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Wednesday, July 22, 2026

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उल्लास, उमंग व उत्साह के साथ चंदाैली में मना होली का त्यौहार

चकिया में होली पर्व पर रंगों में सराबोर बच्चे।


चंदौली जनपद के अलग–अलग हिस्सों में लोगों ने एक-दूसरे को रंगों से सराबोर कर मनाई होली

Young Writer, चंदौली। रंगों के त्यौहार होली शुक्रवार को जनपद में उल्लास, उमंग व उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान जहां दोपहर तक लोगों ने अपने परिवार, दोस्त-यार व पास-पड़ोस के लोगों के साथ जमकर अबीर गुलाल लगाया। लोग होली के मौके पर एक-दूसरे को रंगों से सराबोर करते नजर आए। जगह-जगह डीजे पर बजते होली के गानों पर युवा थिरकते दिखे। वहीं बड़े बुजुर्गों ने भी एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली पर्व की खुशियां साझा की। गांव-गली, मोहल्लों में युवाओं की टोली तरह-तरह के मुखौटों को पहने हुए होली के गीत गाकर लोगों को घर गए और उन्हें रंग-गुलाल लगाकर आशीर्वाद पाया।

सकलडीहा क्षेत्र में होली खेलते युवक।

इस दौरान सुरक्षा व शांति व्यवस्था को लेकर जनपद के चप्पे-चप्पे में पुलिस फोर्स तैनात रही, ताकि कहीं भी रंग के त्यौहार में लोगों के उत्साह व खुशियों को कोई भंग न करने पाए। इस दरम्यान कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़प व तनाव की सूचनाएं मिली, जिन्हें पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित कर लिया। दूसरी ओर डीएम संजीव सिंह ने भी जिले के अफसरों व अपने करीबियों के साथ होली का त्यौहार मनाया और खुद रंगों में सराबोर नजर आए। वहीं कई नेताओं व प्रबुद्धजन भी होली के त्यौहार को अपने-अपने तौर-तरीके से मनाते दिखे। होली पर्व को लेकर खासकर युवाओं, बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। जो सुबह होते ही रंगों से भरी बाल्टी और अपनी-अपनी पिचकारी लेकर अपने हमउम्र साथियों को रंगने के लिए तैयार दिखे। बच्चों ने अपनी गलियों में जमकर एक-दूसरे पर रंग बरसाया। वहीं कुछ लोगों ने मकान की छतों से रंगों की बारिश की। वहीं युवतियां भी अपने सहेलियों के साथ रंगों में सरोबार नजर आयीं। दूसरी ओर घर की महिलाएं तरह-तरह के लजीज पकवान तैयार करने में पूरी शिद्दत के साथ जुटी रही। एक तरफ जहां रंग, अबीर-गुलाल उड़ाए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर कीचन में महिलाएं तरह-तरह के रेसीपी को आजमा कर कई तरह के लजीज पकवान तैयार करने में पूरी शिद्दत के साथ जुटी रहीं। दोपहर बाद तक होली का हुल्लास व हुड़दंग गलियों में काम रहा। हालांकि शाम होते-होते रंगों में सरोबार लोग नए परिधान धारण करके एक-दूसरे को अबीर लगाकर त्यौहार की खुशियों में शरीक हुए। त्यौहार को देखते हुए देर रात तक शहरी इलाकों के साथ ही कस्बाई व ग्रामीण इलाकों में लोगों की लहर पहल बनी रही।

मुगलसराय में होली पर्व पर एक-दूसरे से गले मिलते बच्चे।
चहनियां कस्बा में होली मनाते युवक।

