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Tuesday, October 20, 2026

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सैयदराजा के डा.आनंद को मिला इंडो-यूएस फेलोशिप

डा. आनंद

अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में कार्बाेहाइड्रेट पर करेंगे रिसर्च

Young Writer, सैयदराजा। नगर के वार्ड नं 9 आज़ाद नगर के निवासी डा.आनंद कुमार अग्रहरि को प्रतिष्ठित इंडो-यूएस फैलोशिप मिली है। इस वर्ष इस फैलोशिप के लिए देश के प्रतिष्ठित शोध संस्थानों व विश्वविद्यालयों से शोधार्थियों ने आवेदन किए थे। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के शोधार्थी डा.आनंद इस सम्मान को प्राप्त करने में सफल हुए। यह फैलोशिप आनंद को अमेरिका की प्रसिद्ध कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए दी है।
आनंद का चयन कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के रसायन विभाग के प्रोफेसर जीचेन के निर्देशन में कार्बाेहाइड्रेट और गलईकोकंजुगेट की क्रियाविधि पर शोध कार्य करेंगे। आनन्द के पिता लाला प्रसाद अग्रहरि व्यवसायी है और मां गृहणी है। आनन्द ने बीएससी, एमएससी और पीएचडी काशी हिन्दू विश्विद्यालय से पूरा किया है। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की तरफ से यह प्रतिष्ठित फेलोशिप 31 मार्च 2023 तक के लिए दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके सुपरवाइजर रसायन विज्ञान के प्रोफेसर विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि आनंद को फैलोशिप प्राप्त होने पर अन्य शोधार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अच्छा कार्य करने को प्रेरित होंगे।

चहनियां ब्लाक में हर बुधवार को सुनी जाएंगी समस्याएं‚ होंगी विकास पर चर्चा

प्रेसवार्ता करते ब्लाक प्रमुख अरुण जायसवाल।

ब्लाक प्रमुख अरुण जायसवाल ने प्रेसवार्ता के दौरान दी जानकारी

Young Writer, चहनियां। चहनियां ब्लाक सभागार में अब हर बुधवार को कार्य दिवस के रूप में बैठक होगी। जिसमें क्षेत्र के विकास के बाबत लोग अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और संबंधित कार्य के निर्धारण व समस्या के निराकरण की पहल होगी। उक्त बातें ब्लाक परिसर स्थित कार्यालय में ब्लाक प्रमुख अरुण जायसवाल ने पत्रकारों को प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि हर बुधवार को कार्य दिवस के रूप में बैठक में प्रमुख के साथ खण्ड बिकास अधिकारी, एडीओ पंचायत व ब्लाक के सभी कर्मचारियों के साथ क्षेत्र की जनता भी मौजूद रहेगी। इसमें सरकार द्वारा मिलने वाले लाभ, शौचालय निर्माण, आवास, परिवार रजिस्टर की नकल, नाली, खड़ंजा, विधवा व वृद्धा पेंशन सहित आदि समस्यायों का निस्तारण किया जाएगा। किसको क्या मिला, कौन सा कार्य नहीं हुआ आदि बातों पर चर्चा कर होगी। जो कार्य अधूरा है या नही हुआ है सम्बंधित कर्मचारी, सेक्रेटरी से तत्काल कार्य कराया जायेगा। वहीं गांवों में साफ-सफाई नियमित रूप से न होने से एडीओ पंचायत पर नाराजगी ब्यक्त करते हुए सफाई कर्मचारियों पर कार्यवाही के लिए वार्ता किया। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी के यहां भी प्रेषित करने की बात कही। इसके पीछे मंशा यह है कि चहनियां ब्लाक का सर्वांगीण विकास हो। साथ ही आमजन की समस्याओं का निराकरण ब्लाक स्तर से सुनिश्चित किया जाय, ताकि उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।

स्कूली बच्चों ने लिया जल को बचाने का संकल्प

मारूफपुर स्थित आदर्श मां गायत्री बाल विद्या मंदिर में जल संरक्षण के लिए शपथ लेते हुए छात्र व शिक्षक।

