मामले सुलझाए
Young Writer, चंदौली। जिलाधिकारी ईशा दुहन ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सकलडीहा तहसील में जनता की समस्याएं सुनी और त्वरित निस्तारण करने हेतु संबंधित अधिकारी को आदेशित किया।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 103 मामले आए जिसमें से 11 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। दो प्रकरण में टीम गठित कर मौके पर त्वरित निस्तारण हेतु भेजा गया। शेष प्रार्थना पत्रों पर संबंधित विभाग के अधिकारी ने को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वरासत के प्रकरणों में शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए। कहा कि तय समय में विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ईशा दुहन ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप कार्य करें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी समस्या को त्वरित निदान करने की कोशिश करें, उसमे कत्तई हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव द्वारा लोगों को जानकारी दी गई। कहा कि प्रत्येक तहसील दिवस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर शासन के साथ मिलकर लोगों जागरूक कर उनको प्रशिक्षण दिया जायेगा। लोग जानकारी के अभाव में उनको उनका हक नहीं मिल पता। डीएम ने कहा की जनपद में आयोजित 11 फरवरी को मेगा राष्ट्रीय लोक अदालत तक अधिक से अधिक उन वादों को चिन्हित कर ले जिनका निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया जा सके साथ ही लोग शासन की योजनाओं का उपभोग कर सके। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.वाईके राय आदि उपस्थित रहे।
Ayushman Bharat Yojana से मजदूर डब्लू को मिला नया जीवन
हरिओम अस्पताल में Ayushman Bharat Yojana के तहत निःशुल्क आपरेशन कराकर स्वस्थ हुए डब्लू
दुर्घटना के बाद पैसे के अभाव में हो पा रहा था ईलाज
Young Writer, चंदौली। सरकार के आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) से लोगों को नया जीवन मिल रहा है। गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को इस योजना में सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी इलाज की सहूलियत मिल रही है। योजना में बीपीएल परिवारों को भी पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा प्राप्त की गई है। इस योजना से जो लोग महंगा इलाज कराकर ठीक हो चुके है, उनके परिवारों ने सरकार के प्रति आभार जताया है।
आयुष्मान भारत योजना नोडल अधिकारी डॉ अमित दुबे ने बताया कि चंदौली निवासी 28 वर्षीय डब्लू मजदूरी करते हैं। डब्लू का बीते 18 जून को एक्सीडेंट हुआ था जिसमें उन्हें पेट के नीचे के हिस्से में चोट लगी। जिस कारण पेट में तेज दर्द और पेशाब होना बंद हो गया। निजी अस्पताल में हुए ऑपरेशन पर लगभग एक लाख का खर्च आने के कारण उपचार नहीं करा पाए। धन अभाव के कारण जो इलाज और ऑपरेशन 48 घंटे के अंदर हो जाना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। डब्लू का पैसे के अभाव से इलाज नहीं हो पा रहा था। ऐसे में निजी अस्पताल में ही मौजूद व्यक्ति ने बताया कि हरिओम अस्पताल में आयुष्मान योजना कार्ड से निशुल्क इलाज किया जाता है। डब्लू 27 जुलाई अस्पताल में गए और आयुष्मान कार्ड योजना के तहत अपना ईलाज कराया और आज वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। बताया कि उन्हें इलाज, जांच की पूरी सुविधा दी गयी। अगर मेरे पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता तो यह सब इलाज कराने में कम से कम एक लाख लगते और गरीबी के कारण इलाज भी नहीं करा पाते।

हरिओम अस्पताल के डॉ विवेक सिंह ने बताते है कि मरीज डब्लू की तुरंत जांच कराई गयी। जिसमें पता चला कि उनके पेशाब का रास्ता बंद था और अल्ट्रासाउंड हुआ जिसमें पित्त की थैली में पथरी निकली। मरीज को पेशाब करने की वैकल्पिक व्यवस्था की, जिसमें पेट के मार्ग से पेशाब का रास्ता बना दिया और पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया। पेशाब के रास्ते में रुकावट की जो समस्या थी उसके ऑपरेशन के लिए दो महीने का समय दिया गया और 27 सितम्बर को उनका सफल ऑपरेशन हुआ।
