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Monday, October 12, 2026

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स्वच्छता को अपनाकर बीमारियों को भगाएं दूरः शिवम तिवारी


चंदौली। इफको सेवा केंद्र की ओर से गुरुवार को माधोपुर मंडी परिसर स्थित कार्यालय में स्वच्छता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को स्वच्छता के साथ-साथ अन्य बिंदुओं की जानकारी दी गई, ताकि वह अधिक से अधिक सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो सके


इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक शिवम तिवारी कहा कि हम सभी को अपने आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए। स्वच्छता को अपनाकर कई रोगों के संक्रमण से बचा जा सकता है। इसलिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है तभी देश को स्वच्छ बनाने का मिशन सफल हो सकेगा। कहा कि किसानों के सभी सुविधाओं को देखते हुए एक छत के नीचे सरकार की पहल पर इफको की ओर से व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने का फैसला किया है।

अब किसानों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इफको केंद्र पर ही किसानों की मिट्टी की जांच के साथ-साथ सभी कृषि यंत्र और उपकरण मिल जाएंगे। सरकार की सब्सिडी भी दी जाएगी। यही नहीं सीएससी की भी स्थापना की जाएगी, ताकि किसान यही से खतौनी और आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकें। इस दौरान मयंक सिंह यादव, सरोज सिंह, बृजेश मौर्या, प्रमोद कुमार, रवि कुमार, अंतू, रामविलास, कमलेश, रमेश आदि उपस्थित रहे।

जमीन अधिग्रहण करने की नोटिस पर किसानों में उबाल

दिघवट गांव में किसान महापंचायत में जमीन अधिग्रहण का विरोध जताते किसान।
दिघवट गांव में किसान महापंचायत में जमीन अधिग्रहण का विरोध जताते किसान।

Young Writer, सकलडीहा। जिला प्रशासन द्वारा तहसील क्षेत्र के पांच गांव में वर्षों से काबिज भूमि को रायल ताल की जमीन बताते हुए अधिग्रहण करने की नोटिस जारी किया है। जिसे लेकर किसानों में काफी उबाल है। गुरुवार को किसानों ने महापंचायत के माध्यम से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से अधिग्रहण की सूचना को निरस्त करने की मांग उठाया।
तहसील क्षेत्र के दिघवट, फेसुड़ा, बरंगा, पंचदेवरा, जमुनीपुर आदि गांव के करीब 1818 एकड़ भूमि सरकारी (रायल ताल) बताते हुए सैकड़ों किसानों को भूमि अधिग्रहण के लिये नोटिस जारी किया गया है। जबकि उक्त भूमि पर वर्षाे से किसान खेती बारी और मकान बनाये हुए है। तहसील प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को लेकर किसानों में उबाल है। दिघटव गांव में पांचों गांव के सैकड़ों किसान इक्टठा होकर जिला प्रशासन के इस निर्णय का पूरजोर विरोध करते हुए नोटिस को निरस्त करने की मांग उठाया है। किसानों ने चेताया कि सरकार और जिला प्रशासन लाख कोशिस कर ले लेकिन किसान अपनी एक ईंच भी भूमि का अधिग्रहण नही होने देंगे। अंत में एक नवम्बर से धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दिया है। इस मौके पर विरोध जताने वालों में  किसान नेता मनमन सिंह, सरवन राजभर, कृष्णा राय,राज बहादूर सिंह, राम अवध राजभर, बृजेंद्र प्रताप उर्फ तूफान सिंह, नरसिंह मौर्य, राघवेंद्र सिंह ,मोनू राम, पंजाबी राजभर, मनोज राजभर आदि किसान मौजूद रहे।
इनसेट में……..
ओमप्रकाश राजभर ने किसानों को दिया था भरोसा
सकलडीहा। तुलसी आश्रम में पिछले दिनों आयोजित सावधान रैली के दौरान पांच गांव के सैकड़ों किसान भूमि अधिग्रहण की समस्या को लेकर पहुंचे हुए थे। मंच से ओपी राजभर ने मुख्यमंत्री से बात कर किसानों के हित का भरोशा दिया था। इसके बाद भी किसानों के जमीन अधिग्रहण होने की डर सताने लगा है। जिसे लेकर काफी नाराजगी है।

चंदौली-16 दिनों तक नाबालिक के साथ करता रहा दुष्कर्म, आरोपी को 12 वर्ष की कठोर कारावास