होली का पर्व शांति ढंग से सम्पन्न
चहनियां।
क्षेत्र में होली का पर्व धूमधाम से सम्पन्न हो गया । गुरुवार की देर रात में होलिका दहन पूजा पाठ कर होली गीत के साथ जलाया गया। गांवों में घूम घूम कर रात को घर घर गीत गाया। शुक्रवार की सुबह से ही होली का हुड़दंग शुरू हो गया। बाबा कीनाराम मठ रामगढ़, चहनियां कस्बा सहित बलुआ बाजार, टाण्डा बाजार, मारूफपुर बाजार, रमौली बाजार, मोहरगंज बाजार, रामगढ़, पपौरा, मजिदहा, अगस्तीपुर, चकिया बिहारी मिश्र आदि गांवों में लोगो ने जमकर होली खेली। जगह-जगह समूह बनाकर होली के गीतों का आयोजन हुआ। ठंडई, भांग के साथ होली के गीत पर लोग झूमते रहे। शाम को होली के बाद अबीर गुलाल एक दूसरे को लगाकर गले मिले। घरों में बने गुझिया, चिप्स एक दूसरे के घर जाकर खाने का दौर देर शाम तक चलता रहा। हिन्दू-मुस्लिम भाई भी जगह-जगह होली में गले मिलकर भाई चारे का संदेश दिया।

पोल से टकराई अनियंत्रित बाइक, दो युवकों की मौत

होली खेलकर बाइक से घर लौट रहे थे बाइक सवार युवक

Young Writer, चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर कला गांव के समीप होली पर्व पर शुक्रवार की शाम अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे स्थित पोल से टकरा गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर जुटे ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को सूचना देकर जिला अस्पताल भेजा। जहां चिकित्सकों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही परिजनों को घटना की जानकारी दी। युवकों के मौत की खबर मिलते ही होली पर्व की खुशियां मातम में बदल गयी। इसके बाद परिजन रोते-बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
बताते हैं कि इलिया थाना के रोहाखी गांव निवासी अभिषेक (20) व बिहार प्रांत के भभुआ जिले के चांद थाना के बैरी गांव निवासी सुरेश (26) शुक्रवार को सदर कोतवाली के नरसिंहपुर खुर्द स्थित रिश्तेदारी में होली खेलने आए थे। शाम के वक्त दोनों बाइक से धरौली मार्ग से जा रहे थे, तभी फत्तेपुर कला गांव के समीप अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित हो गयी और तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे पोल से टकरा गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार दोनों को गंभीर चोटें आई और दोनों लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे को देखकर घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों के पास मिले कागजातों व मोबाइल के जरिए उनकी शिनाख्त की। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी। इससे कोहराम मच गया। घटना से परिजनों को गहरा सदमा लगा है।

होली त्यौहार पर नदी-तालाब में डूबने से दो की मौत

चंदौली पोस्टमार्टम हाउस पर ढांढस बंधाते पूर्व सांसद रामकिशुन यादव।

नौबतपुर व करी गांव में नहाते समय डूब गए बालक व युवक

Young Writer, सैयदराजा। थाना के नौबतपुर से होकर गुजरी कर्मनाशा नदी में शुक्रवार को डूबने से 12 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई। वहीं धानापुर के करी गांव में तालाब में डूबने से युवक की जान चली गई। इन दोनों घटनाओं से होली त्यौहार की खुशियां मातम में बदल गयी और परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची थाना इलाका की पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताते हैं कि नौबतपुर में सूरज (12) अपने नाना प्रमोद सेठ के साथ शुक्रवार की दोपहर आटो की धुलाई करने के लिए कर्मनाशा नदी की ओर गया था। प्रमोद आटो की धुलाई करने लगे, तभी सूरज कर्मनाशा नदी तट पर मौजूद अपने साथियों के साथ नदी में नहाने लगा। इसी दौरान अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। हालांकि यह घटना कब और कैसे हुई कर्मनाशा नदी तट पर अपने आटो की धुलाई कर रहे प्रमोद को इसकी जानकारी नहीं हुई। प्रमोद आटो धुलने के बाद दूसरे बच्चों को साथ लेकर घर चले आए। यहां आकर देखा तो सूरज गायब था। इस पर अनहोनी का आशंका से चिंतित प्रमोद जब भागे-भागे कर्मनाशा नदी तट पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पानी में डूबे बालक के शव को बाहर निकाला गया। बताते हैं कि सूरज ननिहाल में रहकर ही पढ़ाई करता था। उसके माता-पिता मुंबई में रहकर मजदूरी का काम करते थे। घटना से परिजनों को गहरा आघात लगा है। जानकारी के बाद पूर्व सांसद रामकिशुन यादव पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।
वहीं धानापुर थाना के करी गांव निवासी सोनू होली खेलने के बाद दोपहर के वक्त तालाब में नहा रहा था। इसी दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने से इसकी मौत हो गयी। घटना की जानकारी के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह शव को बाहर निकाला। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ अगली कार्रवाई में जुटी रही। सोनू की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।