आयुष्मान योजना के जिला ग्रिवान्स मैनेजर अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अब तक कुल 321000 कार्ड बनाए गए है। जिसमें अब तक कुल 27500 को इलाज की सुविधा दी गयी। साथ ही अब तक लगभग 30 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब एवं असहाय परिवारों पर बीमारियों पर होने वाले खर्चे का आर्थिक बोझ कम एवं गुणवत्ता पूर्वक इलाज समय पर उपलब्ध कराना है।
शहाबगंजः वनांचल की पहाड़ियों पर आज भी कायम है ‘नो नेटवर्क’ जोन
ग्रामीणों ने डीएम ईशा दुहन को पत्र देकर समस्या से कराया अवगत
Young Writer, इलिया। हैलो-हैलो.. आवाज नहीं आ रही, कौन बोल रहे हैं? नेटवर्क प्राब्लम है। ये शब्द अक्सर शहाबगंज के वनांचल के गांवों में सुनने को मिल जाते हैं। यहां के लोग इस समस्या से अक्सर परेशान होते देखे जाते हैं। वर्तमान में मोबाइल फोन पर बातचीत के जरिए कई जरूरी व महत्वपूर्ण काम निपटा लिए जाते हैं। जिससे भागदौड़ व अनावश्यक परेशानी से सभी बच सके। लेकिन शहाबगंज के ढोढनपुर, वनभिसमपुर, ताला, तेंदुई, छित्तमपुर के लोगों के लिए मोबाइल नेटवर्क ही सबसे बड़ी परेशानी है। गत दिनों माल्दह गांव में आयोजित जन चौपाल ने ग्रामीणों ने डीएम ईशा दुहन को पत्रक देकर पहाड़ी इलाके को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की मांग कर चुके हैं।
ग्रामीणों को अगर फोन पर बात करनी हो तो पेड़ या पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है, ताकि नेटवर्क मिल सके। चंदौली जिला मुख्यालय से 40-50 किलोमीटर दूर स्थित दक्षिण पहाड़ी इलाके का ये हाल है। एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है तो दूसरी ओर शहाबगंज विकास खण्ड के कई गांव ऐसे हैं, जहां आज भी मोबाइल की घंटियां नहीं बजती हैं। अगर इमरजेंसी हो और किसी को कॉल करना हो तो ये स्थानीय लोगों के लिए आसान नहीं होता है। इसके लिए ग्रामीण काफी जद्दोजहद करते हैं। किसी तरह एक कॉल करने के लिए उन्हें पेड़ पर और पहाड़ पर चढ़कर घंटों जुगत करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं डिजिटल इंडिया का सपना दिखाने वाली सरकार भी इन गांवों के लोगों से दूरी बनाए हुए है। ग्रामीणों को नेटवर्क की सबसे ज्यादा समस्या कोरोना महामारी के कारण हुई। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 मार्च महीने में हुए लॉकडाउन में सभी स्कूल-कॉलेजों को अनिश्चितकालीन समय तक के लिए बंद कर दिया गया था। जिसके बाद स्कूल व कॉलेजों के बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन करायी गई। लेकिन इन ऑनलाइन क्लासों का फायदा क्षेत्र के बच्चे नहीं उठा पाए, क्योंकि यहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि कई तरह की दिक्कतें आती हैं। एंबुलेंस को नेटवर्क नहीं होने के कारण सही समय पर सूचना नहीं दे पाते हैं। वहीं, पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जानवरों के काटने की घटनाएं भी ज्यादा होती है। इन घटनाओं के दौरान समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। कोई भी हादसा होने पर इन गांव में रहने वाले लोगों को तुरंत मदद नहीं मिल पाती है। इसके अलावा झगड़ा या अन्य कोई घटना होने पर गांव में पुलिस को सूचना देना अभी संभव नहीं हो पाता है। अब तो परेशानी इतनी है कि अब जहां नेटवर्क आता है, उस जगह को लोगों ने चिन्हित कर लिया है। वहां खड़े होकर ही अब ग्रामीण अपने रिश्तेदारों से बात करते हैं, ऐसे में लोगों का जीवन खासा परेशानी भरा रहता है।
सड़क के साथ मोबाइल नेटवर्क से जुड़ना जरूरी
इलिया। ग्राम प्रधान रामअशीष मौर्य का कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाने में आती है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे हालात रहे तो डिजीटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा। आने जाने के लिए सड़क तक नहीं है। नेटवर्क की समस्या है। किसी का कॉल आने पर पेड़-पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है। नेटवर्क नहीं होने के कारण बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सके। सरकार से हमारी मांग है कि रोड के साथ ही नेटवर्क की भी व्यवस्था की जाए।