चंंदौली। स्पेशल जज पाक्सो कोर्ट में गुरुवार को दुष्कर्म के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद ने आरोपी नसीर को 12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपया जुर्माना लगाया। अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
चकरघट्टा थाना क्षेत्र की 13 वर्षीय पीड़िता के पिता ने 9 मई 2015 को इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करायी। आरोप था। कि आरोपियों से झगड़ा होने से रंजिश रखते थे। और इज्जत पर धावा बोलने की धमकी दिए थे। चार मई 2015 को घर पर परिवार के लोग नहीं थे। तभी आरोपित बेटी का अपहरण कर लिया। काफी खोजबीन के बाद भी बेटी का पता नहीं चला। पीड़िता के पिता ने अपने बयान में दर्ज कराया था। कि करीब 17 दिन बाद पुलिस आरोपी नसीर के कब्जे से बेटी को बरामद किया था। वहीं पीड़िता ने बयान में बताया कि सुबह शौच के लिए जाते समय रास्ते में नसीर, शौकत, मीरहम्जा और जैनुल ने मौसी के यहां ले जाने को कहकर आटो पर बैठा लिए। उसके बाद वह लोग रावर्ट्सगंज लगे गए। वहां से ट्रेन से जयपुर ले जाकर एक प्राइवेट कमरे में 16 दिनों तक रखा। जयपुर से शौकत व मीरहम्जा वापस चले आए। लेकिन नसीर इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म करता था। चिल्लाने पर मुंह बंद कर देता था। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पाक्सो शमशेर बहादुर सिंह, अवधेशनारायण सिंह और रमाकांत उपाध्याय ने मुकदमें की पैरवी व तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने विचेचना कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी जनपद बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के सरिया मऊ निवासी नसीर को धारा-4(1) पाक्सो एक्ट में 12 साल की कठोर कारावास की सजा सुनायी है। वहीं धारा-363 आईपीसी में चार साल और धारा-366 में पांच वर्ष और पांच-पांच हजार रुपया जुमार्ना लगाया।

डा. राम मनोहर लोहिया के समाजवादी विचारधारा को नेताजी ने आगे बढ़ाया

माधोपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की तैयारियों का जायजा लेते मनोज सिंह डब्लू।
माधोपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की तैयारियों का जायजा लेते मनोज सिंह डब्लू।

Young Writer, धानापुर। सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू के माधोपुर स्थित आवास पर शुक्रवार को 11 बजे सपा संस्थापक, संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के संस्थापक धरतीपुत्र दिवंगत मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए हवन-पूजन कार्यक्रम भी रखा है। इसके मद्देनजर गुरुवार को पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और समय से सभी तैयारियों को पूर्ण करने की बात कही।
इस बाबत मनोज कुमार सिंह डब्लू ने बताया कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने डा. राममनोहर लोहिया के समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया। समाज में व्याप्त असमानता के खिलाफ लड़ाई लड़ी। देश की तरक्की व विकास में बाधक बनी कुरीतियों को मिटाने के लिए कई अभूतपूर्व व ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने गरीब, मजलूम और बेसहारों की लड़ाई लड़ी। वह प्रदेश और देश की राजनीति में एक अटूट रिश्ता बांध गए हैं। उनका चंदौली से विशेष रिश्ता रहा है। जब भी सरकार में रहे चंदौली के विकास योजनाओं को पंख देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उनके जाने से राजनीतिक को गहरा आघात लगा है। उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि सभा के बाद वृद्धा, विधवा और विकलांगों में अंगवस्त्र का वितरण किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया अधिक से अधिक संख्या में आकर नेताजी मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि समर्पित करें।

मुलायम की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आज
चंदौली।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक, धरतीपुत्र, समाजवादी आंदोलन के प्रेरणा स्रोत नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन से सपा के लोग मर्माहत हैं। इस कड़ी में उनकी स्मृति में शुक्रवार को बिछियां स्थित धरनास्थल पर समाजवादी पार्टी जिला इकाई की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा के जरिए सपा संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने के साथ ही उनके जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला जाएगा।

कहीं आपकी हड्डियां भी नहीं हैं चॉक की तरह नाजुक छींकने-खांसने से भी टूट सकती हैं हड्डियां, जानिए इस रोग के लक्षण और बचाव के तरीके