विश्व जल दिवस पर विद्यालयों में संगोष्ठी का हुआ आयोजन

Young Writer, चहनियां। विश्व जल दिवस के अवसर पर मंगलवार को मारूफपुर स्थित आदर्श मां गायत्री बाल विद्या मंदिर एवं जूनियर हाईस्कूल में जल संरक्षण विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी। इस दौरान बच्चों को जल बचाने का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पानी बचाओ, जीवन बचाओ, साँसे हो रही है कम आओं पेड़ लगाये हम, जल जीवन के लिये है मुनाफे के लिए नहीं, जल है तो कल है आदि स्लोगन लिखी तख्तियों से कक्षाओं को सजाया गया थां
इस दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य दुर्गेश पांडेय ने बच्चों को बताया कि अगर पानी नहीं बचाया गया तो बाद में लोगों काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। पानी के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। ऐसे में जितना हो सके, हमें पानी बचाना चाहिए। पानी की लगातार बर्बादी से जलस्तर कम होता जा रहा है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर कहीं भी पानी बेवजह गिरता देखें तो उसे रोकने का प्रयास करें या अपने से किसी बड़े को बताएं, ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके। इस दौरान लोगों ने पानी का निजीकरण बंद करने, जल का व्यवसायिक दोहन रोकने की मांग की। संगोष्ठी में गीता मौर्या, देवीशंकर पांडेय, सन्तोष यादव, संजीव त्रिपाठी, शैलेष श्रीवास्तव, अतुल यादव, राज, मानस, रीतिका, रोशनी, काजल, प्रियंका, सचिन, खुशी, आर्या, सिन्धु, इशरत, आरजू उपस्थित रहे।

धान के कटोरे में केसर की खेती पर लक आजमा रहे ‘लकी सिंह’

केसर पौधों के पास खड़े प्रगतिशील किसान शिवम सिंह लकी

गोरारी के युवा प्रगतिशील किसान शिवम सिंह लकी ने प्रयोग के तौर पर की केसर की खेती

Young Writer, स्टोरी क्रेडिट लारेंस सिंह
चंदौली। केसर यानी लाल सोना। केसर का नाम आते ही कश्मीर की सुंदर वादियों का परिदृश्य स्वतः ही याद आ जाता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिस केसर की पहचान कश्मीर से जुड़ी है वह अब धान के कटोरे में भी लहलहा रही है। यह सुनने में थोड़ा अलग व आश्चर्यजनक लगेगा, लेकिन यह शाश्वत है। धान की रिकार्ड पैदावार करने वाले किसान अब केसर भी उगा रहे हैं ताकि उनकी उन्नति व तरक्की को चार चांद लग सके। ऐसे ही एक प्रगतिशील व युवा किसान हैं लकी सिंह जिन्होंने एक बिस्वा में इसकी खेती कर रखी है। उन्हें इसकी प्रेरणा, जानकारी व सीख मिली तो उन्होंने भी उसे अपने खेतों में उगाने की ठान ली। इसके बाद उन्होंने 40 हजार रुपये खर्च कर केसर के बीज मंगाए और उसे तय तौर-तरीकों के मुताबिक बुआई की और अब उनके खेतों में केसर की फसल खड़ी है, जिसे देखकर लकी सिंह बेहतर प्रसन्न हैं क्योंकि यह मात्र एक ट्रायल था जो अब सफल होता दिख रहा है यदि केसर की उन्नत खेती सफल रही तो वे अगली बार बड़े पैमाने पर केसर की खेती करेंगे, ताकि मुनाफे को बड़ी आमदनी में बदला जा सके।
गोरारी निवासी प्रगतिशील किसान शिवम सिंह ‘लकी’ ने बताया कि खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को जानना और उसे अमल में लाना का शौक पुराना है। उन्होंने यूट्यूब पर केसर की खेती के बारे में देखा और जाना तो इनके अंदर भी केसर की खेती करने की लालसा पैदा हुई। यूट्यूब से अपने जनपद के मौसम के अनुकूल केसर की वैरायटी के बारे में जानकारी एकत्रित करने में जुट गए। ऐसे में उन्हें केसर की अमेरिकन प्रजाति के बारे में पता चला, जो चंदौली के वातावरण के अनुकूल था। इसके बाद उन्होंने इसकी मंडी के बारे में पता किया और राजस्थान के जयपुर पहुंचे और 40 हजार रुपये में बीज खरीदा। फिलहाल उन्होंने नवही व गोरारी स्थित अपनी नर्सरी परिसर में केसर की खेती एक बिस्वा में कर रखी है जो 120 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। शिवम सिंह ‘लकी’ ने बताया कि फसल तैयार होने के बाद बनारस मंडी में इसे बेचने की योजना है। बताया कि प्रयोग सफल रहा और मुनाफा अच्छा हुआ तो इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाएगी। ताकि मुनाफे को बड़ी आमदनी में बदला जा सके।

