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Sunday, July 12, 2026

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सावधान! तेजी से बिगड़ रही चंदौली की आबोहवा, खतरा एलर्जी व सांस संबंधित बीमारियों का खतरा

चिकित्सकों ने घरों के अंदर रहने की दी सलाह‚ बच्चे व बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की जरूरत

Young Writer, चंदौली। कृषि प्रधान चंदौली जनपद की आबोहवा अब सेहतमंद नहीं रही। इसमें धूल, विषैली गैस व प्रदूषण ने जहर घोल दिया है। जी हां! यह कोई हवाहवाई बात नहीं, बल्कि हवा की गुणवत्ता को जांचने वाली एजेंसी के आंकड़े हैं। रविवार को चंदौली जनपद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 254 रहा। जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। ऐसे में बाहर रहना लोगों के लिए लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। शुभम-राज हास्पीटल के निदेशक डा. शैलेश श्रीवास्तव की माने तो छोटे बच्चों व जिन मरीज को सांस संबंधित बीमारी है उन्हें बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही एलर्जी की समस्या हो सकती है।
विदित हो कि इन कुछ दिनों से जनपद के हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है जो तेजी से लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। मसलन लोग सर्दी-खासी, जुकाम के साथ ही अन्य प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहां में धूल के कण व कूड़ा-करकट आदि जलाने से पैदा हो रही कई तरह के जहरीली गैस मिल रही है। रविवार के दिन जनपद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 254 के आसपास रहा‚ जो शाम तक थोड़ा घटकर 223 तक पहुंचा। यह आकंड़ा जारी करने के साथ ही इसे खतरनाक बताते हुए इसे जांचने वाली एजेंसी ने चंदौली के लोगों के खास एडवाजरी जारी की। वेबसाइट पर साफ उल्लेख है कि ऐसी स्थिति में खुले माहौल में रहना बेहद खतरनाक है। इसलिए अपने आप को घरों के अंदर सुरक्षित रखें। इस वक्त जनपद में छठ पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में सरोवरों व घाट पर खुले आसमान के नीचे बुजुर्ग महिलाओं व बच्चों की सेहत पर इसका असर पड़ने की पूरी आशंकाएं हैं।

डा. शैलेश श्रीवास्तव
डा. शैलेश श्रीवास्तव

इस बाबत शुभम-राज हास्पीटल के निदेशक डा. शैलेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने से हवा की गुणवत्ता गिरती जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसी स्थिति में बच्चों, बुजुर्ग व सांस संबंधित बीमारियों से ग्रसित लोगों को घरों के अंदर रखना उनके स्वास्थ्य के लिए सही होगा। इससे न केवल एलर्जी, बल्कि कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां हो सकती है। किसी भी प्रकार की समस्या होने तक तत्काल अपने नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श व दवाएं लें और बाहरी माहौल में जाने से खुद को बचाए।

आरक्षण चक्रः फिलहाल चुनावी चर्चा पर खर्चा करने के मूड नहीं हैं दिख रहे भावी उम्मीदवार

नगर के सावजी पोखरे पर प्रत्याशियों द्वारा लगाया गया बैनर-पोस्टर।
नगर के सावजी पोखरे पर प्रत्याशियों द्वारा लगाया गया बैनर-पोस्टर।

प्रत्याशी चुनावी चर्चाओं से आगे नहीं बढ़ा पा रहे अपनी दावेदारी
भावी उम्मीदवारों को आचरण चक्र का इंतजार, फिलहाल नगर में चल रहा पोस्टर वार