चंदौली। शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ और मजबूत रहना सबसे आवश्यक होता है। हड्डियों में किसी प्रकार की समस्या शरीर की गतिविधि और संरचना दोनों को प्रभावित कर सकती है। समय के साथ-साथ लोगों को हड्डियों से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं।छींकने व खासने से भी टूट सकती है। हड्डियां इस रोग के लक्षण और बचाव के क्या तरीके हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी ही एक गंभीर समस्या है। इस रोग में हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को इतना कमजोर बना देता है कि हल्की सी चोट या झुकने यहां तक कि छींकने या खांसने से भी फ्रैक्चर होने का डर बना रहता है। कूल्हे, कलाई या रीढ़ में, ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर होने का खतरा सबसे अधिक होता है।सूर्या हॉस्पिटल व ट्रामा सेंटर के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर गौतम त्रिपाठी ने बताया कि हड्डी के अंदर मधुमक्खी के छत्ते की तरह छोटे-छोटे स्थान होते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस इन स्थानों के आकार को बढ़ाता है, जिससे हड्डियों की ताकत और उनका घनत्व कम हो जाता है। इसके अलावा यह हड्डियों के बाहरी भाग को कमजोर और पतला भी बना देता है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकती है, हालांकि विशेष रूप से वृद्ध महिलाएं और रजोनिवृत्ति के समय में इसका सबसे ज्यादा जोखिम होता है।आइए आगे की स्लाइडों में इस गंभीर समस्या के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या को पहचानें

चंदौली। आर्थोपेडिक डॉक्टर गौतम त्रिपाठी के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती चरणों में सामान्यत हैं।कोई भी लक्षण या संकेत नजर नहीं आते हैं। ज्यादातर मामलों में लोगों को इस समस्या के बारे में तब तक पता नहीं चल पाता है जबतक कि उन्हें फ्रैक्चर न हो जाए। विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही आपमें ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण नहीं हैं, लेकिन परिवार में किसी को इस तरह की समस्या रह चुकी है तो डॉक्टर से बात करके अपने जोखिमों का आकलन करने में मदद मिल सकती है। यदि आपमें इसका जोखिम अधिक है और हड्डियों में दर्द या किसी अन्य तरह की समस्या है तो इस बारे में डॉक्टर से बात जरूर करें।

उम्र के साथ बढ़ती जाती है ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या
चंदौली। किन कारणों से ऑस्टियोपोरोसिस की दिक्कत होती हैं।ऑस्टियोपोरोसिस के संभावित कारणों में हाइपरथायरायडिज्म जैसी कुछ चिकित्सीय स्थितियां शामिल हैं। इन बीमारियों में ली जाने वाली दवाओं के कारण भी यह समस्या हो सकती है।ऑस्टियोपोरोसिस का सबसे बड़ा जोखिम कारक है-उम्र। उम्र बढ़ने के साथ इन समस्याओं का खतरा अधिक हो जाता है। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा स्वाभाविक रूप से अधिक होता है जो मेनोपॉज के बाद और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा यदि आपके परिवार में किसी को यह दिक्कत रह चुकी है तो इसका खतरा आपको भी अधिक हो सकता है। कैल्शियम की कमी को भी इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस के लिए दी जाती है सहायक चिकित्सा

चंदौली।सूर्य हॉस्पिटल व ट्रामा सेंटर के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर गौतम त्रिपाठी के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस का कोई इलाज नहीं है, हालांकि डॉक्टर कुछ उपायों के माध्यम से हड्डियों को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव की सलाह दे सकते हैं। रोगी को कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन बढ़ाने के साथ-साथ उचित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। पुरुषों में, टेस्टोस्टेरोन थेरेपी के माध्यम से हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा कुछ दवाइयों की सहायता से भी हड्डियों की क्षति को रोका जा सकता है।

चंदौली-त्योहार में आराजक्तता फैलाने वालो पर होगी कार्यवाई: रामवीर सिंह


चंदौली। आगामी त्योहार की मद्देनजर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर बुधवार की शाम सीओ सदर रामवीर सिंह ने कोतवाल संतोष सिंह के साथ नगर में पैदल गश्त किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों से मिलकर समस्याओं को जाना और दुकानों पर सीसी टीवी कैमरा लगाने का आव्हान किया।
सीओ सदर रामवीर सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली से निकलर पुरानी बाजार गंगा रोड शंकर मोड़ होते हुए पूरे नगर में भ्रमण किया।वही नगर के तिराहों पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया इससे वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया।