खेत में लहलहा रही केसर की फसल।

केसर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी
चंदौली।
केसर की खेती में रेतीली चिकनी बलुई और दोमट मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है, किन्तु वर्तमान समय में उचित देखरेख कर इसकी खेती को राजस्थान जैसे शुष्क राज्यों में भी किया जा रहा है। केसर की खेती के लिए जल भराव वाली जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जलभराव की स्थिति में इसके बीज सड़कर नष्ट हो जाते है। इसकी खेती के लिए भूमि का पीएच मान सामान्य होना चाहिए।
केसर की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और तापमान
चंदौली। केसर की खेती बर्फीले क्षेत्रों में अधिक होती है, केसर का उत्पादन सर्दी, गर्मी और बारिश तीनों ही जलवायु में होता है, सर्दियों में पड़ने वाली बर्फ और गीला मौसम इसके फूलों में होने वाली वृद्धि को रोक देता है जिससे बाद में नए फूल अधिक मात्रा में निकलते है, जो इसके लिए काफी अच्छा होता हैं जब सूर्य की गर्मी से बर्फ पिघलने और जमीन सूखने लगती है, तब इसके पौधों में फूल आना आरम्भ होने लगते है, इन्हीं फूलो में केसर लगता है। लगभग 20 डिग्री के तापमान पर इसके पौधे अच्छे से वृद्धि करते है, तथा 10 से 20 डिग्री के तापमान पर इसके पौधे फूल बनने लगते है।
कश्मीरी मोंगरा किस्म का केसर
चंदौली।
वर्तमान समय में केसर की केवल दो ही किस्में मौजूद है। यह केसर कश्मीरी और अमेरिकन नाम से जानी जाती है, भारत में अमेरिकन केसर को अधिक मात्रा में उगाया जाता है। कश्मीरी केसर सबसे महंगी मानी जाती है, दुनियाभर में इस केसर की कीमत 3 लाख रूपए प्रति किलो से भी अधिक है। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ और पंपोर में इस किस्म की केसर की खेती को किया जाता है। इसके पौधे 20 से 25 सेंटीमीटर ऊचाई तक बढ़ते है। इन पौधों पर बेंगनी, नीले और सफ़ेद रंग के फूल निकलते है, यह फूल आकार में कीप नुमा होते है। इन फूलो के अंदर दो से तीन लाल-नारंगी रंग के तन्तु (पंखुडियां) होती है, फूलो के अंदर उपस्थित यह तन्तु ही केसर होता है। लगभग 75 हज़ार फूलों से 450 ग्राम ही केसर प्राप्त होता है।

अमेरिकन किस्म का केसर  
चंदौली।
केसर की इस किस्म को जम्मू-कश्मीर के अलावा कई जगहों पर किया जा रहा है। इस किस्म का केसर कश्मीरी मोंगरा केसर की तुलना में कम कीमत का होता है। इसके पौधों को किसी खास तरह की जलवायु की आवश्यकता नहीं होती है। केसर की यह किस्म राजस्थान जैसी शुष्क क्षेत्रों में उगाई जा रही है। इसके पौधे चार से पांच फिट तक की उचाई तक बढ़ते है, तथा पौधों के शिखर पर इसके डंठल बनते है। जिनपर पीले रंग के फूल निकलते है, इन फूलों में ही तन्तु होते है, जिनकी मात्रा बहुत अधिक होती है। इनके लाल हो जाने पर इन्हे तोड़ लिया जाता है।
केसर खाने से होने वाले कुछ अद्भुत फायदे
चंदौली।
केसर को अनोखी खुशबू और खास तरह के गुणों के लिए पहचाना जाता है। केसर मानव स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होता है, केसर का मूल्य अधिक होने के चलते इसे लाल सोना भी कहा जाता है। औषधीय और गुणकारी पौधा होने के कारण इसका उपयोग प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में होता रहा है। इसी तरह केसर को साबुन तथा सौन्दर्य प्रसाधन की चीज़ों के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है। गर्भावस्था में महिलाओं के लिए ये बहुत ही लाभकारी साबित होता है। इसे दूध में मिलाकर पीने से स्वास्थ्य तंदरुस्त बनी रहती है और होने वाले बच्चे पर भी इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। वहीं आज के भाग दौड़ के दौर में ब्लड प्रेशर को सामान्य रखना बहुत मुश्किल साबित होता जा रहा है अगर आप इसका इस्तेमाल रोजाना करते हैं तो इससे आपको काफी हद तक निजात मिल सकता है।