संजय सिंह को मिला सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड

दिल्ली में अवार्ड प्राप्त करते जसौली गांव निवासी संजय सिंह।

चंदौली के जसौली गांव निवासी संजय ने अवार्ड हासिल कर गांव का नाम किया रोशन

Young Writer, चंदौली। क्षेत्र के जसौली गांव के निवासी बीरेंद्र सिंह के पुत्र संजय सिंह को भारत सरकार के केंद्रीय सूचना और प्रसारण व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में सम्मानित किया। संजय सिंह दिल्ली में हेल्थ कम्युनिकेशन कंपनी माउंट मीडिया के प्रबंध निदेशक है और उन्हें यह सम्मान स्वास्थ्य जागरुकता और विभिन्न सामाजिक कार्यों में लगातार काम करते रहने के लिए दिया गया है। दिल्ली में सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड व लीडरशिप समिट में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले और परमवीर चक्र सम्मानित योगेंद्र सिंह यादव भी उपस्थित रहे।
अवार्ड से नवाजे जाने पर संजय सिंह ने इस अवार्ड को अपने पिता बीरेंद्र सिंह को समर्पित किया। कहा कि इस मुकाम पर सिर्फ अपने पिताजी के साथ और उनकी समर्पण भावना की वजह से हूं। उन्होंने हमेशा मुझे उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए प्रेरित किया। शुरुआती पढ़ाई चंदौली में करने के बाद बीएचयू के सेंट्रल हिंदू स्कूल में शिक्षा ग्रहण की और फिर उच्च स्तरीय पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्धालय से पूरी की। यह सम्मान उनके विश्वास व प्यार को समर्पित है। बताते हैं कि संजय सिंह का हमेशा से ही झुकाव स्वास्थ्य सेवाओं की ओर था और इसी जज्बे के साथ सात साल पहले उन्होंने अपनी पत्नी मोनिका सिंह के साथ माउंट मीडिया कंपनी की शुरूआत की और कुछ ही सालों में यह कंपनी देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में शुमार हो गई, जो स्वास्थ्य जागरुकता अभियान और स्वास्थ्य रणनीति बनाने के लिए जानी जाती है। माउंट मीडिया न सिर्फ भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय व एम्स के लिए काम कर रही है, बल्कि भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियों की स्वास्थ्य जागरुकता की रणनीति तैयार कर रही है और मीडिया मैनेजमेंट भी जिम्मा भी बखूबी संभाल रही है। इस मौके पर संजय सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में बहुत ज़रूरी है और साथ ही महत्वपूर्ण है बड़े-बड़े सपने देखना, लेकिन इन सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान से मेहनत करना सबसे अहम है। युवाओं को जॉब के साथ-साथ जॉब क्रियेटर बनने की भी कोशिश करनी चाहिए, ताकि वह लोगों को रोज़गार देने में मदद कर पाएं।

