इलिया प्रधान व सेक्रेटरी पर मजदूरी भुगतान के बदले पैसे मांगने का आरोप
Young Writer, शहाबगंज। ब्लाक क्षेत्र के इलिया गांव के दर्जन भर ग्रामीणों ने गुरुवार को ब्लाक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बीडीओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध में जमकर नारेबाजी की। मामले की जानकारी होते ही ब्लाक प्रशासन के लोग हरकत में आए गए। बीडीओ ने आंदोलित ग्रामीणों को कार्यालय में बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने इलिया प्रधान व सेक्रेटरी पर मिलीभगत करके आवास की सूची से नाम काटने व आवास निर्माण के बाबत की गई मजदूरी के भुगतान की शिकायत की। इसके अलावा वनवासियों ने आवास आवंटन होने के बाद उसके बदले प्रधान से पैसा मांगने का भी गंभीर आरोप मढ़ा। बीडीओ ने एक सप्ताह के अंदर जांच के बाद मजदूरी भुगतान कराने की बात कही है।
इस दौरान पीड़ित एकलाख ने बताया कि वनवासी आवास निर्माण में मजदूरी भुगतान का मामला लंबे समय से संबंधित है सीडीओ व डीएम से फरियाद के बाद भी कहीं सुनवाई नहीं हो पा रही है। मजदूरी बकाया हुए लम्बा समय हो गया है। इसके अलावा गांव में गौशाला निर्माण के बाद ग्राम प्रधान सुरेंद्र गुप्ता व सेक्रेटरी द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। गांव के ही पिंटू गुप्ता के नाम गौशाला स्वीकृत हुआ। प्रधान व सेक्रेटरी ने उन पर दबाव बनाकर गौशाला का निर्माण कराया लिया। उसकी एमबी व स्टीमेट भी बन गया, लेकिन उसकी निर्माण सामग्री व मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पिंटू गुप्ता ने आरोप है कि प्रधान की ओर से 20 हजार जबरन ले लिए गए। बावजूद इसके गौशाला योजना का लाभ नहीं मिला। सुषमी ने बताया कि आवास बन गया है, लेकिन उसकी मजदूरी का भुगतान प्रधान नहीं कर रहे हैं। जब भी हम सभी मजदूरी के लिए प्रधान के यहां जाते हैं पांच हजार रुपये की मांग करते हैं और उनके द्वारा हमें धमका कर भगा दिया जाता है। हम सभी अत्यंत गरीब है जो किसी तरह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। प्रधान को देने के लिए हमारे पास पैसे नहीं है।
इस संबंध में बीडीओ ने बताया कि आज इलिया के ग्रामीणों की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए खुद मेरे द्वारा इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी मजदूरी बकाया है उसकी जांच के बाद एक सप्ताह के अंदर भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर धरना प्रदर्शन में अशोक राम, एकलाख, अनुरूप, अरविंद राम, सत्यनारायण, बचाउ प्रसाद पासवान, अरमान, पिंटू गुप्ता, ढोला वनवासी, सीताराम, सजीवन वनवासी आदि मौजूद थे।
