Young Writer, चंदौली। नगर निकाय चुनाव की गतिविधियां गतिमान हैं। चुनाव का पहला चरण लगभग बीतने को है। बावजूद इसके चुनाव लड़ने वाले भावी उम्मीदवारों के नाम अभी तक स्पष्ट नहीं हो सके हैं। सभी की निगाहे हाल-फिलहाल आरक्षण चक्र पर टिकी हैं। यही वजह है कि कोई भी भावी उम्मीदवार खुलकर जनता के बीच पहुंच पा रहा है। फिलहाल सभी ने मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने व अवैध तरीके से जुड़े नामों को कटवाने में जमकर नूराकुश्ती की है। लेकिन अब बेशब्री से सभी को आचरण चक्र का इंतजार है ताकि वे अपनी दावेदारी जनता और अपनी पसंद के पार्टी दफ्तर में पूरी मजबूती के साथ कर सकें। हाल-फिलहाल अपने पहचान और नाम को आमजन के मन-मस्तिष्क में कायम रखने के लिए बैनर-पोस्टर जैसी प्रचार सामग्री का जमकर सहारा लिया जा रहा है।
इस वक्त जनपद में डाला छठ पूजा की धूम है और नगरीय इलाकों में स्थापित सरोवरों व तालाब पर इसकी रौनक सहज देखी जा सकती है। छठ पूजा की कड़ी में रविवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया घाटों पर पूरी हुई, जिसकी छटा देखते ही बन रही है। तमाम साजो-सजावट के बीच अबकी बार नगर निकाय का चुनाव लड़ने वाले भावी प्रत्याशियों के बैनर-पोस्टर व स्वागत गेट इसकी भव्यता को बढ़ाने के साथ अपने नगर, वार्ड के वोटरों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए पर्याप्त थे। नगर के सावजी के पोखरे पर सभी दिशाओं में प्रत्याशियों द्वारा अपने चुनावी प्रचार का रंग चढ़ाने का प्रयास किया गया था। स्वागत गेट से लगायत, बैनर व होर्डिंग्स के अलावा व्रती महिलाओं की सेवा व सुविधा के लिए टेंट आदि का बंदोबस्त था, जहां उनके लिए दूध, चाय व काफी का सुविधा बतौर सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। यह नगर निकाय चुनाव का एक अहम हिस्सा है। फिलहाल नगर में सुबह-शाम चुनाव की चर्चाएं तो हैं बावजूद इसके चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की तस्वीरें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पा रही है। क्योंकि प्रत्याशियों को अपनी दावेदारी पेश करने के लिए आरक्षण चक्र का इंतजार है। सभी उम्मीदवार फिलहाल चर्चा पर खर्चा करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वह कम खर्च में अपने आप को चर्चा में बनाए रखना चाहते हैं ताकि सही वक्त आने व उस चर्चा को चुनावी बयार में बदला जा सके। पोस्टर-बैनर पर गौर करें तो अबकी बार भावी उम्मीदवारों की लिस्ट में कई नाम है जो अपनी बार नगर निकाय चुनाव के समर में उतर रहे हैं। कुछ चेहरे परम्परागत व पुराने भी है। अबकी बार चेयरमैन पद के उम्मीदवारों से ज्यादा वार्ड सभासद पद के उम्मीदवारों के बैनर-पोस्टर नजर आ रहे हैं जो संदेश दे रहे हैं कि कहीं न कहीं वार्ड सभासदी के चुनाव में भी अबकी बार ठीकठाक जोर आजमाइश देखने को मिलेगी। फिलहाल सभी को आचरण चक्र के सार्वजनिक होने का इंतजार है और इस इंतजार के साथ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने के अपने सभी इंतजाम भी कर रखे हैं ताकि चुनाव में किसी भी स्तर से कोई कमी या चूक ना होने पाए।

लोकतंत्र में नागरिक सम्मान के पक्षधर थे पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह

Young Writer, चंदौली। चंदौली की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ गए पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन से उनके समर्थन व चाहने वाले मर्माहत दिखे। हर किसी ने उनकी शख्सित की स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कहा कि वह तटस्थ रहने वाले नेताओं में से थे जिनकी लोकतंत्र में आस्था थी और वे आम आदमी के सम्मान दिलाने पक्षधर रहे। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ अपने नेता के निधन से मर्माहत नजर आई। 
चंदौली के पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन से मर्माहत ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह ने उनके व्यक्तित्व को शानदार व सशक्त बताया। उन्होंने कहा कि चंदौली के पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन का समाचार दुखद है। वे राजनीति में विचारों की दृढ़ता के मिशाल थे। उन्होंने लोकतंत्र में नागरिक के सम्मान को हमेशा वरियता दी। जनता की सहायता के लिए संघर्ष करना उनका स्वभाव था। एक लम्बे समय तक वे चंदौली के स्वाभिमान के प्रतीक पुरुष की तरह स्थापित थे। वे राजनीति और समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष झन्मेजय सिंह ने पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि वह किसी जाति विशेष के नेता न होता सर्वमान्य नेता थे, उनके निधन से जो क्षति पहुंची है उसकी भरपाई संभव नहीं है। क्षत्रिय समाज को एकजुट होना होगा। साथ ही उनके आदर्शों को आत्मसात करके आगे बढ़ने की जरूरत है।  पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि शहाबगंज अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ बंटी ने कहा कि चंदौली प्रमुख रहे वीरेंद्रनाथ सिंह जैसी शख्सित सदियों में कभी-कभार पैदा होते हैं जो अपने जीवन काल में किए गए कार्य और अपने कुशल व्यवहार से लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। अपने आचरण व कार्य व्यवहार के कारण वह कई लम्बे समय तक चंदौली ब्लाक की राजनीति में अपना दबदबा बनाए रखा, जो उनके कुशल राजनीतिज्ञ होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उनके व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आज उनके निधन से चंदौली समेत पूर्वांचल का क्षत्रिय समाज व उनके चाहते वाले मर्माहत हैं। 