सैयदराजा की आवाम संग किया हरएक वादा होगा पूराः मीना सिंह

सैयदराजा की बहन–बेटियों का साथ होली का त्यौहार मनाती मीना सिंह।

होली पर्व की खुशियां आमजन के साथ की साझा, दिया भरोसा

Young Writer, सैयदराजा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू की बहन व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीना सिंह ने शुक्रवार को होली पर्व की खुशियां आमजन के साथ साझा की। विधानसभा चुनाव बीतने के बाद उन्होंने आवाम के साथ व सहयोग का शुक्रिया अदा किया। साथ ही चुनावी परिणाम से इतर अपने किए हुए वादों को फिर से दोहराया और उसे पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि वादे निभाने के लिए किए जाते हैं, फिर चाहे परिस्थितियां जैसी भी हों। सैयदराजा विधानसभा के नतीजे उन वादों को पूरा करने में बाधक नहीं बन सकते।
उन्होंने कहा कि सैयदराजा व धानापुर में ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। जहां बहन-बेटियों को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर आदि की ट्रेनिंग देकर उन्हें कुशल बनाने का काम होगा, ताकि वह स्वरोजगार से जुड़कर स्वावलम्बी बन सके। यह प्रयास बेरोजगारी के खिलाफ एक मुहिम है जो नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य को भी पूरा करेगी। इसके अलावा क्षेत्रीय किसानों को प्राकृतिक ढंग से खेती करने के गुर भी सिखाए जाएंगे, ताकि किसान जैविक खादों के इस्तेमाल के साथ ही प्राकृतिक खेती की बारीकियों को जान व समझ सके। इससे अंधाधुंध होते रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में कमी जाएगी। साथ ही किसानों के खेती में आने वाली लागत भी कम होगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसके साथ ही उन्होंने सेना भर्ती की तैयारियों में जुटे नौजवानों से अपना धैर्य व अपनी तैयारी को कायम रखने का आह्वान किया। कहा कि इंसान यदि अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित है तो उसे उसकी मंजिल जरूरत मिलती है। विषम परिस्थिति में अपना हौसला और एकग्रता को बनाए रखें। भरोसा दिया कि आवाम के हित में जो भी जरूरी कार्य होगा उसे किया जाएगा। अंत में उन्होंने जनपदवासियों को होली पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

अमीर हो या गरीब खुशियों पर सबका बराबर का हकः अजीत सोनी

चंदौली में सड़क किनारे झाेपड़ी में रहने वाले गरीबों में सामग्री वितरित करते जन सहयोग संस्थान के लोग।

जनसहयोग संस्था ने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों में बांटी होली की सामग्री

Young Writer, चंदौली। जन सहयोग संस्थान के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी ने कहा कि समाज और समाज का हर तबका आपस में एक कुटुम्ब है। समय-समय पर पड़ने वाले त्यौहार हमें एकजुटता व प्रेम का संदेश देते हैं। त्यौहार यह बताने व जताने के लिए आते हैं कि खुशियों पर सबका बराबर का हक और अधिकार है। फिर चाहे बेहद अमीर हो या फिर भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति हो। गरीब परिवारों के खुश रहने व उनके झुग्गी-झापेड़ियों को रौशन करना उन तमाम लोगों का दायित्व है जिनके घर-परिवार सम्पन्नता की रौशनी से जगमत है। यह सामाजिक दायित्व और जिम्मेदारी है जिसका हम सभी को हर हाल में निर्वहन करने की जरूरत है। उक्त बातें अजीत सोनी ने होलिका पर्व पर गुरुवार को झुग्गी-झोपड़ियों में निवासरत गरीबों के बीच रंग, अबीर-गुलाल और त्यौहार संबंधित सामग्री वितरित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि जन सहयोग संस्था समाज के अंतिम व्यक्ति के अभाव को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। फिर चाहे अभाव शिक्षा का हो, अनाज का हो या फिर अन्य संसाधनों का हो। जन सहयोग संस्था अपने कर्मठ सदस्यों व समाज के प्रबुद्धजनों के सहयोग से गरीबों तक संसाधन व सहयोग पहुंचाने का काम पूरी शिद्दत के साथ कर रहा है। यही वजह है कि होली पर्व पर जब लोग अपनी खुशियों को चार चांद लगाने में व्यक्त व मशगूल हैं। ऐसे समय में जनसहयोग संस्था अपने निजी आवश्यकताओं व ख्वाहिशों को त्यागकर पंडित दीनदयाल के अंत्योदय के सपने व मिशन को पूरा करने में जुटा हुआ है। बताया कि गुरुवार को संस्थान के सहयोगियों ने चंदौली नगर में पटरी किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बुनकरों के बच्चों संग होली की खुशियां साझा की। उन्हें अपना परिवार पाना और अपनत्व का ऐहसास कराया। संस्था द्वारा चंदौली नगर स्थित रोड किनारे रहने वाले छोटे बच्चे व डाकबंगला रोड स्थित टोकरी बुनकर परिवार की आजीविका चलाने वाले परिवार के बच्चो के साथ होली के उपलक्ष में होली की सामग्री जिसमे मिष्ठान, गुलाल व टोपी व मुखौटा बांटकर मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के कोषाध्यक्ष हिमांशु वर्मा, युवा उपाध्यक्ष प्रियांशु कुमार, अभय गुप्ता, दीपक मौर्य उपस्थित रहे।