परिवर्तन सेवा समिति संस्था नहीं एक परिवारः चंद्रेश्वर

डीडीयू नगर में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल संस्था के सदस्य।

मासिक बैठक व होली मिलन समारोह का हुआ आयोजन

Young Writer, मुगलसराय। परिवर्तन सेवा समिति की मासिक बैठक एवं होली मिलन समारोह मंगलवार को आयोजित हुआ। इस दौरान समिति द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों पर चर्चा की गई। साथ ही भविष्य में होने वाले सामाजिक कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके उपरांत समिति के लोगों ने आपस में रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली की बधाई दी और भविष्य में सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर योगदान देने का शपथ भी लिया।
इस मौके अध्यक्ष चंद्रेश्वर जायसवाल ने कहा कि परिवर्तन सेवा समिति एक संस्था ही नहीं एक परिवार है और तीज-त्योहार कोई भी हो वह समाज और परिवार के मिलन के बीच की कड़ी होती है। मिलन समारोह से पारिवारिक और सामाजिक सामंजस्य बढ़ता है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगा, हमारा लक्ष्य रहा है गरीबों और असहायों की सेवा करना जिसको परिवर्तन परिवार पूरे तन्मयता से करने का प्रयास कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। ट्रस्टी संजय जायसवाल ने कहा कि परिवर्तन सेवा समिति द्वारा की गई यह पहल समाज को एक मंच से जोड़कर सामाजिक, पारिवारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत करती है तथा समिति के द्वारा कराए जा रहे सामाजिक कार्य काबिले तारीफ हैं। अध्यक्षता डा. राजीव सिंह ने किया तथा संचालन अंकित त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर विजय जायसवाल, इंद्रपाल सिंह डिम्पल, दिलीप जायसवाल, शादाब आलम, एस फ़ाजिल, शशिकांत जायसवाल, गुरदीप सिंह, विश्वजीत मुखर्जी, अमित मिश्रा, सुशील जायसवाल, विनय सिंह, खालिद वकार आविद, श्रेयांश जायसवाल, अक्षय प्रताप सिंह,आलोक झा, दिलीप गुप्ता, गगनदीप सिंह, दुर्गेश सिंह मौजूद रहे।

पदयात्रा में अबीर-गुलाल से सराबोर दिखे साईं भक्त

चंदौली में पदयात्रा में पालकी को कंधा देते साईं भक्त।

Young Writer, चंदौली। क्षेत्र के कुंडलिया गांव स्थित अखंड आश्रम से मंगलवार को निकाली गई सद्भावना पदयात्रा में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसमें शामिल भक्त साईं बाबा की पालकी को कंधे पर उठाए चल रहे थे। इस दौरान उन्होंने जमकर अबीर-गुलाल उड़ाए और साईं बाबा का जयकारा लगाया। पदयात्रा के चंदौली नगर पहुंचते के साथ ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा था
सद्भावना पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरी तरह से भक्ति में रमे नजर आए। हर कोई साईं बाबा की पालकी को कंधों पर लेने को आतुर था। आगे महिलाएं और पुरुष अबीर-गुलाल से सराबोर होकर साईं बाबा के नारे लगाते हुए चल रहे थे। वहीं बीच में साईं बाबा के भजन की धुन पर मौनी बाबा के अनुयायी भक्ति की धारा में गोते लगाते हुए दिखे। उक्त यात्रा जब कुंडलिया गांव स्थित मौनी बाबा के आश्रम से रवाना हुई तो लोग उसमें शामिल होकर उसे वृहद आयाम देते गए। जैसे-जैसे पदयात्रा का कारवां बढ़ता गया, भीड़ बढ़ती गई। नगर में प्रवेश करते ही लोग छतों पर खड़े हो गए थे। साईं बाबा की पालकी को स्पर्श कर लोगों ने मंगल कामना की। पदयात्रा में शामिल लोगों की भक्ति को देख नगरवासी अभिभूत हो गए। खासकर युवा साईं भजन में जमकर झूमे। उक्त पदयात्रा नगर से होते बिछियां, जगदीश सराय, कटसिला, झांसी, लौंदा होते हुए बुलंदशहर के लिए रवाना हुई।