नेटवर्क के चक्कर में घंटों हो जाता है बर्बाद
इलिया। ग्रामीण एहसान अली का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र से घिरा होने के कारण दूर-दूर तक मोबाइल टॉवर नहीं मिलता है। अगर किसी को बहुत जरूरी बात करनी हो तो पहाड़ी पर जाना पड़ता है। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है। जंगल से आने जाने में घंटों बर्बाद होता है। मोबाइल में बात करने में भी परेशानी होती है। पेड़ पर चढ़ना पड़ता है। किसी से बात करने के दौरान दो चार बार तो फोन कट होना आम बात है।
चंदौली- दबंगो ने ग्राम प्रधान को हाकी डंडे से मार कर किया घायल, कार्यवाही में जुटी पुलिस
नौगढ़। थाना क्षेत्र के बोझ गांव निवासी पूर्व ग्राम प्रधान संतोष कुमार को दबंगो ने शुक्रवार को देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर लाठी डंडा व हांकी से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। और मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था मे पीड़ित प्रधान ने थाने में पहुचकर दबंगो के खिलाफ लिखित तहरीर देकर के न्याय की गुहार लगाई है।
बताते हैं कि संतोष कुमार अपनी बाईक से समीपवर्ती तिवारीपुर बाजार में दवा लेने के लिए जा रहा थे। रास्ते में विशेषरपुर गांव के समीप विपक्षीगण मुक्तेश्वर पांडेय प्रियांशु पटेल व रामरूप मौर्या ने पूर्व ग्राम प्रधान को रोककर जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी डंडा हांकी से मारपीट कर घायल कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। इस बाबत थानाध्यक्ष अतुल प्रजापति ने बताया कि ग्राम प्रधान से मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। तहरीर के आधार पर पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। जिस पर सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जारी रही है।
पैसे का लेन देन करना मुगलसराय इंस्पेक्टर को पड़ गया भारी, एसपी ने किया निलबिंत
चंदौली। मुगलसराय कोतवाल रहे संतोष श्रीवास्तव को भ्रष्टाचार के आरोप में एसपी अंकुर अग्रवाल ने गुरुवार को निलंबित कर दिया एसपी के इस कार्यवाही से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
विगत दिनों पूर्व एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें मुगलसराय के तत्कालीन कोतवाल संतोष श्रीवास्तव पैसे का लेनदेन करते नजर आए थे।
जिसके बाद एसपी अंकुर अग्रवाल ने कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। और मामले को जांच के लिए निर्देशित किया था। जांच में पैसे के लेनदेन से जुड़ा वायरल वीडियो सही पाया गया। कोतवाल संतोष श्रीवास्तव जमीन से जुड़े विवाद में एक पार्टी को लाभ देने के लिए पैसे के लेन देन कर रहे थे। जिसको लेकर एसपी अंकुर अग्रवाल ने इंस्पेक्टर संतोष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया।
इस बाबत एसपी अंकुर इंस्पेक्टर संतोष श्रीवास्तव का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें वो किसी से पैसे का लेनदेन कर रहे थे। जांच में आरोप सही पाए गए जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
फुटबालः ट्राई ब्रेकर में खिजिरपुर ने कुर्रा की टीम को दी शिकस्त

Young Writer, धानापुर। अमर वीर इंटर कॉलेज के मैदान पर अमर शहीद धानापुर स्पोर्टिंग क्लब द्वारा गुरुवार को अंतरप्रांतीय फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाकप्रमुख अजय सिंह द्वारा किया गया। ब्लाक प्रमुख अजय सिंह द्वारा फीता काटकर एवं प्रतियोगिता का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता को आगे बढ़ाया। खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के मुख्य अतिथि ने फुटबाल को किक मारकर प्रतियोगिता का आरंभ हुआ।