सुशील सिंह ने गरीब बच्चों के साथ साझा की होली की खुशियां

धानापुर में ब्लाक प्रमुख अजय सिंह की मौजूदगी में पिचकारी और अबीर गुलाल का वितरण

Young Writer, धानापुर। सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने गुरुवार को कस्बा स्थित ब्लाक परिसर में लोगों को होली की शुभकामनाएं दी। साथ गरीब बच्चों में पिचकारी के साथ अबीर और गुलाल वितरित किया। ब्लाक परिसर में सैकड़ों गरीब बच्चों के होली पर्व के मद्देनजर सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने सभी बच्चों में पिचकारी के साथ अबीर और गुलाल वितरित किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय आवाम की होली के बिना होली की खुशी अधूरी है। उन्होंने उपस्थित जनों के साथ जीत की खुशी को भी साझा किया और एक दूसरे को अबीर लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील किया। ब्लाक प्रमुख अजय सिंह ने कहा कि सैयदराजा से दूसरी बार विधायक बने सुशील सिंह ने जिस तरह इन गरीब बच्चों के होली को ध्यान में रखते हुए उन्हें होली मनाने के लिए अबीर गुलाल और पिचकारी वितरित किया वह सराहनीय है। यही कारण है कि जनता ने चौथी बार उन्हें विधायक चुना है। इस दौरान मुख्य रूप से प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेश सिंह, अरविंद मिश्रा, अरुण जायसवाल, संतोष सिंह, विमल सिंह, मनीष सिंह, रुस्तम खान, शाहिद खान, बाबू खान आदि लोग मौजूद रहे।

हुलास के लिए हुड़कती होली

डा. उमेश प्रसाद सिंह।

Young Writer, साहित्य पटल। ललित निबंधकार डॉ. उमेश प्रसाद सिंह की रचना
होली हमारी परम्परा में एक दिन का त्योहार नहीं है। यह मनुष्य की आन्तरिक चेतना में उठने वाले आत्म प्रसार के उद्दाम गवप्रवाह का उच्छल गान है। यह मनुष्य जाति में व्याप्त आत्म उत्फुल्ल यशगान का समारोह है। यह मनुष्य के आत्मदान के यज्ञ का अनुष्ठान है। इसकी पवित्र सुगन्धि से धरती से लेकर असीम आकाश का अन्तराल तक न जाने कबसे महकता आ रहा है।
होली आने के बहुत पहले ही हवा अल्हड़ हो उठती है। वह अपनी ही मादकता की सुवास से सुरभित होकर दिशाओं को आन्दोलित कर देती है। धरती की छाती हुलास से हुलसित होकर उमग उठती है। वह रंग-बिरंगी परिधान में सजकर प्यार लुटाने को मचल उठती है। वह अपनी प्रीति में सबको डुबा देने को ललक उठती है। आकाश आनत हो उठता है। वह अपने आलिंगन में लपेट कर मनुष्य जाति के हृदय में हुलास की हिलोर को लहका देने को आकुल हो उठता है। न जाने कबसे प्रकृति मनुष्य को आनन्द से आन्दोलित कर देने का अथक उपक्रम करती आ रही है।