पुरानी बाज़ार में वाहनों की चेकिंग करते कोतवाल संतोष सिंह

उन्होंने व्यापारियों से कहा कि सभी व्यपारी अपने-अपने दुकान के सामने सीसी टीवी कैमरा जरूर लगाएं । इससे संदिग्धों पर नजर रखी जा सके व्यापारियों को कोई भी समस्या हो वो तत्काल पुलिस को सूचित करें कहा कि त्योहार में बाजार अथवा चट्टी चौराहों पर आराजक्तता फैलाने वालो पर पुलिस कड़ी कार्यवाई करेंगी। इस एसआई धर्मेंद्र शर्मा, सहिपाल यादव, अविनाश गुप्ता,शेखर यादव, बंटी सिंह आदि मौजूद रहे।

गंभीर समस्याः …आखिर कब और कैसे मिलेगी चंधासी की धूल से निजात

Young Writer: धूल की समस्या

स्थानीय जनप्रतिनिधि व जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही जनता पर भारी

Young Writer, डीडीयू नगर। एशिया की सबसे बड़ी कोल मंडी चंधासी में हर समय धूल व गंदगी का गुब्बार उड़ता रहता है। इस समस्या को लेकर जब किसी संगठन द्वारा हो-हल्ला मचाया जाता है तो प्रशासन उस पर थोड़ी निगाह बनाते हुए साफ सफाई करवाता है, परंतु कुछ दिन बाद समस्या जस की तस हो जाती है। आसपास के लोगों का कहना है कि अब शायद ही इस समस्या का समाधान हो पाए। किसी को पड़ाव या वाराणसी जाना पड़ता है तो उनके जेहन में सबसे पहले चंधासी की धूल आती है। लेकिन लोगों के लिए और कोई विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें उसी उड़ते हुए धूल में से गुजरना पड़ता है। उस रास्ते से गुजरने के बाद लोगों का क्या हाल होता है वह तो वही बेहतर बता सकते हैं।
उक्त मंडी से धूल से निजात दिलाने के लिए समाजिक संगठनों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद अधिकारी कुछ पल के लिए सक्रिय हुए फिर स्थिति जस की तस बन गयी है। न अब कोई विरोध जताता है और ना ही अधिकारी उस पर अमल करते हैं। उक्त रास्ते से आए दिन हजारों लोग गुजरते हैं। उक्त मार्ग से गुजरते वक्त चार पहिया वाले तो अपना शीश चढ़ा लेते हैं लेकिन जो सवारी वाहन हैं या बाइक चालक हैं उनको उसी गर्दे में से होकर गुजरना पड़ता है। यह जनपद का सबसे प्रदूषित क्षेत्र है जहां से गुजरने के लिए लोगों को कई बार सोचना पड़ता है। ऐसी समस्या वर्षाें से कायम है। बावजूद भी शासन प्रशासन द्वारा उसके निस्तारण का कोई पहले नहीं किया जाता है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। चंधासी में उड़ते धूल से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव ही नहीं पड़ता है बल्कि धूल के धूंध में कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। ऐसे में अब चंधासी मंडी में कार्य करने वाली संस्थाएं आगे आ जाये तो शायद वर्षाे की समस्या का निवारण हो जाये और आस-पास रहने वाले लोगों के साथ रास्ते से गुजरने वालों को बड़ी राहत मिल जायेगी।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर, वसूल रहे मनमानी फीस

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

स्कूल-कालेज के समय संचालित हो रही अवैध कोचिंग क्लासेज
Young Writer, इलिया। स्थानीय कस्बा सहित सैदूपुर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर आम लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। न तो इनका पंजीयन है और न ही इन्हें खोलने के लिए कोई स्थान सुनिश्चित किया गया है। कोचिंग सेंटर पर वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग व्यवस्था भी नहीं है। यह कोचिंग संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। इतना ही नहीं सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन कोचिंग सेंटरों का संचालन स्कूल टाइम में किया जाता है जिस कारण बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की चाह में स्कूल-विद्यालय नहीं जाते हैं और जिन विद्यालयों में इनका नामांकन है वहां इनकी लम्बी गैरहाजिरी रहती है। इस तरह शासन-प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल ले जाने की मुहिम को अवैध कोचिंग सेंटरों के इस कृत्य से करारा आघात पहुंच रहा है। बावजूद इसके ये कोचिंग सेंटर बिना रोक-टोक के बेधक संचालित हो रहे हैं।

सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

कस्बा व सैदूपुर में कोचिंग दर्जनों सेंटर संचालित हो रहे हैं। किसी के पास कोचिंग संचालन के लिए कोई वैध पंजीयन है अथवा नहीं। इस बाबत कोई जवाब शिक्षा विभाग के पास नहीं है। जबकि पार्किंग एवं पर्याप्त जगह की व्यवस्था के बगैर संचालक कोचिंग सेंटर नहीं चला सकते। लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण कोचिंग सेंटर के संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कोचिंग सेंटरों पर आने वाले छात्र मुख्य सड़क पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं, इससे स्थानीय लोगों के अलावा राहगीरों को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है। सैदूपुर से लेहरा साख मार्ग पर करीब आधा दर्जन कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां एक हजार से अधिक लड़के ट्यूशन पढ़ते हैं। इस ओर पुलिस प्रशासन द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क के किनारे रास्ते में साइकल व बाइक खड़ी रहती हैं। कई बार छात्र-छात्राएं झगड़ते रहते हैं। पुलिस को इस दिशा में कार्रवाई करना चाहिए। जितने भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, वह छात्र-छात्राओं से मनमाफिक मोटी फीस तो लेते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं देते। एक बड़े हाल में सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जमीन में बैठकर पढ़ाया जाता है। दूसरी ओर भीड़ की आड़ में कुछ शरारती तत्व छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें भी करते हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि निजी कोचिंग संचालकों का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। अगर बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग सेंटर संचालित है तो इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Young Writer: प्रधानाचार्य राजेश कुमार
प्रधानाचार्य राजेश कुमार

लगातार गैरहाजिर बच्चों के अभिभावकों से होगी बातः प्रधानाचार्य
इलिया। किसान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में करीब 600 विद्यार्थियों के नामांकन हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में हुआ है। विद्यालय बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के निरंतर प्रयासरत है। बावजूद इसके यदि को विद्यार्थी स्कूल टाइम में विद्यालय से लगातार गैरहाजिर रहता है तो उसके अभिभावक को विद्यालय बुलाकर इसका वजह जानने का प्रयास होगा। यही शिक्षण को लेकर कोई समस्या व दिक्कत बच्चे को आ रही है तो संबंधित शिक्षक की निगरानी में उसे दूर करने का प्रयास होगा। साथ ही यह भी बताया कि विद्यालय टाइम में कोचिंग सेंटर का संचालन की निगरानी व कार्यवाही का क्षेत्राधिकार उनके पास नहीं है। विभाग के उच्चाधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा, ताकि बच्चों का विद्यालय आना न छूटे। क्योंकि सरकार बच्चों को विद्यालय लाने के लिए सतत् प्रयास कर रही है। इस पर किसी भी तरह की कुठाराघ उचित नहीं है।

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में संचालित अवैध कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी स्कूली बच्चों की साइकिल।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर, वसूल रहे मनमानी फीस

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

स्कूल-कालेज के समय संचालित हो रही अवैध कोचिंग क्लासेज
Young Writer, इलिया। स्थानीय कस्बा सहित सैदूपुर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर आम लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। न तो इनका पंजीयन है और न ही इन्हें खोलने के लिए कोई स्थान सुनिश्चित किया गया है। कोचिंग सेंटर पर वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग व्यवस्था भी नहीं है। यह कोचिंग संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। इतना ही नहीं सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन कोचिंग सेंटरों का संचालन स्कूल टाइम में किया जाता है जिस कारण बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की चाह में स्कूल-विद्यालय नहीं जाते हैं और जिन विद्यालयों में इनका नामांकन है वहां इनकी लम्बी गैरहाजिरी रहती है। इस तरह शासन-प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल ले जाने की मुहिम को अवैध कोचिंग सेंटरों के इस कृत्य से करारा आघात पहुंच रहा है। बावजूद इसके ये कोचिंग सेंटर बिना रोक-टोक के बेधक संचालित हो रहे हैं।

सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।

कस्बा व सैदूपुर में कोचिंग दर्जनों सेंटर संचालित हो रहे हैं। किसी के पास कोचिंग संचालन के लिए कोई वैध पंजीयन है अथवा नहीं। इस बाबत कोई जवाब शिक्षा विभाग के पास नहीं है। जबकि पार्किंग एवं पर्याप्त जगह की व्यवस्था के बगैर संचालक कोचिंग सेंटर नहीं चला सकते। लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण कोचिंग सेंटर के संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कोचिंग सेंटरों पर आने वाले छात्र मुख्य सड़क पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं, इससे स्थानीय लोगों के अलावा राहगीरों को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है। सैदूपुर से लेहरा साख मार्ग पर करीब आधा दर्जन कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां एक हजार से अधिक लड़के ट्यूशन पढ़ते हैं। इस ओर पुलिस प्रशासन द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क के किनारे रास्ते में साइकल व बाइक खड़ी रहती हैं। कई बार छात्र-छात्राएं झगड़ते रहते हैं। पुलिस को इस दिशा में कार्रवाई करना चाहिए। जितने भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, वह छात्र-छात्राओं से मनमाफिक मोटी फीस तो लेते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं देते। एक बड़े हाल में सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जमीन में बैठकर पढ़ाया जाता है। दूसरी ओर भीड़ की आड़ में कुछ शरारती तत्व छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें भी करते हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि निजी कोचिंग संचालकों का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। अगर बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग सेंटर संचालित है तो इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Young Writer: प्रधानाचार्य राजेश कुमार
प्रधानाचार्य राजेश कुमार

लगातार गैरहाजिर बच्चों के अभिभावकों से होगी बातः प्रधानाचार्य
इलिया। किसान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में करीब 600 विद्यार्थियों के नामांकन हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में हुआ है। विद्यालय बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के निरंतर प्रयासरत है। बावजूद इसके यदि को विद्यार्थी स्कूल टाइम में विद्यालय से लगातार गैरहाजिर रहता है तो उसके अभिभावक को विद्यालय बुलाकर इसका वजह जानने का प्रयास होगा। यही शिक्षण को लेकर कोई समस्या व दिक्कत बच्चे को आ रही है तो संबंधित शिक्षक की निगरानी में उसे दूर करने का प्रयास होगा। साथ ही यह भी बताया कि विद्यालय टाइम में कोचिंग सेंटर का संचालन की निगरानी व कार्यवाही का क्षेत्राधिकार उनके पास नहीं है। विभाग के उच्चाधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा, ताकि बच्चों का विद्यालय आना न छूटे। क्योंकि सरकार बच्चों को विद्यालय लाने के लिए सतत् प्रयास कर रही है। इस पर किसी भी तरह की कुठाराघ उचित नहीं है।

Young Writer: सैदूपुर इलाके में स्कूल टाइम में संचालित अवैध कोचिंग में पढ़ते बच्चे।
सैदूपुर इलाके में संचालित अवैध कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी स्कूली बच्चों की साइकिल।

घनश्याम प्रधान बने बसपा के वाराणसी मंडल के जोन इंचार्ज

Young Writer: घनश्याम प्रधान।
घनश्याम प्रधान।

Young Writer, चंदौली। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावाती के निर्देश पर बुधवार को पूर्व जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान को वाराणसी मंडल का जोन इंचार्ज बनाया है। इसकी जानकारी होते ही कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने नवनियुक्त वाराणसी मंडल के जोन इंचार्ज घनश्याम प्रधान का माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही बधाई भी दी।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती हमेशा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करती हैं। इसी का परिणाम रहा है कि कई बार चंदौली जिलाध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके घनश्याम प्रधान को वाराणसी मण्डल जोन इंचार्ज बनाया है। वाराणसी मंडल जोन इंचार्ज बनने के बाद घनश्याम प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका निर्वहन में ईमानदारी और निष्ठा के साथ करूंगा। बहुजन समाज पार्टी के नीतियों व सिद्धांतों को गांव तक पहुंचाने कर हरसंभव प्रयास होगा, ताकि संगठन सशक्त और मजबूत हो सके। पूरे जोन में बसपा का जनाधार बढ़ाने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों से मंथन-चिंतन होगा। साथ युवा साथियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे सफल बनाने का जमीनी स्तर पर काम होगा। इस दौरान मुकेश कुमार, संजय कुमार, तिलकधारी बिंद, संतोष भारती, चंद्रशेखर, विजय बहादुर, महेंद्र बिंद आदि उपस्थित रहे।

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