चंदौली-तेज़ रफ़्तार बाइक ने वृद्ध को मारी टक्कर, इलाज़ के दौरान मौत


चंदौली। बबुरी स्थानीय थाना क्षेत्र के सीकरी गांव के समीप बबुरी- चंदौली मार्ग पर शनिवार को तेज रफ़्तार बाइक के धक्के से 60 वर्षीय वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया घटनास्थल पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने तत्काल 108 की सहायता से जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहा चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हातल चिंताजनक देख ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया लेकिन रास्ते मे ही उसकी मौत हो गयी।
बताते हैं कि सीकरी गांव निवासी हरिशंकर विश्वकर्मा ( 60 वर्ष) घर के कार्य से बनौली चट्टी की तरफ जा रहे थे। तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित बाइक सवार ने हरिशंकर विश्वकर्मा को जोरदार टक्कर मार दिया। घटना में हरिशंकर विश्वकर्मा सड़क किनारे गिर कर लहूलुहान हो गए।मौके पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने तत्काल उनको जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहा चिकित्सकों ने हालत चिंताजनक देख ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते मे ही उनकी मौत हो गयी। वही मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

महामारी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमें में मनोज सिंह डब्लू समेत पेश हुए सपा के दिग्गज

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने जाती पूर्व विधायक पूनम सोनकर व मनोज सिंह डब्लू।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने जाती पूर्व विधायक पूनम सोनकर व मनोज सिंह डब्लू।

पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू व पूनम सोनकर समेत कई हुए नेता हुए पेश

Young Writer, चंदौली। आपदा प्रबंधन-2005 एवं महामारी अधिनियम-1897 के तहत दर्ज मुकदमे में सुनवाई के दौरान समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेता शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए। हालांकि पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन के कारण शोकसभा हो जाने के कारण न्यायिक स्थगित रही। बावजूद इसके पूर्व विधायक पूनम सोनकर, मनोज सिंह डब्लू समेत सपा महासचिव नफीस अहमद समेत पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव, बाबूलाल यादव व संतोष यादव ने हाजिरी रजिस्टर अपने दस्तख्त बनाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अब इस मामले में आगामी पांच नवंबर को न्यायालय में सुनवाई की तिथि मुकर्रर की गयी है।
विदित हो कि चंदौली कोतवाल की ओर से कोविड-19 काल में 12 अक्टूबर 2020 को समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर, मनोज सिंह काका, सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव, महासचिव नफीस अहमद, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, संतोष यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख बाबूलाल यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष बलराम यादव, पूर्व विधायक चकिया पूनम सोनकर समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा-288, 269, 270 महामारी अधिनियम-1897 की धारा-3, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-54 के तहत मामला दर्ज किया। इस मामले में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई की तिथि मुकर्रर थी। उक्त मुकदमे में नामित सपा नेता मनोज सिंह डब्लू, पूनम सोनकर, संतोष यादव, बलराम यादव, बाबूलाल यादव व नफीस अहमद कोर्ट में पेश हुए, लेकिन कंडोलेंस हो जाने के कारण न्यायिक प्रक्रिया स्थगित रही। इस मामले में सुनवाई के लिए पांच नवंबर की तिथि निर्धारित की गयी है। इस दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से अधिवक्ता अजय मौर्या व सुनील सिंह पार्टी नेताओं के साथ कोर्ट में मौजूद रहे।

लेखपालों के हित में सड़क से संसद तक होगा संघर्षः राममूरत यादव

सदर तहसील सभागार में शनिवार को हुई प्रदेश भर के लेखपालों की बैठक

Young Writer, चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की वाराणसी मंडल की समीक्षा बैठक शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव एवं प्रदेश मंत्री विनोद कश्यप के उपस्थिति में सदर तहसील सभागार में हुई। इस दौरान लेखपाल संघ ने प्रदेश के कई जिलों से आए लेखपाल संग के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों व समस्याओं को बैठक के पटल पर रखा और उसके समाधान के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया।