एंबुलेंस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

सीएमओ दफ्तर में एंबुलेंस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देते चिकित्साधिकारी।

Young Writer, चंदौली। जिला अस्पताल परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय सभागार में मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 102 और 108 के एंबुलेंस पायलट व कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य विभाग और जीवीके के आपरेशन मैनेजर मिथिलेश तिवारी ने उनके सेवा भाव व तत्परता की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने व बेहतर बनाने में 102 और 108 नंबर एंबुलेंस पायलट व कर्मियों का अहम योगदान है। आपात स्थिती में बहुत से दुर्घटनाग्रस्त लोगों को अस्पताल पहुंचाते हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस में ही सीमित स्वास्थ्य संसाधनों के सहारे उनका उपचार भी करते हैं। कई मामले ऐसे आते हैं, जब गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस में ही प्रसव कराना होता है। बताया कि संस्था इनके लिए समय दर समय अनेक योजनाएं चलाती है। एबुलेंस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि उन्हें अपना काम करने में सहूलियत हो सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से समन्वय बनाया जा रहा है। बताया कि एंबुलेंस में जीपीएस सिस्टम लगा रहता है। इसके जरिए एंबुलेंस चालकों के कार्यों की मानीटरिंग की जाती है। इसके आधार पर ही उनकी रैकिंग भी तय होती है।

धान के कटोरे में उत्पादकता में सुधार की जरूरतः डा. विजेंद्र सिंह

केविके में आयोजित किसान मेले में मंचासीन अफसर व कृषि वैज्ञानिक।

कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में मेला और गोष्टी का हुआ आयोजन

Young Writer, चंदौली। बिछियां कला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में मंगलवार को किसान मेला व गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान मेले में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर किसानों को फसल की उत्पादकता और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती और जैविक विधि खेती करके से फसल का उत्पादन बढ़ाने की बारीकियों से अवगत कराया। वहीं इसके बाद महिला कृषकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

केविके में आयोजित किसान मेले में उपस्थित किसान।

इस दौरान आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यायल अयोध्या के कुलपति डा. विजेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद को धान का कटोरा कहा जाता हैं, लेकिन उत्पादकता में अभी यहा सुधार की जरुरत है। इसके लिए किसानों को उन्नत प्रजाति के बीज के इस्तेमाल के साथ ही आधुनिक खेती की ओर बढ़ना होगा। कहा कि जैविक खेती के लिए किसान फसल अवशेष प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान दें। इससे रासायनिक खाद की जरुरत खत्म हो जाएगी और अन्न की ज्यादा डिमांड बढ़ेगी। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक (प्रसार) डा. एपी राव ने कहा कि किसान फसल के साथ मछली और कुक्कुट पालन करें। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। मैदानी इलाका होने के चलते किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती करना चाहिए। क्योकि ऐसी फसलों की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। केवीके के प्रभारी वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. एसपी सिंह ने कहा कि किसान परंपरागत खेती की जगह आधूनिकता की ओर अग्रसर हो। क्योकि खेती को व्यावसायिक के तौर पर करने से ही किसान के आय में बढ़ोत्तरी होगी। बताया कि बागवानी, सब्जियों की खेती, मशरूम उत्पादन और पशुपालन करके किसान अच्छी आमदनी कर सकते है। इस दौरान जिला उद्यान अधिकारी अलका श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे, डा. अभयदीप गौतम, किसान दीनानाथ श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, शशिकांत राय, अजय सिंह, रतन सिंह मौजूद रहे।