मगर हमारे समय में आदमी अजीब बन गया है। बनता जा रहा है। वह सबसे मुँह फेरकर अपनी उदासी, बेबसी और अकेलेपन की चादर ओढ़कर अपनी महत्वाकांक्षाओं के अँधेरे बन्द कमरे में औंधे मुँह लेटा पड़ा है। उसके पाँव धरती पर नहीं है। उसके सिर पर आसमान नहीं है। उसने घर में हवा के आने के सारे रास्ते बन्द कर दिए हैं। धूप से, बरखा से उसने नाता तोड़ लिया है। पसीने से उसे घिन आती है। अब उसकी आँखों में प्रेम के सलोने सपने नहीं है, विश्व बाजार के विज्ञापन की धूल है। हमारे समय में आदमी, आदमी नहीं रह गया है। बाजार वाद के कुत्सित अभियान ने उसे यन्त्र बना दिया है। मनुष्य जाति को उपभोक्ता यंत्र में बदलने का बाजार का खड़यन्त्र मनुष्यजाति के लिए कितना भयानक है, अभी अनुमान कर पाना बड़ा मुश्किल है। बाजार के विध्वंसक आघात से आहत मरणासन्न मनुष्य के जीवन में होली का हुलास जल रहा है। फाग का रंग मर रहा है। हमारे समय में सब तरफ से आँख मूँदकर आदमी सिर्फ टी.वी. देख रहा है।
हवा अब भी सरसरा रही है मगर हमारे में कोई सिहरन नहीं है। बादल बरस रहे हैं, मगर हम भींगने से भाग रहे हैं। हमारा तो समूचा जीवन-व्यापार ही प्रकृति से विच्छिन्न हो गया है। नहीं, विच्छिन्न तक तो थोड़ी गुंजाइश थी। अब तो वह पूरा-पूरा प्रकृति के विरूद्ध खड़ा है। हमारे समय के मनुष्य को किसने प्रकृति के विरूद्ध खड़ा किया है?
नहीं, नहीं, यह सवाल मत पूछिए। यह सवाल बड़ा खतरनाक सवाल है। यह सवाल मनुष्य की लोलुपता को नंगा कर देने वाला सवाल है। यह सवाल मनुष्य के स्वार्थ की लघुता और तुच्छता को उघार देने वाला सवाल है। यह सवाल सभ्यता के नाम पर लोभ और लाभ के व्यापार की कलई खोल देने वाला सवाल है।
हम जिस सभ्यता में जी रहे हैं, जीने को विवश बने हुए हैं, वह हमारी सभ्यता नहीं है। यह सभ्यता उन लोगों की सभ्यता है, जो सब कुछ को बेचने के लिए पैदा हुए हैं। वे दवा बेचने के लिए बीमारियाँ पैदा करने के विश्वासी लोग हैं। वे लोग हथियार बेचने के लिए युद्ध का आयोजन करने के अपराधी लोग हैं। वे लोग विध्वंस को विकास बताने वाले स्वार्थी और अज्ञानी लोग है। आज समूची दुनिया उनके ही मंसूबों के विस्फोटक ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठी हुई है। मनुष्य के सारे सृजन को अत्यल्प समय में विनष्ट कर देने की उपलब्धि उनके विकास का प्रतिमान है। प्रकृति की असीम विराटता को अपनी क्षुद्र लघुता से पददलित कर देने का सपना हमारे समय की सभ्यता का घिनौना सपना बन गया है। खैर छोड़िए।
वसन्त आता है, आज भी। वह ललक कर आदमी को भेंट लेने को उत्सुक हुआ आता है। मगर आदमी ने अपने घरों के दरवाजे बन्द कर रखे हैं। होली आती है। रंग बरसता है। अबीर उड़ता है। मगर कोई भींगता नहीं है। हमारी चेतना ही पथरा गई है। पत्थर बन गई है। पत्थर पर भला कोई हरियाली कैसे उग सकती है।
हमने अपनी हरियाली गवाँ दी है। जीवन का हुलास खो दिया है। हमारे समय में मनुष्य जाति अपना हुलास खोकर डालर जुटा रही है। दीनार जुटा रही है। रूबल और रुपया जुटा रही है। सम्पन्न होने की मृगतृष्णा हमें विपन्नता की मृगमरीचिका में दौड़ा रही है। भटका रही है। आदमी अपनी ही प्यास को पी रहा है। हॉफ रहा है। बड़ा बुरा हाल है।
होली आदमी को आदमियों की भीड़ में खोज रही है। हुमस कर गले मिल लेने को ललक रही है। आदमी के कण्ठ में गान बनकर फूट पड़ने को विकल हो रही है। रंग बनकर चेहरे पर खिल उठने को उमंगित हो रही है। मगर कहीं भी आँख में पानी नहीं है। हृदय में हुलास नहीं है। होली आदमी को खोजते-खोजते हलकान है। हमारी होली हुलास के लिए हुड़कती होली बनकर बौंड़िया रही है।
भाई हे! देखो न। होली से मिलने को उत्सुक खो गया मन खोजो न। हमारे जीवन से होली के चले जाने के बाद कुछ भी नहीं बचेगा। बचेगा केवल मलाल। मलाल को लेकर जीना मनुष्य के लिए जीना नहीं है। होली गली-गली में घूम-घूम गा रही है-
सदा अनन्दा रहो एहि द्वारे
ठाकुर खेलैं होली।।
कुछ भी न हो, केवल हुलास बचा रहे तो आदमी जी लेगा, हँसी-खुशी। हमारे जीवन में हुलास का बचे रहना ही, बचाए रखना ही होली की पारम्परिक विरासत है।