सदर तहसील सभागार में आयोजित बैठक में मंचासीन लेखपाल संघ के पदाधिकारी।
सदर तहसील सभागार में आयोजित बैठक में मंचासीन लेखपाल संघ के पदाधिकारी।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है। जो राजस्व विभाग की ड्यूटी ईमानदारीपूर्वक करने के साथ अन्य विभागों के सत्यापन कार्यों के अलावा शासन व प्रशासन से प्रदत्त सभी प्रकार की जिम्मेदारी को बखूबी निभाते चले आ रहे हैं। बावजूद इसके लेखपालों का उच्चाधिकारियों उत्पीड़न किया जाता है। लेखपालों को मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है, जिसे तत्काल बंद किया जाए। हम सभी को अपने हक और अधिकारों के लिए संगठित होना होगा। कहा कि हम लोग लेखपाल संघ के हित के लिए सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे, क्योंकि प्रदेश में लेखपाल द्वारा जितना मेहनत किया जाता है इतना मेहनताना भी नहीं मिल पाता। बैठक में उपस्थित लेखपालों ने बकाए एरियर व बोनस के साथ ही क्रॉप कटिंग बोनस के भुगतान की मांग की। साथ ही तहसीलों में लेखपाल द्वारा स्टेनो, आरके व एलआरसी जैसे पदों पर कार्य कर रहे हैं। इस व्यवस्था को तत्काल स्थगित करने की आवश्कता जताई। चंदौली जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार यादव ने कहा कि लेखपालों के प्रमोशन हेतु एक प्रतियोगी परीक्षा कराने शासन-प्रशासन को करानी चाहिए। इस मुद्दे पर चिंतन-मंथन करने के बाद प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा इससे अवगत कराया गया। इस मौके पर सुनील कुमार पांडेय, माधुरी पांडेय, दिनेश कुमार, संदीप कुमार मौर्य, गोपाल, वरूण कुमार, संदीप सिंह, संजय यादव, लाल बहादुर राम, मनीष कुमार सिंह, रिशु कुमार आदि उपस्थित रहे।

जानलेवाः नेगुरा में जंग खाकर जर्जर हो चुका लोहे का विद्युत पोल‚ ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन करेंट

नेगुरा में जंग से जर्जर लोहे के विद्युत पोल का निकला हिस्सा।
नेगुरा में जंग से जर्जर लोहे के विद्युत पोल का निकला हिस्सा।

ग्रामीणों का आरोप आमजन की शिकायत को संज्ञान में नहीं लेते अधिकारी

Young Writer, चंदौली। नेगुरा गांव में बिजली विभाग के लोहे के पोल जर्जर होकर लोगों के लिए जानलेवा बन गए हैं। ग्रामीणों के शिकायतों को आधार माने तो जर्जर विद्युत को बदलने कई बार शिकायत की। लेकिन उनकी शिकायतों को संज्ञान में नहीं लिया गया। नतीजा आज उक्त विद्युत पोल तारों के सहारे हवा में झूल रहा है जो कभी भी धराशाही हो सकता है। जिससे जन और धन दोनों की हानि व बड़े नुकसान से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि एक्सईएन विद्युत ने जल्द जर्जर पोल को बदलने की बात कही है।

नेगुरा में जर्जर विद्युत पोल के पास खड़े ग्रामीण।
नेगुरा में जर्जर विद्युत पोल के पास खड़े ग्रामीण।

दरअसल नेगुरा गांव में रामकृत यादव के घर पास रास्ते पर लगा लोहे का खंभा का निचला हिस्सा जंग खाकर पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। स्थिति यह है कि पोल का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा जंग खा चुकी है और मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा जमीन व पोल के ऊपरी जोड़े हुए है। देखा जाए तो जिन तारों को सहारा देने के लिए पोल को गाड़ा गया था आज वही तार के सहारे खड़ा है जो कभी भी गिर सकता है। उक्त जर्जर विद्युत पोल से हाईटेंशन तार घनी आबादी से होकर गुजरा हुआ है। ग्रामीणों की माने तो जर्जर विद्युत पोल गिरा तो आसपास की आबादी इससे प्रभावित होगी। इसके साथ ही रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन होता है। साथ ही मवेशियों का भी उसी रास्ते आना जाना होता है। यदि जर्जर पोल गिरा तो जन को हानि पहुंचने के साथ ही लोगों को धन हानि का भी सामना करना पड़ेगा। इसे लेकर जहां आसपास के ग्रामीण चिंतित है, वहीं विभाग की लापरवाही से उनके अंदर आक्रोश भी है। इस बाबत एक्सईएन विद्युत ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। समस्या की जानकारी होने के बाद एसडीओ को जर्जर विद्युत पोल को बदलने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