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से युवाओं के अंदर ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने आयोजको का सराहना की। कहा कि इस तरह के आयोजनों की बहुत आवश्यकता है। ग्रामीण स्तर पर इतने बड़े प्रतियोगिता का आयोजन करना बहुत ही सराहनीय। उद्घाटन मैच खिजीरपुर गाजीपुर बनाम कुर्रा (गाजीपुर) के बीच 90 मिनट का खेल हुआ। ट्राई ब्रेकर में खिजिरपुर गाजीपुर की टीम ने कुर्रा गाजीपुर को 5-4 से शिकस्त दी। इस दौरान अरशद खान गुड्डू, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष राजेश सिंह,विश्वनाथ सिंह, सत्ते सिंह, रामप्रवेश त्रिपाठी, मनीष सिंह, रुस्तम खान, राजन खान, रमेश द्विवेदी, रामधनी यादव, हाजी बिस्मिल्लाह, तुफैल खान, आज़ाद खान बाबू, कलीम खान, कमलाकांत मिश्र उपस्थित रहे। निर्णायक की भूमिका दिलशाद खान गब्बू, कमेंट्री संयुक्त रूप से इमरान खान एवं आतिफ खान ने किया।

शीतलहरः अलाव के अभाव में कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे आमजन
भीषण ठंड में आमजनजीवन अस्त-व्यस्त, लोगों की बढ़ी परेशानी
Young Writer, चंदौली। ठंड, गलन और शीतलहर से इन दिनों आमजनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। नए साल के आगाज के साथ ही मौसम में हुए बदलाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। चार दिनों के इंतजार के बाद गुरुवार को हल्की धूप हुई। लेकिन शाम होते ही शीतलहर व गलन के कारण लोग कांप उठे। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोगों ने आग व अलाव तापकर खुद को गर्म रखा। स्थिति यह है कि बीते एक सप्ताह से चल रही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया।
विदित हो कि जनपद में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। ठंड का आलम यह है कि लोग पूरे दिन घरों में कैद होने को विवश हैं। बहुत जरूरी कामकाज होने पर ही लोग खुद को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब श्रमिकों व दिहाड़ी मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले लोगों की है। कड़ाके की ठंड में प्रशासन द्वारा नगरीय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से आमलोगों की परेशानी और बढ़ गयी है। कुछ स्थानों पर ही अलाव जल रहे हैं जबकि बहुत से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण खासकर राहगीर व भिक्षुकों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। इसके अलावा ना ही प्रशासन की ओर से गरीबों में कंबल का ही वितरण व्यापक पैमाने पर अभी तक हो पाया है। वहीं कस्बा के लोग अपने निजी खर्च से लकड़ी खरीद कर जला रहे और कुछ हद तक सर्दी से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं।
चंदौलीः पतंग की दुकानों पर खुलेआम बिक रहा मौत का मांझा‚ एक्शन में पुलिस
चंदौली पुलिस ने अभियान चलाकर पकड़ा चाइनीज मांझा
Young Writer, चंदौली। चाइनीज मांझा, जिसे मौत का मांझा कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि इस मांझे से न जाने कितने लोगों की मौत चुकी है। इसके अलावा किसी का गर्दन जख्मी हुई तो किसी नाक, कान व अंगुलियां कट गयी। हालांकि इसका प्रयोग व बिक्री दोनों प्रतिबंधित है। बावजूद इसके चंदौली नगर में दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से बेच रहे हैं।
इसकी शिकायत पर चाइनीज मांझा बिक्री के खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है, जिससे पतंग विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने कई दुकानों का मांझा जब्त कर कार्यवाही में जुट गई। बात दे कि चाइनीज मंझे से आई दिन क्षेत्र में घटनाएं हो रही है। जिससे लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। पुलिस द्वारा नगर सहित आप पास के क्षेत्रों में चाइनीज मांझा के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इससे कोई अप्रिय घटना ना घटित हो पुलिस के इस चेकिंग अभियान से नगर सहित आस पास क्षेत्र के पतंग विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। इस बाबत सदर कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि नगर में चाइनीज़ मंझो के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जिस भी दुकान पर चाइनीज मांझा मिलेगा संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।