अनियंत्रित ट्रैक्टर नहर में पलटी किशोर की मौत, तीन गंभीर

Young Writer, चकिया। कोतवाली क्षेत्र के उसरी गांव के समीप गुरुवार को जनकपुर माइनर में ट्रैक्टर पलटने से एक किशोर की मौत हो गई। वहीं उस पर सवार तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर जुटे आस पास के लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने एक की हालत गंभीर देख बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। किशोर के मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और होली त्यौहार की खुशियां मातम में बदल गयी।
बताते है कि शहाबगंज थाना के धन्नीपुर गांव निवासी लवकुश उर्फ इंद्रकेश 15 वर्ष, रामव्रत 48 वर्ष, रवीण 28 वर्ष, सिपाही 30 वर्ष, ट्रैक्टर पर सवार होकर जा रहे थे। उसरी गांव के समीप अचनाक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में पलट गयी। घटना में ट्रैक्टर के नीचे दब जाने से लवकुश उर्फ इंद्रकेश 15 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीनों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर जुटे लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस द्वारा घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने एक कि हालत चिंताजनक देख ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने इंद्रकेश के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के जिला अस्पताल भेज दिया। किशोर की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। विलाप करते परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए।

होलीः चंदौली में जूमे की नमाज के वक्त में किया बदलाव

मदरसा जामिया इत्तेहादुल उलूम कमेटी का आह्वान माहौल को बनाए खुशगवार

Young Writer, चंदौली। रंगों का त्यौहार होली अबकी बार शुक्रवार को पड़ रहा है। ऐसे में आवाम के बीच सौहार्द, शांति व सद्भाव कायम रहे इसके लिए चंदौली में जुमे की नमाज का वक्त बढ़ा दिया गया है, ताकि एक तरफ जहां होली का हुल्लास कायम रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शुक्रवार और शब-ए-बारात की रौनक से पूरा का पूरा नगर रौशन व जमगम हो उठे। इस बाबत मदरसा जामिया इत्तेहादुल उलूम कमेटी की ओर से चंदौली नगर के साथ-साथ आसपास के मोमिन भाइयों से सद्भाव व सौहार्द को कायम रखने की गुजारिश की गयी है।
कमेटी की ओर से बताया गया है कि होली के त्यौहार को देखते हुए यह तय हुआ है कि जुमे की नमाज़ शाही मस्जिद मे 1.45 पर होगी, वहीं जामा मस्जिद में जुमे की नमाज ठीक दो बजे होगी। इसके अलावा किदवई नगर स्थित मदरसा जामिया में 1.30 जुमे की नमाज अदा की जाएगी। बताया कि होली त्यौहार को देखते हुए जुमे की नमाज के समय में बदलाव करते हुए उसे आधा घंटे आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि लोग होली के त्यौहार को परम्परागत तरीके से मना सकें। साथ ही कमेटी ने मुसलमानों से यह भी आह्वान किया है कि होली पर्व पर यदि गलती से आप पर रंग पड़ जाए तो बुरा न माने और मुस्कुराकर सामने वाले को होली की मुबारकबाद देकर आगे बढ़ जाइए। अगर कोई जानबूझकर भी आप पर कोई रंग डाल दे तो नाराजगी जाहिर करने की बजाय तसव्वुर करके आगे बढ़ जाएं। क्यांेकि मुस्लिम बंधु उस नबी के मोमिन हैं जिन पर रोज़ कूड़ा डालनें वाली औरत, जब एक रोज उन पर कूड़ा नहीं डालती है तो नबी उसकी खैरियत लेने उसके घर पहुंच जाते हैं और उसे बीमार देखकर उसकी खिदमत करते हैं और अपने हुस्ने इखलाक से अपना असीर बना लिया। ऐसे रंग पड़ जाने से न तो आपका ईमान खराब हो सकता है और न ही आपकी जिन्दगी। लिहाजा माहौल को खुशगवार रखने के लिए इस बात पर गौर करें।

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