हनुमान जयंती पर हुए मारपीट में घायल युवक की ट्रामा सेंटर में मौत

Young Writer, चहनियां। बलुआ थाना क्षेत्र के बलुआ स्थित गंगा तट पर हनुमान जयंती के दिन हुई जमकर मारपीट में गम्भीर रूप से घायल 19 वर्षीय नवनीत कुमार की इलाज के दौरान बीएचयू में मौत हो गयी। युवक के मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बाजार में सन्नाटा पसर गया।
बलुआ गंगा तट पर स्थित मन्दिर पर 23 अक्टूबर को हनुमान जयन्ती का आयोजन हुआ था। वहीं पर शव दाह के लिए आए लोगों से गाड़ी खड़ा करने को लेकर आयोजकों से कहासुनी हो गई, जो मारपीट में बदल गयी। दोनों तरफ से जमकर लात-घूंसे चले। इसी दौरान खंडवारी महाविद्यालय में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र व स्थानीय निवासी नवनीत कुमार पुत्र राजेश निषाद बीचबचाव के लिए आगे आया, तभी किसी ने घाट पर रखी लकड़ी से उसके सिर पर मार दिया, जिससे बेहोश होकर वह वहीं गिरकर छटपटाने लगा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन ग्रामीणों की सहायता से घायल युवक को इलाज के लिए पीएचसी चहनियां, फिर जिला चिकित्सालय उसके बाद वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर ले गए। लेकिन युवक की नाजुक स्थिति देखकर चिकित्सक इलाज करने से इंकार कर दिये। जिस पर परेशान परिजन उसे वाराणसी स्थित निजी चिकित्सालय में ले गए। जहां दो दिन इलाज के बाद पुनः घायल को ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। जहां तीन दिनों तक चले इलाज के बाद घायल युवक की मौत शुक्रवार की देर रात हो गई। मौत की सूचना मिलते परिजनों में कोहराम मच गया और बलुआ बाजार में सियापा छा गया। पिता राजेश निषाद, मां मंजू देवी, छोटा भाई गोलू, दादा रामजी का रोकर बुरा हाल रहा।

नहीं रहे चंदौली के मजबूत राजनीति स्तम्भ पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह!

पूर्व प्रमुख विरेंद्रनाथ सिंह
पूर्व प्रमुख विरेंद्रनाथ सिंह

Young Writer, चंदौली। जिले के राजनीति का एक मजबूत स्तम्भ रहे चंदौली के पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह अब नहीं रहे। उन्होंने लम्बी बीमारी से जुझते हुए 79 वर्ष की अवस्था में उन्होंने बीएचयू में शनिवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन से समाजवादी विचारधारा में आस्था रखने वाले वीरेंद्रनाथ सिंह का व्यक्तित्व अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। उन्हें सफल व सशक्त व अपने मूल्यों व सिद्धांतों के साथ राजनीति करने वाले राजनेताओं के रूप में जाना जाता रहेगा। निधन की सूचना के साथ ही चंदौली मुख्यालय व उनके पैतृक गांव जसुरी समेत पूरे जनपद में शोक ी लहर दौड़ गयी।