सड़क दुर्घटना में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत

मृतक शिवराज सैनी उर्फ गोलू की फाइल फोटो।

Young Writer, सकलडीहा। होली के दिन टिमिलपुर स्थित अभेद आश्रम के समीप सड़क हादसे में कस्बा के 18 वर्षीय शिवराज सैनी उर्फ गोलू बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल होगया था। मंगलवार की सुबह ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत होगयी। बीएचयू से युवक का शव घर पहंुचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। एकलौते पुत्र की मौत पर कस्बा में शोक व्याप्त है। परिजनों ने बलुआ घाट पर युवक का अन्तिम दाह संस्कार किया। वही परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था।
कस्बा निवासी गुड्डु सैनी का 18 वर्षीय पुत्र शिवराज सैनी उर्फ गोलू होली के दिन अपने मित्र कल्लू चौरसिया के साथ बाइक पर बैठक घर आ रहा था। टिमिलपुर स्थित अभेद आश्रम के समीप असंतुलित होकर बाइक पलट गयी। जिसमें शिवराज सैनी उर्फ गोलू को सर में चोट लगने से अचेत हो गया। घटना की जानकारी होने पर परिजन युवक को घर लेकर आये। होली की पूरी रात युवक के होश में नही आने पर सीएचसी ले गये। जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने जिला हास्पीटल से ट्रामा सेंटर पर रेफर कर दिया। सुबह इलाज के दौरान युवक की मौत होगयी। बलुआ घाट पर युवक का दाह संस्कार किया गया।

टिमिलपुर में युवक की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन।

काश आयुष्मान कार्ड होता तो बच जाता युवक की जान
सकलडीहा। मृतक शिवराज सैनी उर्फ गोलू एक गरीब परिवार से होने के बाबजूद मोदी योगी का फैन था। काशी में भगवान काशी विश्वनाथ और अयोध्या में भगवान राम की भव्य मंदिर का निर्माण होने पर मोदी योगी का काफी प्रसंशा करता था। लेकिन दुर्भाग्य था कि गरीब परिवार से होने के कारण घटना के बाद समय से बेहतर इलाज शुरू नही होने के कारण युवक की जान चली गयी। बार बार लोग कह रहे थे कि परिवार के पास काश आयुष्मान कार्ड होता तो शायद योगी मोदी भक्त की जान बच जाता।

अपराधियों व अवैध कब्जाधारियों पर चलेगा बुलडोजरःसुशील सिंह

धरांव गांव में होली मिलन समारोह में आमजन का अभिवादन स्वीकार करते विधायक सुशील सिंह।

सुशील सिंह बोले, जातिवाद व परिवार वाद को जनता ने नकारा

Young Writer, धानापुर। क्षेत्र के धरांव गांव में मंगलवार को सैयदाजा विधायक सुशील सिंह का अभिनंदन एवं होली मिलन समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान सैयदराजा विधायक ने क्षेत्रीय आवाम का आभार जताया। वहीं जीत के बाद क्षेत्र के विकास की प्रतिबद्धता को दोहराया। कहा कि सैयदराजा को माडल विधानसभा बनाने का वादा पूरा होगा। इसके साथ ही हिंगुतरगढ़ में स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की कल्याणकारी व विकासपरक योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने का पूरा प्रयास होगा।

दूसरी ओर कमालपुर कस्बे में मंगलवार को विधायक सैयदराजा सुशील सिंह का अभिनन्दन एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उपस्थित जन समुदाय को अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा की जनता की सेवा पूरी शिद्दत के साथ की जाएगी। जन आकांक्षाओं के अनुरूप सैयदराजा का बहुमुखी विकास होगा। अबकी बार सैयदराजा में विकास की गंगा बहेगी। साथ ही उन्होंने अपने लहजे में लोगांे को सचेत किया की कमालपुर के आसपास के लोग सावधान हो जाये 25 मार्च के बाद बाबा का बुलडोजर फिर से चलेगा। समाजवादी पार्टी के झूठ में जनता अब नही आएगी। जनता ने परिवार व जातिवाद को नकार दिया।इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख धानापुर अजय सिंह, राजेश आलोक राय, लल्लन आनन्द, सुरेश, शिवजी वर्मा अन्य उपस्थित रहे। अध्यक्षता राजेश तिवारी संचालन श्याम मोहन द्वारा किया।

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