निधन के बाद उनके शव को पैतृक गांव जसुरी लाया गया, जहां उनके अंतिम दर्शन को पूरा गांव उमड़ पड़ा। इसके अलावा उनके घर-परिवार व रिश्तेदारों ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। इसके बाद उनके शव को चंदौली बबुरी रोड स्थित उनकी मड़ई पर लाया और तत्पश्चात उनके शव को सदर ब्लाक चंदौली में श्रद्धा-सुमन व अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। वहां ब्लाक कर्मियों के साथ ही जनपद के विभिन्न इलाकों से आए उनके समर्थकों व चाहने वालों ने अंतिम विदाई दी।
विदित हो कि प्रमुख जी के नाम से मशहूर वीरेंद्रनाथ सिंह का चंदौली की राजनीति में खासा दबदबा रहा। खासकर सदर ब्लाक में वर्षों तक उनकी हनक चलती रही। खुद भी लंबे समय तक ब्लाक प्रमुख रहे। उनके बाद उनके राजनीतिक दायित्व को उनकी पत्नी, बहू और बेटे संजय सिंह बबलू ने ब्लाक प्रमुख की कुर्सी के साथ ही उससे जुड़े दायित्व को भी बखूबी संभाला और उनकी विरासत को बनाए और बचाए रखा। वर्तमान में संजय सिंह बबलू चंदौली ब्लाक प्रमुख हैं। इनके परिवार की सपा और बीजेपी दोनों दलों में उनकी गहरी पैठ थी। बड़े नेताओं से अच्छे संबंध थे। 1996 में सपा के टिकट पर चिरईगांव से विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन जीत से कुछ दूर रह गए। मुगलसराय विधान सभा सीट पर भी किस्मत आजमाई लेकिन यहां भी निराशा हाथ लगी। इसके बाद जनता पार्टी के टिकट पर लोक सभा चुनाव में भी उतरे थे। लेकिन उन्हें ब्लाक प्रमुख की कुर्सी ही रास आई। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य भी रहे। उनके निधन से समर्थक काफी मर्माहत हैं। उनके निधन पर जनपद के विभिन्न राजनीति दलों के नेता श्रद्धांजलि देने और उनकी शवयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन, विधायक रमेश जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, धानापुर प्रमुख अजय सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र तिवारी, राजेश कुमार सारंग, महेंद्र सिंह, मनोज सिंह, अरविंद पासवान, दिलीप पासवान, सुनील यादव गुड्डू, सुदर्शन सिंह‚ अखिलेश्वर यादव‚ डा. रामचन्द्र शुक्ल‚ जगमेंद्र यादव‚ शशिशंकर सिंह, अभिमन्यु सिंह, बनारसी यादव, विरेंद्र जायवाल आदि शामिल रहे।
इनसेट—
लोकतंत्र में नागरिक सम्मान के पक्षधर थेः डा. उमेश सिंह
चंदौली।
चंदौली के पूर्व प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन से मर्माहत ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह ने उनके व्यक्तित्व को शानदार व सशक्त बताया। उन्होंने कहा कि चंदौली के पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्रनाथ सिंह के निधन का समाचार दुखद है। वे राजनीति में विचार की दृढ़ता के मिशाल थे। उन्होंने लोकतंत्र में नागरिक के सम्मान के प्रबल पक्षधर थे। जनता की सहायता के लिए संघर्ष करना उनका स्वभाव था। एक लम्बे समय तक वे चंदौली के स्वाभिमान के प्रतीक पुरूष की तरह स्थापित थे। वे राजनीति और समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे।

सांसद दिनेश लाल को यादवों का नहीं पता है इतिहासः प्रभुनारायण

प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करते हुए विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव।
प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करते हुए विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव।

Young Writer, सकलडीहा। आजमगढ़ के सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ भोजपुरी फिल्म स्टॉर द्वारा पिछले दिनों चतुर्भुजपुर में असली यादव देश के बाकी अखिलेश के बयान तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को सकलडीहा विधान सभा कैम्प कार्यालय पर प्रतिभावान खिलाड़ी और छात्र को सम्मानित करते हुए विधायक ने सांसद पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सांसद ने संसदीय मर्यादा का घोर उलंधन किया है।
विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव कि यादव का इतिहास भूगोल माननीय सांसद को नही पता है। यादव का इतिहास जानते तो इस तरह अर्मायादित भाषा नही बोलते। यादव भगवान कृष्ण के वंशज है। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में अन्याय के अत्याचार के खिलाफ सदैव संघर्ष किया है। आज हम सभी उनके दिखाये गये रास्ते पर चलते है। नये नवेले सांसद है। भगवान कृष्ण का इतिहास पढ़ लेंगे तो वह जान जायेंगे कि वह असली यादव है कि नकली यादव है। वही खुद जान जायेंगे। इसके पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय ताइक्वांडों प्रतियोगिता में चयनित घरचित गांव के सतीश विश्वकर्मा और सकलडीहा कस्बा के निवासी ईश्वर चंद जायसवाल का पुत्र आर्यन जायसवाल नीट की परीक्षा में 665वां रैंक हासिल कर डाक्टर बनने पर स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र से सम्मानित किया है। इस मौके पर अजीत यादव, पुत्तुल यादव, सिंटू, सुभाष, चंदन, सुरेश यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

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